Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक को होगा आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन आपके पक्ष में रह सकता है। कहीं से रुका हुआ पैसा मिलने या पुराने निवेश से फायदा होने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को नया ग्राहक या ऑर्डर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को बोनस या अतिरिक्त कमाई का मौका मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है। घर की मरम्मत, स्वास्थ्य या यात्रा से जुड़ा अचानक खर्च सामने आ सकता है। शेयर बाजार या किसी जोखिम भरे निवेश में पैसा लगाने से बचें। पुरानी बचत को सुरक्षित रखना आपके लिए बेहतर रहेगा

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हाल में किया गया कोई कारोबार का सौदा आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को वेतन बढ़ने या इंसेंटिव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सामाजिक कार्यक्रमों और दोस्तों से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीमा, म्यूचुअल फंड या रिटायरमेंट जैसी वित्तीय योजना शुरू करने के लिए दिन ठीक है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक रूप से आज का दिन आपके लिए अच्छा रह सकता है। किसी योजना के जरिए पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी में प्रमोशन या बोनस मिल सकता है, जबकि कारोबार में कोई पुराना भुगतान या सौदा पूरा हो सकता है। विदेश से जुड़े कारोबार में भी फायदा मिल सकता है। खर्च बढ़ने के बावजूद कमाई उसे संभाल सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। परिवार से जुड़ी कोई ऐसी जरूरत सामने आ सकती है, जिस पर अचानक पैसा खर्च करना पड़े। आमदनी सामान्य रहेगी, लेकिन बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। अगर किसी को पैसा उधार दिया है तो उसकी वापसी में देरी हो सकती है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य और स्थिर रह सकती है। धीरे-धीरे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कारोबार में फायदा मिलने के मौके बन सकते हैं, खासकर अगर आपका काम फैशन, ब्यूटी, कला या डिजाइन से जुड़ा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपके काम की तारीफ भी हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अचानक आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है या लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। बैंक, बीमा या बचत से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। हालांकि, किसी के साथ पैसों का लेन-देन करते समय पूरी सावधानी रखें, क्योंकि धोखे की आशंका हो सकती है। सट्टेबाजी और जोखिम भरे कामों से दूर रहना बेहतर रहेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने के लिए अच्छा है। आप किसी बड़े निवेश, बीमा पॉलिसी या लंबी अवधि की योजना की शुरुआत कर सकते हैं, जिसका फायदा आगे चलकर मिल सकता है। धन बचाने और भविष्य के लिए पूंजी तैयार करने के लिहाज से दिन अच्छा है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Viral Post: साल में 1 करोड़ से ज्यादा कमाने के बाद भी नहीं मिल रही खुशी! टेक प्रोफेशनल ने बताया क्यों

एक टेक प्रोफेशनल का सैलरी को लेकर किया गया पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। 14 साल के करियर में 14,300 रुपये की शुरुआती सैलरी से 1.05 करोड़ रुपये सालाना कमाने तक टेक प्रोफेशनल ने अपनी कमाई में बड़ा बदलाव देखा। दिलचस्प बात ये है कि करोड़ों की कमाई के बावजूद वह अपनी सबसे खुशहाल सैलरी 20 हजार रुपये महीना मानते हैं। टेक प्रोफेशनल ने बताया कि, टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई के बाद पहली नौकरी पाना आसान नहीं था। उनकी सैलरी जब 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये महीना हुई, तो उन्हें जितनी खुशी मिली, उतनी बाद में मिलने वाली बड़ी सैलरी बढ़ोतरी से भी नहीं मिली। सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।

14,300 रुपये थी शुरुआती सैलरी

Reddit पर शेयर की गई पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया। 2012 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद इस टेक प्रोफेशनल को पहली नौकरी पाने में करीब छह महीने लग गए। उनकी शुरुआती मासिक सैलरी 14,300 रुपये थी, जो पहले बढ़कर 20,000 रुपये, फिर 32,000 रुपये और 60,000 रुपये हो गई। बेंगलुरु जाने के बाद उनकी सालाना सैलरी 13 लाख रुपये पहुंची और धीरे-धीरे बढ़कर 25 लाख, 40 लाख, 60 लाख, 80 लाख और आखिर में 1.05 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 लाख रुपये से ज्यादा के ESOPs भी हैं, लेकिन उनका मानना है कि जब तक उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, तब तक उन्हें संपत्ति नहीं माना जा सकता।

