Market Insight : FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें,फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर रहे फोकस

Market Insight : आज शेयर बाजार के लिए अगस्त सीरीज की शुरुआत शानदार रही। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। सेंसेक्स,निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 889 प्वाइंट चढ़कर 77,655 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 265 प्वाइंट चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT,मेटल और FMCG शेयरों में भी खरीदारी रही। फार्मा और निफ्टी बैंक इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 450 प्वाइंट चढ़कर 57,206 पर बंद हुआ। मिडकैप 511 प्वाइंट चढ़कर 62,862 पर बंद हुआ। आज निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में खरीदारी रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी आई। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में तेजी दिखी।

मार्केट आउटलुक

इस बीच मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि निवेशक अब AI निवेश से IT की ओर जा रहे हैं। टोकन वैल्युएशन की उम्मीद में AI की तेजी आई। आगे IT सेक्टर में कुछ विनर्स होंगे और कुछ लूजर्स होंगे। AI की मदद से प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को फायदा संभव है। तेजी से सस्ते IT प्रोडक्ट बनाने वाले को फायदा होगा।

सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही होगा फायदा

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। लार्जकैप से बेहतर मिड-स्मॉलकैप के नतीजे रहे हैं। सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही फायदा होगा। वेस्ट एशिया संकट के बीच बड़ी दिक्कतें नहीं आईं है। यह हमारे लिए काफी अच्छा संकेत है।

Market View : फार्मा शेयरों में जारी रहेगी तेजी, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

FMCG के लिए समय बदला

FMCG के लिए समय बदल गया है। लिस्टेड FMCG कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशन में पिछड़ गई हैं। FMCG कंपनियों के लिए 3-6 महीने चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। पहले FMCG कंपनियों में ग्रोथ अच्छी रहती थी FMCG कंपनियां से नया प्रोडक्ट नहीं ला रही है। FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें।

फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति

मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में सभी देशों को डिफेंस खर्च बढ़ाना ही होगा। लोकल और ग्लोबल मार्केट तक डिफेंस प्रोडक्ट का पहुंचना और मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है। दुनिया में डिफेंस का खर्च बढ़ता ही रहेगा। फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। घरेलू के साथ एक्सपोर्ट वाली डिफेंस कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Momentum Stocks: नेस्ले ने हिट किया नया हाई, फीनिक्स मिल्स,मंगलम ऑर्गेनिक्स और वायसराय होटल्स को पड़ी तगड़ी मार

Momentum Stocks : एक ऐसे बाज़ार में जहां किन्ही नए ट्रिगर्स की कमी दिख रही है,29 जुलाई को कई शेयरों ने चुपचाप सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसकी वजह रही इनमें आया टेक्निकल ब्रेकआउट,मज़बूत प्राइस एक्शन और लगातार कायम खरीदारी। चुनिंदा स्टॉक्स में तेज़ी का मज़बूत रुझान दिख रहा है और ये अपने अहम शॉर्ट से मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो शॉर्ट टर्म के लिए पॉजिटिव संकेत है।

Almondz Global के शेयर 15.04% बढ़कर ₹15.07 पर पहुंच गए हैं। यह अपने 30-दिन (₹13.10), 50-दिन (₹13.38) और 150-दिन (₹14.77) के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है,हालांकि यह अभी भी अपने 200-दिन के SMA (₹15.41) से थोड़ा नीचे है, जो इसकी बेहतर होती टेक्निकल पोजीशन का संकेत है।

केन एंटरप्राइजेज का शेयर 10.30% बढ़कर ₹39.50 पर पहुंच गया और अपने 30-दिन (₹35.81), 50-दिन (₹35.08) और 150-दिन (₹38.62) के मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। हालांकि,यह शेयर अपने 200-दिन के SMA (₹40.77) से थोड़ा नीचे ट्रेड करता रहा,जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल का संकेत है।

