Gold Silver Price Today: चांदी एक ही दिन में ₹5000 सस्ती हुई, सोना ₹200 गिरा

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। मजबूत रुपये और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच सोना ₹200 गिरकर ₹1,56,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

शुक्रवार को 24 कैरेट वाला सोना ₹1,56,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत ₹5,000 घटकर ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2.47 लाख प्रति किलो पर थी।

ग्लोबल बाजार में भी दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग के मुताबिक, सोने-चांदी पर इस समय कई तरह के दबाव हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त रुख और महंगाई की चिंता से बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत बने हुए हैं।

हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव से सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग को सपोर्ट मिल रहा है।

ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 24.75 डॉलर यानी 0.57% गिरकर 4,353.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 66.27 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही।

मजबूत रुपये का भी असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, रुपये में मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ा। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 95.81 पर पहुंच गया। शेयर बाजार में तेजी का भी कीमती धातुओं पर असर पड़ा।

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना फिलहाल 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे सत्र गिरावट से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद भी सोने पर असर डाल रही है।

गौरव गर्ग के मुताबिक, WTI क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। निवेशक सऊदी अरब से तेल की सप्लाई सामान्य होने की संभावना पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में हमले और सप्लाई में रुकावट अभी भी बड़ा जोखिम बने हुए हैं।

PPF vs VPF: नौकरीपेशा लोगों के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद है? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: इन मूलांक वालों के लिए धन लाभ के योग, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: आज आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। आपकी योजनाओं में बदलाव हो सकता है, जिससे बजट पर दोबारा विचार करना पड़ेगा। निवेश के नए मौके मिल सकते हैं, लेकिन फैसला सोच-समझकर ही लें। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान पैसों से जुड़े मामलों पर रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है, इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। मन में बड़े निवेश की योजना आ सकती है, लेकिन फिलहाल छोटे और सुरक्षित निवेश पर ध्यान देना बेहतर होगा। कोई आर्थिक प्रस्ताव मिले तो अच्छी तरह सोचने के बाद ही फैसला लें। लेन-देन में साफ-साफ बात करें। आपकी मेहनत और हुनर से कमाई के नए रास्ते भी मिल सकते हैं।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रह सकता है। आप समझदारी से फैसले लेंगे और बड़े निवेश की योजना बनाने के लिए समय अनुकूल है। कोई पुराना आर्थिक मामला सुलझ सकता है, जिससे आपको राहत मिलेगी। खर्च कम करें और बचत को प्राथमिकता दें। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप बेहतर आर्थिक योजना बना पाएंगे। परिवार या दोस्तों से सलाह लेना भी फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आप अपनी पुरानी आर्थिक योजनाओं की दोबारा समीक्षा कर सकते हैं। इससे भविष्य में फायदा मिल सकता है। जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखें। छोटे-छोटे खर्चों पर भी नजर रखें, क्योंकि ये बजट बिगाड़ सकते हैं। पैसे से जुड़ा कोई बड़ा फैसला लेने से पहले किसी जानकार की सलाह लेना बेहतर होगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। आपकी योजनाओं में बदलाव हो सकता है, जिससे बजट पर दोबारा विचार करना पड़ेगा। निवेश के नए मौके मिल सकते हैं, लेकिन फैसला सोच-समझकर ही लें। कोई पुराना आर्थिक मामला सुलझाने के लिए दिन अच्छा है। जल्दबाजी से बचें और खर्चों पर नियंत्रण रखें। आपकी मेहनत का फायदा धीरे-धीरे मिल सकता है।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में दिन अच्छा रहने वाला है। कमाई के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। नए आर्थिक अवसर भी सामने आ सकते हैं। किसी आर्थिक योजना पर काम करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह जानकारी लें। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। कारोबार में साझेदारी करते समय सावधानी रखें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक स्थिति रहेगी। आपकी मेहनत और बनाई गई योजनाओं का अच्छा परिणाम मिल सकता है। निवेश करने का विचार है तो पहले अच्छी तरह रिसर्च करें। परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं। पुराना कर्ज या पैसों से जुड़ा विवाद खत्म हो सकता है। भविष्य के लिए बचत करें और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। बजट बनाकर चलना और बेवजह के खर्चों से बचना जरूरी है। निवेश के नए मौके मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में फैसला न लें। किसी करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य से आर्थिक सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल बड़े आर्थिक जोखिम लेने से बचें और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दें।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, खर्चों पर नजर रखना जरूरी है। कुछ अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं, लेकिन वे नियंत्रण में रहेंगे। निवेश का कोई नया मौका मिले तो पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करें। लंबे समय से बनाई गई आर्थिक योजना को अब लागू करने का समय आ सकता है। सख्त बजट बनाकर चलने से फायदा होगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आपकी मेहनत का फल मिलने और योजनाओं के सफल होने की संभावना है। नए निवेश का विचार आ सकता है, जिससे भविष्य में फायदा मिल सकता है। हालांकि, किसी की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा न करें। बेवजह के खर्चों से बचें। अगर कोई आर्थिक विवाद चल रहा है तो उसे सुलझाने के लिए आज का दिन अच्छा हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Gold vs silver: फेड की ब्याज दर में बढ़ोतरी, डॉलर और जियोपॉलिटिकल रिस्क का कीमतों पर असर क्यों

