10 लाख रुपये की FD पर कहां होगी सबसे ज्यादा कमाई? जानें कौन-कौन से बैंक दे रहे 8% से ज्यादा ब्याज

Best return on FDs: अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीय निवेशकों की पहली पसंद रहा है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक अगर आप 10 लाख रुपये की बड़ी रकम एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। एफडी इंट्रेस्ट रेट में एक छोटा सा अंतर भी लंबे समय में आपकी कुल कमाई को काफी बढ़ा सकता है। खासकर ज्यादा अमाउंट इन्वेस्ट करने वाले सीनियर सिटिजंस के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होता है। बिना कोई एक्स्ट्रा जोखिम लिए अपनी इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने के लिए जरूरी है कि आपको अलग अलग बैंकों की ओर से ऑफर किए जा रहे इंट्रेस्ट रेट की पूरी जानकारी हो।

स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.10% तक का सबसे ज्यादा ब्याज

10 लाख रुपये के निवेश पर सबसे अधिक रिटर्न देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। अगस्त 2026 तक स्मॉल फाइनेंस बैंकों में 8.10 फीसदी तक के इंट्रेस्ट रेट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखी जा सकती है-

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): 8,10 फीसदी तक की ब्याज दर।

उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): 8.10 फीसदी तक की ब्याज दर।

शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): 8 फीसदी तक की ब्याज दर।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 7.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक (Slice Small Finance Bank): 7.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

प्राइवेट बैंक ऑफर कर रहे 7.50% तक इंट्रेस्ट

निजी क्षेत्र के बैंक भी अलग अलग टेन्योर के लिए आकर्षक एफडी इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं।

डीसीबी बैंक (DCB Bank): 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

बंधन बैंक (Bandhan Bank): 7.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank): 7.25 फीसदी तक की ब्याज दर।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): 6.80 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सिस बैंक (Axis Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 6.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

सरकारी बैंक ऑफर कर रहे स्टेबल और सेफ रिटर्न

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज दे रहे हैं:

पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 6.85 फीसदी तक की ब्याज दर।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): 6.75 फीसदी तक की ब्याज दर।

इंडियन बैंक (Indian Bank): 6.65 फीसदी तक की ब्याज दर।

पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India): 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर।

विदेशी बैंक कितना इंट्रेस्ट दे रहे?

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में डॉयचे बैंक सबसे बेहतर इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है-

डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): 7 फीसदी तक की ब्याज दर।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank): 6.60 फीसदी तक की ब्याज दर।

एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank): 5.50 फीसदी तक की ब्याज दर।

एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे करें 10 लाख रुपये का सुरक्षित निवेश?

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि अगर आप 10 लाख रुपये का निवेश कर रहे हैं तो पूरी रकम एक ही बैंक में रखने के बजाय इसे कई बैंकों में बांटकर जमा करें। ऐसा करने से आप हर बैंक में मिलने वाले 5 लाख रुपये के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। हाई रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और एफडी की समयावधि का चुनाव अपनी लिक्विडिटी यानी पैसे की जरूरत के हिसाब से करें। जमा बीमा सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के चलते रिटायर लोगों के लिए एफडी आज भी एक बेहद भरोसेमंद निवेश माध्यम बनी हुई है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

25 साल के GenZ ने 1 करोड़ रुपये का जॉब ऑफर ठुकराया! मेंटल पीस से जुड़ी वजह जानकर चौंक जाएंगे

एक 25 साल के प्रोफेशनल ने 1 करोड़ रुपये की नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया क्योंकि वह ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहता था, जो मानसिक रूप से नुकसानदेह हो। इस फ़ैसले ने पैसे, मानसिक स्वास्थ्य और युवा कर्मचारी अपने करियर से क्या चाहते हैं, इस पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

यह कहानी बेंगलुरु की प्रोडक्ट डिज़ाइनर मुस्कान अतार ने शेयर की। उन्होंने कहा कि वह इस बात से प्रभावित थीं कि उस युवा प्रोफेशनल ने अपने करियर की शुरुआत में ही कितनी साफ़-साफ़ अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली थीं।

उन्होंने पैसे के बजाय अपने लंबे समय के लक्ष्यों को चुना

मुस्कान अतार ने लिंक्डइन पर लिखा, “मेरे एक दोस्त ने 25 साल की उम्र में ₹1 करोड़ का ऑफर ठुकरा दिया, ताकि उन्हें खराब माहौल वाले वर्कप्लेस में काम न करना पड़े।” उन्होंने कहा कि उन्होंने भी पहले ऐसे मौके ठुकराए हैं, लेकिन 25 साल की उम्र में ऐसा फैसला लेने के बारे में सोचना भी उनके लिए मुश्किल था।

