विश्वकप में क्या खुलेगा चक दे गर्ल्स का खाता? कल सामने होगी द.अफ्रीका

चीन के साथ कड़े मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद अपनी पहली जीत की उम्मीद में भारतीय महिला टीम कल FIH वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में अपने दूसरे पूल डी मैच में दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी। भारत ने चीन के खिलाफ अच्छी शुरुआत की, जिसमें नवनीत और दीपिका ने गोल करके अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी।

चीन ने दो बार वापसी करते हुए बराबरी की, लेकिन भारत की अनुशासित रक्षापंक्ति और लड़ने के जज्बे ने उन्हें टूर्नामेंट की प्रमुख टीमों में से एक के खिलाफ एक अहम अंक दिलाने में मदद की। इस नतीजे से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले मैच से पहले भारत का आत्मविश्वास बढ़ेगा, साथ ही यह भी पता चलेगा कि अपनी सकारात्मक लय को तीन अंक में बदलना कितना जरूरी है।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका अपने पहले मैच में इंग्लैंड से 4-0 से हारने के बाद वापसी करने के लिए उत्सुक होगा। इंग्लैंड अभी पूल में सबसे आगे है, जबकि भारत और चीन पहले दिन ड्रॉ खेलने के बाद अंक के मामले में दूसरे स्थान पर हैं। टूर्नामेंट के पहले चरण से हर पूल की शीर्ष दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी, इसलिए हर अंक बहुत अहम हो जाता है।

इसलिए भारत इस मुकाबले में यह जानते हुए उतरेगा कि जीत से उनके क्वालिफिकेशन की उम्मीदों को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वे चीन के खिलाफ दिखाई गई तीव्रता और संयम को बनाए रखें और साथ ही अटैकिंग थर्ड में और अधिक सटीक खेलें।

टूर्नामेंट की शुरुआत में नवनीत और दीपिका की फॉर्म आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत होगी, जबकि दबाव झेलने की टीम की क्षमता का फिर से परीक्षण किया जाएगा। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका अपनी शुरुआती हार के बाद मजबूत वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार होगा। भारत को एक ऐसी टीम से कड़े मुकाबले की उम्मीद करनी चाहिए जिसके पास दांव पर लगाने के लिए बहुत कुछ है।

भारतीय टीम चीन के खिलाफ दिखाए गए भरोसे और जीतने की जबरदस्त इच्छाशक्ति से आत्मविश्वास हासिल करेगी। अब, इस विश्व कप में अपनी पहली जीत पर नजर रखते हुए, भारत उसी आधार को आगे बढ़ाना चाहेगा, तीन अहम अंक हासिल करना चाहेगा और कड़े मुकाबले वाले पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा।

मैच का समय – शाम 6.30 बजे

कहां देखें- स्टार सिलेक्ट या फिर जियो हॉटस्टार पर

E3 Electric opens its first store in Bengaluru

E3 Electric opens its first store in Bengaluru
E3 Electric opens its first store in Bengaluru

E3 Electric.AI – the newest entrant in India’s growing electric 2-wheeler market has opened its doors to customers at its first flagship experience centre in Koramangala, Bengaluru, spanning over 2,500 square feet offering sales, service and spares backup under one roof. Along with this, the brand has also highlighted its expansion across the country. 

  1. The flagship store spans over 2,500sq. ft.
  2. E3 Electric.AI currently has three models on offer
  3. 6 more stores in Bengaluru and 100 more stores planned across India in the current financial year.

E3 Electric.AI to open 6 more stores in Bengaluru

This startup currently has three models on sales – C1, C1X, C2

While this flagship store is situated in Koramangala, Bengaluru, E3 says that there are six more stores opening in Bengaluru in the coming months, although a clear timeline hasn’t been provided. In addition to that, the brand also plans to expand in Mysuru as part of its Karnataka expansion.

In terms of its pan-India expansion, the brand aims to open about 100 stores in 90 markets during the current financial year. With a similar ethos as the first store – customer-first and experience-led.