Gold Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 18 सितंबर को अलग-अलग रुझान देखने को मिला। बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी और भविष्य में ब्याज दरों की दिशा के बारे में दिए गए संकेतों के असर का आकलन करता नजर आया। यहीं कारण है कि 18 सितंबर की ताजा कीमतों के अनुसार, COMEX पर सोना 0.26% गिरकर $4,388.20 प्रति औंस पर था, जबकि COMEX चांदी 0.18% बढ़कर $66.215 प्रति औंस पर थी।

कीमतों में यह उतार-चढ़ाव फेड के बेंचमार्क रेट को 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाने के फैसले के बाद कीमती धातुओं के लिए अस्थिर सत्र के बाद आया है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और ट्रेजरी यील्ड आमतौर पर सोना और चांदी जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों पर दबाव डालती हैं, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाली कीमती धातुओं को महंगा बना सकता है।

आखिर क्यों फेड की पॉलिसी को लेकर संवेदनशील रहता है सोना?

VT मार्केट्स के मार्केट एनालिस्ट रुचिट ठाकुर ने कहा कि फेड की ओर से ब्याज दरों को 4% तक बढ़ाना और बढ़ती महंगाई व मजबूत आर्थिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना शॉर्ट टर्म में अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को सपोर्ट करता है। इससे सोना और चांदी पर दबाव पड़ सकता है क्योंकि ऊंची यील्ड उन संपत्तियों को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) बढ़ा देती है जिनसे कोई ब्याज नहीं मिलता।

उन्होंने बताया कि फेड के फैसले के तुरंत बाद सोने में 1% से ज्यादा और चांदी में करीब 1.7% की गिरावट आई। हालांकि, उन्होंने स्थिति के दूसरे पहलू की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि ग्रोथ, ट्रेड, फिस्कल पॉलिसी और जियोपॉलिटिक्स को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता कीमती धातुओं के लिए ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की मांग को सपोर्ट कर सकती है।

इधर आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में कमोडिटीज और करेंसी की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि 17 सितंबर को सोने की कीमतों में रिकवरी मुख्य रूप से फेड के फैसले के बाद बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी के बाद उनमें आई नरमी से जुड़ी थी, न कि सोने से जुड़े फंडामेंटल्स में किसी बदलाव से।

नार्वेकर के अनुसार, 2026 के अंत तक फेड का अनुमानित ब्याज दर आउटलुक 3.8% से बढ़कर 4.1% हो गया, जिससे संकेत मिलता है कि बाजारों को भविष्य में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना को ध्यान में रखना पड़ सकता है। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सोने की कीमत एक बड़े दायरे में बनी रहेगी, क्योंकि ऊंचे यील्ड और मजबूत डॉलर की वजह से शॉर्ट टर्म में इसमें लगातार बढ़ोतरी की गुंजाइश कम है।

आखिर कीमतों को कहां से मिल रहा है सहारा

ऊंची ब्याज दरों के दबाव के मुकाबले जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता एक अहम कारक बनी हुई है। ठाकुर ने कहा कि ग्रोथ, ट्रेड, फिस्कल पॉलिसी और जियोपॉलिटिकल तनाव को लेकर अनिश्चितता रिस्क वाले एसेट्स में भरोसा कम कर सकती है और सोने जैसे सुरक्षित एसेट्स की मांग बढ़ा सकती है।

