Muthoot FinCorp IPO: ₹3000 करोड़ के इश्यू का ड्राफ्ट जमा, रहेंगे केवल नए शेयर

नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मुथूट फिनकॉर्प ने अपने 30 अरब रुपये (3000 करोड़ रुपये) के IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में मुताबिक, ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में कहा गया है कि IPO में केवल नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी 6 अरब रुपये तक का प्री-IPO प्लेसमेंट ला सकती है। अगर ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा।

मुथूट फिनकॉर्प के IPO में 50 प्रतिशत तक हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा। IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और SBI कैपिटल मार्केट्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप की कंपनी है। यह मुख्य रूप से गोल्ड लोन देने का काम करती है। साथ ही यह बिजनेस, हाउसिंग, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसी सुविधाएं भी देती है। कंपनी की पूरे भारत में 3,800 से ज्यादा ब्रांच हैं।

कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे

कंपनी अपने IPO से हासिल फंड का इस्तेमाल भविष्य में लोन देने की जरूरतों के लिए टियर-1 कैपिटल बेस को मजबूत करने, बिजनेस बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार करने में करेगी। एक छोटा हिस्सा इश्यू से जुड़े खर्चों के लिए रखा जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में मुथूट फिनकॉर्प ने शुद्ध मुनाफे में 3 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी। ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 31.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी के कंसोलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का आंकड़ा 73,448.82 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GMR Airports घाटे से आई मुनाफे में, फिर क्यों हुए शेयर धड़ाम, इस कारण लगा झटका

GMR Airports Share Price: जीएमआर एयरपोर्ट्स के धमाकेदार कारोबारी नतीजे के बावजूद आज शेयर धड़ाम हो गए। जून तिमाही में कंपनी सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आई तो रेवेन्य 24% बढ़ गया और साथ ही कंपनी ने ₹5000 करोड़ तक जुटाने की बात कही है। इसके बावजूद जीएमआर एयरपोर्ट्स के शेयर फिसल गए। फिलहाल बीएसई पर यह 1.01% की गिरावट के साथ ₹103.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.44% गिरकर ₹102.70 तक आ गया था। पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹84.02 के भाव पर था जिससे 10 महीने में यह 37.59% उछलकर पिछले महीने 7 जुलाई 2026 को एक साल के हाई ₹115.60 पर पहुंच गया था।

GMR Airports Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जीएमआर एयरपोर्ट्स कंसालिडेटेड लेवल पर सालाना आधार पर ₹212 करोड़ के घाटे से ₹91 करोड़ के मुनाफे में आ गई। इसे हाई रेवेन्यू और ऑपरेटिंग अर्निंग्स से सपोर्ट मिला। कंपनी का कंसालिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 24% बढ़कर जून तिमाही में ₹3,205 करोड़ से ₹3,964 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए इस दौरान 24% बढ़कर ₹1,165 करोड़ ₹1,447 करोड़ और EBITDA मार्जिन 36.3% से 36.5% पर पहुंच गया।

धमाकेदार नतीजे के बावजूद क्यों टूटा शेयर

जीएमआर एयरपोर्ट्स के शेयरों पर एक दबाव तो कमजोर मार्केट सेंटिमेंट से आया तो दूसरी वजह इसकी कारोबारी रिपोर्ट में ही है। इसकी निगेटिव इक्विटी ने इस पर दबाव डाला है तो EBITDA में डेप्रिसिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन और फाइनेंस कॉस्ट की अधिक लागत ने भी झटका दिया है। निगेटिव इक्विटी को लेकर कंपनी ने बताया कि ऑपरेशंस से कैश फ्लो और ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में सुधार के बावजूद जून के आखिरी में इसकी कुल इक्विटी नेगेटिव ₹1,428.65 करोड़ थी क्योंकि इसे मुख्य रूप से अनरियलाइज्ड फॉरेन-एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव से नुकसान और पिछले वर्षों में कई प्रोजेक्ट्स के कैपिटलाइजेशन के बाद हाई डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट से झटका लगा।

हालांकि कंपनी ने उम्मीद जताई है कि आने वाले कंसेशन पीरियड के लिए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट और GMR हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टैरिफ ऑर्डर के बाद रेवेन्यू और मार्जिन में सुधार होगा। कंपनी ने यह उम्मीद जताई कि अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए वह पर्याप्त फंड जुटा लेगी। बोर्ड ने इसे शेयर, बॉन्ड्स और वारंट्स इत्यादि के जरिए एक या अधिक किश्तों में ₹5 हजार करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। डेप्रिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन से झटके की बात करें तो EBITDA में इसकी हिस्सेदारी जून 2026 तिमाही में ₹455.60 करोड़ थी तो फाइनेंस कॉस्ट ₹937.93 करोड़ थी।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO News: आशीष कचोलिया और सुनील सिंघानिया के निवेश वाली कंपनी का आईपीओ आज से खुला, जानें सभी डिटेल्स

