Gold Rate Today: सोना लगातार दूसरे दिन महंगा, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक चढ़ा; चेक करें नया भाव

देश में सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन तेजी है। 11 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में कीमत और चढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 144960 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में भाव 144830 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। डॉलर में आई कमजोरी की वजह से कीमती धातुओं की डिमांड बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,106.25 डॉलर प्रति औंस हो गया है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत में 400 रुपये की तेजी दर्ज की गई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144960 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132910 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132760 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144830 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133510 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132760 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132910144960
मुंबई132760144830
अहमदाबाद132810144880
चेन्नई133510145650
कोलकाता132760144830
हैदराबाद132760144830
जयपुर132910144960
भोपाल132810144880
लखनऊ132910144960
चंडीगढ़132910144960

 

Ferrari 849 Testarossa Review: 1,050 PS पावर वाली इस सुपरकार में क्या है खास? जानें कीमत से परफॉर्मेंस तक सब कुछ

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी और Lamborghini Revuelto को टक्कर देगी। अब चलिए इस कार के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Testarossa नाम की कहानी करीब 70 साल पुरानी है। साल 1956 में Ferrari ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी रेसिंग कारों के लिए किया था। उन कारों में लाल रंग के कैम कवर होते थे। बता दें कि इटैलियन भाषा में “Testarossa” का मतलब “रेड हेड” (लाल सिर) होता है। वहीं, Ferrari ने अब इतने लंबे समय बाद इस नाम को फिर से इस्तेमाल किया है।

Ferrari 849 Testarossa के नाम में “849” का मतलब इसके इंजन से जुड़ा है। इसमें 8 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है और हर सिलेंडर की क्षमता करीब 490cc है। Ferrari का कहना है कि यह अब तक की उनकी सबसे पावरफुल प्रोडक्शन कार है।

SF90 के डिजाइन से अलग एक नया लुक

डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट SF90 की स्टाइलिंग से अलग है। Ferrari ने इसके लिए 1970 के दशक की एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 के दशक की टेस्टारोसा (Testarossa) से प्रेरणा ली है। कार में पतली LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक काले रंग की पट्टी के अंदर लगी हैं। और इसके नीचे दिया गया एक ब्रिज जैसा डिजाइन एरोडायनामिक स्पॉइलर का काम करता है।

इसके अलवा, कार के बड़े निचले एयर वेंट्स कूलिंग में मदद करते हैं, और इसके फ्रंट डिफ्यूजर में कार्बन-फाइबर इंसर्ट्स लगे हैं। नए डिजाइन किए गए फ्रंट अंडरफ्लोर से कार का कुल 35% डाउनफोर्स मिलता है।

कार के साइड में, 20-इंच के पहियों के साथ सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और अलग-अलग साइज के टायर (staggered tyres) दिए गए हैं। पिछले पहिये के आर्च के आगे स्कुडेरिया फेरारी (Scuderia Ferrari) का बैज लगा है। इसके दरवाजे एयर इनटेक का भी काम करते हैं, जो इंटरकूलर और पिछले ब्रेक तक हवा पहुंचाते हैं। इसमें कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें साइड स्कर्ट, व्हील आर्च और एरोडायनामिक डक्ट्स शामिल हैं।

1970 के दशक की रेसिंग ट्रिक

इसके पिछले हिस्से में ट्विन-टेल डिजाइन दिया गया है, जिसे कंपनी ने 1970 के दशक की 512S रेसिंग कार से लिया है। इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर मिलता है, जो एक सेकंड से भी कम समय में अपनी स्थिति बदल सकता है। यह जरूरत के हिसाब से कार को कम हवा का दबाव (लो-ड्रैग) या ज्यादा पकड़ (हाई-डाउनफोर्स) देने में मदद करता है। यह स्पॉइलर कार में 100 किलोग्राम तक अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है।

250 km/h की रफ्तार पर, कुल डाउनफोर्स 415 kg तक पहुंच जाता है, जो SF90 Stradale के डाउनफोर्स से ज्यादा है। पिछले हिस्से में कार्बन-फाइबर डिफ्यूजर और बीच में लगे ट्विन एग्जॉस्ट हैं, जो इसके अंदर लगे V8 इंजन की ओर इशारा करते हैं।