तेल की कीमतें भी एक ऐसा कारक हैं जिन पर बाजार की नजर है। शुक्रवार (18 सितंबर) की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग $103.77 प्रति बैरल थी, जबकि WTI की कीमत $100.88 के आसपास थी। दोनों बेंचमार्क में लगभग 1% की गिरावट आई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को सऊदी क्रूड को ले जाने के वैकल्पिक तरीकों की उम्मीदों से कुछ हद तक कम किया जा रहा था।

सोने के लिए, लगातार जियोपॉलिटिकल जोखिम इस धातु की मांग को ‘स्टोर ऑफ वैल्यू’ (मूल्य संचय) के तौर पर सहारा दे सकते हैं, भले ही ऊंची ब्याज दरें दबाव बना रही हों।

कामा ज्वैलरी के MD कॉलिन शाह ने कहा कि फेड का ‘लंबे समय तक ऊंची दरें बनाए रखने’ का रुख डॉलर को सहारा देकर और बिना यील्ड वाले एसेट्स को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) बढ़ाकर सोने के लिए निकट भविष्य में मुश्किलें पैदा कर सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि महंगाई की ऊंची उम्मीदें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं ‘स्टोर ऑफ वैल्यू’ के तौर पर और मैक्रो-इकोनॉमिक व जियोपॉलिटिकल जोखिमों से बचाव (हेज) के तौर पर सोने की भूमिका को सहारा देती रहती हैं।

भारतीय सोने की कीमतों पर इसका क्या असर होगा

घरेलू सोने की कीमतें रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट से भी प्रभावित होती हैं क्योंकि भारत अपनी ज्यादातर bullion (सोना-चांदी) का आयात करता है। रुपये के कमजोर होने से सोने की घरेलू कीमत बढ़ सकती है, भले ही अंतरराष्ट्रीय कीमतें दबाव में हों।

Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने 17 सितंबर को इस अंतर पर प्रकाश डाला। जहां फेड के फैसले के बाद विदेशी स्पॉट गोल्ड में गिरावट आई थी, वहीं अक्टूबर डिलीवरी के लिए MCX गोल्ड 1.29% बढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि दिसंबर की चांदी 1.27% बढ़कर ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम पर थी।

HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने घरेलू सोने में गिरावट का कारण आंशिक रूप से कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रात भर आई कमजोरी को बताया।

सोना बनाम चांदी: इनकी चाल में अंतर क्यों हो सकता है

सोना आमतौर पर मॉनेटरी पॉलिसी, रियल यील्ड, करेंसी और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग से अधिक निकटता से जुड़ा होता है। चांदी, जिसे कीमती धातु भी माना जाता है, उसका औद्योगिक उपयोग में बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए, इसकी कीमत निवेश की मांग और औद्योगिक गतिविधियों की उम्मीदों, दोनों के आधार पर बदल सकती है।

इसका मतलब है कि ‘हॉकिश’ फेड (सख्त मौद्रिक नीति वाला फेडरल रिजर्व) ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर के जरिए दोनों धातुओं पर दबाव डाल सकता है, जबकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और औद्योगिक मांग की उम्मीदों में बदलाव उन्हें अलग-अलग दिशाओं में ले जा सकते हैं।

इसलिए, भारतीय निवेशकों को केवल वैश्विक बुलियन कीमतों को देखने के बजाय सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट और घरेलू मांग की स्थितियों पर एक साथ विचार करना चाहिए।