ज्यादा खुशी 20 हजार सैलरी में थी

आज उनकी कमाई 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है, लेकिन उनके लिए सबसे खास सैलरी 20 हजार रुपये महीना रही। उन्होंने बताया कि 14,300 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये होने पर उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। इस बढ़ोतरी के बाद उन्होंने पब्लिक बस से सफर करना छोड़ दिया और अपनी पसंद की “ड्रीम बाइक” खरीदी। उन्होंने ये भी बताया कि अपने 13 साल के करियर में उन्हें सिर्फ एक बार प्रमोशन मिला। उनके मुताबिक, ज्यादा सैलरी बढ़ने के साथ उनकी लाइफस्टाइल में भी बदलाव आया। अपने अनुभव के आधार पर इस टेक प्रोफेशनल ने कहा, “प्रमोशन के लिए किसी कंपनी के साथ मत रहो, यह इसके लायक नहीं है।”

निवेश करने में होती है मदद

उनका मानना है कि एक तय स्तर तक पहुंचने के बाद सैलरी बढ़ने का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर कम पड़ता है। उन्होंने कहा, “जब आपकी सालाना कमाई करीब 25-30 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो इसके बाद मिलने वाली हर अतिरिक्त बढ़ोतरी आपकी लाइफस्टाइल से ज्यादा आपके निवेश को बेहतर बनाने में मदद करती है। कम से कम, मेरे मामले में ऐसा ही हुआ है।” उन्होंने कहा, “मानसिक तनाव सच है, लेकिन ज्यादा सैलरी मिलने से यह कुछ कम हो जाता है।”

खुद का कुछ करना चाहते हैं

इस टेक प्रोफेशनल ने माना कि, अच्छी कमाई के बावजूद वह अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे एहसास हुआ है कि अब मैं ज्यादा सैलरी के पीछे नहीं भाग रहा हूं। मैं आजादी के पीछे भाग रहा हूं।” उनका कहना है कि किसी दूसरी कंपनी में ज्यादा सैलरी के लिए काम करने के बजाय वह खुद की बनाई किसी चीज से हर महीने 1 लाख रुपये कमाना पसंद करेंगे। अच्छी कमाई के बावजूद यह टेक प्रोफेशनल सादा जीवन जीते हैं। वह 10 साल पुरानी कार चलाते हैं और बेंगलुरु में अपार्टमेंट के बजाय विला कम्युनिटी में प्लॉट खरीदा है। उनकी कमाई रियल एस्टेट, शेयर, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो और कमर्शियल प्रॉपर्टी में लगी है।

इस टेक प्रोफेशनल के फाइनेंशियल सफर में नुकसान भी शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि क्रिप्टो ट्रेडिंग में उन्हें करीब 20-25 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उनके लिए अब मकसद सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए नहीं है कि मुझे पैसे से नफरत है, बल्कि इसलिए कि मैं 60 साल की उम्र में पीछे मुड़कर यह नहीं सोचना चाहता कि अगर मैंने सच में कोशिश की होती तो क्या होता।”

नौकरी के साथ-साथ उन्होंने छोटे प्रोडक्ट और माइक्रो-SaaS प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू किया है। फिलहाल उनके प्रोजेक्ट्स के कोई यूजर नहीं हैं, लेकिन वह मार्केटिंग सीख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि आगे चलकर इनसे हर महीने 1,000-2,000 डॉलर की कमाई हो सकेगी। अगर ऐसा होता है, तो वह नौकरी छोड़ने या कुछ महीनों का ब्रेक लेने पर विचार कर सकते हैं।

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपए के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों एवं कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में देशभर से आए प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।   

