अगले हफ्ते इन दो शेयरों में कमाई का मौका, SBI सिक्योरिटीज ने दी दांव लगाने की सलाह

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निक्ल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए निफ्टी का 23,500-23,600 को क्रॉस करना और इस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

इन दो शेयरों में कमाई के बड़े मौके 

शाह का मानना है कि अगले हफ्ते Electronics Mart India (EMIL) और Lumax Auto Technologies (LAT) के शेयरों में कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीते 4 हफ्तों से EMIL के शेयर में 197-168 की रेंट में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। इस स्टॉक को स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम का सपोर्ट मिल रहा है। डेली और वीकली चार्ट आधार पर इसमें सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। वीकली चार्ट पर बढ़ते ADX से बुलिश ट्रेंड का संकेत मिलता है।

इस वजह से शेयरों में दिख सकती है तेजी

Lumax Auto Technologies (LAT) के बारे में उन्होंने कहा कि इस शेयर में 11 अगस्त से ही 2,149-1,894 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। हाल में 34-डे EMA ने स्टॉक के लिए डायनेमिक सपोर्ट के रूप में सामने आया है। 2,085-1,110 के जोन में इस शेयर में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसमें 2,025 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ओसिलेटर्स से इस शेयर के ब्रेकआउट के बाद तेजी दिखाने के संकेत हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का आउटलुक पॉजिटिव

Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 सूचकांकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, अभी सावधानी बरतनी होगी। इस हफ्तों दोनों ही सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन, लोअर लेवल पर अच्छी खरीदारी भी दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि इनवेस्टर्स लो लेवल पर शेयरों में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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लोअर लेवल पर दिख रही खरीदारी

शाह ने कहा कि लगातार तीन हफ्ते गिरने के बाद निफ्टी मिडकैप 100 में स्थिरता के संकेत दिखे हैं। खास बात यह है कि इंडेक्स ने फिर से 100-डे और 200-डे EMA को क्लेम किया है। RSI भी कमजोर लेवल से इम्प्रूवमेंट दिखा रहा है। उधर, Nifty Smallcap 100 में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिख रहा है। वीकली चार्ट पर लोअल लॉन्ग शैडो बना है और यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इससे लोअर, लेवल पर स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 17 सितंबर को बाज़ार में खरीदारी देखने को मिली और बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सीमित दायरे में कारोबार के साथ निफ्टी में 0.23 प्रतिशत की बढ़त हुई,लेकिन खराब टेक्निकल इंडिकेटर्स और तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में मोमेंटम कमजोर रहा। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी को 23,300-23,400 के दायरे में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है,अगर यह इस दायरे से ऊपर जाता है तो इंडेक्स 23,500-23,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं,नीचे की तरफ 23,100-23,000 के दायरे में अहम सपोर्ट मौजूद है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो तो घबराहट में बिकवाली शुरू हो सकती है। कुल मिलाकर,शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,000-23,600 के दायरे में ही घूमता दिख सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,271) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,341, 23,381 और 23,446

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,211, 23,171 और 23,106

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ शैडो (upper shadow) दिखी। इससे पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर दबाव है। निफ्टी कल के सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही बना रहा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर बढ़ते रहे और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहे। RSI बढ़कर 29.95 पर आ गया,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD नीचे की ओर बढ़ता रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए हल्का होता गया। इससे पता चलता है कि नीचे की ओर जाने की रफ़्तार धीरे-धीरे कम हो रही है। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर मंदी का ट्रेंड दिखाते रहे,साथ ही नीचे की ओर जाने की रफ्तार में कुछ कमी के संकेत भी मिले।

बैंक निफ्टी (56,056) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,425, 56,550 और 56,753

