Investment Mantra : एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड दे रहा एनर्जी कंपनियों में निवेश का सीधा मौका, जानिए क्या है खासियत

Investment Mantra : एनर्जी और सोना-चांदी दोनों इस वक्त बाजार के फोकस में हैं। एक तरफ जहां क्रूड में तेज उतार-चढ़ाव से एनर्जी सेक्टर सीधे रडार पर है और सोने-चांदी करेक्शन के बाद बुलियन सभी को लुभा रहा है। लेकिन क्या अभी एनर्जी और सोने-चांदी में निवेश का मौका है? यहां हम आपकी यही मुश्किल दूर करने की कोशिश करेंगे। लेकिन पहले हम आपको बता दें कि बाजार में इन दिनों Axis Nifty Energy Index Fund का NFO खुला हुआ है। क्या इसमें निवेश करके एनर्जी सेक्टर में एक्सपोजर बनाना चाहिए? इन्हीं सब बातों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं मनीफ्रंट (Moneyfront) के CEO और को-फाउंडर मोहित गर्ग।

आइए पहले जान लेते हैं निफ्टी एनर्जी इंडेक्स के बारे में

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में एक्सपोजर की बात करें तो इसमें ऑयल एंड गैस, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी इक्विपमेंट और एनर्जी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स की खासियत यह है कि इसमें 500 में से अधिकतम 40 शेयरों पर फोकस है। किसी भी एक शेयर का वेटेज 10% से ज्यादा नहीं है। वहीं, किसी एक सेक्टर का वेटेज 25% से ज्यादा नहीं है। साल में दो बार मार्च और सितंबर में रीकंस्ट्रक्शन होता है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स:टॉप 10 होल्डिंग्स

इसकी कोल इंडिया में 10%, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 9.9%, ONGC में 9.5%, NTPC में 5.9%, GAIL में 4.9%, पावर ग्रिड में 4.6%, सुजलॉन एनर्जी में 4.2%, CG पावर में 3.9%, GE वर्नोवा में 3.6% और BHEL में 3.6% होल्डिंग है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: इन सेक्टर्स में निवेश

हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.5%, रिफाइनिंग में 15%, ऑयल एक्सप्लोरेशन में 11.8%, पावर जेनरेशन में 11.8% और कोल में 10% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी इंडेक्स: निवेश कटेगरी

इसका लार्जकैप 72%, मिडकैप में 23% और स्मॉलकैप में 6% निवेश है।

निफ्टी एनर्जी में रिटर्न जोरदार

निफ्टी एनर्जी ने 1 साल में 10.1% रिटर्न दिया है। जबकि, निफ्टी ने इसी अवधि में 1.7 फीसदी रिटर्न दिया है। इसने तीन साल में 18.8% रिटर्न दिया है। इसी अवधि में निफ्टी ने 12.9 फीसदी रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 16.7% और निफ्टी ने 12.4% रिटर्न दिया है। 5 साल में इसने 18.7% और निफ्टी ने 13.9% रिटर्न दिया है। 25 साल में इसने 17.8% और निफ्टी ने 16.5% रिटर्न दिया है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड को जाने

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड एक इक्विटी इंडेक्स फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी एनर्जी TRI है। इसका NFO खुला 7 अगस्त को खुला है जो 21 अगस्त को बंद होगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपए का निवेश किया जा सकता है। इसका NFO NAV 10 रुपए है। इसमें रिस्क काफी हाई है। इस फंड मैनेजर्स नंदिक मलिक और रोहित गौतम हैं। एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड का एक्जिट लोड 15 दिन के भीतर 0.25% और 15 दिन के बाद निल है।

एक्सिस निफ्टी एनर्जी इंडेक्स फंड: एनर्जी में बड़ा मौका

अगले दशक में भारत में 580+ GW पावर जेनरेशन का अनुमान है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अगले दशक में ट्रांसमिशन,स्टोरेज,नेचुरल गैस इंफ्रा में निवेश बढ़ेगा। अगले दशक में ग्रिड मॉडर्नाइजेशन में भी निवेश बढ़ेगा।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

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सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 4 का मार्केट कैप ₹1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 4 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सबसे अधिक फायदा हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स 404.53 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी 187.05 अंक या 0.76 प्रतिशत के लाभ में रहा। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।

वहीं भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में कुल मिलाकर 1.23 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सप्ताह के दौरान भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 63,922.03 करोड़ रुपये बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये और लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपये हो गया।

