Saudi-Houthi War: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला! रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा घायल

Saudi-Houthi War: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। ताजा हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने रविवार (11 अक्टूबर) तड़के यह जानकारी दी। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई गई है। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए पड़ोसी देश यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले के बाद सऊदी और हूती के बीच जारी जंग के खतरनाक रूप लेने के संकते है।

इस हमले को खाड़ी के अरब देशों में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद की सबसे घातक घटनाओं में से एक बताया गया है। क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के बीच हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज होने से संघर्ष का दायरा भी बढ़ा है। एक दशक से भी ज्यादा समय में सऊदी अरब में हुए इन सबसे घातक हमलों ने खाड़ी देश को हिलाकर रख दिया है। सीमा-पार तनाव बढ़ने के बीच देश हफ्ते से मिलिटेंट्स के हमलों को रोकने के लिए संघर्ष कर रहा है।

एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल परिसर को बनाया निशाना

क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, एक मिसाइल किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उस परिसर से टकराई, जहां घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले टर्मिनल 3 और 4 स्थित हैं। अधिकारी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर जानकारी दी, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की आधिकारिक अनुमति नहीं थी। हमले के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज में एयरपोर्ट के बाहर आपातकालीन गाडि़यां दिखाई दिए। इन वीडियो का न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने विश्लेषण किया है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मृतकों में कई देशों के नागरिक शामिल

सऊदी अधिकारियों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मृतकों में चार सऊदी नागरिकों के अलावा बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया तथा सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। इस तरह अलग-अलग देशों के नागरिक इस हमले की चपेट में आए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हमले में एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के हमले निर्दोष नागरिकों की जिंदगी के प्रति घोर उपेक्षा दर्शाते हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए।

सऊदी गठबंधन ने हूतियों को ठहराया जिम्मेदार

हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हमले की कड़ी निंदा की है। गठबंधन ने इसे ‘पूरी तरह युद्ध अपराध’ करार देते हुए कड़ी जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। उसका कहना है कि एयरपो्ट पर कोई अमेरिकी सैन्य ठिकाने नहीं है। पिछले एक सप्ताह के दौरान एयरपोर्ट पर हुए कई हमलों में यह ताजा घटना है। इससे सऊदी अरब पर अपने सहयोगी देशों, खासकर अमेरिका से सैन्य सहायता मांगने का दबाव बढ़ने की आशंका है। सऊदी अरब अब तक हूती विद्रोहियों के साथ व्यापक युद्ध से बचने की कोशिश करता रहा है।

ट्रंप ने सऊदी अरब के समर्थन में हमले करने के दिए संकेत

रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के हमलों में शामिल होने पर विचार कर सकता है। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रशासन इस पर विचार कर रहा है और फैसला तेजी से लिया जाएगा।

ट्रंप ने बाद में कहा कि वह सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से बात करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने सऊदी अरब में हुई घटना को अस्वीकार्य बताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि इस पर आगे फैसला किया जाएगा।

मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव

रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने के बाद क्षेत्रीय संघर्ष और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका की संभावित सैन्य भागीदारी, सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई और यमन में तेज होती लड़ाई आने वाले दिनों में हालात को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक हूतियों के खिलाफ सऊदी हमलों में शामिल होने का आखिरी फैसला घोषित नहीं किया है। ट्रंप के बयान के मुताबिक, इस संबंध में आगे विचार-विमर्श और निर्णय होना बाकी है।

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Houthi-Saudi War: हूती हमलों के बीच खाड़ी में बड़ा सैन्य फैसला, सऊदी अरब में जल्द तैनात होंगे पाकिस्तान-तुर्की के सैनिक

Houthi-Saudi War: यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान और तुर्की ने बड़ा ऐलान किया है। ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ के तहत दोनों देश सऊदी अरब में अपने सैनिकों और सैन्य क्षमताओं की जल्द तैनाती की दिशा में आगे बढ़ेंगे। तीनों देशों ने सऊदी की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या खतरे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय मक्का रक्षा गठबंधन की एक उच्चस्तरीय समिति रियाद में बैठक की, जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

सोमवार को रियाद में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में तीनों देशों ने कहा कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या धमकी को स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही, सामूहिक रक्षा से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप से लागू करने और जरूरी सैन्य बल व क्षमताएं उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है।

क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?

अगस्त में हुए इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत अगर तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है तो बाकी दोनों देश उसके समर्थन में सामने आएंगे। इस समझौते में तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब शामिल हैं। इस गठजोड़ में तुर्की की नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना है। पाकिस्तान मुस्लिम दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न देश है। जबकि सऊदी अरब खाड़ी क्षेत्र की प्रमुख सैन्य और आर्थिक शक्तियों में से एक है।

कितने सैनिक जाएंगे, भूमिका क्या होगी?

हालांकि, तीनों देशों ने सऊदी अरब में सैन्य बलों की तेजी से तैनाती की बात कही है। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाकिस्तान और तुर्की कितने सैनिक भेजेंगे। यह भी नहीं बताया गया है कि तैनात सैनिकों को किस तरह की जिम्मेदारी दी जाएगी।

हूती हमलों के बीच बढ़ी चिंता

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब सऊदी अरब को यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है। हूती पहले भी सऊदी शहरों, तेल प्रतिष्ठानों और समुद्री मार्गों को निशाना बना चुके हैं। सितंबर में हूतियों ने बड़ा सैन्य अभियान चलाकर यमन की सऊदी समर्थित सरकार के नियंत्रण वाले कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था।

इसके जवाब में सोमवार को सऊदी समर्थित बलों ने जवाबी अभियान शुरू किया और हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने की कोशिश तेज कर दी। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बड़ा हमला किया है। यह हमला ईरान के समर्थक इस गुट और यमन की सऊदी-समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच बढ़ती लड़ाई के दौरान हुआ है।