Fino Payments Bank Share Price: गिरते बाजार में पेमेंट्स बैंक का शेयर रॉकेट, Q2 बिजनेस अपडेट के बाद 17% तक भागा

फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरों में 8 अक्टूबर को दिन में 17 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 150.55 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। बैंक ने एक दिन पहले जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए बिजनेस अपडेट जारी किया था। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि तिमाही के दौरान औसत कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 13% बढ़कर ₹2,794 करोड़ के रहे। रिन्यूअल इनकम 20% बढ़कर ₹28 करोड़ हो गई।

पेमेंट्स बैंक के डिजिटल रूप से एक्टिव कस्टमर्स की संख्या भी सितंबर 2026 तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले 13% बढ़कर 64.9 लाख हो गई। वहीं, फिनोपे (FinoPay) के एक्टिव कस्टमर्स की संख्या 12% बढ़कर 8.1 लाख हो गई। तिमाही के दौरान फिनो पेमेंट्स बैंक के लोन-रेफरल डिस्बर्सल की वैल्यू सितंबर 2025 तिमाही की तुलना में 3.2 गुना बढ़कर ₹278 करोड़ हो गई। CMS थ्रूपुट 10% बढ़कर ₹6,918 करोड़ हो गया।

इन पॉजिटिव आंकड़ों के बीच, सिंतबर 2026 तिमाही के दौरान फिनो पेमेंट्स बैंक के लिए 2 नेगेटिव बातें भी सामने आईं। पहली यह कि तिमाही के दौरान बैंक में 2.45 लाख अकाउंट खुले, जो एक साल पहले के मुकाबले 17% कम रहे। दूसरी यह कि ट्रांजेक्शन थ्रूपुट ₹3,469 करोड़ रहा, जो सितंबर 2025 तिमाही के मुकाबले 10% कम है।

Fino Payments Bank का शेयर एक साल में 50 प्रतिशत टूटा

Fino Payments Bank के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की कीमत एक साल में घटकर आधी रह गई है। साल 2026 में अब तक शेयर 40 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हुआ है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 339 रुपये और एडजस्टेड लो 110.10 रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: नेट एडवांस 24% बढ़ा, डिपॉजिट में 23% की तेजी; फोकस में रहेगा स्टॉक

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: कोटक महिंद्रा बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत बिजनेस ग्रोथ दर्ज की है। बैंक के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के मुताबिक, 30 सितंबर तक नेट एडवांस सालाना आधार पर 24.7% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गया। बैंक ने यह अपडेट सोमवार, 5 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल किया।

बैंक का कुल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया। वहीं, CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा।

तिमाही आधार पर भी मजबूत ग्रोथ

तिमाही आधार पर नेट एडवांस में 12.7% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिपॉजिट 13.7% बढ़ा, जबकि CASA डिपॉजिट में पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% की तेजी दर्ज हुई।

बैंक का औसत नेट एडवांस ₹5.47 लाख करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 22.1% और तिमाही आधार पर 10.5% की बढ़ोतरी हुई। औसत कुल डिपॉजिट ₹6.06 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 18.8% और तिमाही आधार पर 8.5% बढ़ा। औसत CASA ₹2.26 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना 14.2% और तिमाही आधार पर 4.4% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) डिपॉजिट का भी असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया कि सितंबर तिमाही के अंत के आंकड़ों में FCNR(B) डिपॉजिट भी शामिल हैं। RBI की स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट 5.78 अरब डॉलर यानी करीब ₹55,344 करोड़ रहा।

इन डिपॉजिट के बदले बैंक की इंटरनेशनल ब्रांचों के जरिए 1.68 अरब डॉलर यानी करीब ₹16,110 करोड़ का एडवांस भी शामिल है। बैंक ने कहा कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और इनकी सीमित समीक्षा बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स करेंगे।

Q1 में 25.6% बढ़ा था मुनाफा

FY27 की पहली तिमाही में Kotak Mahindra Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा था। यह CNBC-TV18 के ₹3,910 करोड़ के पोल अनुमान से ज्यादा था।

