Petrol Diesel Price Today: 15 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आपके शहर में क्या है कीमत

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 15 अक्टूबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

LPG Price 14 October 2026: दिल्ली से पटना तक LPG के ताजा भाव जारी, चेक करें नई कीमतें

LPG Price 14 October 2026: रसोई गैस सिलेंडर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बुकिंग से पहले अपने शहर के नए रेट जरूर जान लें। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) हर रोज सुबह 6 बजे एलपीजी की कीमतें अपडेट करती हैं। आज बुधवार, 14 अक्टूबर को देश भर में उपभोक्ताओं को कुकिंग गैस की कीमतों में कोई नई राहत नहीं मिली है। यानी कि  OMCs ने आज घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

कितनी है गैस सिलेंडर की कीमत?

दिल्ली में 14.2 किलो वाले वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 939.50 रुपये है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 945.50 रुपये है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर की कीमत 941.50रुपये है। वहीं, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल LPG सिलेंडर भी महंगे बने हुए हैं। बीते 1 अक्टूबर 2026 को इसकी कीमतों में 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसी के साथ दिल्ली में अभी इसकी कीमत 2,810 रुपये प्रति सिलेंडर है।

वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। आइए जानते हैं दिल्ली, मुंबई, पटना समेत प्रमुख शहरों में आज घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर कितने रुपये में मिल रहा है।

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के आज के भाव

शहर के अनुसार LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग हो सकती है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख शहरों के घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम एक साथ दिए गए हैं।

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹939.50₹2,810.00
नोएडा₹939.50₹2,747.50
गुरुग्राम₹951.00₹2,828.00
मुंबई₹941.50₹2,764.50
कोलकाता₹968.00₹2,954.00
चेन्नई₹957.50₹2,983.00
पटना₹1,031.50₹3,100.50
रांची₹1,010.50₹2,988.00
जयपुर₹945.50₹2,839.00

नोट: ये कीमतें उपलब्ध दरों पर आधारित हैं। बुकिंग से पहले संबंधित तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या गैस वितरक से अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें।

अलग-अलग शहरों में LPG के दाम क्यों बदलते हैं?

गैस सिलेंडर की खुदरा कीमत तय होने में कई कारक अहम भूमिका निभाते हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत, आयात लागत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, परिवहन खर्च और स्थानीय कर शामिल हैं। इसी वजह से दिल्ली, मुंबई, पटना और रांची जैसे शहरों में सिलेंडर की कीमत एक जैसी नहीं होती।

भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर गैस की लागत पर पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खुदरा कीमतों में बदलाव संबंधित फैसलों पर निर्भर करता है।

सिलेंडर बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

गैस बुक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप घरेलू या कमर्शियल में से सही श्रेणी का सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इसके अलावा, अपने शहर का लागू रेट, सब्सिडी की पात्रता और गैस वितरक की ओर से बताई गई अंतिम राशि भी जांच लें। इससे बिल को लेकर भ्रम नहीं रहेगा और आप अपने मासिक बजट की बेहतर योजना बना सकेंगे।

RRP Electronics ने शुरू की एडवांस्ड वेफर-लेवल पैकेजिंग सुविधा, सेमीकंडक्टर कारोबार बढ़ाने की तैयारी

RRP Electronics Semiconductor: आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने सेमीकंडक्टर कारोबार में अपनी क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। कंपनी ने महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित अपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में एडवांस्ड वेफर-लेवल पैकेजिंग (AWLP) सुविधा शुरू की है। इससे कंपनी एडवांस्ड सेमीकंडक्टर पैकेजिंग के क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा सकेगी।

इस सुविधा का उद्घाटन महाराष्ट्र के उद्योग और मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत, डॉ. अनिल काकोडकर, डॉ. जी. सतीश रेड्डी और कंपनी के चेयरमैन राजेंद्र चोडणकर ने किया। कंपनी का कहना है कि यह सुविधा भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत इकोसिस्टम बनाने की उसकी योजना का अहम हिस्सा है।

क्या है एडवांस्ड वेफर-लेवल पैकेजिंग?

