Kisan Credit Card: किसानों को सस्ता लोन पाना हुआ आसान! जानें KCC के लिए कौन कर सकता है अप्लाई और क्या लगेंगे कागजात

Kisan Credit Card Scheme: भारतीय किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए समय पर और किफायती ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना बेहद कारगर साबित हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को महाजनों या साहूकारों के भारी-भरकम ब्याज के जाल से बचाना और उन्हें बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है।

शुरुआत में केसीसी का फोकस मुख्य रूप से फसल उगाने के मौसमी खर्चों तक सीमित था, लेकिन अब इसका विस्तार पशुपालन, डेयरी फॉर्मिंग, मत्स्य पालन, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन जैसी संबद्ध गतिविधियों तक कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस कार्ड को पाने के लिए कौन-कौन पात्र है, क्या-क्या दस्तावेज चाहिए और इसका आवेदन कैसे होता है।

कौन-कौन ले सकता है किसान क्रेडिट कार्ड?

केसीसी योजना का फायदा उठाने के लिए पात्रता के नियम काफी आसान बनाए गए हैं:

खुद की जमीन वाले किसान: व्यक्तिगत या संयुक्त रूप से खेती करने वाले जमीन के मालिक किसान।

बटाईदार व किरायेदार किसान: पट्टेदार, बटाईदार और किराये पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसान।

किसान समूह: स्वयं सहायता समूह (SHGs) या संयुक्त देयता समूह (JLGs)।

संबद्ध क्षेत्रों के किसान: पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन, झींगा और मत्स्य पालन से जुड़े किसान।

केसीसी के मुख्य लाभ और ब्याज दर

सस्ता ब्याज दर: केसीसी पर सामान्य ब्याज दर 7% होती है। लेकिन समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को सरकार 3% की अतिरिक्त छूट देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर केवल 4% प्रति वर्ष रह जाती है।

बिना गारंटी लोन: बिना किसी जमीन या संपत्ति को गिरवी रखे ₹2 लाख तक का लोन आसानी से मिल जाता है।

रिवाल्विंग क्रेडिट लिमिट: केसीसी एक क्रेडिट कार्ड की तरह काम करता है, जिसमें एक तय क्रेडिट लिमिट मिलती है और किसान जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल और जमा कर सकते हैं।

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

केसीसी के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित मूलभूत दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, या ड्राइविंग लाइसेंस।
  • पते का प्रमाण: आधार कार्ड, राशन कार्ड या बिजली का बिल।
  • जमीन के दस्तावेज: जमीन की खतौनी/खसरा/7/12 एक्सट्रैक्ट या पट्टेदारी/किरायेदारी का प्रमाण पत्र।
  • फसल की जानकारी: खेत में बोई जाने वाली फसल और रकबे की स्व-घोषणा।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक के 2 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कैसे करें अप्लाई?

किसान क्रेडिट कार्ड आप वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों या सहकारी बैंकों के जरिए बनवा सकते हैं:

1. बैंक शाखा के जरिए

अपने नजदीकी बैंक शाखा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।

वहां से KCC का आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरें।

फॉर्म के साथ सभी जरूरी आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और जमीन के कागजात संलग्न कर जमा करें।

बैंक द्वारा आपके दस्तावेजों के सत्यापन और लोन अप्रूवल के बाद आपको केसीसी जारी कर दिया जाएगा।

2. ऑनलाइन प्रक्रिया

स्टेप 1- जिस बैंक में आपका खाता है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल बैंकिंग ऐप पर जाएं।

स्टेप 2- ‘Kisan Credit Card’ सेक्शन में जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भरें।

स्टेप 3- मांगे गए दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।

स्टेप 4- अगर आप PM-Kisan योजना के लाभार्थी हैं, तो आपकी ई-केवाईसी और लैंड डिटेल्स पहले से वेरीफाइड होने के कारण एक पन्ने के आसान फॉर्म के जरिए तुरंत मंजूरी मिल जाती है।

EPF vs PPF: रिटायरमेंट फंड के लिए कौन सा ऑप्शन है नंबर-1? जानिए किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा

