LPG Price Today: दिल्ली से पटना तक क्या है घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम? चेक करें अपने शहर का रेट

LPG Price Today: 8 जुलाई को भी घरेलू और कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। इससे करीब एक हफ्ते पहले यानी 1 जुलाई को तेल कंपनियों ने इस साल पहली बार 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 183.50 रुपये कम किए थे। जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,930 रुपये, मुंबई में 2,885.50 रुपये और कोलकाता में 3,081.50 रुपये हो गई थी।

इसके अलावा, सरकारी तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर के दाम में भी 13 रुपये की कमी की है। इसे आमतौर पर मुन्ना या छोटू सिलेंडर भी कहा जाता है। अब इसकी कीमत 808.50 रुपये हो गई है।

वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू कुकिंग गैस की कीमत में 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। उस समय कीमतें ₹29 बढ़ाई गई थीं, जो 28 फरवरी को शुरू हुए US-ईरान संघर्ष के बाद दूसरी बार की गई बढ़ोतरी थी। इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट आई, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई में दिक्कतें हुईं।

शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के लेटेस्ट रेट यहां देखें

शहरघरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलो)
नई दिल्ली₹942.00₹2,930 (₹183.50 की कटौती)
कोलकाता₹968.00₹3,081.50 (₹174 की कटौती)
मुंबई₹941.50₹2,885.50 (₹182 की कटौती)
चेन्नई₹957.50₹3,106 (₹177 की कटौती)
गुरुग्राम₹950.50₹2,947.50 (₹182.50 की कटौती)
नोएडा₹939.50₹2,930 (₹183.50 की कटौती)
बेंगलुरु₹944.50₹3,021 (₹177 की कटौती)
भुवनेश्वर₹968₹3,114.50 (₹175.50 की कटौती)
चंडीगढ़₹951.50₹2,954.50 (₹181.50 की कटौती)
हैदराबाद₹994₹3,191 (₹176 की कटौती)
जयपुर₹945.50₹2,957.50 (₹183.50 की कटौती)
लखनऊ₹979.50₹3,052.50 (₹183.50 की कटौती)
पटना₹1,031.50₹3,227 (₹173 की कटौती)
तिरुवनंतपुरम₹951₹2,971.50 (₹180.50 की कटौती)

ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं

बुधवार को, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में तेजी देखने को मिली।  होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका द्वारा ईरान पर जवाबी हमले किए जाने के बाद तेल की कीमतें बढ़ गईं। वहीं, वाशिंगटन ने तेहरान पर क्रूड की बिक्री से जुड़े प्रतिबंध भी फिर से लागू कर दिए।

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8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बिग अपडेट! सैलरी में 70% से ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जानें HRA और DA का ये नया गणित

8th Pay Commission Salary Hike Proposals: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बेहद जबरदस्त खबर आ रही है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की ओर से सौंपे गए नए प्रस्तावों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी में 70% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यह अनुमानित बढ़ोतरी सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं है। बल्कि, बेसिक पे में संशोधन, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में बढ़ोतरी और डियरनेस अलाउंस (DA) के मर्जर के संयुक्त प्रभाव के कारण यह आंकड़ा 70% के पार जा रहा है। आइए समझते हैं कि इस नए प्रस्ताव का पूरा गणित क्या है और लेवल-1 के कर्मचारियों की सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹37080 से बढ़कर हो जाएगी ₹63500

ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) सहित कई प्रमुख कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके अनुसार एक्स-कैटेगरी (X-Category) के शहरों में काम करने वाले लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी करीब ₹37080 से बढ़ाकर लगभग ₹63500 करने की सिफारिश की गई है। यह सीधे तौर पर 71% तक की कुल बढ़ोतरी को दर्शाता है।

आपको बता दें कि ये आंकड़े कर्मचारी यूनियनों द्वारा की गई सिफारिशों और प्रस्तावों पर आधारित हैं। यह सरकार या आठवें वेतन आयोग का अंतिम फैसला नहीं है। अंतिम निर्णय वेतन आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

70% से ज्यादा सैलरी बढ़ने की मुख्य वजहें क्या हैं?