As for the products on offer, this Bengaluru based startup has 3 models on offer – C1, C1x and C2. The entry-level Trion C1 uses a removable 2.3kWh LFP battery, while the C1x and C2 get larger, fixed 3kWh LFP units. 

The Trion rides on 14-inch wheels, which are larger than those on most electric scooters currently on sale in India.

4 वजहों पर सवार Nifty पहुंचा 24350 के पार, निचले स्तर से Sensex में 475 प्वाइंट्स की रिकवरी

Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवे कारोबारी दिन मार्केट में आज गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि फिर वैल्यू बाइंग समेत कुछ वजहों से इनमें जोरदार रिकवरी आई। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 475 प्वाइंट्स रिकवर हो गया तो निफ्टी भी 24350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अधिक मजबूती से रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हो गए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:47 PM पर सेंसेक्स 124.71 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 और निफ्टी 12.00 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 24,354.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स प्वाइंट्स टूटकर 77,453.75 तक आया था जिससे रिकवर होकर 474.93 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 77,928.68 पहुंचा तो निफ्टी भी 139.05 प्वाइंट्स टूटकर 24,226.95 तक आया था जिससे 132.65 रिकवर होकर यह 24,359.60 तक पहुंच गया।

Stock Market Sharp Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

लगातार पांचवे कारोबारी दिन गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी यानी वैल्यू बाइंग से सपोर्ट मिला।

India VIX मे नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में रिकवरी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। शुरुआती कारोबार में यह उछलकर 11.78 तक पहुंचा था, जिससे सुस्त होकर यह 11.47 पर आ गया है। इसमें उछाल से शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने और गिरावट से वोलैटिलिटी कम होने का संकेत मिलता है।

मेटल और प्राइवेट बैंकों की मजबूती

मार्केट को आईटी शेयर नीचे खींचने की कोशिश कर रहे हैं और इसका निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी कमजोर है। हालांकि प्राइवेट बैंकों और मेटल कंपनियों की चमक ने मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक में फिलहाल आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी मेटल में 1% से अधिक उछाल है।

टेक्निकल वजह

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर है, इसमें रिकवरी की गुंजाइश बनी रहेगी। बजाज ब्रोकिंग का कहना है कि पिछले 9 कारोबारी दिनों से निफ्टी एक सीमित रेंज में ऊपर-नीचे यानी कंसालिडेट हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडेक्स को 24,200 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट मिल रहा है जो 100 और 50-दिनों के ईएमए के क्रास पर है। बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक 24000-23800 के लेवल पर इसे अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिल रहा है जो पिछले 4 महीने के निचले लेवल्स को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट और 23606 से 24774 तक की पिछली बढ़त का 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट नहीं करता है, इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश नहीं है। यह इसके शॉर्ट-टर्म गिरावट के रुझान के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी पर सबसे अधिक कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। 24500 के पार जाने पर 24600 का रास्ता खुल सकता है तो नीचे की तरफ 24300 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम कर रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दुश्मन के बंकर, एयर डिफेंस सिस्टम के लिए काल है भारत का पहला स्वदेशी ‘दिव्यास्त्र Mk3’ ड्रोन! लखनऊ की कंपनी ने रचा इतिहास

Divyastra Mk3: भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। 11 अगस्त 2026 को देश में बने Divyastra Mk3 ने पहली बार उड़ान भरी। यह एक बिना पायलट वाला जेट-पावर्ड ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ है। जिसे लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी और तय लक्ष्य पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस एयरक्राफ्ट ने उत्तर प्रदेश में एक तय टेस्टिंग एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी और इसे भारत में बने जेट इंजन से पावर मिली। लखनऊ की डिफेंस स्टार्टअप कंपनी ‘Kawa UAV Pvt. Ltd.’ (HoverIt) द्वारा विकसित इस प्लेटफॉर्म को कॉन्सेप्ट से उड़ान तक पहुंचने में आठ महीने से भी कम समय लगा।