EPF vs PPF Retirement Planning: जब भी नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग की बात आती है, तो दो नाम सबसे पहले सामने आते हैं एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)। दोनों ही योजनाएं सरकार द्वारा समर्थित हैं, लंबी अवधि की बचत के लिए हैं और टैक्स छूट का फायदा भी देती हैं। यही वजह है कि इन दोनों में से किसी एक को चुनना काफी उलझन भरा काम लगता है।

हालांकि, वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि यह ‘EPF बनाम PPF’ की जंग नहीं है। दोनों स्कीम्स के अपने अलग-अलग फायदे और उद्देश्य हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एक सैलरीड कर्मचारी को किसे पहले चुनना चाहिए।

EPF: ऑटोमैटिक बचत और एंप्लॉयर का योगदान

अगर आप किसी ऐसी कंपनी या संस्थान में काम करते हैं जो EPF के तहत कवर है, तो आपके वेतन से हर महीने अपने आप ईपीएफ में कटौती होती है। ईपीएफ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जितना योगदान आपकी बेसिक सैलरी से कटता है, उतना ही हिस्सा आपकी कंपनी भी जमा करती है। यह एक ऐसा एक्स्ट्रा फायदा है जो आपको PPF में नहीं मिलता।

बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के आपकी सैलरी से हर महीने पैसे कटकर जमा होते रहते हैं, जिससे करियर के अंत तक एक बड़ा फंड तैयार हो जाता है। इसीलिए ज्यादातर फाइनेंशियल प्लानर्स सुझाव देते हैं कि वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए EPF को हमेशा पहली प्राथमिकता बनाना चाहिए।

PPF: फ्लेक्सिबिलिटी और अतिरिक्त बचत का जरिया

पीपीएफ किसी कंपनी या नौकरी से बंधा हुआ नहीं होता। इसे कोई भी नागरिक अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर खुलवा सकता है। इसमें आप अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से न्यूनतम और अधिकतम सीमा के दायरे में सालाना निवेश कर सकते हैं।

अगर आप जॉब बदलते हैं या कुछ समय का ब्रेक लेते हैं, तब भी आपका PPF अकाउंट बिना किसी रुकावट के चलता रहता है क्योंकि यह पूरी तरह आपका पर्सनल अकाउंट है। साथ ही आप EPF के अलावा अपनी रिटायरमेंट या किसी अन्य लंबे लक्ष्य के लिए अतिरिक्त बचत करना चाहते हैं, तो पीपीएफ सबसे सुरक्षित विकल्प बनता है।

लिक्विडिटी और निकासी

दोनों ही योजनाएं रोजमर्रा के खर्चों या बार-बार पैसे निकालने के लिए नहीं बनाई गई हैं।

EPF निकासी: ईपीएफ से पैसे निकालने के नियम आपकी नौकरी की स्थिति और विशिष्ट जरूरतों जैसे- घर खरीदना, बीमारी, शादी से जुड़े होते हैं।

PPF लॉक-इन: पीपीएफ का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, हालांकि कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी और लोन की सुविधा मिलती है।

दोनों में से किसे चुनें?

एक वेतनभोगी कर्मचारी के लिए सही रणनीति यह है कि दोनों को एक-दूसरे का प्रतिस्पर्धी मानने के बजाय पूरक के रूप में इस्तेमाल किया जाए:

ईपीएफ को बनने दें बुनियाद: चूंकि ईपीएफ में कंपनी का भी योगदान मिलता है, इसलिए अपनी नौकरी के दौरान ईपीएफ अंशदान को बिना किसी रुकावट के जारी रहने दें यह आपकी रिटायरमेंट की मुख्य नींव है।

पीपीएफ को बनाएं बैकअप शील्ड: अगर ईपीएफ में कटौती के बाद भी आपके बजट में और बचत की गुंजाइश है, तो अतिरिक्त सरप्लस पैसे को पीपीएफ में निवेश करें। इससे आपका एसेट एलोकेशन मजबूत होगा और पोर्टफोलियो सुरक्षित रहेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Milky Mist IPO: 7 बातें, ₹1533 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जानना है जरूरी