उन्होंने कहा, “मैंने भी ऐसे मौकों को ना कहा है, लेकिन 25 साल की उम्र में इतनी स्पष्ट प्राथमिकता तय करने के बारे में मैं सोच भी नहीं सकती।” अतार ने बताया कि कई तरह के दबावों की वजह से उनके लिए यह फैसला लेना बहुत मुश्किल हो सकता था, जैसे परिवार की ज़रूरतें, दूसरों की उम्मीदें और निजी लक्ष्य।

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“परिवार की ज़िम्मेदारियां, दोस्तों का दबाव और अपनी जीवनशैली की इच्छाओं की वजह से शायद मैं वह ऑफ़र स्वीकार कर लेती। वह भी मेरी ही तरह के बैकग्राउंड से आते हैं, फिर भी उनमें ऐसे फ़ायदे छोड़ने की हिम्मत है जो उनके लंबे समय के लक्ष्यों से मेल नहीं खाते। यह उनके व्यक्तित्व में एक बड़ा सुधार दिखाता है।”

उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले से यह भी पता चलता है कि कैसे कुछ युवा कर्मचारी नौकरी चुनते समय सिर्फ़ सैलरी से आगे की चीज़ों पर भी ध्यान दे रहे हैं। “कामकाजी लोगों की अगली पीढ़ी को पता है कि उनके लिए क्या ज़रूरी है। वर्कप्लेस को इसके हिसाब से ढलना सीखना होगा।”

उनकी पसंद पर लोगों की अलग-अलग राय थी

इस पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं; कुछ लोगों ने इस फैसले की तारीफ़ की, तो कुछ ने कहा कि हर कोई इतनी बड़ी सैलरी ठुकराने का जोखिम नहीं उठा सकता। एक व्यक्ति ने लिखा, “खुशी है कि लोग अब मानसिक स्वास्थ्य के असर को समझ रहे हैं… चाहे वह अच्छा हो या बुरा… और हां, पैसा ज़रूरी है। मैं हमेशा कहता हूं कि मैं बाकी चीज़ों से ज़्यादा पैसे को चुनूंगा, कभी-कभी तो नौकरी की भूमिका या काम के घंटों से भी ज़्यादा। लेकिन टॉक्सिक माहौल और अजीब काम करने की जगह… बिल्कुल नहीं…!! यह बात मुझे MNC और PSU में एक दशक तक काम करने के बाद समझ आई, लेकिन 25 साल की उम्र में ऐसा करना तारीफ़ के काबिल है।”

एक और व्यक्ति ने कमेंट किया, “मेरे अंदर का मिडिल-क्लास इंसान 45 साल की उम्र में भी ऐसा नहीं कर पाएगा। तो हाँ, वे ऑफ़र मेरी तरफ़ भेज दो।” किसी ने लिखा, “यह बात बहुत रिलेटेबल है, भले ही पिछली पीढ़ी को यह बेवकूफी लगे, लेकिन कौन भला हर किसी की कहानी में हीरो रहा है!”

एक यूज़र ने कहा, “अगर कोई कुछ समय के लिए बिना इनकम के रह सकता है, तो ही यह मुमकिन है। शायद इस पीढ़ी के पास वह फ्लेक्सिबिलिटी है। हमारी पीढ़ी के पास वह नहीं थी, और अब भी नहीं है।” एक और व्यक्ति ने लिखा, “सच कहूं तो, उनकी तारीफ़ करनी चाहिए। अभी तो ऐसा लगता है कि वे एक प्रिविलेज्ड बैकग्राउंड से आते हैं, क्योंकि हम सब जानते हैं कि कितने लोग ऐसे ऑफ़र के लिए कुछ भी कर गुज़रने को तैयार होंगे! लेकिन हां, यह जानना बहुत अच्छी बात है कि आप ज़िंदगी में बहुत जल्दी क्या चाहते हैं और आपके पास वह फ़ैसला लेने की क्षमता/हालात/सपोर्ट है!”

एक कमेंट में लिखा था, “काम का भविष्य उन लोगों से तय होगा जो सिर्फ़ सैलरी नहीं, बल्कि मकसद, भलाई और सार्थक ग्रोथ को अहमियत देते हैं।”

SIP Calculator: SIP की एक किस्त छोड़ दी? यही गलती बाद में लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है

SIP Calculator: SIP शुरू करना आसान है। मुश्किल काम है उसे लगातार जारी रखना। कई बार महीने के आखिर में खर्च बढ़ जाते हैं। बैंक खाते में बैलेंस कम होता है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि इस महीने रहने देते हैं, अगले महीने से फिर शुरू कर देंगे।

यहीं सबसे बड़ी गलती हो जाती है। SIP में सिर्फ पैसा नहीं बढ़ता, समय भी आपके लिए काम करता है। जितनी जल्दी पैसा निवेश होता है, उतने ज्यादा साल उसे बढ़ने का मौका मिलता है। इसलिए एक किस्त मिस होने का नुकसान सिर्फ उस महीने तक नहीं रहता। कई साल बाद वही रकम बड़ी बन सकती है।

पहले समझिए नुकसान क्यों होता है

SIP की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग है। इसका मतलब है कि आपका पैसा सिर्फ रिटर्न नहीं कमाता, बल्कि उस रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता रहता है। यही वजह है कि शुरुआती सालों की हर किस्त सबसे ज्यादा अहम होती है।

अगर बीच में कोई किस्त नहीं जाती, तो उस पैसे का पूरा बढ़ने वाला सफर रुक जाता है।

₹1,000 की SIP में कितना नुकसान?

