Market cues : बाजार में घबराहट तो बढ़ी लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं, 23800 का सपोर्ट टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं,जिससे निफ्टी लगातार चौथे सेशन में दबाव में रहा। 23 जुलाई को इसमें 0.53% की गिरावट आई और यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी मंदी के रुझान के मजबूत होने का संकेत दे रहे हैं। हालिया कमजोरी ने इंडेक्स को अहम 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब पहुंचा दिया है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिरता है तो यह गिरावट 23,650-23,600 के जोन तक बढ़ सकती। अगर यह इस जोन से भी नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,500 के लेवल तक गिर सकता है,जो अगला अहम सपोर्ट लेवल बन सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,000-24,100 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रह सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,819, 23,776 और 23,706

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,959, 24,003 और 24,073

डेली चार्ट पर,निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जो’हाई वेव’कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बढ़ रहा है। इंडेक्स जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के करीब भी पहुंच गया। इस लेवल को आम तौर पर एक मजबूत सपोर्ट माना जाता है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI)गिरकर 45.36 पर आ गया,जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) जीरो लाइन के नीचे और गिर गया और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,844, 56,975 और 57,188

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,420, 56,289 और 56,077

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,253, 59,247

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी गैप-डाउन ओपनिंग के बाद 0.94 प्रतिशत गिर गया और दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक बेयरिश कैंडलस्टिक बनाई। यह ज्यादा उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज(EMA)से नीचे गिर गया। हालांकि इंट्राडे में यह 200-दिन के EMA से नीचे चला गया था,लेकिन यह उस लेवल से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। मोमेंटम इंडिकेटर भी और कमज़ोर हुए और RSI गिरकर 44.2 पर आ गया। MACD में भी गिरावट का रुख बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार और बढ़ गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम मज़बूत हो रहा है,हालांकि 200-दिन का EMA अभी भी एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग 3,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दो सेशन तक बिकवाली करने के बाद खरीदारी की और 2,947 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX कल ऊपर की ओर बढ़ा। यह 1.37 प्रतिशत बढ़कर 13.47 पर पहुंच गया,जो,तेजड़ियों के लिए परेशानी का संकेत है। हालांकि,जब तक यह 15 के स्तर से नीचे है,तब तक यह इंडेक्स चिंताजनक स्तर पर नहीं माना जाएगा। अगर यह लगातार 15 के ऊपर बना रहता है,तो बुल्स की बेचैनी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार में घबराहट तो बढ़ रही है,लेकिन अभी तक पैनिक की स्थिति नहीं बनी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जुलाई को पिछले सेशन के 0.84 से घटकर 0.80 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : अगर निफ्टी 24000 के नीचे बना रहता है तो 23800 तक बढ़ सकती है गिरावट, 24100 पर रेजिस्टेंस

Trade setup for today : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण 22 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतें $95 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इससे निफ्टी 50 पर बिकवाली का दबाव पड़ा और यह 0.8 प्रतिशत गिरकर 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से थोड़ा नीचे बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर बाजार में शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से भी नीचे आ गया है,जो बताता है कि बाजार में मंदड़िए मजबूत स्थिति में हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000 के लेवल से नीचे बना रहता है,तो 23,800 तक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस लेवल के टूटने पर मंदड़िए बाजार पर अपनी पकड़ और मजबूत कर सकते हैं। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,अगर बाजार में रिकवरी होती है तो 24,100-24,200 का दायरा एक रेजिस्टेंस का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,963, 23,915 और 23,836

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,120, 24,168 और 24,246

कुछ समय तक एक ही दायरे में रहने के बाद,निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक लंबी’बेयरिश कैंडल’बनाई और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज (100-दिन के EMA) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे आ गया। इससे पता चलता है कि बाजार में बिकवाली करने वालों का पलड़ा भारी हो गया है। RSI गिरकर 48.61 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD सिग्नल लाइन से और नीचे चला गया और हिस्टोग्राम में लाल बार और बड़ा हो गया,जो मंदी के रुझान(बेयरिश मोमेंटम)के मज़बूत होने का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,633, 57,835 और 58,161