1,050 PS:  Ferrari की अब तक की सबसे दमदार रोड कार

इंजन देखें तो, 849 Testarossa में 3.9-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर देता है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जुड़ी हैं: इनमें से दो मोटर आगे के पहियों पर लगी हैं, जो ऑल-व्हील ड्राइव और टॉर्क वेक्टरिंग में मदद करती हैं, जबकि तीसरी मोटर पीछे की तरफ दी गई है, जिसमें Ferrari की फॉर्मूला-1 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर यह 1,050 PS की पावर देती है। इसमें 7.45 kWh की बैटरी दी गई है, जिसेसे सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 25 km तक चलाया जा सकता है।

इसके अलावा, इस कार में आठ-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स है, जिसे साइड स्लिप कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल, ABS Evo और Ferrari के 5 व्हीकल डायनामिक्स एस्टिमेटर जैसे सिस्टम का सपोर्ट मिलता है।

Ferrari के अनुसार, यह कार 0-100 km/h की रफ्तार 2.3 सेकंड से भी कम समय में और 0-200 km/h की रफ्तार लगभग 6.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 km/h से ज्यादा है।

रेस कार जैसा कॉकपिट

इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, इसमें एक फ्लोटिंग डैशबोर्ड और पैसेंजर के लिए परफॉर्मेंस डेटा दिखाने वाला डिस्प्ले भी है। ड्राइवर को वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के साथ 16-इंच का डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है। इसके अलावा, इसके अंदर ऊंचे सेंटर कंसोल पर गियर सेलेक्टर लगा है, जिस पर ब्रश किए हुए एल्युमीनियम की फिनिशिंग है।

स्टेयरिंग व्हील में फेरारी के पुराने हैप्टिक कंट्रोल्स के बजाय फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। सीटें कार्बन-फाइबर रेसिंग बकेट स्टाइल की हैं और उन पर अल्कांतारा की ट्रिमिंग है। साथ ही, इन्हें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है।

बता दें कि Ferrari भारत में मुंबई और नई दिल्ली की डीलरशिप के जरिए यह कार बेचती है और बेंगलुरु से सर्विस सपोर्ट देती है।

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30 हजार फीट पर प्लेन की खिड़की टूटी:पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले, पत्नी ने बचाया, दोनों पैर पकड़े रही; ग्रीस के एयरस्पेस की घटना

ग्रीस के आकाश में एक फ्लाइट की खिड़की टूट जाने से बड़ा हादसा टल गया। प्लेन 30 हजार फीट पर था, तब केबिन में अचानक दबाव कम हो गया और विंडो शीट निकल गई। विंडो शीट पर बैठ 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए जैसे ही पास बैठे पैसेंजर ने यह देखा तो तुरंत उसे पकड़कर वापस प्लेन के अंदर खींच लिया। एक पैसेंजर ने बताया कि उस बुजुर्ग की जान उसकी पास बैठी पत्नी ने बचाई। जैसे ही वह विंडों से बाहर निकलने लगे, उनकी पत्नी ने जोर से पैर पकड़ लिए।अच्छी बात यह रही कि पीड़ित शख्स बेल्ट बांधे था, इससे वह बाहर नहीं सका। पहले विंडो के निकलने की फोटो देखिए पैसेंजर को जलने जैसी चोटें आईं फ्लाइट ग्रीस के थेसालोनिकी से जर्मनी के मेमिंगेन हा रही थी। विमान कंपनी रायनएयर ने बताया कि पैसेंजर को कुछ चोटें आई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक है। यह घटना मैसिडोनिया के ऊपर हुई। घायल यात्री सर्बिया का टूरिस्ट है। उसे जलने जैसी चोटें आई हैं। प्लेन ने सुबह 5.55 मिनट पर (ग्रीस के समय के अनुसार) थेसालोनिकी से उड़ान भरी थी। यात्रियों ने बताया- टायर फटने जैसी आवाज आई इंजन के टुकड़े से खिड़की टूटने का अंदेशा ग्रीक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के इंजन से अलग हुए किसी मलबे के टुकड़े की वजह से खिड़की टूट गई। हालांकि, इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रायनएयर ने बयान जारी कर कहा कि उड़ान भरने के कुछ देर बाद यात्री वाली खिड़की अलग होने के कारण विमान को वापस थेसालोनिकी लौटना पड़ा। विमान ने सामान्य तरीके से लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल पहुंचाया गया। एयरलाइन ने बताया कि बाकी यात्रियों को मेमिंगेन पहुंचाने के लिए एक दूसरा विमान भेजा गया। घटना की जांच जारी है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें: एअर इंडिया फ्लाइट का इंजन बंद, पायलट का इमरजेंसी कॉल:मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी, 20 मिनट में लौटी; टेकऑफ के दौरान चिंगारी भी दिखी मुंबई
मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की एअरबस A320 Neo फ्लाइट AI2812 बुधवार-गुरुवार की देर रात उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद मुंबई एयरपोर्ट लौट आई। अधिकारियों ने बताया कि हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर ‘PAN PAN’ कॉल दी, जिसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंड कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

