PPF vs NSC: पीपीएफ या एनएससी? लंबी अवधि की बचत के लिए कौन सी सरकारी योजना है बेस्ट, देखें तुलना

PPF vs NSC Comparison: अगर आप बिना किसी जोखिम के अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित निवेश कर बेहतर रिटर्न और टैक्स बचत चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाएं सबसे भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं। इन योजनाओं में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं।

दोनों ही योजनाएं पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आती हैं, लेकिन इनके निवेश की अवधि, ब्याज दर, टैक्स नियम और लिक्विडिटी के नियम एक-दूसरे से काफी अलग हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आपकी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से कौन सी योजना ज्यादा बेहतर है।

PPF vs NSC: ब्याज दर और मैच्योरिटी अवधि

दोनों सरकारी योजनाओं में ब्याज दर और अवधि का अंतर सबसे प्रमुख है:

PPF vs NSC: ब्याज दर और मैच्योरिटी अवधि

लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए PPF क्यों है बेस्ट?

PPF को उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है जो 10 से 15 साल या उससे अधिक लंबे समय जैसे- रिटायरमेंट या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं।इसमें आपको एक साथ एकमुश्त रकम जमा करने की बाध्यता नहीं है। आप पूरे साल में किस्तों में पैसा जमा कर सकते हैं। 15 साल की शुरुआती अवधि होने के कारण इसमें ब्याज पर मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज लंबी अवधि में एक बहुत बड़ा कॉर्पस तैयार कर देता है।

5 साल के निश्चित गोल के लिए NSC है बेहतर विकल्प

अगर आपके पास एकमुश्त रकम है और आपका लक्ष्य 5 साल की अवधि के लिए स्पष्ट है, तो NSC एक सही चुनाव साबित हो सकता है। NSC में जिस ब्याज दर (7.7%) पर आप सर्टिफिकेट खरीदते हैं, वह दर आपके 5 साल के पूरे कार्यकाल के लिए लॉक हो जाती है। बाजार या दरों में उतार-चढ़ाव का इस पर असर नहीं पड़ता।

PPF में एक ही खाता सालों-साल चलता रहता है, जबकि NSC में हर बार नया सर्टिफिकेट खरीदने पर उसकी 5 साल की मैच्योरिटी अलग से तय होती है।

टैक्स छूट का गणित: ‘EEE’ कैटेगरी में आता है PPF

ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत दोनों योजनाओं में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, लेकिन टैक्स का अंतिम नियम अलग है:

PPF (Exempt-Exempt-Exempt): यह ट्रिपल ई (EEE) कैटेगरी में आता है। इसमें निवेश की गई रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है।

NSC (Taxable Interest): NSC का ब्याज टैक्सेबल होता है। हालांकि, शुरुआत के 4 सालों में मिलने वाला ब्याज स्वतः दोबारा निवेश मान लिया जाता है, जिससे उस पर 80C के तहत छूट मिल जाती है। लेकिन मैच्योरिटी पर अंतिम वर्ष का ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।

लिक्विडिटी और पैसे निकालने के नियम

इमरजेंसी में पैसे की जरूरत पड़ने पर दोनों के नियम कड़े हैं:

PPF: इसमें निश्चित शर्तों के तहत 6 साल पूरे होने के बाद आंशिक निकासी और लोन की सुविधा मिलती है। कुछ विशेष परिस्थितियों (जैसे- गंभीर बीमारी या उच्च शिक्षा) में ही 5 साल बाद खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है।

NSC: इसमें 5 साल से पहले पैसा निकालना लगभग असंभव है। केवल खाताधारक की मृत्यु या अदालत के आदेश जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही मैच्योरिटी से पहले इसे भुनाया जा सकता है।

आपके लिए कौन सी योजना है बेस्ट?