एडवांस्ड वेफर-लेवल पैकेजिंग सेमीकंडक्टर चिप बनाने की प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। इसमें चिप को वेफर से अलग करने से पहले ही उसकी पैकेजिंग और इलेक्ट्रिकल कनेक्शन तैयार किए जाते हैं। इससे चिप को छोटे आकार में तैयार करना और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इस्तेमाल करना आसान हो सकता है।

पारंपरिक तरीके में पहले वेफर को अलग-अलग चिप्स में काटा जाता है। इसके बाद हर चिप की अलग से पैकेजिंग होती है। वहीं, वेफर-लेवल पैकेजिंग में एक ही प्रक्रिया के दौरान पूरे वेफर पर सुरक्षात्मक परतें और इलेक्ट्रिकल कनेक्शन तैयार किए जाते हैं।

कंपनी का दावा है कि वह पहले से ही पारंपरिक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग में काम कर रही है। इसमें QFN पैकेजिंग भी शामिल है। अब नई सुविधा शुरू होने से कंपनी एडवांस्ड पैकेजिंग की जरूरत वाले ग्राहकों को भी सेवाएं दे सकेगी।

 

सेमीकंडक्टर टेस्टिंग पर भी बढ़ा रही फोकस

RRP Electronics का कहना है कि वह पैकेजिंग के साथ-साथ सेमीकंडक्टर टेस्टिंग की क्षमता भी बढ़ा रही है। इसका मकसद खास तरह के सेमीकंडक्टर डिवाइस और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जरूरतें पूरी करना है।

इससे कंपनी को मोनोलिथिक माइक्रोवेव इंटीग्रेटेड सर्किट (MMIC) की पैकेजिंग की योजना में भी मदद मिलेगी। MMIC खास तरह के सेमीकंडक्टर डिवाइस होते हैं। इनका इस्तेमाल रडार, कम्युनिकेशन और दूसरे हाई-फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में किया जाता है।

भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर जोर

RRP Electronics के चेयरमैन राजेंद्र चोडणकर ने कहा कि एडवांस्ड वेफर-लेवल पैकेजिंग सुविधा कंपनी की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक अहम पड़ाव है। कंपनी ने पहले OSAT क्षमता विकसित की और ग्राहकों के लिए QFN पैकेजिंग शुरू की। अब एडवांस्ड पैकेजिंग, SIM और eSIM मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग और बेहतर टेस्टिंग सुविधाओं को जोड़कर कारोबार का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसा मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है, जो टेलीकॉम, इंडस्ट्रियल, ऑटोमोटिव, डिफेंस और स्ट्रैटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों की जरूरतें पूरी कर सके। हालांकि, कंपनी ने इस सुविधा से होने वाली संभावित कमाई या रेवेन्यू में बढ़ोतरी का कोई आंकड़ा नहीं बताया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

झारखंड के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब रांची एयरपोर्ट से सीधे भर सकेंगे विदेश की उड़ान, फॉरेन फ्लाइट्स के लिए ये है तैयारी

झारखंड की राजधानी रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए तैयार है। अब जरूरत किसी एयरलाइन कंपनी के आगे आने की है। रांची बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार बताते हैं, अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव मिलने पर कस्टम, इमिग्रेशन सहित आवश्यक सेवाओं को सक्रिय किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू होने पर यात्रियों को पासपोर्ट और वीजा जांच, इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम जांच, अंतरराष्ट्रीय बैगेज हैंडलिंग, सुरक्षा जांच और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलेंगी। इससे झारखंड के यात्रियों के लिए विदेश यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी। इसके लिए रनवे भी थोड़ा लंबा और चौड़ा किया जाएगा।

