आकाश अंबानी ने रखा Jio का AI रोडमैप : कॉल, कारोबार और खेती तक पहुंचेगा एआई

Akash Ambani outlines Jio's AI roadmap

– जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू औरजियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं 

– भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा जियो, 22 भारतीय भाषाओं में सेवाओं की तैयारी

– रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है

जियो (Jio) की अगली बड़ी छलांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि भारत को बाहर बने एआई (AI) का केवल उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिए। भारत को एआई का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्लेटफॉर्म और सेवाओं का लाभकारी बिजनेस तैयार करना है।

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जियो के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की सेवाओं और एआई उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इसकी पहली 120 मेगावाट क्षमता 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है। पूरी तरह चालू होने पर यह क्षमता दो लाख से अधिक एच100-इक्विवेलेंट जीपीयू तक बढ़ सकती है।

 

आकाश अंबानी ने कहा, “दुनिया के एआई प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा है। भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।”

 

रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआई सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। इनमें जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू और जियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों, छात्रों, दुकानदारों, परिवारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की उपयोगिता पहुंचाना है।

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जियो अपने नेटवर्क में भी एआई को सीधे जोड़ रहा है। कंपनी जियो कॉल एजेंट पर काम कर रही है। इसके जरिए हर जियो कॉल में, ग्राहक की अनुमति से, एआई एजेंट जुड़ सकेगा। यह कॉल को ट्रांसक्राइब कर सकेगा, उसका सार बना सकेगा और जरूरत पड़ने पर खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने, टेबल रिजर्व करने या मीटिंग तय करने जैसे काम भी कर सकेगा।

 

आकाश अंबानी ने जियो की पांचवीं प्रतिबद्धता को भारत की तकनीक को दुनिया तक ले जाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 5जी, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और एआई सेवाओं के लिए जियो में बनाया गया अपना डीप-टेक स्टैक अब चुनिंदा देशों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार है।

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रिलायंस ने गूगल, मेटा और एनवीडिया के साथ साझेदारियों का भी उल्लेख किया। कंपनी का कहना है कि इन साझेदारियों के जरिए वैश्विक तकनीक को भारतीय क्रियान्वयन, भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारत-प्रथम गवर्नेंस के साथ जोड़ा जाएगा।

 

जियो ने जिस तरह डेटा को हर भारतीय के लिए किफायती बनाया था, रिलायंस इंटेलिजेंस अब एआई को आसान, भरोसेमंद और किफायती बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का दावा है कि जब एआई सुलभ होगा, तब भारत केवल एआई युग में भागीदार नहीं रहेगा, बल्कि उसका नेतृत्व करेगा।

ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग के टॉप-20 में पहुंची Jio, ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी

Jio Platforms enters top 20 of global patent ranking

– WIPO की PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ने 320 पायदान की छलांग लगाई

– आकाश अंबानी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित है यह उपलब्धि

– 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए

Jio Platforms : जियो प्लेटफॉर्म्स ने वैश्विक पेटेंट रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन यानी WIPO की ताजा पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी यानी PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप-20 में पहुंच गई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है।

 

जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी इकाई है। नई रैंकिंग के साथ जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। कंपनी अब हुआवेई, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी वैश्विक टेक कंपनियों के समूह में शामिल हो गई है।

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जियो की पेटेंट फाइलिंग अगली पीढ़ी की डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, रेडियो एक्सेस, कोर नेटवर्क सॉफ्टवेयर, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, नेटवर्क स्लाइसिंग और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

 

इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई वर्षों की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ेगा।

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आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनाने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनाने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है।

 

खास बात यह है कि जियो की 320 पायदान की छलांग ऐसे समय आई है, जब वैश्विक स्तर पर PCT फाइलिंग की वृद्धि 1 प्रतिशत से भी कम रही। WIPO की यह रैंकिंग जियो प्लेटफॉर्म्स की R&D क्षमता और उसके बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो की मजबूती को वैश्विक स्तर पर मान्यता देती है।

 

31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं, जिनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं।

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जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और Agentic AI की अगली दिशा JioBrain जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है।