मान लीजिए आप हर महीने ₹1,000 की SIP करते हैं। निवेश की अवधि 20 साल है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

अगर पहले साल की सिर्फ एक किस्त नहीं जाती, तो वह ₹1,000 करीब 20 साल बाद लगभग ₹9,650 बन सकती थी। यानी एक छोटी सी चूक भविष्य के करीब ₹8,650 के मौके को खत्म कर सकती है।

₹2,000 की SIP का हिसाब

यही उदाहरण ₹2,000 की SIP से समझिए। अगर पहले साल की एक किस्त छूट जाती है, तो उसकी संभावित वैल्यू करीब ₹19,300 हो सकती थी। यानी सिर्फ ₹2,000 बचाने के चक्कर में भविष्य के करीब ₹17,300 का नुकसान हो सकता है।

₹5,000 की SIP में असर और बड़ा

अब मान लीजिए आपकी SIP ₹5,000 महीने की है। अगर पहले साल की एक किस्त नहीं जाती, तो वही ₹5,000 करीब ₹48,200 तक पहुंच सकते थे। यानी भविष्य में लगभग ₹43,200 का संभावित अंतर पड़ सकता है।

तीन महीने SIP नहीं गई तो?

अब एक बड़ा उदाहरण देखते हैं। मान लीजिए आपकी SIP ₹5,000 महीने की है। पहले साल लगातार तीन महीने निवेश नहीं हुआ। यानी कुल ₹15,000 निवेश नहीं हो पाया।

अगर यही पैसा 20 साल तक 12% की दर से बढ़ता, तो उसकी संभावित वैल्यू करीब ₹1.45 लाख हो सकती थी। यानी उस वक्त ₹15,000 बचाने का फैसला आगे चलकर लाख रुपये से ज्यादा का फर्क पैदा कर सकता है। अगर शुरुआत में 6 किस्त चूक गए, तो नुकसान करीब 3 लाख तक का हो सकता है।

अलग-अलग SIP में एक किस्त छूटने का असर

मासिक SIP
20 साल बाद 1 छूटी किस्त की संभावित वैल्यू*

₹1,000₹9,650
₹2,000₹19,300
₹5,000₹48,200

*यह अनुमान 20 साल और 12% सालाना रिटर्न के आधार पर है। वास्तविक रिटर्न बाजार के हिसाब से अलग हो सकता है।

पैसे की दिक्कत हो तो क्या करें?

अगर किसी महीने आर्थिक दबाव हो, तो पूरी SIP बंद करना जरूरी नहीं है। कई म्यूचुअल फंड SIP की रकम कम करने की सुविधा देते हैं। ऑटो-डेबिट की तारीख बदलना भी एक आसान विकल्प हो सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि निवेश की आदत बनी रहे।

आखिर याद क्या रखना चाहिए?

SIP में बड़ी दौलत अक्सर बड़ी रकम से नहीं बनती। नियमित निवेश से बनती है। कई लोग ₹1,000, ₹2,000 या ₹5,000 जैसी छोटी SIP से भी अच्छा फंड बना लेते हैं, क्योंकि उन्होंने बीच में रुकना नहीं चुना।

इसलिए अगली बार अगर लगे कि “इस महीने SIP छोड़ देते हैं”, तो एक बार यह हिसाब जरूर याद कर लीजिए। हो सकता है आज की ₹5,000 की बचत भविष्य के ₹48,000 बनने वाले हों।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज घर और परिवार से जुड़े खर्च आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट को व्यवस्थित रखना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। बेवजह खरीदारी और अचानक होने वाले खर्च से बचें। बजट के हिसाब से चलने पर आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर खास ध्यान देना चाहिए। खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें और बिना जरूरत पैसा खर्च करने से बचें। भविष्य के लिए बचत और निवेश की योजना बनाना अच्छा रहेगा। बड़े फायदे के पीछे भागने के बजाय धीरे-धीरे आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर होगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। अपनी मौजूदा वित्तीय योजनाओं की अच्छी तरह समीक्षा करें और निवेश से जुड़ी नई संभावनाओं पर नजर रखें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट को व्यवस्थित रखना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। अगर खर्चों पर सही नियंत्रण रखा तो आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है। आज पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना ही सही रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में योजना बनाकर चलने का दिन है। अपने बजट को सही तरीके से व्यवस्थित करें और गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने से बचें। अगर आप समझदारी से पैसे का इस्तेमाल करेंगे तो आने वाले समय में आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को व्यवस्थित करने का अच्छा मौका है। अपने खर्चों की समीक्षा करें और जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें। छोटे-छोटे खर्चों पर ध्यान देना भी जरूरी है, क्योंकि यही आगे चलकर बड़ी बचत में मदद कर सकते हैं। निवेश का कोई मौका मिलता है तो जल्दबाजी करने के बजाय अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर रहेगा। महंगी और गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने से बचना आपके लिए बेहतर होगा। अपनी बचत और निवेश को भविष्य के लक्ष्यों के साथ जोड़कर चलें। लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान दें और अपने निवेश की रणनीति को मजबूत बनाएं।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। आपको अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं और निवेश की समीक्षा करनी चाहिए। कोशिश करें कि आज का खर्च आपके भविष्य के लक्ष्यों में बाधा न बने। बिना योजना के पैसा खर्च करने से बचें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने पैसों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नई आर्थिक संभावनाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योजना बनाएं। अपने मौजूदा वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Nail care Astrology: आज ही बदल लें किसी भी दिन नाखून काटने की आदत, जानें ज्योतिष में क्या हैं नाखून काटने के नियम