PPF चुनें: अगर आपका लक्ष्य 10-15 साल से आगे का है, आप रिटायरमेंट प्लान कर रहे हैं और मैच्योरिटी पर 100% टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं।

NSC चुनें: अगर आप 5 साल के निश्चित समय के लिए पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं, एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं और PPF की तुलना में अधिक ब्याज दर (7.7%) पाना चाहते हैं।

वैसे एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सबसे स्मार्ट तरीका ये है कि आप चाहें तो अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के लिए दोनों योजनाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। लंबी अवधि के लिए PPF में और 5 साल के मीडियम-टर्म गोल के लिए NSC में निवेश कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट… आज से इंटरव्यू शुरू, राम मंदिर के पहले CEO की तलाश तेज

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के अनुसार, करीब 5,200 लोगों ने इस पद के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को अगले दौर के लिए चुना गया है। ट्रस्ट ने यह कदम अपनी प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के लिए उठाया है। यह फैसला दान में मिले पैसे के गलत इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद लिया गया। पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज और आर्थिक मामलों की निगरानी को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

18 उम्मीदवार किए गए शॉर्टलिस्ट

शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवार 10 अगस्त को अयोध्या पहुंच गए। ट्रस्ट ने उनके ठहरने के लिए पहले से व्यवस्था की थी। इन उम्मीदवारों में कुछ पूर्व सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके लोगों को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू आज से राम मंदिर में शुरू होगा। इंटरव्यू के जरिए ट्रस्ट इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करेगा।

इंटरव्यू की तैयारी

चयन समिति के एक सदस्य ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि समिति ने तय किए गए नियमों और योग्यता के आधार पर 5,000 से ज्यादा आवेदनों की जांच की थी। उन्होंने बताया कि आवेदन की जांच के दौरान कुछ उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत भी की गई। इसका मकसद उनकी योग्यता से जुड़ी कुछ बातों को स्पष्ट करना और उनके विचारों को समझना था। समिति के सदस्य के मुताबिक, करीब 20 दिनों तक चली चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम इंटरव्यू के लिए करीब 18 उम्मीदवारों को चुना गया है।

चयम समिति में शामिल हैं ये लोग

चयन समिति में पूर्व जज प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक व शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। उम्मीदवारों के इंटरव्यू सुबह 10 बजे से शुरू होने हैं। मामले की जानकारी रखने वाले ट्रस्ट के एक अधिकारी के हवाले से ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने बताया कि इंटरव्यू राम मंदिर में ही होंगे। सभी उम्मीदवारों को मीडिया से बात न करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो दिन तक चलने वाली इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति ट्रस्ट को तीन उम्मीदवारों के नाम सुझाएगी। इसके बाद ट्रस्ट इनमें से किसी एक को पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करेगा। नए सीईओ की जिम्मेदारी राम मंदिर के प्रशासन की निगरानी करने के साथ-साथ मंदिर से जुड़े अलग-अलग कामों और व्यवस्थाओं को संभालना होगा। इस पद के लिए चुने जाने वाले व्यक्ति के लिए हिंदू धर्म को मानने वाला होना जरूरी है। इसके अलावा उसे हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का भी सख्ती से पालन करना होगा।

Aegeus IPO Listing: 18% का लिस्टिंग गेन, सोलर की सफाई करने वाली ऐजीअस के ₹105 के शेयरों का धमाल

Aegeus IPO Listing: सोलर प्लांट की सफाई के लिए रोबोट तैयार करने वाली ऐजीअस टेक के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 29 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹124.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 18.57% का लिस्टिंग गेन (Aegeus Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹129.95 (Aegeus Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.76% मुनाफे में हैं।

Aegeus IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ऐजीअस का करीब ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-6 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 29.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 23.88 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 48.05 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 25.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22,58,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2.86 करोड़ प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ₹5.74 करोड़ जमीन की खरीदारी और सिविल वर्क्स के जरिए मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹3.56 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों और ₹3.55 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Aegeus Technologies के बारे में

ऐजीअस रोबोटिक और इंटेलिजेंस ऑटोमेशम सॉल्यूशंस डिजाइन कर डेवलप करती है। यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सिस्टम इंटीग्रेशन, डेटा मैनेजमेंट, ऑटोमेशन सॉल्यूशंस और कस्टमाइज्ड टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 108% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹4.02 करोड़ और टोटल इनकम 64% से अधिक के CAGR से बढ़कर ₹41.22 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹11.93 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.28 करोड़ पड़े थे।

Anawil IPO Listing: 22% का लिस्टिंग गेन, टावर बनाने वाली कंपनी के ₹270 के शेयरों की धांसू एंट्री