पहली तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.2% बढ़कर ₹7,928 करोड़ रही थी। हालांकि, यह ₹8,058 करोड़ के पोल अनुमान से थोड़ी कम थी। बैंक के आधिकारिक Q1 अपडेट में भी ₹4,123 करोड़ के स्टैंडअलोन PAT और ₹5.73 लाख करोड़ से ज्यादा के डिपॉजिट दर्ज किए गए थे।

एसेट क्वालिटी में ज्यादा बदलाव नहीं

बैंक की एसेट क्वालिटी ज्यादातर स्थिर रही। मार्च तिमाही में GNPA 1.2% था, जो जून तिमाही में घटकर 1.18% रह गया। नेट NPA 0.27% पर रहा। वहीं, बैंक का NIM घटकर 4.53% रह गया था। मार्च तिमाही में यह 4.67% था।

Q1 में बैंक का नेट एडवांस ₹5.12 लाख करोड़ रहा था, जिसमें सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी हुई थी। डिपॉजिट 12% बढ़कर ₹5.72 लाख करोड़ रहा था।

कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर का प्रदर्शन

बिजनेस अपडेट से पहले सोमवार को Kotak Mahindra Bank का शेयर 0.4% गिरकर ₹416.50 पर बंद हुआ। शेयर इस साल अब तक 6% से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 3% की गिरावट आई है।

HDFC Bank में आ सकती है जोरदार तेजी! Emkay ने 74% तक उछाल का अनुमान दिया

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HDFC Bank में आ सकती है जोरदार तेजी! Emkay ने 74% तक उछाल का अनुमान दिया

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank के शेयर में सोमवार को दबाव रहा। शुरुआती तेजी के बावजूद शेयर 2% से ज्यादा गिरकर ₹704.55 पर बंद हुआ। इस बीच Emkay Research ने बैंक के शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹1,225 का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा भाव से करीब 74% की तेजी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज का कहना है कि लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन के बाद HDFC Bank का वैल्यूएशन अब आकर्षक दिख रहा है। अगर नए नेतृत्व में कारोबार सुधरता है और FPI आउटफ्लो कम होता है, तो शेयर में री-रेटिंग हो सकती है।

नेतृत्व का संकट अब पीछे

HDFC Bank में नेतृत्व को लेकर बना लंबा असमंजस अब खत्म हो गया है। RBI ने 1 अक्टूबर को अनूप बागची को बैंक का नया MD और CEO बनाने की मंजूरी दी थी। उनका तीन साल का कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।

Emkay का मानना है कि बागची की नियुक्ति से बैंक के निवेशकों और ग्राहकों का भरोसा लौट सकता है। बागची का ICICI Bank Group में लंबा अनुभव रहा है। उनका नेतृत्व का तरीका ज्यादा दखल देने वाला नहीं है। वह बड़े रणनीतिक मुद्दों पर फोकस करते हैं और टीम को काम करने की आजादी देने में भरोसा रखते हैं।

HDFC Bank के लिए टारगेट

ब्रोकरेजरेटिंगटारगेट प्राइस
संभावित तेजी

Emkay ResearchBuy₹1,22574%
Motilal OswalBuy₹92531%
PL CapitalBuy₹95035%
ICICI SecuritiesBuy₹92030.60%

अब बैंक के सामने क्या चुनौती है?

नए MD के सामने कई अहम काम होंगे। सबसे पहले वरिष्ठ प्रबंधन में स्थिरता लानी होगी। इसके साथ ही डिपॉजिट ग्रोथ को फिर रफ्तार देनी होगी।

नई ब्रांचों की प्रोडक्टविटी सुधारना भी जरूरी होगा। बैंक को टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्षमता मजबूत करनी होगी। इसके अलावा मिस-सेलिंग जैसे पुराने मामलों से जुड़े प्रोसेस में भी सुधार करना होगा।

लोन और डिपॉजिट ग्रोथ पर नजर

Emkay को HDFC Bank के कारोबार में आगे सुधार की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने FY27 में लोन ग्रोथ 16% और डिपॉजिट ग्रोथ 17.1% रहने का अनुमान लगाया है। FY28 और FY29 में लोन ग्रोथ 18% रहने का अनुमान है।

