Stock in Focus: ₹1050 करोड़ की डील पर शेयर बनेगा रॉकेट! पांच महीने में दिया था 264% रिटर्न

Indiabulls Share Price: इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड प्राइवेट लिमिटेड में 70% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डील की है। इस सौदे के जरिए इंडियाबुल्स की एनबीएफसी फिनटेक टेक्नोलॉजी स्पेस में एंट्री हो रही है। कंपनी ने इसकी जानकारी 11 सितंबर की रात एक्सचेंज फाइलिंग में दी थी और अब इसका असर 15 सितंबर को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है। चूंकि गणेश चतुर्थी के मौके पर आज 14 सितंबर को स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद है तो इस वजह इस बार का वीकेंड लंबा हो गया और शनिवार, रविवार, सोमवार की छुट्टियों के बाद अब यह मंगलवार 15 सितंबर को खुलेगा। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 11 सितंबर को बीएसई पर यह 5% के अपर सर्किट ₹25.89 पर बंद हुआ था।

Indiabulls और Fintech Cloud के बीच क्या हुई है डील

इंडियाबुल्स ने फिनटेक क्लाउड प्राइवेट लिमिटेड के साथ ₹1050 करोड़ की डील की है, जिसके तहत यह फिनटेक क्लाउड में 70% हिस्सेदारी हासिल करेगी। फिनटेक क्लाउड एक फिनटेक कंपनी है जोकि लोन ऑर्गेनाइजेशन और सर्विसिंग के लिए NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज) को टेक सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। साल 2021 में बनी फिनटेक क्लाउड को वित्त वर्ष 2025 तक कोई रेवेन्यू नहीं मिला था और फिर वित्त वर्ष 2026 में इसे ₹133.77 करोड़ का रेवेन्यू और ₹30.31 करोड़ का मुनाफा मिला था।

सौदे के तहत इंडियाबुल्स ₹1500 करोड़ का पेमेंट कैश में नहीं करेगी बल्कि इसके बदले एनसीएलटी-अप्रूव्ड मर्जर स्कीम के तहत फिनटेक क्लाउड के शेयरहोल्डर्स को इंडियाबुल्स के 21 करोड़ तक नए शेयर दिए जाएंगे। अभी इस सौदे को स्टॉक एक्सचेंजों, मार्केट रेगुलेटर सेबी और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी है और इसके 9-12 महीने में होने की उम्मीद है। हालांकि सौदे के तहत इंडियाबुल्स अभी तुरंत फिनटेक क्लाउड के बोर्ड में मेजॉरिटी डायरेक्टर्स नियुक्त करेगी।

एक साल में कैसी रही इंडियाबुल्स के शेयरों की चाल

इंडियाबुल्स के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। 25 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह महज ₹8.93 के भाव में मिल रहा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 5 महीने में ही यह 263.94% ऊपर चढ़कर 14 जुलाई 2026 को ₹32.50 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस प्रकार महज पांच महीने में ही निवेशकों की पूंजी 3 गुना से अधिक बढ़ गई।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्रूड और US बॉन्ड यील्ड बिगाड़ सकते है बाजार का मूड, गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, इंडेक्स पर कहां रखें आज नजर

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी 100 अंक से ज़्यादा की गिरावट के साथ कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नई तेज़ी, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई व US इक्विटी बाज़ारों में गिरावट का असर बाजारों पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व के अहम शिपिंग रूट पर हमले तेज़ होने के बाद ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि US में थोक महंगाई बढ़ने से अगले हफ़्ते फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुईं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे 23,343 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 117 अंक या 0.5 प्रतिशत नीचे था। गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाजारों ने लगातार तीन सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, हालांकि सीमित दायरे में कारोबार के कारण बढ़त मामूली रही। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर पहुंचा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

शुक्रवार को एशियाई शेयरों और बॉन्ड में गिरावट आई क्योंकि निवेशक ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और US में सख्त मौद्रिक नीति की संभावना से जूझ रहे थे। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया में सबसे ज़्यादा नुकसान देखा गया। जापान का Topix 1 प्रतिशत गिरा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 और हांगकांग के Hang Seng में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.6 प्रतिशत गिरा।

गुरुवार की बिकवाली के बाद US इक्विटी फ्यूचर्स में कुछ स्थिरता के संकेत दिखे, जिसमें एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

