5 सेकंड में ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 700 अंकों की गिरावट, Nifty धड़ाम

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के ऐलान पर कच्चा तेल उबल पड़ा। इससे वैश्विक स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में तबाही मची हुई है जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी के निफ्टी इंडेक्स 1% या इससे अधिक कमजोर हुए हैं। निफ्टी आईटी में हल्की बढ़त है। बिकवाली के इस चौतरफा माहौल में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 पर सेंसेक्स (Sensex) 670.36 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 76,899.03 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 196.50 प्वाइंट्स यानी 0.81% की गिरावट के साथ 24,010.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक और निफ्टी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.83 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था। आज यानी 13 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,47,242.67 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,080.031 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 6 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 6 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी टीसीएस, एचसीएलटेक और इंफोसिस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंडिगो, टाटा स्टील और मारुति में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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65 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1104 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1769 में बिकवाली का दबाव है तो 240 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 65 शेयर एक साल के हाई और 24 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 77 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इंट्रा-डे में आज इन शेयरों पर फोकस

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा की TCS 8900 खास इंजीनियरों की टीम बनाएगी, OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देने की तैयारी

देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। टाटा ग्रुप की यह कंपनी AI से जुड़ी नई सर्विसेज को बढ़ाने के लिए 5,900 से 8,900 तक फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) की टीम तैयार करेगी। इसके साथ ही AI से जुड़ी कंपनियों को खरीदने (Acquisition) के विकल्प भी तलाश रही है।

आखिर FDE क्या होते हैं?

फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स (FDEs) ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं, जो सिर्फ कंपनी के ऑफिस में बैठकर कोड नहीं लिखते। वे सीधे क्लाइंट के साथ काम करते हैं और उसकी समस्याओं के हिसाब से AI या टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन तैयार करते हैं।

अब मान लीजिए किसी बैंक को AI से अपने कस्टमर सर्विस सिस्टम को बेहतर बनाना है। ऐसे में TCS का FDE उस बैंक के साथ मिलकर काम करेगा। वह बैंक के मौजूदा सॉफ्टवेयर, डेटा और बिजनेस प्रोसेस को समझेगा। फिर AI मॉडल को उसी हिसाब से जोड़ेगा और उसे लागू करेगा।

इन इंजीनियरों का काम क्या होगा?

TCS के CEO के. कृतिवासन ने रॉयटर्स से कहा कि कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से 1% से 1.5% को फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर बनाना चाहती है।

ये इंजीनियर सीधे क्लाइंट के साथ काम करेंगे। उनका काम कंपनियों में AI टूल्स को लागू करना, उन्हें मौजूदा सिस्टम से जोड़ना और कारोबार की जरूरत के हिसाब से AI सॉल्यूशन तैयार करना होगा।

OpenAI और Microsoft से मुकाबला

TCS की यह रणनीति ऐसे समय आई है, जब OpenAI, Anthropic और Microsoft जैसी कंपनियां भी फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स की भर्ती बढ़ा रही हैं। इन इंजीनियरों की मदद से कंपनियां अपने ग्राहकों के यहां AI को तेजी से लागू कर रही हैं।

AI, डेटा सिक्योरिटी में अधिग्रहण की तैयारी

TCS अब AI, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े अधिग्रहणों पर भी विचार कर रही है। TCS के CFO समीर सेक्सरिया ने कहा कि कंपनी ऐसे कारोबार तलाश रही है, जो उसकी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत बना सकें।

AI से आउटसोर्सिंग मॉडल को खतरा नहीं

कई निवेशकों को डर है कि AI की वजह से आईटी कंपनियों को मिलने वाले प्रोजेक्ट कम हो सकते हैं। लेकिन TCS के CEO का मानना है कि ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को AI अपनाने के लिए ऐसे पार्टनर की जरूरत होगी, जो उनके मौजूदा सिस्टम, डेटा और प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझते हों। यही TCS की सबसे बड़ी ताकत है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ कम लागत का मामला नहीं, बल्कि कंपनी के अनुभव और प्रतिभा का फायदा है।

