Houthi-Saudi War: हूती हमलों के बीच खाड़ी में बड़ा सैन्य फैसला, सऊदी अरब में जल्द तैनात होंगे पाकिस्तान-तुर्की के सैनिक

Houthi-Saudi War: यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान और तुर्की ने बड़ा ऐलान किया है। ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ के तहत दोनों देश सऊदी अरब में अपने सैनिकों और सैन्य क्षमताओं की जल्द तैनाती की दिशा में आगे बढ़ेंगे। तीनों देशों ने सऊदी की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या खतरे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा गठबंधन की एक उच्चस्तरीय समिति रियाद में बैठक की, जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

सोमवार को रियाद में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में तीनों देशों ने कहा कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या धमकी को स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही, सामूहिक रक्षा से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप से लागू करने और जरूरी सैन्य बल व क्षमताएं उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है।

क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?

अगस्त में हुए इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत अगर तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है तो बाकी दोनों देश उसके समर्थन में सामने आएंगे। इस समझौते में तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब शामिल हैं। इस गठजोड़ में तुर्की की नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना है। पाकिस्तान मुस्लिम दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न देश है। जबकि सऊदी अरब खाड़ी क्षेत्र की प्रमुख सैन्य और आर्थिक शक्तियों में से एक है।

कितने सैनिक जाएंगे, भूमिका क्या होगी?

हालांकि, तीनों देशों ने सऊदी अरब में सैन्य बलों की तेजी से तैनाती की बात कही है। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाकिस्तान और तुर्की कितने सैनिक भेजेंगे। यह भी नहीं बताया गया है कि तैनात सैनिकों को किस तरह की जिम्मेदारी दी जाएगी।

हूती हमलों के बीच बढ़ी चिंता

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब सऊदी अरब को यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है। हूती पहले भी सऊदी शहरों, तेल प्रतिष्ठानों और समुद्री मार्गों को निशाना बना चुके हैं। सितंबर में हूतियों ने बड़ा सैन्य अभियान चलाकर यमन की सऊदी समर्थित सरकार के नियंत्रण वाले कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था।

इसके जवाब में सोमवार को सऊदी समर्थित बलों ने जवाबी अभियान शुरू किया और हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने की कोशिश तेज कर दी। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बड़ा हमला किया है। यह हमला ईरान के समर्थक इस गुट और यमन की सऊदी-समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच बढ़ती लड़ाई के दौरान हुआ है।

Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

‘रात 10 बजे भी हर महिला खुद को सुरक्षित महसूस करे’, दिल्ली-NCR में रेप की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुलिस को दिए ये निर्देश

Supreme Court on rape case: दिल्ली-NCR में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 अक्तूबर) को सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि उसका प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में हर महिला रात 10 बजे भी सड़क पर पैदल चलने, मेट्रो या सड़क के रास्ते सफर करने में खुद को सुरक्षित महसूस करे। शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि महिला सुरक्षा सिर्फ कागजों पर बनाए गए नियमों और इंतजामों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। दिल्ली-एनसीआर में दुष्कर्म की घटनाओं पर उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि हर महिला खुद को सुरक्षित महसूस करे। अदालत ने कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई से ज्यादा जरूरी पहले अपराध को होने से रोकना है। साथ ही यह भी कहा कि खामियां अपराध को अंजाम देने में मददगार नहीं बननी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपराध करने की प्रवृत्ति वाले असामाजिक तत्वों के मन में कानून का डर पैदा करना जरूरी है। अदालत ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हाल में हुई दुष्कर्म की घटनाओं के संबंध में स्वत: संज्ञान वाले एक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।

‘महिला रात 10 बजे भी खुद को सुरक्षित महसूस करे’

लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा, “हमें मिलकर काम करना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली-एनसीआर में हर महिला रात 10 बजे भी खुद को सुरक्षित महसूस करे, चाहे वह सड़क पर यात्रा कर रही हो या मेट्रो से।” पीठ ने कहा, “महत्वपूर्ण यह है कि अपराध को होने से रोका जाए, न कि अपराध हो जाने के बाद आप क्या कार्रवाई करते हैं।”