Lt Kashish Methwani: मॉडलिंग और ग्लैमर की दुनिया छोड़ कशिश मेथवानी ने चुना देश सेवा का रास्ता, सीडीएस में हासिल की थी एआईआर 2

Lt Kashish Methwani: कुछ लोग इतने प्रतिभावान होते हैं, वो जहां कदम रखते हैं सफलता उनके कदम चूमती है। ऐसा ही एक नाम है लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी का है। मुंबई में जन्मीं और पुणे में पली बढ़ीं कशिश के लिए मॉडलिंग की चकाचौंध भरी दुनिया शिखर पर बैठाने के लिए तैयार थी। लेकिन उनके मन में देश सेवा के सपने ने जन्म ले लिया था। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पेजेंट्री हमेशा से उनका पैशन रहा, लेकिन यह उनका लॉन्ग-टर्म करियर कभी नहीं था। उन्होंने बताया कि नेशनल कैडेट कोर में शामिल होना वह टर्निंग पॉइंट था जिसने उनके सपनों को पूरी तरह से बदल दिया।

साल था 2023 का, और मंच मिस इंटरनेशनल इंडिया था। उस पैजेंट में उन्होंने विजेता का ताज अपने सिर पर सजाया। लेकिन कशिश के लिए, मॉडलिंग वो सफर नहीं था, जिस पर चलने के लिए उनके मन में बरसों पहले आस जगी थी। ये बस एक शौक था, जो अब पूरा हो चुका था। अब अगले सफर पर निकलने का समय था। उन्होंने 2024 में कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा पास करने पर ध्यान देने का फैसला किया, और वहां भी वह विजेता बनीं। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2 मिली।

उन्होंने मॉडलिंग छोड़ने का फैसला किया और यूनिफॉर्म में सेना जॉइन कर ली। चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में ग्यारह महीने की मुश्किल मिलिट्री ट्रेनिंग लेने के बाद, उन्हें 6 सितंबर को हुई पासिंग आउट परेड में इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन मिला। मेथवानी का यह कदम कई लोगों के लिए एक शॉक जैसा था ।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के हवाले से उन्होंने कहा, “रिपब्लिक डे परेड में मार्च करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेस्ट कैडेट की ट्रॉफी लेना, इससे मुझे एक मकसद मिला। यह तय था कि आर्मी ही वह जगह है जहां मैं सच में होना चाहती हूं।” आर्मी एयर डिफेंस रेजिमेंट में उनकी पोस्टिंग बहुत अहम है क्योंकि यह रेजिमेंट भारत के ऑपरेशन सिंदूर में अहम काम कर रही थी।

लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी कौन हैं?

9 जनवरी 2001 को मुंबई के पास उल्हासनगर में जन्मी मेथवानी एक सिंधी परिवार से हैं। बाद में वह पुणे के वाकड में बस गईं, जहा उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और साथ ही कई एक्स्ट्रा करिकुलर इंटरेस्ट भी किए। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री पूरी की और फिर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से न्यूरोसाइंस थीसिस की। उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का भी ऑफर मिला, जो उनके शानदार एकेडमिक रिकॉर्ड को और दिखाता है।

परिवार का रोल काफी अहम रहा

लेफ्टिनेंट कशिश के पिता, डॉ. गुरमुख दास, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस में सीनियर पोस्ट संभालने से पहले एक साइंटिस्ट के तौर पर काम करते थे। उनकी मां आर्मी पब्लिक स्कूल, घोरपडी में टीचर थीं। मेथवानी की भरतनाट्यम, डिबेट, एकेडमिक्स, बास्केटबॉल और नेशनल लेवल पिस्टल शूटिंग जैसी अलग-अलग चीजों में दिलचस्पी रही है। सेना में शामिल होने से पहले, मेथवानी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए डेडिकेशन क्रिटिकल कॉज नाम का एक एनजीओ भी शुरू किया था। इसका मकसद लोगों को अपना खून, प्लाज्मा और ऑर्गन डोनेट करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