AI कारोबार की ग्रोथ धीमी हुई

हालांकि, जून तिमाही में TCS के AI कारोबार की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। पहली तिमाही में AI से होने वाली सालाना आय की ग्रोथ 13% रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 28% थी।

CEO ने कहा कि लंबी अवधि में वह AI कारोबार में करीब 25% तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ देखना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि यह बढ़ोतरी हर तिमाही एक जैसी नहीं रहेगी।

AI पर ₹8,500 करोड़ खर्च

TCS हर साल करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,500 करोड़) टैलेंट डेवलपमेंट और AI पर खर्च करती है। इसमें कर्मचारियों की ट्रेनिंग, AI स्किल्स डेवलप करना और नई AI तकनीकों के लिए एक्सपर्ट्स की हायरिंग शामिल है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Dividend Stocks: इस हफ्ते 7 कंपनियों के शेयरधारक होंगे मालामाल, ₹229 तक मिलेगा डिविडेंड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

Trading Plan : आज बाजार में तेजी का मोमेंटम बढ़ा है। मिडकैप इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर दिख रहा है। इधर डबल सेंचुरी लगाकर निफ्टी 24200 के पास दिख रहा है। निफ्टी 20 DEMA, 50 DMA और 100 DMA के पार निकल गया है। वहीं 700 प्वाइंट से ज्यादा के उछाल के साथ बैंक निफ्टी आज आउटपरफॉर्म कर रहा है। यह 58000 के अहम लेवल के पार कारोबार कर रहा है। स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त मोमेंटम देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 8% फिसला है।

TCS के उम्मीद से अच्छे नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश भर दिया है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़ा है। दो फीसदी के उछाल के साथ इन्फोसिस निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही रियल्टी और मेटल शेयरों में भी जोरदार तेजी है। लेकिन फार्मा और FMCG में हल्का दबाव है।

बाजार: शानदार चाल

बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि खुलते ही लेने की बोल्ड कॉल आज सही रही। निफ्टी अब कल के हाई के ऊपर सेटल हो गया है। बैंक निफ्टी पर ज्यादा भरोसा काम आया है। बैंक निफ्टी में खुलने के बाद भी बड़ी रैली आई है। IT भी ऊपर खुला लेकिन थोड़ा ठंडा पड़ा है। मिडकैप में शानदार तेजी देखने को मिली है। MF डेटा में फिर से उछाल आया है। एमएफ निवेश एक महीने की गिरावट के बाद उछाल है। इंडियन बैंक नतीजों के बाद भागा है। कच्चा तेल $75 के करीब आ गया है। India VIX 7.5% नीचे आया है। पुट कॉल रेश्यो भी ओवरबॉट नहीं है।

बाजार: अब क्या?

बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं। आज की क्लोजिंग शायद हाईज पर हो। वीकेंड का रिस्क लगे तो थोड़ा हेज कर लें। PSU बैंकों में मोमेंटम लौट रहा है। अभी भी शानदार स्टॉक स्पेसिफिक मौके हैं। वक्त पर एंट्री और एक्जिट बेहद अहम है। डिक्सन टेक पर हमने तब लॉन्ग नजरिया रखा जब सबने शॉर्ट कहा और आज सिर्फ CNBC-आवाज़ का डिक्सन पर मुनाफा बुक करने का नजरिया था।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस और 24,100-24,150 पर सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,500-58,800 पर रेजिस्टेंस और 57,800-58,000 पर सपोर्ट है।

 

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TCS Dividend: हर शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देगी टाटा की टीसीएस, रिकॉर्ड डेट भी तय

TCS Dividend: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने पहली तिमाही के नतीजों के साथ 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। कंपनी ने 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। डिविडेंड का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में TCS ने 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। वहीं जनवरी 2026 में कंपनी ने 11 रुपये का अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड मिलाकर कुल 57 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया था।

पिछले 5 साल में कितना डिविडेंड दिया?

