Shaan: शान और उनकी पत्नी राधिका मुंबई के बांद्रा में 3 लग्जरी फ्लैट के बने मालिक, 47.64 करोड़ में हुई डील

Shaan: शान के नाम से मशहूर शांतनु मुखर्जी और उनकी पत्नी राधिका मुखर्जी ने बांद्रा वेस्ट में तीन अपार्टमेंट खरीदे हैं। CRE Matrix के हाथ लगे प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ये प्रॉपर्टीज़ टर्नर रोड पर ‘पामेरा डेवलपमेंट’ का हिस्सा हैं और इन्हें डेवलपर NVK रियल्टी LLP से खरीदा गया है।

ये तीनों घर इस लग्ज़री प्रोजेक्ट की ऊपरी मंजिलों पर हैं और इनका कुल एरिया 6,267.87 स्क्वेयर फ़ीट है। रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि इस खरीद के लिए कपल ने ₹47.64 करोड़ चुकाए, जिसमें हर अपार्टमेंट की कीमत लगभग ₹15.88 करोड़ थी।

यह डील आधिकारिक तौर पर 20 अगस्त, 2026 को रजिस्टर हुई थी और इसमें ₹2.70 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया गया था। इस खरीद के साथ नौ कार पार्किंग की जगहें भी मिली हैं। तीन अलग-अलग घरों के बजाय, इन अपार्टमेंट्स को मिलाकर एक बड़ा घर बना दिया गया है। अब यह घर उस कपल की प्रॉपर्टी का हिस्सा बन गया है।

पामेरा प्रोजेक्ट का बॉलीवुड के इतिहास से भी कनेक्शन है। डेवलपर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, टर्नर रोड वाली इस प्रॉपर्टी में पहले मशहूर एक्ट्रेस माला सिन्हा रहती थीं। स्क्वायर यार्ड्स द्वारा देखे गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, 2025 में शान और उनकी पत्नी ने पुणे के प्रभाचीवाड़ी में ₹10 करोड़ में एक लग्ज़री बंगला खरीदा था।

इस डील में प्लॉट और बंगला दोनों शामिल थे। प्लॉट का साइज लगभग 0.4 हेक्टेयर या करीब 4,787.92 वर्ग गज है, जबकि बना हुआ एरिया (बिल्ट-अप एरिया) लगभग 5,500 वर्ग फुट है, जो करीब 511.04 वर्ग मीटर के बराबर है। इस खरीद पर ₹50 लाख की स्टाम्प ड्यूटी और ₹30,000 की रजिस्ट्रेशन फीस लगी। शान ‘कल हो ना हो’, ‘तनु वेड्स मनु’ और ‘दस’ जैसी फिल्मों के गानों समेत कई पॉपुलर बॉलीवुड गानों के लिए जाने जाते हैं।

इससे पहले 2026 में, सिंगर श्रेया घोषाल ने अपने माता-पिता शमीष्ठा घोषाल और बिस्वजीत घोषाल के साथ मिलकर वर्ली में ₹29.70 करोड़ में एक अपार्टमेंट खरीदा था। जैपकी.कॉम (Zapkey.com) द्वारा देखे गए रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, जुबिन नौटियाल ने भी मध आइलैंड इलाके में ₹4.94 करोड़ में 4 BHK अपार्टमेंट खरीदा था।

स्क्वायर यार्ड्स को मिले डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, सिंगर स्टेबिन बेन ने अपने परिवार के सदस्यों बेन अलेक्जेंडर और ज्योत्सना बेन के साथ मिलकर पिछले साल बांद्रा में ₹6.67 करोड़ में एक डुप्लेक्स अपार्टमेंट खरीदा था। वहीं, स्क्वायर यार्ड्स को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कंपोजर और सिंगर अनु मलिक और उनकी पत्नी अंजू मलिक ने सांताक्रूज वेस्ट में लगभग ₹14.49 करोड़ में दो अपार्टमेंट बेचे।

Bank Holidays: अगले हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, जरूरी काम सोमवार को जरूर निपटा लें

अगले हफ्ते अगर आपको बैंक का कोई काम है तो उसे सोमवार यानी 24 अगस्त को निपटा लेना ठीक रहेगा। 25 अगस्त से 30 अगस्त के बीच सरकारी और प्राइवेट बैंकों की शाखाएं अवकाश के कारण बंद रहेंगी। हालांकि, बैंकों के एटीएम खुले रहेंगे। नेट बैंकिंग सुविधाएं भी जारी रहेंगी। इससे ग्राहक जरूरी काम ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे।

हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी

बैंकों में हर रविवार को छुट्टी रहती है। इसके अलावा दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। बैंकों को छुट्टी के मामले में आरबीआई के नियमों का पालन करना पड़ता है। ये नियम सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की शाखाओं पर एक समान तरह से लागू होते हैं।

आज चौथा शनिवार की वजह से बैंक की शाखाएं बंद हैं

आज चौथा शनिवार है, जिससे बैंकों की शाखाएं बंद हैं। कल यानी 23 अगस्त को रविवार है, जिससे बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। 24 अगस्त को बैंक खुलेंगे। सोमवार को आम तौर पर बैंक की शाखाओं में कामकाज का दबाव ज्यादा होता है। खासकर उस हफ्ते में ज्यादा दबाव देखने को मिलता है, जिस हफ्ते में बैंकों में शनिवार और रविवार की छुट्टी होती है।

25 अगस्त को कई राज्यों और इलाकों में बैंक बंद रहेंगे

अगले हफ्ते मंगलवार यानी 25 अगस्त को कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में मिलाद-उन-नबी, फर्स्ट ओणम और मिलाद-ए-शरीफ के मौके पर बैंकों में छुट्टी रहेगी। हालांकि, दूसरे जगहों पर बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी। 26 अगस्त को ज्यादातर इलाकों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इनमें बेंगलुरु, पटना, लखनऊ, नागपुर, मुंबई, दिल्ली, रांची, रायपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। उस दिन ईद-ए-मिलाद, बरावफात, मिलाद-उन-नबी के मौके पर छुट्टी रहेगी।

28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर कई राज्यों में छुट्टी

28 अगस्त को भी रक्षा बंधन और कुछ क्षेत्रीय त्योहारों के चलते कई इलाकों में बंद रहेंगे। इनमें अहमदाबाद, भोपाल, जयपुर, कानपुर, कोच्चि जैसे बड़े शहर शामिल हैं। रक्षा बंधन का त्योहार उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार शुक्रवार यानी 28 अगस्त को मनाया जा रहा है।

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29 अगस्त को शनिवार के दिन भी बैंकों में कामकाज होगा

29 अगस्त को शनिवार है। लेकिन, बैंकों की शाखाएं उस दिन खुली रहेंगी। इसकी वजह यह है कि उस दिन इस महीने का पांचवां शनिवार होगा। बैंकों की शाखाएं सिर्फ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहती हैं। हालांकि, 30 अगस्त को रविवार की वजजह से बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। रविवार को हर राज्य में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। उस दिन कोई काम नहीं होता है।

Poonam Dhillon: CINTAA विवाद के बीच डेंगू के कारण पूनम ढिल्लों अस्पताल में भर्ती, जानें एक्ट्रेस का हेल्थ अपडेट

Poonam Dhillon: पूनम ढिल्लों का अभी मुंबई में इलाज चल रहा है। यह सब ‘सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन’ (CINTAA) में चल रहे तनाव के बीच हो रहा है, जिसकी वह प्रेसिडेंट हैं। यह फ़िल्म संस्था अंदरूनी विवाद में फंसी हुई है। डेंगू होने के बाद पूनम ढिल्लों को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्रकार विक्की लालवानी के अनुसार, वह कई दिनों से अस्पताल में हैं और अब ठीक हो रही हैं।

पूनम ढिल्लों अस्पताल में भर्ती

सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लालवानी ने लिखा, “पूनम ढिल्लों को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीनियर एक्ट्रेस को डेंगू हुआ है और वह पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में हैं। आज सुबह जब मैंने उन्हें मैसेज किया, तो उन्होंने बताया कि वह ठीक हो रही हैं। उनके पूरी तरह ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं और उम्मीद है कि वह जल्द ही घर लौट आएंगी।”

ढिल्लों को अस्पताल में तब भर्ती कराया गया है जब CINTAA अंदरूनी विवाद का सामना कर रही है। हाल ही में, एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने ढिल्लों पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ढिल्लों और वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे पर आरोप लगाया कि वे संगठन को तानाशाही तरीके से चला रही हैं।

एक पॉडकास्ट में बात करते हुए, सिंह ने दावा किया कि कई सदस्यों ने कमेटी से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग ढिल्लों और उनके ग्रुप से असहमत थे, उन्हें ‘शो-कॉज़ नोटिस’ भेजे जा रहे थे।

इस्तीफ़ा देने वाले आठ सदस्य हैं – हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, साहिला चड्ढा, हेता परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पाराशर। उन्होंने अपने इस्तीफ़े CINTAA की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह को सौंपे। अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे और एग्जीक्यूटिव कमेटी के कुछ सदस्यों ने अहम फ़ैसलों पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया है।