मध्य पूर्व में सप्लाई से जुड़े जोखिम बढ़ने से ब्रेंट $110 के करीब पहुंचा

कच्चा तेल भारतीय बाज़ारों के लिए सबसे बड़ी मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौती बना हुआ है। फारस की खाड़ी और लाल सागर दोनों से शिपिंग के लिए बढ़ते खतरों के बीच कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी जारी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग $110 तक पहुंचने के बाद 1% बढ़कर $108.68 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर $103.45 प्रति बैरल हो गया। गुरुवार को दोनों बेंचमार्क में 6% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।

ईरान-समर्थित हूतियों ने गुरुवार को यमन के मोचा बंदरगाह पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे रेड सी में शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रैफ़िक पर भी रोक लगी हुई है क्योंकि खाड़ी में टैंकरों पर हमले बढ़ गए हैं।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और क्रूड मार्केट में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम ऊंचा बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

गुरुवार को अमेरिकी इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि प्रोड्यूसर की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से यह चिंता बढ़ गई कि महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व को अगले हफ़्ते ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। अगस्त में अमेरिकी थोक महंगाई 0.4% बढ़ी, जिससे कीमतों के दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई, और 10-साल की यील्ड लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी को उम्मीद है कि 23,500-23,600 का स्तर निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा, जबकि 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। 23,200 के नीचे जाने पर गिरावट 23,050-23,000 तक बढ़ सकती है, हालांकि बहुत ज़्यादा ओवरसोल्ड मोमेंटम इंडिकेटर टेक्निकल बाउंस की गुंजाइश भी बनाते हैं।

गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाज़ार को सपोर्ट देना जारी रखा और सेशन के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक्विटी खरीदी।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 111 अंक नीचे, एशिया में भी दबाव, क्रूड $108 के पार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 10 सितंबर को निफ्टी ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया और 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इस मामूली रिकवरी के लंबे समय तक टिके रहने की उम्मीद नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं। खराब होते टेक्निकल इंडिकेटर,वेस्ट एशिया में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई की बढ़ती चिंताएं,और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर बाजार का मूड खराब कर सकते है। ये सभी संकेत इक्विटी मार्केट में मंदी का दौर जारी रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे जा सकता है और 23,300 के स्तर तक गिर सकता है। अगर इंडेक्स 23,300 के स्तर से नीचे जाता है,तो जून के निचले स्तर 23,070 तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज इंडेक्स के लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,478) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,495, 23,522 और 23,566

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,407, 23,380 और 23,336

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने कल एक बुलिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक दिखी। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है, लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर नहीं जा पाया। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही बने रहे। RSI 28.94 पर था जबकि पिछले सेशन में यह 26.44 था। लेकिन यह अभी भी ओवरसोल्ड जोन और अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है। MACD में और गिरावट आई और लगातार चौथे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार का साइज बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (56,472) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,557, 56,638 और 56,769

पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट: 56,295, 56,214 और 56,083

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में भी रिकवरी दिखी,लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद नहीं हो पाया और लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न बनाता रहा। बैंकिंग इंडेक्स में 0.31% की बढ़त हुई और डेली चार्ट पर ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनी,जो खरीदारी आने का संकेत है, हालांकि ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव बना रहा। 10, 20, 50 और 100-डे EMA नीचे की ओर झुके रहे,जबकि RSI में थोड़ी बढ़त हुई लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के नीचे 38.83 पर बना रहा। MACD ज़ीरो लाइन के नीचे और गिर गया और लाल हिस्टोग्राम बार लगातार आठवें सेशन में भी बढ़ता रहा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि कल आई रिकवरी के बावजूद मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

हाल ही में उछाल के बाद मार्केट के डर को मापने वाले इंडेक्स इंडिया VIX में गिरावट आई और यह 1.05 प्रतिशत गिरकर 11.795 पर आ गया। VIX का 12 के लेवल से नीचे बने रहना तेजड़ियों के लिए कुछ राहत की बात है। हालांकि,अगर VIX 12 के जोन से ऊपर जाता है तो बुल्स को सावधान रहने की जरूरत होगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 सितंबर को बढ़कर 0.77 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.75 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

