Gold Price Today: सोने में तेजी का कमबैक, दिल्ली में ₹132560 पर पहुंचा 22 कैरेट; चेक करें अपने शहर का भाव

देश में सोने की कीमत में तेजी लौट आई है। 10 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट गोल्ड के दाम में इजाफा देखा जा रहा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 144600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वैश्विक बाजारों में सोने में लौटी तेजी का असर घरेलू बाजार में भी दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,104.75 डॉलर प्रति औंस हो गया है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत में 350 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144600 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132410 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144450 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145320 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133210 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144450 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132410 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132560144600
मुंबई132410144450
अहमदाबाद132460144500
चेन्नई133210145320
कोलकाता132410144450
हैदराबाद132410144450
जयपुर132560144600
भोपाल132460144500
लखनऊ132560144600
चंडीगढ़132560144600

चांदी की कीमत

दूसरी ओर चांदी की कीमत में गिरावट बनी हुई है। 10 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.96 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

ITR Filing 2026: हर कोई नहीं भर सकता ITR-1, इन 10 मामलों में चुनना होगा दूसरा फॉर्म

ITR 2026: ITR-1 (सहज) सबसे आसान इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म माना जाता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर सैलरी पाने वाले कर्मचारी और पेंशनर्स करते हैं। लेकिन सिर्फ आसान होने की वजह से ITR-1 नहीं भरना चाहिए। अगर आपकी आय या निवेश कुछ खास कैटेगरी में आता है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 भरना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना बताया कि 10 स्थितियों में ITR-1 नहीं भरा जा सकता। इनके बजाय टैक्सपेयर्स को ITR-2 या ITR-3 भरा जा सकता है।

1. शेयर या म्यूचुअल फंड पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचकर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) कमाया है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना होता है। हालांकि, अगर आपकी शेयर ट्रेडिंग को बिजनेस इनकम माना जाता है (जैसे F&O या बार-बार ट्रेडिंग), तो ITR-3 लागू होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन

अगर लिस्टेड शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये से ज्यादा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ है, तो ITR-1 मान्य नहीं होगा।

3. जमीन, मकान या अन्य संपत्ति बेची हो

अगर आपने जमीन, मकान, गहने, डेट म्यूचुअल फंड या कोई अन्य कैपिटल एसेट बेचा है, तो उससे होने वाले कैपिटल गेन की जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आय हो

अगर आपकी कमाई बिजनेस, फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, प्रोफेशनल फीस या किसी प्रोप्राइटरशिप बिजनेस से होती है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-3 भरना होता है। अगर आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनते हैं, तो ITR-4 लागू हो सकता है।

5. F&O या इंट्राडे ट्रेडिंग करते हों

अगर आपने F&O, इंट्राडे ट्रेडिंग या ऐसी ट्रेडिंग की है जिसे बिजनेस इनकम माना जाता है, तो ITR-1 आपके लिए नहीं है।

6. अनलिस्टेड शेयर होल्ड किए हों

अगर पिछले वित्त वर्ष में किसी भी समय आपके पास अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रहे हैं, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे में ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।

7. किसी कंपनी के डायरेक्टर हों

अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, तो ITR-1 भरने के पात्र नहीं हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में ITR-2 या ITR-3 भरना पड़ता है।

8. विदेश में संपत्ति या बैंक खाते का अधिकार हो

अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, वित्तीय निवेश या किसी विदेशी बैंक खाते पर साइन करने का अधिकार है, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में विदेशी संपत्तियों का अलग से खुलासा करना पड़ता है।

9. विदेश से आय होती हो

अगर आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज, किराया या कैपिटल गेन जैसी कोई आय होती है, तो ITR-1 लागू नहीं होगा। आमतौर पर ITR-2 या ITR-3 के साथ जरूरी शेड्यूल भी भरने होते हैं।

10. आय 50 लाख रुपये से ज्यादा हो

अगर आपकी कुल टैक्सेबल आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है, पिछले साल का नुकसान (Loss) आगे ले जाना है या लॉटरी, घुड़दौड़ जैसी विशेष श्रेणी की आय है, तो भी ITR-1 नहीं भर सकते।

गलत फॉर्म चुनने से क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय पर ITR भरना जितना जरूरी है, उतना ही सही फॉर्म चुनना भी जरूरी है। गलत ITR फॉर्म भरने पर इनकम टैक्स विभाग Defective Return Notice भेज सकता है। इससे रिटर्न प्रोसेस होने में देरी हो सकती है या फिर रिवाइज्ड (Revised) रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है।

शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने से पहले जान लें टैक्स के नियम, नहीं तो मुनाफा हो जाएगा कम