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,018, 55,893 और 55,690

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को बैंक निफ्टी ने इंट्राडे में अपने 10-डे EMA को टेस्ट किया और 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी रही। यह ऊपरी स्तरों पर भारी दबाव का संकेत है। साथ ही यह इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में भी मंगलवार की बड़ी ट्रेडिंग रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। साथ ही शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI 38.49 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा। MACD में गिरावट का ट्रेंड बना रहा। हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार कल के सेशन में भी छोटा होता गया,जिससे गिरावट की रफ्तार में कुछ कमी का संकेत मिला। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडिकेटर्स मंदी के ट्रेंड का संकेत देते रहे हैं। हालांकि MACD हिस्टोग्राम में आई कमी से पता चला कि गिरावट की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो रही थी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फीयर इंडेक्स,इंडिया VIX लगातार दूसरे सेशन में भी नीचे की ओर गिरा और 6.66 प्रतिशत गिरकर 12.29 पर आ गया। इससे बुल्स को कुछ राहत मिली। अगर यह 12 के लेवल से नीचे जाकर टिका रहता है,तो बुल्स को और राहत मिल सकती है और मार्केट में ज्यादा स्थिरता आ सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 17 सितंबर को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.96 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

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एक्सपायरी पर Sensex फ्लैट, लगातार दूसरे दिन Nifty मजबूत, किन घटी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाई लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज फार्मा, मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इसमें से रियल्टी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी के आस-पास बंद हुए तो मेटल और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% मजबूत हुए। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश और निफ्टी पीएसयू बैंक में हल्की गिरावट रही लेकिन निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस माहौल में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 17 सितंबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 21.86 प्वाइंट्स यानी 0.03% की मामूली गिरावट के साथ 74,314.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 53.00 प्वाइंट्स यानी 0.23% की बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

₹1.87 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,23,712.00 करोड़ था। आज यानी 17 सितंबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,10,906.37 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹187,194.36 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 21 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील, बीईएल और इंडिगो सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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113 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4535 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2686 शेयर आज मजबूत हुए तो 1642 में गिरावट रही जबकि 207 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 113 शेयर एक साल के हाई और 139 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज छा गई मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डे-लो से 500 प्वाइंट्स ऊपर भागा Sensex, चार वजहों से Nifty फिर 23350 के पार

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें महंगी की लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 1% की बढ़त है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:46 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 280.73 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 74,617.18 और निफ्टी 130.35 प्वाइंट्स यानी 0.56% के उछाल के साथ 23,347.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

Stock Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल में नरमी

सऊदी अरब ने ओमान के जरिए अतिरिक्त कार्गो की पेशकश की, जिससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कुछ कम हुईं। इससे कच्चा तेल नरम पड़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 2% से अधिक टूटकर $104 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

ऑटो-फार्मा सेक्टर से शानदार सपोर्ट

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इनके निफ्टी इंडेक्स में डेढ़-डेढ़ फीसदी की मजबूती आई है। निफ्टी मेटल भी करीब 1% ऊपर चढ़ा है तो निफ्टी एफएमसीजी में आधे फीसदी की तेजी है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 6.47% की गिरावट के साथ 12.32 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

वैल्यू बाइंग

हाल-फिलहाल मार्केट की तेज गिरावट के चलते कई स्टॉक्स आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गए तो निवेशक ताबड़तोड़ खरीदारी करने लगे जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। एलकेपी सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी और सेंसेक्स ओवरसोल्ड जोन में आ चुके हैं तो मौजूदा लेवल पर टेक्निकल बाउंस दिख सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स और Sensex की एक्सपायरी; Groww, ITC और Fortis समेत 22 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की बढ़ोतरी और आगे भी इसमें हाइक के आसार के बाद अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक दिखी। वहीं गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 27.00 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 23,240.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 16 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 332.63 प्वाइंट्स यानी 0.45% की बढ़त के साथ 74,336.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.43% के उछाल के साथ 23,217.60 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tempsens Instruments India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.2% बढ़कर ₹15.2 करोड़ और रेवेन्यू 33.4% उछलकर ₹118.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Infosys

इन्फोसिस ने मध्य भारत में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए इंदौर डेवलपमेंट सेंटर (DC) के विस्तार का ऐलान किया है। इसमें एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और अगली पीढ़ी की डिजिटल सर्विसेज की बढ़ी हुई कैपिबिलिटीज होंगी।।

Alembic Pharmaceuticals

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने गुजरात के वडोदरा में एलेम्बिक फार्मा की बॉयोइक्विवैलेंस फैसिलिटी की जांच के बाद एक EIR (एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (EIR) जारी किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी से ₹220.66 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसमें गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए यूजर फीस वसूलना, टोल प्लाजा को चलाने और चार पेट्रोल-कम-सेफ्टी गाड़ियां लगाने का काम है।