सालडिविडेंड
कुल भुगतान (₹/शेयर)

2021₹6 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹7 अंतरिम + ₹15 फाइनल₹35
2022₹7 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹8 अंतरिम + ₹22 फाइनल₹45
2023₹8 अंतरिम + ₹67 स्पेशल + ₹9 अंतरिम + ₹9 अंतरिम + ₹24 फाइनल₹108
2024₹9 अंतरिम + ₹18 स्पेशल + ₹10 अंतरिम + ₹10 अंतरिम + ₹28 फाइनल₹75
2025₹10 अंतरिम + ₹66 स्पेशल + ₹11 अंतरिम + ₹11 अंतरिम + ₹30 फाइनल₹128

पिछले पांच वर्षों में TCS ने कुल 457 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है। इस दौरान कंपनी ने 2022 और 2023 में शेयर बायबैक भी किए थे।

तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा। यह सालाना आधार पर करीब 14% और पिछली तिमाही के मुकाबले 2.2% अधिक है। ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा।

कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13,349 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4.61% ज्यादा है। वहीं कंपनी ने बताया कि उसका नेट इनकम 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये हो गया।

कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

जून तिमाही के दौरान TCS ने 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। 30 जून 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

TCS का शेयर गुरुवार को लगभग 2,048 रुपये के आसपास सपाट बंद हुआ। हालांकि, दिन में कारोबार के दौरान यह 2% तक गिर गया था।

TCS Q1 Results: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी को ₹13349 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Dividend Stocks: अगले हफ्ते यानी 6 से 10 जुलाई के बीच शेयर बाजार में कई कंपनियों के कॉरपोरेट एक्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड (Ex-Dividend) पर ट्रेड करेंगे। अगर आप डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं, तो एक्स-डेट से पहले शेयर खरीदना होगा। तभी आप कंपनी की ओर से घोषित डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

सिर्फ डिविडेंड ही नहीं, अगले हफ्ते कुछ कंपनियों के शेयर बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट के लिए भी एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। ऐसे में यह हफ्ता निवेशकों के लिए काफी अहम रहने वाला है।

6 जुलाई को किन शेयरों पर रहेगा फोकस?

6 जुलाई को चार कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। DCM Shriram International अपने निवेशकों को 0.40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। DJ Mediaprint & Logistics ने 0.15 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

वहीं, Pilani Investment and Industries Corporation 9 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। Sundaram Finance ने 24 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

7 जुलाई को इन कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड

7 जुलाई को पांच कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर ट्रेड करेंगे। Cera Sanitaryware ने 75 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। Dodla Dairy और Sun Pharmaceutical Industries दोनों 5-5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देंगी।

वहीं, JSW Steel ने 7.10 रुपये प्रति शेयर और LKP Securities ने 0.20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

8 जुलाई को किन स्टॉक्स में मिलेगा डिविडेंड?

8 जुलाई को छह कंपनियां एक्स-डिविडेंड होंगी। इनमें Bliss GVS Pharma 1 रुपये, Hannah Joseph Hospital 2 रुपये, Kesar Terminals & Infrastructure 1.25 रुपये और Morarka Finance 1.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

वहीं, Mphasis ने 62 रुपये प्रति शेयर और United Spirits ने 11 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

9 जुलाई को इन शेयरों पर रहेगी नजर

9 जुलाई को चार कंपनियां एक्स-डिविडेंड होंगी। Harsha Engineers International 1.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। RPG Life Sciences ने 24 रुपये प्रति शेयर, Sheela Foam ने 1 रुपये प्रति शेयर और Titan Company ने 15 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

10 जुलाई को सबसे ज्यादा कंपनियां

10 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहेगा। इस दिन 25 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर ट्रेड करेंगे। इनमें Apollo Tyres, Axis Bank, Birlasoft, CAMS, D-Link (India), Dr Reddy’s Laboratories, Geojit Financial, Hindalco, JK Cement, JSW Cement, Mahindra Logistics, Nestle India और Sobha जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इन कंपनियों में D-Link (India) ने 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और 7.50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। Nestle India अपने निवेशकों को 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देगी।

इसके अलावा Axis Bank 1 रुपये, Hindalco Industries 5 रुपये, JK Cement 20 रुपये, Apollo Tyres 2.50 रुपये और Dr Reddy’s Laboratories 8 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी होंगे