विदेशी निवेशकों की बेरुखी जल्दी दूर होने की उम्मीद नहीं, अगले 2-3 महीने बाजार के लिए काफी मुश्किल -अभय अग्रवाल

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

तीन दिनों की गिरावट से उबरा Sensex, बढ़त के साथ 23478 पर बंद Nifty, लेकिन डूबे ₹1.88 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes green: मार्केट में आज दोनों तरफ मूवमेंट दिखा। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन खत्म होने के बाद ईरान से युद्ध होने के दावे से मार्केट को सपोर्ट मिला तो दूसरी तरफ सप्लाई की दिक्कतों ने कच्चे तेल में उबाल लाया जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा। इसके अलावा सेक्टरवाइज मिले-जुले रुझान से भी मार्केट न तो अधिक ऊपर जा पाया और न ही नीचे आ पाया। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी दिन भर लगभग फ्लैट रहे। हालांकि आखिरी समय में एकाएक इनमें उछाल आई और ये बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक नहीं लौट पाई और निफ्टी मिडकैप 100 औ निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल बंद हुए।

मेटल और फार्मा सेक्टर ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी और ऑटो सेक्टर ने भी मार्केट पर दबाव बनाया। वहीं दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों की तेजी ने मार्केट को ऊपर खींचने की कोशिश की। आज किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से कम ही उठा-पटक रही। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 10 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 138.36 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 74,902.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 46.30 प्वाइंट्स यानी 0.20% की मजबूती के साथ 23,477.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 146.73 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 74,910.96 के हाई और 165.76 प्वाइंट्स की फिसलन के साथ 74,598.47 तक गिरा था तो दूसरी तरफ निफ्टी इंट्रा-डे में 63.45 प्वाइंट्स चढ़कर 23,494.95 और 51.40 प्वाइंट्स गिरकर 23,380.10 तक आया था।

डूबे निवेशकों के ₹1.88 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,64,321.47 करोड़ था। आज यानी 09 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹ 4,83,76,596.12 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹188,242.09 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 15 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 15 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज पावरग्रिड, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचसीएलटेक, टाटा स्टील और ट्रेट में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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इन वजहों से एक तरफ नहीं बढ़ पाया मार्केट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

गिफ्ट निफ्टी, क्रूड और ग्लोबल बाजार क्या सब मिलकर बिगाड़ेगे बाजार का मूड़, जानें क्या मिल रहा है संकेत

GIFT Nifty Indicator: गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के संभलकर खुलने की उम्मीद है। पिछले सेशन में निफ्टी के तीन महीने के निचले स्तर पर आने के बाद GIFT निफ्टी से संकेत मिल रहा है कि बाजार की शुरुआत लगभग सपाट होगी। बता दें कि सितंबर सीरीज़ के अब तक के 11 ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी सिर्फ़ 2 बार बढ़ा है और अब तक 900 पॉइंट गिर चुका है। यह कोई हैरानी की बात नहीं है क्योंकि इसके दो सबसे बड़े सेक्टर – बैंक और IT – खराब प्रदर्शन कर रहे हैं। सितंबर के अब तक के सात सेशन में निफ्टी IT इंडेक्स 8% गिरा है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $101 प्रति बैरल से ऊपर होना, मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई , US इक्विटी में गिरावट से बाजार का मूड दबाव में रह सकता है। निवेशक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के बारे में संकेत पाने के लिए US के अहम महंगाई आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 23,489 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले दिन की क्लोजिंग से लगभग कोई बदलाव नहीं दिखाता है। बुधवार को भारतीय इक्विटी में गिरावट जारी रही क्योंकि ज्यादातर सेक्टर, खासकर IT और रियल्टी में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स 813.35 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 74,764.23 पर आ गया, जबकि निफ्टी 203.60 अंक या 0.86 प्रतिशत गिरकर 23,431.50 पर आ गया, जो तीन महीने का निचला स्तर है।

मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

गुरुवार को एशियाई इक्विटी में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट में शिपिंग पर हमलों की नई लहर ने एनर्जी सप्लाई की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे क्रूड का भाव मनोवैज्ञानिक रूप से अहम $100 के स्तर से ऊपर चला गया है और महंगाई व ब्याज दरों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 1 प्रतिशत गिर गया, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दोनों 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरे। वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद क्षेत्रीय बाजारों में भी गिरावट देखी गई।