Mazagon Dock Shipbuilders

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने महाराष्ट्र के दिघी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग इंडस्ट्रियल क्लस्टर में एंकर शिपयार्ड के तौर पर शामिल होने के लिए नेशनल शिपबिल्डिंग एंड हेवी इंडस्ट्रीज पार्क महाराष्ट्र (NSHIPML) के साथ एक एमओयू किया है। इस शिपयार्ड की सालाना जहाज निर्माण क्षमता कम से कम 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज होने का अनुमान है।

GR Infraprojects

जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने एनटीपीसी के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने के ईपीसी पैकेज प्रोजेक्ट के लिए एनटीपीसी को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का नोटिस जारी किया है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने नई दिल्ली के अशोक विहार में 400 से अधिक बेड वाले सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हेल्थकेयर सर्विसेज देने के लिए सेठ सुंदर लाल जैन चैरिटेबल आई हॉस्पिटल के साथ डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं। अस्पताल के तीन से चार साल में काम शुरू करने की उम्मीद है।

Venus Pipes and Tubes

वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 18 निवेशकों को प्रति शेयर ₹1,670 के भाव पर ₹372 करोड़ में 22.27 लाख इक्विटी शेयर जारी करने का फैसला किया है।

Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals

गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स ने संजीव कुमार को 9 सितंबर से पांच साल के लिए कंपनी का एमडी नियुक्त किया है।

ITC

आईटीसी ने दो ब्रांड्स- क्लासिक कनेक्ट और गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार की कीमतें बढ़ा दी हैं। सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के अनुसार क्लासिक कनेक्ट के 20 के पैक की कीमत ₹390 से बढ़ाकर ₹428 तो गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार के 10 के पैक की कीमत ₹79 से बढ़ाकर ₹89 कर दी है।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

वेंचर कैपिटल फर्म पीक XV पार्टनर्स के इन्वेस्टमेंट फंड पीक XV पार्टनर्स इंवेस्टमेंट्स VI-1 ने ग्रो में अपनी 1.46% हिस्सेदारी (9.17 करोड़ इक्विटी शेयर) ₹1,756.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹191.49 के भाव पर बेच दी। यह Groww की पैरेंट कंपनी में पीक XV पार्टनर्स की 15.68% हिस्सेदारी का एक हिस्सा था।

Kanohar Electricals

ग्रो म्यूचुअल फंड ने ₹35.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹740.38 के भाव पर पावर ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के 4.75 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹35.2 करोड़ में खरीदे।

Glass Wall Systems India

प्राइवेट इक्विटी फर्म फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड की प्रमोटेड फर्स्ट ब्रिज इंडिया ग्रोथ फंड ने लिस्टिंग के दिन ग्लास वाल सिस्टम्स के अतिरिक्त 6.03 लाख शेयर (0.68% हिस्सेदारी) ₹12 करोड़ में प्रति शेयर ₹198.75 के भाव पर खरीदे। लिस्टिंग के पहले इस फंड के पास कंपनी में 2.19% हिस्सेदारी थी। ऑथम इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रति शेयर ₹193.12 के भाव पर पर ₹19.13 करोड़ में 10 लाख शेयर, सीएसआईएम इंडिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड 1 ने ₹194.31 के भाव पर ₹10.2 करोड़ में 5.25 लाख शेयर और एसआई इंवेस्टमेंट्स ब्रोकिंग ने ₹203.81 के भाव पर ₹10.19 करोड़ में 5 लाख शेयर खरीदे।

मेनबोर्ड लिस्टिंग: 6 स्टॉक्स

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment & Identity Solutions), रेंटोमोजो (Rentomojo), एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया (Asset Reconstruction Company India), स्टीम हाउस इंडिया (Steamhouse India), करमतारा इंजीनियरिंग (Karamtara Engineering) और एलसीसी प्रोजेक्ट्स (LCC Projects) के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

एसएमई लिस्टिंग: 3 स्टॉक्स

आज विनोद टेक्सवर्ल्ड (Vinod Texworld) की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो इंफ्राक्स रिन्यूएबल (Infrax Renewable) और एमटेक एस्टर्स (Amtech Esters) के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: स्काईवेज एयर सर्विसेज, ओडिशा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी

एक्स-डिविडेंड: एक्यूटस केमिकल्स, अग्रवाल इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, एशियन एनर्जी सर्विसेज, ऑसम एंटरप्राइज, बाल फार्मा, भारत रसायन, क्राफ्टरूट रिटेल, एस्टर इंडस्ट्रीज, एक्सेल इंडस्ट्रीज, फिल्ट्रा कंसल्टेंट्स एंड इंजीनियर्स, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, हिमतसिंगका साइड, एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर, इंडो एमाइन्स, इंटरनेशनल कन्वेयर्स, इरकॉन इंटरनेशनल, केसीपी शुगर एंड इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन, लैंडमार्क कार्स, मेघना इन्फ्राकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसटीसी, ओरिएंट सेराटेक, पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, प्रीमियर पॉलीफिल्म, रॉसेल टेकसिस, रूबी मिल्स, सनसेरा इंजीनियरिंग, श्री जगदंबा पॉलिमर्स, स्टार पेपर मिल्स, सनटेक रियल्टी, तमिलनाडु पेट्रोप्रोडक्ट्स, तमिलनाडु न्यूज़प्रिंट एंड पेपर्स, वेल्थ फर्स्ट पोर्टफोलियो मैनेजर्स

F&O बैन: आज बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL

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GIFT Nifty falls: US फेड के ब्याज दरों में बढ़त का Sensex-Nifty पर पड़ेगा असर,जानें ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहे संकेत

GIFT Nifty falls:  गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि US Federal Reserve ने तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं और संकेत दिया है कि आगे और सख्ती की जा सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़त से कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन US यील्ड में बढ़ोतरी और Fed द्वारा और रेट बढ़ाने की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8 बजे GIFT Nifty 23,222 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 45 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे था। पिछले सेशन में भारतीय इक्विटी में रिकवरी हुई थी, जिससे दो दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। Sensex 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 99 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर पहुंचा। IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को फोकस Fed के फैसले के असर, US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में नरमी आई है, लेकिन यह अभी भी $104 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

US Fed ने दरें बढ़ाई, और सख्ती के संकेत दिए

Federal Reserve ने बुधवार को तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर बढ़ाई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया। Fed ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और संकेत दिया कि महंगाई को तेजी से कम करने के लिए निकट भविष्य में और सख्ती की जा सकती है।

इस फैसले के बाद बाजारों ने एक और रेट बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना को अब पूरी तरह से मान लिया गया है। शॉर्ट-टर्म US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने और सख्ती की संभावना के हिसाब से खुद को ढाला, हालांकि Fed के कदम से लंबे समय वाले बॉन्ड में हालिया बिकवाली को शांत करने में मदद मिली।

भारतीय इक्विटी के लिए, US में ऊंची दरों और यील्ड की संभावना विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो के लिए एक संभावित चुनौती बनी हुई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, तेल की कीमतों और करेंसी पर दबाव के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों का मूड सतर्क रहने की संभावना है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट, US फ्यूचर्स में वापसी

फेड की घोषणा के बाद उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद US इक्विटीज़ ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुईं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631.33 अंक या 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.78 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,552.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, यह 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.43 पर रहा।

सप्लाई की चिंता कम होने से ब्रेंट $105 से नीचे आया

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे हाल के हफ़्तों में एनर्जी की कीमतों में भारी उछाल के बाद भारतीय बाज़ारों को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.1 प्रतिशत गिरकर $101.29 पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में लगभग $3 की गिरावट आई थी।

यह गिरावट उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब ओमान के ज़रिए अतिरिक्त क्रूड कार्गो की पेशकश कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की कुछ चिंताएं कम हुईं।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,300-23,400 को तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन मानते हैं। अगर यह 23,400 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,500-23,600 की ओर रिकवरी में मदद मिल सकती है, हालांकि वह इलाका एक मज़बूत बाधा बना हुआ है और वहां फिर से बिकवाली हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फेड ने बढ़ाई ब्याज दरें एशिया बाजार में ते

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्रूड की कीमतें बाजार के लिए अभी भी बड़ी चिंता, जानें गिफ्ट निफ्टी से आज कैसे मिल रहे है संकेत