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Trend : ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमत बाजार के लिए सबसे बड़ा निगेटिव फैक्टर, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market Trend : मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच 11 अगस्त को भारतीय बाजार मामूली गिरावट के साथ खुले हैं। ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार के दूसरे फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद,ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बाजार में एक अहम बदलाव यह हुआ है कि FIIs अब खरीदार बन रहे हैं। Q1 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और रुपये में स्थिरता आई है, इससे विदेशी निवेशक पसंद कर रहे हैं। इन बातों से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू खपत मजबूत रहने से FY27 तक अर्निंग्स में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है।

FCNR(B)में आ रहे भारी निवेश से रुपये को सहारा मिल सकता है,जिससे और ज्यादा FII निवेश आ सकता है। FIIs दक्षिण कोरिया और ताइवान में चिप ट्रेड से अपना पैसा निकालकर भारतीय शेयरों में डाल रहे हैं। यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि FIIs अच्छे वैल्यूएशन वाले बड़े बैंकों के बजाय टेलीकॉम, रिन्यूएबल एनर्जी,कैपिटल गुड्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर के महंगे शेयरों में पैसे लगा रहे हैं।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, हितेश टेलर का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में सुस्ती के संकेत हैं। ग्लोबल संकेत मिलेजुले हैं। निवेशक अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंता और दूसरी तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। इस हफ्ते अमेरिका में जुलाई के रिटेल महंगाई आंकड़े आने वाले हैं। ऐसे में मार्केट महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सतर्क रह सकता है।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार में आज की कमाई की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24632-24678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24711-24767/24788 पर है। इसके लिए पहला बेस 24471-24509 पर और बड़ा बेस 24383-24411 पर है। कल बेस-1 से रजिस्टेंस-1 के बीच रेंज ने अच्छा काम किया। FIIs कैश में खरीदारी रही,लेकिन इंडेक्स में बिकवाली हुई। नेट शॉर्ट 1.52 लाख पर रहे,नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी।

आज एक्सपायरी है और ग्लोबल सेटअप साइडवेज है। कच्चा तेल फिलहाल मजबूत निगेटिव फैक्टर है। 24600-24700-24800 पर कॉल और 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24471 पर 10 DEMA और 24383 पर 200 DEMA है। एक्सपायरी को देखते हुए फिलहाल रेंज में ट्रेड करना बेहतर रहेगा। बेस-1 पर गिरावट में खरीदें,रजिस्टेंस-1 पर निकलें। 24471 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा,फिर बेस-2 का टेस्ट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 पर मुनाफा बुक करें।

24711 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट हो सकता है,दिन में 70-80 अंक की अतिरिक्त चाल संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57941-58086 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58278-58389/58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57550 पर और बड़ा बेस 56959-57117/57236 पर है। बैंक निफ्टी अभी छोटी रेंज में फंसा हुआ है। कल भी कारोबार साइडवेज रहा। PSU बैंकों में तेज दबाव देखने को मिला। 58000-58100-58200 पर कॉल राइटिंग दिखी। 57000 पुट में अच्छा OI है, यहां 10/20DEMA भी है।

शुरुआत में रेंज ट्रेड करने की रणनीति रखें। क्रूड में तेजी है,इसलिए बेस-1 टूटने पर दबाव संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 तक गिरावट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 के पास निकलें।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। आज इनकी जेएसडब्ल्यू एनर्जी और मारुति में खरीदारी की सलाह है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी में इनकी 577 रुपए के आसपास, 571 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 586 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, मारुति में इनकी 14090 रुपए के आसपास,13910 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 14545 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IRCTC ने किया बड़ा ऐलान! अब गिफ्ट कार्ड से घूमिये बैंकॉक-पटाया

IRCTC का 6 दिन का थाईलैंड टूर पैकेज कम समय में कई खास जगहों को घूमने का मौका देता है। इस ट्रिप में बैंकॉक और पटाया के साथ कोरल आइलैंड, सफारी वर्ल्ड और नदी क्रूज जैसे शानदार एक्सपीरियंस मिल सकते हैं। कम बजट में शुरू होने वाला यह पैकेज थाईलैंड की खूबसूरती और पॉपुलर जगहों को एक ही यात्रा में देखने की चाह रखने वालों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

पैकेज प्राइस और ट्रैवल डेट

थाईलैंड में सर्दी का मौसम: करने लायक चीज़ें और घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें

IRCTC का थाईलैंड टूर पैकेज ₹49,500 प्रति व्यक्ति से शुरू हो रहा है। ट्रिपल शेयरिंग में एक व्यक्ति का किराया ₹49,500 है, जबकि डबल शेयरिंग के लिए ₹61,300 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹57,000 देने होंगे। बच्चों के लिए किराया ₹30,300 रखा गया है। बुकिंग के समय 2% TCS अलग से देना होगा, जबकि 5% GST पैकेज की कीमत में शामिल है। यह 5 रात और 6 दिन का थाईलैंड टूर है, जो 12 नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक चलेगा। जर्नी की शुरुआत कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होगी। ट्रैवलर फ्लाइट से बैंकॉक पहुंचेंगे और वहां से आगे का सफर टूर प्लानिंग के हिसाब से करेंगे।

 

 

पहला दिन – पटाया

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बैंकॉक एयरपोर्ट पहुंचने के बाद ट्रैवलर को पटाया ले जाया जाएगा। एयरपोर्ट से पटाया तक का सफर करीब ढाई घंटे का होगा। होटल पहुंचकर चेक-इन और नाश्ता करने के बाद टाइगर पार्क घूमने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच किया जाएगा। शाम को पटाया का फेमस अल्काजार शो देखने जाएंगे। शो के बाद भारतीय रेस्टोरेंट में डिनर होगा और रात पटाया के होटल में बिताई जाएगी।

 

 

दूसरा दिन – कोरल आइलैंड

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दूसरे दिन सुबह नाश्ते के बाद कोरल आइलैंड घूमने का प्लान है। यात्रियों को स्पीडबोट से आइलैंड तक ले जाया जाएगा, जहां समुद्र और खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है। कोरल आइलैंड घूमने के बाद भारतीय रेस्टोरेंट में लंच कराया जाएगा। इसके बाद जेम्स गैलरी देखने का मौका मिलेगा। शाम को कुछ समय अपने हिसाब से बिताया जा सकता है। रात में डिनर के बाद पटाया के होटल में आराम करेंगे।

 

 

तीसरा दिन – बैंकॉक

Ripples Cruise

तीसरे दिन पटाया से चेक-आउट करके बैंकॉक के लिए रवाना होंगे। बैंकॉक पहुंचने के बाद आधे दिन का सिटी टूर कराया जाएगा। इस दौरान मार्बल बुद्ध और गोल्डन बुद्ध जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच किया जाएगा। शाम को चाओफ्राया नदी में डिनर क्रूज का आनंद लिया जा सकेगा। नदी के खूबसूरत नजारों के बीच डिनर के बाद रात बैंकॉक के होटल में ठहरेंगे।

 

 

चौथा दिन – सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क

थाईलैंड में घूमने की जगहें | जैकाडा ट्रैवल

चौथे दिन बैंकॉक में घूमने के लिए स्पेशल लोकेशन है। इस दिन ट्रैवलर सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क जाएंगे। यहां अलग-अलग जानवरों को देखने के साथ मनोरंजक शो देख सकते है। घूमने के दौरान लंच की सुविधा भी मिलेगी। दिनभर की सैर के बाद यात्री बैंकॉक के होटल में वापस आएंगे और रात वहीं रुकेंगे।

 

 

 

पांचवां दिन – बैंकॉक ओशन वर्ल्ड

पांचवें दिन होटल से चेक-आउट करने के बाद SEA LIFE बैंकॉक ओशन वर्ल्ड घूमने जाएंगे। यहां समुद्री जीवों और पानी के अंदर की दुनिया को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इसके बाद लंच कराया जाएगा। यदि टाइम मिले तो एयरपोर्ट जाने से पहले बैंकॉक में शॉपिंग भी की जा सकती है। इसके बाद वापसी की फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट रवाना होंगे।

 

 

पैकेज फैसिलिटी

IRCTC के इस पैकेज में जर्नी को आसान बनाने के लिए कई फैसिलिटीज शामिल की गई हैं। इसमें थाई लायन एयरलाइंस से कोलकाता और बैंकॉक के बीच आने-जाने का हवाई किराया, तीन सितारा होटल में पांच रातों का ठहराव, नाश्ता, लंच और डिनर शामिल हैं। ट्रैवलर को ट्रैवल इंश्योरेंस और लोकल टूर गाइड की फैसिलिटी भी मिलेगी।