क्रूड की रैली तेज, ब्रेंट $101 के पार

भारतीय इक्विटी के लिए क्रूड ऑयल सबसे बड़ी तत्काल मैक्रो-इकोनॉमिक चिंता बनी हुई है। जुलाई के बाद पहली बार पिछले सेशन में $100 का स्तर तोड़ने के बाद गुरुवार को ब्रेंट क्रूड $101.94 प्रति बैरल तक चढ़ गया। नवंबर सेटलमेंट के लिए ब्रेंट बाद में $101.33 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.5 प्रतिशत बढ़कर $96.56 प्रति बैरल हो गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एनर्जी की ऊंची कीमतें और बॉन्ड यील्ड में मजबूती रिस्क लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं, जो उभरते बाजारों की इक्विटी के लिए एक मुश्किल स्थिति पैदा कर रही हैं। WTI का भाव $96-97 के आसपास और ब्रेंट का भाव $101 से ऊपर होने से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं और US ट्रेजरी यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव पड़ रहा है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एनर्जी की ऊंची कीमतें और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ रहा है, जो उभरते बाजारों की इक्विटी के लिए एक मुश्किल स्थिति पैदा कर रहा है। WTI का भाव $96-97 के आसपास और ब्रेंट का भाव $101 से ऊपर होने से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं और US ट्रेजरी यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव पड़ रहा है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी बनी हुई है। US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ टकराव मिड-टर्म चुनावों के बाद “तुरंत” खत्म हो सकता है, लेकिन पोनमुडी ने कहा कि तनाव कम करने के रास्ते पर स्पष्टता की कमी के कारण निवेशक सतर्क हैं और एनर्जी की कीमतों में भू-राजनीतिक रिस्क प्रीमियम शामिल है।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,550-23,600 को तुरंत रेजिस्टेंस (बाधा) मानते हैं; अगर यह 23,600 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,800 की ओर रिकवरी की संभावना बन सकती है। नीचे की तरफ, अगर यह 23,400 के नीचे जाता है, तो गिरावट 23,200 तक बढ़ सकती है।

बुधवार को लगातार दूसरे सेशन में विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 582 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेचीं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और 1,509 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। इससे उनकी खरीदारी का सिलसिला लगातार 22वें सेशन तक जारी रहा।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 90 अंक नीचे, क्रूड $102 के करीब, इन शेयरों पर करें आज फोकस 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : सभी इंडीकेटर्स दे रहे कमजोर संकेत, बाजार में उछाल पर बिकवाली की मिल रही सलाह

Trade setup for today : टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स में और कमजोरी आने के साथ ही 9 सितंबर को निफ्टी में 0.86 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और यह लगातार तीसरे सेशन में भी नीचे की ओर रुख किए रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी (जो $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं) और US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड का कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भी बाजार पर भारी पड़ा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार जानकारों का मानना ​​है कि निफ्टी की गिरावट 23,300 और फिर 23,070 के लेवल तक बढ़ सकती है, जो एक अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकता है। हालांकि,अगर निफ्टी में उछाल आता है तो 23,500–23,600 का जोन शॉर्ट टर्म में सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। ऐसे में बाजार में सेल-ऑन-राइज की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी (23,432)के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,532, 23,565 और 23,618

पिवट पॉइंट पर आधारित सपोर्ट : 23,425, 23,392 और 23,338

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद ऊपरी शैडो वाली एक रेड कैंडल बनी जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाती है। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए हैं,जबकि RSI गिरकर 26.44 पर आ गया है,जो ओवरसोल्ड जोन में है। MACD लाइन में गिरावट जारी रही और लगातार तीसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ा। ये इंडिकेटर आगे और कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (56,296) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,616, 56,721 और 56,892

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,274, 56,168 और 55,997

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी भी मंदी के दौर में आ गया है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया है और डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनी है जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ ‘शैडो’दिख रहा है। यह ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इसके शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे। RSI गिरकर 35.90 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन से नीचे और गिर गया और लगातार सातवें सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ता रहा। कुल मिलाकर, टेक्निकल संकेत बताते हैं कि इसमें नियर टर्म में कमजोरी बनी रहेगी।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स, India VIX, 6.81 प्रतिशत बढ़कर 11.92 पर पहुंच गया है। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया है और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के करीब पहुंच रहा है। इस उछाल से तेजड़ियों के लिए थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत मिल रहा है। इसके लगातार 12-13 के ऊपर बने रहने पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 सितंबर को गिरकर 0.75 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.83 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