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ ने ग्रीन कार्ड वाले जोक की आड़ में US सिटिजनशिप के सवाल को किया इग्नोर, बोले- ‘मैं कुछ नहीं कह रहा’

Diljit Dosanjh: हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, जब एक फैन ने दिलजीत दोसांझ को US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। यह कमेंट उस रिपोर्ट के कुछ महीनों बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि एक्टर-सिंगर 2022 से US के नागरिक हैं – एक ऐसा दावा जिसकी न तो दिलजीत ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है।

लाइव सेशन के दौरान, दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़े विवाद पर बात कर रहे थे, जिसे रिलीज़ होने के 48 घंटों के भीतर ही Zee5 इंडिया से हटा दिया गया था। हालांकि, जब एक फैन ने उन्हें US ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने को कहा, तो दिलजीत ने नागरिकता से जुड़ी अटकलों का सीधे जवाब देने के बजाय उस पल को मजाक में बदल दिया।

प्रशंसक के सवाल का जवाब देते हुए दिलजीत ने कहा, “मैं एक कार्ड लूंगा और उसे हरे रंग से रंग दूंगा।”उन्होंने आगे कहा, “मैं कुछ नहीं कह रहा। सब छोड़कर ये खबर बन जाएगी। ऐसा नहीं होता। दुनिया का नाटक कभी खत्म नहीं होगा। लेकिन मेरा मानना ​​है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश की यात्रा करने की अनुमति होनी चाहिए। पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। मैं ठीक हूं, लेकिन ऐसा संभव नहीं है, है ना?”

यह बात इसलिए खास थी क्योंकि यह दिलजीत की नागरिकता के स्टेटस को लेकर चल रही अटकलों के बीच कही गई थी। इस साल की शुरुआत में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया था कि दिलजीत ने 2022 में अमेरिकी नागरिकता ले ली थी और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे हैं। एक्टर-सिंगर ने इस रिपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई बात नहीं की है।

फैन ने दिलजीत से डोनाल्ड ट्रंप से बात करने को कहा। एक और लाइव सेशन में, एक फैन ने मजाक में दिलजीत से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने और सभी को अमेरिकी नागरिकता दिलाने में मदद करने को कहा। इस सुझाव पर हंसते हुए दिलजीत ने जवाब दिया, “आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं तो बस एक आर्टिस्ट हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उनकी बेटी मुझे फोलो करती है, लेकिन मैंने कभी उनसे भी बात नहीं की है। मैं कभी किसी से कोई फेवर नहीं मांगता। अगर कुछ होना होता है, तो वह होता है। अगर नहीं होना होता, तो नहीं होता।”

दिलजीत के हल्के-फुल्के जवाब ने एक बार फिर नागरिकता की अफवाहों पर सीधे बात करने से बचा लिया, साथ ही यह भी साफ कर दिया कि वह नहीं चाहते थे कि यह बातचीत कोई और हेडलाइन बने। मई में, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट किया कि दिलजीत दोसांझ 2022 में अमेरिकी नागरिक बन गए थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट 2018 में मुंबई में जारी किया गया था और वे 1 सितंबर, 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि दिलजीत की पत्नी, संदीप कौर, अमेरिकी नागरिक हैं। अमेरिकी नागरिकता लेने के समय, दिलजीत ने कैलिफ़ोर्निया के एक पॉश इलाके में स्थित पांच बेडरूम वाले बंगले को लिया था। अमेरिकी ग्रीन कार्ड किसी व्यक्ति को ‘कानूनी तौर पर स्थायी निवासी’ का दर्जा देता है, जिससे वे बिना किसी अस्थायी वीजा या नियोक्ता (employer) की स्पॉन्सरशिप के, अमेरिका में कहीं भी अनिश्चित काल तक रह सकते हैं, काम कर सकते हैं और पढ़ाई कर सकते हैं। पात्रता की शर्तें पूरी करने के बाद, यह अमेरिकी नागरिकता पाने का एक जरिया भी बन सकता है।

हालांकि, जो व्यक्ति पहले से ही अमेरिकी नागरिक है, उसे ग्रीन कार्ड की जरूरत नहीं होती। इसी वजह से, चल रही अटकलों के बीच फैन का सुझाव और दिलजीत का मजाकिया जवाब चर्चा का विषय बन गया। दिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म ‘सतलुज’ के बारे में बात करने के लिए लाइव आए थे।