Milky Mist IPO: डेयरी प्रोडक्ट्स कंपनी मिल्की मिस्ट का कारोबार देश भर में फैला हुआ है। अब यह स्टॉक मार्केट में भी लिस्टिंग की तैयारी में है, जिसका ₹1533 करोड़ का आईपीओ मंगलवार 11 अगस्त को सब्सक्रिप्शन को खुलेगा। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की स्थिति तगड़ी दिख रही है और कंपनी की कारोबारी सेहत लगातार मजबूत हो रही है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 7 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

आईपीओ खुलने के बाद मिल्की मिस्ट के ₹1,553 करोड़ के आईपीओ में ₹133-₹140 के प्राइस बैंड और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे।

2. अहम डेट्स

मिल्की मिस्ट का आईपीओ 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 14 अगस्त को फाइनल होगा। आईपीओ की सफलता के बाद फिर शेयरों की बीएसई और एनएसई पर 18 अगस्त को एंट्री होगी।

3. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में मिल्की मिस्ट के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹27 यानी 19.29% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

4. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत ₹1,428 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 89,28,570 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स सतीशकुमार टी और अनीत एस अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।

5. रजिस्ट्रार

मिल्की मिस्ट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिनटेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर स्टेटस देख सकेंगे कि मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

6. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹496.86 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹469.24 करोड़ पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और मॉडर्नाइजेशन, ₹155.31 करोड़ विसि कूलर्स, आइस क्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर्स और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

7. कंपनी के बारे में

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड देश की सबसे तेज बढ़ रही पैकेज्ड फूड कंपनियों में है, जिसका फोकस प्रीमियम वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है। यह अपने मुख्य ब्रांड मिल्की मिस्ट समेत स्मार्टशेफ, कैपेला, मिस्टी लाइट, ब्रियास और असल जैसे सब-ब्रांड्स के तहत चीज, पनीर, मक्खन, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम, यूएचटी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट (RTE), रेडी-टू-कुक (RTC) फूड्स और चॉकलेट्स जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी फार्म-टू-कंज्यूमर इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें किसानों से सीधे दूध लेकर यह एडवांस्ड ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में इसकी प्रोसेसिंग करती है। अपने खुद के कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मल्टी-चैनल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए इसके ग्राहक देश भर में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 155% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹127.01 करोड़ और टोटल इनकम 31% के सीएजीआर से ₹3,145.01 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,671.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹333.55 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पंजाबी शराब कारोबारी की कनाडा में हत्या:दुकान से वाइन उठाकर भाग रहा था युवक, रोकने पर सीने में मारी गोली