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,981, 56,780 और 56,454

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742

बैंक निफ्टी में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह पिछले कई सेशन की कंसोलिडेशन रेंज से नीचे आ गया। डेली चार्ट पर इसने एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जो बढ़ते सेलिंग प्रेशर का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से काफी नीचे आ गया,हालांकि यह अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 48.1 पर आ गया और बेयरिश क्रॉसओवर का संकेत देता रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा और हिस्टोग्राम में लाल बार का आकार बढ़ता गया,जो शॉर्ट टर्म में कमजोरी का संकेत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

22 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹819 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार दूसरे सेशन में बिकवाली जारी रखी और ₹418 करोड़ के शेयर बेचे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने वाला इंडिया VIX 5.5% बढ़कर 13.29 पर पहुंच गया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया। यह तेजड़ियो के लिए बढ़ती परेशानी का संकेत है। अगर यह 15 के लेवल की ओर और बढ़ता है तो बुलिश खेमे पर दबाव और बढ़ सकता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 22 जुलाई को पिछले सेशन के 1.01 से गिरकर 0.84 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch : 23 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 23 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कुछ के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा एक कंपनी ने बड़ा जॉइंट वेंचर भी किया है। ऐसे में इन 13 शेयरों में गुरुवार को अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46.5% बढ़कर ₹1,002 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹725 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। बैंक की NII 1% बढ़कर ₹4,685 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.25% और नेट NPA 0.95% पर आ गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,340 करोड़ रह गया।

Dr Reddy’s

दवा बनाने वाली कंपनी Dr Reddy’s का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 69% घटकर ₹443.5 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 6% घटकर ₹8,070.5 करोड़ रही। EBITDA 55% गिरकर ₹1,009 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 26.7% से घटकर 12.5% रह गया। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहे।

United Spirits

शराब बनाने वाली कंपनी United Spirits का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 51.6% बढ़कर ₹391 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹316 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹2,703 करोड़ रहा, जो अनुमान से भी ज्यादा है।

HPCL

सरकारी तेल कंपनी HPCL को जून तिमाही में ₹11,526.4 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी का EBITDA ₹16,141 करोड़ के घाटे में पहुंच गया। हालांकि, रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ रहा। कंपनी ने घाटे के लिए कमजोर मार्केटिंग मार्जिन और पश्चिम एशिया संकट को जिम्मेदार बताया।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 8% बढ़कर ₹656.3 करोड़ हो गया। बैंक की NII 17% बढ़कर ₹2,808 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ ग्रॉस NPA 2.08% और नेट NPA 0.25% पर आ गया। वहीं, प्रावधान घटकर ₹234.6 करोड़ रह गए।

Shoppers Stop

रिटेल कंपनी Shoppers Stop की जून तिमाही में आय 11.2% बढ़कर ₹1,291.4 करोड़ रही। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹14.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹15.7 करोड़ था। EBITDA 9.2% बढ़कर ₹187.4 करोड़ हुआ। EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 14.5% रह गया।

Nippon Life AMC

एसेट मैनेजमेंट कंपनी Nippon Life AMC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.2% बढ़कर ₹504 करोड़ रहा। कंपनी की आय 26.4% बढ़कर ₹767 करोड़ हो गई। बेहतर एसेट मैनेजमेंट कारोबार की बदौलत कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी Sona BLW ने DENSO के साथ भारत में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पावरट्रेन सिस्टम के लिए दो जॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। चार पहिया वाहन JV में DENSO की 51% हिस्सेदारी होगी। दो और तीन पहिया EV JV में Sona BLW की 51% हिस्सेदारी रहेगी। DENSO इसके लिए ₹1,750 करोड़ का निवेश करेगी।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनी HEG का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 16.7% बढ़कर ₹122.3 करोड़ रहा। कंपनी की आय 11.1% बढ़कर ₹680.8 करोड़ और EBITDA 42.5% बढ़कर ₹150.6 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 17.3% से बढ़कर 22.1% पर पहुंच गया।