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार-व्यवसाय, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना-विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। मध्यप्रदेश में निवेश हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। उन्होंने देशभर के निवेशकों का प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को हमारी सरकार हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश में चल रहे विकास यज्ञ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को देश के उद्योग जगत से सराहना मिल रही है। उद्योग के संचालन के लिए मुख्यत: ठोस नीति, नेक नीयत और सहयोगी सरकार। मध्यप्रदेश में आपको यह तीनों ही मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027, भोपाल के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। हमारे अवसरों को आपका अनुभव मिल जाए, तो हम मिलकर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश के प्रगति पथ में सहयात्री बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, मध्यप्रदेश में बिना किसी संकोच के और खुले दिल से निवेश कीजिए तथा हमारे साथ विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनिए।

 

एमपी में किसी बात की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है, पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है तथा प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। लगभग 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को 'समस्याओं का अंत, सेवा तुरंत' बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बाधा का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सरल और सहज कनेक्टिविटी को प्रदेश की बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, एक्सप्रेस-वे और हाईवेज़ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित और कुशल श्रम शक्ति भी बेहद आसानी से उपलब्ध है।

 

मध्यप्रदेश और गुजरात हैं जुड़वा भाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक संभावनाओं एवं उच्च कोटि के परस्पर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, वहीं मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स एडवांटेज है। दोनों राज्यों की इन्हीं बेजोड़ विशेषताओं के समन्वय से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया इतिहास रचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर हैं। बीना में विशाल पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन में 360 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क, धार और नवसारी में पीएम मित्रा पार्क तथा पीथमपुर का मजबूत ऑटोमोबाइल आधार दोनों राज्यों की औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों से निवेश का रास्ता आसान हुआ है और इन क्षेत्रों में 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है।

mohan yadav

मां नर्मदा के दो बेटे देश के औद्योगिक विकास के लिए बढ़ रहे हैं साथ-साथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से गुजरात की धरती देश को समृद्धि देती आई है। गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुष हमें दिए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत दुनिया का अग्रणी देश बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात और मध्यप्रदेश मां नर्मदा के दो बेटों की तरह हैं। नर्मदा के जल से दोनों प्रदेशों में पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपने संकल्प को पूरा किया है। दोनों राज्यों में उद्योग, व्यापार, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमी पुरुषार्थ और व्यापार से कई लोगों को रोजगार और घर चलाने का अवसर मिलता है। हम 'जियो और जीने दो' के साहचर्य सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं।

 

समृद्धि वाली धरती है गुजरात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेगा निवेश संवाद कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों और उद्यमियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुजरात के साथ संबंध अनेक प्रकार से महात्मा गांधी के समय से है। स्वतंत्रता आंदोलन समर में सभी राज्य संयुक्त रूप से संघर्षरत थे। गुजरात से ही सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। गुजरात में वे द्वारकाधीश बने और जगद्गुरु भी बने। गुजरात की धरती ही कृष्ण को श्री लगाने वाली और समृद्धि देने वाली धरती है। अब एक बार फिर गुजरात और मध्यप्रदेश के साथ अब नया रिश्ता जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए गुजरात के सभी उद्यमी आमंत्रित हैं। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पूरा सहयोग प्राप्त होगा। गुजरात में पेट्रोकेमिकल , रसायन, टेक्सटाइल, फॉर्मा और एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। गुजरात का टेक्सटाइल तो दुनिया में प्रसिद्ध है। गुजरात के पास धार जिले में प्रधानमंत्री मोदी ने 2 हजार एकड़ में बन रहे टेक्सटाइल सेक्टर के पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां तेजी से निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गुजरात से हैं। उनके नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में सबसे अलग छवि बना रहा।

 

