Axis Bank Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 38% बढ़ा, NII में 12% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का ​जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,003.28 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,089.64 करोड़ रुपये से 37.59 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 14 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 42,949.32 करोड़ रुपये हो गई। सितंबर 2025 तिमाही में यह 37,594.81 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 17 अक्टूबर को तिमाही और छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि सितंबर 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,083 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही में 10,412.53 करोड़ रुपये रहा था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

सितंबर 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.16 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.46 प्रतिशत और एक तिमाही पहले 1.28 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.35 प्रतिशत हो गया, जो जून 2026 तिमाही में 0.39 प्रतिशत और सितंबर 2025 तिमाही में 0.44 प्रतिशत था।

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डिपॉजिट और एडवांसेज

सितंबर 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 20.6 प्रतिशत बढ़कर 14.52 लाख करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 12 करोड़ रुपये के थे। एडवांसेज 23 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सितंबर 2025 तिमाही में ये 11.16 करोड़ रुपये के थे।

Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 19 अक्टूबर को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1286.45 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4 लाख करोड़ रुपये है। शेयर 2 सप्ताह में 6 प्रतिशत चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,150.50 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IIFL Finance Q2 Results: NBFC कंपनी का मुनाफा 103% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

IIFL Finance Q2 Results: NBFC कंपनी IIFL Finance ने वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 103.7% बढ़कर 766.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 376.3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 50.2% बढ़कर 2,161 करोड़ रुपये पहुंच गई। ये वो कमाई है, जो कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और उधार पर चुकाए जाने वाले ब्याज के अंतर से होती है। कंपनी का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 38% बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये हो गया।

गोल्ड लोन कारोबार में 90% की ग्रोथ

IIFL Finance की ग्रोथ में गोल्ड लोन कारोबार की बड़ी भूमिका रही। इस सेगमेंट का AUM सालाना आधार पर 90% बढ़कर 65,729 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 13% की बढ़ोतरी हुई। गोल्ड लोन में ग्रॉस NPA 0.90% रहा।

होम लोन का AUM पिछली तिमाही के मुकाबले 4% बढ़कर 43,070 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस सेगमेंट में ग्रॉस NPA घटकर 1.38% रह गया। वहीं, छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले सिक्योर्ड MSME लोन का AUM 11% बढ़कर 11,948 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी बिना गारंटी वाले लोन में अपना जोखिम घटा रही है।

बैड लोन की स्थिति में सुधार

सितंबर तिमाही में IIFL Finance का ग्रॉस NPA 1.5% रहा। यह पिछली तिमाही से 0.07 प्रतिशत अंक कम है। हालांकि, नेट NPA 0.05 प्रतिशत अंक बढ़कर 0.9% हो गया। कंपनी का प्रोविजन कवरेज रेशियो 91% रहा। मतलब कंपनी ने खराब कर्ज से होने वाले संभावित नुकसान के लिए पर्याप्त रकम अलग रखी है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। इसका कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 23.5% और लिक्विडिटी 13,805 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 20.1% रहा।

AI के इस्तेमाल पर जोर

IIFL Finance लोन की जांच, कलेक्शन और ग्राहकों से बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, प्रॉपर्टी के बदले छोटे और मझोले कारोबारियों को दिए जाने वाले लोन के 85% से ज्यादा आवेदनों के क्रेडिट असेसमेंट में AI का इस्तेमाल हो रहा है।

कंपनी ने गोल्ड लोन ब्रांचों में भी AI बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम लगाया है। यह सिस्टम अब तक सोने के गहनों की 11 लाख से ज्यादा तस्वीरों का एनालिसिस कर चुका है। कंपनी बैंकिंग पार्टनरशिप बढ़ाकर भी अपना कारोबार मजबूत करना चाहती है।

शेयर में हल्की तेजी

IIFL Finance का शेयर 15 अक्टूबर को NSE पर 0.53% बढ़कर 598 रुपये पर बंद हुआ। आगे कंपनी का फोकस सिक्योर्ड लोन बढ़ाने, खराब कर्ज पर नियंत्रण रखने और बैंकों के साथ साझेदारी मजबूत करने पर रहेगा।