बता दें कि ‘Divyastra Mk3’ को टर्बोजेट इंजन से पावर मिलती है, जिसे पूरी तरह से भारतीय प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी कंपनी ‘DG प्रोपल्शन’ ने बनाया है। कंपनी के अनुसार, ट्रायल के दौरान इंजन ने सभी तय ऑपरेशनल पैरामीटर्स (कामकाज के मानकों) को पूरा किया है।

यह पहली उड़ान भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह पहली बार है जब देश में डिजाइन, विकसित और तैयार किया गया जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन पूरी तरह स्वदेशी पावरप्लांट के साथ आसमान में उड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2026 की शुरुआत में हुई थी और महज कुछ महीनों में अगस्त में इसकी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हुई। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में न तो विदेश से आयात किए गए जेट इंजन का इस्तेमाल किया गया और न ही जरूरी तकनीक के लिए विदेशी सिस्टम पर निर्भरता रही।

कंपनी ने दी जानकारी

HoverIt ने X पर एक पोस्ट में इस प्लेटफॉर्म को “भारत का पहला स्वदेशी जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन” बताया, जो सफलतापूर्वक उड़ान भर सकता है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि इसमें भारतीय एयरफ्रेम, भारतीय जेट इंजन, स्वदेशी तकनीक और भारतीय फायरपावर का इस्तेमाल किया गया है।

कंपनी ने कहा, “इसमें कोई इम्पोर्टेड जेट इंजन नहीं। कोई विदेशी क्रिटिकल सब-सिस्टम नहीं। भारत में बना। भारत में उड़ाया गया।”

(HoverIt) के को-फाउंडर्स ने कहा, “यह सिर्फ एक टेस्ट फ्लाइट नहीं है – यह इरादे का इजहार है। भारत ने बड़े पैमाने पर और तेजी से यह साबित कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं के भीतर ही जेट-पावर्ड प्रिसिजन स्ट्राइक सिस्टम की कल्पना, इंजीनियरिंग और उड़ान को अंजाम दे सकता है। ‘Divyastra Mk3’ ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जीता-जागता उदाहरण है।”

यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब भारत प्रिसिजन स्ट्राइक और ऑटोनॉमस एयर सिस्टम में अपनी घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म और प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने में भारतीय प्राइवेट-सेक्टर की डिफेंस कंपनियों की बढ़ती भूमिका भी उजागर होती है।

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TVS overtakes Honda for the first time in July scooter sales

TVS overtakes Honda for the first time in July scooter sales
TVS overtakes Honda for the first time in July scooter sales

India’s scooter market came close to the 800,000-unit mark in July 2026, with nine OEMs dispatching 798,190 units, up 24 percent year on year. TVS Motor Co overtook Honda Motorcycle & Scooter India for the first time to lead the market for the month.

  1. TVS scooter sales up 40 percent to 2,56,675 units
  2. Honda sales fall 12 percent to 2,33,337 units
  3. Electric scooters account for 21 percent of July wholesales

TVS overtakes Honda for the first time

TVS Motor Co has overtaken Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) to become India’s largest scooter manufacturer in monthly wholesales for the first time in July 2026. TVS dispatched 2,56,675 units, up 40 percent year on year, while Honda dispatched 2,33,337 units, down 12 percent. The difference between the two stood at 23,338 units.

July’s overall scooter wholesales of 7,98,190 units were just 1,810 units short of the 8 lakh mark. It was the second-highest monthly tally after October 2025, when over 8.24 lakh scooters were dispatched. July was also the sixth month in the past seven to cross 7 lakh units, with April falling short by just 8,007 units.

TVS’ scooter market share increased to 32 percent in July from 28 percent in the same month last year, while Honda’s share fell from 41 percent to 29 percent.