1958 में बनी यह संस्था भारत के मुंबई में स्थित फ़िल्म और टेलीविज़न एक्टर्स और परफ़ॉर्मर्स के लिए एक आधिकारिक ट्रेड यूनियन है, जो इंडियन ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है। उपासना सिंह ने ANI को बताया कि CINTAA के 11 सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया है, जिनमें से आठ एग्जीक्यूटिव कमेटी के चुने हुए सदस्य थे। सिंह के अनुसार, इन आठ सदस्यों ने अपने इस्तीफ़े के साथ अलग-अलग शिकायतें भी सौंपीं, जिनमें उन मुद्दों का ज़िक्र था जिन्हें उन्होंने उठाया था।

सिंह ने कहा, “हमारे 11 सदस्यों में से आठ चुने हुए सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया है और मुझे अपने इस्तीफ़े सौंप दिए हैं। उन्होंने अपनी शिकायतें भी सौंपी हैं, जिनमें कहा गया है कि पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों अपने पदों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।”

सिंह ने आगे सवाल उठाया कि CINTAA के आधिकारिक कामों के लिए पर्सनल ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के आधिकारिक ईमेल सिस्टम का इस्तेमाल करने से यह पक्का होगा कि बातचीत पारदर्शी रहे और ज़रूरत पड़ने पर संगठन के पास रिकॉर्ड उपलब्ध हों।

पूनम ढिल्लों की प्रतिक्रिया

इस बीच, पूनम ढिल्लों ने पहले ETimes के साथ बातचीत में इस विवाद पर बात की थी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई झगड़ा नहीं करना चाहतीं। ढिल्लों ने ETimes से कहा, “मैं किसी भी तरह की कीचड़ उछालने वाली हरकत में शामिल नहीं होना चाहती क्योंकि यह बहुत घटिया बात है। इनमें से ज़्यादातर आरोप उस व्यक्ति की सोच और निराशा को दिखाते हैं जो उससे ज़्यादा अहमियत चाहता था जितनी उसे मिली। हमने हमेशा, हर मंच पर, उपासना सिंह को जनरल सेक्रेटरी के तौर पर पेश किया है।”

Atomberg IPO: बिजली की कम खपत वाले पंखे बनाने वाली एटमबर्ग नए शेयरों से जुटा सकती है ₹450 करोड़, जानिए पूरा प्लान

Atomberg IPO: एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज आईपीओ में नए शेयरों से 450 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) भी होगा। इसके जरिए कुछ पुराने इनवेस्टर्स 7.65 करोड़ शेयर बेच सकते हैं। कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल बिजनेस की ग्रोथ और बैलेंसशीट मजबूत करने के लिए करेगी।

2012 में हुई थी कंपनी की शुरुआत 

Atomberg Technologies की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर मुंबई है। कंपनी फैंस सहित कई दूसरे इलेक्टिकल प्रोडक्ट्स बनाती है, जिनमें बिजली का काफी कम इस्तेमाल होता है। इसके सिलिंग पंखों ने मार्केट में बड़े बदलाव लाए हैं। कंपनी ने ICICI Securities, Avendus Capital और IIFL Capital Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी होगा

कंपनी के आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स को अपने शेयर्स बेचने का मौका मिलेगा। इनमें A91 Partners शामिल है, जिसने अपने इमर्जिंग फंड I के जरिए निवेश किया है। यह आईपीओ में सबसे ज्यादा 3.77 करोड़ शेयर बेचेगी। टेमासेक की V-Sciences Investments 1.22 करोड़ शेयर बेचेगी, जबकि Jungle Ventures अपने JV4 के जरिए 99.5 लाख शेयर बेचेगी।

कई शुरुआती निवेशकों को तगड़ा मुनाफा

एटमबर्ग का आईपीओ कई शुरुआती निवेशकों को मोटा मुनाफा कमाने का मौका देगा। सबसे ज्यादा मुनाफा Survam को हो सकता है, जिसने सिर्फ 6.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। Steadvies ने प्रति शेयर 60.60 रुपये की कीमत पर कंपनी के शेयरों में निवेश किया था। V-Sciences ने प्रति शेयर 59.68 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर निवेश किया था, जबकि A91 ने सिर्फ प्रति शेयर 9.02 रुपये की कीमत पर निवेश किया था।

कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल यहां करेगी

Survam को अपने रिटर्न पर Steadview के मुकाबले करीब 9.1 गुना ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने जितनी कम कीमत पर शेयरों में निवेश किया था, उन्हें उतना ज्यादा मुनाफा होगा। कंपनी ने कहा है कि वह नए शेयर इश्यू करने से मिले 450 करोड़ रुपये में से 150 करोड़ का इस्तेमाल ब्रांड को मजबूत बनाने के लिए करेगी। 100 करोड़ का निवेश रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए करेगी। 90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