अगले हफ्ते चार कंपनियों में बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी होने वाला है। Gujarat Inject Kerala का शेयर 8 जुलाई को 10 रुपये फेस वैल्यू से 1 रुपये फेस वैल्यू में स्टॉक स्प्लिट होगा। Goldiam International 10 जुलाई को 1:3 बोनस इश्यू के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

वहीं, Hindusthan Insulators & Industries ने 2:1 बोनस इश्यू का ऐलान किया है। Mangalam Worldwide का शेयर भी 10 जुलाई को 10 रुपये फेस वैल्यू से 1 रुपये फेस वैल्यू में स्टॉक स्प्लिट होगा।

निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?

अगर आप डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का फायदा उठाना चाहते हैं, तो संबंधित कंपनी के शेयर एक्स-डेट से पहले खरीदने होंगे। साथ ही, कंपनी की ओर से तय रिकॉर्ड डेट का भी ध्यान रखना जरूरी है। रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का लाभ पाने के पात्र होंगे।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

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IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

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ICICI प्रूडेंशियल के चिंतन हरिया से जानें वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, बाजार में अब कहां से निकलें और कहां बढ़ाएं निवेश

बाजार में आज तेजी का मोमेंटम बढ़ा है,निफ्टी 150 अंक से ज्यादा चढ़कर 7 मई के बाद पहली बार 24300 के पार निकला है। ICICI BANK, HDFC BANK, BHARTI और टाटा स्टील ने जोश भरा है। आज बैंक निफ्टी भी चला है। लेकिन मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की बढ़त है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसलकर 12 के नीचे आ गया है। रियल्टी,मेटल और फार्मा में आज सबसे ज्यादा खरीदारी आई है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। साथ ही IT में लगातार दूसरे दिन तेजी है। आईटी इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़ा। वहीं दूसरी ओर सरकारी बैंकों में आज दबाव है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1 फीसदी फिसला है। बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक 3 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं।

निवेशक चाहें तो कर सकते हैं लार्जकैप में एकमुश्त निवेश

ऐसे में बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए ICICI प्रूडेंशियल AMC के प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट चिंतन हरिया ने कहा कि 2 साल से भारतीय बाजार और रुपये ने अंडरपरफॉर्म किया है। RBI के कदमों से रुपया काफी संभला है। कच्चे तेल के दाम युद्ध से पहले के भाव पर आ गए हैं। कमजोर मॉनसून से भी ज्यादा चिंता नहीं है। ऐसे में लार्जकैप में अच्छे मौके बन रहे हैं। निवेशक चाहें तो लार्जकैप में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें, लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें

चिंतन हरिया ने आगे कहा कि लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप ने आउटपरफॉर्म किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप के वैल्युएशन अभी भी सस्ते नहीं हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप की ग्रोथ का अनुमान लगाना मुश्किल है। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें। लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें।

हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव

उन्होंने आगे कहा कि जून तिमाही के नतीजों में कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव है। FCNB डिपॉजिट का फायदा बैंकों को मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर अच्छा लग रहा है। एनर्जी सेक्टर भी पसंद है। इस सेक्टर कोकच्चे तेल की कीमतें घटने का फायदा मिलेगा। वहीं, डिफेंस और मेटल शेयर काफी चल चुके हैं। अब इनमें मुनाफावसूली संभव है।

चिंतन हरिया का मानना है कि लंबी अवधि में ऑटो सेक्टर अच्छा कर सकता है। ऑटो सेक्टर को एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी का भी फायदा मिलेगा। निवेशकों के लिए लार्जकैप एक्टिव और पैसिव फंड्स में निवेश करने का मौका है। मल्टी एसेट बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश कर सकते हैं। किसी भी फ्लैक्सीकैप फंड्स में SIP कर सकते हैं। आज जो निवेश करेंगे उसका फायदा 3-5 साल में मिलेगा।

 

 

Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

Market Insight : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में IT और फार्मा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में PB फिनटेक,ज़ेनसार टेक,CG पावर और हिताची एनर्जी शामिल हैं। IT,फार्मा और रियल्टी शेयरों ने तेजी को आगे बढ़ाया है। मेटल शेयरों में भी अच्छी बढ़त दिख रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

इस बीच वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है,जो बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है। फिलहाल सेंसेक्स 573.33 अंक या 0.74 प्रतिशत बढ़कर 78,075.45 पर और निफ्टी 188.85 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 24,364.55 पर दिख रहा है।

ऐसे में बाजार के टेक्निकल सेटअप और कमाई वाले सेक्टर पर चर्चा करते हुए गोल्डीलॉक्स ग्लोबल रिसर्च(Goldilocks Global Research) के फाउंडर और चीफ स्ट्रेटेजिस्ट गौतम शाह ने कहा कि कुछ समय से बाजार कंसॉलिडेशन के फेज में है। 6-8 हफ्ते में निफ्टी 24600-25500 तक जा सकता है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स में बड़े मूव के संकेत मिल रहे हैं। RIL में आगे भी मजूबती दिख सकती है। बाजार में गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। बैंक और IT शेयर निफ्टी को ऊपर ले जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि IT में 10-15% रिकवरी आ सकती है। 12-18 महीने के लिए IT बॉस्केट खरीदने की रणनीति कारगर साबित हो सकती है। कुछ समय से मेटल में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति काम कर रही है। लेकिन लंबी अवधि के लिए मेटल ठीक लग रहा है। रियल एस्टेट,PSU,फार्मा और केमिकल शेयर भी बेहतर पोजीशन में नजर आ रहे हैं।

गौतम शाह की सलाह है कि मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप में बने रहना चाहिए। मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप रिकॉर्ड हाई बना सकते हैं। बैंक निफ्टी में यहां बड़ा रिटर्न नहीं बनेगा। बैंकिंग में टॉप 3 सरकारी बैंक पसंद हैं।

गौतम शाह ने बताया कि वे पिछले 12 महीने से FMCG पर अंडरवेट हैं। रियल्टी इंडेक्स में 20-25% की बड़ी तेजी संभव है। होटल और ट्रैवल स्टॉक भी अच्छा कर सकते हैं। लंबी अवधि के नजरिए से हॉस्पिटल शेयर भी बेहतर दिख रहे हैं।

 

 

Avenue Supermarts Share Price : Q1 बिजनेस अपडेट ने बाजार को किया निराश, 4% टूटा शेयर, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HCL Tech Share Price : 4% से ज्यादा की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर बना शेयर, 1.14 अरब डॉलर की AI डील ने भरा जोश

HCL Technologies Share Price: शुक्रवार को HCL टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई,जिससे यह निफ्टी 50 की सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनी बन गई है। IT सेक्टर की इस बड़ी कंपनी ने यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ 1.14 अरब डॉलर की स्ट्रैटेजिक AI-बेस्ड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डील की जानकारी दी है। इससे इस स्टॉक को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यह डील डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज़ नेटवर्क सर्विस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित ऑपरेटिंग मॉडल बनाने और उसे मैनेज करने के लिए की गई है।

एक्सचेंज फाइलिंग में HCLTech ने बताया है कि उसने यूरोप में हेडक्वार्टर वाली एक’फॉर्च्यून ग्लोबल 50’कंपनी (जिसका नाम नहीं बताया गया है) के साथ एक अहम स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप का मकसद AI-आधारित ऑपरेटिंग मॉडल बनाना है,ताकि क्लाइंट के ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज़ नेटवर्क को बदला और मैनेज किया जा सके।

इस समझौते की अवधि जुलाई 2026 से दिसंबर 2031 तक है। इसे और पांच साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी है। HCLTech ने बताया कि शुरुआती अवधि के दौरान कॉन्ट्रैक्ट की अनुमानित कीमत लगभग 1.14 अरब डॉलर है। यही डील कंपनी के लिए पूरी तरह से नया बिज़नेस हासिल करने जैसी है।