सिर्फ बेसिक पे बढ़ने से सैलरी इतनी ज्यादा नहीं भागती, बल्कि बेसिक पे के साथ जुड़े अन्य भत्ते भी ऑटोमैटिकली बढ़ जाते हैं। यूनियनों ने ये मांगें रखी हैं:

DA का बेसिक पे में विलय: कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि नए पे-स्केल को तय करने और लागू करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज किया जाए। इससे सैलरी का आधार काफी बड़ा हो जाएगा।

हायर ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA): मासिक भत्ते को सीधे बढ़ाने के लिए ऊंचे ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सिफारिश की गई है।

HRA दरों में संशोधन: शहरों की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट अलाउंस बढ़ाने का प्रस्ताव है।

HRA में बड़े बदलाव की तैयारी: X, Y और Z शहरों का नया ढांचा

केंद्र सरकार ने रहने के खर्च और आबादी के हिसाब से शहरों को तीन श्रेणियों- X, Y और Z में बांटा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे बड़े महानगर X कैटेगरी में आते हैं, जहाँ रहने का खर्च सबसे ज्यादा है।

वर्तमान में HRA की दरें 30%, 20% और 10% हैं। यूनियनों ने आठवें वेतन आयोग के तहत इसे बढ़ाकर 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है।

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

प्रोजेक्शंस और अनुमानों के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना है कि, ‘70% से अधिक की अनुमानित वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर पर नहीं, बल्कि कई मान्यताओं के संयोजन पर आधारित है। हालांकि संशोधित बेसिक पे मुख्य ड्राइवर है, लेकिन चूंकि HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे घटक सीधे बेसिक पे से जुड़े होते हैं, इसलिए बेस बढ़ते ही पूरी सैलरी का पैकेज काफी बड़ा दिखने लगता है।’

वैसे ये सभी बातें इस पर निर्भर करेंगी कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर क्या रहता है और सरकार अलाउंस के इस नए स्ट्रक्चर को किस तरह स्वीकार करती है। जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपता, इसे एक मजबूत उम्मीद या संकेतक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ओडिशा में यूनियनों की बैठकें समाप्त होने और पश्चिम बंगाल में नए दौर की चर्चाएं शुरू होने के साथ ही, कर्मचारियों के बीच इस 70% सैलरी हाईक के फॉर्मूले पर बहस और तेज हो गई है।

Video: भारतीयों की सेविंग्स की आदत के पीछे क्या है असली वजह, यूरोप में 10 साल रहे शख्स ने बताए 4 बड़े कारण

भारत में बचत करना सिर्फ एक अच्छी आदत नहीं, बल्कि जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है। ज्यादातर परिवार बचपन से ही बच्चों को पैसे संभालकर खर्च करने और भविष्य के लिए बचत करने की सीख देते हैं। नौकरी लगने के बाद भी लोगों की पहली प्राथमिकता अक्सर सेविंग्स बढ़ाना और आने वाले समय के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करना होती है। वहीं, यूरोप के कई देशों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली इससे काफी अलग नजर आती है। वहां लोग भविष्य की चिंता के बजाय वर्तमान में खुलकर खर्च करते हुए दिखाई देते हैं।

आखिर दोनों जगहों की सोच में इतना बड़ा अंतर क्यों है? क्या इसकी वजह सिर्फ लोगों की मानसिकता है या इसके पीछे कोई और कारण भी छिपा है? इसी सवाल का जवाब यूरोप में लंबे समय से रह रहे एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने अपने अनुभव के आधार पर दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।

  1. इलाज का खर्च सबसे बड़ी चिंता

मुकुल के मुताबिक, यूरोप में लोग टैक्स और सोशल सिक्योरिटी के जरिए हेल्थकेयर का लाभ लेते हैं। किसी बड़ी मेडिकल इमरजेंसी में उन्हें इलाज के खर्च की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती।

वहीं भारत में कई परिवारों को अस्पताल का खर्च खुद उठाना पड़ता है। यही वजह है कि लोग मेडिकल इमरजेंसी के लिए पहले से पैसे बचाकर रखते हैं।

  1. बच्चों की पढ़ाई पर होता है भारी खर्च

उन्होंने बताया कि यूरोप के कई देशों में सरकारी स्कूलों में अच्छी और मुफ्त या बेहद कम खर्च वाली शिक्षा मिल जाती है। जहां भारत में बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, जहां फीस और दूसरे खर्च काफी ज्यादा होते हैं। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले से बचत करना जरूरी माना जाता है।

  1. रिटायरमेंट के लिए खुद बनाना पड़ता है सहारा

मुकुल का कहना है कि यूरोप में सोशल सिक्योरिटी और पेंशन जैसी सुविधाएं लोगों को भविष्य को लेकर कुछ राहत देती हैं।