डूरंड कप में किया गया है टेस्ट

डायरेक्टर विनोद कुमार ने बताया,अभी हाल में ही राज्य में डूरंड कप आयोजित हुआ था। इसमें हमने अस्थाई रूप से कई सारी सुविधाओं को सक्रिय किया था जैसे इमीग्रेशन, विजा सत्यापन, अंतरराष्ट्रीय बैगेज हैंडलिंग में पूरी तरह सफल परीक्षण रहा। ऐसे में अगर कोई एयरलाइन कंपनी इंटरनेशनल रूट पर उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव भेजती है तो रांची एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने आगे बताया कि परीक्षण के दौरान सुरक्षा, इमीग्रेशन, यात्रियों का दबाव हर चीजों पर रांची एयरपोर्ट खरा उतरा है। अब बस जरूरत है तो किसी विमानन कंपनी के प्रस्ताव की। ऐसे में जो लोग खासतौर पर दिल्ली और मुंबई जाकर अंतरराष्ट्रीय उड़ान से सफर करते हैं, उनको बड़ी सुविधा होगी।

6000 यात्री करते हैं यात्रा

जानकारी देते हुए विनोद कुमार बताते हैं,रांची एयरपोर्ट में हर दिन 4000 से 5000 यात्री उड़ान भरते हैं। वहीं, कुछ खास मौके या फेस्टिव सीजन पर या वीकेंड के कोई खास दिन पर ये तादाद 6000 तक हो जाती है। साथ ही, रोजाना औसत 45-50 विमान की आवाजाही होती है। तो रांची एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है।

रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट

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‘सुमो दीदी’ का ट्रेलर जारी, 23 अक्टूबर को होगी रिलीज

हिंदी जी5 ने भारत की पहली पेशेवर महिला सुमो पहलवान हेतल दवे के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सुमो दीदी’ का ट्रेलर जारी कर दिया है। जयंत रोहतगी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में श्रीयम भगनानी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म 23 अक्टूबर को हिंदी जी5 पर स्ट्रीम होगी।

फिल्म में हेतल दवे के संघर्ष, दृढ़ संकल्प और सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देकर अपनी पहचान बनाने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म में चैतन्य शर्मा, अनुभा फतेहपुरिया, नितेश पांडे, राघव धीर और मीनल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं।

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जियो स्टूडियोज, फ्रेश लाइम फिल्म्स और मॆथ एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की शूटिंग जापान, कोलकाता और मुंबई में हुई है। यह फिल्म टोक्यो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।

निर्देशक जयंत रोहतगी ने कहा कि यह फिल्म केवल सुमो पहलवान बनने की कहानी नहीं, बल्कि अपनी पहचान और ताकत पर भरोसा करने तथा सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने की प्रेरणादायक कहानी है। श्रीयम भगनानी ने कहा कि हेतल दवे का किरदार निभाना उनके लिए शारीरिक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। वहीं, हेतल दवे ने उम्मीद जताई कि उनकी कहानी लोगों को खुद पर विश्वास करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।

Pic Credit : UNI

CJI के खिलाफ विवादित पोस्ट को लेकर घिरी केरल कांग्रेस, आलोचना के बाद कर्मचारी को पद से हटाया, बीजेपी ने बताया शर्मनाक

Kerala Congress: कांग्रेस की केरल इकाई के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X अकाउंट से भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के खिलाफ की गई एक विवादित पोस्ट सोमवार को व्यापक रूप से वायरल हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना होने के बाद इसे हटा दिया गया। पार्टी ने पोस्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को भी पद से हटा दिया। केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने एक बयान में कहा कि पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट पर प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ विवादित पोस्ट करने वाले जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है।

जोसेफ ने कहा कि यह पोस्ट केपीसीसी नेतृत्व की जानकारी, सहमति या परामर्श के बिना की गई थी। उन्होंने कहा, “केपीसीसी इस बात की जांच करेगी कि ऐसी पोस्ट किन परिस्थितियों में की गई।” उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस पार्टी को कोई असहमति नहीं है। जोसेफ ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस रुख के विपरीत व्यक्त किए गए विचार केपीसीसी नेतृत्व का आधिकारिक रुख नहीं है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने हटाई जा चुकी पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि न्यायपालिका पार्टी का अगला निशाना होगी। रीजीजू ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कांग्रेस भारत के सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थानों को नष्ट करना चाहती है। सभी भारत-विरोधी गिरोह एकजुट हो रहे हैं। सभी देशभक्त भारतीय भी एकजुट होंगे।”