FY27 में बैंक का नेट प्रॉफिट करीब ₹86,189 करोड़ रहने का अनुमान है। इसके बाद FY28 में यह करीब ₹99,738 करोड़ और FY29 में करीब ₹1.22 लाख करोड़ पहुंच सकता है।

HDFC बैंक पर बाकी ब्रोकरेज की राय

मोतीलाल ओसवाल ने भी HDFC Bank पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। इसके साथ ही ₹925 का टारगेट प्राइस दिया है। यह 31.3% की तेजी की संभावना दिखाता है।

HDFC Bank के लिए PL Capital ने टारगेट प्राइस ₹950 रखा है, जो करीब 34.9% की तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, अब बैंक के सामने बैलेंस शीट ग्रोथ, डिपॉजिट, NIM और क्रेडिट कॉस्ट से जुड़ी चुनौतियों को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।

ICICI Securities ने ₹920 का टारगेट दिया है। यह टारगेट करीब 30.6% की तेजी दिखाता है। रिपोर्ट में बागची की नियुक्ति को बैंक के लिए नया दौर शुरू होने वाला कदम बताया गया है।

HDFC Bank के शेयरों का हाल

HDFC बैंक का शेयर सोमवार को 2.31% की गिरावट के साथ 704.55 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शुरुआत हरे निशान में हुई और स्टॉक पिछले बंद स्तर से करीब 2% उछल गया। लेकिन फिर मुनाफावसूली हावी हो गई।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.62% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 27% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। बैंक का मार्केट कैप 5.40 लाख करोड़ रुपये है।

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Zerodha पर ट्रेडिंग शुरू की, 45 मिनट में कमाए ₹12 हजार; फिर ऐसी लगी लत कि माता-पिता की बचत गंवाकर ₹38 लाख के कर्ज में डूबा टेक्नीशियन

शेयर बाजार में जल्दी पैसा कमाने का सपना कई लोगों को ट्रेडिंग की ओर खींचता है। शुरुआत में अगर कुछ मुनाफा मिल जाए, तो बाजार से कमाई का भरोसा और बढ़ जाता है। लेकिन कई बार यही उत्साह धीरे-धीरे ऐसी आदत में बदल जाता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। सोशल मीडिया यूजर Hemdharpan ने अपने 35 वर्षीय दोस्त की ऐसी ही कहानी साझा की है।

2 लाख की सैलरी और 14 लाख की बचत

Hemdharpan के मुताबिक, उनका दोस्त एक IT प्रोफेशनल था और करीब 2 लाख रुपये महीने कमाता था। उसके पास 14 लाख रुपये की बचत थी। शादीशुदा होने के साथ उसका एक बच्चा भी था। यानी नौकरी, कमाई और सेविंग के मामले में उसकी जिंदगी काफी स्थिर थी।

करीब दो साल पहले एक सहकर्मी ने उसे शेयर बाजार में ट्रेडिंग के बारे में बताया। यहीं से उसकी जिंदगी का एक नया दौर शुरू हुआ।

45 मिनट में 12 हजार का मुनाफा

कहानी के मुताबिक, सहकर्मी ने लंच के दौरान अपना Zerodha अकाउंट दिखाया। उसने Nifty options की इंट्राडे ट्रेडिंग से करीब 45 मिनट में 12 हजार रुपये कमाए थे। यह देखकर टेकie को भी लगा कि बाजार में कम समय देकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

शुरुआत में उसे सफलता भी मिली। उसने करीब दो घंटे में 18 हजार रुपये कमाए। इस कमाई ने उसका उत्साह और बढ़ा दिया।

फिर शुरू हुआ नुकसान का सिलसिला

दूसरे महीने बाजार ने उसे बड़ा झटका दिया। उसने कुछ ही मिनटों में करीब 50 हजार रुपये गंवा दिए। पोस्ट के मुताबिक, उसने समय पर stop-loss नहीं लगाया और नुकसान को स्वीकार करने के बजाय उसे वापस पाने की कोशिश शुरू कर दी।

उसने परिवार की बचत से 1 लाख रुपये बाजार में लगा दिए। इसके बाद वह नुकसान की भरपाई के लिए लगातार ट्रेड करने लगा। बताया गया कि वह एक दिन में 30-40 ट्रेड तक करने लगा था।