क्रियान्वित हो रहा समृद्धि का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का जो राज्यों की समृद्धि का संकल्प था , वह क्रियान्वित हो रहा। सरदार सरोवर परियोजना के संदर्भ में राज्यों के मध्य आवश्यक सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों राज्यों के बीच प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में केंद्र का पर्याप्त समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। राज्यों में परस्पर सहयोग और साथ रहे, इस दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य समान रूप से आगे बढ़ें, यह अनुकूलता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश में विशेष प्रयास हुए हैं। राज्य में बिजली की उपलब्धता सरप्लस है। मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन भी चल रही है। देश में सबसे सस्ती बिजली दर मध्यप्रदेश में है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। निवेशकों से किए हर वादे को पूरा करते हुए बड़े उद्योग और एमएसएमई ईकाइयों को पिछले माह तक की निवेश प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते बैकलॉग सब्सिडी को भी खत्म किया है।

 

युवाओं को हर क्षेत्र में मिल रहे अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में टूरिज्म, आईटी, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी और भोपाल सहित पड़ोसी जिले को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सबसे तेज गति से उद्योगों की स्थापना हो रही है। मध्यप्रदेश देश में में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हो रहे विशेष प्रयासों और अन्य सेक्टर में आ रहे निवेश का भी विवरण दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों और सकारात्मक वातावरण की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

 

एमपी में अद्भुत टूरिज्म

गुजरात के वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विस लिमिटेड के ऑनर चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश सिस्टर स्टेट होने के साथ-साथ देश के भविष्य के ग्रोथ इंजन हैं। वर्ष 2011 में हमारी कंपनी ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की। हमने वॉटर पाइप्स तैयार किए। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 12 महीने में उद्योग स्थापना के लिए जरूरी सभी अनुमतियां दे दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्यमियों और निवेशकों की सभी देनदारियां लगातार भुगतान की जा रही हैं। सिम्फनी लिमिटेड कंपनी के सीएमडी एवं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट कांउसिल के चेयरमेन  अचल बेकेरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है। हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई। अब घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पारंपरिक तौर पर गोवा और हिमाचल प्रदेश की श्रेणी में शामिल हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन और चित्रकूट, वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक विरासत के लिए खजुराहो, मांडू और सांची प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राज्य में बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने होमस्टे की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। टूरिज्म राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। गुजराती समुदाय के लिए मध्यप्रदेश में हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। कई गुजराती निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुए हैं। गुजरात में पहले हुई इन्वेस्टर्स मीट में हजारों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश पर भरोसा दिखाते हैं। राज्य में उद्योग मित्र नीतियां, पारदर्शिता और निवेश अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

 

एमपी में निवेश के लिए अनुकूल माहौल

अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य गुजरात ने हमेशा अपनी उद्यमिता, चुनौतियों का सामना करने और नवाचारों से देश को प्रेरित किया है। मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 रेल जंक्शन और तेजी से बढ़ता लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इनमें मुरैना में फुटवियर पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस, रायसेन में प्लास्टिक पार्क भी शामिल हैं। सेक्टर आधारित क्लस्टर हमारी विशेषता हैं। नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के निर्माण के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है। हमारी उद्योग आधारित नीतियों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं। राज्य की पॉलिसी निर्यात, निवेश अनुदान को भी बढ़ावा दे रही हैं। मध्यप्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक, तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। फूड प्रोसेसिंग के लिए राज्य में कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा टेस्टिंग ट्रैक है। धार जिले में टेक्सटाइल सेक्टर का देश के सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार करोड़ से अधिक का निवेश मिल चुका है। मध्यप्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी निवेशकों को हर क्षेत्र में मदद कर रही हैं। भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर काम चल रहा है। ग्वालियर में केंद्र सरकार के सहयोग से देश का पहला टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) विकसित किया जा रहा है। पर्यटन भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मध्यप्रदेश वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

 

आईटी सेक्टर में अपार संभावनाएं

प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। यहां रहना काफी सस्ता है। टीसीएस इंदौर में अपनी यूनिट संचालित करती है, जिसमें 16 हजार से अधिक स्टॉफ काम करता है। इन्फोसिस भी राज्य में अपना विस्तार करने जा रही है। बैगलौर और हैदराबाद की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ट्रैफिक अत्यंत सुगम है। राज्य सरकार नया स्पेस टेक पार्क स्थापित करने पर कार्य कर रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्यूफेक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के अंतर्गत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है। हमारी सेमीकंडक्टर पॉलिसी को देशभर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए किराये और स्टॉफ की सैलरी के लिए भी सहायता दे रही है।