कंपनी इक्विटी के जरिए नया फंड जुटाने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके लिए जुलाई 2026 में शेयरधारकों से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Technologies Q2 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा घटा, शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Technologies Q2 Results: टाटा ग्रुप की कपंनी Tata Technologies के लिए सितंबर तिमाही में तस्वीर मिली-जुली रही। कंपनी का मुनाफा घटा, लेकिन रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। बुधवार 14 अक्टूबर को जारी नतीजों के मुताबिक, कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.2% गिरकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 180.8 करोड़ रुपये था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 28.4% बढ़कर 1,698.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल यह 1,323.3 करोड़ रुपये था। ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर रही। EBIT 25.3% बढ़कर 238.7 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBIT मार्जिन 14.4% से घटकर 14.1% रह गया।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मुनाफा अनुमान से कम

टाटा टेक्नोलॉजीज का EBITDA सालाना आधार पर 31.5% बढ़कर 273.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 15.7% से बढ़कर 16.1% पहुंच गया। रेवेन्यू और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस तीन ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहे। हालांकि, नेट प्रॉफिट 200 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम रहा।

कंपनी के सर्विस सेगमेंट का रेवेन्यू 33.9% बढ़कर 1,355.7 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस से रेवेन्यू 10.5% बढ़कर 343.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के CEO वॉरेन हैरिस ने कहा कि मजबूत मांग और नए प्रोग्राम शुरू होने से पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

टाटा टेक्नोलॉजीज को नए ऑटोमोटिव प्रोजेक्ट

तिमाही के दौरान Tata Technologies को एक बड़ी यूरोपीय लग्जरी कार कंपनी से 138 मिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट मिला। इसके तहत कंपनी दो व्हीकल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग से जुड़े काम करेगी।

इसके अलावा, उत्तर अमेरिका की एक कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने नए व्हीकल प्लेटफॉर्म के डेवलपमेंट की जिम्मेदारी दी है। कंपनी को ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट भी मिले।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी, शेयर में तेजी

सितंबर के अंत में Tata Technologies में 12,895 कर्मचारी थे। एक साल पहले इनकी संख्या 12,402 थी। तिमाही में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 223.5 करोड़ रुपये रहा। सितंबर के अंत में कंपनी के पास 107.8 मिलियन डॉलर का कैश और कैश इक्विवेलेंट्स था।

नतीजों से पहले बुधवार को कंपनी का शेयर 0.5% बढ़कर 747.25 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक शेयर करीब 16% चढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SME IPO पर सख्ती की तैयारी! SEBI का मुनाफे से लेकर ऑफर फॉर सेल तक के नियम बदलने का प्रस्ताव

SME IPO लाने वाली कंपनियों के लिए नियम सख्त हो सकते हैं। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने इसके लिए कई बदलावों का प्रस्ताव दिया है। सबसे बड़ा बदलाव मुनाफे की शर्त को लेकर है। प्रस्ताव के मुताबिक, कंपनियों को पिछले तीन वित्त वर्षों में औसतन 3 करोड़ रुपये का सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होगा।

SEBI ने 14 अक्टूबर 2026 को इस बारे में कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें SME IPO के नियमों में बदलाव की बात कही गई है। आम लोगों और बाजार से जुड़े पक्षों से 4 नवंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। अभी ये प्रस्ताव हैं, लागू नियम नहीं।

SME IPO के लिए मुनाफे की नई शर्त

अभी कंपनी को पिछले तीन वित्त वर्षों में से कम से कम दो साल में 1 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दिखाना होता है। SEBI अब इसकी जगह नई शर्त लाना चाहता है। इसके तहत पिछले तीन साल का औसत सालाना ऑपरेटिंग प्रॉफिट कम से कम 3 करोड़ रुपये होना चाहिए।

जो कंपनियां यह शर्त पूरी नहीं कर पाएंगी, उनके लिए भी IPO लाने का रास्ता खुला रह सकता है। हालांकि, उन्हें दूसरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ऐसी कंपनियों को बुक बिल्डिंग प्रक्रिया अपनानी होगी। साथ ही, IPO के नेट इश्यू का कम से कम 75% हिस्सा बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIBs को देना होगा। अगर इतना आवंटन नहीं हो पाता है, तो निवेशकों की पूरी रकम लौटानी होगी।

मार्केट कैप से तय होगी लिस्टिंग की पात्रता

SEBI कंपनियों की पात्रता तय करने का तरीका भी बदलना चाहता है। अभी इसके लिए पेड-अप कैपिटल को आधार बनाया जाता है। नए प्रस्ताव में कंपनी के मार्केट कैप को आधार बनाने की बात है।