BJP ने बताया शर्मनाक

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने CJI के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने आरोप लगाया कि पार्टी अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है जो बेहद शर्मनाक है। BJP के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी इस मुद्दे पर विपक्षी दल पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुस्लिम लीग की माओवादी कांग्रेस में पूरी तरह बदल चुकी और चरम ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता अपना चुकी कांग्रेस अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है, जो शर्मनाक है।”

BJP प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता पूरी तरह अराजकतावादी हो गई है। यादव ने X पर एक पोस्ट में कहा, “अब कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से CJI के इस्तीफे की मांग की जा रही है।” उन्होंने सवाल किया, “संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने और साथ ही संविधान की दुहाई देने से बड़ी राजनीतिक पाखंड की मिसाल क्या हो सकती है?”

उन्होंने कहा, “अगर चुनाव हारते हैं, तो निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं। अगर फैसला उनके खिलाफ आता है, तो न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं।” BJP सांसद निशिकांत दुबे ने भी केरल कांग्रेस की ओर से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला।

दुबे ने X पर कहा, “राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के बाद ‘महाराजा’ राहुल गांधी ने अब उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की भी मांग कर दी है।” BJP सांसद ने तंज कसते हुए कहा, “सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, शरजील इमाम राष्ट्रपति बनेंगे, अभिजीत दीपके उपराष्ट्रपति बनेंगे, प्रियंका गांधी सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस बनेंगी और खालिस्तानी पन्नून को मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “इस बीच, (जॉर्ज) सोरोस भारत के अमेरिका में राजदूत होंगे।” BJP के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि CJI द्वारा गांधी और विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किए जाने से यह महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाइयों से ऊपर रहना चाहिए।

कब शुरू हुआ विवाद?

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के मद्देनजर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था, “ये कानून-व्यवस्था का मुद्दा है। ये मेरा विषय नहीं है।” CJI राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की स्थापना की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं, चाहे वह आम नागरिक हो या कानून बनाने वाला कोई व्यक्ति। उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेता अपनी शिकायतें उनके सामने कैसे रख सकते हैं।

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CJI की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की केरल इकाई ने C पर एक पोस्ट में कहा, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका स्थान लेने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे जो इसे संभाल सके।” हालांकि, बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया।

Vadodara Bullet Train Update: देश के सबसे बिजी रेल रूट पर सबसे मुश्किल काम पूरा, 8.3 KM के स्ट्रेच में लगी 14 विशाल बीम

वडोदरा। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन परियोजना ने वडोदरा में अपनी सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौतियों में से एक को पार कर लिया है। दिल्ली-मुंबई राजधानी मेन लाइन के ऊपर सभी 14 पोर्टल बीम का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।

यह सिर्फ कंस्ट्रक्शन का एक पड़ाव नहीं है, बल्कि बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को वडोदरा के मौजूदा रेलवे नेटवर्क से इंटीग्रेट करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह काम देश के सबसे व्यस्त रेलवे रूट पर बिना ट्रेनों की आवाजाही को बाधित किए किया गया है।

क्यों अहम है वडोदरा का ये 8.3 KM का हिस्सा?

वडोदरा का यह पूरा स्ट्रेच करीब 8.3 किलोमीटर लंबा है और यह घनी आबादी वाले शहरी और रेलवे इलाके से होकर गुजरता है। यहां बुलेट ट्रेन का रूट भारतीय रेलवे की पांच लाइनों को क्रॉस करता है, जिसमें दो मेन लाइनें शामिल हैं।

सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बुलेट ट्रेन का एलाइनमेंट दिल्ली-मुंबई राजधानी मेन लाइन को तिरछा यानी डायगोनली पार करता है। ऐसे में जरूरी क्लीयरेंस बनाए रखने और मौजूदा रेल सिस्टम के साथ सुरक्षित कनेक्टिविटी के लिए विशेष डिजाइन वाले पोर्टल स्ट्रक्चर की जरूरत थी।

14 पोर्टल बीम कहां लगी ?