कुछ खर्च ऐसे हैं, जो पैकेज की कीमत में शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें वीज़ा फीस, 2% TCS, फ्लाइट में मिलने वाला खाना, सीट चुनने का शुल्क, टिप्स और निजी खर्च शामिल हैं। इसलिए टूर बुक करने से पहले इन एक्स्ट्रा खर्चों को भी अपने बजट में शामिल करें।

 

 

जरूरी डॉक्यूमेंट

थाईलैंड की ट्रिप से पहले पैसेंजर को वहां के लेटेस्ट एंट्री नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। पासपोर्ट की वैलिडिटी कम से कम छह महीने होनी चाहिए। इसके अलावा वापसी का टिकट, होटल बुकिंग की जानकारी, फोटो और पैसे होने का प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है। Thailand Digital Arrival Card (TDAC) भी जरूरी हो सकता है।

Viral Post: RAC टिकट वाली महिला ने सीट खाली करने से किया मना, दर्ज की शिकायत, फिर..

भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। वहीं सफर के लिए हर यात्री को टिकट लेना जरूरी होता है। इसके बावजूद कई यात्री अक्सर बिना टिकट ट्रेन में सफर करते पकड़े जाते हैं। वहीं हाल ही में एक यात्री ने ट्रेन में सफर के दौरान हुई परेशानी का एक्सपीरिएंश शेयर किया। जहां एक महिला किसी दूसरे यात्री की आरक्षित सीट पर बैठी नजर आई। यात्री के मुताबिक, महिला के पास RAC टिकट था, लेकिन उसने उसकी कन्फर्म सीट पर बैठकर उसे खाली करने से इनकार कर दिया। यात्री ने महिला को बताया कि सीट उसके नाम पर रिजर्व है, फिर भी महिला अपनी जगह से नहीं हटी। इस वजह से दोनों के बीच असहज स्थिति बन गई और यात्री काफी परेशान हो गया।

महिला ने सीट छोड़ने से किया मना

X पर अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए संजू चौधरी ने इस स्थिति को “इंडियन रेलवे का पीक” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई दूसरा यात्री कन्फर्म सीट पर कब्जा कर ले और वहां से हटने से मना कर दे, तो कन्फर्म टिकट बुक करने का क्या फायदा है। उन्होंने कहा, “मेरी रिजर्व सीट पर बैठी एक महिला के पास RAC टिकट है, लेकिन वह मुझे उस सीट पर बैठने से मना कर रही है जो असल में मुझे अलॉट की गई है।”

2.5 घंटे तक नहीं हुआ सामाधान

मामले को और मुश्किल बताते हुए यात्री ने कहा कि उसने पहले ही रेलवे अधिकारियों से शिकायत कर दी थी, लेकिन करीब ढाई घंटे बीतने के बाद भी उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। उसने कहा, “2.5 घंटे पहले कंप्लेंट की गई थी। अभी भी कोई सॉल्यूशन नहीं।” यात्री ने आगे सवाल उठाते हुए कहा, “तो कन्फर्म सीट बुक करने का क्या मतलब है अगर RAC टिकट वाला कोई व्यक्ति बस उस पर कब्जा कर सकता है और हिलने से मना कर सकता है?” पैसेंजर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “बेसिक सॉल्यूशन के लिए 2.5 घंटे इंतजार करना पड़ा। बिल्कुल बेकार” और इस मामले में संबंधित अधिकारियों को भी टैग किया।

रेलवे ने दिया ध्यान

इसके बाद रेलवे सेवा ने मामले का संज्ञान लिया और यात्री से जरूरी जानकारी शेयर करने को कहा, ताकि शिकायत की जांच की जा सके। लेकिन, चौधरी ने जवाब देते हुए कहा, “आपका TTE आया और कहा कि मुझे उस व्यक्ति से कॉम्प्रोमाइज करना होगा क्योंकि RAC दो सदस्यों को अलॉट किया गया है और मुझे अपनी पूरी यात्रा सोकर करनी होगी।” इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा होने लगी।