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Boney Kapoor: पीएम मोदी ने अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर को भेजा प्यार और आशीर्वाद, बोनी कपूर ने नोट शेयर कर जताया आभार

Boney Kapoor: बोनी कपूर ने मुंबई में हुई शादी के बाद अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर को अपना आशीर्वाद भेजने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है। बोनी कपूर और दिवंगत मोना शौरी कपूर की बेटी अंशुला ने 6 जुलाई को परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में रोहन के साथ शादी की। फिल्ममेकर ने शुक्रवार, 10 जुलाई को सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बधाई पत्र की एक झलक शेयर की और इस निजी पहल के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

नोट शेयर करते हुए बोनी ने लिखा, “हमारे प्रेरणादायक और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का तहे दिल से शुक्रिया, जिन्होंने अंशुला और रोहन को उनकी शुभ शादी के मौके पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और निस्वार्थ आशीर्वाद दिया।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश ने परिवार के इस खास मौके को और भी यादगार बना दिया। बोनी ने आगे लिखा, “हम आपके आभारी हैं और आपसे से बहुत प्रभावित हैं। सर, आपके व्यक्तिगत और स्नेहपूर्ण आशीर्वाद के लिए हम विनम्रतापूर्वक आपको धन्यवाद देते हैं।”

बता दें कि अपने पोस्ट में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंशूला कपूर और रोहन ठक्कर को शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत करने पर बधाई दी। उन्होंने प्यार, भरोसे और साथ के उनके सफर के लिए जोड़े को आशीर्वाद दिया और कपूर परिवार को भी शुभकामनाएं दीं। यह लेटर 3 जुलाई का था, जो मुंबई में शादी की रस्म से कुछ दिन पहले लिखा गया था।

अंशुला और रोहन का रिश्ता अक्सर अपनी शांत और मॉडर्न लव स्टोरी की वजह से चर्चा में रहा है। खबरों के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी और धीरे-धीरे उनके बीच एक मजबूत रिश्ता बन गया। पिछले साल जुलाई में, रोहन ने न्यूयॉर्क शहर के सेंट्रल पार्क में अंशूला को प्रपोज किया था। इस तरह, इस साल शादी के बंधन में बंधने से पहले ही उनके रिश्ते में एक यादगार और शानदार पल जुड़ गया।

शादी के कार्यक्रमों की शुरुआत 21 जून को रोहन के परिवार की ओर से आयोजित ‘माता की चौकी’ से हुई। इन समारोहों का समापन 6 जुलाई को उनकी शादी के साथ हुआ, जिसमें उनके करीबी लोग शामिल हुए। अंशुला ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री की लाइमलाइट से दूर ही रही हैं, लेकिन उनकी शादी ने उन्हें चर्चा में ला दिया है और नवविवाहित जोड़े को ढेर सारी शुभकामनाएं मिल रही हैं।

Namo Bharat Rapid Rail: क्या अब हर 3 मिनट पर मिलने जा रही है ‘नमो भारत’ रैपिड रेल? NCRTC ने बताया यात्रियों के लिए क्या है मेगा प्लान

Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत रैपिड रेल के यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। नमो भारत नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में NCRTC के MD शलभ गोयल ने बताया कि अभी नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।

गोयल ने बताया कि इस समय ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप में चल रही हैं। लेकिन यात्रियों की डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता बढ़ाने की पूरी गुंजाइश है।

जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन

शलभ गोयल ने बताया कि NCRTC लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की मांग का आकलन करता है और जरूरत के हिसाब से परिचालन में बदलाव करता है। उन्होंने बताया कि अभी ये ट्रेनें करीब 10 मिनट के अंतराल पर मिलती हैं। ये मौजूदा यात्रियों की संख्या के लिहाज से काफी आरामदायक है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरत के हिसाब से इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी मौजूद है। यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स शुरू की हैं.

अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, रोजाना 1 लाख का आंकड़ा

एमडी ने बताया कि इस नेटवर्क पर राइडरशिप में लगातार इजाफा हो रहा है। अभी हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस नेटवर्क पर यात्रा कर रहे हैं। इस कॉरिडोर से अब तक 3.5 करोड़ यात्री सफर कर चुके हैं। नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट गुजरात के सावली में बनाई गई है। इस लिहाज से ये पूरी तरह मेक इन इंडिया हैं।

सराय काले खां में ट्रेवलेटर से 30% बढ़े यात्री

NCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं के साथ इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले ट्रेवलेटर से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने से यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ा गया है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और सिटी बस सेवाओं के साथ बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है।