 

मुख्यमत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश संवाद के दौरान प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हुईं। इनमें निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1,200 करोड़ रुपए के निवेश को शीघ्र क्रियान्वित करने, टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और  पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर चर्चा हुई। वहीं, टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना, प्रदेश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा, अतिरिक्त विद्युत क्षमता सृजन और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पेट्रोकेमिकल, केमिकल, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई। वन-टू-वन बैठकों में चिरपाल ग्रुप, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट, गुजरात अंबुजा, एजियोस पॉलीफिल्म्स, एरिस लाइफसाइंसेज सहित अन्य उद्योग समूहों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गुजरात के निवेशकों एवं उद्योग जगत ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, व्यवस्थाओं और नेतृत्व के प्रति विश्वास भी व्यक्त किया।

 

सीएम डॉ. मोहन ने बताया किसने कितना किया निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीमेंट क्षेत्र में गोल्डक्रेस्ट सीमेंट द्वारा 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पैकेजिंग क्षेत्र में एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रालि द्वारा 2,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड द्वारा 1,200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपए के निवेश से 800 रोजगार, टेक्सटाइल क्षेत्र में राघव वूवन एलएलपी द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 400 रोजगार, इंजीनियरिंग क्षेत्र में भव्य मशीन टूल्स द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 300 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार तथा पैकेजिंग क्षेत्र में बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में श्रद्धा स्पन प्रालि द्वारा 160 करोड़ रुपए के निवेश से 600 रोजगार, अन्य क्षेत्र में इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्रालि द्वारा 150 करोड़ रुपए के निवेश से 160 रोजगार, एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपए के निवेश से 120 रोजगार, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में जेएमके फूड द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 80 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में विबफास्ट ग्रुप द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 75 रोजगार तथा अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपए के निवेश से 50 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन सभी निवेश प्रस्तावों से कुल 8 हजार 635 करोड़ रुपए का निवेश और 5 हजार 785 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

Delhi 2047 का मास्टर प्लान पास, DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी! मेट्रो, सड़क सब पर असर

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के विकास को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने कई बड़े फैसले लिए हैं। DDA की बैठक में Master Plan for Delhi-2047 को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने की। अब इस प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा।

दिल्ली का विकास कैसे होगा?

Master Plan 2047 में दिल्ली के आने वाले वर्षों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें आवास, रोजगार, ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के विकास को एक साथ कई क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

इसमें पुराने इलाकों को बेहतर बनाने, ऐतिहासिक जगहों को बचाने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी ध्यान दिया गया है। प्लान तैयार करने से पहले दिल्ली सरकार, MCD, NDMC, DJB, DMRC, NCRTC और RWAs समेत कई संस्थाओं से चर्चा की गई थी।

पुराने DDA मकानों का पुनर्निर्माण आसान होगा

DDA ने पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्निर्माण के लिए एक समान नीति को भी मंजूरी दी है। इसका फायदा 50 साल से ज्यादा पुराने उन DDA मकानों को मिलेगा, जो अब जर्जर या कमजोर हो चुके हैं।

पहले ऐसे बने-बनाए मकानों के पुनर्विकास के लिए एक समान नियम नहीं थे। अब इन मकानों को खाली रिहायशी प्लॉट की तरह रीडेवपलमेंट का अधिकार मिलेगा। हालांकि, इसके लिए FAR, ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी जैसे नियमों का पालन करना होगा।

रिठाला-कुंडली मेट्रो को भी बढ़ावा

DDA ने नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन का लैंड यूज बदलने को मंजूरी दी है। जमीन का इस्तेमाल अब ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा सकेगा।