Nail care Astrology: नाखून काटने के लिए इतना क्या सोचना, जब बढ़े हुए दिखें तभी काट लो। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो आप गलत हैं। हमारे शास्त्रों में यानी हिंदू धर्म में साफ-सफाई से जुड़े इस तरह के कामों के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं। इनकी अनदेखी करना जातक के लिए कई तरह की मुश्किलें खड़ी कर देता है। इसका असर आपकी किस्मत, पैसे और पॉजिटिविटी पर पड़ सकता है। हिंदू ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, नाखून काटने के लिए कुछ दिन शुभ माने जाते हैं जबकि कुछ दिनों का बुरा असर होता है। नाखून काटने के लिए सबसे अच्छे और बुरे दिनों के बारे में ज्योतिषी क्या कहते हैं, आइए जानें।

नाखून काटने के लिए ये दिन चुनें

हिंदू ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार नाखून काटने के लिए सबसे सही दिन माने जाते हैं। ज्योतिषी प्रशांत ने न्यूज 18 को बताया कि सोमवार, बुधवार और शुक्रवार नाखून काटने के लिए अच्छे माने जाते हैं। इन दिनों में नाखून काटने से सकारात्मक ऊर्जा, खुशी और समृद्धि बढ़ती है। माना जाता है कि ये दिन ग्रहों के बुरे असर को दूर रखते हैं।

अच्छा नहीं इन दिनों में नाखून काटना

ज्योतिष में मंगलवार और गुरुवार के दिन भूलकर भी नाखून नहीं काटने चाहिए। इन दिनों को इस काम के लिए वर्जित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है और वैवाहिक जीवन में झगड़े बढ़ सकते हैं।

मंगलवार मंगल ग्रह से जुड़ा दिन है। पारंपरिक रूप से इसे भगवान हनुमान से जोड़ा जाता है। इस दिन नाखून काटने से गुस्सा, बहस, पैसे की परेशानी और जीवन में दूसरी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, गुरुवार का स्वामी बृहस्पति है और इसे भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताएं इस दिन नाखून काटने से मना करती हैं, क्योंकि इससे धन, पैसे की स्थिरता और छात्रों की एकाग्रता पर असर पड़ता है।

इसी तरह, हिंदू परंपराओं में शनिवार को नाखून काटना अशुभ माना जाता है, क्योंकि ऐसा करने से मन की शांति भंग हो सकती है और मेहनत का फल मिलने में देरी हो सकती है। शनिवार का दिन कर्म और न्याय के देवता भगवान शनि से जुड़ा है।

इन दिनों का भी रखें ध्यान

रविवार का दिन सूर्य का होता है और इस दिन छुट्टी होती है। हालांकि, पारंपरिक ज्योतिष इस दिन नाखून काटने की सलाह नहीं देता है। माना जाता है कि इससे आत्मविश्वास, सम्मान और पेशेवर तरक्की में कमी आती है।

इसके अलावा, हिंदू परंपरा में अमावस्या का भी खास आध्यात्मिक महत्व है। कुछ लोग इस दिन नाखून काटना ठीक नहीं मानते हैं। इनके अनुसार, ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, पूर्वज नाराज होते हैं और मानसिक चिंताएं बढ़ती हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

नीलम चमकाएगा किस्मत या बढ़ाएगा परेशानी! पहनने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम

SIP या Lump Sum? जानें कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न! रिटायरमेंट के लिए एक्सपर्ट्स ने बताए ये धांसू फंड्स!