इसके मुताबिक, IPO के बाद 1,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां सिर्फ SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकेंगी। 1,000 करोड़ से ज्यादा और 4,000 करोड़ रुपये तक के मार्केट कैप वाली कंपनियां भी तय शर्तों के साथ SME प्लेटफॉर्म चुन सकेंगी। इनके वित्तीय दस्तावेज Ind AS के नियमों के मुताबिक होने चाहिए।

अगर ऑफर डॉक्यूमेंट के तय चरण में कंपनी का मार्केट कैप 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो उसे मेनबोर्ड के नियमों के तहत दोबारा दस्तावेज जमा करने होंगे।

IPO में आवेदन की रकम घटेगी

SEBI SME IPO में आवेदन की न्यूनतम रकम घटाने का प्रस्ताव भी लाया है। अभी न्यूनतम आवेदन की रकम 2 लाख रुपये से ज्यादा है। इसे घटाकर 1 लाख रुपये करने की तैयारी है। हालांकि, निवेशकों को कम से कम चार लॉट के लिए आवेदन करना होगा। हर लॉट की कीमत कम से कम 25,000 रुपये होगी।

इसके अलावा, IPO में कम से कम 200 निवेशकों को शेयर देने की शर्त बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव है। रिटेल निवेशकों को शेयर देने के तरीके में भी बदलाव हो सकता है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, शेयरों का आवंटन न्यूनतम लॉट के गुणकों से बंधा नहीं रहेगा। यह उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करेगा।

कंपनियों को IPO से जुटाई गई रकम में से जनरल कॉरपोरेट कामों पर खर्च करने की 10 करोड़ रुपये की सीमा से भी राहत मिल सकती है। हालांकि, कुल जुटाई गई रकम के 15% तक खर्च करने की मौजूदा सीमा बनी रहेगी।

शेयर बेचने और लॉक-इन के नियम बदलेंगे

SEBI ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए अलग नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कुछ छूटों को छोड़कर बिक्री के लिए रखे जाने वाले शेयर कम से कम एक साल से शेयरधारक के पास होने चाहिए।

अभी OFS में कुल इश्यू साइज का अधिकतम 20% हिस्सा बेचा जा सकता है। शेयरधारक अपनी पहले से मौजूद हिस्सेदारी का अधिकतम 50% हिस्सा भी बेच सकते हैं। SEBI ने बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIB शेयरधारकों को इन सीमाओं से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मुनाफे की शर्त पूरी नहीं करने वाली कंपनियों के लिए यह छूट नहीं होगी।

SEBI ने शेयरों के लॉक-इन नियम बदलने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत, प्रमोटरों के न्यूनतम जरूरी शेयर IPO में आवंटन की तारीख से तीन साल तक लॉक रहेंगे। अतिरिक्त प्रमोटर शेयरों पर एक साल की रोक होगी। वहीं, पुराने गैर-प्रमोटर निवेशकों के शेयरों का लॉक-इन एक साल से घटाकर छह महीने करने का प्रस्ताव है। प्रमोटर ग्रुप की कुछ हिस्सेदारी पर भी एक साल का लॉक-इन लागू हो सकता है।

SME IPO से अब तक जुटाए गए 40,222 करोड़ रुपये

SEBI के मुताबिक, SME प्लेटफॉर्म शुरू होने के बाद से अब तक 1,496 कंपनियां इस पर लिस्ट हो चुकी हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं, जो बाद में मेनबोर्ड पर चली गईं। कुल 365 कंपनियां मेनबोर्ड में माइग्रेट कर चुकी हैं।

SME IPO के जरिए कंपनियों ने अब तक 40,222 करोड़ रुपये जुटाए हैं। 31 जुलाई 2026 तक SME प्लेटफॉर्म की कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,70,984 करोड़ रुपये था। इस आंकड़े में मेनबोर्ड पर जा चुकी कंपनियां भी शामिल हैं।

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Stocks to Watch: 13 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 11 स्टॉक्स, IRCON से RBL बैंक तक शामिल

Stocks to Watch: मंगलवार, 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। इनसे तिमाही नतीजे, नए ऑर्डर और बड़े कारोबारी समझौतों तक कई अहम अपडेट सामने आए हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन 11 शेयरों पर रहने वाली है।