 

जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर, भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है।
Edited By : Chetan Gour

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

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रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

 

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।

 

डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

ईशा अंबानी Isha Ambani

AI और प्राइसिंग पर फोकस, स्केल को वैल्यू में बदलेगा रिलायंस रिटेल : ईशा अंबानी

 

रिलायंस रिटेल अब अपने अगले ग्रोथ फेज में AI आधारित मर्चेंडाइजिंग और बेहतर प्राइसिंग पर फोकस रखेगा, ताकि अपने बड़े नेटवर्क से ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा – AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।”

 

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ के पार रहा और EBITDA ₹27,000 करोड़ से अधिक रहा। रिलायंस रिटेल ने 38.7 करोड़ ग्राहकों को 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस के जरिए सेवा दी। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 20,000 के पार पहुंच गया है, जबकि जियोमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क को डिजिटल और हाइपरलोकल डिलीवरी से जोड़ रहे हैं।

 

जियोमार्ट के हाइपरलोकल कॉमर्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29% और सालाना आधार पर 300% से ज्यादा बढ़े। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में सेवाएं दे रहा है, जिसे 3,100 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क सपोर्ट कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

India AI Impact Summit : PM मोदी ने किया Jio Pavilion का दौरा, आकाश अंबानी ने दिखाया AI इकोसिस्टम

India AI Impact Summit PM Narendra Modi Jio Pavilion visit

इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जियो के AI पवेलियन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जियो द्वारा विकसित विभिन्न AI आधारित मॉडलों और समाधानों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने जियो इंटेलिजेंस, जियो संस्कृति AI, जियो आरोग्य AI, जियो शिक्षा और जियो AI होम जैसे मॉडलों को देखा। इन मॉडलों का उद्देश्य क्रमशः एंटरप्राइज इंटेलिजेंस, भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा समाधान और स्मार्ट होम आधारित AI सुविधाओं को सुलभ बनाना है।

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इस मौके पर रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कंपनी द्वारा विकसित किए जा रहे AI इकोसिस्टम और उसके विभिन्न आयामों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। 

 

जियो लंबे समय से “AI for All” की अवधारणा पर जोर देता रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पहले भी कह चुके हैं कि तकनीक का वास्तविक लाभ तब मिलता है, जब वह बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंचे। इसी सोच के तहत जियो “AI for All” के विज़न पर काम कर रही है। 

 

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में देश-विदेश की कई टेक कंपनियां और नीति विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के जियो पवेलियन के दौरा ने AI क्षेत्र में निजी क्षेत्र की पहलों पर ध्यान खींचा है।  Edited by : Sudhir Sharma

AI Impact Summit 2026 : 19-20 फरवरी को भारत में होगा मेगा इवेंट, 65 से ज्यादा देश होंगे शामिल, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स का जमावड़ा

भारत 19-20 फरवरी 2026 को राजधानी के भारत मंडपम में वैश्विक स्तर का इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित करने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। समिट करीब 65 देश शामिल होंगे।  यह पहली बार है जब यह अंतरराष्ट्रीय मंच किसी विकासशील देश में आयोजित किया जा रहा है।

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600 से ज्‍यादा स्‍टार्टअप्‍स की मौजूदगी रहेगी। इस समिट की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस AI एक्शन समिट के दौरान की थी। भारत ने खुद को AI विस्तार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना शुरू कर दिया है। Alphabet की Google, Microsoft और Amazon ने मिलकर 2030 तक भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 68 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। 

 

शिखर सम्मेलन को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में Alphabet के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, Anthropic के CEO डारियो अमोदेई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस शामिल हैं। इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 को भारत की AI कूटनीति और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन होगा।

 

प्रधानमंत्री इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसे वर्ष का प्रमुख वैश्विक AI मंच माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग के जरिए समावेशी, प्रभावशाली और कार्रवाई-उन्मुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देना है।

 