लोगों ने किया कमेंट

कई यूजर्स ने रेलवे अधिकारियों से ऐसे मामलों में तुरंत दखल देने और उचित कार्रवाई करने की मांग की। एक यूजर ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बहुत बेकार, आप लोग कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहे हैं? रिजर्वेशन नॉन-रिजर्वेशन हो गया है??” एक अन्य यूजर ने लिखा, “भाई बिल्कुल फ्रस्ट्रेट होने वाली बात है। पैसे देकर कन्फर्म टिकट लिया और फिर भी यह नाटक। रेलवे को इस पर सीरियस एक्शन लेना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “सीरियसली, यह खुद के पैसे/टिकट पे मज़ाकिया है। आखिर में सॉल्यूशन यह होगा कि एडजस्ट कर लो, वो लोग दो लोग हैं।”

सरकारी स्टील कंपनी मार्केट से जुटाएगी बड़ा फंड! FY27 में 5% का FPO लाने की प्लानिंग, सरकार से मांगी मंजूरी

Steel Authority of India FPO: सरकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) बाजार से फंड जुटाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, महारत्न कंपनी ‘सेल’ ने चालू वित्त वर्ष (FY27) में 5 फीसदी का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लाने के लिए वित्त मंत्रालय के निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) से संपर्क किया है।

इसके पीछे का उद्देश्य अपनी विस्तार योजनाओं के लिए पैसे जुटाना है। कंपनी की योजना नए शेयर जारी कर मिलने वाले फंड का सीधा इस्तेमाल अपने प्लांटों के आधुनिकीकरण और कैपेक्स जरूरतों को पूरा करने में करने की है।

OFS से अलग कैसे है FPO का रास्ता?

आमतौर पर सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) का रास्ता चुनती है, लेकिन SAIL इस बार FPO के जरिए फंड जुटाना चाहती है। OFS के जरिए जब सरकार शेयर बेचती है, तो उससे मिलने वाला सारा पैसा भारत सरकार के खजाने में जाता है। वहीं FPO के तहत कंपनी नए इक्विटी शेयर जनता के लिए जारी करती है। इससे जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के बैलेंस शीट में जाती है, जिसका इस्तेमाल बिजनेस विस्तार में होता है।

वर्तमान में SAIL में भारत सरकार की हिस्सेदारी 65 फीसदी है। फ्रेश इक्विटी जारी होने से सरकार की शेयरहोल्डिंग में थोड़ी गिरावट तो आएगी, लेकिन इससे सरकार को सीधे तौर पर कोई रेवेन्यू नहीं मिलेगा, बल्कि पूरी रकम कंपनी के खाते में जाएगी।

कैपेक्स और क्षमता विस्तार के लिए फंड की जरूरत

इस्पात मंत्रालय के तहत आने वाली महारत्न कंपनी SAIL हाल के वर्षों में अपने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार पूंजीगत व्यय बढ़ा रही है। कंपनी देश भर में भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर और बर्नपुर में 5 इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट और 3 स्पेशल स्टील प्लांट संचालित करती है। फ्रेश शेयर बिक्री से मिलने वाला फंड कंपनी को कर्ज या सिर्फ आंतरिक लाभ पर निर्भर रहने के बजाय पूंजी जुटाने का एक मजबूत विकल्प प्रदान करेगा।

Q1 में मुनाफा दोगुना से ज्यादा बढ़ा

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब कंपनी के पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ दो गुने से अधिक बढ़कर ₹1,644.05 करोड़ रहा, जिसमें खर्चों में आई कमी का बड़ा योगदान रहा। जून तिमाही के दौरान क्रूड स्टील का उत्पादन 4.76 मिलियन टन रहा, जबकि बिक्री 4.16 MT रही।

SAIL के चेयरमैन अशोक कुमार पांडा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू इस्पात खपत में लगातार सुधार देखने को मिला है और भारतीय स्टील उद्योग ने मजबूत जुझारूपन दिखाया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पहली बार मार्केट में पैसा लगाने से पहले नोट कर लें ये 5 पॉइंट्स, नुकसान से बचाएगी समझदारी

First Time Investor Tips: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करना काफी रोमांचक हो सकता है, लेकिन बिना तैयारी के बाजार में उतरा गया एक गलत कदम आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है। अगर आप भी एक नए निवेशक हैं और पहली बार मार्केट में पैसा लगाने का मन बना रहे हैं, तो शुरुआत करने से पहले वित्तीय विशेषज्ञों के ये 5 सबसे जरूरी नियम जरूर नोट कर लें।