कनाडा के एडमंटन में पंजाबी मूल के शराब कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में दोपहर करीब 1 बजे हुई। 22 वर्षीय युवक स्टोर में आया और शराब की कुछ बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा। इसके बाद कारोबारी ने उसे रोकने की कोशिश की और स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। इसी दौरान युवक ने उनकी छाती पर गोली चला दी। मृतक की पहचान सुखजीत रंधावा उर्फ सनी (48) के रूप में हुई है। घटना 6 अगस्त की है, जो अब सामने आई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो कनाडाई नागरिक बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। शराब की बोतलें उठाकर बिना पेमेंट किए जाने लगा युवक जानकारी के अनुसार, कनाडा के एडमंटन में 22 वर्षीय युवक 6 अगस्त की दोपहर करीब 1 बजे सेंट्रल इलाके में 112 एवेन्यू और 82 स्ट्रीट के पास स्थित कनेक्ट लिकर स्टोर में पहुंचा। उसने शराब की कुछ बोतलें उठाईं और बिना पेमेंट किए दुकान से बाहर जाने लगा। स्टोर में मौजूद 48 वर्षीय सुखजीत रंधावा उर्फ सनी ने उसे रोकने की कोशिश की। युवक ने बोतलों के पैसे नहीं दिए। इसके बाद सनी ने उसे रोकने के लिए स्टोर का दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करते ही कारोबारी पर चलाई गोली दरवाजा बंद किए जाने के बाद युवक ने सनी की छाती पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एडमंटन पुलिस सर्विस (EPS) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सनी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत को हत्या करार दिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया मामले की जांच के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस की जांच शाखा ने 22 वर्षीय निकलस बटलर-चोवेस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ सेकंड-डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है। आरोपी कनाडाई नागरिक है। पुलिस का कहना है कि मामले में किसी अन्य संदिग्ध की तलाश नहीं है। दक्षिण एशियाई समुदाय और दुकानदारों में आक्रोश घटना के बाद दक्षिण एशियाई समुदाय और स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश है। एडमंटन के मेयर अमरजीत सोही और स्थानीय नेताओं ने घटना को गंभीर त्रासदी बताया है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शहर में छोटे दुकानदारों की सुरक्षा चिंताजनक होती जा रही है। उनका कहना है कि कारोबारियों और कर्मचारियों को अक्सर आपराधिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। व्यवसायी संघ ने की सुरक्षा की मांग सुखजीत रंधावा को याद करते हुए उनके ग्राहकों और दोस्तों ने बंद दुकान के बाहर मोमबत्तियां, फूल और अगरबत्तियां रखकर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने बताया कि सुखजीत बेहद मिलनसार और दयालु इंसान थे और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहते थे। घटना के बाद स्थानीय व्यवसायी संघ ने प्रशासन से रिटेल स्टोर्स और कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। ************ ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में पंजाबी युवक को फेंटानिल पिलाकर मारा: कफ सिरप में मिलाया, किसी और को देना था; 5 साल पुराने मामले में खुलासा कनाडा के चेस्टर्मेयर में रहने वाले पंजाबी युवक की मौत मामले में अल्बर्टा पुलिस ने पांच साल लंबी जांच के बाद बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि साहिल की मौत कफ सिरप में जानलेवा दवा फेंटानिल मिलाकर पिलाने से हुई थी। (पढ़ें पूरी खबर)

Rashifal Today: आज के दिन अपने खर्च पर दें ज्यादा ध्यान, जानें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। ऐसे में आपको अपने बजट को सही तरीके से संभालना होगा। भावनाओं में आकर कोई महंगी खरीदारी करने से बचें। अचानक आने वाले खर्चों के लिए भी कुछ पैसे बचाकर रखना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन आपके लिए अच्छा रह सकता है। भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय की योजनाओं पर ध्यान देना जरूरी होगा। किसी भी चीज की खरीदारी जल्दबाजी में न करें और अपने बजट का ध्यान रखें। अगर आप अपने खर्चों को नियंत्रित रखते हैं तो आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें और उन्हें पूरा करने की दिशा में लगातार काम करें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी। बेवजह खर्च करने से बचें और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने पर ध्यान दें। भविष्य के लिए सही योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। निवेश या बचत से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाए रखना आज आपके लिए जरूरी रहेगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक फैसले लेते समय पूरी जानकारी हासिल करना आपके लिए जरूरी है। किसी बड़े निवेश या खर्च से पहले सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझें। अपने बजट और निवेश की स्थिति पर नजर बनाए रखें। बाजार और आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी लेते रहें। जरूरत पड़ने पर अपनी वित्तीय योजना में बदलाव करने से भी पीछे न हटें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। ऐसे में आपको अपने बजट को सही तरीके से संभालना होगा। भावनाओं में आकर कोई महंगी खरीदारी करने से बचें। अचानक आने वाले खर्चों के लिए भी कुछ पैसे बचाकर रखना बेहतर रहेगा। सोच-समझकर किया गया खर्च आपकी आर्थिक स्थिति को संतुलित बनाए रखने में मदद करेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक मामलों में आज का दिन आपको अपने बजट को व्यवस्थित करने का मौका देगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है और किसी भी खरीदारी से पहले अच्छी तरह विचार करें। आपको कोई नई आर्थिक संभावना भी मिल सकती है, लेकिन उसका फायदा उठाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। सही योजना के साथ आगे बढ़ने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करने का अच्छा समय है। अपने बजट की समीक्षा करें और देखें कि किन खर्चों को कम किया जा सकता है। गैरजरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें। छोटी-छोटी बचत आगे चलकर आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकती है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको आर्थिक स्थिरता पर ध्यान देना चाहिए। बेवजह की महंगी चीजों पर खर्च करने से बचें और अपने वित्तीय लक्ष्य साफ रखें। निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में न लें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसके फायदे और जोखिम को समझना जरूरी है। लंबे समय की योजना बनाकर चलने से आपको फायदा मिल सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक दृष्टि से दिन अच्छा रह सकता है। भविष्य के लिए लंबी अवधि की योजनाएं बनाने पर ध्यान दें। अचानक होने वाले खर्चों से बचने की कोशिश करें और अपने बजट की समीक्षा करें। यह देखना जरूरी होगा कि आपकी बचत और निवेश सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं। सोच-समझकर उठाया गया कदम आपको अपने आर्थिक लक्ष्य के करीब ले जा सकता है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपको आर्थिक मामलों में धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। कुछ नए मौके सामने आ सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। बिना पूरी जानकारी के निवेश या ज्यादा खर्च करना नुकसानदेह हो सकता है। अपने पुराने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार बजट में बदलाव करें। आज सही योजना और संयम के साथ आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