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Rashifal Today: आज किस मूलांक को आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: आज आपकी वित्तीय योजनाओं में बदलाव हो सकता है, इसलिए बजट पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। नए निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी जुटाएं, लेकिन फैसला पूरी तरह सोचने के बाद ही लें। लंबे समय से बनाई गई वित्तीय योजना को अब लागू करने का समय आ सकता है। सख्त बजट बनाकर चलने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। धैर्य रखें, मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे मिलेगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों पर ध्यान देने वाला रहेगा। पैसे से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें और बेवजह खर्च करने से बचें। बड़े निवेश की बजाय छोटी और सुरक्षित योजनाओं पर ध्यान देना बेहतर होगा। आपको कमाई के नए रास्ते भी मिल सकते हैं। अपनी क्षमता और अनुभव का सही इस्तेमाल करें। लेन-देन में पारदर्शिता रखें और आर्थिक मामलों में धैर्य बनाए रखें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति अच्छी रहने के संकेत हैं। आज आप पैसों से जुड़े फैसले समझदारी और धैर्य के साथ ले सकते हैं। किसी पुराने आर्थिक मामले का समाधान होने से राहत मिल सकती है। बड़े निवेश की योजना बनाने के लिए दिन अनुकूल है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। बचत को प्राथमिकता दें और परिवार या दोस्तों से सलाह लेने पर आपको नए विचार मिल सकते हैं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सामान्य परिणाम मिलेंगे। आप अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं की दोबारा समीक्षा कर सकते हैं, जो भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगी। जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखें। छोटे-छोटे खर्चों पर नजर रखें, क्योंकि ये बजट बिगाड़ सकते हैं। किसी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी न करें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी वित्तीय योजनाओं में बदलाव हो सकता है, इसलिए बजट पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। नए निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी जुटाएं, लेकिन फैसला पूरी तरह सोचने के बाद ही लें। पुराने आर्थिक विवाद को सुलझाने का यह अच्छा समय है। अनावश्यक खर्चों से बचें और धैर्य बनाए रखें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से काफी अच्छा रह सकता है। आमदनी के नए स्रोत बनने और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। कारोबार से जुड़े फैसले भी सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, साझेदारी में काम करते समय सावधानी बरतें और भविष्य के लाभ को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाएं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक स्थिति रहेगी। आपकी मेहनत और सही रणनीति का फायदा मिल सकता है। निवेश का कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है, लेकिन उससे पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है। परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के संकेत हैं। पुराने कर्ज या पैसों से जुड़े विवाद भी सुलझ सकते हैं। बचत पर ध्यान दें और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति आज सामान्य रहेगी। खर्चों को नियंत्रित करना और बजट के अनुसार चलना आपके लिए जरूरी होगा। किसी नए निवेश में जल्दबाजी न करें और हर अवसर को अच्छी तरह जांचने के बाद ही फैसला लें। करीबी दोस्त या परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके काम आ सकती है। फिलहाल बड़े आर्थिक जोखिम लेने से बचना बेहतर रहेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, बढ़ते खर्चों पर नजर रखना जरूरी है। नए निवेश के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन पैसे लगाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। लंबे समय से बनाई गई वित्तीय योजना को अब लागू करने का समय आ सकता है। सख्त बजट बनाकर चलने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। धैर्य रखें, मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे मिलेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में अच्छे संकेत हैं। आपकी मेहनत का फायदा मिल सकता है और पुरानी योजनाएं सफल हो सकती हैं। निवेश से जुड़े नए विचार सामने आएंगे, जिनसे भविष्य में लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, किसी की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा न करें। बेवजह के खर्चों से बचें। अगर कोई आर्थिक विवाद चल रहा है, तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाने का यह सही समय हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

NPS में रिटायरमेंट के बाद कैसे और कितनी पेंशन मिलती है? समझिए पूरा कैलकुलेशन

NPS retirement planning: बहुत से लोग रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करते हैं। हालांकि, कई लोगों को पूरा आइडिया नहीं होता कि रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त पैसा कितना मिलेगा और पेंशन कितनी मिलेगी।

नौकरी के दौरान NPS में जमा पैसा रिटायरमेंट के बाद दो हिस्सों में इस्तेमाल होता है। एक हिस्सा एकमुश्त निकाला जा सकता है। दूसरे हिस्से से एन्युटी खरीदी जाती है। इसी एन्युटी से नियमित पेंशन मिलती है। इसलिए रिटायरमेंट के समय कुल जमा रकम के साथ यह देखना भी जरूरी है कि कितनी रकम एन्युटी में लग रही है।

रिटायरमेंट पर NPS का पैसा कैसे मिलता है?