TVS’ EVs drive growth

TVS’ ICE scooter range, comprising the Jupiter, NTorq and Zest, accounted for 1,97,289 units in July, up 23 percent year on year. Its electric scooters, the iQube and Orbiter, contributed 59,386 units, up 158 percent.

Honda’s ICE scooters, comprising the Activa 110/125 and Dio 110/125, accounted for 2,32,073 units, down 12 percent from 265,364 units in July 2025. The company’s Activa-e and QC1 electric scooters together contributed 1,264 units, up 467 percent from 263 units a year ago.

HMSI unveiled its third electric scooter, the QC 3, on July 24. The company remains India’s largest scooter exporter, with 1,56,938 units shipped in July, up 36 percent year on year. TVS was second with 53,254 units, up 43 percent.

Suzuki, Hero and Bajaj follow

Suzuki Motorcycle India dispatched 1,20,998 scooters in July, up 28 percent year on year, taking its market share to 15 percent from 14 percent a year ago. The Access 125 remains its best-selling scooter, ahead of the Avenis and Burgman Street, which also use the same 125cc engine. The new e-Access contributed 825 units.

Hero MotoCorp dispatched 61,347 scooters, up 33 percent, giving it an 8 percent market share. Its ICE scooters, the Destini 125, Pleasure and Xoom, accounted for 38,640 units, up 11 percent, while Vida electric scooters contributed 22,707 units, up 102 percent.

Bajaj Auto dispatched 48,684 units, up 301 percent year on year from 12,134 units in July 2025. The tally comprised 47,184 Chetaks and 1,500 Yulu EVs. Its scooter market share consequently rose to 6 percent from 2 percent.

Yamaha and Ather continue to grow

India Yamaha Motor dispatched 36,783 scooters in July, up 53 percent year on year. The Fascino and Ray ZR together accounted for 31,945 units, up 46 percent, while the 155cc Aerox contributed 4,544 units, up 102 percent. Yamaha also dispatched 294 EC-06 electric scooters to its Blue Square dealerships.

Ather Energy dispatched 31,044 scooters in July, up 106 percent year on year, doubling its market share to 4 percent. The company is set to unveil its first EL platform-based scooter at Ather Community Day on August 29.

River Mobility dispatched a record 6,039 Indie electric scooters in July, up 226 percent year on year. Piaggio Vehicles, which sells the Vespa and Aprilia brands in India, dispatched 3,283 scooters, up 40 percent.

Electric scooters account for 21 percent of sales

Electric scooter wholesales reached 1,70,243 units in July, up 168 percent year on year from 63,560 units in July 2025. Volumes were also up 16 percent over June 2026, when 1,46,668 electric scooters were dispatched.

EVs consequently accounted for 21 percent of total scooter wholesales in July, compared with 10 percent a year ago.

TVS dispatched a record 59,386 iQube and Orbiter scooters in July, giving it an EV penetration of 35 percent for the month. Between January and July 2026, TVS has dispatched 1.52 million scooters, of which 314,104 were electric, meaning roughly one in every five scooters sold by TVS during the period was an EV.

Bajaj Auto’s 48,684-unit July tally included 47,184 Chetaks and 1,500 Yulu EVs, while Ather dispatched 31,044 units and Hero’s Vida range contributed 22,707 units.

The three Japanese electric scooter manufacturers – Honda, Suzuki and Yamaha – together dispatched 2,383 units in July.

Scooter sales on track for record CY2026

Cumulative scooter wholesales for January-July 2026 stood at 5.21 million units, up 32 percent from 3.95 million units during the same period last year. The seven-month tally already represents 69 percent of the record 7.52 million scooters sold in CY2025.

At the current pace, the scooter industry is on track to cross 9 million units in CY2026 for the first time.

Scooters accounted for 41 percent of India’s 1.92 million two-wheeler wholesales in July. Motorcycles accounted for 1.075 million units, or 56 percent, while mopeds contributed 50,497 units, or 3 percent.