पीठ ने कहा कि पुलिस को उन गुंडों और असामाजिक तत्वों के मन में कानून का डर पैदा करना होगा, जिनमें इस तरह के अपराध करने की प्रवृत्ति है। ‘दिल्ली-एनसीआर में हाल में दुष्कर्म की घटनाएं’ नामक स्वत: संज्ञान वाले मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने कहा, “दुष्कर्म ऐसा अपराध है, जिसे कोई भी समाज बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकता।”

सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित खबरों का स्वत: संज्ञान लिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस तरह के मामले कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से व्यवस्था की विफलता को दर्शाते हैं। शीर्ष अदालत ने दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से कथित गैंगरेप, दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या तथा चलती स्लीपर बस में एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले का संज्ञान लिया था। स्लीपर बस ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच 47 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करती रही। लेकिन कानून लागू करने वाली एजेंसियां उसे रोकने में विफल रहीं।

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डोनाल्ड ट्रंप को ये क्या हो गया है? ब्राजील को समझ लिया भारत! राष्ट्रपति चुनाव पर कर बैठे बड़ी गलती

Donald Trump India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज यानी 5 अक्टूबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दुनियाभर में चर्चा में हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने ब्राजील की जगह गलती से भारत का नाम लिख दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट किया। फिर मतदान खत्म होने के कुछ ही समय बाद इसके नतीजे भी आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया और वोटों की गिनती पर सवाल उठाते हुए उसे भ्रष्ट बताया। यानी ट्रंप की पोस्ट में जिस चुनाव को भारत का बताया गया, वह वास्तव में ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव था।

ब्राजील में पहले चरण का रिजल्ट लगभग पूरी तरह आ चुका है। लेकिन ब्राजील के राष्ट्रपति का फाइनल चुनावी नतीजा अभी नहीं आया है। 4 अक्टूबर 2026 को पहले चरण की वोटिंग हुई थी। अब मुकाबला दूसरे चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए हुई इस गलती का ऑनलाइन मजाक उड़ाया गया। इससे उनके पहले भी नाम या देश को लेकर हुई गलतियों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 मिलियन लोगों ने आज वोट किया और मतदान खत्म होते ही उसी दिन नतीजे आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया की तुलना करते हुए दावा किया कि डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में इससे काफी कम वोट होने के बावजूद नतीजे आने में कई सप्ताह लग सकते हैं। ट्रंप ने इसी पोस्ट में अमेरिकी वोटिंग सिस्टम को भ्रष्ट करार दिया। साथ ही इस पोस्ट के अंत में ट्रंप अपने नाम के साथ ‘President DJT’ लिखा।

ब्राजील में हुआ था चुनाव

ट्रंप जिस चुनाव का जिक्र कर रहे थे, वह दरअसल भारत का नहीं बल्कि ब्राजीली राष्ट्रपति चुनाव था। ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बढ़त बनाई। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47 फीसदी वोट, जबकि लूला को करीब 45 फीसदी वोट मिले। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण दोनों अब 25 अक्टूबर को होने वाले रनऑफ चुनाव में आमने-सामने होंगे।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने सर्वेक्षणों को भी चौंकाया

फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। उनका प्रदर्शन चुनाव से पहले जारी कई निजी सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा। ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में लूला को करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई जा रही थी। इगारापे इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक रॉबर्ट मुगाह के मुताबिक, सर्वेकर्ताओं का अनुमान काफी हद तक गलत साबित हुआ।

महंगाई, अपराध और कर्ज बने बड़े मुद्दे

ब्राजील के चुनाव में महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध प्रमुख मुद्दे रहे। बेरोजगारी और असमानता में कमी के बावजूद लूला सरकार को महंगाई, घरेलू कर्ज और अपराध एवं गैंग गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंताओं का सामना करना पड़ा। फ्लावियो बोल्सोनारो ने इन्हीं मुद्दों को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया। दूसरी ओर, लूला ने कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और परिवारों के लिए नए कर्ज राहत उपायों का प्रस्ताव रखा। देश की आर्थिक स्थिति भी चुनाव में अहम मुद्दा रही। ब्राजील का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के 82 फीसदी से ऊपर बताया गया है। देश में आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