जबकि भारत में अधिकतर लोग अपनी रिटायरमेंट के लिए खुद ही पैसा जोड़ते हैं। नौकरी के दौरान लगातार बचत करने की यही एक बड़ी वजह है।

  1. शादियों पर होता है लाखों का खर्च

उन्होंने ये भी कहा कि भारत में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि बड़ा पारिवारिक आयोजन होती है। कई परिवार शादी पर अपनी सालों की बचत खर्च कर देते हैं।

यूरोप में आमतौर पर शादियां काफी सादगी से होती हैं, इसलिए वहां लोगों पर ऐसा आर्थिक दबाव कम होता है।

लोगों ने क्या कहा?

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इस पर लोगों ने अलग-अलग राय दी।

एक यूजर ने लिखा, “आपकी बातें हमेशा जानकारी बढ़ाने वाली होती हैं।”

दूसरे यूजर ने कहा, “भारत में सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि माता-पिता और पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। खासकर 90 के दशक की पीढ़ी पर ये दबाव ज्यादा है।”

एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “आपके सभी पॉइंट सही हैं।”

वहीं एक यूजर का कहना था कि भारत की बड़ी आबादी भी इसकी एक अहम वजह है, क्योंकि इतनी बड़ी जनसंख्या को सभी तरह की सरकारी सुविधाएं देना आसान नहीं है।

बचत की आदत के पीछे सिर्फ सोच नहीं, व्यवस्था भी

मुकुल आनंद का मानना है कि भारत और यूरोप के लोगों की बचत की आदत में सबसे बड़ा फर्क उनके देश की व्यवस्था से आता है। जहां यूरोप में कई जरूरी खर्चों का बोझ सरकार और सोशल सिक्योरिटी सिस्टम संभाल लेते हैं, वहीं भारत में लोगों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए खुद पहले से आर्थिक तैयारी करनी पड़ती है।

Viral Post: ‘ऑफिस में सिर्फ 3 मिनट, रास्ते में 1 घंटा…’ मुंबई की बारिश पर महिला प्रोफेशनल का पोस्ट हुआ वायरल

Viral Post: ‘ऑफिस में सिर्फ 3 मिनट, रास्ते में 1 घंटा…’ मुंबई की बारिश पर महिला प्रोफेशनल का पोस्ट हुआ वायरल

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या की वजह से कई ऑफिस ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी है। वहीं हाल ही में एक महिला प्रोफेशनल ने बताया कि, उसको वर्क फ्रॉम होम मिलने के बावजूद सिर्फ लैपटॉप लेने के लिए ऑफिस जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि ऑफिस तक पहुंचने में कुल 1 घंटे का समय लगा। वहीं कई यूजर्स ने मुंबई में हर साल मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों और बारिश के बीच भी कर्मचारियों पर पड़ने वाले काम के दबाव को लेकर अपनी राय रखी।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

मार्केटिंग प्रोफेशनल और आईआईएम रायपुर से पढ़ाई कर चुकी इहिना डी ने मुंबई में रेड अलर्ट के दौरान अपना एक्सपीरिएंस लिंक्डइन पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि, भारी बारिश के बीच, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने लोगों को केवल जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से भी अपील की कि खराब मौसम को देखते हुए जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए। इहिना डी ने बताया कि उनकी कंपनी ने भी भारी बारिश के कारण कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू कर दी थी।

ऑफिस में भूल गई लैपटॉप

इहिना डी ने बताया कि उन्हें बाद में याद आया कि उनका लैपटॉप ऑफिस में ही रह गया है। उन्होंने लिखा, “मुंबई में कल रेड अलर्ट घोषित किया गया था, इसलिए आज मैं वर्क फ्रॉम होम कर रही हूं। लेकिन अपना लैपटॉप ऑफिस में ही छोड़ आई थी।” उन्होंने आगे लिखा, “जब पूरा शहर अपने प्लान रद्द कर रहा था और रेनकोट निकाल रहा था, तब मैं मजबूरी में कार से ऑफिस जा रही थी।” इहिना ने बताया कि ऑफिस पहुंचकर उन्होंने सिर्फ अपना लैपटॉप उठाया और करीब तीन मिनट में वापस निकल गईं। उन्होंने लिखा, “अपना लैपटॉप लिया, तीन मिनट में फिर कार में लौट आई। एक घंटे का सफर और ऑफिस में सिर्फ तीन मिनट।”

