Market cues : बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की संभावना, उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम

Trade setup for today : 3 सितंबर को तेल की ऊंची कीमतों के चलते बेंचमार्क निफ्टी ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की संभावना है,क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट और मीडियम टर्म एवरेज नीचे की ओर रुख किए हुए हैं। मोमेंटम इंडिकेटर भी नेगेटिव क्रॉसओवर के साथ नीचे की ओर जा रहे हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अगर लगातार 24,000 के नीचे बना रहता है तो यह 23,800–23,750 के लेवल तक गिर सकता है और इसके बाद 23,600 पर अहम सपोर्ट मिल सकता है। ऊपर की तरफ, 24,000–24,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। एक्सपर्ट्स अभी भी उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23873) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,866, 23,830 और 23,772

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,982, 24,018 और 24,076

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,यह 23,070 से 24,770 तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे बंद हुआ।

RSI गिरकर 37.11 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD बेयरिश क्रॉसओवर के साथ ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा। MACD हिस्टोग्राम का रेड बार भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि बेयरिश ट्रेंड के बने रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी (57,381) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस : 57,647, 57,735 और 57,878

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट : 57,362, 57,274 और 57,132

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस : 57,684, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट : 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बाद,बैंक निफ्टी ने बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया और 0.36 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। हालांकि ऊंचे स्तरों से इसने अपनी कुछ बढ़त गंवा दी। इंडेक्स ने एक रेड कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक स्पष्ट विक (wick) थी,जो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली के दबाव का संकेत देती है। इसने क्लोजिंग के आधार पर 50-दिन के EMA को फिर से हासिल किया और उसे बनाए रखा,लेकिन 20-दिन के EMA से नीचे आ गया।

पिछले 21 ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक सीमित दायरे में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं है। मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी साइडवेज मार्केट स्ट्रक्चर की ओर इशारा कर रहे हैं। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि इंडेक्स के निकट भविष्य में भी एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है और इसमें किसी साफ दिशा वाले मोमेंटम की कमी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

Image1803092026

इंडिया VIX

बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडेक्स,इंडिया VIX पिछले दिन की कुछ बढ़त गंवाकर 2.2 प्रतिशत गिरकर 11.34 पर बंद हुआ। यह अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है,जो कम उतार-चढ़ाव और मार्केट के स्थिर सेंटीमेंट का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 सितंबर को गिरकर 0.8 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.87 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक : इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक : सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

बाजार के लिए मिल रहे अच्छे संकेत, ऑटो एंसलरी सेक्टर के इन दो शेयरों में जोरदार तेजी की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹75 करोड़ का ऑर्डर मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर एनर्जी कंपनी Solex Energy को घरेलू कंपनियों से ₹74.77 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी को ये ऑर्डर सोलर PV मॉड्यूल बनाने और सप्लाई करने के लिए मिले हैं। इन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।

कंपनी का कहना है कि नए ऑर्डर से उसकी ऑर्डर पाइपलाइन और मजबूत हुई है। सोलर मॉड्यूल की बढ़ती मांग के बीच कंपनी को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं।

₹174 करोड़ के ऑर्डर के लिए LOI मिला

Solex Energy को करीब ₹174.30 करोड़ के एक और ऑर्डर के लिए लेटर ऑफ इंटेंट यानी LOI मिला है। इस ऑर्डर के लिए मॉड्यूल सप्लाई एग्रीमेंट पर साइन होना अभी बाकी है।

नए ऑर्डर और LOI समेत कंपनी की एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर पाइपलाइन करीब ₹846 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी का लक्ष्य इन ऑर्डर को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है।

जनवरी में मिला था ₹276 करोड़ का ऑर्डर

इस साल जनवरी में Solex Energy को घरेलू इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर से ₹276 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर मिला था। यह ऑर्डर N-type TOPCon सोलर PV मॉड्यूल बनाने और सप्लाई करने के लिए था।

इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 615 Wp और 620 Wp ग्लास-टू-ग्लास G12R सोलर मॉड्यूल की सप्लाई करनी थी। इनकी सप्लाई फरवरी से मई 2026 के बीच होनी थी।

Solex Energy के शेयरों का हाल

Solex Energy का शेयर गुरुवार को 2.11% की तेजी के साथ ₹728 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 15.48% टूटा है। वहीं, 1 साल में ये करीब 44% क्रैश हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 777.46 करोड़ रुपये है।

1 साल में 555% का रिटर्न! अब ₹3000 करोड़ के निवेश से मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाएगी ऑप्टिकल फाइबर कंपनी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

High Return Stock: इस शेयर ने 2026 में पैसा दोगुना किया है, क्या निवेश करना चाहिए?