RBL Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक RBL Bank का सितंबर तिमाही में मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 179 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। नेट इंटरेस्ट इनकम 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 1.30% से घटकर 1.02% पर आ गया।

HCL Tech

आईटी कंपनी HCL Tech ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 2.5% से 4% रखा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के 4,624 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 3% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBIT मार्जिन 18.2% दर्ज किया गया।

Karur Vysya Bank

प्राइवेट बैंक Karur Vysya Bank ने Zurich Kotak General Insurance के साथ समझौता किया है। इसके तहत बैंक अपने ग्राहकों को जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट उपलब्ध कराएगा। इस साझेदारी का मकसद ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बीमा सेवाएं देना है।

ICICI Prudential AMC

म्यूचुअल फंड कंपनी ICICI Prudential AMC का सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% घटकर 888.9 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, इस दौरान रेवेन्यू 7% बढ़कर 1,676.7 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने हर शेयर पर 30 रुपये के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Can Fin Homes

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Can Fin Homes का सितंबर तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.2% बढ़कर 274.61 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की ऑपरेशंस से नेट इनकम 7.8% बढ़कर 1,131.18 करोड़ रुपये रही। वहीं, प्रति शेयर कमाई (EPS) पिछले साल के 18.88 रुपये से बढ़कर 20.62 रुपये हो गई।

Azad Engineering

प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी Azad Engineering को सरकारी कंपनी BHEL से 52.68 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी भारी गैस टर्बाइन के लिए जरूरी ब्लेड की सप्लाई करेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 9 अक्टूबर 2028 तक चलेगा।

IRCON International

सरकारी रेल कंपनी IRCON International को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 862.46 करोड़ रुपये का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत सोन नगर-आंडाल प्रोजेक्ट की तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए ट्रैक बिछाने और जोड़ने का काम करना है। कंपनी रेलवे ट्रैक की गिट्टी और दूसरी जरूरी सामग्री की सप्लाई भी करेगी।

Indian Hotels Company

होटल कंपनी Indian Hotels Company Ltd (IHCL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 47 नए होटल साइन किए और 20 होटल शुरू किए। इसके साथ ही कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल 670 होटल हो गए हैं।

Vikran Engineering

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Vikran Engineering की सब्सिडियरी NOPL Solar Projects ने IREDA के साथ 2,941.19 करोड़ रुपये का लोन एग्रीमेंट किया है। इस रकम का इस्तेमाल महाराष्ट्र में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 152 जगहों पर 969 MWac क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसकी कुल अनुमानित लागत 4,201.70 करोड़ रुपये है।

Bank of India

सरकारी बैंक Bank of India ने Future Enterprises के 575.40 करोड़ रुपये के बकाया खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने इस मामले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दे दी है। बैंक के मुताबिक, यह खाता पहले से ही NPA था। बैंक ने बकाया रकम के बराबर 575.40 करोड़ रुपये का प्रोविजन भी किया है।

Nazara Technologies

गेमिंग कंपनी Nazara Technologies ने मिथुन पदम सचेटी को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और होल-टाइम डायरेक्टर बनाया है। यह नियुक्ति 12 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है, लेकिन इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है। कंपनी के CFO राकेश शाह ने भी इस्तीफा दे दिया है, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा।

Q2 नतीजे घोषित करने वाली कंपनियां

कई कंपनियां 13 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Anand Rathi Share and Stock Brokers, Hero Motors, ICICI Prudential Life Insurance Company और Tata Elxsi शामिल हैं। इसके अलावा, GTPL Hathway भी अपने नतीजे घोषित करेगी।

Q2 Results: हर शेयर पर ₹30 डिविडेंड देगी म्यूचुअल फंड कंपनी, दूसरी तिमाही में ₹889 करोड़ का मुनाफा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: प्राइवेट बैंक का मुनाफा 169% बढ़ा, NII में भी तगड़ा उछाल; बैड लोन में कमी आई

RBL Bank Q2 Results: प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा बढ़कर 481.7 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 179 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 169% की बढ़ोतरी हुई है। बैंक की कमाई बढ़ी है। साथ ही, खराब कर्ज के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है।

NII में 37.4% की बढ़ोतरी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी तेजी से बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 37.4% बढ़कर 2,131 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,551 करोड़ रुपये थी।