बोल्सोनारो परिवार को भी मिली बड़ी कामयाबी

राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ बोल्सोनारो परिवार और उसकी लिबरल पार्टी को दूसरे चुनावों में भी मजबूत सफलता मिली है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, लिबरल पार्टी ब्राजील की सीनेट में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। चुनाव में खाली हुई 54 सीनेट सीटों में से 19 सीटें जीत ली है। हालांकि, पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। चैंबर ऑफ डेप्युटीज में भी लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफल रही। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो ने ब्रासीलिया के फेडरल डिस्ट्रिक्ट में सीनेट उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह 2030 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती हैं। जायर बोल्सोनारो के दूसरे बेटे कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना राज्य में सीनेट के लिए दूसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे। वही, उनके सबसे छोटे बेटे 28 वर्षीय जायर रेनान बोल्सोनारो इसी राज्य से सांसद चुने गए।

CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

CEC Gyanesh Kumar: सुप्रीम कोर्ट आज यानी सोमवार (5 अक्टूबर) को दो प्रमुख याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग और उनकी अगुवाई वाले भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा दो निर्वाचन आयुक्तों की कथित तौर पर सहमति के बिना निर्णय लेने के आयोग के तरीके को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शीर्ष अदालत में सोमवार को सुनवाई होगी।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची एवं जस्टिस वी. मोहना की पीठ, राकेश कुमार सिंह और वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं में उन फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को भी चुनौती दी गई है, जो सीईसी ने अपने दो सहयोगियों की कथित तौर पर सहमति के बिना किए थे।

याचिका में क्या कहा गया है?

पटना के रहने वाले राकेश कुमार सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट से यह तय करने का अनुरोध किया गया है कि क्या सीईसी कुमार अकेले उन शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कानूनी तौर पर पूरे निर्वाचन आयोग की है। अगर ऐसा है तो उन कार्यों को अनधिकृत घोषित किया जाए और उपयुक्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

याचिका में कहा गया है, “निर्देश दिया जाए कि प्रतिवादी संख्या 3 (सीईसी) इस याचिका की लंबित अंतिम सुनवाई तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तौर पर काम न करें। निर्देश दिया जाए कि इस दौरान आयोग का कामकाज प्रतिवादी संख्या 4 (सुखबीर सिंह संधू) और 5 (विवेक जोशी) की सर्वसम्मति से चलाया जाए; और निर्देश दिया जाए कि (निर्देश के) परिणामस्वरूप रिक्त होने वाले पद पर कोई भी नियुक्ति एक ऐसी समिति की सिफारिश पर की जाए, जिसमें माननीय प्रधान न्यायाधीश भी शामिल हों।”

CEC कुमार को निलंबित करने की मांग

शीर्ष अदालत से यह अनुरोध किया गया है निर्वाचन आयोग के बहु-सदस्यीय स्वरूप को बनाए रखने के लिए याचिका की अंतिम सुनवाई तक कुमार को निलंबित रखा जाए। यह याचिका अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद दायर की गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्त संधू और जोशी ने पिछले 10 माह में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR)  से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी। उनका दावा है कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या अनुशंसा के बिना जारी किए गए थे।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

आलोचनाओं का सामना कर रहे, निर्वाचन आयोग ने कहा कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना एक सामान्य बात है। उसके सभी आदेशों को पूरी वैधता प्राप्त होती है तथा वे स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।

याचिका में केंद्रीय कानून मंत्रालय, निर्वाचन आयोग, कुमार, संधू, जोशी और निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मनीष गर्ग को पक्षकार बनाया गया है। वकील चांद कुरैशी के जरिए दायर त्रिपाठी की याचिका में आरोप लगाया गया है कि सीईसी के कार्य सामूहिक निर्णय लेने की सांविधिक जरूरत का उल्लंघन करते हैं।

आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग

याचिका में सीईसी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन न करने के लिए आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दों में से एक ‘प्रपत्र 6’ में बदलाव है, जिसका इस्तेमाल लोग मतदाता के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए करते हैं।

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इसमें आरोप लगाया गया है कि पिछले SIR से जुड़ाव की जरूरत को आयोग के सॉफ्टवेयर के जरिए लागू किया गया। जबकि इसके लिए नियमों के तहत आवश्यक कानूनी संशोधन नहीं किया गया था। याचिका के अनुसार, कुमार के अलावा अन्य दो चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना तय प्रोसेस में बदलाव नहीं किया जा सकता।

Delhi Housing Scheme: दिल्ली में घर खरीदने का है प्लान? 1BHK, 2BHK या 3BHK… मिडिल क्लास के बजट के हिसाब से जानें कौन सा फ्लैट पड़ेगा सही

Delhi Housing Scheme: दिल्ली में अपना घर खरीदना हर मिडिल क्लास परिवार का बड़ा सपना होता है। लेकिन घर खरीदने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आखिर बजट के हिसाब से 1BHK लेना सही रहेगा। 2BHK या फिर 3BHK… दिल्ली में एक ही साइज के घर की कीमत भी इलाके के हिसाब से काफी बदल जाती है। ऐसे में घर खरीदने से पहले सिर्फ प्रॉपर्टी की कीमत नहीं, बल्कि अपनी कमाई, EMI, डाउन पेमेंट और भविष्य के खर्चों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

इलाके के हिसाब से बदलती है घर की कीमत

इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के अनुसार, दिल्ली में प्रॉपर्टी की कीमतें पूरी तरह से लोकेशन पर निर्भर करती हैं। अगर आप वसंत विहार, चाणक्यपुरी या डिफेंस कॉलोनी जैसे प्रीमियम इलाकों में घर खरीदना चाहते हैं, तो कीमत काफी ज्यादा होगी। रोहिणी जैसे इलाकों में मिडिल क्लास परिवारों के बजट में अलग-अलग साइज के फ्लैट मिल सकते हैं।

उदाहरण के लिए, रोहिणी में 1BHK की कीमत लगभग ₹25-30 लाख से शुरू हो सकती है। जबकि 2BHK की कीमत ₹80 लाख से ₹1 करोड़ के बीच हो सकती है। एक अच्छे 3BHK की कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ से ₹2.25 करोड़ तक हो सकती है। लेकिन असली कीमत प्रॉपर्टी की लोकेशन, उम्र, फ्लोर टाइप, सुविधाओं और कंस्ट्रक्शन के आधार पर अलग हो सकती है।

50 हजार, 1 लाख या 2 लाख कमाने वालों के लिए कौन सा घर

जिंदल के अनुसार, घर का साइज तय करते समय सबसे पहले परिवार की महीने की इनकम और भविष्य की जरूरतों पर विचार करना चाहिए। अगर परिवार की महीने की इनकम लगभग ₹50,000 है, तो 1BHK ज्यादा प्रैक्टिकल ऑप्शन हो सकता है। वहीं, जिन परिवारों की महीने की इनकम ₹1 लाख है, वे 2BHK के बारे में सोच सकते हैं।

अगर महीने की इनकम लगभग ₹2 लाख है और दूसरी फाइनेंशियल जिम्मेदारियां भी मैनेज की जा सकती हैं, तो 3BHK के बारे में सोचा जा सकता है। दूसरे शब्दों में सिर्फ घर के साइज के आधार पर फैसला करने के बजाय यह देखना जरूरी है कि EMI आपके फाइनेंस पर कितना बोझ डालेगी।

EMI कितनी होनी चाहिए?