वैश्विक सहयोग की नई दिशा

यूके AI सेफ्टी समिट, AI सियोल समिट, फ्रांस AI एक्शन समिट और ग्लोबल AI समिट ऑन अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की निरंतरता में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इसका लक्ष्य केवल राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित न रहकर, ठोस परिणाम और वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करना है। यह समिट वैश्विक AI सहयोग के लिए नई प्राथमिकताओं, ठोस पहल और बहुपक्षीय ढांचे को मजबूत करेगा।

 

मानवता और सतत विकास पर फोकस

समिट का उद्देश्य AI की परिवर्तनकारी शक्ति को मानवता की सेवा, समावेशी विकास, सामाजिक उन्नति और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोग करना है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक AI गवर्नेंस में मजबूत करने का प्रयास करेगा, ताकि तकनीकी प्रगति कुछ देशों तक सीमित न रह जाए।

 

तीन ‘सूत्र’ होंगे आधार

इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट तीन मूल स्तंभों या ‘सूत्रों’ पर आधारित होगा—

People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति)।

ये तीनों सूत्र यह तय करेंगे कि बहुपक्षीय सहयोग के जरिए AI का उपयोग सामूहिक लाभ के लिए कैसे किया जाए।

 

सात ‘चक्र’ में होगी चर्चा

 

इन तीन सूत्रों के आधार पर चर्चा सात प्रमुख क्षेत्रों (चक्रों) में संगठित की जाएगी- 

  • मानव पूंजी (Human Capital)
  • सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन
  • सुरक्षित और भरोसेमंद AI
  • लचीलापन, नवाचार और दक्षता
  • विज्ञान
  • AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण
  • आर्थिक विकास और सामाजिक हित के लिए AI
  • प्री-समिट कार्यक्रम भी शुरू

 

समिट से पहले MeitY कई प्रमुख पहलें आयोजित कर रहा है, जिनका मकसद समावेशी विकास और नवाचार के लिए AI के उपयोग को बढ़ावा देना है।

 

इनमें शामिल हैं:

 

AI for ALL: विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी AI समाधान खोजने की वैश्विक चुनौती।

AI by HER: महिला नेतृत्व वाले AI समाधानों को बढ़ावा देने की पहल।

YUVAi: 13-21 वर्ष के युवाओं के लिए वैश्विक नवाचार प्रतियोगिता।

 

आवेदन और पंजीकरण खुले

इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक संगठन और प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।  आयोजकों को ऐसे सत्र डिजाइन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जो People, Planet और Progress की थीम के अनुरूप हों और वैश्विक AI संवाद को ठोस दिशा दें।

 Edited by : Sudhir Sharma

AI बदलेगा देश की तकदीर, मुकेश अंबानी बोले- भारत अगले दो-तीन दशकों में बनेगा 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि भारत अगले 20-30 वर्षों में 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है और यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का एक बहुत बड़ा अवसर होगा। मुंबई में आयोजित जियो-ब्लैकरॉक कार्यक्रम 'इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा' में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ फायरसाइड चैट के दौरान अंबानी ने भारत की विकास यात्रा का स्पष्ट खाका पेश किया।

जियोब्लैकरॉक इवेंट में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत का देश रहा है, लेकिन अब समय है कि देश के आगे बढ़ने का फायदा निवेश करके उठाया जाए। बचत को निवेश में बदला जाए। सेविंग्स का पैसा यदि कैपिटल मार्केट्स में निवेश हो, तो इससे न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ेगी बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिलेगी। लैरी फिंक ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में संपत्ति सृजन का सबसे प्रभावी जरिया बन सकता है।

 

अंबानी ने कहा कि भारत के विकास की जड़ें मजबूत नीतियों, राजनीतिक स्थिरता, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और डिजिटल क्रांति से जुड़ी हैं। 5G, डिजिटल इंडिया और कैपिटल मार्केट्स के विस्तार से भारत दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन गया है।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि AI शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार एआई के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बेहतर हेल्थकेयर और प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं 1.4 अरब लोगों तक सुलभ और किफायती रूप में पहुंचाई जा सकती हैं।

 

कार्यक्रम में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने भारत को 'एरा ऑफ इंडिया' बताया, जिस पर अंबानी ने कहा कि जो लोग भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में सबसे अधिक लाभ पाएंगे। Edited by : Sudhir Sharma