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इस एक्सपिरिएंस के बाद इहिना ने मुंबई में हर साल होने वाली बारिश को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, “ये सिर्फ बारिश नहीं है। यह हर साल होने वाला ऐसा ठहराव है, जिसके आने का सभी को पता होता है, लेकिन पूरा शहर मानो ये दिखावा करता है कि यह आने वाला ही नहीं है।” उन्होंने हर साल मानसून के दौरान होने वाली पानी भरी सड़कों, जलभराव और आखिरी समय में होने वाली वर्क-फ्रॉम-होम की घोषणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “हम जानते हैं कि बारिश जून में शुरू होगी। हमें यह भी पता है कि जुलाई में हालात और खराब होंगे। फिर भी हर साल ऐसा लगता है जैसे यह सब अचानक हो गया हो।”

उन्होंने ये भी माना कि हर किसी के पास घर से काम करने की सुविधा नहीं होती। उन्होंने लिखा, “आज मुझे वर्क फ्रॉम होम करने का मौका मिला, इसलिए मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। मेरा काम नहीं रुका और मेरा सफर सिर्फ मेरे बेडरूम से मेरी डेस्क तक था। लेकिन इससे मुझे यह भी एहसास हुआ कि लाखों मुंबईकरों के पास वर्क फ्रॉम होम का विकल्प नहीं है। वे फिर भी बारिश में, लोकल ट्रेन से और बाइक पर सफर करके काम पर पहुंचे। यह कोई ‘हसल कल्चर’ नहीं है, यह बस मुंबई है।”

महाराष्ट्र, यूपी और उत्तराखंड को रेलवे ने दिया बड़ा तोहफा, शुरू की ये नई ट्रेनें…जानें पूरी डिटेल्स

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू की और कुछ ट्रेनों के रूट बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कई नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में कुछ मौजूदा रेल मार्गों का विस्तार करने का ऐलान किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने भुवनेश्वर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अश्विनी वैष्णव पुरी की रथ यात्रा के लिए रेलवे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा दौरे पर थे।

इन जगहों को जोड़ेगी

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी घोषणाओं में नांदेड़ से मुंबई के बीच एक नई एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल है। ये ट्रेन वाशिम और हिंगोली के रास्ते चलेगी, जिससे महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई जिलों में रेल संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। रेलवे ने टनकपुर से नांदेड़ के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन की भी शुरुआत की है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के तराई क्षेत्र सहित दोनों इलाकों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर सिख समुदाय को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन का विस्तार अब शाहजहांपुर तक कर दिया गया है, जबकि टनकपुर-आगरा स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन सेवा के रूप में चलाने का फैसला लिया गया है।

इन जगहों पर भी रुकेगी ट्रेन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, नई ट्रेन सेवाएं लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रेल संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग पर भी रेलवे विचार करेगा। मंत्री ने कहा, “अगर यह संभव हुआ, तो हम खटीमा और बनबसा में इस ट्रेन का स्टॉपेज जरूर देंगे।”

देश भर में बिछाए गए 37 हजार किलोमीटर ट्रैक

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में करीब 37 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं और लगभग 99.6 प्रतिशत रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रिफाइड पूरा हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि ओणम के दौरान केरल के लिए 100 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि पुरी की रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ओडिशा में रेलवे ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि, राज्य में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनका उद्देश्य रेल नेटवर्क का विस्तार करना और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

Mumbai Building Collapse: हाय रि किस्मत! अगले दिन घर छोड़ने वाला था परिवार, उससे पहले ही भरभराकर गिर गई बिल्डिंग

मुंबई के मानखुर्द इलाके से एक दिल दहला देने वाले घटना घटी है। मानखुर्द इलाके में शनिवार रात एक गैर-कानूनी चार मंजिला इमारत अचानक गिरकर पास बने टिन की छत वाले घर पर आ गिरी। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई। पड़ोसियों के मुताबिक, चार बच्चों की मां अख्तर जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वाजिद अली शाह ने रविवार को घर छोड़ने का फैसला किया था। लगातार बारिश के कारण उस बिल्डिंग में दरारें पड़ गई थीं। इसी वजह से दोनों ने रविवार को घर छोड़कर दूसरी जगह जाने की योजना बनाई थी। लेकिन वह समय पर घर खाली नहीं कर पाए। वहीं इस हादसे में अबतक कुल 6 लोगों की मौत हुई है।