Schaeffler India

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Schaeffler India का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 13.4% बढ़कर ₹325.7 करोड़ रहा। कंपनी की आय 17.3% बढ़कर ₹2,761 करोड़ हो गई। EBITDA 16% बढ़कर ₹499 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA मार्जिन 18.1% पर मामूली नरम पड़ा।

Gandhar Oil

स्पेशलिटी ऑयल बनाने वाली कंपनी Gandhar Oil का जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन रहा। कंपनी का मुनाफा ₹44.13 करोड़ से बढ़कर ₹179 करोड़ पहुंच गया। आय 71.2%, EBITDA ₹249.2 करोड़ और मार्जिन 15.7% पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है।

IIFL Finance

एनबीएफसी कंपनी IIFL Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ रहा। कंपनी की NII 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ हो गई। वहीं, प्रावधान ₹512 करोड़ से घटकर ₹294.2 करोड़ रह गए, जिससे कंपनी के नतीजों में मजबूत सुधार देखने को मिला।

NACL Industries

एग्रोकेमिकल कंपनी NACL Industries का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 59.8% बढ़कर ₹20.84 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹13.04 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने बेहतर परिचालन के दम पर मजबूत नतीजे पेश किए। यह कंपनी हाल ही में मुरुगप्पा ग्रुप का हिस्सा बनी है।

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

जून तिमाही के नतीजों का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा। 3i Infotech, Banaras Beads, Capital Small Finance Bank, Chennai Petroleum Corporation (CPCL), Cipla, Coromandel International, Indiabulls और Indian Energy Exchange (IEX) अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। निवेशकों की नजर इन शेयरों पर रहेगी।

HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹11526 करोड़ का घाटा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हाहाकार, ₹4 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex तीसरे दिन लाल, Nifty टूटकर 24000 के नीचे बंद

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबाल आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन फिसले। इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24,000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज काफी दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में तो थोड़ी अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से थोड़ी अधिक गिरावट आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 1% से अधिक टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज आज ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की लेकिन बाकी अहम सेक्टर्स के दबाव में घबराहट गायब नहीं हो पाई। निफ्टी एफएमसीजी आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ तो निफ्टी ऑटो भी बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक, निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 2%, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक, निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी, और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक कमजोर हुआ। बिकवाली के इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत ₹4 लाख करोड़ से अधिक कम हो गई।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के एक दिन पहले आज सेंसेक्स (Sensex) 715.06 प्वाइंट्स यानी 0.92% की कमजोरी के साथ 76,755.05 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 191.45 प्वाइंट्स यानी 0.79% की गिरावट के साथ 23,996.25 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 828.92 प्वाइंट्स टूटकर 76,641.19 और निफ्टी 226.30 प्वाइंट्स गिरकर 23,961.40 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹4.16 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 21 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,84,21,297.62 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,04,542.03 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹416,755.59 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 12 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज सिर्फ 12 ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की एटर्नल, एचयूएल और पावरग्रिड में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज इंडिगो, एक्सिस बैंक और इंफोसिस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 145

114 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4418 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1473 शेयर आज मजबूत हुए तो 2762 में गिरावट रही जबकि 183 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 114 शेयर एक साल के हाई और 100 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: खास वजहों से IT-Pharma Sector में बिकवाली की आंधी, 500 प्वाइंट्स टूट गया Sensex

Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। फार्मा सेक्टर में जेनेरिक्स दवाईयों पर अमेरिकी टैरिफ और एआई से जुड़े शेयरों में तेजी के चलते भारतीय आईटी स्टॉक्स पर दबाव में सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24000 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी तक की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:34 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 564.77 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 76,905.34 और निफ्टी (Nifty) 158.00 प्वाइंट्स यानी 0.65% की फिसलन के साथ 24,029.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 581.61 प्वाइंट्स टूटकर 76,888.50 और निफ्टी 168.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,019.40 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

US-Iran War

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसने मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर किया है।

आईटी-फार्मा सेक्टर में तेज बिकवाली

मार्केट पर आज सबसे अधिक दबाव फार्मा सेक्टर ने बनाया है। ट्रंप ने अपनी पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयों को भी शामिल किया तो इस सेक्टर की कंपनियों को झटका लगा और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक फिसल गया। इसके अलावा एआई से जुड़े स्टॉक्स में तेजी के चलते भारतीय मार्केट में आईटी कंपनियों पर दबाव पड़ा और निफ्टी आईटी 1% से अधिक टूट गया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में भी बिकवाली का तेज दबाव है और सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 3.25% की गिरावट के साथ 13.01 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

US-Iran War: अब आर-पार के मूड में ट्रंप! अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर पर की बमबारी, होर्मुज में बढ़ा तनाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: घाटे से मुनाफे में लौटी स्टेनलेस स्टील कंपनी, शेयरों पर रहेगी नजर

Welspun Specialty Q1 Results: Welspun Group की कंपनी Welspun Specialty Solutions ने जून तिमाही में घाटे से मुनाफे में वापसी की है। यह स्पेशल स्टेनलेस स्टील और अलॉय स्टील बनाने वाली कंपनी है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले थोड़ा घटा, लेकिन ऑपरेटिंग प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला।

घाटे से मुनाफे में वापसी

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने ₹5.16 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹0.75 करोड़ का घाटा हुआ था।

कंपनी ने बताया कि पिछले साल की पहली तिमाही में ₹5.78 करोड़ का एकमुश्त फाइनेंस कॉस्ट भी शामिल था। यह खर्च प्रेफरेंस शेयरों के रिडेम्प्शन की वजह से आया था।

रेवेन्यू घटा, लेकिन कमाई सुधरी

जून तिमाही में Welspun Specialty का रेवेन्यू 3.8% घटकर ₹194 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹201 करोड़ था।

हालांकि, ऑपरेटिंग प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹10.54 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹4.38 करोड़ था।

मार्जिन में बड़ा सुधार

बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन की वजह से EBITDA मार्जिन 2.2% से बढ़कर 5.4% हो गया। यानी बिक्री थोड़ी कम रही, लेकिन कंपनी की कमाई की क्षमता में अच्छा सुधार देखने को मिला।

किन सेक्टरों को सप्लाई करती है कंपनी?

Welspun Specialty Solutions गुजरात के झगड़िया में स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट पावर, एनर्जी, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस, ऑयल एंड गैस, स्पेस और न्यूक्लियर पावर जैसे अहम सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं।

शेयर का हाल

Welspun Specialty Solutions का शेयर मंगलवार को 3.02% बढ़कर ₹54.50 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 47.10% का रिटर्न दिया है।

कंपनी का बिजनेस क्या है

Welspun Specialty Solutions, Welspun Group की मेटल कंपनी है। यह स्पेशल स्टेनलेस स्टील और अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट पावर, ऑयल एंड गैस, पेट्रोकेमिकल, डिफेंस, न्यूक्लियर एनर्जी, स्पेस और हेवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bandhan Bank Q1 Results: 35% बढ़ा मुनाफा, NPA घटा; लोन-डिपॉजिट में दिखी दमदार ग्रोथ

Bandhan Bank Q1 Results: प्राइवेट सेक्टर के Bandhan Bank ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। बैंक का मुनाफा और लोन बुक दोनों बढ़े हैं। साथ ही फंसे कर्ज (NPA) में भी सुधार देखने को मिला।