रिठाला से कुंडली तक मेट्रो विस्तार से नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, रोहिणी और नरेला की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे हरियाणा के कुंडली तक पहुंच भी आसान होगी। DDA को उम्मीद है कि इससे नरेला में आवास, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और दूसरे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

बिल्डिंग परमिशन में भी राहत

DDA ने Unified Building Bye-Laws यानी UBBL-2016 में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका मकसद बिल्डिंग प्लान की मंजूरी को आसान बनाना है।

अब बिल्डिंग परमिट के लिए DPCC, Chief Inspector of Factories, Delhi Jal Board और Forest Department से पहले NOC लेने की जरूरत को हटाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रोजेक्ट की मंजूरी में लगने वाला समय कम हो सकता है।

कई जमीनों के लैंड यूज में बदलाव

DDA ने रोशनपुरा में 7,978 वर्ग मीटर जमीन का लैंड यूज बदलने को भी मंजूरी दी है। यहां Veterinary Council of India का मुख्यालय बनाया जाना है। सरोजिनी नगर के पास 24,400 वर्ग मीटर जमीन को ट्रांसपोर्टेशन से रेजिडेंशियल में बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है।

इसके अलावा Copernicus Lane में तीन प्लॉट का लैंड यूज रेजिडेंशियल से पब्लिक और सेमी-पब्लिक करने की मंजूरी दी गई। यहां भारतीय विद्या भवन अपनी उच्च शिक्षा और रिसर्च गतिविधियों का विस्तार करना चाहता है।

DDA ने मंगोलपुरी और केशोपुर के कुछ इंडस्ट्रियल एरिया को डी-नोटिफाई करने का फैसला भी लिया। वहीं, Gazipur में Waste-to-Energy प्लांट के लिए जमीन का लैंड यूज कमर्शियल से यूटिलिटी करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ग्रीन एरिया बढ़ाने के लिए भी जमीन के इस्तेमाल में बदलाव किया गया है।

PPF Calulator: हर साल PPF में ₹1.5 लाख डालने पर कितना पैसा मिलेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stock in Focus: कंस्ट्रक्शन कंपनी को ₹126 करोड़ का ऑर्डर, महाराष्ट्र में 300 बेड का अस्पताल बनाएगी

Stock in Focus: पुणे की कंस्ट्रक्शन कंपनी Vascon Engineers को महाराष्ट्र के वर्धा में 300 बेड का जनरल अस्पताल बनाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने बुधवार, 12 अगस्त को इसकी जानकारी दी।

कंपनी को यह ऑर्डर ₹126.39 करोड़ का मिला है। इसमें GST शामिल नहीं है। यह लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) महाराष्ट्र के नागपुर डिवीजन के वर्धा स्थित पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से जारी किया गया है।

24 महीने में पूरा करना होगा काम

यह प्रोजेक्ट आइटम-रेट के आधार पर दिया गया है। कंपनी को ऑर्डर मिलने की तारीख से 24 महीने के भीतर काम पूरा करना होगा। Vascon Engineers के मुताबिक, यह ऑर्डर घरेलू कारोबार से जुड़ा है और इसे एक घरेलू संस्था ने दिया है।

कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ऑर्डर देने वाली संस्था में उसके किसी प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी या रुचि नहीं है। यह प्रोजेक्ट संबंधित पक्षों के बीच होने वाले लेनदेन यानी Related Party Transaction के दायरे में भी नहीं आता।

जून में भी मिला था ₹347 करोड़ का ऑर्डर

Vascon Engineers को इससे पहले जून में भी बड़ा ऑर्डर मिला था। कंपनी ने 10 जून को बताया था कि उसे ₹347.43 करोड़ का Letter of Intent मिला है।

यह ऑर्डर सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की गुवाहाटी डिवीजन की ओर से दिया गया था। इसके तहत असम के गुवाहाटी में Zoo-Narengi Road Colony स्थित RBI क्वार्टर्स को गिराकर दोबारा विकसित करना है। यह काम EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन आधार पर दिया गया है।