Expleo Solutions के शेयर 9.88% बढ़कर ₹893.70 पर पहुंच गए। यह शेयर अपने सभी अहम मूविंग एवरेज जैसे 30-दिन (₹813.31), 50-दिन (₹835.37), 150-दिन (₹842.98) और 200-दिन (₹889.94) के SMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है। सभी अहम एवरेज से ऊपर ट्रेड करना मज़बूत अपवर्ड मोमेंटम और पॉज़िटिव लॉन्ग-टर्म टेक्निकल ट्रेंड का संकेत है।

कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर बिकवाली का दबाव दिख रहा है। यह बाज़ार के सतर्क रुख को दर्शाता है। फीनिक्स मिल्स का शेयर 5.14% गिरकर ₹1,906.30 पर आ गया है। यह अपने 30-दिन के SMA (₹2,009.63) से नीचे और 50-दिन के SMA (₹1,908.97) से थोड़ा नीचे फिसल गया। हालांकि,शेयर अपने 150-दिन (₹1,792.18) और 200-दिन (₹1,770.94) के सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड करता रहा है,जिससे पता चलता है कि हालिया कमजोरी के बावजूद इसका लॉन्ग-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

मंगलम ऑर्गेनिक्स का शेयर 3.53% गिरकर ₹524.95 पर आ गया और यह अपने 30-दिन (₹544.17)और 50-दिन (₹535.13)के सिंपल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। गिरावट के बावजूद,यह शेयर अपने 150-दिन (₹481.53) और 200-दिन (₹485.54) के मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसका लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अभी भी बरकरार है।

वायसराय होटल्स के शेयर 3.44% गिरकर ₹127.05 पर आ गए। यह अपने 30-दिन के SMA (₹131.58) से नीचे चला गया,लेकिन अपने 50-दिन (₹107.23), 150-दिन (₹37.29) और 200-दिन (₹28.47) के सिंपल मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना हुआ है। शेयर अभी भी अपने लंबे समय के एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिन की गिरावट के बावजूद लॉन्ग टर्म ट्रेंड में मज़बूती को दिखाता है।

इस बीच,कई शेयरों ने 52-हफ्ते का नया उच्चतम स्तर छुआ जो लगातार जारी खरीदारी को दिखाता है। नए एक-साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने वाले प्रमुख शेयरों में रैडिको खेतान,कल्याण ज्वैलर्स,लॉरस लैब्स,डिविस लैब्स,मण्णापुरम फाइनेंस,यूनाइटेड स्पिरिट्स,टीवीएस मोटर,बजाज ऑटो,साई लाइफ साइंसेज, नेस्ले,फेडरल बैंक और टाइटन कंपनी शामिल हैं।

इसके अलावा,आलमंड्ज़ ग्लोबल सिक्योरिटीज,बोहरा इंडस्ट्रीज,गैलेंट इस्पात और सयाजी होटल्स अपने अपर सर्किट पर पहुंच गए,जो ज़बरदस्त खरीदारी और निकट भविष्य में इनमें तेजी बने रहने के संकेत हैं।

 

 

IT Stocks : Infosys और TCS करीब 3% भागे, AI खर्च से जुड़ी चिंताएं कम होने से पूरे सेक्टर में आई हरियाली

IT Stocks : Infosys और TCS करीब 3% भागे, AI खर्च से जुड़ी चिंताएं कम होने से पूरे सेक्टर में आई हरियाली

IT Stocks: बुधवार को भारतीय IT शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी को इन्फोसिस और TCS जैसी बड़ी कंपनियां लीड कर रही हैं। AI पर बहुत ज़्यादा खर्च और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर बनी चिंताओं के कारण निवेशकों ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों से पहले सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों की ओर रुख कर लिया है। इसका फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को भी मिल रहा है। इसके चलते निफ्टी IT इंडेक्स आज सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बन गया है। निवेशकों की नजर आज आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले पर बनी हुई है।

फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.47 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। निफ्टी आईटी बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। निफ्टी में सिर्फ 0.93 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इन्फोसिस 3.37 प्रतिशत बढ़कर निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में शामिल है। वहीं, TCS में 2.65 प्रतिशत, विप्रो में 1.78 प्रतिशत और HCL टेक्नोलॉजीज में 1.1 प्रतिशत की तेजी आई है। मिडकैप आईटी की बात करें तो कोफोर्ज में 4.42 प्रतिशत, KPIT टेक्नोलॉजीज में 4.07 प्रतिशत और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 2.75 प्रतिशत की तेजी आई है।