घर खरीदने वालों के लिए सबसे जरूरी सवाल EMI का होता है। आकाश जिंदल के अनुसार, अपनी मासिक आय के हिसाब से होम लोन की EMI ऐसी रखनी चाहिए जिसे आसानी से चुकाया जा सके। उन्होंने यह भी समझाया कि घर खरीदने के बाद सिर्फ EMI ही खर्च नहीं होती। रजिस्ट्री, डॉक्यूमेंटेशन, ट्रांसफर से जुड़े खर्च, घर की मरम्मत,फर्निशिंग और दूसरे खर्चों के लिए भी पैसा चाहिए।

पूरी बचत डाउन पेमेंट में लगाना कितना सही?

घर खरीदते समय अपनी सारी सेविंग्स डाउन पेमेंट में लगाना अच्छा आइडिया नहीं है। जिंदल के अनुसार, अपनी सेविंग्स का लगभग 70% डाउन पेमेंट में इन्वेस्ट करना और 30% इमरजेंसी के लिए अलग रखना सबसे अच्छा है। घर खरीदने में रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंटेशन, फर्निशिंग और दूसरे अचानक आने वाले खर्चे शामिल होते हैं।

घर खरीदने से पहले दस्तावेज जरूर जांचें

आकाश जिंदल कहते हैं कि घर खरीदने से पहले, आपको प्रॉपर्टी की ओनरशिप, अप्रूवल, गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन और सभी लीगल डॉक्यूमेंट्स जरूर चेक करने चाहिए। अगर जरूरी हो, तो डॉक्यूमेंट्स को किसी वकील से रिव्यू करवाएं और जल्दबाजी में कोई भी फैसले लेने से बचें।

(दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट)

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कल का मौसम: इन राज्यों में 5 अक्टूबर को भारी बारिश-तूफान का अलर्ट; 20-22 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Weather forecast for October 5: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी पांच अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कई इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की संभावना है।

दिल्ली में कल मौसम रहेगा साफ और शुष्क

राजधानी दिल्ली में 5 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण बारिश होने की संभावना नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक सूखा मौसम जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 6 से 7 अक्टूबर के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिल्ली में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है।

यूपी में फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। 5 से 9 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए IMD के नवीनतम बुलेटिन में आंधी, भारी बारिश या खराब मौसम का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।

इन राज्यों में बारिश और गरज-चमक

उत्तर भारत के मुकाबले देश के दूसरे हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है:- 

  • केरल: गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधि कम होने की संभावना है।
  • ओडिशा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
  • बिहार और झारखंड: 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश की शुरुआत हो सकती है।
  • पूर्वोत्तर भारत: कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है।

हिमाचल-उत्तराखंड में भी बारिश के आसार

  • 5 से 7 अक्टूबर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है।
  • 6 और 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
  • हिमाचल प्रदेश के लिए 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान

  • दक्षिण भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।
  • 5 और 6 अक्टूबर को केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
  • आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम तथा रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की विदाई जारी

  • देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, मानसून उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से विदा हो चुका है।
  • अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
  • महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। IMD के अनुसार राज्य के 36 में से 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

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ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी! फिर हमला हुआ तो पहले से ज्यादा मजबूत जवाब देंगे, बातचीत का रास्ता भी खुला

Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए एक बार फिर साफ किया है कि वह अपनी रक्षा के साथ-साथ कूटनीतिक समाधान की कोशिश भी जारी रखेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार (4 अक्टूबर) को चेतावनी दी कि अगर उनके देश के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की गई तो इसका जवाब पहले से ज्यादा ताकतवर होगा। हालांकि, उन्होंने साथ ही बातचीत के जरिए न्यायपूर्ण और सम्मानजनक समाधान की संभावना भी खुली रखी है।

तेहरान में विदेशी राजदूतों और राजनयिक मिशनों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए अराघची ने कहा कि अगर दुश्मन फिर से सैन्य टकराव का रास्ता चुनते हैं तो उन्हें पहले से अधिक मजबूत प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीति के जरिए समाधान तलाशने के लिए तैयार है।