नितिन नबीन आज कर सकते हैं नई टीम का ऐलान, अनुराग ठाकुर-स्मृति ईरानी की वापसी के संकेत

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। ऐसे में सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में एक बार फिर अहम भूमिका में वापसी हो सकती है।

काफी समय से इंतजार किए जा रहे इस संगठनात्मक बदलाव में अनुभवी नेताओं के साथ नई पीढ़ी के चेहरों को भी जगह मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, नई टीम की औसत उम्र करीब 50 साल रह सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि पार्टी की नई टीम में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों को संतुलित रखने पर भी खास ध्यान दिया जा सकता है।

बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नबीन के पहले बड़े संगठनात्मक फेरबदल में अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की संभावित वापसी सबसे अहम बातों में से एक होगी।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की भूमिका

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर पहले सूचना और प्रसारण तथा युवा मामले और खेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों का विभाग भी संभाला है।

वहीं, स्मृति ईरानी बीजेपी की प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वह केंद्र में मंत्री रह चुकी हैं और 2019 से 2024 तक अमेठी से लोकसभा सांसद भी रहीं। पार्टी संगठन में भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी को नई टीम में शामिल किए जाने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब बीजेपी अपने संगठन में युवा चेहरों को ज्यादा जगह देने की तैयारी कर रही है। नितिन नबीन के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद से ही संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही थी। 45 साल की उम्र में नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। उनके अध्यक्ष बनने को पार्टी में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और नेतृत्व में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था।

वहीं, बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को सिर्फ रूटीन फेरबदल से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है। पार्टी अपने राष्ट्रीय संगठन को आने वाले चुनावों, खासकर कई अहम राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों के हिसाब से तैयार करना चाहती है।

बता दें कि नबीन ने अगले चुनावी दौर की तैयारियों के तहत जमीनी स्तर पर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने उत्तर प्रदेश के करीब 20 बीजेपी सांसदों के साथ आमने-सामने की बैठकें भी कीं, जिनमें जातिगत समीकरण और कार्यकर्ताओं का मनोबल मुख्य मुद्दे बनकर उभरे।

इसके अलावा, संगठन में बदलाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और माना जा रहा है कि बीजेपी जल्द ही अपनी नई टीम का ऐलान कर सकती है। पार्टी के भीतर इस फेरबदल को अगले चुनावी चक्र से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

नितिन नबीन का युवाओं और महिलाओं पर फोकस

साथ ही, युवाओं और महिलाओं पर ध्यान देना इसलिए भी खास है क्योंकि नबीन BJP के राष्ट्रीय संगठन पर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। बीजेपी ने पहले भी संकेत दिए थे कि नबीन के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में युवा नेतृत्व को ज्यादा जगह दी जाएगी। और शायद इसी वजह से ठाकुर और ईरानी जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी से नई टीम को राजनीतिक अनुभव और देशभर में पहचाने जाने वाले चेहरे मिलेंगे। इससे नबीन के सामने संगठन में पुराने अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने का मौका होगा।

इसलिए बीजेपी के नए संगठन पर सभी की नजरें रहेंगी। नई टीम से पार्टी का राजनीतिक संदेश भी साफ होगा—युवा नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी, अलग-अलग क्षेत्रों और महिलाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व और कुछ बड़े नेताओं की वापसी। माना जा रहा है कि ये नेता आगे पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।

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We see a drop in India due to PHEV import duty uncertainty: Lamborghini CEO

We see a drop in India due to PHEV import duty uncertainty: Lamborghini CEO
We see a drop in India due to PHEV import duty uncertainty:  Lamborghini CEO

On the sidelines of the world premiere of the Lamborghini Revuelto SV, the brand’s president and CEO, Stephan Winkelmann, spoke to journalists about the new flagship hybrid supercar, the move away from EVs and even the Indian market.