High Return Stock: आईनॉक्स इंडिया ने हाई वैल्यू बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मौजूदगी और नए अप्लिकेशंस में एंट्री से कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी का शेयर 3 सितंबर को 3.84 फीसदी चढ़कर 2,180 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने 2026 में निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान इसने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है।

कपैसिटी बढ़ने से ग्रोथ को मिलेगा सपोर्ट

Inox India कांडला में अपनी कपैसिटी बढ़ा रही है। इससे भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। शेयरों में ज्यादा तेजी का असर वैल्यूएशन पर पड़ा है। कंपनी की वैल्यूएशन 2028 में अनुमानित अर्निंग्स का करीब 44 गुना हो गई है। हालांकि, जून तिमाही में साल दर साल आधार पर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8.3 फीसदी रही है। अगर लॉजिस्टिक्स से जुड़े मसले नहीं होते तो रेवेन्यू ग्रोथ ज्यादा रहती।

EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा

मुश्किल के बावजूद कंपनी का EBITDA साल दर साल आधार पर 1.4 फीसदी बढ़कर करीब 90 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा, जो अच्छा है। साल दर साल आधार पर टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) बगैर बदलाव के 61 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहता, क्योंकि 32-35 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट डिस्पैच के लिए तैयार हैं।

फ्रेट कॉस्ट में उछाल से इक्विपमेंट की शिपिंग में बाधा

माल ढुलाई की बढ़ती लागत और शिपिंग की सीमित उपलब्धता की वजह से इक्विपमेंट की शिपिंग नहीं हो सकी। कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि यूरोपियन कनटेनर रेट्स 3,000-4000 से बढ़कर 8,000-9,000 ड़लर तक पहुंच गए हैं। कुछ ग्राहकों ने ज्यादा फ्रेट रेट्स को देखते हुए डिलीवरी टाल दी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह मुश्किल थोड़े समय के लिए है।

1686 करोड़ रुयये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक

जून तिमाही में कंपनी को 532 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। इससे कुल ऑर्डरबुक बढ़कर जून के अंत में 1,686 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें एक्सपोर्ट ऑर्डर्स की 1,140 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है। कंपनी के लिए एयरोस्पेस नए मौके के रूप में उभरा है। कंपनी को 1,500 क्यूबिक मीटर क्राइजोनिक स्टोरेज टैंक्स के 8 बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। उसी ग्राहक से छह अतिरिक्त टैंक के भी ऑर्डर मिले हैं।

सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश

कंपनी भारत में नए उभरते सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश कर रही है। इसे धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट के ऑर्डर मिले हैं। मैनेजमेंट ने बताया है कि ये ऑर्डर करीब 30 करोड़ रुपये के हैं। कंपनी के संभावित ग्राहकों में Micron, Foxconn और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल है।

मैनेजमेंट ने 18-20 फीसदी का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा

मैनेजमेंट ने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ के 18-20 फीसदी गाइडेंस को बनाए रखा है। एबिड्टा मार्जिन के 21-24 फीसदी गाइडेंस को भी बनाए रखा है। यह इसके बावजूद है कि पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी की 1,686 करोड़ रुपये की ऑर्डरबुक से रेवेन्यू को लेकर अगले कई सालों की तस्वीर साफ है।

Stocks to Watch: 3 सितंबर को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: कई कंपनियों से जुड़े अहम बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें हिस्सेदारी खरीद, नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव जैसी खबरें शामिल हैं। इन खबरों का असर 3 सितंबर को इन कंपनियों के शेयरों में देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं गुरुवार को किन 13 शेयरों पर नजर रहेगी।