इन प्रयासों से इन ट्रांजिट सुविधाओं के आसपास पहले से मौजूद भीड़भाड़ और जाम की समस्या का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान तो मिला ही है, व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही भी कम हुई है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है।

दुनिया की पहली सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल

NCRTC ने इस कॉरिडोर में कई नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की हैं। इसमें वैश्विक स्तर पर पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3 का इस्तेमाल किया गया है। ये भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस अनुभव के दम पर अब NCRTC देश-विदेश में कहीं भी ऐसे अन्य प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के लिए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।

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Navi Mumbai रियल एस्टेट हॉटस्पॉट 2026: क्यों मुंबई को छोड़ नवी मुंबई में घर खरीद रहे हैं लोग? जानिए बड़े कारण

Navi Mumbai Real Estate Hotspot: मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी मुंबई के एक सैटेलाइट टाउनशिप के रूप में प्लान की गई नवी मुंबई अब इससे कहीं आगे निकल चुकी है। नाइट फ्रैंक इंडिया की गुरुवार को जारी छमाही रियल एस्टेट रिपोर्ट के मुताबिक नवी मुंबई अब तेजी से मुंबई के तीसरे सबसे बड़े ग्रोथ कॉरिडोर के रूप में बदल रही है।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी नाइट फ्रैंक इंडिया की इस रिपोर्ट के मुताबिक, नवी मुंबई में घरों की बढ़ती कीमतों और मांग ने ग्रेटर मुंबई को भी पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। सबसे खास बात यह है कि अब नवी मुंबई में यह बूम सिर्फ कम कीमतों की वजह से नहीं है। बल्कि इसके पीछे कई दूसरी बड़ी वजहें भी हैं। आइए जानते हैं कि क्यों घर खरीदार मुंबई को छोड़ नवी मुंबई का रुख कर रहे हैं। वहां के रियल एस्टेट मार्केट के लेटेस्ट आंकड़े क्या कहते हैं।

पनवेल और खारघर में सबसे तेज उछाल: क्या हैं प्रॉपर्टी रेट्स?

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में नवी मुंबई के पनवेल इलाके में घरों की कीमतों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले एक साल के दौरान नवी मुंबई में प्रॉपर्टी की औसत दरों में 9 प्रतिशत का उछाल आया है। पनवेल के साथ ही पड़ोसी इलाके खारघर में भी इसी टाइम पीरियड के दौरान कीमतें 6 फीसदी बढ़ी हैं।

क्यों बढ़ रहा है क्रेज? कनेक्टिविटी ने बदला गेम

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि नवी मुंबई का विकास अब सिर्फ सस्ते घरों की वजह से नहीं हो रहा बल्कि बेहतर होती कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी इसकी मुख्य वजहें हैं। इसके अलावा कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स हैं जो इस इलाके कीकनेक्टिविटी की तस्वीर बदल रहे हैं। इन्हें यहां नीचे देखा जा सकता है:-

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL/अटल सेतु): इस लिंक ने दक्षिण मुंबई से नवी मुंबई की दूरी को काफी कम कर दिया है। इससे अब यहां की ड्राइव महज 30 मिनट की रह गई है।

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट: आने वाला इस नए एयरपोर्ट के चलते इस पूरे क्षेत्र की वैल्यू बढ़ गई है।

अपकमिंग मेट्रो कॉरिडोर: आगामी मेट्रो लाइन्स से इंटरनल और एक्सटर्नल कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो रही है।

विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और पनवेल-कर्जत रेलवे दोहरीकरण परियोजना ने भी इस पूरे क्षेत्र के प्रति घर खरीदारों और निवेशकों के आकर्षण को काफी बढ़ा दिया है।

नए लॉन्चेस में नंबर-1 बना नवी मुंबई, ग्रेटर मुंबई पिछड़ा

साल 2026 के पहले छह महीनों के आंकड़ों को देखें तो रियल एस्टेट मार्केट का केंद्र अब बदल चुका है। नए घरों को लॉन्च करने के मामले में नवी मुंबई सबसे आगे निकल गया है। नए लॉन्चेस में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 21 प्रतिशत के साथ नवी मुंबई की रही। वसई और विरार जैसे बाहरी पश्चिमी उपनगर 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रहे। कल्याण, डोंबिवली, भिवंडी और कर्जत जैसे बाहरी मध्य उपनगरों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही। ग्रेटर मुंबई के पश्चिमी उपनगर नए लॉन्चेस के मामले में पिछड़ गए और इनकी हिस्सेदारी सिर्फ 17 प्रतिशत रही।