OTT पर रिलीज होने से पहले, सेंसर की आपत्तियों के कारण यह फिल्म अटकी हुई थी। दिलजीत ने लोगों से यह फिल्म देखने की अपील की और इसे पंजाब और भारत के इतिहास की एक अहम कहानी बताया। ‘सतलुज’ जसवंत सिंह खालरा की कहानी है। उन्होंने उस दौर में अमृतसर और उसके आस-पास हजारों शवों के कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से अंतिम संस्कार किए जाने का दस्तावेजीकरण किया था, जब पंजाब में उग्रवाद चरम पर था। बाद में खालरा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई।

Zee5 से फ़िल्म को अचानक हटाए जाने के बाद सेंसरशिप, इतिहास और इस बात पर बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या मानवाधिकारों से जुड़े दस्तावेज़ी मुद्दों पर आधारित कहानियों को भारतीय दर्शकों तक पहुंचने दिया जा रहा है।

Video: भारी बारिश ने दिखाया अपना रौद्र रूप, महाराष्ट्र में बाढ़ के बहाव में बह गए हजारों LPG सिलेंडर

महाराष्ट्र में बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि एक नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। रायगढ़ जिले में बाढ़ के तेज बहाव ने ऐसा तांडव मचाया कि हजारों LPG सिलेंडर पानी के साथ बहते हुए पातालगंगा नदी तक पहुंच गए। नदी में तैरते सिलेंडरों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए तो लोगों के बीच चिंता और डर का माहौल बन गया। आखिर इतने सारे सिलेंडर पानी में कैसे पहुंचे और क्या इनके कारण कोई बड़ा खतरा पैदा हो सकता है?

इस घटना ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक सभी का ध्यान खींच लिया है। बाढ़ की ताकत और हालात की गंभीरता को दिखाने वाला यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

HPCL प्लांट में घुसा बाढ़ का पानी

यह घटना पनवेल तालुका के MIDC चावणे इलाके में स्थित HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट की बताई जा रही है। बुधवार को भारी बारिश के कारण प्लांट में पानी भर गया, जिसके बाद वहां रखे करीब 3,000 LPG सिलेंडर तेज बहाव में बह गए।

इनमें भरे हुए और खाली दोनों तरह के सिलेंडर शामिल बताए जा रहे हैं।

वायरल वीडियो में नदी में तैरते दिखे सैकड़ों सिलेंडर

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में पातालगंगा नदी के तेज बहाव में बड़ी संख्या में LPG सिलेंडर बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ लोग नदी से सिलेंडर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत लोगों को सावधान किया।

सिलेंडर मिलने पर तुरंत अधिकारियों को दें सूचना

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अगर किसी को नदी या आसपास कोई LPG सिलेंडर दिखाई देता है तो उसे खुद उठाने के बजाय तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच के बिना इन सिलेंडरों को संभालना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।

महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पालघर, रायगढ़ और नासिक-पुणे के घाट क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं मुंबई, तटीय जिलों और उत्तर महाराष्ट्र के कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

NDRF और SDRF की टीमें तैनात

लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी जोखिम भरी गतिविधि से बचें।

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कंडोम बनाने वाली इस कंपनी के शेयरों को लगे पंख, एक महीने में 43% चढ़ा

क्यूपिड के शेयरों में 9 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। 8 जुलाई को भी इस शेयर में अच्छी तेजी दिखी थी। इससे यह 52 हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गया था। लेकिन, हाई प्राइस पर प्रॉफिट बुकिंग की वजह से यह शेयर करीब 12 फीसदी गिर गया था। यह कंपनी पुरुष और महिलाओं के कंडोम सहित हेल्थकेयर और पर्सनल प्रोडक्ट्स बनाती है।

एक महीने में 43 फीसदी उछला शेयर 

Cupid का शेयर एक समय 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। 12 बजे यह शेयर 5.95 83 फीसदी चढ़कर 208.71 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में इस शेयर का प्रदर्शन जबर्दस्त रहा है। इसने निवेशकों को 859 फीसदी रिटर्न दिया है। एक महीने में यह शेयर करीब 43 फीसदी चढ़ा है। छह महीनों में यह शेयर 146 फीसदी चढ़ा है।

110 देशों में प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करती है कंपनी 

क्यूपिड मुंबई की कंपनी है। यह 110 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करती है। हाल में कंपनी ने जून तिमाही में अपने बिजनेस का अपडेट दिया है। उसने कहा है कि जून तिमाही में रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। इससे जून तिमाही कंपनी के बिजनेस के लिहाज से अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हो सकती है।

एक साल में निवेशकों का पैसा 9 गुना

बीते एक साल में कंपनी के शेयरों के रिटर्न ने निवेशकों को मालामाल किया है। 9 जुलाई, 2025 को कंपनी का शेयर 21.62 रुपये पर था। 9 जुलाई, 2026 को इस शेयर का प्राइस 208 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह एक साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 9 गुना कर दिया है। इस शेयर का प्रदर्शन ऐसा तब है जब बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों का रिटर्न काफी कम रहा है।