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बीते तीन वित्त वर्ष से कंपनी लॉस में है

पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर्स में से हर ईयर में कंपनी को लॉस हुआ है। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 148.9 करोड़ रुपये हो गया। यह FY25 में 117.4 करोड़ रुपये और FY24 में 199.1 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो FY26 में निगेटिव हो गया। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग और आरएंडडी ऑपरेशंस सिर्फ पुणे के आसपास केंद्रित है। यह एक रिस्क है।

Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, दिल्ली में ₹147260 पर पहुंचा 22 कैरेट; चांदी में भी उछाल

देश में सोने की कीमत में तेजी कायम है। 22 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 160640 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है। दूसरे शहरों में भी भाव में बढ़ोतरी दिख रही है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख से कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने और चांदी का भाव 3 महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि की सिक्योरिटीज का बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिला। U.S. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वह ट्रेजरी की सरकारी रीपरचेज को और बढ़ा सकते हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 160640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 147260 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली147260160640
मुंबई147110160490
अहमदाबाद147160160540
चेन्नई147110159280
कोलकाता147110160490
हैदराबाद147110160490
जयपुर147260160640
भोपाल147160160540
लखनऊ147260160640
चंडीगढ़147260160640

Gold Price : इस हफ्ते 5% उछला सोना, जानिए क्या है इसकी वजह और क्या अभी भी हैं इसमें निवेश के मौके

चांदी का भाव

चांदी में भी तेजी बरकरार है। 22 अगस्त की सुबह कीमत बढ़कर 260100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 69.87 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें घरेलू फैक्टर्स के साथ-साथ वैश्विक फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, दिल्ली समेत इन शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के पार

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Online Instruments के आईपीओ को सेबी की मंजूरी, 750 करोड़ जुटाएगी कंपनी

ऑनलाइन इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) के आईपीओ को सेबी की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने सेबी के पास इस साल मई में ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। कंपनी का आईपीओ 750 करोड़ रुपये का हो सकता है। इसमें कंपनी इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी। इसमें ऑफर फॉर सेल भी होगा।

ऑनलाइन इंस्ट्रूमेंट्स बेंगलुरु की कंपनी है, जो ऑडियो-विजुअल सिस्टम इंटिग्रेशन सॉल्यूशन ऑफर करती है। कंपनी के प्रमोटर्स अनीता महेश बेलाड और राजेश्वरी शिवानंद महेशेट ऑफर फॉर सेल (OFS) में 57.1 लाख तक शेयर बेचेंगी। कंपनी प्री-आईपीओ प्लेसमेंट से भी 150 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है।

कंपनी आईपीओ से जुटाए पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के साथ ही कुछ दूसरी जरूरतों के लिए करेगी। इसमें सामान्य कारोबारी जरूरतों के साथ ही अधिग्रहण का प्लान भी शामिल है। इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर्स हैं। यह इश्यू ऐसे वक्त आ रहा है, जब आईपीओ बाजार में काफी हलचल है।

इस बीच, मुंबई की कंपनी सुनील गोल्ड इंडिया ने आईपीओ के पेपर्स वापस ले लिए हैं। यह कंपनी हैंड क्राफ्टेड ज्वेलरी की सप्लाई करती है। कंपनी ने 14 अगस्त को आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। बाद में कंपनी ने पेपर्स वापस लेने का फैसला किया। कंपनी इनवेस्टर्स को नए 2 करोड़ शेयर्स जारी करने वाली थी। कंपनी का प्लान ऑफर फॉर सेल के जरिए भी शेयरों की बिक्री का था।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra

Samsung ने आखिरकार अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन में Ultra बैज पेश कर दिया है। कंपनी का नया Galaxy Z Fold 8 Ultra अब तक का सबसे ज्यादा क्षमता वाला Fold मॉडल है। डिस्प्ले, कैमरा और बैटरी के मामले में इसे पिछले सभी Fold स्मार्टफोन से आगे ले जाया गया है। हालांकि, ₹1,99,999 की शुरुआती कीमत इसे लग्जरी स्मार्टफोन कैटेगरी में खड़ा करती है। ऐसे में 2026 में बड़ा सवाल यही है कि क्या एक फोल्डेबल फोन पर इतना पैसा खर्च करना वाकई सही फैसला है?