Vascon Engineers के शेयरों का हाल

Vascon Engineers का शेयर बुधवार को 2.44% गिरकर ₹31.25 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 23.69% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 35.23% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 785.68 रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Corporate FD vs SFB FD: 9% के करीब ब्याज के चक्कर में कितना जोखिम? जानिए कहां पैसा लगाना बेहतर

Corporate FD vs SFB FD: अगर आपका बैंक FD पर 6.5%-7% ब्याज दे रहा है, तो 9% के करीब ब्याज देखकर मन ललचा सकता है। अभी कुछ कॉर्पोरेट FD चुनिंदा अवधि पर करीब 8.95% तक ब्याज दे रहे हैं। कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक यानी SFB भी 8% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं।

ऊपर से देखें तो ज्यादा ब्याज वाला FD बेहतर लगता है। लेकिन मामला इतना सीधा नहीं है। दोनों में पैसे की सुरक्षा अलग है। इसलिए FD चुनते समय सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।

कॉर्पोरेट FD में ज्यादा जोखिम

कॉर्पोरेट FD कंपनियां और NBFCs जारी करती हैं। आप अपना पैसा कंपनी को देते हैं। कंपनी इसके बदले आपको तय ब्याज देती है। कुछ कॉर्पोरेट FD अभी करीब 8.95% तक ब्याज दे रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को कुछ मामलों में थोड़ा ज्यादा ब्याज भी मिल सकता है। लेकिन यहां एक बड़ा जोखिम है। कॉर्पोरेट FD पर बैंक FD जैसा DICGC इंश्योरेंस नहीं मिलता।

यानी कंपनी पैसा लौटाने में फंस गई तो आपका जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए ऐसी FD में पैसा लगाने से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग जरूर देखनी चाहिए। उसकी आर्थिक स्थिति भी समझनी चाहिए। सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर FD लेना ठीक नहीं है।

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SFB FD में 8% से ज्यादा ब्याज

स्मॉल फाइनेंस बैंक भी FD पर अच्छा ब्याज दे रहे हैं। कुछ बैंक चुनिंदा अवधि में 8% या इससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। यहां सबसे बड़ा फायदा जमा की सुरक्षा का है। बैंक में जमा रकम पर DICGC का बीमा मिलता है। इसके तहत एक जमाकर्ता को एक बैंक में कुल ₹5 लाख तक की जमा पर सुरक्षा मिलती है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं।

BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी के मुताबिक FD चुनते समय सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए। SFB FD में ₹5 लाख तक DICGC सुरक्षा मिलती है। वहीं Corporate FD में ज्यादा ब्याज मिल सकता है, लेकिन कंपनी का क्रेडिट रिस्क भी रहता है।

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₹5 लाख से ज्यादा पैसा है तो क्या करें?

यहां एक बात समझना जरूरी है। DICGC की ₹5 लाख की सीमा हर बैंक के हिसाब से होती है। मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख हैं। पूरा पैसा एक ही SFB में रखने पर सिर्फ ₹5 लाख तक की जमा DICGC कवर में आएगी।

ऐसे में अलग-अलग बैंकों में पैसा बांटना एक तरीका हो सकता है। इससे बीमा कवर का फायदा अलग-अलग बैंकों में लिया जा सकता है।

कॉर्पोरेट FD या SFB FD, क्या चुनें?

अगर आपको ज्यादा ब्याज चाहिए और आप थोड़ा ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, तो कॉर्पोरेट FD पर विचार कर सकते हैं। लेकिन पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग और वित्तीय हालत जरूर देखें। अगर आपका फोकस सुरक्षा पर है और 8% के आसपास ब्याज मिल रहा है, तो SFB FD ज्यादा आरामदायक विकल्प हो सकता है।

एक और चीज देखनी चाहिए। वह है FD की अवधि। अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसा चाहिए, तो समय से पहले FD तोड़ने पर ब्याज कम मिल सकता है। कुछ मामलों में पेनल्टी भी लग सकती है। इसलिए FD चुनते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