मार्केट में बिक्री का पैटर्न भी इसी तरह का रहा। इसमें बाहरी मध्य उपनगरों ने सबसे बड़ी हिस्सेदारी दर्ज की। यह दर्शाता है कि उन बाजारों में मांग लगातार बनी हुई है जहां आवास तुलनात्मक रूप से किफायती हैं।

पिछले 10 सालों में ऐसे बदला नवी मुंबई का दबदबा

पिछले एक दशक (2014 से 2026) के दौरान एमएमआर क्षेत्र के भीतर नवी मुंबई का महत्व लगातार बढ़ा है। साल 2014 में कुल आवासीय लॉन्चेस में नवी मुंबई की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत थी। ये 2026 की पहली छमाही में बढ़कर 21 प्रतिशत हो गई है। इसी पीरियड में नवी मुंबई की सेल्स हिस्सेदारी 16 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

रिपोर्ट में एक बेहद महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि हाल के वर्षों में नवी मुंबई में आवासीय बिक्री की रफ्तार नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होने की तुलना में कहीं अधिक तेज रही है। यह संकेत देता है कि बाजार में नई सप्लाई आने की तुलना में यहां घरों की मांग बहुत तेजी से मजबूत हो रही है।

ऑफिस लीजिंग में 33% का उछाल

आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद 2026 की पहली छमाही में रियल एस्टेट मार्केट स्थिर और मजबूत बना रहा है। डेवलपर्स ने साल के पहले छह महीनों में 49161 घर लॉन्च किए। ये पिछले साल की समान अवधि से 8 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में बिक्री मामूली रूप से 1 प्रतिशत बढ़कर 47355 यूनिट रही। मार्केट में अनसोल्ड इन्वेंट्री में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है और अब यह घटकर 1.57 लाख घरों पर आ गई है।

कमर्शियल प्रॉपर्टी सेगमेंट के लिए भी साल की शुरुआत बेहद शानदार रही है। 2026 की पहली छमाही में ऑफिस लीजिंग सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 7.3 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान जेपी मॉर्गन का रहा। इसने पवई में 2.2 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है।

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नाइट फ्रैंक इंडिया को उम्मीद है कि एंड-यूजर डिमांड, यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और नई सप्लाई की स्थिर पाइपलाइन के दम पर रेजिडेंशियल मार्केट आगे भी मजबूत बना रहेगा। आने वाले समय में पुराने और जर्जर घरों को रिन्यू करने और बाजार में फ्रेश इन्वेंट्री जोड़ने के लिए रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में बड़े डेवलपर्स की भूमिका और बढ़ने की उम्मीद है।

Hydrogen Trials Routes: दिल्ली-आगरा से मुंबई-पुणे तक… देश के उन 10 रूटों की फुल लिस्ट जहां शुरू हुआ हाइड्रोजन ट्रायल, जानिए क्या है पूरी तैयारी

Hydrogen Trials Routes: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने परिवहन उद्योग के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवास अवार्ड्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की है कि हाइड्रोजन ही परिवहन उद्योग का भविष्य है। उन्होंने इस दौरान बताया कि सरकार देश भर के 10 महत्वपूर्ण रूटों पर ईंधन के रूप में इसके इस्तेमाल का ट्रायल कर रही है।

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल के क्षेत्र में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बहुत शानदार काम कर रही है। आने वाले समय में भारत अपनी बेहतरीन तकनीक और किफायती लागत के दम पर इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।

देश के वे 10 रूट जहां चल रहा है हाइड्रोजन का ट्रायल

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय जिन 10 रूटों पर हाइड्रोजन ईंधन का पायलट प्रोजेक्ट चला रहा है, उनकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखिए-

ग्रेटर नोएडा – दिल्ली – आगरा

पुणे – मुंबई

साहिबाबाद – फरीदाबाद – दिल्ली

अहमदाबाद – वडोदरा – सूरत

जामनगर – अहमदाबाद

भुवनेश्वर – कोणार्क – पुरी

जमशेदपुर – कलिंगा नगर

तिरुवनंतपुरम – कोच्चि

कोच्चि – एडपल्ली

नेशनल हाईवे-16 विशाखापट्टनम – बय्यावराम

नंबर 1 बनने की ओर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, 4.5 करोड़ नौकरियां