बचत खत्म हुई तो लिया कर्ज

2024 में शुरू हुई ट्रेडिंग का असर 2025 के मध्य तक दिखने लगा। उसकी करीब 14 लाख रुपये की बचत खत्म हो गई, लेकिन ट्रेडिंग नहीं रुकी। पोस्ट के अनुसार, वह परिवार से ट्रेडिंग छिपाने लगा और काम के बीच भी बाजार पर नजर रखता था।

बचत खत्म होने के बाद उसने तीन बैंकों से पर्सनल लोन लिया। कथित तौर पर उसने इन पैसों के लिए घर की मरम्मत का कारण बताया। बाद में इंस्टेंट लोन ऐप्स से भी पैसे लिए।

38 लाख का नुकसान सामने आया

2025 के आखिर में जब रिकवरी एजेंट घर पहुंचने लगे, तब परिवार को पूरी स्थिति का पता चला। पोस्ट के मुताबिक, 14 लाख रुपये की बचत खत्म होने के अलावा उस पर करीब 24 लाख रुपये का कर्ज भी था। यानी कुल नुकसान करीब 38 लाख रुपये बताया गया।

इसका असर परिवार पर भी पड़ा। बच्चे की स्कूल फीस बाउंस होने की बात सामने आई और उसकी पत्नी बच्चे को लेकर मायके चली गई।

अब कर्ज से निकलने की कोशिश

Hemdharpan के अनुसार, अब वह अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटा है। उसने कार बेच दी है और लोन को संभालने के लिए restructuring plan अपनाया है। यह कहानी सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है। इससे यह जरूर सामने आता है कि ट्रेडिंग में लगातार नुकसान की भरपाई करने की कोशिश आर्थिक जोखिम को तेजी से बढ़ा सकती है।

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ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी, 1.86 लाख करोड़ की इस स्कीम से इन शेयरों को लग सकते हैं पंख

यूनियन कैबिनेट ने 30 सितंबर को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III को मंजूरी दे दी। इस स्कीम पर 1.86 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस स्कीम का मकसद देश में रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती क्षमता को देखते हुए उसके लिए पर्याप्त पावर ग्रिड सिस्टम तैयार करना है। यह स्कीम वित्त वर्ष 2032-33 तक पूरी हो जाएगी। इस स्कीम से पावर सेक्टर की कंपनियों को फायदा होगा। उनके लिए कारोबारी मौके बढ़ेंगे। 1 अक्तूबर को पावर सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर इसका असर दिख सकता है।

1.36 लाख करोड़ इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम पर खर्च होंगे

स्कीम के तहत 1,36,378 करोड़ रुपये इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम्स को मजबूत बनाने पर खर्च होंगे। इसका सीधा फायदा ट्रांसमिशन कंपनियों को होगा। 50,000 करोड़ रुपये का निवेश 50 GWh के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) के लिए होगा। इस स्कीम के तहत सरकार 54,082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी। इस स्कीम के पूरा होने पर एनर्जी के मामले में देश की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी।

देश में ट्रांसमिशन इंफ्रास्टक्चर स्ट्रॉन्ग होगा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। लेकिन, इस अतिरिक्त बिजली क उस जगह पहुंचाना एक बड़ा चैलेंज है, जहां उसकी जरूरत है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III इस समस्या का समाधान करेगी। इस स्कीम से देश में ट्रांसमिशन का स्ट्रॉन्ग इंफ्रास्टक्चर मौजूद होगा। इसके जरिए बिजली को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना आसान हो जाएगा।

स्कीम का फायदा इन कंपनियों को मिलेगा

इस स्कीम का फायदा पावर ग्रिड, अदाणी एनर्जी, KEC International, Kalpataru Projects, GE Vervnova T&D, Hitachi Energy India, Siemens Energy और Techno Electric जैसी कंपनियों को मिलेगा। 1 अक्तूबर को इन कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है। ये पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं। इस स्कीम से इन कंपनियों के लिए कारोबारी मौके काफी बढ़ जाएंगे।