एशियाई चिप शेयरो में लगातार बनी कमजोरी के बावजूद भारतीय IT शेयरों में रिकवरी देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरियाई चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई है। AI के ऊंचे वैल्यूएशन,बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा भारी कैपिटल खर्च को देखते हुए निवेशक अब चिप शेयरों से दूरी बना रहे हैं। इसका फायदा सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों को मिल रहा है।

ऐसा लगता है कि निवेशक माइक्रोसॉफ्ट और मेटा के नतीजों से पहले भारतीय सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनियों के शेयर को खरीदने के लिए इनमें आए करेक्शन का फायदा उठा रहे हैं। इन दोनों कंपनियों के नतीजों से AI पर खर्च के ट्रेंड के बारे में नए संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार की नजर आज आने वाले US फ़ेडरल रिज़र्व के पॉलिसी के जुड़े ऐलानों पर है। CME फेडवॉच के मुताबिक बाजार यह मान कर चल रहा है कि US फ़ेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना कि दक्षिण कोरियाई चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के पक्ष में हो सकती है। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो दक्षिण कोरिया में चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

5 वजहों से Nifty में पांच दिनों की गिरावट के बाद तेजी, IT Stocks के दम पर Sensex में 600 अंकों का उछाल

Share Market Rally: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा। अमेरिका और ईरान के बीच हमले थमे तो मार्केट उछल पड़ा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 एक-एक फीसदी से अधिक मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:13 AM पर सेंसेक्स 564.06 प्वाइंट्स यानी 0.74% की बढ़त के साथ 76,623.83 और निफ्टी 50 भी 159.35 प्वाइंट्स यानी 0.67% की बढ़त के साथ 23,926.80 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 655.87 प्वाइंट्स चढ़कर 76,715.64 और निफ्टी 197.05 प्वाइंट्स उछलकर 23,964.50 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के थमे हमले

पश्चिमी एशिया में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो गया था लेकिन अब जब हमले थमे हैं तो इसने मार्केट में रौनक बिखेर दी।

कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच हमले रुके तो इससे वैश्विक जियोपोलिटिकल टेंशन ढीला पड़ा और कच्चा तेल फिसल पड़ा। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5% टूटकर प्रति बैरल $86 के करीब आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।

डॉलर की कमजोरी

वीकेंड में अमेरिका ने ईरान पर बमबारी रोक दी जिससे तेल की कीमतें नीचे आई और ग्लोबल बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके चलते डॉलर पर दबाव बना है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.2 के लेवल पर दिख रहा है। डॉलर की कमजोरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने रौनक बढ़ा दी। फिलहाल यह 5.63% की फिसलन के साथ 13.24 पर है। इसमें गिरावट का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना और इसमें उछाल का मतलब वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका है।

IT Stocks में जोरदार तेजी

मार्केट को आईटी शेयरों की ताबड़तोड़ खरीदारी से शानदार सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी मजबूत हुआ है। इसे एफएमसीजी, फार्मा, और रियल्टी सेक्टर से भी अच्छा सपोर्ट मिला है जिनके निफ्टी इंडेक्सेज में 1-1% से अधिक बढ़त है। सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में भी आधे-आधे फीसदी की बढ़त है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Mantra : AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे,कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे दिखेगी अच्छी तेजी – कैलाश कुलकर्णी

Market Mantra : इस समय बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। कच्चा तेल है जिसने बाजार की सांस फूला रखी है। वहीं अबतक आए नतीजे हैं मिलेजुले होने के बाद कमेंट्री के फ्रंट पर अच्छे हैं। IT,बैंक और कंज्यूमर कंपनियां सब आगे की अच्छी राह की बात कर रही हैं। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर आगे क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं। HSBC MF के CEO कैलाश कुलकर्णी (Kailash Kulkarni)।