NHSRCL के मुताबिक, इन 14 पोर्टल बीम में से 10 बीम वडोदरा बुलेट ट्रेन स्टेशन और विश्वामित्री रेलवे स्टेशन के बीच सूरत की तरफ लगाए गए हैं। वहीं, 4 बीम वडोदरा रेलवे स्टेशन और छायापुरी रेलवे स्टेशन के बीच अहमदाबाद की तरफ हैं।

ये पोर्टल बीम एक मजबूत स्ट्रक्चरल फ्रेम का काम करेंगे, जिसके ऊपर बुलेट ट्रेन वायाडक्ट का सुपरस्ट्रक्चर बनाया जाएगा।

अब आगे क्या होगा? 

इन बीम के पूरा होने के साथ ही अब इस सेक्शन में वायाडक्ट के इंटीग्रेशन को गति मिलेगी।

– राजधानी मेन लाइन क्रॉसिंग वाले हिस्से पर इन 14 बीम के ऊपर लगभग 40 मीटर लंबे कम्पोजिट गर्डर लगाए जाएंगे।

– बाकी पोर्टल बीम वाली लोकेशंस पर स्पैन-बाय-स्पैन लॉन्चिंग तकनीक से काम आगे बढ़ेगा।

1500 टन वजन, मौके पर ही हुई ढलाई

इन बीम की इंजीनियरिंग भी बेहद खास है। हर पोर्टल बीम का वजन लगभग 1,500 टन है। जगह कम होने और चालू रेलवे लाइनों के बीच काम करने की मजबूरी के कारण इन्हें ‘कास्ट-इन-सीटू’ यानी मौके पर ही ढलाई करके बनाया गया है। पारंपरिक प्रीकास्ट लॉन्चिंग मेथड यहां संभव नहीं था।

हर बीम की लंबाई करीब 37 मीटर, चौड़ाई 4 मीटर और ऊंचाई 4 मीटर है। एक बीम को बनाने में लगभग 590 क्यूबिक मीटर कंक्रीट लगता है, जबकि सिर्फ इसके अंदर लगने वाले स्टील के रीइन्फोर्समेंट केज का वजन ही 55 टन है।

इसे बनाने के लिए हाई-कैपेसिटी क्रेन, हाइड्रोलिक जैक, लंबे बूम वाले कंक्रीट पंप और सटीक सर्वे इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया गया। NHSRCL को इसके लिए भारतीय रेलवे के साथ मिलकर हर चरण की माइक्रो-प्लानिंग करनी पड़ी और कई बार रेलवे ब्लॉक भी लेना पड़ा।

2.04 लाख रुपये की एक टिकट! मुंबई में फाल्गुनी पाठक के गरबा कार्यक्रम में ऐसा क्या खास?

नवरात्रि शुरू होते ही देशभर में गरबा का रंग चढ़ने लगता है और लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है। लेकिन जब गरबा क्वीन फाल्गुनी पाठक की परफॉर्मेंस हो, तो इसकी एक्साईटमेंट और बढ़ जाती है। हर साल बड़ी संख्या में उनके शो का इंतजार करते हैं। मुंबई में इस साल फाल्गुनी पाठक के साथ नौ रातों तक गरबा का उत्सव मनाया जाएगा। वहीं, फाल्गुनी पाठक का नवरात्रि उत्सव 2026 इस बार अपने महंगे टिकटों की कीमतों को लेकर भी चर्चा में है। कार्यक्रम में सबसे खास VIP पॉड की कीमत करीब 2.04 लाख रुपये रखी गई है।

आयोजन शुरू होने से पहले ही कई कम कीमत वाली टिकट कैटेगरी बिक चुकी हैं। ऐसे में महंगी टिकट और लोगों की जबरदस्त दिलचस्पी, दोनों ही इस गरबा उत्सव को सुर्खियों में ला रहे हैं।