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर दोबारा विचार करने को मजबूर कर दिया है। इसकी वजह यह है कि सिप के कई निवेशकों की शिकायत है कि पिछले दो साल में सिप से लगातार निवेश करने के बावजूद उनका पैसा ज्यादा नहीं बढ़ा है। कई इनवेस्टर्स तो सिप बंद करने के बारे में सोचने लगे हैं। सवाल है कि क्या सिप की जगह एकमुश्त निवेश करने से ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

एकमुश्त और सिप दोनों तरीके निवेश के लिए सही

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश के दोनों ही तरीके ठीक हैं। दोनों में कौन सा तरीका ज्यादा सही है, यह निवेशक के रिस्क लेने की क्षमता और निवेश करने की कपैसिटी पर निर्भर करता है। जो निवेशक एक बार में बड़े अमाउंट का निवेश नहीं कर सकते, उनके लिए सिप हमेशा निवेश का ज्यादा सुविधाजनक तरीका है। आज सिप के रास्ते म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में काफी ज्यादा पैसा आ रहा है। इनमें से कई निवेशकों के लिए एकमुश्त निवेश करना मुश्किल हो सकता है।

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा फंड जरूरी है

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा अमाउंट जरूरी है। अगर किसी के पास बोनस या किसी दूसरे तरीके से बड़ा फंड आया है तो वह एकमुश्त निवेश म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में कर सकता है। एकमुश्त निवेश करना तब फायदेमंद होता है, जब बाजार में स्टैबिलिटी होती है या बाजार चढ़ रहा होता है। ऐसा होने पर निवेशक को अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव वाले बाजार में एकमुश्त निवेश करना रिस्की हो सकता है।

रिटायरमेंट के लिए मल्टी एसेट फंड में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के लिए म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में आज निवेश करना चाहता है तो वह मल्टी एसेट फंड में निवेश कर सकता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम कई तरह के एसेट्स में निवेश करती है। यह एक तरह की हाइब्रिड स्कीम है। यह इक्विटी, डेट और कमोडिटी खासकर गोल्ड और सिल्वर में निवेश करती है। लंबी अवधि में हर एसेट में निवेश से अच्छा रिटर्न मिलता है। इस फंड के लिए हर एसेट में कम से कम 10 फीसदी निवेश करना जरूरी है।

मल्टी एसेट फंड में डायवर्सिफिकेशन का फायदा 

मल्टी एसेट फंड में निवेश करना का दूसरा फायदा यह है कि इससे डायवर्सिफिकेशन का मकसद पूरा हो जाता है। डायवर्सिफिकेशन से निवेश से जुड़ा रिस्क कम हो जाता है। इसकी वजह है कि आम तौर पर हर एसेट क्लास में एक साल साथ गिरावट नहीं आती है।

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एक एसेट का रिटर्न कमजोर होने पर दूसरे का रिटर्न अच्छा रहता है

कई बार इक्विटी मार्केट जब बेयरिश फेज में होता है तो गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन अच्छा होता है। पिछले दो सालों में निवेशकों को शेयर बाजार से ज्यादा रिटर्न नहीं मिला है, लेकिन गोल्ड और सिल्वर ने बहुत अच्छे रिटर्न दिए हैं। ऐसे पीरियड में मल्टी एसेट फंड का प्रदर्शन अच्छा रहता है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए क्या ₹1 करोड़ का फंड काफी है? एक्सपर्ट से समझें महंगाई और रिटर्न का पूरा गणित

Retirement Planning Calculation: भारतीय निवेशकों के बीच सालों से ₹1 करोड़ को रिटायरमेंट का एक मैजिक नंबर माना जाता रहा है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि एक बार बैंक खाते या म्यूचुअल फंड में ₹1 करोड़ आ गए, तो उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

किसी व्यक्ति के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस काफी हो सकता है, तो किसी के लिए ₹5 करोड़ भी कम पड़ सकते हैं। आपका रिटायरमेंट फंड कितना होना चाहिए, यह किसी राउंड फिगर पर नहीं बल्कि आपकी मासिक खर्चों, महंगाई दर, रिटायरमेंट की उम्र और लाइफ एक्सपेक्टेंसी पर निर्भर करता है। आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग का पूरा गणित।

क्यों फेल हो सकता है ₹1 करोड़ का ‘मैजिक नंबर’?

वाइज फिनसर्व के ग्रुप सीईओ और सीआईओ अजय कुमार यादव के अनुसार, ₹1 करोड़ की समस्या यह नहीं है कि यह छोटा अमाउंट है, बल्कि समस्या यह है कि यह नंबर आपके भविष्य की जीवनशैली के खर्चों को नहीं दर्शाता।

मान लीजिए कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र में रिटायर होता है और 90 साल की उम्र (30 साल का रिटायरमेंट) तक का प्लान बनाता है। अगर ₹1 करोड़ पर 7% सालाना रिटर्न मिले, तो व्यक्ति हर महीने ₹66,500 की फिक्स्ड पेंशन ले सकता है।