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के NPS में सामान्य रिटायरमेंट पर अधिकतम 60% रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है। कम से कम 40% रकम से एन्युटी खरीदनी होती है। चाहें तो 40% से ज्यादा रकम भी एन्युटी में लगाई जा सकती है।

एन्युटी खरीदने के बाद मिलने वाली पेंशन उसकी योजना और उस समय उपलब्ध दर पर निर्भर करती है। अलग-अलग विकल्पों में मिलने वाली पेंशन अलग हो सकती है। इसलिए NPS में जमा कुल रकम देखकर सीधे यह नहीं बताया जा सकता कि हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी।

₹50 लाख के कॉर्पस पर समझिए पूरा हिसाब

मान लीजिए किसी कर्मचारी के रिटायरमेंट के समय NPS में ₹50 लाख जमा हैं। अगर वह 60% रकम एकमुश्त निकालता है, तो उसे ₹30 लाख मिलेंगे।

बाकी ₹20 लाख एन्युटी खरीदने में लगाए जाएंगे। अब सिर्फ उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि इस एन्युटी से सालाना 7% की दर से पेंशन मिलती है। तब सालाना पेंशन होगी:

₹20 लाख × 7% = ₹1.40 लाख

यानी हर महीने करीब ₹11,667 पेंशन मिलेगी। यहां 7% की दर सिर्फ समझाने के लिए ली गई है। वास्तविक पेंशन एन्युटी के विकल्प और उस समय उपलब्ध दर पर निर्भर करेगी।

NPS में कुल कॉर्पसएकमुश्त रकम (60%)एन्युटी के लिए रकम (40%)
7% पर मासिक पेंशन

₹25 लाख₹15 लाख₹10 लाख₹5,833
₹50 लाख₹30 लाख₹20 लाख₹11,667
₹75 लाख₹45 लाख₹30 लाख₹17,500
₹1 करोड़₹60 लाख₹40 लाख₹23,333
₹1.5 करोड़₹90 लाख₹60 लाख₹35,000

₹1 करोड़ जमा हैं तो कितनी पेंशन बनेगी?

अब मान लेते हैं कि रिटायरमेंट के समय NPS में ₹1 करोड़ का कॉर्पस है। इसमें से 60% यानी ₹60 लाख एकमुश्त निकाले जा सकते हैं।

बाकी ₹40 लाख एन्युटी में लगाए जाएंगे। अगर उदाहरण के लिए सालाना 7% की दर मानें, तो इससे सालाना ₹2.80 लाख पेंशन बनेगी। यानी हर महीने करीब ₹23,333। ध्यान रखें कि ₹23,333 कोई तय NPS पेंशन नहीं है। यह सिर्फ 7% की उदाहरण वाली दर पर किया गया कैलकुलेशन है।

एन्युटी का विकल्प भी अहम है

एन्युटी खरीदते समय अलग-अलग विकल्प मिलते हैं। किसी विकल्प में व्यक्ति को जीवनभर पेंशन मिलती है। कुछ विकल्पों में पति या पत्नी को भी पेंशन जारी रखने का प्रावधान होता है। कुछ योजनाओं में मृत्यु के बाद एन्युटी खरीदने में लगी मूल रकम वापस करने का विकल्प भी होता है।

इन विकल्पों की शर्तें अलग होती हैं। इसलिए चुने गए विकल्प के हिसाब से मिलने वाली पेंशन भी बदल सकती है।

NPS में सिर्फ बड़ा कॉर्पस बनाना काफी नहीं

रिटायरमेंट की योजना बनाते समय सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि NPS में कितने रुपये जमा होंगे। यह भी देखना जरूरी है कि उस रकम में से कितना हिस्सा एन्युटी में जाएगा और किस तरह की एन्युटी चुनी जाएगी।

उदाहरण के लिए ₹1 करोड़ के कॉर्पस में 40% रकम एन्युटी में लगाने पर ₹40 लाख से पेंशन बनेगी। वहीं, अगर कोई व्यक्ति इससे ज्यादा रकम एन्युटी में लगाता है, तो नियमित पेंशन भी बढ़ सकती है।

NPS के सभी खातों में नियम समान नहीं

60% एकमुश्त और 40% एन्युटी का नियम सामान्य रिटायरमेंट पर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के NPS के लिए है। NPS के दूसरे मॉडल और समय से पहले निकासी के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने NPS मॉडल और रिटायरमेंट की स्थिति के हिसाब से नियम देखना जरूरी है।

कुल मिलाकर NPS में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन का आधार एन्युटी में लगाई गई रकम और उससे मिलने वाली दर है। इसलिए NPS में बड़ा कॉर्पस बनाने के साथ यह समझना भी जरूरी है कि रिटायरमेंट के समय उस रकम का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद इन 5 स्कीमों में लगाएं पैसा, सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आमदनी मिलेगी

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में लेवल 4 से 7 तक कितनी बढ़ सकती है पेंशन? समझिए पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें हैं। आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव पर काम कर रहा है। अब तक 10 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। आयोग अलग-अलग शहरों में कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों से सुझाव ले रहा है।

पेंशन बढ़ाने की मांग

पेंशनर्स संगठनों ने पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। कुछ संगठन मौजूदा 50% पेंशन को बढ़ाकर आखिरी वेतन का 67% करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ संगठनों ने फैमिली पेंशन को आखिरी वेतन के 50% तक करने की मांग की है।

सिविलियन पेंशनर्स के लिए वन रैंक वन पेंशन जैसी व्यवस्था की मांग भी उठी है। हालांकि, इनमें से किसी मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

अभी कितनी है न्यूनतम पेंशन?