Credent Connect N Care IPO Details: नई दिल्ली बेस्ड हेल्थकेयर और मेडिकल लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली कंपनी क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर का आईपीओ आम निवेशकों के लिए खुल चुका है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने से एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹26.53 करोड़ जुटा लिए हैं।

इस आईपीओ में दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबाकस (Abakkus), मोतीलाल ओसवाल और 360 वन जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। वहीं दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की भी कंपनी में पहले से हिस्सेदारी है।

एंकर बुक में किन-किन बड़े नामों ने लगाया पैसा?

कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹189 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर 14.04 लाख शेयर अलॉट किए हैं।

अबाकस एसेट मैनेजर: सुनील सिंघानिया के स्वामित्व वाले अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड और मिंट फोकस्ड ग्रोथ फंड ने ₹5-₹5 करोड़ लगाकर कुल 5.28 लाख शेयर खरीदे।

मोतीलाल ओसवाल: मोतीलाल ओसवाल फिनवेस्ट के जरिए ₹4 करोड़ (2.11 लाख शेयर) का निवेश किया।

हेम ग्रोथ अपॉर्चुनिटीज फंड: ₹4.48 करोड़ (2.37 लाख शेयर) का अलॉटमेंट मिला।

360 वन: अपने ट्रेजरी सॉल्यूशंस फंड के जरिए ₹1 करोड़ से अधिक (53,400 शेयर) का निवेश किया।

अन्य निवेशक: LRSD सिक्योरिटीज, फिनएवेन्यू कैपिटल ट्रस्ट, मेरु इन्वेस्टमेंट फंड, रेलिगो कमोडिटीज और शाइन स्टार बिल्ड कैप ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

RHP दाखिल करने के समय तक अबाकस के पास कंपनी में 1.21% और आशीष कचोलिया के पास 2.02% हिस्सेदारी थी। दोनों ने यह हिस्सेदारी जुलाई 2026 में ₹187 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी थी।

IPO साइज, प्राइस बैंड और महत्वपूर्ण तारीखें

  • कुल आईपीओ साइज: ₹93.89 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू – 49.68 लाख शेयर)
  • प्राइस बैंड: ₹179 से ₹189 प्रति शेयर
  • ओपन और क्लोज डेट: 13 अगस्त से 17 अगस्त 2026
  • लॉट साइज: 600 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 2 लॉट यानी 1,200 शेयर – ₹2,26,800 का निवेश)
  • अलॉटमेंट और लिस्टिंग: 18 अगस्त को और लिस्टिंग 20 अगस्त को

कंपनी आईपीओ फंड्स का इस्तेमाल कहां करेगी?

  • आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग इन कार्यों के लिए किया जाएगा:
  • ₹26.8 करोड़: पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘क्रेडेंट हेल्थकेयर’ की वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए।
  • ₹3 करोड़: मशीनरी और कैपिटल एक्सपेंडिचर जरूरतों के लिए।
  • ₹37 करोड़: कंपनी की अपनी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं के लिए।
  • ₹6 करोड़: मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए।

बाकी बचे हुए पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

क्या करती है क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर?

यह कंपनी बी2बी (B2B) हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में काम करती है। कलेक्शन सेंटर्स से लैब तक और अलग-अलग स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच डायग्नोस्टिक सैंपल्स का सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन करती है। इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) कंपनियों के लिए सी एंड एफ (C&F) लोकेशंस से पैथोलॉजी लैब्स तक रीएजेंट्स पहुंचाती है। मुंबई, पुणे, चेन्नई और वाराणसी में कंपनी के 2 वेयरहाउस और 4 ब्रांच ऑफिस मौजूद हैं।

कैसी है वित्तीय सेहत?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा है, जहां कुल रेवेन्यू FY25 के ₹77.9 करोड़ से 175% से अधिक बढ़कर ₹214.2 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं शुद्ध मुनाफे (PAT) में 730% से अधिक का ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया गया और यह ₹2.2 करोड़ से बढ़कर ₹18.4 करोड़ हो गया; कंपनी के इस तेजी से बढ़ते मुनाफे और दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी ने इस आईपीओ को मार्केट में चर्चा का केंद्र बना दिया है।

कितना चल रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम?

अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में कंपनी के आईपीओ को लेकर काफी मजबूत रुझान देखने को मिल रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक, क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर का शेयर अपर प्राइस बैंड से 25% से अधिक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, जिससे लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न के संकेत मिल रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

LAPL Automotive IPO Listing: दोपहिया से लेकर बस तक के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज बनाने वाली एलएपीएल ऑटोमोटिव के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 344 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹94 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹135.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 43.62% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में थोड़ी फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹130.00 (LAPL Automotive Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 38.30% मुनाफे में हैं।

LAPL Automotive IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलएपीएल ऑटोमोटिव का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-10 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 344.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 200.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 433.26 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 387.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 34,46,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.56 करोड़ औरंगाबाद के औरिक सिटी में एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹4.79 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.24 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹4.81 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

LAPL Automotive के बारे में

एलएपीएल ऑटोमोटिव कई प्रकार के ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज की डिजाइनिंग कर उन्हें बनाती है और सप्लाई करती है। इसे ऑटोमोटिव लाइटिंग और सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स बनाने में महारत हासिल है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लाइटिंग डिविजन के तहत टेल लैम्प्स, ब्लिंकर लैम्प्स और हेडलैम्प्स हैं तो मोटर डिविजन के तहक स्टार्टर मोटर्स, वाइपर मोटर्स और रोटर्स हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में मिरर डिविजन के तहत दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के लिए रियर-व्यू मिरर्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 99% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.63 करोड़ और टोटल इनकम 24% से अधिक के सीएजीआर से ₹94.32 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.84 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹16.45 करोड़ पड़े थे।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

VIP Industries की सात तिमाहियों के बाद बढ़ी सेल्स, लेकिन दो मोर्चे पर तगड़ा शॉक

VIP Industries Share Price: लगातार सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में वीआईपी इंडस्ट्रीज की सेल्स ग्रोथ पॉजिटिव रही, जिसका असर आज इसके शेयरों पर दिख सकता है। हालांकि यह भी ध्यान रहे कि कंपनी का घाटा दोनों मोर्च पर बना हुआ है, एक नेट प्रॉफिट और दूसरा ईबीआईटीडीए के ऑपरेटिंग मोर्चे पर। शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 अगस्त को रिजल्ट आने के पहले कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा था। बीएसई पर इसके शेयर 1.74% की गिरावट के साथ ₹310.75 के भाव पर बंद हुए थे और कंपनी ने शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे।

VIP Industries Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में वीआईपी इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹561.43 करोड़ से 3% बढ़कर ₹578.36 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि 80 से अधिक नए प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग के दम पर 50% रेवेन्यू मिला। वहीं ऑपरेटिंग लेवल पर यह इस दौरान ₹24.65 करोड़ के ईबीआईटीडीए गेन से ₹11.12 करोड़ के ईबीआईटीडीए लॉस में आ गई। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस भी ₹13.1 करोड़ से तेजी से बढ़कर ₹53.56 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की तेजी के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा और कच्चे माल को कच्चे तेल की महंगाई से झटका लगा।

कंपनी के एमडी और सीईओ अतुल जैन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी अपने हर एक ब्रांड्स- वीआईपी (VIP), स्काईबैग्स (Skybags), एरिस्टोक्रेट (Aristocrat), अल्फा (Alpha) और कैपरीस (Caprese) को मजबूत करने पर फोकस बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि पूरी कंपनी और चैनल नेटवर्क में इन्वेंट्री को ऑप्टिमाइज किया गया है, ब्रांड और प्राइसिंग से जुड़े नियम तय किए गए हैं, एक मजबूत लीडरशिप टीम बनाई गई और चैनल इकोसिस्टम में नई जान फूंकी गई जिसके दम पर पुरानी दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो चुकी हैं और वीआईपी अब ग्रोथ के अगले चरण के लिए तेजी पकड़ रही है। बता दें कि कंपनी ने सात तिमाहियों के बाद जून तिमाही में सेल्स में अच्छी ग्रोथ दिखाई है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 17 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹473.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल पर शेयरों की तेजी थम गई और 7 महीने में यह 41.16% टूटकर 18 मई 2026 को ₹278.50 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

MSCI India Index Rejig: ग्रो, लेन्सकार्ट समेत 4 शेयरों की एंट्री, SBI Cards समेत 3 स्टॉक हुए बाहर; 1 सितंबर से दिखेंगे बदलाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Ideas : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जानें कमजोर बाजार में भी आज किन शेयरों में बनेगा पैसा, इंडेक्स में क्या करें