आज के शुरुआती कारोबार में HCL टेक्नोलॉजीज का शेयर 4.5 प्रतिशत तक बढ़कर 1,126.50 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को आई तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक यह शेयर लगभग 31.3 प्रतिशत नीचे है और इसने निफ्टी 50 के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया है। निफ्टी 50 में इसी दौरान लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 3.05 लाख करोड़ रुपये है।

फिलहाल HCL टेक्नोलॉजीज़ का शेयर ₹45.35 या 4.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,122.85 पर ट्रेड कर रहा है। इसने इंट्राडे में ₹1,138.75 का उच्चतम और ₹1,115.50 का न्यूनतम स्तर छुआ। पिछले ट्रेडिंग सेशन में, शेयर 4.12 प्रतिशत या ₹42.60 बढ़कर ₹1,077.50 पर बंद हुआ था। इस शेयर ने 03 फरवरी, 2026 और 01 जुलाई, 2026 को ₹1,770.00 का 52-हफ्ते का उच्चतम और ₹1,030.00 का 52-हफ्ते का न्यूनतम स्तर छुआ था। फिलहाल, यह स्टॉक अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से 36.56 प्रतिशत नीचे और 52-हफ्ते के न्यूनतम स्तर से 9.01 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा है।

प्रभुदास लीलाधर ने बढ़ाई रेटिंग

इस बीच प्रभुदास लीलाधर ने HCL टेक की रेटिंग ‘रिड्यूस’ से बढ़ाकर ‘एक्युमुलेट’कर दी है और ₹1140 का टारगेट दिया है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में पॉजिटिव बदलाव दिख रहा है। बीते करीब दो सालों में शेयर बाजार का रिटर्न अच्छा नहीं रहा है। पहले हाई वैल्यूएशन बड़ा चैलेंज था। इससे विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली की। वैल्यूएशन अब घटा है। उधर, मध्यपूर्व में तनाव कम हुआ है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका पाॉजिटिव असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। सीएनबीसी-टीवी18 ने निवेश और शेयर बाजार के आउटुलक के बारे में जानने के लिए इंडियाचार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव के साथ बातचीत की।

बाजार नई तेजी के शुरुआती चरण में

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार कई वैश्विक और भू-राजनीतिक झटकों के बाद अब एक नए अपट्रेंड के शुरुआती चरण में है। बाजार पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का असर पहले ही पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल चार्ट्स पर ‘हायर लो’ (Higher Lows) का बनना यह दर्शाता है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है। बाजारों में इस तेजी के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी 24,300 के लेवल को तोड़ने के बाद ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाएगा। बैंक निफ्टी के भी 63,000 पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स की तेजी में बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि मार्केट में अगले चरण की रैली में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स का बड़ा योगदान होगा। यह सेक्टर आने वाले समय में स्टार परफॉर्मर बन सकता है। अगर आगे इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिलती है तो इससे बैंकिंग सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। रुपये में स्थिरता भी बैंकिंग सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी पर लगाम लगी है। उधर,

रियल एस्टेट, एनर्जी, मेटल्स और पावर सेक्टर्स का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। इन सेक्टर्स में लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा मोमेंटम दिख रहा है और निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी के मौके ढूंढने चाहिए।

सोने की जगह यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का समय

श्रीवास्तव ने कहा कि सोने और चांदी में शॉर्ट-टर्म मोमेंटम इंडिकेटर्स ओवरबॉट (overbought) की स्थिति का संकेत दे रहे हैं। इससे निकट अवधि में मुनाफावसूली दिख सकती है। उन्होंने कहा कि यह समय कीमती धातुओं (precious metals) पर फोकस थोड़ा कम कर शेयरों पर बढ़ाने का है। इसकी वजह यह है कि इक्विटी अब एक नए ‘गोल्ड’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आईटी सेक्टर में कमजोरी जारी रहने का अनुमान जताया। इसका मतलब है कि निवेशकों को लार्जकैप आईटी शेयरों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को लेकर भी सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी

शेयर बाजार में 2 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 169 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.75 फीसदी यानी 579 अंक के उछाल के साथ 77,502 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी नाममात्र की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

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