PPF Calulator: हर साल PPF में ₹1.5 लाख डालने पर कितना पैसा मिलेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Charlie Munger Investment Tips: निवेश करने में चार्ली मुंगेर के ये 4 सिद्धांत रखें याद, कभी नहीं डूबेगा पैसा

Charlie Munger Investment Tips: चार्ली मुंगेर को निवेश की गजब की समझ थी। वह वॉरेन बफे के करीबी दोस्त और बर्कशायर हैथवे के को-फाउंडर थे। नवंबर 2023 में मुंगेर का निधन हो गया। बफे भी निवेश की उनकी समझ के कायल थे। बफे खुद एक दिग्गज इनवेस्टर्स हैं। उन्होंने शेयरों में निवेश से अकूत दौलत कमाई है। बफे ने बताया था कि उन्होंने मुंगेर से कई चीजें सीखी हैं।

शेयरों में निवेश के चार बुनियादी सिद्धांत

मुंगेर निवेश में चार बुनियादी बातों पर काफी जोर देते थे। उनका मानना था कि हर व्यक्ति को निवेश में इन चार बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। कुछ साल पहले बीबीसी को दिए इंटरव्यू में इन चार सिद्धांतों के बारे में विस्तार से बताया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये चारों निवेश के बुनियादी सिद्धांत है, जिनके बारे में शेयरों में निवेश करने वाले हर व्यक्ति को जानना चाहिए।

उसी कंपनी में निवेश जिसके बिजनेस को आप समझते हैं

मुंगेर ने कहा था कि निवेश का पहला सिद्धांत यह है कि आप जिस कंपनी में निवेश कर रहे हैं, उसके बिजनेस की समझ आपको होनी चाहिए। यह सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। कई लोग किसी दोस्त और रिश्तेदार के कहने पर शेयरों में निवेश करते हैं। उन्हें इस बात की पूरी समझ नहीं होती कि वे जिस कंपनी के शेयर में निवेश कर रहे हैं, उसका बिजनेस क्या है। फिर निवेश में नुकसान होने पर वे दोस्त और रिश्तेदार को जिम्मेदार मानते हैं।

निवेश से पहले कंपनी की इंट्रिन्सिक वैल्यू जान लें

दूसरे सिद्धांत के बारे में बताते हुए मुंगेर ने कहा था कि निवेश से पहले कंपनी की इंट्रिन्सिक वैल्यू के बारे में जानना बहुत जरूरी है। Intrinsic Value का मतलब कंपनी के असल वर्थ से है। यह वैल्यू कंपनी की फाइनेंशियल ताकत, अर्निंग्स और फ्यूचर कैश फ्लो पर आधारित होती है। यह कंपनी के शेयर के प्राइस से अलग है।

अच्छी मैनेजमेंट वाली कंपनियों की ग्रोथ तेज होती है

तीसरे सिद्धांत में मुंगेर ने कंपनी के मैनेजमेंट पर फोकस करने को कहा था। उनका कहना था कि आप जिस कंपनी के शेयर में निवेश करने जा रहे हैं, उसके मैनेजमेंट के बारे में आपको जरूर पहले पता कर लेना चाहिए। अच्छे मैनेजमेंट वाली कंपनियों की ग्रोथ ज्यादा होती है। ऐसी कंपनियों में मार्केट लीडर बनने की क्षमता होती है।

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शेयर को कम कीमत पर खरीदने से ज्यादा मुनाफा कमाने की गुंजाइश 

मुंगेर का चौथा सिद्धांत यह था कि आपको किसी शेयर में सही कीमत पर निवेश करना चाहिए। कई लोग किसी कंपनी के शेयर को तब खरीद लेते हैं, जब उसका प्राइस 52 हफ्ते के हाई पर होता है या शेयर पहले ही काफी चढ़ चुका होता है। मुंगेर ने कहा था कि किसी शेयर की खरीद कीमत जितनी कम होगी, उससे मुनाफा कमाने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। इसलिए किसी शेयर को खरीदने से पहले यह देख लेना जरूरी है कि कही आप उसे ज्यादा कीमत पर तो नहीं खरीद रहे हैं।