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शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी

9 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी रिकवरी दिखी। सुबह में निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। फिर अच्छी खरीदारी से दोनों सूचकांक 0.75 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। 12:15 बजे निफ्टी 0.76 फीसदी यानी 180 अंक चढ़कर 24,059 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.75 फीसदी यानी 576 अंक के उछाल के साथ 77,074 पर था। बैंक निफ्टी में 0.93 फीसदी की तेजी आई। मिडकैप इंडेक्स में 1.71 फीसदी का उछाल था। 8 जुलाई को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। निफ्टी और सेंसेक्स 2 फीसदी से ज्यादा फिसले थे।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

महाराष्ट्र में बाढ़ का खौफनाक मंजर! HPCL प्लांट से 3000 गैस सिलेंडर नदी में बहे

Raigad : 3000 Gas Cylinders Washed Away

महाराष्‍ट्र में भारी बारिश की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। भारी बारिश के कारण आई अचानक फ्लैश फ्लड में रायगढ़ जिले के खालापुर तहसील के चावणे गांव में स्थित HPCL गैस प्लांट से करीब 3000 गैस सिलेंडर पानी में बह गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ गैस सिलेंडर भरे हुए हैं और कुछ खाली हैं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नदी में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर बहते दिखाई दे रहे हैं। कई वीडियो में लोगों को इन सिलेंडरों को उठाकर ले जाते भी देखा गया। फिलहाल कंपनी के अधिकारी पानी में बहे सिलेंडरों की जांच में जुटे हुए हैं। पानी में सिलेंडरों के बहने की वजह भी तलाशी जा रही है।

रायगढ़ के डीएम किशन जावले ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नदी में बहकर आए सिलेंडर में गैस है या नहीं या वे सुरक्षित स्थिति में हैं या नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे में उत्सुकता या इस्तेमाल के मकसद से ऐसे सिलेंडर को उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की।

 

गौरतलब है कि मुंबई, पुणे और नासिक समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर है। सड़कें तालाब बनी हुई है, रेलवे ट्रेक पर पानी भरा हुआ। जलजमाव और भूस्खलन की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।

अमेरिका में कैसा होता है 6 करोड़ का मिडिल क्लास घर? भारतीय महिला के हाउस टूर ने इंटरनेट पर मचाई धूम

अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला का हाउस टूर वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दिखाया कि अमेरिका में 5-6 करोड़ रुपये की कीमत वाला एक मिडिल क्लास परिवार का घर कैसा होता है। वीडियो में दिखाए गए बड़े घर और खुली जगह को देखकर कई लोग हैरान रह गए। इसके बाद लोगों ने अमेरिका और भारत के महंगे रियल एस्टेट से तुलना शुरू कर दी, जिस पर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।

साल 2023 में खरीदा था ये घर

इंस्टाग्राम वीडियो में सोनल चौधरी ने कहा, “आज मैं आपको दिखाऊंगी कि अमेरिका में एक मिडिल क्लास परिवार का घर कैसा दिखता है।” उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ छह साल पहले अमेरिका चली गई थीं और साल 2023 में उन्होंने 4,40,000 डॉलर में ये घर खरीदा था। सोनल के अनुसार, अब इस घर की कीमत करीब 5 से 6 करोड़ रुपये है और ये एक एकड़ से ज्यादा जमीन पर बना हुआ है।

लोगों को मिलती हैं अच्छी प्राइवेसी

वीडियो में घर के टूर की शुरुआत बाहर से की गई, जहां सोनल ने सबसे पहले सामने का लॉन, गैरेज और आसपास का इलाका दिखाया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में घर एक-दूसरे से काफी दूरी पर बने हैं, जिससे लोगों को अच्छी प्राइवेसी मिलती है। भारत के भीड़भाड़ वाले शहरों में रहने वाले कई लोगों के लिए ये खुला और शांत माहौल काफी अलग और आकर्षक लगा। सोनल ने अपने घर का पिछला हिस्सा भी दिखाया, जो काफी बड़ा और खुला है। उन्होंने बताया कि यहां उनके बच्चों के खेलने और बाहर समय बिताने के लिए भरपूर जगह है।

वीडियो में उन्होंने घर का डेक एरिया, धूप वाला कमरा जिसे उन्होंने होम जिम और बैठने की जगह बना रखा है, बच्चों का झूला और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाली फायरप्लेस भी दिखाई।