7वें वेतन आयोग के तहत पेंशन की गणना आम तौर पर आखिरी बेसिक पे या सेवा के आखिरी 10 महीने के औसत बेसिक पे के आधार पर होती है। इस हिसाब से लेवल 4 से 7 तक की न्यूनतम पेंशन इस तरह है।

पे लेवलन्यूनतम बेसिक पे
न्यूनतम बेसिक पेंशन

Level 4₹25,500₹12,750
Level 5₹29,200₹14,600
Level 6₹35,400₹17,700
Level 7₹44,900₹22,450

फिटमेंट फैक्टर से बदलेगा पूरा हिसाब

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम रहेगा। अभी इसका आधिकारिक आंकड़ा तय नहीं हुआ है। कर्मचारी संगठन 3.8 से 4 गुना तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।

समझने के लिए अगर 7वें वेतन आयोग का 2.57 फिटमेंट फैक्टर उदाहरण के तौर पर लें, तो पेंशन में बड़ा बदलाव दिख सकता है।

पे लेवलमौजूदा बेसिक पेमौजूदा न्यूनतम पेंशन
2.57 फैक्टर पर पेंशन

Level 4₹25,500₹12,750₹32,768
Level 5₹29,200₹14,600₹37,522
Level 6₹35,400₹17,700₹45,489
Level 7₹44,900₹22,450₹57,697

लेवल 7 की पेंशन करीब ₹58,000 हो सकती है?

2.57 के फिटमेंट फैक्टर के उदाहरण में Level 7 की न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹22,450 से बढ़कर करीब ₹57,700 हो सकती है। यानी यह लगभग ₹58,000 तक पहुंच सकती है।

लेकिन यह सिर्फ एक अनुमानित कैलकुलेशन है। 8वें वेतन आयोग ने अभी फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है। इसलिए ₹58,000 को तय पेंशन मानना सही नहीं होगा।

पुराने पेंशनर्स भी दायरे में आएंगे?

1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी पेंशन रिविजन का लाभ देने की मांग उठी है। इस संबंध में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने सरकार को ज्ञापन दिए हैं। DoPT ने कुछ मांगों को आगे कार्रवाई के लिए भेजा है। इसका मतलब यह नहीं है कि मांग मंजूर हो गई है।

कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। ऐसे में रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है।

फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, पेंशन बढ़ोतरी और पुराने पेंशनर्स को शामिल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा जारी है। अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिश और सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद इन 5 स्कीमों में लगाएं पैसा, सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आमदनी मिलेगी

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद इन 5 स्कीमों में लगाएं पैसा, सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आमदनी मिलेगी

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब हर महीने घर का खर्च कैसे चलेगा? नौकरी में सैलरी आती थी, लेकिन रिटायरमेंट के बाद वही पैसा नहीं आता। ऐसे में जमा रकम को सिर्फ बैंक खाते में रखना समझदारी नहीं है। सही स्कीम में पैसा लगाकर इससे नियमित आमदनी भी बनाई जा सकती है और पूंजी को काफी हद तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

1. Senior Citizens Savings Scheme (SCSS)

रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित निवेश के लिए सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम यानी SCSS काफी अच्छा विकल्प है। इसमें एकमुश्त रकम लगाई जाती है। ब्याज हर तिमाही मिलता है। मौजूदा ब्याज दर 8.2% सालाना है।

मान लीजिए आपने SCSS में ₹30 लाख लगाए। 8.2% की दर से सालाना ब्याज करीब ₹2.46 लाख होगा। यानी हर तिमाही करीब ₹61,500 की ब्याज आय बन सकती है। इससे नियमित घरेलू खर्च संभालने में मदद मिल सकती है।