खराब कर्ज घटा, लेकिन प्रोविजन बढ़ा

RBL Bank के बैड लोन यानी खराब कर्ज में कमी आई है। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA घटकर 1.02% रह गया। जून तिमाही में यह 1.3% था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.37% से घटकर 0.29% पर आ गया। यानी बैंक के फंसे हुए कर्ज का स्तर कम हुआ है।

हालांकि, बैंक को खराब कर्ज के लिए ज्यादा रकम अलग रखनी पड़ी। सितंबर तिमाही में प्रोविजन बढ़कर 766.5 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में यह 599.2 करोड़ रुपये था। एक साल पहले सितंबर तिमाही में यह रकम 499.7 करोड़ रुपये थी।

लोन देने में बढ़ोतरी

बैंक का नेट एडवांस यानी दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 42% बढ़कर 1,42,314 करोड़ रुपये हो गया। इसमें रिटेल कर्ज 32% बढ़कर 79,465 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनियों को दिए जाने वाले होलसेल कर्ज में 56% की बढ़ोतरी हुई। यह 62,849 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिटेल लोन में सिक्योर्ड लोन की बढ़ोतरी ज्यादा रही। इसमें 52% का इजाफा हुआ। वहीं, अनसिक्योर्ड लोन सिर्फ 6% बढ़ा। बैंक में जमा रकम भी बढ़ी है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

सितंबर तिमाही में RBL Bank का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 1,56,272 करोड़ रुपये हो गया। करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA रेशियो 27.2% रहा।

बैंक में 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट को ग्रैन्युलर डिपॉजिट कहा जाता है। सितंबर तिमाही में इस तरह की जमा रकम 16% बढ़कर 68,877 करोड़ रुपये हो गई। यह बैंक के कुल डिपॉजिट का 44% है।

कैपिटल रेशियो में आई कमी

30 सितंबर 2026 तक बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 30.1% था। जून के आखिर में यह 33.3% था। वहीं, कॉमन इक्विटी टियर-1 यानी CET1 रेशियो भी घटा है। जून तिमाही के 32.2% के मुकाबले सितंबर तिमाही में यह 29% रहा।

बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 148% रहा। यह वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही का आंकड़ा है।

CEO ने क्या कहा?

RBL Bank के MD और CEO आर सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि सितंबर तिमाही में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। कर्ज देने और जमा जुटाने, दोनों मोर्चों पर अच्छी बढ़ोतरी हुई।

उन्होंने बताया कि बैंक ने विदेशी मुद्रा में FCNR डिपॉजिट भी जुटाए हैं। इससे बैंक की फंडिंग मजबूत हुई है। साथ ही, भविष्य में कारोबार बढ़ाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिली है।

बैंक का नेटवर्क बढ़ा

30 सितंबर तक RBL Bank के कुल 1,954 टचपॉइंट थे। इनमें 628 बैंक शाखाएं और 1,326 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं शामिल थीं।

इन बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाओं में 248 बैंकिंग आउटलेट थे। वहीं, बैंक की सब्सिडियरी RBL Finserve के पास 1,076 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट शाखाएं थीं।

RBL Bank के शेयरों का हाल

बैंक ने बाजार बंद होने के बाद सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। 12 अक्टूबर को RBL Bank का शेयर NSE पर 0.07% गिरकर 417.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 32.14% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.03% का रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 64.84 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के तिमाही नतीजों, नए ऑर्डर और कारोबारी अपडेट पर नजर रहेगी। वहीं, बैंकिंग सेक्टर में RBI के नए नियमों का असर देखने को मिल सकता है। कुछ कंपनियों के डिविडेंड और फंड जुटाने से जुड़े फैसले भी चर्चा में रहेंगे। इसके अलावा, कई शेयरों का लॉक-इन खत्म होने से उनमें हलचल देखने को मिल सकती है।

Banking Stocks

बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर सोमवार को नजर रहेगी। RBI ने बैंकों के लिए न्यूनतम दैनिक CRR मेंटेनेंस की सीमा 90% से बढ़ाकर 99% कर दी है। नया नियम 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले पखवाड़े से लागू होगा। RBI ने CRR दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा, रुपये से जुड़े कुछ फॉरेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट दोबारा बुक करने पर रोक लगाई है। बिना अंडरलाइंग एक्सपोजर वाले फॉरेक्स डेरिवेटिव की सीमा भी 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दी है।