ईरान-अमेरिका बातचीत पर फिर अड़चन

यह बयान ऐसे समय आया है जब युद्ध खत्म करने की कोशिशें फिलहाल गतिरोध में नजर आ रही हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से फरवरी के अंत में शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद भारी बमबारी हुई। लेकिन संघर्ष का निर्णायक अंत नहीं हो सका। हाल के हफ्तों में अमेरिका ने सैन्य अभियानों को कम करते हुए आर्थिक दबाव बढ़ाने पर जोर दिया है। जून में ईरान और अमेरिका ने स्थायी समाधान की दिशा में एक रूपरेखा तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन पर सहमति जताई थी। हालांकि, बाद में यह प्रक्रिया टूट गई। इसका एक प्रमुख विवादित मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रहा।

होर्मुज बना बड़ा मुद्दा

युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल कायम करने की कोशिश की है। ईरान ने उन जहाजों पर भी हमले किए हैं जो उसकी अनुमति के बिना इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत भी हुई। तेहरान के मुताबिक, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए सात शर्तें रखीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया। लेकिन आगे बातचीत की संभावना के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने का विकल्प भी खुला रखा।

अमेरिका ने 1 सितंबर के बाद नहीं किया हमला

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने 1 सितंबर के बाद ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को ईरान में युद्ध और यमन के संघर्ष को लेकर बैठक की। इस बीच, ईरान समर्थित हूती संगठन यमन में सरकारी बलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखे हुए है। हूती अब खुलकर सऊदी अरब को भी निशाना बना रहा है। ऐसे में ईरान-अमेरिका तनाव के साथ क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर भी स्थिति पर नजर बनी हुई है।

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Delhi Protest: दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर 3 महिला पत्रकारों का यौन उत्पीड़न का आरोप, क्राइम जांच ने शुरू की जांच

Delhi Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है जिसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ नयी दिल्ली जिला पुलिस को ये शिकायतें मिली थीं। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई दिल्ली जिला पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।

अधिकारी के अनुसार, ये आरोप तीनों महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए हैं। उन्होंने बताया कि अपराध शाखा आरोपों की गहन जांच करेगी और शिकायतकर्ता महिला पत्रकारों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज करेगी। दिल्ली पुलिस ने रविवार (4 अक्टूबर) को X पर एक पोस्ट में कहा, “03-10-26 को नई दिल्ली इलाके में विरोध-प्रदर्शन के दौरान, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की स्थिति में, तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली ज़िले को उनकी शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।”

राहुल गांधी का हमला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ बदसलूकी किए जाने के आरोपों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से शनिवार को जवाब मांगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए अमित शाह को इस मामले में जवाब देना चाहिए। गांधी ने कहा, “जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ इतनी मांग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वह भी नहीं किया।”

उन्होंने कहा कि शनिवार को ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। गांधी ने कहा, “महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।” उन्होंने कहा, “और यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अधिकारी महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं-मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफाजत की जिम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।” उन्होंने कहा, “और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है- वह आखिर किसकी हिफाजत कर रही है?” राहुल गांधी ने आगे कहा, “दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहां हैं आप? जवाब आपको ही देना है।”

आइसा ने भी लगाए आरोप

वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। आइसा ने एक बयान में कहा, “पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ धक्का-मुक्की की। कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर उन्हें अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया है।” संगठन ने कहा, “महिलाओं को न्याय दिलाने का दावा करने वाला पुलिस बल भीड़ को कंट्रोल करने के बुनियादी नियमों का पालन नहीं कर सका। पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ खुलेआम दुर्व्यवहार किया और (वे) बेहद गैर-पेशेवर तरीके से पेश आए।”

200 लोगों को हिरासत में लिया गया

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के सिलसिले में लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन को लेकर आदेश न मानने और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने तथा उनपर हमला करने से संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। नई दिल्ली जिले में पाबंदी आदेश लागू होने के बावजूद, छात्र संगठनों और नागरिक संगठन के सदस्यों समेत प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने की कोशिश की।