GIFT Nifty Indicator: बुधवार को GIFT Nifty ने भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के लिए सतर्क लेकिन काफी हद तक फ्लैट से पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत दिया, जबकि एशियाई इक्विटी में कुछ स्थिरता लौटी। फेडरल रिजर्व के अहम पॉलिसी फैसले से पहले कच्चे तेल की कीमतें कम हुईं और US ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से नीचे आ गई।

सुबह 8:15 बजे GIFT Nifty 37 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,239 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि पिछले सेशन में पांच महीने के नए निचले स्तर पर पहुंचने के बाद Nifty मामूली रिकवरी की कोशिश कर सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमत $107 प्रति बैरल से ऊपर बने रहने, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और US फेड के ब्याज दर के फैसले को लेकर अनिश्चितता के कारण बढ़त सीमित रह सकती है।

मंगलवार को भारतीय इक्विटी लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुईं, जिसमें व्यापक बिकवाली देखी गई, जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जिसने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। सेशन के दौरान Nifty 23,118.60 के निचले स्तर तक गिर गया, जो पांच महीनों में इसका सबसे निचला स्तर था।

विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार पांचवें सेशन में बिकवाल बने रहे और 15 सितंबर को 2,977 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेची। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,686 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी के साथ इस निकासी को आंशिक रूप से संतुलित किया।

ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से एशियाई बाजारों में स्थिरता

लगातार चार सेशन की गिरावट के बाद बुधवार को एशियाई इक्विटी में मामूली बढ़त देखी गई, क्योंकि फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी रुक गई। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों के MSCI के सबसे व्यापक इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बाद 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि दक्षिण कोरियाई इक्विटी में 0.8 प्रतिशत की तेजी आई। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई।

हालिया उछाल के बाद US ट्रेजरी यील्ड में भी नरमी आई। मंगलवार को तीन साल में पहली बार 5 प्रतिशत का स्तर पार करने के बाद, बेंचमार्क 10-वर्षीय यील्ड एशियाई ट्रेडिंग में लगभग 0.8 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.9875 प्रतिशत हो गई।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, लेकिन $107 से ऊपर बनी हुई हैं

US क्रूड इन्वेंट्री में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में गिरावट आई, हालांकि कीमतें ऊंची बनी रहीं क्योंकि निवेशक पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न आपूर्ति जोखिमों का आकलन करते रहे। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.86% गिरकर $107.82 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.92% गिरकर $104.86 पर आ गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $3 से ज़्यादा बढ़कर 19 मई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए थे। ऐसा तब हुआ जब सऊदी अरब ने रेड सी (लाल सागर) की ओर जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद अपने यानबू पोर्ट पर तेल की लोडिंग रोक दी। सऊदी अरब ने यूरोप को तेल की सप्लाई भी कम कर दी।

निफ्टी पर आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि घरेलू बाज़ार के लिए क्रूड ऑयल अभी भी सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि फेड के फ़ैसले का उभरते बाज़ारों में कैपिटल फ़्लो पर बड़ा असर पड़ सकता है।

पोनमुडी के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने या सख़्त रुख अपनाने से भारत समेत उभरते बाज़ारों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स ज़्यादा आकर्षक हो जाते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जब तक तेल की वजह से होने वाली महंगाई और फेड की पॉलिसी की दिशा के बारे में ज़्यादा साफ जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक घरेलू बाज़ार में सावधानी का रुख बना रहेगा।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, एशिया बाजारों में मिलाजुला कारोबार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी में 23000 का सपोर्ट टूटने पर शुरू हो सकती है पैनिक सेलिंग, रहें सतर्क

Trade setup for today : 15 सितंबर को गैप-अप ओपनिंग के बावजूद,मंदड़िए अपनी पकड़ छोड़ने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं । ये निफ्टी को 1.2 प्रतिशत नीचे खींच लाए हैं। टेक्निकल इंडिकेटर्स मजबूती से मंदड़ियों के पक्ष में हैं। US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले बने सावधानी के माहौल ने मार्केट सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है। ऐसे में निफ्टी के नेगेटिव रुख के साथ कंसोलिडेट होने की उम्मीद है।