बाकी 6 कंपनियों को कितना नुकसान

इस रुख के उलट LIC के मार्केट कैप में 40,543.23 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 37,168.96 करोड़ रुपये घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये, ICICI Bank का 9,507.67 करोड़ रुपये घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपये, भारती एयरटेल का 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 4,793.16 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 4,88,808.97 करोड़ रुपये पर आ गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market outlook :मंगलवार, 4 अगस्त के उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 24,650 से नीचे गिरकर बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर और निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। लगभग 2030 शेयर बढ़े,2037 शेयर गिरे और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट ग्रासिम इंडस्ट्रीज,HDFC लाइफ,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज ऑटो और रिलायंस इंडस्ट्रीज में हुई। जबकि बढ़त वाले शेयरों में हिंडाल्को,ट्रेंट,अपोलो हॉस्पिटल्स,जियो फाइनेंशियल और इटरनल शामिल रहे।

मेटल और मीडिया को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,ऑयल एंड गैस,रियल्टी,इंफ्रा,प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और FMCG इंडेक्स 0.5-2 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत गिरा,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत बढ़ा।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट में रिसर्च हेड संतोष मीणा का कहना है कि नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के पहले दिन,निफ्टी आखिरी मिनटों में लगभग 200 अंक उछल गया। बड़े इंस्टीट्यूशनल बॉय ऑर्डर्स थिन ऑक्शन विंडो के दौरान ज्यादा लिक्विड NSE पर फोकस करते हुए नजर आए जिससे कई हैवीवेट कंपनियों को बड़ा फायदा हुआ। BSE पर इंस्टीट्यूशनल कैश-मार्केट एक्टिविटी बहुत कम होने के बावजूद,सेंसेक्स अपने 3:15 बजे के लेवल के बहुत करीब रहा। जिससे यह अंतर पैदा हुआ। यह नए सिस्टम के तहत पूरी तरह से डिमांड-सप्लाई का असंतुलन था, न की कोई टेक्निकल गड़बड़ी।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड,विनोद नायर का कहना है कि मंगलवार की वीकली एक्सपायरी और F&O क्लोजिंग प्राइस तय करने के नए सिस्टम के लागू होने से मार्केट ट्रेंड्स में गड़बड़ी आई है। निफ्टी स्टॉक्स और इंडेक्स की दोपहर 3:30 बजे और 3:40 बजे की क्लोजिंग प्राइस के बीच बड़ा अंतर,साथ ही सेंसेक्स से इनका अंतर,यह बताता है कि नया सिस्टम जैसा सोचा गया था वैसा काम नहीं कर रहा है,जिससे प्राइस में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। इससे 15 मिनट के ब्लाइंड डेरिवेटिव्स विंडो क्लोजिंग सेशन से पहले,खासकर रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच,पोजीशन्स का फोर्स्ड स्क्वेयर-ऑफ शुरू हो गया है।

ये नए सिस्टम की शुरुआती दिक्कतें लग रही हैं और एक्सचेंज और मार्केट रेगुलेटर को इन कमियों को दूर करने की जरूरत है। अभी,इसका असर स्टॉक्स और मेन इंडेक्स में ट्रेडिंग के F&O सेगमेंट तक ही सीमित है। खास बात यह है कि ये फंडामेंटल स्ट्रक्चरल परेशानियां नहीं हैं और इन पर कंट्रोल कर लेने की उम्मीद है।

आर्थिक और फाइनेंशियल आउटलुक मजबूत बना हुआ है और इससे लंबे समय के निवेशकों की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। उम्मीद है कि जैसे ही एक्सचेंज अपने नॉर्मल ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर पर लौटेंगे,मौजूदा उतार-चढ़ाव थम जाएगा।

मार्केट का फोकस होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की घटनाओं पर बना हुआ है। इस इलाके में शांति लौटने और स्टेबिलिटी आने से क्रूड ऑयल की कीमतों को कम करने और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी लाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा ग्लोबल अनिश्चितताओं और महंगाई की चिंताओं के बीच RBI की पॉलिसी मीटिंग पर सबकी नजरें लगी हुई हैं। इन्वेस्टर्स इन चुनौतियों से निपटने के लिए RBI से पॉलिसी उपायों की उम्मीद कर रहे हैं,साथ ही बैंकिंग सिस्टम के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट की भी उम्मीद है। इससे मार्केट का भरोसा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे मार्केट की दिशा काफी हद तक RBI की पॉलिसी कमेंट्री और तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे,24750-24780 जोन निफ्टी के लिए एक बड़ी रुकावट बना रहेगा। 24780 से ऊपर का ब्रेकआउट इसके लिए 24900 की ओर और ऊपर जाने का रास्ता बना सकता है,जिसके बाद 25050 का लेवल भी देखने को मिल सकता है। नीचे की तरफ, निफ्टी के लिए 24460-24430 जोन से तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज गैप-डाउन के साथ खुला और पूरे ट्रेडिंग सेशन में दबाव में रहा। इसमें धीरे-धीरे गिरावट आई। हालांकि,CAS सेटलमेंट प्राइस में तेज रिकवरी (जो 3:15 PM क्लोजिंग लेवल से 400 अंक से ज्यादा ऊपर थी। ने नुकसान को काफी कम करने में मदद की। इंडेक्स आखिरकार 0.58% नीचे 57907 पर सेटल हुआ। डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक छोटी कैंडल बनाई,जिसकी निचली शैडो लंबी थी। यह निचले लेवल पर खरीदारी बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से,इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी साइडवेज़ रुझान का संकेत दे रहे हैं,जो शॉर्ट टर्म में मजबूत डायरेक्शनल मूव की कमी का संकेत देते हैं।