IPO मार्केट की अंधी दौड़ पहुंचा सकती है नुकसान, IPO के लिए अप्लाई करते समय समझदारी से लें फैसला-वी के विजयकुमार

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

₹3.46 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex 813 प्वाइंट्स कमजोर, Nifty इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद

Share Market Crash: अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों पर हमला किया तो ईरान ने भी जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागी, जिसने दुनिया भर में खलबली मच दी। इसकी आंच में घरेलू मार्केट भी झुलस गया। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव पर सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23450 के नीचे आ गया और आज ये इंट्रा-डे के निचले स्तर पर बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव तगड़ा दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप आधे फीसदी कमजोर हुए।

सेक्टरवाइज मेटल शेयरों ने मार्केट को संभालने की कोशिश और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। हालांकि बाकी किसी सेक्टर ने इसका साथ नहीं दिया और आईटी सेक्टर ने भारी दबाव बनाया जिसका निफ्टी इंडेक्स 3% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% और निफ्टी पीएसयू बैंक आधे फीसदी कमजोर हुआ। बिकवाली के इस दबाव में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 9 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 813.35 प्वाइंट्स यानी 1.08% की गिरावट के साथ 74,764.23 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 203.60 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 23,431.50 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 813.35 प्वाइंट्स टूटकर 74,764.23 और निफ्टी 203.60 प्वाइंट्स गिरकर 23,431.5 तक आ गया और इसी पर यह बंद भी हुआ।

निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,64,321.47 करोड़ था। आज यानी 09 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,84,17,376.56 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,46,944.91 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 9 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 6 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील और ट्रेंट सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचसीएलटेक, इंफोसिस और टेक महिंद्रा में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार! 

इन चार वजहों से आज मार्केट में कोहराम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : सभी इंडीकेटर मंदी का रुझान मजबूत होने का दे रहे संकेत, 23300 की तरफ बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : निफ्टी में कल लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। 8 सितंबर को इसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यह जुलाई के निचले स्तर 23,606 के करीब पहुंच गया। टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर्स के साथ-साथ ऑसिलेटर्स भी संकेत दे रहे हैं कि बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ मजबूत हो रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि अगर निफ्टी मंगलवार के 23,635 के निचले स्तर को साफ़ तौर पर तोड़ देता है तो 23,300 के सपोर्ट लेवल तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ़,23,750-23,800 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकता है और उसके बाद 24,000 का स्तर अहम होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23635) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,620, 23,588 और 23,537

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,724, 23,756 और 23,808

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने लगातार दूसरे सेशन में एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जो बढ़ती कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे रहा,जो अब नीचे की ओर झुक रहे हैं। यह बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। RSI 30.88 पर 30 लेवल के करीब पहुंच गया, जबकि MACD और नीचे गिरा। साथ ही लाल हिस्टोग्राम बार में भी बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा,इंडेक्स निचले बोलिंगर बैंड के नीचे बंद हुआ। ये सभी संकेत मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) के मजबूत होने की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी (56,778) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,971, 57,047 और 57,171

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,724, 56,647 और 56,524

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,049, 57,367

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,493, 56,024

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में कल एक और सेशन में कमजोरी का दौर जारी रहा। यह 0.54 प्रतिशत गिरा और डेली टाइमफ्रेम पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। इंडेक्स ‘लोअर बोलिंगर बैंड’के नीचे बंद हुआ। इंट्राडे में यह अपने 200-डे EMA के नीचे चला गया था,हालांकि यह अहम मूविंग एवरेज के थोड़ा ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। यह 10-, 20-, 50- और 100-दिन के EMA के नीचे बना रहा,जबकि इसके शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे। RSI गिरकर 40.87 पर आ गया। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे अपने गिरावट के ट्रेंड को जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार छठे सेशन में बढ़ रहा है। ये टेक्निकल इंडिकेटर मंदी के बढ़ते ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं और संकेत दे रहे हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