हिरासत में लिए गए लोगों में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण शामिल थे। आइसा ने बताया कि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, नित्या रामकृष्णन और पल्लव सिसोदिया भी प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 223(ए), 221, 132 और 3(5) लगाई हैं।

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Punjab Politics: पंजाब के स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर AAP विधायक ने उठाई आवाज, कुछ ही देर बाद केजरीवाल की पार्टी ने किया सस्पेंड

Punjab Politics: पंजाब से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना ने शनिवार (3 अक्टूबर) को अपनी पार्टी के नेतृत्व और पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वे उनके निर्वाचन क्षेत्र के कुछ सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। हालांकि, इसके कुछ देर बाद ही मैसरखाना को पार्टी से बाहर कर दिया गया। आम आदमी पार्टी ने मैसरखाना के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया।

इससे पहले, पंजाब के बठिंडा जिले की मौर विधानसभा सीट से विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना (Maur AAP MLA Sukhveer Singh Maiserkhanal) ने फेसबुक पर कहा कि शिक्षकों की कमी से जुड़ी उनकी शिकायत का समाधान नहीं होने से परेशान होकर उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। पंजाब में आप सरकार के तहत स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों के पार्टी के दावों पर सवाल उठाते हुए विधायक ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।

टीचर्स की कमी का उठाया था मुद्दा

सुखवीर सिंह मैसरखाना ने एक इमोशनल वीडियो जारी कर पंजाब सरकार पर राज्य के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था। रूंधे गले से AAP विधायक ने कहा कि उनका बेटा भी सरकार के ‘उत्कृष्ट विद्यालय’ में पढ़ता है, जहां शिक्षकों की कमी है। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के विधायकों में वह अकेले ऐसे विधायक हैं, जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। विधायक ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व के सामने यह मुद्दा उठाने के बाद उन्हें बताया गया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाया है। उन्होंने दावा किया, “लेकिन उन्होंने मुझसे मुलाकात नहीं की। मैं आखिर कब तक इसे बर्दाश्त करूंगा? मैंने पार्टी का क्या बिगाड़ा है?”

‘मैं थक गया हूं, शिक्षकों की मांग करते-करते’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, AAP विधायक ने कहा कि वह लगातार सरकार और पार्टी नेतृत्व से स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध कराने की अपील करते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को बताया था कि उनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और वहां भी पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकारी स्कूलों की स्थिति नहीं सुधरी तो चुनाव के समय सरकार जनता से वोट कैसे मांगेगी।

अब पार्टी पंजाब चुनाव में टिकट नहीं देगी?

AAP विधायक ने कहा कि उन्हें पता है कि आगामी चुनाव में पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी। मैसरखाना ने कहा, “लेकिन मैं लोगों के लिए लड़ता रहूंगा।” विधायक ने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताइए कि मैं कहां गलत हूं।’’ मैसरखाना ने आशंका जताई कि उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है।

विधायक के इस तरह खुलकर नाराजगी जताने के बाद आप की पंजाब इकाई के महासचिव हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि मैसरखाना को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। AAP विधायक के बयान का हवाला देते हुए प्रदेश BJP ने कहा कि उनकी स्थिति ने राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के शिक्षा क्रांति के दावे की पोल खोल दी है।

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शिक्षा मंत्री ने आरोपों को बताया ‘राजनीति से प्रेरित’

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस मामले में विधायक के आरोपों को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है। उन्होंने कहा कि मैसरखाना के विधानसभा क्षेत्र में 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षक पद भरे हुए हैं। मंत्री के मुताबिक, रामनगर स्थित School of Eminence में 30 स्वीकृत पदों के मुकाबले 25 शिक्षक कार्यरत हैं। जबकि स्कूल में करीब 580 स्टूडेंट हैं। यानी सरकार और विधायक की ओर से स्कूल में शिक्षकों की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इस घटनाक्रम ने पंजाब में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, AAP सरकार के शिक्षा सुधारों और पार्टी के भीतर असहमति को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।