एक पड़ोसी ने बताया, “बारिश के कारण लोगों को डर था कि बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है, इसलिए निवासी उसे खाली करने लगे थे। अख्तर जहां भी दूसरी जगह जाने के लिए अपना सामान पैक कर रही थीं, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

छोड़ने वाले थे घर

जनता नगर के न्यू मंडला इलाके में भारी बारिश के बीच एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई और उसके मलबे की चपेट में आसपास के कई घर आ गए। बताया जा रहा कि इमारत में रहने वाले लोग पहले ही दरारें, टाइलें गिरने और भवन के झुकने जैसे संकेत देखकर बाहर निकल गए थे, लेकिन पास के मकानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। मोइनुद्दीन इस हादसे में इसलिए बच गए क्योंकि घटना से कुछ देर पहले ही वह घर से बाहर निकल गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने परिवार से कह दिया था कि अगले दिन वे दूसरी जगह रहने चले जाएंगे। लेकिन उससे पहले ही पास की इमारत अचानक उनके घर पर गिर गई, जिससे परिवार के लोग मलबे के नीचे दब गए।

दर्ज किया गया केस

हादसे के बाद पुलिस ने गिरी हुई इमारत के मालिक और उसके निर्माण से जुड़े ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या का आरोप भी शामिल है। जांच एजेंसियां ये पता लगा रही हैं कि इमारत का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था या नहीं और क्या सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई थी। नगर निगम के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि गिरी हुई इमारत बिना अनुमति के बनाई गई थी। हादसे के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, नगर निगम और अन्य राहत दलों ने पूरी रात मलबे में फंसे लोगों को निकालने और मृतकों के शव बरामद करने के लिए बचाव अभियान चलाया।

Viral Video: ‘तुम्हारा न्यूमरोलॉजी नंबर क्या है?’ जवाब सुनते ही ओनर ने किराए पर घर देने से किया इनकार

Viral Video: मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में बजट में हर खोजना काफी मुश्किल होता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर मुंबई में किराए पर घर लेने से जुड़ा एक अनोखा मामला चर्चा में है। एक आर्टिस्ट और इन्फ्लुएंसर ने बताया कि, उनकी एक दोस्त को मुंबई में सिर्फ उसके न्यूमरोलॉजी नंबर की वजह से किराए पर घर नहीं मिला। उनकी दोस्त ने एक मकान देखने के लिए मकान मालकिन से मुलाकात की थी, लेकिन बाद में उसे फ्लैट देने से इनकार कर दिया गया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

फ्लैट देने से किया इनकार

एक आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वाग्मिता सिंह का इंस्टाग्राम पर ये वीडियो शेयर किया है। वीडियो में वाग्मिता सिंह ने बताया कि मकान मालकिन ने उनकी दोस्त से पूछा, “तुम्हारा नंबर क्या है?” पहले उनकी दोस्त को लगा कि वह मोबाइल नंबर पूछ रही हैं। लेकिन बाद में मकान मालकिन ने साफ किया कि वह जन्मतिथि के आधार पर निकलने वाले न्यूमरोलॉजी नंबर के बारे में पूछ रही थीं। वाग्मिता सिंह के अनुसार, मकान मालकिन ने फ्लैट और उनकी दोस्त के न्यूमरोलॉजी नंबर की तुलना की।

न्यूमरोलॉजी नंबर अलग थी

उन्होंने कहा कि, फ्लैट का नंबर 4 से जुड़ा है, जबकि उनकी दोस्त का नंबर 7 है। मकान मालकिन का कहना था कि दोनों नंबर एक-दूसरे के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए उन्होंने फ्लैट किराए पर देने से इनकार कर दिया। इस घटना पर रिएक्शन देते हुए वाग्मिता सिंह ने कहा कि “मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि इस स्थिति को क्या कहूं।” इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में गुनगुनाया, “इस मेंटल इलनेस को मैं क्या नाम दूँ,” और अपनी हैरानी जाहिर की। इस वीडियो पर लोगों ने कई मजेदार रिएक्शन दिए है।

 

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिया है। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “लेकिन 4-7 तो बहुत अच्छा कॉम्बो है। आंटी ने एक अच्छा मौका गंवा दिया।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “अच्छा लगा कि कुछ लड़कियां सच में न्यूमरोलॉजी समझती हैं। 4 और 7 सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक हैं।” वहीं एक और यूजर ने टिप्पणी की, “इंडिया इवॉल्व हो रहा है, लेकिन पीछे की ओर।”