अमेरिका में ज्यादातर घर लकड़ी से बने होते है

प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी देते हुए सोनल ने पोस्ट में लिखा, “अमेरिका में एक मिडिल क्लास परिवार का घर कुछ ऐसा दिखता है।” उन्होंने बताया, “हमने यह घर साल 2023 में 4,40,000 डॉलर में खरीदा था। एक बात जो लोगों को सबसे ज्यादा हैरान करती है, वह यह है कि यहां ज्यादातर घर कंक्रीट नहीं, बल्कि लकड़ी से बने होते हैं। अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग शहरों के बाहर बने रिहायशी इलाकों (सबर्ब्स) में रहते हैं।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस वीडियो का मकसद अमेरिका में एक आम परिवार की जिंदगी दिखाना था, लेकिन देखते ही देखते यह घरों की कीमतों पर बहस का विषय बन गया। कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि 5 से 6 करोड़ रुपये में इतना बड़ा घर और खुली जगह मिल सकती है। वहीं, कई यूजर्स ने इसकी तुलना भारत के बड़े शहरों से की, जहां इतनी ही रकम में अक्सर काफी छोटा घर या फ्लैट मिलता है।

लोगों ने किया कमेंट

वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट किया, “क्या इसे अमेरिका में मिडिल क्लास का घर माना जाता है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “भारत में आज 5-6 करोड़ रुपये में सिर्फ एक 4BHK फ्लोर ही मिलता है।” एक अन्य व्यक्ति ने मुंबई के महंगे रियल एस्टेट का जिक्र करते हुए कहा, “मुंबई के जुहू और बांद्रा जैसे इलाकों में इतनी रकम में सिर्फ़ 2BHK फ्लैट ही मिल पाएगा।” वहीं, एक और यूजर ने लिखा, “तकनीकी रूप से देखा जाए तो भारत में प्रॉपर्टी की कीमतें अमेरिका से भी ज्यादा हैं।”

Lawrence Bishnoi US Charges: रंगदारी का मॉडल, डर को बनाया बिजनेस वेपन! समझिए कैसे दुनिया का सबसे खतरनाक सिंडिकेट बना बिश्नोई गैंग

सितंबर 2023 में कनाडा ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ था। इस आरोप के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। अब करीब तीन साल बाद, अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर इस हत्या का आरोप लगाया है। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त जांच की थी। इस जांच के तहत भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 लोगों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने बयान में कहा कि कुल 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। DOJ के मुताबिक, अमेरिका में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया में पकड़ा गया है। इन सभी को मंगलवार को संघीय अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले में आरोप तय होने के बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ (असल नाम सतविंदरजीत सिंह) की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, अमेरिका लॉरेंस बिश्नोई को भारत से प्रत्यर्पित कराने की तैयारी भी कर रहा है। उस पर गंभीर संघीय रैकेटियरिंग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित न कर सके।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई को बिश्नोई गैंग का सरगना माना जाता है। फिलहाल वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म किसी अपराधी परिवार में नहीं, बल्कि एक संपन्न परिवार में हुआ था। उसका जन्म 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ। उसका परिवार इलाके के सबसे अमीर परिवारों में गिना जाता था और उनके पास कई एकड़ जमीन थी। परिवार एक बड़े बंगले में रहता था।

लॉरेंस के पिता पहले पुलिस विभाग में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खेती और परिवार की जमीन की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी। परिवार के एक रिश्तेदार के अनुसार, लॉरेंस का नाम ब्रिटिश अधिकारी हेनरी मोंटगोमरी लॉरेंस के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सनावर में प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल की स्थापना की थी। लॉरेंस ने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। वह आठवीं कक्षा से ही बाइक चलाता था और महंगे जूते पहनता था। उस समय उसके पास ऐसी कई सुविधाएं थीं, जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। वहीं उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। इसी दौरान उसका सामना विरोधी छात्र गुटों से हुआ और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की ओर बढ़ता चला गया। कई लोगों का मानना है कि अपने गांव में अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर में उसकी पहचान और परिवार की दौलत का ज्यादा असर नहीं था। इसी वजह से वह गैंग और अपराध के रास्ते पर चला गया।

उत्तर भारत में गैंगवार पर लंबे समय से नजर रखने वाले लेखक जुपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, लॉरेंस अपने गांव में बेहद संपन्न परिवार से था। उसके परिवार के पास बड़ी जमीन थी और बचपन से उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे एहसास हुआ कि वहां पहचान बनाने के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि पैसा, रुतबा और सामाजिक प्रभाव भी जरूरी है। माना जाता है कि इसी सोच ने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया।