ठाणे के पति-पत्नी से शेयर बाजार के नाम पर ₹20.31 लाख की ठगी, जानें कैसे बिछाया गया जाल

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस के अनुसार, 42 वर्षीय व्यक्ति को निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया गया था। इसके बाद साइबर ठगों ने उससे करीब 20.31 लाख रुपये ठग लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

कैसे हुआ धोखाधड़ी

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे के इस व्यक्ति ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे सुरक्षित करने के इरादे से शेयर बाजार में निवेश करने का फैसला किया था। इसी दौरान उसने ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले एक लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया और उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। इसके बाद ठगों ने व्यक्ति को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया और निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पीड़ित और उसकी पत्नी ने 15 मई से 30 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 20,31,047 रुपये आरोपियों को भेज दिए।

कब पता चला ठगी के बारे में

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को जब निवेश पर वादा किया गया मुनाफा नहीं मिला और अपनी लगाई हुई रकम भी वापस नहीं मिली, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पहले साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और फिर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

ये मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के एक आम तरीके को दिखाता है। ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में कम समय में ज्यादा मुनाफा देने का लालच देते हैं और फिर उन्हें फर्जी निवेश ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। पुलिस ने लोगों को ऐसे अनजान लिंक से सावधान रहने और ज्यादा रिटर्न के लालच में पैसे निवेश न करने की सलाह दी है।

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Gold Outlook: सोने में अगली तेजी में Gen Z का होगा बड़ा हाथ, जानिए WGC की रिपोर्ट क्या कहती है

Gold Outlook: गोल्ड के साथ रिश्ता बदल रहा है। इसमें जेनजी का बड़ा हाथ है। इस बारे में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की नई रिपोर्ट में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि इंडिया में गोल्ड में अगली बड़ी तेजी में सिर्फ ज्वेलरी की खरीदारी नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल फाइनेंस और न्यू-एज इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स का हाथ होगा।

गोल्ड में निवेश के तरीके में आ रहा है बदलाव

WGC की स्वर्णिम उड़ान 20247 में कई दिलचस्प बातें बताई गई हैं। यह रिपोर्ट तब आई है, जब सोने की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़ी तेजी से लोगों की खरीदारी की आदत में बदलाव आ रहा है। हालांकि, अब भी भारत में लोग ज्वेलरी पर काफी पैसे खर्च कर रहे हैं।

भारत में लोगों के पास 31000 टन सोना

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लोगों के पास 31,000 टन सोना है। इसकी कीमत करीब 315 लाख करोड़ रुपये (3.4 ट्रिलियन डॉलर) है। इसमें से ज्यादातर सोना घरों में बेकार पड़ा है। इस वजह से भारत में यह सबसे ज्यादा अंडरयूटिलाइज्ड एसेट है। हालांकि, इसके पीछे सोने को लेकर लोगों की पारंपरिक सोच है।