Avenue Supermarts

रिटेल चेन डीमार्ट की पैरेंट कंपनी रिटेल Avenue Supermarts का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 743.5 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 17.8% बढ़कर 19,644 करोड़ रुपये और EBITDA 15% बढ़कर 1,394 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 7.3% से घटकर 7% रह गया। मार्जिन CNBC-TV18 के अनुमान से काफी नीचे रहा, जबकि रेवेन्यू, मुनाफा और EBITDA मोटे तौर पर अनुमान के मुताबिक रहे।

Can Fin Homes

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी Can Fin Homes का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 9.2% बढ़कर 274.6 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 6.6% बढ़कर 432 करोड़ रुपये रही। कंपनी की लोन बुक पिछले साल के 39,657 करोड़ रुपये से बढ़कर 43,539 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.02% से घटकर 3.89% रहा। सितंबर तिमाही में ग्रॉस NPA 0.9% और नेट NPA 0.42% रहा।

Suzlon Energy

विंड एनर्जी कंपनी Suzlon करीब 550 करोड़ रुपये से गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में 3 नई AI फैक्ट्रियां लगाएगी। कंपनी के मुताबिक, इनसे 3,000 प्रत्यक्ष और 12,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। नई यूनिट 2027 तक तैयार करने की योजना है।

Canara Robeco Asset Management Company

एसेट मैनेजमेंट कंपनी Canara Robeco का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21.5% बढ़कर 59.2 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 18.6% बढ़कर 128 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, कुल AUM 1% घटकर 1.16 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी के कुल फोलियो की संख्या 50.1 लाख रही। बोर्ड ने 2 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Anand Rathi Wealth

वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Wealth का नेट प्रॉफिट 9.5% घटकर 89.95 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 15.7% बढ़कर 344 करोड़ रुपये हुआ, लेकिन EBITDA 15.1% गिरकर 116.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 46.2% से घटकर 34% पर आ गया। बोर्ड ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Poonawalla Fincorp

NBFC कंपनी Poonawalla Fincorp का नेट प्रॉफिट पिछले साल के 74 करोड़ रुपये से बढ़कर 374.8 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 75.7% बढ़कर 1,589 करोड़ रुपये रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन जून तिमाही के 9.1% से बढ़कर 9.26% हो गया। क्रेडिट कॉस्ट और NPA में कमी देखने को मिली।

Canara HSBC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी Canara HSBC Life Insurance का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.5% बढ़कर 43.1 करोड़ रुपये रहा। नेट प्रीमियम इनकम 13% बढ़कर 2,553.2 करोड़ रुपये हो गई। FY27 की पहली छमाही में वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस 24% बढ़कर 266 करोड़ रुपये पहुंचा।

Waterways Leisure Tourism

टूरिज्म सेक्टर की कंपनी Waterways Leisure Tourism ने 54.4 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल यह 30.9 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू भी 30.9% बढ़कर 133 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी को पिछले साल 6.5 करोड़ रुपये का EBITDA नुकसान हुआ था। इस बार 9.7 करोड़ रुपये का EBITDA प्रॉफिट दर्ज किया गया।

Ajmera Realty

रियल एस्टेट कंपनी Ajmera Realty की दूसरी तिमाही में बेचे गए घरों का कारपेट एरिया सालाना आधार पर 68% घटकर 72,883 वर्ग फुट रहा। बिक्री की वैल्यू 69% गिरकर 224 करोड़ रुपये रही। कलेक्शन में भी 14% की गिरावट आई और यह 190 करोड़ रुपये रहा।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की प्री-सेल्स सालाना आधार पर 5% घटकर 1,258 करोड़ रुपये रही। वहीं, कलेक्शन 1,189 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,189 करोड़ रुपये के आसपास रहा। कंपनी ने तिमाही के दौरान मुंबई के गोरेगांव में प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट Kalpataru Elara लॉन्च किया।

Bajel Projects

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Bajel Projects को मुंबई में 220kV गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) सबस्टेशन की सप्लाई और इंस्टॉलेशन का EPC ऑर्डर मिला है। ये सबस्टेशन सॉल्सेट और पवई में बनाए जाएंगे। कंपनी के क्लासिफिकेशन के मुताबिक, इस तरह के ऑर्डर की वैल्यू 200 करोड़ से 300 करोड़ रुपये के बीच होती है।