ICICI Bank

प्राइवेट बैंक ICICI Bank ने अपनी सब्सिडियरी ICICI Prudential Life Insurance में 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए बैंक ने करीब ₹1,470 करोड़ खर्च किए। अब कंपनी में ICICI Bank की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 52.8% हो गई है। बैंक ने 22 जुलाई से 2 सितंबर के बीच कई चरणों में करीब 2.90 करोड़ शेयर खरीदे।

Power Grid Corporation of India

सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी Power Grid Corporation को राजस्थान REZ से ₹3,244.33 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को राजस्थान के बाड़मेर से बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम बनाने का लेटर ऑफ इंटेंट मिला है। यह प्रोजेक्ट रिन्यूएबल एनर्जी से पैदा होने वाली बिजली को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने से जुड़ा है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में SoftBank ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह कंपनी की 1.5% हिस्सेदारी के बराबर है। इस डील का आकार करीब ₹1,435 करोड़ हो सकता है। शेयरों के लिए ₹205 का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से 3.12% तक कम है।

HUDCO

सरकारी फाइनेंस कंपनी HUDCO ने बिहार सरकार के साथ ₹25,000 करोड़ तक की फंडिंग के लिए समझौता किया है। यह पैसा पांच साल में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए दिया जाएगा। इसमें जमीन खरीदने और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने पर खर्च शामिल है।

AXISCADES Technologies

इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी AXISCADES Technologies ₹200 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का बोर्ड शनिवार को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा।

Motilal Oswal Financial Services

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Motilal Oswal Financial Services का बोर्ड सोमवार को फंड जुटाने पर विचार करेगा। कंपनी NCDs जारी करके पूंजी जुटाने की योजना पर चर्चा करेगी।

Jindal Worldwide

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide ने अमित अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल अगले तीन साल का होगा। इस फैसले से कंपनी के मैनेजमेंट में निरंतरता बनी रहेगी।

NHPC

सरकारी पावर कंपनी NHPC को BGS-SGS-SOMA JV के साथ चल रहे विवाद में आर्बिट्रल अवॉर्ड मिला है। यह मामला 2,000 मेगावाट के सुबानसिरि लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव होने जा रहा है। श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 से CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। उनकी जगह विवेक जेटली CEO बनेंगे। रामकार्तिकेयन कंपनी से सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

Page Industries

गारमेंट कंपनी Page Industries को UAE डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था से जुड़े विवाद में दुबई की अदालत से नोटिस मिला है। Yellow Flower Trading LLC ने कंपनी पर AED 113.55 मिलियन का दावा किया है। इसमें 10 अक्टूबर 2025 से सालाना 9% ब्याज भी मांगा गया है। कंपनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में करीब ₹350 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। TPG से जुड़ी Centella Mauritius ने 46.1 लाख शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 0.53% हिस्सेदारी के बराबर है। Union (Mauritius) Holdings ने NSE पर औसतन ₹760 प्रति शेयर के भाव से यह हिस्सेदारी खरीदी।

Pine Labs

फिनटेक कंपनी Pine Labs में ₹550 करोड़ की ब्लॉक डील हुई है। Alpha Wave Ventures ने 3.55 करोड़ शेयर बेचे हैं। यह कंपनी की 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है। ICICI Prudential Life Insurance, Societe Generale और Goldman Sachs समेत कई निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं।

FACT

सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी FACT पर भारत सरकार के बकाया कर्ज को लेकर ₹438.20 करोड़ का पेनल ब्याज लगाया गया है। इसमें ₹389.51 करोड़ का ब्याज 31 मार्च 2026 तक की अवधि का है। बाकी ₹48.69 करोड़ FY27 से जुड़ा है। यह पेनल ब्याज 1 अप्रैल 2018 से लागू माना गया है।

GDP Growth: सरकार ने 2.6% GDP ग्रोथ के दावे को खारिज किया, 7.8% को सटीक बताया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रिकवरी के बावजूद Sensex 374 प्वाइंट्स कमजोर, Nifty 23914 पर बंद, डूबे निवेशकों के ₹2.69 लाख करोड़