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8-इंच का बड़ा और शानदार डिस्प्ले

Galaxy Z Fold 8 Ultra की सबसे बड़ी खूबियों में इसका 8-इंच QXGA+ Dynamic AMOLED 2X इनर डिस्प्ले शामिल है। इसके साथ 6.5-इंच का कवर डिस्प्ले मिलता है। बड़ी स्क्रीन के बावजूद फोन को खोलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.1mm है और वजन 215 ग्राम है, जो Fold 7 के बराबर है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस अब 3,000 निट्स तक पहुंच गई है। इसमें एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी दी गई है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन को देखना आसान रहता है। टेक यूजर्स के लिए यह खासतौर पर उपयोगी है, क्योंकि बड़ी इनर स्क्रीन पर वीडियो देखने, डॉक्यूमेंट पढ़ने और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होता है।

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Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy से लैस

 

फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy चिपसेट दिया गया है। Samsung के मुताबिक, Fold 7 की तुलना में CPU, GPU और NPU परफॉर्मेंस में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में ऐप्स तेजी से खुलते हैं और हैवी गेम्स भी आसानी से चलते हैं। हालांकि, इस प्रोसेसर का सबसे बड़ा फायदा मल्टीटास्किंग में दिखाई देता है। बड़ी स्क्रीन पर दो फुल-साइज ऐप्स को एक साथ चलाया जा सकता है और दोनों के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।

 

200MP कैमरा और ज्यादा दमदार अल्ट्रा-वाइड सेंसर

 

कैमरा सेटअप में भी Samsung ने बड़ा अपग्रेड किया है। फोन के रियर पैनल पर:

 

  • 200MP प्राइमरी कैमरा
  • 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा
  • 10MP टेलीफोटो कैमरा
  • 3x ऑप्टिकल जूम मिलता है।

 

खास बात यह है कि अल्ट्रा-वाइड कैमरा Fold 7 के 12MP सेंसर से सीधे 50MP पर पहुंच गया है। दिन की रोशनी में तस्वीरों में अच्छी डिटेल और आकर्षक कलर मिलते हैं। अपग्रेड किया गया अल्ट्रा-वाइड कैमरा भी पिछली Fold सीरीज की तुलना में ज्यादा बेहतर और भरोसेमंद कैमरा अनुभव देता है।

 

5,000mAh बैटरी से बढ़ी बैटरी लाइफ

 

Galaxy Z Fold 8 Ultra में अब 5,000mAh बैटरी दी गई है, जबकि Fold 7 में 4,400mAh की बैटरी थी। Samsung के अनुसार, यह फोन 27 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकता है। इसके साथ 45W वायर्ड चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। बड़ी इनर स्क्रीन का लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए ज्यादा बैटरी क्षमता निश्चित तौर पर राहत दे सकती है।

 

कीमत ₹2 लाख से शुरू, S Pen की कमी खलेगी

 

Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत स्टोरेज के हिसाब से ₹1,99,999 से ₹2,59,999 तक जाती है। यानी यह फोन साफ तौर पर प्रीमियम से आगे निकलकर लग्जरी स्मार्टफोन कैटेगरी में पहुंच जाता है। हालांकि, इतनी कीमत के बावजूद इसमें S Pen सपोर्ट नहीं दिया गया है। प्रोडक्टिविटी पर फोकस करने वाले फोल्डेबल फोन में यह एक बड़ी कमी मानी जा सकती है।

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क्या Fold 7 यूजर्स को अपग्रेड करना चाहिए?

अगर बजट आपके लिए बड़ी चिंता नहीं है और आपको सबसे ज्यादा क्षमता वाला Android फोल्डेबल चाहिए, तो Galaxy Z Fold 8 Ultra फिलहाल बेहद आकर्षक विकल्प है। लेकिन Fold 7 इस्तेमाल करने वालों के लिए अपग्रेड जरूरी नहीं लगता, क्योंकि बदलाव ज्यादा evolutionary हैं, revolutionary नहीं। वहीं, स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 Ultra से ₹20,000 सस्ता और हल्का है। इसलिए जो यूजर ज्यादा पोर्टेबिलिटी को प्राथमिकता देते हैं और हर स्पेसिफिकेशन में सबसे ऊपर जाने की जरूरत नहीं समझते, उनके लिए Fold 8 ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।

24×7 पार्टी और नाइटलाइफ सिटी बनेगी दिल्ली, मास्टर प्लान 2047 में 24-घंटे इकोनॉमी का पूरा ब्लूप्रिंट

देश में भी नाइटलाइफ मुंबई जैसी हो जाए तो क्या आपको पसंद आएगी? असल में दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के लॉन्च होने के बाद दिल्ली को 24 घंटे की इकोनॉमी में बदलने का प्लान सामने आया है। इस नए प्लान के लागू होने के बाद दिल्ली के रेस्टोरेंट्स, बाजार, सांस्कृतिक केंद्र और वर्किंग प्लेस जैसी जगहों ट्रेडिशनल वर्किंग आवर के काफी बाद तक गुलजार और रोशन रह सकेंगे।