इंडिया VIX

बाज़ार में उतार-चढ़ाव का पैमाना,इंडिया VIX, 11.16 पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इससे पता चलता है कि निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव कम रहेगा और निवेशकों की चिंता भी सीमित रहेगी।

Trading Ideas : बाजार की स्ट्रक्चर अभी भी उछाल पर बिकवाली का, ये दो शेयर कमजोर बाजार में भी करा सकते हैं अच्छी कमाई

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 सितंबर को बढ़कर 0.83 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.69 पर था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: मनप्पुरम फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹1.46 लाख करोड़ साफ, ICICI-Axis Bank के दबाव में Sensex आया 555 प्वाइंट्स नीचे, एक्सापयरी को 23635 पर बंद Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल में उबाल बढ़ाया तो इसकी आंच में स्टॉक मार्केट झुलस गया। इसकी आंच में सेंसेक्स 579 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23650 के नीचे आ गया था और दिन के आखिरी में ये आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए।। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रिकवरी दिखी। शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर की रिकवरी ने मार्केट को संभालने की कोशिश की लेकिन हैवीवेट प्राइवेट बैंकों की बिकवाली भारी पड़ गई। निफ्टी फार्मा में आज आधे फीसदी से अधिक बढ़त रही तो एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स भी ग्रीन बंद हुए। वहीं निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 8 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 555.23 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 144.05 प्वाइंट्स यानी 0.61% की फिसलन के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 579.46 प्वाइंट्स टूटकर 75,553.35 और निफ्टी 156.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,623.10 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.46 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 07 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,71,593.02 करोड़ था। आज यानी 08 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,86,24,696.85 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹146,896.17 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 9 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 9 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज बीईएल, अदाणी पोर्ट्स और एचयूएल सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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205 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4609 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2096 शेयर आज मजबूत हुए तो 2291 में गिरावट रही जबकि 222 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 205 शेयर एक साल के हाई और 110 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 10 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 41 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर हुए और कमजोर, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 23606 की ओर गिरने का डर

Trade setup for today : 7 सितंबर को निफ्टी 50 में 0.50 फीसदी की गिरावट आई,जिससे हफ़्ते की शुरुआत कमजोर रही। इंडेक्स के पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जाने के कारण मंदी का माहौल और मजबूत हुआ, जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे और मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हो गए। इसलिए, बाजार जानकारों का मानना ​​है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 50 के 23,606 (जुलाई के निचले स्तर) से नीचे जाने की काफी संभावना है और इसके बाद 23,500 का स्तर भी आ सकता है। ये दोनों ही अहम सपोर्ट लेवल हैं। ऊपर की तरफ,23,900–24,000 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23779) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,744, 23,708 और 23,650

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,860, 23,896 और 23,954

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो कमजोरी का संकेत है। 10, 20, 50 और 100 डे EMA नीचे की ओर झुके हुए थे,जबकि 10 और 20 डे के EMA, 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे। RSI गिरकर 34.72 पर आ गया,जबकि MACD और नीचे गिर गया और ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे रहा, साथ ही रेड हिस्टोग्राम बार भी बढ़ रहे थे। ये सभी संकेत बताते हैं कि अंडरलाइंग मोमेंटम कमजोर बना हुआ है और बेयरिश ट्रेंड मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी (57088) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,335, 57,435 और 57,597

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,011, 56,911 और 56,749

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,367, 57,684

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,870, 56,493

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई और अपने 50 डे EMA के नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही इंडेक्स अब अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 44.56 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा और लगातार पांचवें सेशन में लाल हिस्टोग्राम बार बढ़ते रहे। ये सभी बातें बताती हैं कि मंदी का रुझान मज़बूत हो रहा है और निकट भविष्य के लिए नजरिया कमजोर बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

कुछ दिनों की गिरावट के बाद फीयर इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ 4.49% बढ़कर 11.16 पर आ गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। असल में यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है,जो बताता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी काफी कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 7 सितंबर को गिरकर 0.69 पर आ गया (जो 1 जून, 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है),जबकि पिछले सेशन में यह 0.92 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया,एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस,सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Experts Views : बाजार के सेंटीमेंट में कमजोरी कायम, 23680 को नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।