1 अक्टूबर को इन शेयरों में दिख सकता है उछाल

Power Grid का शेयर 30 सितंबर को 0.78 फीसदी गिरकर 259.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा है। Adani Energy का शेयर 30 सितंबर को 0.32 फीसदी चढ़कर 1,310 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 50 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। केईसी इंटरनेशनल का शेयर 30 सितंबर को 0.62 फीसदी गिरकर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 57 फीसदी फिसला है।

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मुनाफावसूली से अंतिम घंटों में गिरा बाजार 

30 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। कारोबार खत्म होने से कुछ घंटे पहले मुनाफा वसूली ने निफ्टी और सेंसेक्स को लाल निशान में ला दिया। निफ्टी 0.42 फीसदी गिरकर 22,620 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.07 फीसदी गिरकर 72,480 पर क्लोज हुआ।

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₹3000 करोड़ का निवेश और हैदरबाद में दो प्रोजेक्ट पूरा, दोहरे सपोर्ट पर इस स्टॉक का जोश हाई

Prestige Estates Share Price: देश के दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर्स में शुमार प्रेस्टिज एस्टेट्स ने हैदराबाद में दो अहम प्रोजेक्ट के पूरा होने का ऐलान किया। साथ ही कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट्स ने इसके हॉस्पिटैलिटी प्लेटफॉर्म में ₹3000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया तो शेयर झूम उठे। इस दोहरे सपोर्ट पर कंपनी के शेयर 3% से अधिक उछल पड़े। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के बावजूद अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.02% की बढ़त के साथ ₹1465.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.21% चढ़कर ₹1,467.60 तक पहुंच गया था।

Prestige Estates के कौन-से दो अहम प्रोजेक्ट हुए पूरे

प्रेस्टिज एस्टेट्स ने हैदराबाद में दो लैंडमार्क रेजिडेंशियल डेवलपमेंट्स पूरे किए हैं। इसमें से एक प्रेस्टिज क्लेयरमोंट कोकापेट में है और इसमें 928 घर हैं तो दूसरा बेलाजियो-द प्रेस्टिज सिटी हैदराबाद राजेंद्र नगर में है, जिसमें 119 विला हैं। प्रेस्टिज क्लेयरमोंट (Prestige Clairemont) 7.56 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 4 टॉवर हैं। वहीं बेलाजियो @ द प्रेस्टिज सिटी हैदराबाद (Bellagio @ The Prestige City Hyderabad) करीब 24 एकड़ में फैला हुआ है।

₹3000 करोड़ के निवेश में क्या है खास

प्रेस्टिज एस्टेट्स ने 29 सितंबर को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि सीपीपी इंवेस्टमेंट्स ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स में निवेश के जरिए देश के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में डायरेक्ट एंट्री की है। कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड (CPP इंवेस्टमेंट्स) ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी में करीब ₹3000 करोड़ (C$44.1 करोड़) के निवेश का ऐलान किया है और इस निवेश के साथ यह करीब 27% हिस्सेदारी हासिल करेगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 3 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,804.65 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 39.58% गिरकर 2 अप्रैल 2026 को ₹1,090.45 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Adroit Industries Share Price: 176 गुना भरा IPO, अब 87% लिस्टिंग गेन, ₹134 के शेयरों का बड़ा धमाल

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Kalyan Jewellers Share Price: कमजोर बाजार में उछला शेयर, ब्रोकरेज बुलिश, मिलेगा 60% का रिटर्न

Kalyan Jewellers India Share Price: ज्वेलरी मेकिंग कंपनी कल्याण ज्वैलर्स इंडिया (Kalyan Jewellers India) के शेयरों में 2 फीसदी से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह मिडकैप सेगमेंट में सबसे ज़्यादा बढ़त वाली कंपनी बन गई। ऐसा UBS की ओर से इस ज्वैलरी रिटेलर के लिए सकारात्मक नजरिए को दोहराने के बाद हुआ। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में पिछले साल के हाई बेस के बावजूद मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

शुरुआती कारोबार में यह स्टॉक 2.5 फीसदी बढ़कर 578 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे इस साल अब तक इसमें लगभग 19 फीसदी की बढ़त हो चुकी है। इसकी तुलना में, निफ्टी 50 में इस साल अब तक 13.3 फीसदी की गिरावट आई है। कल्याण ज्वैलर्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 59,600 करोड़ रुपये था। बाजार में कमज़ोरी के बावजूद यह बढ़त देखने को मिली। हालांकि इसमें बाद में मुनाफावसूली देखने को मिली।