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध की आंच तेज हुई तो कच्चा तेल उबल पड़ा और इन दोनों ने मिलकर दुनिया भर में कोहराम मचा दिया। घरेलू स्टॉक मार्केट में सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया और निचले स्तर पर रिकवरी के बावजूद यह गहरे लाल बंद हुआ। ब्रोडर लेवल पर भी रिकवरी हल्की ही रही और शुरुआती कारोबार में 1% की गिरावट से हल्की रिकवरी के साथ निफ्टी मिडकैप 100 आज 0.53% तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.37% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवाइज आईटी और आईटी सेक्टर ने मार्केट पर ऐसा दबाव बनाया कि यह संभल ही नहीं पाया। निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी आईटी 1% से अधिक कमजोर हुआ। सरकारी बैंकों ने रिकवरी तो कर ली लेकिन इसके निफ्टी इंडेक्स में बढ़त मामूली रही तो दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट आई। बिकवाली के इस दबाव में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 02 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 373.93 प्वाइंट्स यानी 0.49% की फिसलन के साथ 76,570.35 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 141.35 प्वाइंट्स यानी 0.59% की कमजोरी के साथ 23,914.45 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।

निवेशकों के ₹2.69 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 01 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। आज यानी 02 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,86,72,129.50 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹269,860.14 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 10 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 10 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और पावरग्रिड सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 19

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 सेकंड में ₹5 लाख करोड़ साफ, Sensex में 800 अंकों की गिरावट, Nifty 23800 के नीचे

Share Market Crash: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध गहराने से घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप में 1-1% की गिरावट है। निफ्टी के सभी सेक्टर्स के इंडेक्स लाल हैं। ओवरऑल बात करें तो BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5.60 लाख करोड़ घट गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही ₹5.60 लाख करोड़ कम हो गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 706.50 प्वाइंट्स यानी 0.92% की गिरावट के साथ 76,237.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 235.40 प्वाइंट्स यानी 0.98% की फिसलन के साथ 23,820.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।

09:21

निवेशकों की दौलत में ₹5.60 लाख करोड़ की गिरावट

एक कारोबारी दिन पहले यानी 01 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। आज यानी 02 सितंबर 2026 को मार्केट खुलते ही यह ₹4,83,81,902.24 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी ₹5,60,087.4 करोड़ घट गई है।

Sensex का सिर्फ एक शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ एक सन फार्मा ही फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें भी तेजी मामूली ही है। सबसे अधिक गिरावट फिलहाल इंडिगो, इंफोसिस और एमएंडएम में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 1890

63 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 2836 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 895 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1766 में गिरावट का रुझान है और 175 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा 63 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 71 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 97 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 1907

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

Image1201092026

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sensex लगातार दूसरे दिन लाल, एक्सपायरी को Nifty 24056 पर बंद, डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes red: उम्मीद से बेहतर जीडीपी ग्रोथ और निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग से मार्केट में तेज रिकवरी आई लेकिन फिर कच्चे तेल के उबाल और बैंकिंग शेयरों की बिकवाली का दबाव अधिक भारी पड़ गया। इस दबाव में डे-हाई से सेंसेक्स 576 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप स्पेस में अधिक दबाव दिखा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 आज 0.25% कमजोर हुआ तो निफ्टी मिडकैप 100 भी 1.39% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवाइज एफएमसीजी और आईटी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1% मजबूत हुए। हालांकि ऑटो, बैंकिंग और फार्मा स्टॉक्स का दबाव अधिक भारी पड़ गया। निफ्टी फार्मा आज करीब डेढ़ फीसदी तो निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक 1% से अधिक और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ। बिकवाली की इस आंधी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो महीने के पहले कारोबारी दिन आज 1 सितंबर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 12.99 प्वाइंट्स यानी 0.02% की मामूली फिसलन के साथ 76,944.28 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.60 प्वाइंट्स यानी 0.10% की कमजोरी के साथ 24,055.80 पर बंद हुआ है।

इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उठा-पटक दिखी। पहले तो सेंसेक्स 193.01 प्वाइंट्स गिरकर 76,764.26 तक आया था, जिससे फिर यह 467.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,231.87 के हाई तक पहुंचा लेकिन फिर इस हाई से यह 575.75 प्वाइंट्स टूटकर 76,656.12 तक आ गया। वहीं निफ्टी भी 70.90 प्वाइंट्स टूटकर 24,009.50 तक आया था, जिससे यह फिर 133.65 प्वाइंट्स ऊपर चढ़कर 24,143.15 तक पहुंचा था लेकिन फिर इस हाई लेवल से यह 190.60 प्वाइंट्स टूटकर 23,952.55 तक आ गया।

डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,58,204.57 करोड़ था। आज यानी 1 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,88,11,607.93 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,46,596.64 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 13 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 13 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज आईटीसी, एचसीएलटेक और इंफोसिस सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ मारुति, एसबीआई और इंडिगो में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 1f

 

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में, यह लेवल टूटने पर 23800 तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 31 अगस्त को निफ्टी इंट्राडे में 24,000 के लेवल से नीचे जाने के बाद भी क्लोजिंग के समय इसे बचाने में कामयाब रहा और 95 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के बीच मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के रुझान में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। जबकि इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो सावधानी बरतने का संकेत है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि अब निफ्टी के लिए 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे जाता है और उसके नीचे ही बना रहता है तो 23,800 की तरफ गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24080) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,016, 23,984 और 23,932

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,119, 24,151 और 24,203

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो (lower shadow) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है। हालांकि यह पूरी तरह से क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं है। हैमर को आम तौर पर एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है,जिसमें इंडेक्स को कैंडल के हाई से ऊपर वापस चढ़ना होता है। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जबकि 20-डे EMA नीचे की ओर जा रहा था। 43.7 पर RSI ने अपना नेगेटिव क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD जीरो लाइन से नीचे रहा और एक दिन हल्का पड़ने के बाद हिस्टोग्राम का रंग और गहरा लाल हो गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (58025) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,066, 58,263 और 58,583

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,426, 57,228 और 56,908

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान आई 1 प्रतिशत की तेजी थी, जिसने इंडेक्स को 58,000 के स्तर से थोड़ा ऊपर पहुंचा दिया। हालांकि,आने वाले सेशन में इस तेजी के बने रहने पर नजर रखना जरूरी होगा। इंडेक्स साफ तौर पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर आ गया है। फिर भी,ओवरऑल मोमेंटम इंडिकेटर मजबूत तेजी की पुष्टि करने के बजाय सुधार के संकेत दे रहे हैं।

RSI बढ़कर 56.89 पर आ गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। लेकिन यह अभी भी एक दायरे में ही बना हुआ है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। हालांकि, यह इंडिकेटर कई सेशन से कंसोलिडेशन के दौर में है। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मोमेंटम में सुधार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कंसोलिडेशन वाला है,इसलिए 58,000 के लेवल के ऊपर लगातार मजबूती की पुष्टि जरूरी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

Image1031082026

इंडिया VIX

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX कल 4.78% बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह अभी भी अपने सभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इससे तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 अगस्त को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Stocks to Watch: 1 सितंबर को एनसीसी, मिल्की मिस्ट डेयरी, PVR INOX सहित इन शेयरों में दिख सकती है हलचल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

रक्षाबंधन के बाद Sensex लाल, 24100 के नीचे बंद Nifty, निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ साफ

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचा तो कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी आंच में एशियाई मार्केट झुलस गया और घरेलू मार्केट में भी बिकवाली की आंधी चलने लगी। इस दबाव में सेंसेक्स 513 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव तेज रहा लेकिन मिडकैप में रिकवरी दिखी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से अधिक टूट गया।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज प्राइवेट बैंकों और फार्मा कंपनियों ने संभालने की काफी कोशिश की लेकिन मेटल और एफएमसीजी का दबाव अधिक भारी पड़ गया। आईटी सेक्टर ने रिकवरी की काफी कोशिश की लेकिन 1% से अधिक गिरावट से उबरते हुए इसकी गिरावट आधे फीसदी से थोड़ी कम रह ही गई। वहीं निफ्टी प्राइवेट में करीब 1% तो निफ्टी फार्मा में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त रही तो निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आ गया। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 31 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 307.24 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 76,957.27 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.25 प्वाइंट्स यानी 0.39% की कमजोरी के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 513.19 प्वाइंट्स फिसलकर 76,751.32 और निफ्टी 182.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,993.60 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,94,12,415.27 करोड़ था। आज यानी 31 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,90,33,359.29 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹379,055.98 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 10 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 10 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी और एयरटेल में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

sensex 199

 

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

US-Iran War: अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की जमकर बमबारी, तेहरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।