मुनाफा 35% बढ़ा

अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 34.8% बढ़कर ₹501.6 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹372 करोड़ था।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 6% बढ़कर ₹2,921 करोड़ रही। एक साल पहले यह ₹2,757 करोड़ थी। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 6.2% पर स्थिर रहा।

NPA में सुधार

जून तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी बेहतर हुई। ग्रॉस NPA घटकर 3.15% रह गया, जो पिछली तिमाही में 3.27% था। वहीं, नेट NPA भी 0.97% से घटकर 0.93% पर आ गया। तिमाही के दौरान बैंक ने ₹682.5 करोड़ का प्रावधान किया।

लोन और डिपॉजिट दोनों बढ़े

30 जून 2026 तक बैंक का ग्रॉस एडवांस 16% बढ़कर ₹1.56 लाख करोड़ हो गया। सिक्योर्ड लोन में 27% की बढ़ोतरी हुई और अब यह कुल लोन बुक का करीब 57% हिस्सा है।

बैंक के कुल डिपॉजिट 7% बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ पहुंच गए। रिटेल डिपॉजिट में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि CASA अनुपात 29% से ऊपर बना रहा।

क्या बोले CEO?

बैंक के एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे बैंक के मजबूत कारोबार और ग्राहकों के भरोसे को दिखाते हैं। उनका कहना है कि बैंक डिजिटल सेवाओं, नए प्रोडक्ट और वितरण नेटवर्क के विस्तार पर फोकस करते हुए आगे भी संतुलित और टिकाऊ ग्रोथ जारी रखेगा।

बंधन बैंक का शेयर मंगलवार को नतीजों से पहले 1.30% गिरकर ₹208.60 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 50.38% का रिटर्न दिया है।

Bajaj Auto Q1 results: मुनाफा 46% बढ़कर ₹3,226 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में भी दिखा 65% का उछाल, अब क्या करें निवेशक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 124% बढ़ा, शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड

Adani Energy Q1 Results: अदाणी ग्रुप की Adani Energy Solutions ने जून तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। मजबूत कमाई के बाद मंगलवार को कंपनी का शेयर करीब 3% चढ़कर ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

मुनाफा 124% उछला

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 124% बढ़कर ₹1,149 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹513 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹29 करोड़ की रेगुलेटरी डिफरल इनकम दर्ज की। पिछले साल इसी अवधि में इसी मद में ₹504 करोड़ का खर्च दर्ज हुआ था। इससे भी मुनाफे को अच्छा सहारा मिला।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 42.4% बढ़कर ₹9,711 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,819 करोड़ था।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

तिमाही के दौरान EBITDA 30% बढ़कर ₹3,008 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹2,314.5 करोड़ था। हालांकि EBITDA मार्जिन 33.9% से घटकर 31% रह गया।

इन कारोबारों ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के ट्रांसमिशन बिजनेस का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर ₹3,335.3 करोड़ हो गया। डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का रेवेन्यू भी 5% बढ़कर ₹3,520.4 करोड़ रहा।

सबसे तेज बढ़त स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में देखने को मिली। इसका रेवेन्यू 200% से ज्यादा बढ़कर ₹346.9 करोड़ पहुंच गया। वहीं, एनर्जी सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म का रेवेन्यू 9 गुना से ज्यादा बढ़कर ₹1,906.8 करोड़ हो गया। यह इस तिमाही की सबसे बड़ी खासियत रही।

शेयर में आई तेजी

मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा दिखाया। शेयर कारोबार के दौरान ₹1,781.2 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली हुई। यह 0.44% बढ़कर 1,737 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर 13% चढ़ चुका है, जबकि साल 2026 में अब तक इसमें 67% की तेजी आ चुकी है।