आगे 58200-58300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम करेगा। 58300 से ऊपर मूव करने पर 58800 की तरफ एक नया अपस्विंग हो सकता है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में 59200 का टारगेट भी देखने को मिल सकता है।

वहीं, नीचे की तरफ,57400-57300 का जोन एक अहम सपोर्ट बैंड के तौर पर काम करेगा। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट से ऊपर रहता है,तब तक बड़ा पॉजिटिव स्ट्रक्चर बना रहने की उम्मीद है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, Bajaj Finance को सबसे ज्यादा फायदा

सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह कुल मिलाकर ₹2,51,228.75 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। इस बीच बजाज फाइनेंस लिमिटेड को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में वृद्धि हुई। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर की बाजार हैसियत घट गई।

बीते सप्ताह बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप ₹80,345.97 करोड़ बढ़कर ₹7,10,817.51 करोड़ हो गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप ₹44,959.50 करोड़ बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप ₹40,414.03 करोड़ बढ़कर ₹8,55,894.78 करोड़, रिलायंस इंडस्ट्रीज का ₹39,447.35 करोड़ बढ़कर 17,69,108.79 करोड़, लार्सन एंड टुब्रो का ₹21,096.80 करोड़ बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप ₹10,845.97 करोड़ बढ़कर ₹9,47,799.81 करोड़ हो गया।

HDFC Bank के मार्केट कैप में ₹8,164.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹11,52,150.63 करोड़ हो गया। LIC का मार्केट कैप ₹4,427.49 करोड़ बढ़कर ₹5,37,435.05 करोड़ और ICICI Bank का ₹1,660.37 करोड़ बढ़कर ₹10,29,878.30 करोड़ हो गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना नुकसान

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का मार्केट कैप ₹10,326.46 करोड़ घटकर ₹4,93,602.13 करोड़ पर आ गया। मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 10 कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर कायम रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 5 अगस्त को NSE और BSE पर Manipal Health Enterprises के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 6 अगस्त को NSE और BSE पर Juniper Green Energy, MV Electrosystems की लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए इक्विटी इंडेक्स, जानिए 22 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 21 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के नीचे रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ। लगभग 2087 शेयरों में बढ़त हुई,1942 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक,TCS,रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,HCL टेक्नोलॉजीज,आयशर मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,IT,ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में 0.3-0.8% की गिरावट आई। जबकि ऑटो,मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.6-1% की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद,मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित बिजनेस अपडेट्स के कारण मिडकैप्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि लार्ज-कैप्स की तुलना में इस सेगमेंट का महंगा वैल्यूएशन सावधानी बरतने का संकेत देता है,लेकिन उम्मीद है कि इनकी बिजनेस की स्थिति कम से कम वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अच्छी बनी रहेगी।

हालांकि,इस तेजी को बनाए रखने के लिए इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी का थमना जरूरी है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में बढ़ोतरी सुस्त पड़ सकती है।

फिलहाल,ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार हो रहा जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच कम होते निवेश के कारण लार्ज-कैप्स के कमजोर प्रदर्शन को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 127 अंकों की सीमित रेंज में ही घूमता रहा। यह 10 जुलाई,2026 के बाद से इसकी सबसे छोटी डेली ट्रेडिंग रेंज रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।

आगे निफ्टी के लिए 24270-24300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। अगर यह लगातार इस रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में मौजूदा पुलबैक 24450 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24100-24050 के जोन में स्थित 20-डे EMA एरिया तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार के एक दायरे में रहने और कुछ खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की संभावना है। पहली तिमाही के नतीजे और मिडिल ईस्ट में हो रही गतिविधियां बाजार के सेंटीमेंट पर असर दिखाएंगी। जबकि कच्चे तेल की कीमतें एक अहम उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बनी रहेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव,ब्रेंट क्रूड में तेजी,रुपए की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार के एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि,पहली तिमाही के नतीजों के चलते कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,लेकिन निवेशकों का मूड वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की चाल से प्रभावित होता रहेगा।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार का कहना है कि जुलाई में अब तक निफ्टी 24,530–23,800 के सीमित दायरे में ही घूमता रहा है। इस रेंज के अंदर,इंडेक्स अपने 50 डे EMA (24,000) और 200 डे EMA (24,430) के बीच बना हुआ है।