Gen Z गोल्ड को अलग नजरिए से देख रहे

WGC के मुताबिक, 1997 से 2012 के बीच जन्म लेने वाले लोग सोने को सिर्फ विरासत में मिले एसेट के रूप में नहीं देखते हैं। उनका जोर सोने की लिक्विडिटी और डिजिटल एक्सेस जैसी चीजों पर भी है। यही वजह है कि सिर्फ फिजिकल ज्वेलरी के बजाय वे डिजिटल गोल्ड और टेक्नोलॉजी आधारित इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

ज्वेलर्स युवा खरीदारों को अट्रैक्ट करने के तरीके तलाश रहे

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि युवा इनवेस्टर्स गोल्ड में निवेश करने से पहले ऑनलाइन रिसर्च करते हैं। इस वजह से ज्वेलर्स इन नए कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के तरीके तलाश रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 2035 तक जेनजी की कंज्यूमर स्पेंडिंग करीब 2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है। इसका असर भविष्य में इंडिया के गोल्ड मार्केट पर दिखेगा।

फाइनेंशियल ईकोसिस्टम का हिस्सा बना रहा गोल्ड

डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, इंडिया में गोल्ड की डिमांड अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित रहने वाली नहीं है। गोल्ड अब फाइनेंशियल ईकोसिस्टम का हिस्सा बन रहा है। इसमें गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम, रिसाइक्लिंग नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स, डिजिटल गोल्ड और बुलियन बैंकिंग का बड़ा हाथ हो सकता है। इस इंटिग्रेशन से घरों में पड़ा सोना भी इकोनॉमी का हिस्सा बन सकता है।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में अब सामने आईं ये 5 मांगें, पांच बड़े अपडेट जान लीजिए

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग ने दिल्ली में 7 अगस्त को केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज यूनियंस, पेंशनर्स और मामले से जुड़े दूसरे पक्षों के साथ चर्चा शुरू कर दी। आयोग दिल्ली में 10 अगस्त तक एंप्लॉयीज के प्रतिनिधिमंडलों से वेतन में संशोधन को लेकर उनकी राय जानने की कोशिश करेगा। इससे पहले आयोग कोलकाता सहित देश के कई शेयरों में वेतन में संशोधन को लेकर एंप्लॉयीज के प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा कर चुका है।

अगले हफ्तों में इन शहरों में प्रतिनिधिमंडलों की राय जानेगा आयोग

आयोग का कार्यक्रम आने वाले हफ्तों में चेन्नई, पुद्दुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर जाने का है। इन शेयरों में वह केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ वेतन में संशोधन को लेकर उनकी राय जानने की कोशिश करेगा। आठवें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था। इसे 18 महीनों में अपनी रिपोर्ट देनी है। मान जा रहा है कि अगले साल जून तक यह अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। सरकार रिपोर्ट पर विचार करने के बाद एंप्लॉयीज के वेतन में संशोधन का फैसला लेगी।

केंद्र सरकार के स्कूलों के शिक्षकों ने आयोग को बताई मांगें

सूत्रों ने बताया कि आयोग को दिल्ली में केंद्र सरकार के स्कूलों के शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडलों ने अपनी मांगों के बारे में बताया है। इनमें कुछ नई मांगें भी शामिल हैं। एक प्रमुख मांग शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की है। उनका कहना है कि इसे बढ़ाकर 65 साल किया जाना चाहिए। अगर सरकार यह मांग मानती है तो इससे केंद्र सरकार के स्कूलों में नए शिक्षकों की भर्ती पर असर पड़ सकता है।

शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडलों की पांच सबसे प्रमुख मांगे