गोल्डी बराड़ कौन है?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदरजीत सिंह है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी साथी माना जाता है। उसका जीवन भी काफी हद तक बिश्नोई जैसा रहा है। गोल्डी का जन्म 1994 में पंजाब में हुआ था। बताया जाता है कि कॉलेज के दौरान उसकी लॉरेंस बिश्नोई से गहरी दोस्ती हो गई थी। ‘ओपन’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई और बराड़ 2012 से पहले ही हिंसक घटनाओं में शामिल हो चुके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संघ चुनाव के दौरान एक विरोधी उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद चुनावी रंजिश में उस उम्मीदवार के एक रिश्तेदार की भी हत्या कर दी गई, जिसने चुनाव जीता था।

इसके बाद दोनों ने धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क बढ़ाया। उन पर जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में विरोधी गैंग के लोगों पर हमले कराने के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीज़ा पर कनाडा चला गया। इसके बाद से उस पर कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बिश्नोई गैंग कैसे बना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क?

समय के साथ लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ाया। आज इस गैंग की पहुंच पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों तक बताई जाती है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा, अमेरिका, थाईलैंड, फिलीपींस, मध्य एशिया, चीन और यूरोप के कुछ देशों में भी इसके नेटवर्क होने की बात कही जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के पास दुनिया भर में 700 से ज्यादा शूटर होने का दावा किया जाता है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस पर आरोप है कि वह अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता रहता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि लॉरेंस अपने मजबूत संपर्कों और अलग-अलग आपराधिक गठजोड़ का इस्तेमाल करता है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उसके कुछ संबंध खालिस्तान समर्थक संगठनों से भी रहे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस जानबूझकर जमानत की अर्जी नहीं देता और जेल के अंदर से अपने साथियों से “डब्बा कॉलिंग” और VoIP जैसी तकनीकों के जरिए संपर्क में रहता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग को चलाने के लिए एक खास “बिजनेस मॉडल” अपनाता है। इसके तहत वह अलग-अलग राज्यों के जेल में बंद गैंगस्टरों से गठजोड़ करता है। इनमें उत्तर प्रदेश के धनंजय सिंह, हरियाणा के काला जठेड़ी, राजस्थान के रोहित गोदारा और दिल्ली के रोहित मोई व हाशिम बाबा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। बिश्नोई गैंग की ताकत उसके सक्रिय सदस्यों की वजह से भी बढ़ी है। गोल्डी बराड़ के अलावा रोहित गोदारा को भी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। बताया जाता है कि वह लॉरेंस का करीबी है और ब्रिटेन (UK) से गैंग की गतिविधियां संभालता है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों समेत 35 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी है।

हरदीप सिंह निज्जर से लेकर सलमान खान तक, किन लोगों को बनाया गया निशाना?

बिश्नोई गैंग का नाम कई चर्चित लोगों को निशाना बनाने के आरोपों में सामने आ चुका है। अमेरिका ने जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी आरोप पत्र के अनुसार, 18 जून 2023 या उससे पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि इस साजिश के लिए बिश्नोई ने अपने एक साथी को निज्जर की तस्वीर और उसके ठिकानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। हत्या के कुछ घंटों बाद ही गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।

जब बीबीसी ने गोल्डी बराड़ से पूछा कि सिद्धू मूसे वाला को क्यों निशाना बनाया गया, तो उसने कहा कि मूसे वाला ने ऐसी गलतियां की थीं जिन्हें वह माफ नहीं कर सकता था। बराड़ का दावा था कि उनके पास उसे मारने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। करीब दो साल बाद, बिश्नोई गैंग का नाम मुंबई में हुए चर्चित नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी सामने आया। अक्टूबर 2024 में बांद्रा इलाके में उनके बेटे के ऑफिस के पास 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बाबा सिद्दीकी तीन बार विधायक रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त माने जाते थे। हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की कथित फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो भी सलमान खान की मदद करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

Yamaha का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगी 117 km की IDC रेंज, जानें कीमत

Yamaha Aerox E: Yamaha ने भारत में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox E लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.82 लाख रुपये (दिल्ली) रखी गई है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल पेश किया गया था और अब इसे भारत के कुछ शहरों में खरीदने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल Yamaha Aerox E दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और पुणे में बिक्री के लिए उपलब्ध है। बता दें कि यह इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मौजूद Ather 450 Apex, TVS X और Ola S1 Pro जैसे दमदार इलेक्ट्रिक स्कूटर को टक्कर देगा।

पावरट्रेन और रेंज

Yamaha Aerox E में दो 1.5kWh की हटाने योग्य (Removable) बैटरी पैक दिए गए हैं। इसमें Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) लगी है, जो 9.4 kW (12.60hp) की पावर और 48Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक स्कूटर फुल चार्ज होने पर 117 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज दे सकता है। वहीं, Power Mode में Boost फीचर ऑन करने पर इसकी टॉप स्पीड 95.5 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