मास्टर प्लान 2047 के तहत 24-घंटे वाले शहर के कॉन्सेप्ट पर आगे बढ़ने की तैयारी है। इसके लिए दिल्ली भर में ऐसे प्रमुख नोड्स, परिसर और सर्किटों की पहचान की गई है। इन जगहों को ऐसे डेवलप किया जाएगा ताकि अंधेरा होने के बाद भी यहां तमाम एक्टिविटी सेफ तरीके से चलती रहें। नाइट लाइफ को बढ़ावा देने का ये पूरा प्रोसेस अंततः दिल्ली की अर्थव्यवस्था को ही मजबूत करने का काम करेगा।

ये इलाके बनेंगे दिल्ली के नए नाइटलाइफ जोन

दिल्ली के कुछ सबसे बड़े और लोकप्रिय इलाके इस नई नाइट-टाइम इकोनॉमी को रफ्तार देने का काम करेंगे। मास्टर प्लान के मुताबिक इन प्रमुख क्षेत्रों में कनॉट प्लेस शामिल है। सीपी पहले से ही नाइटलाइफ का एक बड़ा केंद्र है और अब यहां प्लानिंग की मदद से और बेहतर नाइट लाइफ की सुविधाएं डेवलप की जाएंगी। इसके अलावा हौज खास के अर्बन विलेज और उसके बाजार में कैफे, बार और सांस्कृतिक स्थलों के खुलने का समय बढ़ाया जा सकता है।

ऐतिहासिक क्षेत्र चांदनी चौक यानी पुरानी दिल्ली को एक हेरिटेज और कल्चरल नाइट सर्किट के रूप में डेवलप किया जाएगा। वहीं इंडिया गेट के लॉन को शाम और रात के समय इस्तेमाल के लिए एक पब्लिक हब बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही निजामुद्दीन और चिराग दिल्ली को सांस्कृतिक सर्किट नोड्स के रूप में चिह्नित किया गया है जबकि महरौली को देर रात के सार्वजनिक जीवन के लिए एक और अर्बन विलेज हब के रूप में चुना गया है। प्लान में यह भी प्रस्ताव है कि पुरानी खदानों, लैंडफिल, ऐश डैक्स और बेकार पड़े थर्मल प्लांटों जैसी खाली पड़ी जमीनों का जीर्णोद्धार करके समय के साथ उन्हें सार्वजनिक या इवेंट स्पेस में बदला जाए।

जमीन पर क्या-क्या बदलेगा और क्या सुविधाएं मिलेंगी?

मास्टर प्लान 2047 सिर्फ दुकानों के देर रात तक खुले रहने तक सीमित नहीं है बल्कि यह शहर के पूरे एक्सपीरियंस को बदलने वाला साबित हो सकता है। योजना के तहत संबंधित सरकारी एजेंसियों की इजाजत से रेस्टोरेंट्स, रिटेल स्टोर्स, खेल और सांस्कृतिक सुविधाओं के संचालन के समय को बढ़ाया जाएगा। दिल्ली के बाजारों में पैदल चलने योग्य एक्टिव ट्रैवल एरिया डेवलप किए जाएंगे। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि लोग लंबे समय तक घूम सकें, खरीदारी कर सकें और समय बिता सकें।

कलाकारों, विक्रेता संघों और कम्युनिटी के साथ मिलकर थीम आधारित नाइट वॉक, सीजनल फेस्टिवल और डेडिकेटेट नाइक मार्केट डेवलप किए जाएंगे। इसके अलावा अंधेरा होने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रीन-ब्लू कॉरिडोर और हेरिटेज सर्किट तैयार किए जाएंगे।

रात के समय आवाजाही और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था

देर रात तक चलने वाले शहर के लिए यह सबसे जरूरी है कि लोग सुरक्षित तरीके से अपने घरों तक पहुंच सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी काफी फोकस है। अंतिम ट्रेन छूटने के बाद लोगों को फंसे रहने से बचाने और नाइट-टाइम इकोनॉमी को रियलिस्टिक बनाने के लिए एक्सटेंडेड मेट्रो सर्विस के अलावा ऐसी व्यवस्थाएं देने की तैयारी है जो 24 घंटे चलें।

क्या दिल्ली वाकई नाइट लाइफ के सपने को साकार कर पाएगी?

इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना की सफलता पूरी तरह से इस बात पर डिपेंड करती है कि इसे लागू कैसे कराया जाता है। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, पुलिसिंग, स्ट्रीट लाइटिंग और विभिन्न नागरिक एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की सबसे पहले जरूरत होगी। अगर रात 2 बजे तक कोई बाजार खुला रहता है लेकिन लोग वहां तक पहुंचने या घर लौटने में सुरक्षित महसूस नहीं करते तो इसका कोई मतलब नहीं रह जाएगा। वैसे अगर यह योजना सही तरीके से जमीन पर उतरती है तो इसके बेहद पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं। इससे हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, एंटरटेनमेंट और क्रिएटिव इकोनॉमी में नए जॉब और बिजनेस के अवसर पैदा होंगे। इनकी मदद से दिल्ली दुनिया के उन वैश्विक शहरों से मुकाबला कर सकेगी जो कभी रात में बंद नहीं होते।

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Naneghat Reverse Waterfall: प्रकृति का अनोखा अजूबा! इस झरने में नीचे नहीं बल्कि आसमान की ओर जा रहा पानी! हैरान कर देगा वायरल Video

Naneghat Reverse Waterfall: महाराष्ट्र में मॉनसून के दौरान, पश्चिमी घाट धुंध से ढकी पहाड़ियों, हरियाली और मौसमी झरनों वाली जगह में बदल जाते हैं। इस इलाके के सबसे अनोखे नज़ारों में से एक है नानेघाट का “रिवर्स वॉटरफॉल” (उल्टा बहने वाला झरना), जहां पानी जमीन की तरफ गिरने के बजाय ऊपर की ओर जाता हुआ दिखता है। यह पुणे ज़िले के जुन्नार इलाके में, ठाणे ज़िले की सीमा के पास स्थित है।

यह नजारा ऐसा लग सकता है जैसे प्रकृति ने कुछ समय के लिए गुरुत्वाकर्षण (gravity) को बंद कर दिया हो। लेकिन इसमें भौतिकी के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं होता। यह अद्भुत नज़ारा गिरते हुए पानी और पहाड़ियों पर तेज़ी से चलने वाली हवाओं के मेल से बनता है।

नानेघाट का झरना ऊपर की ओर बहता हुआ क्यों दिखता है?

गुरुत्वाकर्षण के कारण पानी स्वाभाविक रूप से नीचे की ओर गिरता है। लेकिन नानेघाट में, मॉनसून की तेज़ हवाएँ गिरते हुए पानी से इतनी ज़ोर से टकरा सकती हैं कि पानी की बूंदें वापस ऊपर की ओर धकेल दी जाती हैं और बिखर जाती हैं। पानी लगातार नीचे गिरने वाली धारा के रूप में बहने के बजाय, बारीक बूंदों में बंट जाता है। जब ऊपर की ओर बहने वाली हवा काफी तेज़ होती है, तो ये बूंदें वापस पहाड़ी की चोटी की ओर चली जाती हैं, जिससे ऐसा लगता है जैसे कोई झरना उलटी दिशा में बह रहा हो।

दूसरे शब्दों में, गुरुत्वाकर्षण अपना काम कर रहा है। पानी असल में ऊपर की ओर नहीं बह रहा है; हवा अलग-अलग बूंदों के नीचे गिरने की गति को रोककर उन्हें ऊपर की ओर ले जा रही है। इसलिए, इस घटना को गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देने वाले झरने के बजाय, हवा की वजह से होने वाला उलटी दिशा में बहने का भ्रम कहना ज़्यादा सही होगा।

मानसून के दौरान ऐसा क्यों होता है?

मानसून बहुत अहम है क्योंकि नानेघाट में भारी बारिश होती है और पश्चिमी घाट से तेज़ हवाएँ गुज़रती हैं। जब बारिश और तेज़ हवाएँ एक साथ होती हैं, तो ‘रिवर्स-वॉटरफ़ॉल’ (उल्टी दिशा में बहने वाले झरने) का नजारा देखने के लिए हालात बिल्कुल सही हो जाते हैं।

इसलिए यह नजारा मौसम पर निर्भर करता है, स्थायी नहीं। आगंतुक एक क्षण में सामान्य रूप से गिरता हुआ पानी देख सकते हैं और हवा तेज होने पर ऊपर की ओर उठने वाली फुहार का शानदार दृश्य देख सकते हैं। महाराष्ट्र टूरिज़्म राज्य के मॉनसून के नज़ारों को धुंध भरी पहाड़ियों, हरियाली और मौसमी झरनों के मौसम के तौर पर बताता है, जिससे बारिश के महीनों में प्रकृति और एडवेंचर ट्रिप के लिए यह जगह बहुत आकर्षक बन जाती है।