दूसरी मांग टीचर्स के प्रमोशन से जुड़ी है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्कूलों में 50 फीसदी डिपार्टमेंट टीचर्स का प्रमोशन प्रिंसिपल के पोस्ट पर होना चाहिए। इसके अलावा हर विषय के प्रमुख के लिए नया प्रमोशनल पोस्ट बनाया जाना चाहिए। इसका ग्रेड पे 5,400 होना चाहिए। वाइस-प्रिंसिपल का ग्रेड पे बढ़ाकर 6,600 रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा टीचर्स एसोसिएशंस ने लीव की संख्या बढ़ाए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार के शिक्षकों को भी सीजीएचएस मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए।

नए फिटमेंट फैक्टर पर लगी एंप्लॉयीज की नजरें  

इस बीच केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ जानकारों का कहना है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सैलरी में 30-34 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। नजरें फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं। आयोग की तरफ से तय फिटमेंट फैक्टर पर ही सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी निर्भर करेगी।

1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है फिटमेंट फैक्टर

सूत्रों का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है। जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज को रूप में भी काफी पैसे मिलेंगे। इससे बाजार में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ सकती है।

99.9% निवेशक यहां करते हैं गलती! 2 करोड़ से 10 करोड़ का सफर कैसे होगा आसान, जानें एक्सपर्ट की रणनीति

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़े। आम धारणा है कि नियमित निवेश करते रहें, बाजार में टिके रहें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें। लेकिन जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बड़ा होता है, कहानी बदलने लगती है। फाइनेंशियल एडवाइजर कपिल जैन ने 45 साल के एक ऐसे निवेशक का उदाहरण दिया, जिसके पास 2 करोड़ रुपये हैं और वह 10 साल में इसे 10 करोड़ करना चाहता है। उनके मुताबिक, लक्ष्य हासिल करना संभव है, लेकिन रास्ते में निवेश की रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।

शुरुआत में SIP बनाती है रफ्तार

जैन के अनुसार, शुरुआती दौर में नियमित निवेश और बाजार की ग्रोथ से पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन जब रकम करोड़ों में पहुंचने लगती है, तब बाजार की छोटी गिरावट भी बड़ा नुकसान दिखाने लगती है। यही वजह है कि शुरुआत में काम करने वाली रणनीति को पूरी यात्रा में जारी रखना समझदारी नहीं हो सकती।

5 करोड़ पर 25% गिरावट का मतलब?

मान लीजिए पोर्टफोलियो 5 करोड़ रुपये का है और बाजार 25 फीसदी गिर जाता है। रकम के हिसाब से करीब 1.25 करोड़ रुपये की गिरावट आ सकती है। यानी अब नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ महीनों की SIP से नहीं होगी। बड़े कॉर्पस के साथ बाजार का हर उतार-चढ़ाव ज्यादा बड़ा असर डालता है।

10 करोड़ के करीब पहुंचते ही असली चुनौती

अगर पोर्टफोलियो 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और बाजार 25 फीसदी गिरा, तो करीब 2.5 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो सकती है। इसीलिए जैन का कहना है कि बड़े पोर्टफोलियो के साथ सिर्फ रिटर्न के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है। इस चरण में कमाए हुए पैसे को बचाना भी उतना ही जरूरी है।

‘एक ही रणनीति हमेशा काम नहीं करती’

कपिल जैन के मुताबिक निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि पोर्टफोलियो छोटा हो या बड़ा, रणनीति वही रखते हैं। उनका सुझाव है कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा, रीबैलेंसिंग और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, 2 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ कंपाउंडिंग का खेल नहीं है; जैसे-जैसे पैसा बढ़ता है, उसे संभालने का तरीका भी बदलना पड़ता है।

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Ardee Industries IPO 139 गुना सब्सक्राइब हुआ, अब 12 अगस्त को लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

मेनबोर्ड सेंगमेंट में आरडी इंडस्ट्रीज का ₹425.87 करोड़ का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। अब 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने और 12 अगस्त को कंपनी की NSE और BSE पर लिस्टिंग का इंतजार है। शेयरों के अच्छी बढ़त में शुरुआत करने का संकेत है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 28.30 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया। Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। इस IPO के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।