अगर महंगाई दर केवल 5% सालाना भी मान ली जाए, तो आज का ₹66,500 का खर्च 10 साल बाद बढ़कर ₹1.08 लाख और 20 साल बाद ₹1.76 लाख प्रति माह हो जाएगा। यानी आपके पैसे की क्रय शक्ति तेजी से घटेगी और कुछ ही सालों में ₹1 करोड़ का फंड खत्म हो जाएगा।

इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न का असली गणित

अगर आपका पोर्टफोलियो 7% का रिटर्न देता है और महंगाई दर 5% रहती है, तो आपका वास्तविक या इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न केवल 2% ही रह जाता है। इस 2% वास्तविक रिटर्न के हिसाब से देखें, तो ₹1 करोड़ का फंड 30 सालों के लिए केवल ₹37,000 प्रति माह की ही परचेजिंग पावर दे पाएगा।

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹1 लाख निकालना चाहता है और वह महंगाई को अनदेखा करता है, तो उसका ₹1 करोड़ का कॉर्पस 12.5 साल में खत्म होगा। लेकिन अगर महंगाई जोड़ दी जाए, तो यह फंड मात्र 9.1 साल यानी करीब 69 साल की उम्र तक में ही पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

आपको रिटायरमेंट के लिए असल में कितने पैसों की जरूरत है?

रिटायरमेंट कॉर्पस की गणना हमेशा उल्टे क्रम से करनी चाहिए। मान लीजिए एक 40 वर्षीय व्यक्ति का आज का मासिक खर्च ₹1 लाख है और वह 60 साल में रिटायर होना चाहता है। 6% महंगाई दर पर 60 साल की उम्र में वही जीवनशैली बनाए रखने के लिए उसे प्रति माह ₹3.21 लाख यानी साल के करीब ₹38.49 लाख की आवश्यकता होगी।

कितना कॉर्पस चाहिए होगा?

बिना महंगाई एडजस्टमेंट (7% रिटर्न पर) 60 साल की उम्र में कम से कम ₹4.82 करोड़ का फंड चाहिए। 5% पोस्ट-रिटायरमेंट महंगाई जोड़ने पर यही फंड बढ़कर ₹8.68 करोड़ हो जाता है।

क्या है 30X रिटायरमेंट रूल?

ट्रैक (Trackk) के सह-संस्थापक और सीईओ वेदांत गुप्ते और अजय कुमार यादव के अनुसार, 30X रूल एक अच्छा शुरुआती अनुमान हो सकता है:

नियम: अपने रिटायरमेंट के पहले साल के कुल अनुमानित खर्च को 30 से गुणा कर दें।

उदाहरण: अगर रिटायरमेंट के पहले साल का खर्च ₹38.49 लाख है, तो ₹38.49 लाख × 30 = लगभग ₹11.55 करोड़ का कॉर्पस चाहिए।

यह बड़ा फंड आपको शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव, मेडिकल इमरजेंसी और लंबी उम्र जीने के जोखिम से सुरक्षा का बड़ा कवर देता है।

महंगाई के अलावा इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

लाइफ एक्सपेक्टेंसी: अब औसतन लोग लंबा जीवन जी रहे हैं। अपनी वित्तीय योजना 75 या 80 साल के बजाय कम से कम 90 साल की उम्र मानकर बनाएं।

हेल्थकेयर कॉस्ट: इलाज का खर्च आम महंगाई की तुलना में दोगुनी तेजी से बढ़ता है। इसके लिए रिटायरमेंट फंड से अलग एक समर्पित मेडिकल एंड इमरजेंसी रिजर्व बनाएं।

कैश फ्लो पर ध्यान दें, गोल नंबर पर नहीं: ₹1 करोड़ या ₹5 करोड़ जैसे गोल नंबरों के पीछे भागने के बजाय यह तय करें कि रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने कितना कैश फ्लो चाहिए और आपका घर कहां मेट्रो शहर या टियर-2 शहर है।

आपके लिए क्या है सही रिटायरमेंट नंबर?

भारतीय निवेशकों के लिए कोई एक फिक्स्ड रिटायरमेंट नंबर नहीं हो सकता। ₹1 करोड़ एक शुरुआत का पड़ाव तो हो सकता है, लेकिन यह पूरा रिटायरमेंट प्लान नहीं है। आपका सही नंबर वह है जो आपकी जीवनशैली, स्वास्थ्य जरूरतों, पेंशन/रेंटल इनकम और महंगाई को जोड़कर तैयार होता है ताकि रिटायरमेंट के बाद आपके पैसे कभी खत्म न हों।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर! गिग और डिलीवरी वर्कर्स के लिए PFRDA लाया खास NPS प्लान

NPS for Gig Workers: जोमैटो, स्वैगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने देश के लाखों डिलीवरी बॉयज, ड्राइवर्स और सर्विस पार्टनर्स को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘NPS e-shramik Model’ को नए सिरे से हाइलाइट किया है।

इस खास स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी वर्कर मात्र ₹99 जैसी छोटी राशि से भी अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स की शुरुआत कर सकता है। आइए जानते हैं आम लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए यह स्कीम कितनी फायदेमंद है और इसमें कैसे जुड़ सकते हैं।