TVS Motor Q1 Results: ऑटो कंपनी को ₹1174 करोड़ का मुनाफा, रॉकेट बना स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty Indicator: “बुल्स या बीयर” आज किस ओर रुख करेगा बाजार, जानें सेंसेक्स-निफ्टी के लिए गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, लगातार विदेशी इंस्टीट्यूशनल सेलिंग और ग्लोबल ऑयल मार्केट में मामूली गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे है। यहीं कारण है कि निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को नीचे खुल सकते हैं। GIFT Nifty गैप-डाउन शुरुआत का संकेत दे रहा है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8:20 बजे 24,181 पर ट्रेड कर रहा था, जो 112 पॉइंट या 0.46 फीसदी नीचे था, जिससे पता चलता है कि Nifty 50 सोमवार के 24,238.50 के क्लोजिंग से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत तब मिला जब सोमवार को भारतीय इक्विटीज नीचे बंद हुए, जो जून-तिमाही की कमाई और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बाद प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में भारी बिकवाली की वजह से नीचे आ गए। सेंसेक्स 442.93 पॉइंट्स या 0.57 परसेंट गिरकर 77,708.52 पर आ गया, जबकि निफ्टी 95.80 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट गिरकर 24,238.50 पर आ गया।

एशिया बाजारों में तेजी

मंगलवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त हुई क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों की उम्मीदों से तेल की कीमतें एक महीने के ऊंचे लेवल से नीचे आ गईं, हालांकि इन्वेस्टर्स जियोपॉलिटिकल रिस्क और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की लीडरशिप में कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बिज़ी हफ़्ते पर फोकस करते रहे।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स लगातार तीन सेशन की गिरावट के बाद 0.25 परसेंट बढ़ा। जापान का निक्केई 1 परसेंट से ज़्यादा बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI लगभग 3 परसेंट चढ़ा। US स्टॉक फ्यूचर्स बढ़े, हालांकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने कमजोर शुरुआत का इशारा किया।

यमन के ईरान-समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर नेवल ब्लॉकेड की धमकी के बाद भी मार्केट वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए हैं, जबकि रिपोर्ट्स में बताया गया है कि US और ईरान के बीच नाजुक सीज़फ़ायर को फिर से शुरू करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें चल रही हैं।

क्रूड में दबाव

ब्रेंट क्रूड मंगलवार को फिसल गया, जबकि पिछले सेशन में यह $91.42 पर पहुंच गया था, जो जून के बीच के बाद इसका सबसे ऊंचा लेवल है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4 परसेंट गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड थोड़ा बदलकर $82.47 प्रति बैरल पर आ गया। हालाँकि तेल की कीमतें हाल के हाई से कम हुई हैं, लेकिन जियोपॉलिटिकल टेंशन एनर्जी मार्केट को किनारे पर रखे हुए हैं और भारत जैसी इन्फ्लेशन-सेंसिटिव इकॉनमी के लिए एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।

US स्टॉक्स सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि इन्वेस्टर्स बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे और मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट्स पर नज़र रख रहे थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 परसेंट गिरा, S&P 500 0.19 परसेंट गिरा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.05 परसेंट फिसला।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, FII की लगातार बिकवाली और रुपये में लगातार कमजोरी के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जून-तिमाही के कमाई के मौसम में स्टॉक से जुड़े एक्शन की संभावना है, जबकि जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर ज़्यादा क्लैरिटी आने तक बड़े मार्केट का सेंटिमेंट ग्लोबल डेवलपमेंट, एनर्जी की कीमतों और कैपिटल फ्लो के प्रति सेंसिटिव रहेगा।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में सावधानी से कंस्ट्रक्टिव झुकाव बना हुआ है, जिसमें 24,300-24,400 तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। इस बैंड से ऊपर लगातार मूव 24,500-24,600 की ओर रास्ता बना सकता है। उन्होंने कहा कि नीचे की तरफ, 24,100 मुख्य सपोर्ट है, और इससे नीचे जाने पर 24,000 के लेवल पर नई बिकवाली शुरू हो सकती है।

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