बैटरी चार्जिंग की बात करें तो, एक बैटरी पैक को 0 से 100% चार्ज होने में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगता है। अगर दोनों बैटरियों को एक साथ चार्ज किया जाए, तो इन्हें पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 6 घंटे 20 मिनट लग सकते हैं।

Yamaha Aerox E का डिजाइन और डायमेंशन

देखने में, Aerox E काफी हद तक अपने पेट्रोल वाले मॉडल, Aerox 155 जैसी ही लगती है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव नया TFT डिस्प्ले है, जिसने ICE मॉडल वाले LCD कंसोल की जगह ली है। इसके अलावा, इसमें आपको शार्प बॉडीवर्क के साथ वही स्पोर्टी मैक्सी-स्कूटर स्टाइलिंग मिलती है। इस स्कूटर का व्हीलबेस 1,360mm और कर्ब वेट 139 kg है, जो इसे स्टैंडर्ड Aerox 155 से लगभग 13 kg भारी बनाता है।

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इसमें आगे की तरफ 110/80 टायर और पीछे की तरफ 140/70 टायर मिलते हैं, जो इसे बेहतर स्टेबिलिटी और स्पोर्टी राइडिंग अनुभव देने में मदद करते हैं।

Yamaha Aerox E के फीचर्स

Yamaha नई Aerox E में इकॉनमी, स्टैंडर्ड और पावर राइडिंग मोड देता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में बूस्ट मोड, रिवर्स मोड और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम भी है। इसकी अन्य खासियतों में Yamaha Y-Connect के साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, आगे और पीछे डिस्क ब्रेक, LED हेडलैंप और LED टेललैंप, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और सिंगल-चैनल ABS शामिल हैं।

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पूरा देश घूमने के बराबर है इन शानदार लाइब्रेरीज का सफर करना, जहां मिलती है ज्ञान की अनमोल दुनिया!

भारत में लाइब्रेरी सिर्फ किताबों को रखने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये देश के इतिहास, संस्कृति, साहित्य और ज्ञान की धरोहर को संभालकर रखने वाले सेंटर हैं। कई लाइब्रेरी ऐसी हैं जो 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं और आज भी रिसर्चर, स्टूडेंट और हिस्ट्री लवर के लिए नॉलेज का बड़ा सोर्स बनी हुई हैं। आइए जानते हैं भारत की कुछ सबसे पुरानी और पॉपुलर लाइब्रेरी के बारे में:

1. रज़ा लाइब्रेरी, रामपुर

रज़ा लाइब्रेरी - विकिपीडिया

रज़ा लाइब्रेरी भारत की सबसे पॉपुलर ऐतिहासिक लाइब्रेरी में से एक है। इसकी स्थापना 1774 में रामपुर के नवाब परिवार द्वारा की गई थी। यहां अरबी, फारसी, उर्दू, संस्कृत और हिंदी भाषा की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां और किताबें सेफ रखी गई हैं।

इस लाइब्रेरी में इस्लामी आर्ट, भारतीय इतिहास, साहित्य, खगोल विज्ञान, गणित और दर्शन से जुड़ी दुर्लभ मटेरियल मौजूद है। यहां रखी कई पांडुलिपियां हाथ से लिखी हुई हैं और ऐतिहासिक नजर से बेहद जरुरी मानी जाती हैं।

रज़ा लाइब्रेरी अपनी खूबसूरत आर्किटेक्टर और दुर्लभ संग्रह के लिए दुनियाभर में जानी जाती है।

2. कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी, चेन्नई

Chennai: Newly revamped Connemara Library offers better spaces for book lovers, researchers - The Hindu

कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना 1896 में चेन्नई में हुई थी। यह भारत की चार राष्ट्रीय डिपॉजिटरी लाइब्रेरी में से एक है, जहां देश में पब्लिश्ड हर पुस्तक, समाचार पत्र और पत्रिका की एक सेफ रखी जाती है।

इस लाइब्रेरी में लाखों किताबों का विशाल संग्रह मौजूद है, जिसमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास, कला और कई अन्य विषय शामिल हैं। यहां दुर्लभ किताबों और पुराने डॉक्यूमेंट का भी बड़ा संग्रह है।

इसकी इमारत इंडो-सारासेनिक आर्किटेक्टर का सुंदर उदाहरण है। यह जगह न सिर्फ किताबों के लिए बल्कि अपनी ऐतिहासिक इमारत और शांत वातावरण के लिए भी पॉपुलर है।

3. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया, कोलकाता

National Library, Calcutta

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया भारत की सबसे बड़ी लाइब्रेरी मानी जाती है। इसकी शुरुआत 1836 में कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी के रूप में हुई थी और बाद में इसे नेशनल लेवल की लाइब्रेरी का दर्जा मिला।