उनका मानना ​​है कि अगर यह 24,430 के ऊपर जाता है,तो यह जुलाई की कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी छोर (24,530–24,600 जोन) तक पहुंच सकता है। वहीं,अगर यह 24,000 से नीचे गिरता है,तो यह वापस 23,800 के लेवल पर आ सकता है। 23,800–24,600 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त के लिए एक मजबूत ब्रेक की जरूरत है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे इंडेक्स 57,300–58,500 की बड़ी कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,आगे और खरीदारी न होने से शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 57,500–57,300 जोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 58,500 के आसपास दिख रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास फ्लैट बना हुआ है,जो मोमेंटम में कमजोरी दिखाता है। जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, ट्रेडर्स को सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफिट बुक करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

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Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी, तीन लिस्टिंग, इंट्रा-डे में Indigo-Bajaj Healthcare समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 117 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 24,166 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 20 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

बजाज ऑटो, बंधन बैंक, जेएसडब्ल्यू इंफ्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, आवास फाइनेंशियर्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, एंथम बायोसाइंसेज, अदाणी टोटल गैस, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, क्रिसिल, इंडियन होटल्स कंपनी, मास्टेक, मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज, ट्राइडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी और वेल्सपन स्पेशलिटी सॉल्यूशंस आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

इन कंपनियों के तिमाही नतीजे पेश

Bajaj Healthcare Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बजाज हेल्थकेयर का प्रॉफिट 14.1% बढ़कर ₹13.9 करोड़ और रेवेन्यू 11.3% उछलकर ₹165.6 करोड़ पर पहुंच गया।

SML Mahindra Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर एसएमएल महिंद्रा का प्रॉफिट 5% गिरकर ₹63.6 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 13.2% उछलकर ₹957.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Sobha Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर सोभा का प्रॉफिट करीब 4 गुना बढ़कर ₹13.6 करोड़ से ₹50.8 करोड़ और रेवेन्यू 50% उछलकर ₹1,278.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Canara HSBC Life Insurance Company Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट 20.2% बढ़कर ₹28.1 करोड़, नेट प्रीमियम इनकम 23.8% उछलकर ₹2,407.5 करोड़ और नेट कमीशन 21.8% चढ़कर ₹117.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Rallis India Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर रैलिस इंडिया का प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ और रेवेन्यू 6.8% उछलकर ₹1,022 करोड़ पर पहुंच गया।

Bluestone Jewellery and Lifestyle Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ब्लूस्टोन ज्वैलरी ₹34.5 करोड़ के घाटे से ₹6.96 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो इस दौरान रेवेन्यू भी 49.6% उछलकर ₹736.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Wanbury

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13 जुलाई से 17 जुलाई, 2026 तक वानबरी की आंध्र प्रदेश में स्थित फैसिलिटी में cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) की नियमित जांच की और इस जांच के बाद छह ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Redington

रेडिंगटन ने रियल-टाइम ऑडियंस एंगेजमेंट सॉल्यूशंस में ग्लोबल लीडर रिजल्टिक्स के साथ पांच साल के लिए एक स्ट्रैटेजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंडिगो ने एयरबस ए320 नियो फैमिली के 510 जहाजों के लिए 1 हजार से अधिक लीप-1ए इंजन्स के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एमओयू किया है। लीप इंजन्स के लिए यह अब तक सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर होगा और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक रिकॉर्ड होगा। इसमें इंजन MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) को लेकर भी लॉन्ग-टर्म मैटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत बात बनी है।

बल्क डील्स

Sparc Electrex

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने स्पार्क इलेक्ट्रेक्स में 0.33% हिस्सेदारी वाले 66,001 इक्विटी शेयर ₹3.04 लाख में प्रति शेयर ₹4.61 के भाव पर बेचे हैं।

Accent Microcell

प्रमोटर घनश्याम अर्जनभाई पटेल ने एक्सेंट माइक्रोसेल के 3.9 लाख शेयर (1.62% हिस्सेदारी) ₹20.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹521.01 के भाव पर बेचे हैं।

Gandhar Oil Refinery India

नियोमाइल ग्रोथ फंड-सीरीज I ने गांधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 8.64 लाख शेयर (0.88% हिस्सेदारी) ₹19.4 करोड़ में प्रति शेयर ₹224.8 के भाव पर खरीदे हैं।

Horizon Reclaim

फिनएवेन्यू ग्रोथ फंड ने होरिजोन रिक्लेम (इंडिया) के 1.93 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) ₹2.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹155 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

आज एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज एंजेल वन, चोलमंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी, इंडो बोराक्स एंड केमिकल्स, जारो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, केसॉल्व्स इंडिया, लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, पंजाब एंड सिंध बैंक, और रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स और होरीजोन रीक्लेम के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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