Trading Ideas : कल के कारोबारी सत्र में बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी 36 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 188 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो PSU बैंक इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 2 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि IT इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह लगभग 1.5 प्रतिशत नीचे रहा। कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंट्राडे में तेज गिरावट के बाद,निफ्टी ने 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के पास सपोर्ट लिया और तेज रिकवरी की।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि 20-डे SMA या 24,300/77,500 का लेवल ट्रेडर्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर मार्केट इन स्तरों से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,500-24,600/78,500-78,800 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24,300/77,500 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे,मार्केट 24,150-24,100/77,000-76,800 तक गिर सकता है।

आज क्या हो कमाई की रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24509-24541 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24617-24667/24709 पर है। इसके लिए पहला बेस 24341-24380 पर और बड़ा बेस 24178/24206-24261 पर है। ग्लोबल सेटअप न्यूट्रल है। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। AI रैली की संभावना है। FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है,इंडेक्स में शॉर्ट हुए हैं। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.65 लाख पर आ गए हैं।

24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग और 24300-24200 पर पुट राइटिंग हुई है। 24509-24541 के ऊपर शॉर्ट कवरिंग संभव है। 24380-24341 मामूली सपोर्ट है। 24261-24207 क्रिटिकल सपोर्ट है। तेजी और शॉर्ट कवरिंग के लिए 24509-24541 के ऊपर निकलना जरूरी है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोरी में शॉर्ट काम कर सकता है, बेस-1 पर चेक करें। बेस-1 टूटने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है,बेस-1 और बेस-2 अहम रिवर्सल पॉइंट हैं। निफ्टी IT को 31200-31050 के ऊपर टिकना जरूरी है। निफ्टी बैंक को 57500 के ऊपर टिकना जरूरी है।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58030-58189/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58411-58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57467-57610 पर और बड़ा बेस 56911/57089-57211 पर है। PSU बैंकों में रिवर्सल थोड़ा चौंकाने वाला है। 57000-57200 पर काफी पुट राइटिंग हुई है। 57500 पर थोड़े पुट हैं। 58000 कॉल पर एक्जिट हुए हैं। 57500 के ऊपर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति रहेगी। 58200-58270 के ऊपर तेज मजबूती संभव है। तेजी के लिए कच्चे तेल का सपोर्ट जरूरी है। बेस-1 के नीचे फिसलने पर बेस-2 का टेस्ट संभव है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी ABB फ्यूचर्स में 7740-7744 रुपए के आसपास, 7670 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 7910 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। पॉलीकैब फ्यूचर्स में भी इनकी 9310-9315 रुपए के आसपास, 9200 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 9550 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली

Gold Silver Price: इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार (13 अगस्त) की शुरुआती ट्रेडिंग में सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी की कीमत में गिरावट आई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बाजार महंगाई के ताजा आंकड़ों के बाद अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य पर विचार कर रहे थे। COMEX पर सोना $4,473.40 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से $5.90 या 0.13% अधिक था। इस मेटल ने दिन के दौरान $4,509.10 प्रति औंस का उच्चतम और $4,456.50 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ।

COMEX पर चांदी की कीमत $65.58 प्रति औंस थी, जिसमें $0.12 या 0.18% की गिरावट आई। सेशन के दौरान इसकी कीमत $66.45 और $65.22 प्रति औंस के बीच रही।

ये ताजा बदलाव बुधवार यानी 12 अगस्त को सोने की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद आए हैं। उस दिन जुलाई के अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आने के बाद सोना दो महीने से अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।

बुधवार (12 अगस्त) को स्पॉट गोल्ड 0.9% बढ़कर $4,406.64 प्रति औंस हो गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6% बढ़कर $4,467.50 प्रति औंस पर बंद हुआ। जून में 0.4% की गिरावट के बाद जुलाई में अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1% की बढ़ोतरी हुई। यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था और इससे निकट भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति की ओर बढ़ने की उम्मीदें कम हो गईं।

बाजार अब फेडरल रिजर्व की सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम मान रहे हैं। CME फेडवॉच टूल के अनुसार, महंगाई के आंकड़ों से पहले दरें बढ़ने की संभावना 46% थी, जो अब घटकर लगभग 40% हो गई है।

आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने पर सोने पर दबाव पड़ता है क्योंकि अधिक यील्ड (रिटर्न) से नॉन-यील्डिंग एसेट (जिससे कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता) को रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट बढ़ जाती है। इसके विपरीत, कम या स्थिर दरों की उम्मीदें बुलियन की मांग को सहारा दे सकती हैं।

कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी सोने को कुछ सहारा दिया है। निवेशक अब महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य के बारे में और संकेतों के लिए गुरुवार को आने वाले अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पर नजर रखेंगे।