इस लाइब्रेरी में करोड़ों किताबें, पांडुलिपियां, समाचार पत्र और ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट मौजूद हैं। यहां भारतीय भाषाओं के साथ-साथ दुनिया की कई भाषाओं की किताबें अवेलेबल हैं।

यह लाइब्रेरी शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यहां भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ी कई दुर्लभ मटेरियल सेफ है।

4. इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी, प्रयागराज

Allahabad Public Library also known as Thornhill Mayne Memorial is a public library situated at Alfred Park in Prayagraj, India. Established in 1864, it is the biggest library in the state of

इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना 1863 में हुई थी। यह उत्तर भारत की सबसे पुरानी सार्वजनिक लाइब्रेरी में से एक है। इसे पहले थॉर्नहिल मेमोरियल लाइब्रेरी के नाम से भी जाना जाता था।

यहां हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और अन्य भाषाओं की हजारों किताबें अवेलेबल हैं। लाइब्रेरी में इतिहास, साहित्य, धर्म, विज्ञान और कला से संबंधित कई पुस्तकें मौजूद हैं।

इसकी इमारत विक्टोरियन और गोथिक शैली की वास्तुकला का उदाहरण है। ऐतिहासिक महत्व के कारण यह जगह किताब प्रेमियों और टूरिस्ट को भी अट्रैक्ट करता है।

5. स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी, बेंगलुरु

The State Central Library in Bengaluru, Karnataka

बेंगलुरु की स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना 1915 में हुई थी। यह कर्नाटक की सबसे सार्वजनिक लाइब्रेरी में से एक है। यह कब्बन पार्क के पास अपनी लाल रंग की खूबसूरत इमारत के लिए पॉपुलर है।

इस लाइब्रेरी में लाखों किताबों का कलेक्शन है, जिसमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकें शामिल हैं। यहां स्टूडेंट और रिसर्चर बड़ी संख्या में आते हैं।

यह लाइब्रेरी लंबे समय से बेंगलुरु के लोगों के लिए ज्ञान और शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

6. खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी, पटना

Visit Patna's Khuda Baksh Oriental Library | Incredible India

खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी की स्थापना 1891 में पटना में हुई थी। इसकी शुरुआत खुदा बख्श खान ने अपने प्राइवेट कलेक्शन को सार्वजनिक रूप देकर की थी।

यहां अरबी, फारसी, उर्दू और इस्लामी साहित्य की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां सेफ हैं। इसके संग्रह में मुगलकालीन चित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और दुर्लभ किताबें भी शामिल हैं।

यह लाइब्रेरी एशिया की ओरिएंटल लाइब्रेरी में गिनी जाती है और दुनियाभर के रिसर्चर यहां स्टडी के लिए आते हैं।

7. डेविड ससून लाइब्रेरी, मुंबई

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डेविड ससून लाइब्रेरी की स्थापना 1870 में मुंबई में हुई थी। इसका नाम पॉपुलर बिजनेसमैन और समाजसेवी डेविड ससून के नाम पर रखा गया है।

यह लाइब्रेरी अपनी सुंदर गोथिक आर्किटेक्टर, लकड़ी की अलमारियों और पुराने जमाने के शांत एनवायरनमेंट के लिए पॉपुलर है। यहां साहित्य, इतिहास, कला और अन्य विषयों की हजारों किताबें मौजूद हैं।

मुंबई की विरासत इमारतों में शामिल यह लाइब्रेरी आज भी पाठकों और टूरिस्ट के अट्रैक्शन हब है।

8. सरस्वती महल लाइब्रेरी, तंजावुर

Saraswathi Mahal Library #Thanjuvur

सरस्वती महल लाइब्रेरी भारत की सबसे पुरानी लाइब्रेरी में से एक है। इसकी शुरुआत तंजावुर के नायक और मराठा शासकों के समय हुई थी।

इस लाइब्रेरी में संस्कृत, तमिल, तेलुगु और मराठी भाषाओं की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां सेफ हैं। यहां आयुर्वेद, खगोल विज्ञान, साहित्य, इतिहास और धर्म के मटेरियल सेफ है।

यह लाइब्रेरी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अनमोल खजाना मानी जाती है और रिसर्चर के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

भारत की ये पुरानी लाइब्रेरी सिर्फ किताबों का कलेक्शन नहीं हैं, बल्कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इन जगहों पर सेफ रेयर डॉक्यूमेंट और पांडुलिपियां आने वाली पीढ़ियों को भारत के ज्ञान और इतिहास से जोड़ने का काम करती हैं।