स्टॉक पर क्या है UBS की राय

UBS ने कल्याण ज्वैलर्स के लिए ‘बाय’ (खरीदने) की रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 900 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस टारगेट का मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 60 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना है।

कंपनी के मैनेजमेंट के साथ बातचीत के आधार पर, UBS ने कहा कि कल्याण ज्वैलर्स के लिए फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में ग्रोथ की संभावना मजबूत है, भले ही कंपनी को ऊंचे बेस (high base) का सामना करना पड़ रहा हो। ब्रोकरेज के अनुसार, सोने की बढ़ी हुई कीमतों का डिमांड और औसत टिकट साइज़ (खरीद मूल्य) पर असर अलग-अलग कस्टमर सेगमेंट में अलग-अलग होता है। इस बीच, कल्याण ज्वैलर्स अपने स्टोर और नेटवर्क का तेजी से विस्तार जारी रखने की योजना बना रही है।

UBS ने कंपनी की गोल्ड सेविंग्स स्कीम पर भी ज़ोर दिया, जो ‘सेम-स्टोर ग्रोथ’ (मौजूदा स्टोर से होने वाली बिक्री में बढ़ोतरी) के बारे में बेहतर जानकारी देती हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज एक्टिविटी के ऊंचे बने रहने की उम्मीद है, जबकि कंपनी इससे मार्जिन पर पड़ने वाले असर को मैनेज करने की योजना बना रही है।

नेटवर्क का विस्तार ग्रोथ का मुख्य कारण है

ताज़ा कमेंटरी UBS के इस महीने की शुरुआत वाले इन्वेस्टमेंट थीसिस को और मजबूत करती है, जब ब्रोकरेज ने कल्याण ज्वैलर्स पर ‘buy’ रेटिंग और 900 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया था।

UBS ने ज्वैलर के पैन-इंडिया रिटेलर के तौर पर उभरने और तेज़ी से विस्तार में मदद करने वाले इसके ‘कैपिटल-लाइट’ फ्रैंचाइज़ी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड (FOCO) मॉडल को मुख्य वजह बताया था। ब्रोकरेज के अनुसार, कल्याण ज्वैलर्स टाइटन की तुलना में लगभग दोगुनी रफ़्तार से स्टोर जोड़ रही है।

UBS के अनुसार, कंपनी के रेवेन्यू में FY22 और FY26 के बीच लगभग 35 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की गई। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि नेटवर्क विस्तार जारी रहने से अगले पांच वर्षों में रेवेन्यू और कमाई में सालाना लगभग 23 प्रतिशत की कंपाउंड ग्रोथ होगी।

UBS ने यह भी तर्क दिया था कि FY22 और FY26 के बीच स्टॉक में छह गुना बढ़ोतरी के बावजूद इसमें और री-रेटिंग की गुंजाइश है। कवरेज शुरू करते समय, ब्रोकरेज का अनुमान था कि कल्याण ज्वैलर्स FY28 की कमाई के लगभग 30 गुना पर ट्रेड कर रही थी, जो टाइटन की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत कम (डिस्काउंट) था।

बाजार पर मैक्रो का ट्रिपल अटैक!क्या बचेगा निफ्टी का 52-हफ्ते का निचला स्तर? जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या दे रहा संकेत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Hero Motors Share Price: 10% के लोअर सर्किट पर शेयर, लेकिन लिस्टिंग प्राइस से अब भी यह 56% ऊपर

Hero Motors Share Price: फीके लिस्टिंग के बाद से लगातार तीन दिनों तक ऊपर चढ़ने के बाद हीरो मोटर्स के शेयर आज 28 सितंबर को धड़ाम हो गए। टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि मार्केट में इसके शेयरों का कोई खरीदार नहीं बचा। हालांकि फिर इसने रिकवरी की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर है। लगातार तीन दिनों में आईपीओ प्राइस से करीब 69% मजबूत होने के बाद आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में मुनाफावसूली के चलते यह 10% के लोअर सर्किट ₹127.67 पर आ गया, जोकि आईपीओ प्राइस से 52% ऊपर है। निचले स्तर पर खरीदारी के साथ फिलहाल बीएसई पर यह 6.15% की गिरावट के साथ ₹133.12 पर है। मार्केट में माहौल की बात करें तो घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आज 1-1% से अधिक नीचे आए।