India-EU FTA hybrid uncertainty could pose a problem 

A hot topic at the moment is the India-EU free trade agreement (FTA) soon to come into effect, which promises to make imported cars a whole lot more affordable. While that’s great news for most super-sportscar brands, it’s not so for Lamborghini, as the India-EU FTA offers no clarity about benefits for hybrid cars, which make up the Italian brand’s entire range.

“The decision was made, I think, at the beginning of the year to lower the import taxes, but not for PHEVs,” said Winkelmann, responding to a question from Autocar India. “So, we see a drop in the market due to the uncertainty which is created by this. And there is still not enough clarity.”

While other brands do have some pure-ICE models, the prices of which are already being reduced ahead of the FTA’s introduction, at present, hybrid and EV models continue to attract the full import duty as before. Having moved away from pure-ICE models entirely, Lamborghini unfortunately bears the full brunt, at least for now.

Lamborghini’s current line-up features only hybrid models. 

“I think this will come only in four years’ time. And this, for sure, is not helping the decision to buy a plug-in hybrid car, which is coming from [Lamborghini].”

Can ethanol-blended petrol work in Lamborghinis?

Regarding another hot topic in our country at the moment, Winkelmann responded to another question from Autocar India, suggesting that given the uncertainty around traditional fuels, blended biofuels were not off the table for Lamborghini.

“In Europe, we are extremely positive about it and are going to make a decision on biofuels soon,” he said, highlighting that any decision around the matter would have to start from its home region. “For us, this is a very important market, as you might know.” 

He was quick to point out that the quality of fuel is what’s most important for any of Lamborghini’s models and their high-performance plug-in hybrid powertrains. While ethanol blending does increase the RON (Research Octane Number) of the fuel, it also depends on the petrol it is being blended with, which varies from market to market.

“They already exist, those fuels, but it always depends on how good they are. If you have a low octane, then you cannot use them for our type of cars. You have to have a minimum of 95 octane, and this is sometimes, with the few fuels around the globe, not available,” he stated, reiterating that such a decision would have to be globally compatible. “I don’t know exactly how this is in India.”

Revuelto SV arrives before Revuelto Roadster

As for the main event, Lamborghini has just revealed the Revuelto SV, the hotter version of its flagship V12 PHEV supercar, limited to 1,963 units. With increased performance, redone suspension and far more advanced aerodynamics, its goal is to surpass the Revuelto to become the highest-performance Lamborghini of them all. SV models date all the way back to the Miura SV from 1971, but this is the first time an SV has been launched so soon after the standard model, arriving before even a convertible Roadster model.

“I have to tell you that the coupe was and is so successful that it was exceeding all our expectations, even the most positive ones,” Winkelmann said in response to Autocar India. “So, we decided to go immediately from Revuelto to Revuelto Superveloce. And the first feedbacks we are getting on the Superveloce are really outstanding.”

The additional 50hp is extracted from an upgraded battery and motor rather than from the V12 engine, which Lamborghini says was intentional, as it allowed for better control and faster distribution of the power.

“We use the battery to create more boost and a better distribution of power output than only with the internal combustion engine. Also, together with the torque vectoring, the feeling of driving a car at speed is very much improved in comparison with the [purely] internal combustion engine guise of the past generations,” Winkelmann said.

Lamborghini customers don’t want EVs 

That said, the engine is essential. Not long before rival Ferrari unveiled its first EV, the Luce, Lamborghini announced its decision to delay its own first electric offering, the Lanzador, which was scheduled to launch before 2030. The Lanzador – also a low-slung four-seat crossover – will now get a hybrid powertrain instead, as an EV would simply not be emotional enough for Lamborghini customers.

 “Why? Because the customer behaviour towards what we were proposing at the beginning of this decade has changed; they are not adopting electric cars,” said Winkelmann. “I’m talking about our type of customers, because you don’t buy a Lamborghini because you need a Lamborghini or you need a car; you buy it because you want to fulfil your dreams. We are not selling mobility; we are selling emotions.”

