Vodafone Idea Q1 Results: वोडा आइडिया का घाटा घटकर ₹3754 करोड़ हुआ, रेवेन्यू और EBITDA में भी उछाल

Vodafone Idea Q1 Results: देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने जून तिमाही में पिछले साल के मुकाबले घाटा कम किया है। कंपनी को इसका फायदा ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ने से मिला। ज्यादा ग्राहक महंगे 4G और 5G प्लान की ओर बढ़े हैं।

कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा घटकर 3,754 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,608 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू और EBITDA बढ़ा

जून तिमाही में Vodafone Idea की रेवेन्यू 11,660 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 11,000 करोड़ रुपये थी। यानी रेवेन्यू में करीब 6% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी का EBITDA बढ़कर 5,034 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 4,600 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 41.84% से बढ़कर 43.17% हो गया।

5G अब 200 से ज्यादा शहरों में

Vodafone Idea के CEO अभिजीत किशोर ने कहा कि FY27 कंपनी के लिए काम को तेजी से जमीन पर उतारने का साल है। उनके मुताबिक, कंपनी के निवेश का असर अब कारोबार में दिखने लगा है।

उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी ने कई अहम बिजनेस पैरामीटर में सुधार किया। इनमें सब्सक्राइबर जोड़ना भी शामिल है। यह मर्जर के बाद पहली बार हुआ है। कंपनी की 5G सेवा अब 200 से ज्यादा शहरों में लाइव है।

₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर

वोडाफोन आइडिया ने नेटवर्क विस्तार के लिए 9,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स ऑर्डर पहले ही दे दिए हैं। मैनेजमेंट ने कहा कि कर्जदाताओं के साथ बातचीत जारी है। उसे उम्मीद है कि कर्ज से जुड़ी चर्चा सफलतापूर्वक पूरी होगी।

कंपनी का फोकस अब नेटवर्क विस्तार, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और AI से जुड़े बदलाव पर है।

Vodafone Idea के शेयर

वोडाफोन आइडिया के शेयर सोमवार को 0.71% की बढ़त के साथ 12.82 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 11.67% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में यह करीब 95% उछला है। वोडाफोन आइडिया का मार्केट कैप 1.40 लाख करोड़ रुपये है।

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Stock in Focus: आईटी कंपनी HCLTech की Nokia और Neste से AI डील, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: आईटी कंपनी HCLTech ने AI बेस्ड सर्विसेज को मजबूत करने के लिए दो बड़े समझौतों का ऐलान किया है। कंपनी ने टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली Nokia और फिनलैंड की रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी Neste के साथ साझेदारी की है। इन समझौतों का फोकस AI, नेटवर्क ऑटोमेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर रहेगा।

Nokia के साथ बनाएगी स्मार्ट नेटवर्क

HCLTech ने Nokia के साथ अपनी मौजूदा साझेदारी का विस्तार किया है। दोनों कंपनियां AI बेस्ड नेटवर्क ऑटोमेशन को बढ़ावा देंगी। इसका मकसद टेलीकॉम कंपनियों को ज्यादा स्मार्ट और ऑटोमेटेड नेटवर्क उपलब्ध कराना है।

इस समझौते के तहत HCLTech, Nokia के SMO Marketplace में चार AI बेस्ड rApps जोड़ेगी। इनमें Anomaly Detector नेटवर्क की गड़बड़ियां पकड़ने का काम करेगा। Energy Optimizer कम ट्रैफिक के दौरान बिजली की खपत घटाने में मदद करेगा।

mMIMO Interference Mitigation सिग्नल क्वालिटी बेहतर करेगा। वहीं Traffic Balancer नेटवर्क पर दबाव और लेटेंसी कम करने का काम करेगा। दोनों कंपनियां मिलकर 5G और भविष्य की नेटवर्क तकनीकों के लिए नए rApps भी विकसित करेंगी।

HCLTech के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट हरी सदरहल्ली ने कहा कि यह साझेदारी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को AI बेस्ड नेटवर्क ऑटोमेशन अपनाने में मदद करेगी। साथ ही वे सेल्फ-ड्राइविंग नेटवर्क्स की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।

Neste के साथ बढ़ाएगी ऑपरेशनल एफिशिएंसी

HCLTech को फिनलैंड की रिन्यूएबल फ्यूल कंपनी Neste ने अपने प्रदर्शन सुधार कार्यक्रम के लिए रणनीतिक साझेदार चुना है। इस समझौते के तहत HCLTech, Neste के आईटी सिस्टम को सरल बनाने पर काम करेगी। कंपनी अलग-अलग आईटी सेवाओं को कंसॉलिडेट करेगी। साथ ही ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और तकनीकी ढांचा मजबूत करने में मदद करेगी।

Neste की CFO ईवा सिपिला ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की आईटी क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे प्रदर्शन सुधार कार्यक्रम को भी गति मिलेगी। HCLTech के चीफ ग्रोथ ऑफिसर अजय बहल ने कहा कि यह समझौता Neste को ज्यादा कुशल और मजबूत तकनीकी ढांचा तैयार करने में मदद करेगा।

HCLTech का शेयर मंगलवार को 0.41% बढ़कर ₹1,114 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर करीब 32% टूट चुका है।

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