1. सबसे पहले बनाएं अपना फाइनेंशियल गोल

निवेश केवल पैसा लगाने का नाम नहीं है, बल्कि यह आपके भविष्य की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम है। पैसा लगाने से पहले यह स्पष्ट करें कि आप रिटायरमेंट, घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या वेल्थ क्रिएशन में से किस उद्देश्य के लिए निवेश कर रहे हैं। आपका लक्ष्य अल्पकालिक या दीर्घकालिक ही यह तय करेगा कि आपको इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में से किसमें पैसा लगाना चाहिए।

2. इमरजेंसी फंड तैयार रखें और जल्दी शुरुआत करें

बाजार में बड़ा दांव लगाने से पहले अपने पास एक सुरक्षा कवच यानी इमरजेंसी फंड जरूर रखें। अपनी किसी भी बड़ी इन्वेस्टमेंट से पहले 3 से 6 महीने के लिविंग एक्सपेंस को किसी आसानी से निकलने वाले सेविंग्स या लिक्विड अकाउंट में रखें। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान आपको पैनिक में अपने शेयर बेचने नहीं पड़ेंगे। इसके साथ ही जितनी जल्दी संभव हो छोटे-छोटे अमाउंट से इन्वेस्ट करना शुरू कर दें। शुरुआती निवेश से आपको पावर ऑफ कंपाउंडिंग का ज्यादा समय तक फायदा मिलता है।

3. ‘डाइवर्सिफिकेशन’ अपनाएं, सारा पैसा एक जगह न लगाएं

शेयर बाजार का सबसे पहला नियम है कि, ‘कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें’। अपने पैसे को किसी एक कंपनी या सिर्फ एक सेक्टर में लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट क्लासेज इक्विटी, गोल्ड, डेट और अलग-अलग सेक्टर्स में बांटें। अगर आपका एक इन्वेस्टमेंट खराब परफॉर्म करता है, तो दूसरे स्टॉक्स या फंड्स आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस रखेंगे।

4. सोशल मीडिया की टिप्स से बचें, रीसर्च पर भरोसा करें

सोशल मीडिया फिनफ्लुएंसर्स, वॉट्सऐप टिप्स या मार्केट की अफवाहों के आधार पर कभी भी आंख बंद करके पैसा न लगाएं। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, बैलेंस शीट, कर्ज की स्थिति और वैल्यूएशन को समझें।म्यूचुअल फंड चुनते वक्त फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) और एक्सपेंस रेशियो की जांच करें।

5. मार्केट टाइम करने के बजाय SIP का रास्ता चुनें

मार्केट में ‘बॉटम’ पर खरीदना और ‘टॉप’ पर बेचना लगभग असंभव है। इसलिए मार्केट टाइमिंग के चक्कर में न पड़ें। बाजार की चाल का अंदाजा लगाने के बजाय SIP या नियमित पीरियोडिक इन्वेस्टमेंट का जरिया अपनाएं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव में आपकी खरीदारी की लागत औसतन कम हो जाती है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाने की संभावना बढ़ती है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है

ब्रोकरेज चार्ज, एक्सपेंस रेशियो, एसटीटी (STT) और कैपिटल गेन टैक्स जैसे खर्चों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये आपके कुल रिटर्न को प्रभावित करते हैं। बाजार में गिरावट देखकर पैनिक में आकर अपने एसेट्स न बेचें और न ही ट्रेंडिंग शेयर्स के पीछे भागें। साथ ही साथ हर 6 महीने या एक साल में अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करें ताकि वह आपके फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से अलाइन रहे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ardee Industries IPO: 139 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

आरडी इंडस्ट्रीज का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। इसका साइज ₹425.87 करोड़ था। अब आज, 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग 12 अगस्त को NSE और BSE पर होगी। जिन लोगों ने Ardee Industries IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Ardee Industries सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Ardee Industries IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया।

कैसी रह सकती है लिस्टिंग

Ardee Industries के शेयर अच्छी बढ़त में शुरुआत कर सकते हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 30.19 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

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आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lift Karadey Shoot: एक पैसा नहीं हुआ था खर्च, जब अदनान सामी के ‘लिफ्ट करा दे’ गाने में गोविंदा ना रिहर्सल हो गए थे शामिल