नितिन गडकरी ने देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अभूतपूर्व तरक्की के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला था तब देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था और यह वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर थी। आज यह 22 लाख करोड़ रुपये के आकार के साथ दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचना है।

यह इंडस्ट्री केंद्र और राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व देती है और इसके जरिए देश में 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं। भारत के टू-व्हीलर निर्माता आज अपनी सुरक्षा और तकनीक के दम पर 50 प्रतिशत उत्पाद विदेशों में बेच रहे हैं।

सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, हर साल 1.80 लाख मौतें

सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री ने गंभीर आंकड़े पेश किए और ट्रांसपोर्टर्स व निर्माताओं से मदद की अपील की। देश में हर साल 5 लाख सड़क हादसे होते हैं जिनमें 1.80 लाख लोगों की जान चली जाती है। इन हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में से 66 प्रतिशत लोग 18 से 36 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। इन दुर्घटनाओं के कारण देश को 3 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बस निर्माताओं को बड़ी राहत, टेस्टिंग चार्ज 50% घटेगा

नितिन गडकरी ने बसों की संख्या बढ़ाने उनकी सुरक्षा और निर्माताओं को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। देश में सालाना 3 लाख बसों की जरूरत है लेकिन हमारे निर्माता सिर्फ 70000 से 80000 बसें ही बना पा रहे हैं। उत्पादकता को तीन गुना बढ़ाना होगा। निर्माताओं का कर्तव्य है कि वे विश्व स्तरीय तकनीक के साथ उचित आर्थिक मूल्य पर अधिक आराम प्रदान करें। पिछले साल सितंबर में संशोधित बस बॉडी कोड लागू किया गया था।

अब सरकार ने 600 से अधिक बस बॉडी निर्माता इकाइयों (जिसमें 75000 कर्मचारी कार्यरत हैं) को राहत देते हुए टेस्टिंग चार्ज को 50 प्रतिशत कम करने और प्रोसेसिंग की समयसीमा को 16 सप्ताह से घटाकर 6 सप्ताह करने का निर्णय लिया है। गडकरी ने इलेक्ट्रिक बस निर्माताओं से अपील की कि वे लिथियम-आयन बैटरी की घटी हुई कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में चार्जिंग के लिए 20 रुपये की बिजली दर अधिक है। उनका मंत्रालय बसों, ट्रकों व कारों के लिए इसे कम करने पर काम कर रहा है। मंत्रालय देश में प्राइवेट बसपोर्ट बनाने पर काम कर रहा है। इसके अलावा ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण से यात्रा का समय कम होगा जिससे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री का टर्नओवर और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ITR Filing 2026: फॉर्म चुनने में की ये चूक तो टैक्स विभाग थमा देगा नोटिस, फाइलिंग से पहले देख लें ये 10 नियम

ITR-1 vs ITR-2: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन आते ही अधिकांश नौकरीपेशा लोग बिना सोचे-समझे ITR-1 (सहज फॉर्म) चुन लेते हैं। माना कि यह सबसे आसान फॉर्म है, लेकिन इसे सिर्फ इसलिए नहीं चुनना चाहिए क्योंकि यह भरने में सरल है।

मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेश सुराना के मुताबिक, अगर आपने सालभर में शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या विदेशी संपत्ति से जुड़ा कोई भी लेन-देन किया है, तो आप ITR-1 भरने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म चुनना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स विभाग आपको ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ का नोटिस भेज सकता है। आइए जानते हैं वे 10 मामले, जिनमें आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इन 10 मामलों में ITR-1 फॉर्म भरना है मना, चुनना होगा ITR-2 या ITR-3

1. शेयर या म्यूचुअल फंड बेचने पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG)

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को खरीदकर 1 साल से पहले बेचा है और उस पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। इसके लिए आपको ITR-2 फॉर्म चुनना होगा।

2. ₹1.25 लाख से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG)

अगर लिस्टेड शेयरों या इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स को बेचने पर आपको धारा 112A के तहत एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो आपके लिए ITR-1 का रास्ता बंद हो जाता है।

3. जमीन, मकान या सोना बेचना

अगर आपने कोई प्रॉपर्टी (जमीन या बिल्डिंग), ज्वेलरी या डेट म्यूचुअल फंड बेचा है, तो उससे होने वाली कमाई को ‘कैपिटल गेन्स शेड्यूल’ में दिखाना होता है, जो ITR-1 में उपलब्ध नहीं होता। इसके लिए ITR-2 भरना अनिवार्य है।