कितनी है टिकट की शुरुआती कीमत

मुंबई में फाल्गुनी पाठक का गरबा उत्सव शुरू हो चुका है और लोगों में जबरदस्त उत्साह है। फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव का आयोजन 11 से 19 अक्टूबर के बीच जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। वहीं इस इवेंट का नाम टवेस्ट एवेन्यू रियल्टी नवरात्रि उत्सव 2026′ रखा गया है। इस कार्यक्रम के टिकटों की कीमत ने लोगों का ध्यान खींचा है। शुरुआती टिकट करीब 2,000 रुपये से शुरू हो रहे हैं, जबकि सबसे खास प्राइवेट पॉड के लिए 2.04 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। यानी इस गरबा आयोजन में आम टिकट से लेकर बेहद महंगे VIP अनुभव तक कई विकल्प मौजूद हैं। आने वाले वीकेंड और कार्यक्रम की आखिरी रातों के लिए कई टिकट कैटेगरी पहले ही बिक चुकी हैं, जबकि प्रीमियम टिकट अभी उपलब्ध हैं।

कितने की है सबसे मंहगी टिकट

फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव में सबसे महंगी टिकट कैटेगरी ‘एक्सक्लूसिव पॉड’ है, जिसकी कीमत करीब 2.04 लाख रुपये है। इस प्राइवेट VIP स्पेस में एक साथ 12 लोग शामिल हो सकते हैं और टिकट के साथ 10,000 रुपये का फूड और बेवरेज वाउचर भी मिलता है, जो तय दिन पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। 18 अक्टूबर के लिए इस कैटेगरी की टिकटें तेजी से बिक रही हैं, जबकि 17 अक्टूबर की एक्सक्लूसिव पॉड टिकटें पहले ही खत्म हो चुकी हैं।

ग्रुप में भी ले सकते हैं टिकट

फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव में दोस्तों और परिवार के साथ जाने वालों के लिए ग्रुप टिकट भी उपलब्ध हैं। पांच लोगों के पैकेज की कीमत 13,000 रुपये है, यानी प्रति व्यक्ति करीब 2,600 रुपये खर्च होंगे। वहीं, 10 लोगों के लिए ग्रुप पैकेज 25,000 रुपये में मिल रहा है, जिसके हिसाब से एक व्यक्ति का टिकट करीब 2,500 रुपये पड़ता है। इस तरह ज्यादा लोगों के साथ बुकिंग करने पर प्रति व्यक्ति टिकट की कीमत थोड़ी कम हो जाती है।

कम कीमत वाले टिकट बिके

फाल्गुनी पाठक के नवरात्रि उत्सव के आखिरी वीकेंड के लिए कम कीमत वाले कई टिकट विकल्प अब उपलब्ध नहीं हैं। 17 अक्टूबर के लिए 2,000 रुपये वाला अर्ली बर्ड पास, 2,300 रुपये का फेज-1 और 2,700 रुपये का फेज-2 टिकट बिक चुका है। हालांकि, 3,500 रुपये की कीमत वाला फाइनल फेज टिकट अभी बुक किया जा सकता है। 18 अक्टूबर के लिए 2,000 रुपये वाला अर्ली बर्ड और 2,300 रुपये का फेज-1 टिकट पहले ही बिक चुका है। लेकिन, 2,700 रुपये वाला फेज-2 टिकट और ग्रुप पैकेज अभी बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं। वहीं, 19 अक्टूबर को नवरात्रि उत्सव का आखिरी दिन होगा और इस दिन 2,700 रुपये का फेज-2 टिकट तेजी से बिक रहा है। पांच और 10 लोगों वाले ग्रुप पैकेज भी तेजी से भर रहे हैं।

इस बार कार्यक्रम में क्या है खास

इस बार फाल्गुनी पाठक का गरबा कार्यक्रम खुले मैदान की जगह पूरी तरह से एसी वाले जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। यहां डांस के लिए कारपेट वाला बड़ा फ्लोर तैयार किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में रोजाना महा आरती, लाइव म्यूजिक और परफॉर्मेंस, आकर्षक लाइटिंग और खाने-पीने की कई सुविधाएं भी मिलेंगी। लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त पेड पार्किंग की व्यवस्था भी रखी गई है।