बिना किसी दबाव के बचत: अपनी मर्जी और क्षमता से जमा करें पैसा

इस योजना को गिग वर्कर्स की अस्थिर और दैनिक कमाई को ध्यान में रखकर बेहद लचीला बनाया गया है। PFRDA ने योगदान के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की है। वर्कर जब चाहें और जितना चाहें, अपनी कमाई के हिसाब से पैसा जमा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी वर्कर प्रतिदिन या हर हफ्ते ₹99 जैसी मामूली रकम से भी अपने एनपीएस खाते में पैसे डाल सकता है। साथ ही यह मॉडल NPS कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। इसमें पैसा केवल वर्कर, केवल एग्रीगेटर कंपनी, या फिर दोनों मिलकर जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन से वर्कर्स उठा सकते हैं इस योजना का लाभ?

यह स्कीम उन सभी युवाओं और कर्मचारियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए काम करते हैं:

  • फूड डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy आदि।
  • क्विक-कॉमर्स एंड ग्रॉसरी डिलीवरी: Blinkit, Zepto, Instamart आदि।
  • राइड-हेलिंग ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido आदि।
  • होम सर्विसेज पार्टनर्स: Urban Company और अन्य सर्विस प्लेटफॉर्म्स।

खाता खोलना है बेहद आसान

इस योजना में जुड़ने की प्रक्रिया को एकदम डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया गया है:

आसान KYC: बेसिक केवाईसी के लिए केवल नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य मान्य तरीकों से मिनटों में पूरी हो जाती है।

PRAN जनरेशन: वर्कर की सहमति से तुरंत एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी कर दिया जाता है।

नॉमिनी की सुविधा: ऑनबोर्डिंग के 60 दिनों के भीतर माता-पिता की जानकारी और नॉमिनी डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं।

कंपनी बदलने पर भी बंद नहीं होगा अकाउंट

अगर कोई डिलीवरी बॉय या ड्राइवर एक कंपनी जैसे- Zomato छोड़कर दूसरी कंपनी Swiggy या Uber में काम करने जाता है, तो उसका एनपीएस खाता बंद नहीं होगा। वह आसानी से अपने खाते को नए एग्रीगेटर के साथ जोड़ कर सकता है। PFRDA के तय फ्रेमवर्क के तहत ऑनबोर्डिंग के समय पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) वर्कर से कोई खाता खोलने का शुल्क नहीं लेते हैं।

बुढ़ापे में मिलेगा पेंशन और एकमुश्त फंड का दोहरा फायदा

यह योजना एनपीएस के ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ के नियमों के तहत काम करती है। इसमें जमा किया गया पैसा शेयर बाजार और सुरक्षित सरकारी सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है, जिससे लंबी अवधि में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है।

60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर वर्कर्स को एकमुश्त मोटी रकम निकालने का विकल्प मिलता है और बाकी पैसे से जीवनभर हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी बड़े बोझ के सुरक्षित भविष्य बनाने का यह सबसे भरोसेमंद जरिया है।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

LAPL Automotive IPO Listing: दोपहिया से लेकर बस तक के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज बनाने वाली एलएपीएल ऑटोमोटिव के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 344 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹94 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹135.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 43.62% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में थोड़ी फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹130.00 (LAPL Automotive Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 38.30% मुनाफे में हैं।

LAPL Automotive IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलएपीएल ऑटोमोटिव का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-10 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 344.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 200.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 433.26 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 387.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 34,46,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.56 करोड़ औरंगाबाद के औरिक सिटी में एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹4.79 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.24 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹4.81 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

LAPL Automotive के बारे में

एलएपीएल ऑटोमोटिव कई प्रकार के ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज की डिजाइनिंग कर उन्हें बनाती है और सप्लाई करती है। इसे ऑटोमोटिव लाइटिंग और सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स बनाने में महारत हासिल है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लाइटिंग डिविजन के तहत टेल लैम्प्स, ब्लिंकर लैम्प्स और हेडलैम्प्स हैं तो मोटर डिविजन के तहक स्टार्टर मोटर्स, वाइपर मोटर्स और रोटर्स हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में मिरर डिविजन के तहत दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के लिए रियर-व्यू मिरर्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 99% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.63 करोड़ और टोटल इनकम 24% से अधिक के सीएजीआर से ₹94.32 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.84 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹16.45 करोड़ पड़े थे।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral Post: साल में 1 करोड़ से ज्यादा कमाने के बाद भी नहीं मिल रही खुशी! टेक प्रोफेशनल ने बताया क्यों