नानेघाट सिर्फ़ मॉनसून का एक नज़ारा नहीं है

नानेघाट महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में एक प्राचीन पहाड़ी दर्रा है और लंबे समय से कोंकण क्षेत्र और दक्कन के पठार के बीच यात्रा के लिए इस्तेमाल होता रहा है। आज, यह ट्रेकर्स और मॉनसून में घूमने आने वालों के बीच भी लोकप्रिय है। बारिश के मौसम में, आस-पास की पहाड़ियां बहुत हरी-भरी और धुंध से ढकी हो जाती हैं, जबकि झरने और जलधाराएँ यहाँ के नज़ारों की खूबसूरती और बढ़ा देते हैं।

‘रिवर्स वॉटरफ़ॉल’ (उल्टा बहने वाला झरना) ने नानेघाट को सोशल मीडिया पर काफ़ी लोकप्रिय बना दिया है। पानी के ऊपर की ओर बहते हुए दिखने वाले वीडियो बार-बार वायरल होते रहे हैं। क्या रिवर्स वॉटरफ़ॉल सच में गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) के नियम को चुनौती दे रहा है? -नहीं।

“गुरुत्वाकर्षण को मात देना” (defying gravity) सुनने में तो बहुत आकर्षक लगता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह घटना गुरुत्वाकर्षण को खत्म नहीं करती। गुरुत्वाकर्षण पानी को नीचे की ओर खींचता रहता है, जबकि तेज़ हवा गिरती हुई पानी की बूंदों पर ऊपर की ओर बल लगाती है। इसे समझने का एक अच्छा तरीका है कि आप कल्पना करें कि बगीचे में इस्तेमाल होने वाले होज़ (पाइप) से तेज़ हवा में पानी की बौछार की जा रही है। पानी उस दिशा में जाने के बजाय, जिसमें उसे शुरू में छोड़ा गया था, हवा के कारण बगल में या पीछे की ओर उड़ सकता है। नानेघाट में, इसका पैमाना और प्राकृतिक माहौल उस जानी-पहचानी भौतिकी की घटना को असाधारण बना देता है।

इसे देखने का सबसे अच्छा समय क्या है?

उल्टा बहने वाला झरना (रिवर्स वॉटरफॉल) मौसम पर निर्भर करने वाली घटना है, इसलिए इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आने वाले लोगों को पानी ऊपर की ओर बहता हुआ दिखेगा ही। मॉनसून के दौरान, खासकर जब तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश होती है, तब इस नज़ारे को देखने का सबसे अच्छा मौका मिलता है।

एक ऐसा नज़ारा जिसे विज्ञान से सबसे अच्छी तरह समझाया जा सकता है

नानेघाट का उल्टा बहने वाला झरना इस बात की याद दिलाता है कि प्रकृति के कुछ सबसे शानदार नज़ारों के लिए किसी अलौकिक या जादुई स्पष्टीकरण की ज़रूरत नहीं होती। मॉनसून की बारिश, इलाके की बनावट और तेज़ हवाओं का मेल ही ऐसा नज़ारा बनाने के लिए काफ़ी है जो प्रकृति की सबसे जानी-पहचानी ताकतों में से एक को चुनौती देता हुआ लगता है।

कुछ पलों के लिए, गिरता हुआ पानी ऐसा लग सकता है जैसे वह आसमान की ओर चढ़ रहा हो। गुरुत्वाकर्षण गायब नहीं हुआ है, बस हवा इतनी तेज़ हो गई है कि पानी बिल्कुल अनोखे और अप्रत्याशित तरीके से व्यवहार करने लगता है।

मुंबई और पुणे से नानेघाट कैसे पहुंचें?

नानेघाट तक मुंबई और पुणे दोनों जगहों से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है। यात्रा के आखिरी हिस्से में वैशाखरे गाँव के पास ट्रेकिंग बेस तक पहुँचना शामिल है। शुरुआती जगह और मॉनसून के दौरान सड़क की हालत के आधार पर रास्ता और यात्रा का समय अलग-अलग हो सकता है।

मुंबई

पर्यटक कल्याण और मुरबाड होते हुए वैशाखरे की ओर गाड़ी चलाकर जा सकते हैं, जहाँ से नानेघाट का रास्ता शुरू होता है। ट्रैफ़िक और मौसम के आधार पर, बेस तक सड़क से पहुंचने में आम तौर पर लगभग तीन घंटे लगते हैं। ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए कल्याण सबसे नज़दीकी बड़े रेलवे स्टेशनों में से एक है, जिसके बाद नानेघाट की ओर जाने के लिए बस या टैक्सी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पुणे

नानेघाट पहुंचने के लिए सड़क मार्ग आम तौर पर चाकन और जुन्नार से होकर गुज़रता है। शुरुआती जगह और रास्ते के आधार पर, इस सफ़र में लगभग तीन से चार घंटे लग सकते हैं।