4. बिजनेस या प्रोफेशन से आमदनी

अगर आपकी फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, किसी तरह के प्रोफेशन या खुद के बिजनेस से कोई कमाई होती है, तो आप ITR-1 नहीं चुन सकते। ऐसे मामलों में ITR-3 भरना पड़ता है। जब तक कि आप प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन के तहत ITR-4 के योग्य न हों।

5. F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग

शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग से होने वाली कमाई या घाटे को बिजनेस इनकम माना जाता है। इसे भी ITR-1 में नहीं दिखाया जा सकता।

सैलरी के अलावा इन स्थितियों में भी बदल जाएगा फॉर्म

6. अनलिस्टेड शेयरों में निवेश

अगर आपने किसी ऐसी कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, तो आप पूरे साल में कभी भी ITR-1 फाइल करने के पात्र नहीं रहते।

7. किसी कंपनी में डायरेक्टर होना

अगर आप किसी भी छोटी या बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते। आपको ITR-2 या ITR-3 फॉर्म भरना होगा।

8. विदेशी संपत्ति या विदेशी बैंक खाता

अगर आपके पास भारत के बाहर कोई प्रॉपर्टी है, किसी विदेशी कंपनी के शेयर्स जैसे- अमेरिकी स्टॉक हैं, या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी है, तो आपको ITR-1 के बजाय अन्य फॉर्म्स में विस्तृत ‘Schedule FA’ भरना होगा।

9. विदेश से होने वाली कोई भी कमाई

यदि आपको विदेश से सैलरी, डिविडेंड, ब्याज या किराए के रूप में कोई आमदनी हो रही है, तो उसकी जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती। इसके लिए ITR-2 या ITR-3 फॉर्म के साथ Schedule FSI और Schedule TR भरना पड़ता है।

10. ₹50 लाख से ज्यादा की कमाई या पुराना घाटा

अगर आपकी कुल सालाना टैक्सेबल इनकम ₹50 लाख से अधिक है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते।

इसके अलावा, अगर आपका कोई पुराना नुकसान है जिसे आप इस साल एडजस्ट करना चाहते हैं, या फिर लॉटरी व घुड़दौड़ जैसी स्पेशल केटेगरी से कमाई हुई है, तो भी ITR-1 मान्य नहीं होगा।

एक्सपर्ट की सलाह: गलत फॉर्म चुनने पर क्या होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ITR फॉर्म चुनना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि समय पर रिटर्न फाइल करना। अगर आप गलती से गलत फॉर्म चुन लेते हैं, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव यानी दोषपूर्ण माना जाएगा, जिससे रिफंड आने में देरी होगी और आपको दोबारा ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ दाखिल करना पड़ सकता है। इसलिए फाइलिंग से पहले अपने सभी वित्तीय लेन-देन की समीक्षा जरूर कर लें।

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IMD Heavy Rain Alert: पूरे भारत में पहुंचा मानसून! दिल्ली में आज होगी भारी बारिश, UP-उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’, मुंबई में भी बरसेंगे बादल

Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई) के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में बारिश की तीव्रता कम रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिमी तटीय और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूरे देश में पहुंचा मानसून

IMD के अनुसार, 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है, जो सामान्य तारीख 8 जुलाई से एक दिन बाद हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाके, पश्चिमी तटीय क्षेत्र, प्रायद्वीपीय भारत और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

दिल्ली में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

IMD ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई की दोपहर और शाम के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने, तेज हवाओं से कमजोर ढांचों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है।

मुंबई में हल्की बारिश के आसार

मुंबई और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, पुणे और सतारा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि रायगढ़, कोल्हापुर, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में येलो अलर्ट लागू रहेगा।

यूपी के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल और ज्योतिबा फुले नगर शामिल हैं। वहीं सीतापुर, हरदोई, बुलंदशहर, सहारनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हापुड़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।

उत्तराखंड में भी ‘रेड अलर्ट’

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी ने बताया कि एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मध्य अक्षांशीय पश्चिमी हवाओं (Mid-Latitude Westerlies) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लोगों को जलभराव, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

IMD ने कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

साप्ताहिक बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान

हालांकि, कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। लेकिन आईएमडी का कहना है कि सप्ताहभर के दौरान देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। विशेष रूप से इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में औसत बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर जारी रहेंगे।

पिछले सप्ताह कैसा रहा मौसम?

पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बने इस सीजन के पहले डिप्रेशन के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। अब मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने और कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की आशंका है।