कितनी देर तक चलेगा परफॉर्मेंस

फाल्गुनी पाठक का यह नवरात्रि उत्सव 11 से 19 अक्टूबर तक यानी लगातार नौ दिनों तक आयोजित किया जाएगा। हर रात कार्यक्रम की शुरुआत रात 8 बजे होगी और करीब चार घंटे तक गरबा और लाइव परफॉर्मेंस का सिलसिला चलेगा। इस आयोजन को ट्राइबवाइब और अल्फोंसो स्टूडियोज ने तैयार और प्रमोट किया है, जबकि वेस्ट एवेन्यू रियल्टी इसका टाइटल पार्टनर है। आयोजकों का दावा है कि ये कार्यक्रम गरबा प्रेमियों को एक खास और प्रीमियम नवरात्रि अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है।

OTT Crime Thrillers: अगर आप भी हैं डिजिटल क्राइम थ्रिलर्स के दीवाने, ओटीटी पर इन फिल्मों और सीरीज का उठा सकते हैं लुत्फ

OTT Crime Thrillers: इन्फ्लुएंसर अंकुश बहुगुणा के 40 घंटे के ‘डिजिटल-अरेस्ट’ के बुरे अनुभव से लेकर हाल ही में जाह्नवी कपूर के AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो तक, भारत में डिजिटल धोखाधड़ी एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। जहां एक घटना साइबर फ्रॉड और आर्थिक शोषण के खतरे को उजागर करती है, वहीं दूसरी यह दिखाती है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल करके तस्वीरों में हेरफेर की जा सकती है और लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन किया जा सकता है।

ऐसी घटनाएं टेक्नोलॉजी के बुरे पहलुओं को सामने लाती हैं। इसलिए भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी दिलचस्प ड्रामा, थ्रिलर और डॉक्युसीरीज के जरिए इन विषयों को दिखा रही है। फिशिंग नेटवर्क से लेकर फाइनेंशियल स्कैम और AI-आधारित हेरफेर तक, यहा कुछ ऐसे भारतीय शो और फिल्में हैं, जो डिजिटल धोखाधड़ी के कई रूपों पर रोशनी डालते हैं।

1. स्कैम 1992 द हर्षद मेहता स्टोरी-Sony LIV

1992 के सिक्योरिटीज स्कैम पर आधारित, ‘स्कैम 1992’ स्टॉकब्रोकर हर्षद मेहता के उत्थान और पतन की कहानी है। हर्षद मेहता मुंबई के स्टॉक मार्केट में मशहूर हुए थे, लेकिन बाद में भारत के सबसे कुख्यात फाइनेंशियल स्कैम में फंस गए। प्रतीक गांधी अभिनीत और हंसल मेहता द्वारा निर्देशित यह सीरीज बैंकिंग की कमियों, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और उन मीडिया इन्वेस्टिगेशन को दिखाती है, जिनकी वजह से यह स्कैम सबके सामने आया। पत्रकार सुचेता दलाल और देबाशीष बसु की किताब ‘द स्कैम हू वॉन, हू लॉस्ट, हू गॉट अवे’ पर आधारित यह सीरीज फाइनेंशियल मार्केट की जटिलताओं और सिस्टम की कमियों का फायदा उठाने के नतीजों की झलक दिखाती है। यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि स्कैम तब पनपते हैं जब लोग और संस्थाएँ उन सिस्टम पर सवाल नहीं उठाते जिन पर वे भरोसा करते हैं।

2. CTRL- Netflix

अनन्या पांडे और विहान सामत अभिनीत, ‘CTRL’ एक इन्फ्लुएंसर की कहानी है, जो अपनी डिजिटल जिंदगी से अपने एक्स-बॉयफ्रेंड की यादें मिटाने के लिए एक AI ऐप का सहारा लेती है। लेकिन बाद में उसे पता चलता है कि उस टेक्नोलॉजी का मकसद बहुत खतरनाक है। विक्रमादित्य मोटवाने द्वारा निर्देशित यह नेटफ्लिक्स थ्रिलर दिखाती है कि कैसे पर्सनल डेटा, AI टूल्स और टेक्नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता का इस्तेमाल लोगों को मैनिपुलेट करने के लिए किया जा सकता है।