अब तक कैसी रही हीरो मोटर्स के शेयरों की चाल

हीरो मोटर्स के ₹1000 करोड़ के आईपीओ के तहत आईपीओ निवेशकों को ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए थे, जिसकी पिछले हफ्ते 23 सितंबर, 2026 को 2% डिस्काउंट पर एंट्री हुई थी। हालांकि फिर इसने रिकवरी की और लगातार तीन कारोबारी दिनों में यह करीब 69% मजबूत हुआ। इसके बाद आज जब मार्केट खुला तो शेयरों की चाल ही पलट गई और टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि यह लोअर सर्किट भी आईपीओ प्राइस से 52% और लिस्टिंग प्राइस से 56% प्रीमियम पर रहा।

Hero Motors IPO को कैसा मिला था रिस्पांस

ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था जो ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं और बाकी ₹400 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं, जिसे प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ने बेचे थे। कंपनी के सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों यानी FY2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% और टोटल इनकम 6% की रफ्तार से बढ़ा है।

NSE का शेयर टूटकर आया आईपीओ प्राइस के नीचे, खरीदारी का मौका या फटाफट बेच डालें होल्डिंग?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: कल की तेज गिरावट के बाद आज फिर चढ़े दाम, खरीदारी से पहले जानें 10 प्रमुख शहरों के भाव

Silver Price Today: कल 5000 रुपये सस्ते होने के बाद शुक्रवार को एक बार चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में चांदी की चमक बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव700 रुपए तक चढ़ी और कीमत ₹2,34,151 प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या हैं दाम?

इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर सोने और चांदी दोनों की चमक लौट आई है। Comex पर आंकड़ों की मानें तो खबर लिखे जाने तक सोना 0.46% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4317.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.54% तक चढ़े और ऐसे में कीमत 64.345 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट

देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,49,900-2,54,900 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,45,000
मुंबई₹2,45,000
कोलकाता₹2,45,000
चेन्नई₹2,50,000
लखनऊ₹2,45,000
पटना₹2,45,000
जयपुर₹2,45,000
अहमदाबाद₹2,45,000
पुणे₹2,45,000
बेंगलुरु₹2,45,000
हैदराबाद₹2,45,000
भोपाल₹2,45,000
चंडीगढ़₹2,45,000
नोएडा₹2,45,000
गुरुग्राम₹2,45,000

 

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव

दिल्ला के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। पिछले दो सत्रों में स्थिर रहने के बाद, चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले सत्र में चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर चांदी 1.4 फीसदी टूटकर 63.56 डॉलर प्रति औंस रह गई।

चांदी को किससे मिल रहा सपोर्ट

दो दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग के दौरान चांदी की कीमत (XAG/USD) थोड़ी बढ़कर $63.90 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बाद महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। एनर्जी मार्केट में गिरावट देखी गई क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और ईरान एक चरणबद्ध समझौते पर विचार कर रहे हैं। इस समझौते में कतर के अधिकारी मध्यस्थता कर रहे हैं और बातचीत UN जनरल असेंबली के दौरान हो रही है। अगर यह समझौता होता है, तो ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हट सकती है और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

बाजार जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार बिकवाली के कारण इसकी कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। व्यापारियों ने इस कमजोरी के लिए कमजोर वैश्विक संकेतों और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली को जिम्मेदार ठहराया। चांदी पर अधिक असर पड़ा क्योंकि इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव अधिक होता है और औद्योगिक मांग से जुड़े होने के कारण इस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे यह दिन के अंत में अपने पिछले बंद भाव से काफी नीचे रही।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.96 के स्तर तक गिरने से घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला, जिससे गिरावट की सीमा सीमित रही।

Commodity Corner: क्रूड की कीमतों में मामूली गिरावट, सोने में साप्ताहिक नुकसान की आशंका

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।