Lift Karadey Shoot: अदनान सामी का गाना ‘लिफ्ट करा दे’ उनके सबसे मशहूर पॉप गानों में से एक बन गया है। लेकिन शुरुआत में उनके म्यूज़िक लेबल को इस पर ज़्यादा भरोसा नहीं था। सिंगर ने बताया है कि मैग्नासाउंड ने इस गाने को “सड़क छाप” कहा, सवाल उठाया कि कई सफल गानों के बाद वह ऐसा गाना क्यों बनाना चाहते हैं, और आखिर में इसके म्यूज़िक वीडियो के लिए पैसे देने से मना कर दिया।

अदनान सामी ने ज़ूम के साथ हाल ही में हुए एक इंटरव्यू में यह कहानी शेयर की और बताया कि लेबल के मन में उनके अगले गाने के लिए कुछ और ही सोच थी। ‘कभी तो नज़र मिलाओ’ और ‘बरसात’ के हिट होने के बाद, मैग्नासाउंड चाहता था कि वह एक और रोमांटिक गाना बनाएं। लेकिन सामी के मन में कुछ और ही प्लान था।

उन्होंने ‘लिफ्ट करा दे’ गाने का सुझाव दिया, जो एक मज़ेदार और जोशीला गाना था, लेकिन उस समय लेबल ने उनके लिए जो इमेज सोची थी, यह गाना उससे मेल नहीं खाता था। इस आइडिया को सपोर्ट करने के बजाय, टीम ने सवाल किया कि वह उन “क्लासी” गानों से क्यों दूर जाना चाहते थे, जो वह पहले ही गा चुके थे।

उन्होंने याद करते हुए कहा, “तब सबने मेरी तरफ देखा और कहा, ‘तुम क्या बात कर रहे हो?’ मैंने कहा, ‘लिफ्ट करा दे’ एक अच्छा, जोश भरा गाना है।” उन्होंने कहा, “तुम क्या कह रहे हो? यह तो बिल्कुल सड़कछाप गाना है। ‘कभी तो नज़र मिलाओ’ और ‘भीगी-भीगी रातों में’ (बरसात) जैसे शानदार गाने कहाँ, और यह गाना कहां?” मैंने कहा, “मेरी बात सुनो। मैं हर तरह के गाने बनाता और गाता हूं।”

यह असहमति लगभग छह महीने तक चलती रही। अदनान सामी ने बताया कि मैग्नासाउंड को यकीन था कि यह गाना नहीं चलेगा और वे इसके वीडियो पर पैसे खर्च नहीं करना चाहते थे। ऐसे में सामी और उनकी टीम के पास काम करने के लिए बहुत कम साधन थे। उन्होंने ‘लिफ्ट करा दे’ का वीडियो ‘गुरिल्ला फ़ॉर्मेट’ में शूट करने का फ़ैसला किया, यानी बिना किसी बड़े बजट या मंज़ूरी के सड़कों पर जाकर शूटिंग की, जबकि आम तौर पर म्यूज़िक वीडियो के लिए ये चीज़ें ज़रूरी होती हैं।

अदनान ने आगे कहा, “यह बहस लगभग छह महीने तक चली और वे बिल्कुल भी सहमत नहीं थे। उन्हें लगा कि यह गाना नहीं चलेगा और वे इसमें कोई पैसा नहीं लगाना चाहते थे। हमने सचमुच गुरिल्ला फ़ॉर्मेट में वीडियो शूट किया। गुरिल्ला फ़िल्ममेकिंग का मतलब है कि आप बिना किसी बजट और बिना किसी मंज़ूरी के सड़कों पर जाकर शूटिंग करते हैं। हमने इसी तरह वीडियो शूट किया।”

‘लिफ़्ट करा दे’ को बाद में 2000 के दशक की शुरुआत के लोकप्रिय भारतीय पॉप गानों में से एक के तौर पर याद किया गया। इस गाने को सामी ने कंपोज़ किया और गाया था, जबकि इसके बोल रियाज़-उर-रहमान सागर ने लिखे थे।

इस म्यूज़िक वीडियो में गोविंदा भी एक कैमियो रोल में नज़र आए थे। अदनान सामी ने बताया है कि एक्टर ने बिना किसी रिहर्सल के ही शूट में हिस्सा लिया था और अपने कपड़े भी नहीं बदले थे, जिससे वीडियो में उनकी मौजूदगी एक यादगार हिस्सा बन गई।