He also stated that, Indian regulations aside, the brand’s all-PHEV line-up has proven to be a successful approach, at once helping meet prevailing and upcoming emissions regulations while also retaining the emotional appeal of an ICE engine that’s core to the brand.

“You have the sound, the vibration of an internal combustion engine, but you also have all the advantages of the new technology,” he said. “The combination of battery and internal combustion engine for us is not a transition period, but it’s really something which is here to stay.”

9-5 की नौकरी के बाद UK में लोग करते हैं ये काम, भारतीय महिला ने VIDEO में दिखाया पूरा सच

ब्रिटेन में रह रही भारतीय महिला अनुष्का व्यास का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। वीडियो में उन्होंने UK और भारत की 9-5 नौकरी के बाद की जिंदगी का अंतर दिखाने की कोशिश की है। अनुष्का ने गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे अपने घर के पास एक पार्क का वीडियो शेयर किया, जहां लोग काम खत्म करने के बाद परिवार के साथ समय बिताते, घूमते और फिटनेस पर ध्यान देते नजर आए। उनका कहना है कि UK में नौकरी के बाद भी लोगों के पास अपनी जिंदगी के लिए वक्त बचता है।

वहीं, भारत में ऑफिस खत्म होने के बाद लंबा सफर, ट्रैफिक और कई बार अतिरिक्त काम दिन का बाकी समय भी ले लेते हैं। अनुष्का के मुताबिक, इसी वजह से कई लोगों की पूरी उम्मीद वीकेंड पर टिक जाती है। उनके वीडियो ने सोशल मीडिया पर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

गुरुवार शाम 5:30 बजे पार्क का दिखाया नजारा

अनुष्का ने इंस्टाग्राम पर शेयर वीडियो में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे अपने घर के पास एक पार्क का नजारा दिखाया। उन्होंने बताया कि यह न तो वीकेंड था और न ही कोई छुट्टी का दिन। इसके बावजूद पार्क में लोग परिवार के साथ समय बिता रहे थे, पिकनिक कर रहे थे और फिटनेस पर ध्यान दे रहे थे।

‘यहां काम के बाद भी जिंदगी बचती है’

अनुष्का के मुताबिक, UK में लोग अपना काम खत्म करने के बाद परिवार और निजी जिंदगी के लिए समय निकाल पाते हैं। उनके अनुसार, शाम का समय सिर्फ घर पहुंचने और आराम करने में ही नहीं निकलता, बल्कि लोग घूमने, एक्सरसाइज करने और अपनों के साथ वक्त बिताने का मौका भी पाते हैं।

भारत में 9-5 के बाद शुरू होती है दूसरी जद्दोजहद?

अनुष्का ने भारत की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोगों के लिए ऑफिस का समय खत्म होने के बाद भी दिन खत्म नहीं होता। ऑफिस से निकलने के बाद ट्रैफिक और लंबा सफर समय ले लेता है। कई बार बॉस की तरफ से अतिरिक्त काम भी मिल जाता है। ऐसे में घर पहुंचते-पहुंचते काफी देर हो जाती है।

वीकेंड का भी नहीं मिल पाता पूरा आराम

उन्होंने कहा कि लगातार थकान के कारण कई लोग वीकेंड का इस्तेमाल भी सिर्फ आराम करने में कर देते हैं। ऐसे में परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना या अपनी सेहत और फिटनेस पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है।

‘सिर्फ पैसा नहीं, क्वालिटी ऑफ लाइफ भी जरूरी’

अनुष्का का कहना है कि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस भी उन वजहों में शामिल है, जिनके कारण कुछ भारतीय विदेश में बसना पसंद करते हैं। उनके मुताबिक, अच्छी नौकरी और कमाई के साथ सुकून, परिवार के लिए समय और अपनी जिंदगी जीने की आजादी भी जरूरी है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी राय रखी। कुछ लोगों ने UK के वर्क-लाइफ बैलेंस को बेहतर बताया, तो कुछ ने भारतीय वर्क कल्चर में बदलाव की जरूरत पर बात की। एक यूजर ने इसे “अनरियल वर्क-लाइफ बैलेंस” बताया, जबकि दूसरे ने कहा कि काम के बाद मिलने वाला सुकून भी बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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महिला हॉकी विश्वकप में 2 गोल करके भारतीय टीम ने चीन को बराबरी पर रोका