कैलाश कुलकर्णी की राय

कैलाश कुलकर्णी का कहना है कि जियोपॉलिटिकल हालात के चलते बाजार में काफी ज्यादा अनिश्चितता है। पिछले कुछ सालों में भारतीय निवेशक मैच्योर हुए हैं। इसके चलते भारतीय निवेशकों की तरफ से पैनिक बिकवाली नहीं हुई है। निवेशकों अभी वेट एंड वॉच मोड में ही रहना चाहिए। भारतीय इकोनॉमी के हालात काफी बेहतर है।

डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना पैसा

उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों का पैसा डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना है। निवेशक लार्जकैप की बजाय मिडकैप और स्मॉलकैप में पैसे डाल रहे हैं। फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में काफी निवेश आ रहा है। मिडकैप की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इनमें रिटर्न भी अच्छे मिले हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है। PLI और चीन+1 के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा। देश के 8-10 राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।

AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन ज्यादा

कैलाश कुलकर्णी ने आगे कहा कि AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे दिख रहे हैं। IT कंपनियों पर अंडरवेट नजरिया है। BFSI फंड में कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस है। कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे अच्छी तेजी दिखेगी। फार्मा शेयरों पर वेट एंड वॉच का नजरिया है।

Market Mantra : कैलाश कुलकर्णी के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है

 

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Wipro Q1 Results: आईटी कंपनी को ₹3352 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 10% बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Wipro Q1 Results: आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर ₹3,352 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹3,330 करोड़ था।

कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹24,479 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान ₹24,776 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

आईटी सर्विसेज कारोबार में कैसी रही ग्रोथ?

तिमाही के दौरान विप्रो का ग्रॉस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1% बढ़ा। वहीं, आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.61 अरब डॉलर रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम, लेकिन सालाना आधार पर 1% ज्यादा है।

कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.2% घटा, जबकि सालाना आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त रही।

बड़े डील्स बढ़े, लेकिन कुल बुकिंग घटी

विप्रो की जून तिमाही में कुल बुकिंग 3.37 अरब डॉलर रही। यह कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पिछली तिमाही से 2.4% कम है।

हालांकि, बड़े डील्स (Large Deals) की बुकिंग 12.9% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर पहुंच गई।

मार्जिन और कर्मचारियों का हाल

आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस प्वाइंट और पिछले साल के मुकाबले 120 बेसिस प्वाइंट कम है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो कंपनी की शुद्ध आय का 98% है।

वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर कर्मचारियों की स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर (Voluntary Attrition) 13.9% रही।

अगली तिमाही के लिए क्या अनुमान?

जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए Wipro ने आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 2.57 अरब डॉलर से 2.63 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इसका मतलब है कि कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 1.5% तक की गिरावट या 0.5% तक की बढ़त हो सकती है।

विप्रो ने क्या कहा?

Wipro के CEO और MD श्रीनी पलिया ने कहा कि अब ग्राहक सिर्फ टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन तक सीमित नहीं हैं। वे AI बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल अपना रहे हैं। इससे काम की क्वालिटी, प्रोडक्टविटी और एफिशिएंसी बढ़ रही है।

वहीं, CFO अपर्णा अय्यर ने कहा कि कंपनी शॉर्ट टर्म मार्जिन दबाव के बावजूद कर्मचारियों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में निवेश जारी रखेगी।

₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

विप्रो के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर (100%) अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। कंपनी ने 27 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

हाल ही में पूरा हुआ बायबैक

विप्रो ने जून तिमाही के दौरान 60 करोड़ शेयरों का बायबैक भी पूरा किया। यह बायबैक ₹250 प्रति शेयर के भाव पर किया गया। इस पर कुल ₹15,049.7 करोड़ खर्च हुए। बायबैक पूरा होने के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Capital) भी घट गई है।

विप्रो के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले गुरुवार को Wipro का शेयर 1.75% बढ़कर ₹177.70 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 33.56% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.86 लाख करोड़ रुपये है।

BHEL Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू भी 40% उछला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।