एक टेक प्रोफेशनल का सैलरी को लेकर किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। 14 साल के करियर में 14,300 रुपये की शुरुआती सैलरी से 1.05 करोड़ रुपये सालाना कमाने तक टेक प्रोफेशनल ने अपनी कमाई में बड़ा बदलाव देखा। दिलचस्प बात ये है कि करोड़ों की कमाई के बावजूद वह अपनी सबसे खुशहाल सैलरी 20 हजार रुपये महीना मानते हैं। टेक प्रोफेशनल ने बताया कि, टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई के बाद पहली नौकरी पाना आसान नहीं था। उनकी सैलरी जब 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये महीना हुई, तो उन्हें जितनी खुशी मिली, उतनी बाद में मिलने वाली बड़ी सैलरी बढ़ोतरी से भी नहीं मिली। सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।

14,300 रुपये थी शुरुआती सैलरी

Reddit पर शेयर की गई पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया। 2012 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद इस टेक प्रोफेशनल को पहली नौकरी पाने में करीब छह महीने लग गए। उनकी शुरुआती मासिक सैलरी 14,300 रुपये थी, जो पहले बढ़कर 20,000 रुपये, फिर 32,000 रुपये और 60,000 रुपये हो गई। बेंगलुरु जाने के बाद उनकी सालाना सैलरी 13 लाख रुपये पहुंची और धीरे-धीरे बढ़कर 25 लाख, 40 लाख, 60 लाख, 80 लाख और आखिर में 1.05 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 लाख रुपये से ज्यादा के ESOPs भी हैं, लेकिन उनका मानना है कि जब तक उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, तब तक उन्हें संपत्ति नहीं माना जा सकता।

ज्यादा खुशी 20 हजार सैलरी में थी

आज उनकी कमाई 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है, लेकिन उनके लिए सबसे खास सैलरी 20 हजार रुपये महीना रही। उन्होंने बताया कि 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये होने पर उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। इस बढ़ोतरी के बाद उन्होंने पब्लिक बस से सफर करना छोड़ दिया और अपनी पसंद की “ड्रीम बाइक” खरीदी। उन्होंने ये भी बताया कि अपने 13 साल के करियर में उन्हें सिर्फ एक बार प्रमोशन मिला। उनके मुताबिक, ज्यादा सैलरी बढ़ने के साथ उनकी लाइफस्टाइल में भी बदलाव आया। अपने अनुभव के आधार पर इस टेक प्रोफेशनल ने कहा, “प्रमोशन के लिए किसी कंपनी के साथ मत रहो, यह इसके लायक नहीं है।”

निवेश करने में होती है मदद

उनका मानना है कि एक तय स्तर तक पहुंचने के बाद सैलरी बढ़ने का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर कम पड़ता है। उन्होंने कहा, “जब आपकी सालाना कमाई करीब 25-30 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो इसके बाद मिलने वाली हर अतिरिक्त बढ़ोतरी आपकी लाइफस्टाइल से ज्यादा आपके निवेश को बेहतर बनाने में मदद करती है। कम से कम, मेरे मामले में ऐसा ही हुआ है।” उन्होंने कहा, “मानसिक तनाव सच है, लेकिन ज्यादा सैलरी मिलने से यह कुछ कम हो जाता है।”

खुद का कुछ करना चाहते हैं

इस टेक प्रोफेशनल ने माना कि, अच्छी कमाई के बावजूद वह अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे एहसास हुआ है कि अब मैं ज्यादा सैलरी के पीछे नहीं भाग रहा हूं। मैं आजादी के पीछे भाग रहा हूं।” उनका कहना है कि किसी दूसरी कंपनी में ज्यादा सैलरी के लिए काम करने के बजाय वह खुद की बनाई किसी चीज से हर महीने 1 लाख रुपये कमाना पसंद करेंगे। अच्छी कमाई के बावजूद यह टेक प्रोफेशनल सादा जीवन जीते हैं। वह 10 साल पुरानी कार चलाते हैं और बेंगलुरु में अपार्टमेंट के बजाय विला कम्युनिटी में प्लॉट खरीदा है। उनकी कमाई रियल एस्टेट, शेयर, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो और कमर्शियल प्रॉपर्टी में लगी है।

इस टेक प्रोफेशनल के फाइनेंशियल सफर में नुकसान भी शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि क्रिप्टो ट्रेडिंग में उन्हें करीब 20-25 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उनके लिए अब मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए नहीं है कि मुझे पैसे से नफरत है, बल्कि इसलिए कि मैं 60 साल की उम्र में पीछे मुड़कर यह नहीं सोचना चाहता कि अगर मैंने सच में कोशिश की होती तो क्या होता।”

नौकरी के साथ-साथ उन्होंने छोटे प्रोडक्ट और माइक्रो-SaaS प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू किया है। फिलहाल उनके प्रोजेक्ट्स के कोई यूजर नहीं हैं, लेकिन वह मार्केटिंग सीख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि आगे चलकर इनसे हर महीने 1,000-2,000 डॉलर की कमाई हो सकेगी। अगर ऐसा होता है, तो वह नौकरी छोड़ने या कुछ महीनों का ब्रेक लेने पर विचार कर सकते हैं।