Wome Asian Hockey

भारत ने प्रबल दावेदार चीन के साथ हॉकी महिला विश्व कप मुकाबले में रविवार को दो बार बढ़त बनाने के बाद 2-2 का ड्रा खेला।भारत इस परिणाम से कॉन्फिडेंस लेगा। चीन फेवरेट के तौर पर आया था, लेकिन दोनों टीमों में से भारत ज़्यादा खुश होगा।

उन्होंने नवनीत की आठवें मिनट में शानदार फिनिश की वजह से लीड ली और फिर दीपिका ने 25वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से स्कोर 2-1 कर दिया। चीन ने दोनों गोल किए, झांग यिंग ने शिल्पी के फाउल के बाद 15वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदला और फिर मा निंग ने तीसरे क्वार्टर में 39वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 2-2 कर दिया।

चीन ने आखिरी क्वार्टर में ज़ोर लगाया, भारत ने प्रेशर झेलते हुए एक पॉइंट हासिल किया।इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी पिछली जीत के बाद ग्रुप में सबसे आगे है। चीन और भारत ने इस गेम से एक-एक पॉइंट हासिल किया।ग्रुप से दूसरे राउंड में सिर्फ़ दो टीमें ही आगे बढ़ी हैं, इसलिए चीन और भारत दोनों अपने अगले गेम में पॉइंट गंवाने का रिस्क नहीं उठा सकते।

Behari Lal Engineering IPO का अलॉटमेंट आज 17 अगस्त को, ऐसे करें चेक; लिस्टिंग अच्छी बढ़त में होने के संकेत

इंजीनियरिंग कास्टिंग्स और मिश्रधातु इस्पात उत्पाद (अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स) बनाने वाली बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड का IPO 118.07 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। यह इश्यू 301.62 करोड़ रुपये का था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 222.04 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 167.95 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 54.12 गुना भरा। अब आज, 17 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग 19 अगस्त को NSE और BSE पर होगी।

Behari Lal Engineering आयरन और स्टील सेक्टर की कंपनी है। यह कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस में माहिर है। कंपनी खास औद्योगिक कामों के लिए प्रिसीशन इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती है, जिनमें मेटल रोल, इंजीनियरिंग कास्टिंग, अलॉय स्टील प्रोडक्ट, फोर्जिंग इंगॉट और शाफ्ट शामिल हैं।

जिन लोगों ने बिहारी लाल इंजीनियरिंग के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Behari Lal Engineering IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Behari Lal Engineering को सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

IPO 12 अगस्त को खुला और 14 को बंद हुआ। प्राइस बैंड 271-285 रुपये प्रति शेयर था। इश्यू में 93 करोड़ रुपये तक के 33 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 208.62 करोड़ रुपये के 73 लाख शेयर मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल में बिक्री के लिए रखे गए।

IPO से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 90.49 करोड़ रुपये जुटाए। बिहारी लाल इंजीनियरिंग की लिस्टिंग अच्छी रहने के संकेत हैं। ग्रे मार्केट में शेयर 29.47 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे

इस IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल नए इक्विपमेंट या मशीनरी की खरीद और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में इनके इंस्टॉलेशन के लिए, इस इंस्टॉलेशन के लिए सिविल वर्क को लेकर, नए रूफ टॉप सोलर पैनल्स की खरीद और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में इनके इंस्टॉलेशन के लिए, कर्ज को चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

Behari Lal Engineering की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 546.52 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू 516.30 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 64.64 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 52.95 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में बिहारी लाल इंजीनियरिंग पर 17.78 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।