अगर निफ्टी 23,000 के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे जाता है तो मंदी का रुझान और मज़बूत हो सकता है और पैनिक सेलिंग शुरू हो सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 23,400–23,500 का ज़ोन एक बड़ी रुकावट का काम कर सकता है। इस समय उछाल पर बिकवाली करना ही सबसे अच्छी रणनीति होगी।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,119) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,458, 23,570 और 23,751

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,096, 22,984 और 22,802

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे इसका लोअर हाई-लोअर लो स्ट्रक्चर जारी रहा और बाजार पर बेयर्स का दबदबा दिखा। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर बढ़ते रहे,जबकि इंडेक्स 22,183 से 24,774 तक की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे गिर गया। RSI और गिरकर 22.23 पर आ गया, जो मार्च 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। जबकि MACD में भी गिरावट जारी रही और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में बढ़ता गया। ये सभी इंडिकेटर लगातार बने बेयरिश मोमेंटम की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (55,795) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,654, 56,938 और 57,397

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,736, 55,453 और 54,994

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

कल बैंक निफ्टी 1.43 प्रतिशत गिरा और डेली टाइमफ्रेम पर एक बड़ी रेड कैंडल बनाई,जो बाजार में मंदी के मजबूत असर का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा था और शॉर्ट- व मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे थे। हालांकि,यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल को बचाने में कामयाब रहा। RSI गिरकर 40 के लेवल से नीचे 33.23 पर आ गया। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे अपने डाउनट्रेंड में बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार और गहरा होता गया। ये सभी इंडिकेटर मंदी के दौर की ओर इशारा कर रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार पांचवें सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 15 सितंबर को ₹2,977 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस सत्र के दौरान ₹2,686 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद मापने वाला इंडीकेटर इंडिया विक्स बढ़ता के मोड में रहा। यह 9.34 प्रतिशत बढ़कर 13.43 पर पहुंच गया,जो 24 जुलाई के बाद इसका सबसे हाई क्लोजिंग लेवल है। यह बुल्स के बीच बढ़ती बेचैनी का संकेत है। अगर यह 14 के लेवल से ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है और मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 15 सितंबर को गिरकर 0.83 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.01 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: डे-हाई से 800 प्वाइंट्स टूटा Sensex, इन 5 वजहों से Nifty ने गंवाई पूरी बढ़त

Share Market Crash: आईटी शेयरों के दम पर आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी और सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ खुले। हालांकि फिर बिकवाली का ऐसा दबाव आया कि डे-हाई से सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23350 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तगड़ा दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1-1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:05 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 87.59 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 74,694.17 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 47.15 प्वाइंट्स यानी 0.20% की फिसलन के साथ 23350.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 654.68 प्वाइंट्स चढ़कर 75,436.44 तक पहुंचा जिससे फिर यह 832.20 प्वाइंट्स फिसलकर 74,604.24 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 194.75 प्वाइंट्स चढ़कर 23,592.85 तक पहुंचा था जिससे यह 265.50 प्वाइंट्स गिरकर 23,327.35 तक आ गया।

Stock Market Crash: ये है वजह

कच्चे तेल में उबाल

पश्चिमी एशिया में तनाव बने रहने और वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर खतरे की आशंका ने कच्चे तेल को उबाल दिया यमन के अधिकारियों का कहना है कि ईरान का सपोर्ट करने वाले यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए हमले शुरू कर दिए हैं और वे लाल सागर के किनारे यमन के पश्चिमी तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। खाड़ी के अरब देशों ने ईरान के साथ होने वाली बातचीत भी टाल दी है, जिससे इस टकराव के और बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके चलते ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $107 के पार पहुंच गया।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका

महंगाई के दबाव में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका से लेकर जापान और भारत के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल

अमेरिका का बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर 2023 के बाद से पहली बार सोमवार को 5% के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंचा। मार्केट के जानकारों का कहना है कि इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

बैंकिंग शेयरों का दबाव

एआई स्टॉक्स के क्रैश होने से भारतीय सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयर रॉकेट बन गए और निफ्टी आईटी 4% से अधिक उछल गया। हालांकि बैंकिंग और रियल्टी शेयरों का दबाव भारी पड़ गया तो मेटल सेक्टर में भी बिकवाली की आंधी ने इसे और बढ़ाया। निफ्टी रियल्टी फिलहाल 2% से अधिक कमजोर है तो पीएसयू बैंक और मेटल का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया है तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