2. Post Office Monthly Income Scheme

अगर रिटायरमेंट के बाद हर महीने पैसे की जरूरत है, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी MIS पर गौर कर सकते हैं। इसमें एकमुश्त रकम जमा की जाती है। ब्याज हर महीने मिलता है। मौजूदा ब्याज दर 7.4% सालाना है।

अगर आप पोस्ट ऑफिस MIS में ₹10 लाख निवेश करते हैं और 7.4% की ब्याज दर रहती है, तो सालाना ₹74,000 ब्याज मिलेगा। यानी हर महीने करीब ₹6,167 की नियमित आय बन सकती है।

3. Bank FD

Bank FD रिटायरमेंट के बाद निवेश का सबसे आसान विकल्प है। इसमें रिटर्न पहले से तय होता है। जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अवधि की FD भी बनाई जा सकती है।

मान लीजिए किसी बैंक की FD पर 7% ब्याज मिल रहा है। अगर आप ₹10 लाख जमा करते हैं, तो एक साल में करीब ₹70,000 ब्याज मिलेगा। बैंक के विकल्प के आधार पर ब्याज मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर लिया जा सकता है।

पूरी रकम एक ही FD में रखने के बजाय अलग-अलग अवधि की FD बनाना उपयोगी हो सकता है। इससे जरूरत पड़ने पर पूरी रकम तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

4. RBI Floating Rate Savings Bonds

सरकारी गारंटी वाले निवेश विकल्प तलाश रहे लोगों के लिए RBI Floating Rate Savings Bonds भी एक विकल्प है। इसमें ब्याज दर स्थिर नहीं रहती। यह समय के साथ बदल सकती है।

यह विकल्प उन लोगों के लिए ज्यादा बेहतर हो सकता है जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत नहीं है। निवेश से पहले इसकी अवधि और निकासी से जुड़े नियम जरूर समझने चाहिए।

5. Annuity Plan

रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन जैसी आय चाहिए, तो Annuity Plan पर भी विचार किया जा सकता है। इसमें एकमुश्त रकम लगाई जाती है। इसके बदले नियमित अंतराल पर रकम मिलती है। पेंशन की तरह।

मान लीजिए आपके पास रिटायरमेंट के बाद ₹20 लाख हैं। आप इसका कुछ हिस्सा एन्युटी में लगा सकते हैं। इसके बाद मिलने वाली नियमित रकम आपके दूसरे आय स्रोतों के साथ मिलकर खर्च संभालने में मदद कर सकती है। हालांकि, एन्युटी की शर्तें प्लान के हिसाब से अलग होती हैं।

₹30 लाख का फंड हो तो कैसे करें निवेश?

मान लीजिए रिटायरमेंट के बाद आपके पास ₹30 लाख हैं। पूरी रकम एक ही स्कीम में लगाने के बजाय इसे अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से बांटा जा सकता है।

निवेश विकल्परकम
उदाहरण के तौर पर सालाना ब्याज/आय

SCSS₹15 लाख₹1,23,000
Post Office MIS₹5 लाख₹37,000
Bank FD₹5 लाख₹35,000*
नकदी₹5 लाखजरूरत के अनुसार

*FD में 7% ब्याज की उदाहरण दर मानकर।

इस उदाहरण में SCSS से करीब ₹30,750 प्रति तिमाही और MIS से करीब ₹3,083 प्रति महीने की आय बन सकती है। FD से सालाना करीब ₹35,000 ब्याज मिल सकता है। इसके अलावा ₹5 लाख अलग रखने से अचानक आने वाले बड़े खर्च के लिए पैसा उपलब्ध रहेगा।

रिटायरमेंट में सिर्फ ज्यादा ब्याज देखना सही नहीं

रिटायरमेंट के बाद निवेश का लक्ष्य केवल ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होना चाहिए। पैसा कितना सुरक्षित है, नियमित आय कितनी मिलेगी और जरूरत पड़ने पर रकम कितनी आसानी से निकाली जा सकती है, यह भी देखना जरूरी है।

इसलिए रिटायरमेंट फंड को अलग-अलग विकल्पों में बांटना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है। एक हिस्सा नियमित आय के लिए, एक हिस्सा सुरक्षित निवेश के लिए और कुछ रकम आपात जरूरतों के लिए रखी जा सकती है। साथ ही ब्याज से होने वाली आय पर टैक्स का असर भी जरूर देखना चाहिए।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।