कीमती धातुओं के लिए भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी एक अन्य कारक बने हुए हैं। शिपिंग रूट को लेकर फिर से बढ़े तनाव और ईरान-समर्थक हूथी विद्रोहियों से जुड़े टकराव का असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, और इसके चलते महंगाई और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें भी प्रभावित हो सकती हैं।

बुधवार (12 अगस्त) को चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई। यह 1.3% बढ़कर $65.49 प्रति औंस पर पहुंच गई और 22 जून के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market: यूएस CPI आंकड़ों में नरमी से उछले एशिया मार्केट, कोस्पी 4% से ज्यादा चढ़ा

Asian Market: ज्यादातर एशिया बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। अनुमान के मुताबिक जुलाई महंगाई आंकड़ों का भी अमेरिकी बाजारों पर खास असर नहीं पड़ा। डाओ जोंस फ्लैट रहा, लेकिन चिप शेयरों में अच्छी तेजी से नैस्डेक आधे परसेंट से ज्यादा चला। उधर सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी से कोस्पी करीब 4 फीसदी ऊपर चढ़। निक्केई भी करीब डेढ़ परसेंट ऊपर बना हुआ।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इस क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 4.48% की बढ़त हुई। जापान के निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.83% की बढ़त हुई, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स 1.01% ऊपर चढ़ा। इसके उलट, हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में 0.87% की गिरावट आई, जो व्यापक क्षेत्रीय तेज़ी के बावजूद हांगकांग बाज़ार में कुछ सावधानी का संकेत देता है।

ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 उन प्रमुख इंडेक्स में एकमात्र ऐसा इंडेक्स था जिसमें गिरावट देखी गई। यह 0.12% नीचे आया।

वॉल स्ट्रीट (Wall Street)

बुधवार, 12 अगस्त को वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। जुलाई के महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक होने के बावजूद निवेशकों ने ज़्यादा उत्साह नहीं दिखाया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 240 अंकों के दायरे में ट्रेड करने के बाद लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। वहीं, S&P 500 और नैस्डैक (Nasdaq) ने 30-स्टॉक वाले इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और क्रमशः 0.3% और 0.5% की बढ़त दर्ज की।

जुलाई में महंगाई के आंकड़े कम रहने के बावजूद सप्ताह के बीच का ट्रेडिंग सेशन सुस्त रहा। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई दर महीने-दर-महीने 0.1% और साल-दर-साल 3.4% बढ़ी।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को तेल की कीमतों में $1 से ज़्यादा की गिरावट आई। विश्लेषकों ने 2026 में वैश्विक तेल मांग के अपने अनुमानों में कटौती की, जिसका कारण ईरान के साथ US-इजरायल संघर्ष से पैदा हुई रुकावटें थीं। हालांकि, संघर्ष के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंताओं ने कीमतों में और गिरावट को सीमित रखा।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.29 या 1.5% गिरकर $87.69 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $1.30 या 1.6% गिरकर $81.97 प्रति बैरल पर आ गया। एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के अनुसार, पिछले हफ़्ते US में कमर्शियल क्रूड ऑयल का स्टॉक उम्मीद से ज़्यादा बढ़ गया, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी थी। इस बढ़ोतरी की एक वजह एक्सपोर्ट में भारी गिरावट थी।

US-Iran युद्ध

इस जलमार्ग को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति के बहुत कम संकेत मिले हैं, जबकि US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस रणनीतिक रास्ते पर वॉशिंगटन का “पूरा नियंत्रण” है।

US-Iran बातचीत में गतिरोध पैदा होता दिख रहा है क्योंकि दोनों पक्ष अपने कड़े रुख पर अड़े हुए हैं। वॉशिंगटन, तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है। मध्यस्थता की कोशिशों में मदद कर रहे पाकिस्तान ने कहा कि व्यापक शांति प्रक्रिया रुक गई है, हालांकि US-Iran के बीच समझौते (MOU) की समय-सीमा अभी भी बढ़ाई जा सकती है।

मध्य पूर्व में युद्ध, रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और बंदरगाहों व रिफाइनरियों समेत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बार-बार हो रहे हमलों ने ग्लोबल क्रूड और रिफाइंड-प्रोडक्ट मार्केट में स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

आज सोने की कीमत

US में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर तत्काल चिंताएं कम हुईं, जिससे सोने की कीमतें $4,400 प्रति औंस के आसपास काफी हद तक स्थिर रहीं।

बुधवार को 0.9% की बढ़त के बाद शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में बहुत कम बदलाव हुआ। जुलाई में US कंज्यूमर कीमतों में महीने-दर-महीने सिर्फ़ 0.1% की बढ़ोतरी के आंकड़े सामने आए थे। स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,403.02 प्रति औंस पर आ गया।

Stock Market Live: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।