टेक्निकल वजह

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलिश माहौल के लिए निफ्टी को 23600 का लेवल पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि 23500 के ऊपर अगर निफ्टी मजबूती दिखाता है तो यह 23650 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन ऐसा नहीं होने पर यह 23230-23500 की रेंज में कंसालिडेट हो सकता है। पबित्रो के मुताबिक फिलहाल तो इसका रुझान नीचे की तरफ है और अगर यह पिछले हफ्ते के निचले स्तर 23,231 से नीचे गिरता है तो यह जून के निचले स्तर 23,070 के आसपास बने सपोर्ट की तरफ फिसल सकता है।

उनका मानना है कि डेली चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो बनने पर ही मौजूदा गिरावट का रुझान थमने का संकेत मिलेगा। पबित्रो का कहना है कि ऊपर की तरफ निफ्टी को 23,650 के गैप-डाउन एरिया में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ेगा। वहीं हाल ही के ब्रेकडाउन एरिया और 20-दिनों के ईएमए 23800-24000 के बीच तगड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : 23200–23000 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, 23600 के ऊपर टिकने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : 11 सितंबर को निफ्टी में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई,लेकिन निचले स्तरों से खरीदारी आने के बाद यह दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। हालांकि,बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है और सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (जो $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं) और FOMC की बैठक से पहले US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंचना भी बाजार के सेंटीमेंट पर भारी पड़ा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 23,600 के लेवल के ऊपर टिककर बंद नहीं होता,तब तक किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 23,200–23,000 के दायरे में एक अहम सपोर्ट है। अगर यह 23,000 के नीचे जाता है तो इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 23,500–23,600 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,398) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,442, 23,493 और 23,576

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,276, 23,225 और 23,143

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन: गैप-डाउन ओपनिंग के बाद रिकवरी करते हुए निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई। हालांकि। इसमें लोअर-हाई और लोअर-लो का स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है। इसलिए, एक अच्छी रिकवरी की पुष्टि के लिए लगातार खरीदारी बने रहने की जरूरत है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही रहे,जबकि इंडेक्स 22,182 से 24,774 तक की रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के करीब पहुंच गया है। डेली RSI 30 के लेवल से नीचे 27.22 पर बना रहा,जबकि MACD का डाउनट्रेंड जारी रहा और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार पांचवें सेशन में भी चौड़ा होता गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि हालिया रिकवरी के बावजूद बेयरिश ट्रेंड बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (56,607) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,679, 56,902 और 57,264

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,956, 55,732 और 55,371

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : शुक्रवार को बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट (गैप-डाउन ओपनिंग) के बाद रिकवरी आई और यह 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह रिकवरी खास तौर पर मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के पास सपोर्ट मिलने के बाद हुई। चूंकि इंडेक्स पिछले दिन के उच्चतम स्तर से ऊपर बंद हुआ है,इसलिए आगे और रिकवरी के लिए लगातार और टिकाऊ तेजी की जरूरत है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट-टर्म व मीडियम-टर्म एवरेज दोनों ही नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,RSI थोड़ा बढ़कर 41.05 पर पहुंच गया लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन से काफी नीचे बना रहा,भले ही लगातार आठ सेशन तक रेड बार बढ़ने के बाद हिस्टोग्राम की कमजोरी कम हो गई। ये सभी बातें बताती हैं कि सपोर्ट जोन से रिकवरी के बावजूद,मीडियम-टर्म का बड़ा डाउनट्रेंड अभी भी बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

FIIs लगातार चौथे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और 11 सितंबर को ₹930 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,968 करोड़ से ज़्यादा के शेयर खरीदे, जिससे बाज़ार को सहारा मिला।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

बाज़ार में उतार-चढ़ाव का इंडीकेटर India VIX, 4.15% बढ़कर 12.285 पर पहुंच गया और अपने 50-दिन के EMA के ऊपर चला गया,जो बाज़ार में तेजड़ियों के बीच बढ़ती सावधानी का संकेत है। अगर यह 13–14 के ज़ोन के ऊपर जाता है तो बुल्स के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 सितंबर को बढ़कर 1.01 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.77 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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