PTC Industries

डिफेंस कंपनी PTC Industries के बोर्ड ने QIP बंद करने को मंजूरी दी है। इसके जरिए कंपनी ने 1,800 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने पात्र संस्थागत निवेशकों को 8.54 लाख इक्विटी शेयर 21,060 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए। यह फ्लोर प्राइस से 5% डिस्काउंट पर है।

शेयरहोल्डर लॉक-इन

सोमवार, 12 अक्टूबर को Kanohar Electricals, Prasol Chemicals, Glass Wall Systems, Pranav Constructions, Laser Power & Infra और Kusumgar के शेयरहोल्डर लॉक-इन की अवधि खत्म होगी। Laser Power & Infra और Kusumgar के लिए तीन महीने का लॉक-इन समाप्त होगा। बाकी कंपनियों के लिए एक महीने की लॉक-इन अवधि खत्म होगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: नेट एडवांस 24% बढ़ा, डिपॉजिट में 23% की तेजी; फोकस में रहेगा स्टॉक

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: कोटक महिंद्रा बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत बिजनेस ग्रोथ दर्ज की है। बैंक के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के मुताबिक, 30 सितंबर तक नेट एडवांस सालाना आधार पर 24.7% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गया। बैंक ने यह अपडेट सोमवार, 5 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल किया।

बैंक का कुल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया। वहीं, CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा।

तिमाही आधार पर भी मजबूत ग्रोथ

तिमाही आधार पर नेट एडवांस में 12.7% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिपॉजिट 13.7% बढ़ा, जबकि CASA डिपॉजिट में पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% की तेजी दर्ज हुई।

बैंक का औसत नेट एडवांस ₹5.47 लाख करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 22.1% और तिमाही आधार पर 10.5% की बढ़ोतरी हुई। औसत कुल डिपॉजिट ₹6.06 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 18.8% और तिमाही आधार पर 8.5% बढ़ा। औसत CASA ₹2.26 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना 14.2% और तिमाही आधार पर 4.4% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) डिपॉजिट का भी असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया कि सितंबर तिमाही के अंत के आंकड़ों में FCNR(B) डिपॉजिट भी शामिल हैं। RBI की स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट 5.78 अरब डॉलर यानी करीब ₹55,344 करोड़ रहा।

इन डिपॉजिट के बदले बैंक की इंटरनेशनल ब्रांचों के जरिए 1.68 अरब डॉलर यानी करीब ₹16,110 करोड़ का एडवांस भी शामिल है। बैंक ने कहा कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और इनकी सीमित समीक्षा बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स करेंगे।

Q1 में 25.6% बढ़ा था मुनाफा

FY27 की पहली तिमाही में Kotak Mahindra Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा था। यह CNBC-TV18 के ₹3,910 करोड़ के पोल अनुमान से ज्यादा था।

पहली तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.2% बढ़कर ₹7,928 करोड़ रही थी। हालांकि, यह ₹8,058 करोड़ के पोल अनुमान से थोड़ी कम थी। बैंक के आधिकारिक Q1 अपडेट में भी ₹4,123 करोड़ के स्टैंडअलोन PAT और ₹5.73 लाख करोड़ से ज्यादा के डिपॉजिट दर्ज किए गए थे।

एसेट क्वालिटी में ज्यादा बदलाव नहीं

बैंक की एसेट क्वालिटी ज्यादातर स्थिर रही। मार्च तिमाही में GNPA 1.2% था, जो जून तिमाही में घटकर 1.18% रह गया। नेट NPA 0.27% पर रहा। वहीं, बैंक का NIM घटकर 4.53% रह गया था। मार्च तिमाही में यह 4.67% था।

Q1 में बैंक का नेट एडवांस ₹5.12 लाख करोड़ रहा था, जिसमें सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी हुई थी। डिपॉजिट 12% बढ़कर ₹5.72 लाख करोड़ रहा था।

कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर का प्रदर्शन

बिजनेस अपडेट से पहले सोमवार को Kotak Mahindra Bank का शेयर 0.4% गिरकर ₹416.50 पर बंद हुआ। शेयर इस साल अब तक 6% से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 3% की गिरावट आई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।