3. स्कैम 2003 द तेलगी स्टोरी- Sony LIV

स्टॉक मार्केट से नकली कागजात के मामले की ओर बढ़ते हुए, ‘स्कैम 2003 द तेलगी स्टोरी’ अब्दुल करीम तेलगी के स्टाम्प पेपर के नकली कारोबार की कहानी दिखाती है। गगन देव रियार की मुख्य भूमिका वाली यह सीरीज दिखाती है कि कैसे स्टाम्प पेपर सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर यह रैकेट एक बड़े नेटवर्क में बदल गया। पत्रकार संजय सिंह की किताब ‘तेलगी स्कैम: रिपोर्टर्स डायरी’ पर आधारित यह शो इस कारोबार के दायरे और उस नेटवर्क के बारे में बताता है जिसने इसे एक बड़े फाइनेंशियल स्कैम में बदल दिया।

4. जामताड़ा सबका नंबर आएगा-Netflix

बड़े फाइनेंशियल संस्थानों से हटकर आम फोन यूजर्स पर फोकस करते हुए, ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ झारखंड के जामताड़ा शहर से जुड़े फिशिंग स्कैम की कहानी दिखाती है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बदनाम है। यह क्राइम ड्रामा उन युवा लड़कों की कहानी है जो फोन कॉल के जरिए अनजान लोगों को धोखा देकर उनकी जरूरी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं।

5. बैड बॉय बिलियनेयर्स इंडिया-Netflix

यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज विजय माल्या, नीरव मोदी और सुब्रत रॉय जैसे मशहूर भारतीय बिजनेस दिग्गजों से जुड़े विवादों और आरोपों की पड़ताल करती है। आर्काइवल फ़ुटेज, इंटरव्यू और इन्वेस्टिगेटिव स्टोरीटेलिंग के जरिए, यह ताकतवर बिजनेस एम्पायर के बनने और उसके बाद हुए कानूनी और फाइनेंशियल विवादों को दिखाती है।

Ranvir Shorey: ‘सड़कों पर कब्जा करना असल में लोकतंत्र की हत्या है’, रणवीर शौरी ने CJP प्रोटेस्ट की आलोचना की

Ranvir Shorey: एक्टर रणवीर शौरी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले उनकी हिरासत को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरने के बजाय अदालतों और लोकतांत्रिक संस्थाओं का रुख करना चाहिए। उनके ये बयान हुमा कुरैशी, सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा समेत कई बॉलीवुड एक्टर्स द्वारा अधिकारियों के प्रदर्शन को संभालने के तरीके की आलोचना के बीच आए हैं।

उन्होंने आगे कहा- लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन आखिरी रास्ता होना चाहिए। यह न्यायपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र को दरकिनार करने का तरीका नहीं है! आपके ‘असहमति के अधिकार’ का मतलब यह नहीं हो सकता कि आप हफ्ते के सातों दिन ‘विरोध-प्रदर्शन’ करें, जिससे देश ठप हो जाए और हम बाकी लोगों की जिंदगी नरक बन जाए! सिर्फ अराजकतावादी, पब्लिसिटी चाहने वाले या बेवकूफ ही पहले से मौजूद कानूनी उपायों का इस्तेमाल किए बिना विरोध-प्रदर्शन करेंगे।”

जब एक X यूजर ने जवाब दिया कि रणवीर को यह नहीं पता कि ‘CJI (मुख्य न्यायाधीश) भी समझौता कर चुके हैं’ तो एक्टर ने इस दावे का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “लंबी होती लिस्ट। मैं समझौता कर चुका हूं, दूसरे वोटर समझौता कर चुके हैं, मीडिया समझौता कर चुका है, संसद समझौता कर चुकी है, PMO समझौता कर चुका है, CEC समझौता कर चुका है, SC समझौता कर चुका है… सिर्फ सड़कों पर डफली बजाने वाली, संदिग्ध फंडिंग वाली उन पार्टियों की भीड़ ही भरोसेमंद है, जो चुनाव नहीं जीत पाईं।”

विरोध-प्रदर्शन के बारे में सब कुछ

संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई थी। वे मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होना था। लेकिन विरोध-प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आने के कुछ ही देर बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दीपके और CJP के दो अन्य नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। बाद में तीनों को रिहा कर दिया गया। रविवार को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।

सोमवार को आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय के अंदर कोई जवाब नहीं मिला तो CJP आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगा।