रोमांचक मैच में भारत बेल्जियम से पेनल्टी शूटआउट से हारकर रहा आठवें स्थान पर

भारत बेल्जियम का मैच किसी भी हॉकी प्रेमी के लिए बहुत रोमांचक मैच रहा लेकिन यह मैच कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ होता रहा। इसके साथ ही दोनों ही टीम के खिलाड़ियों को चोटों से जूझना पड़ा। खासकर मनप्रीत सिंह जिन्होंने अपने माथे पर चोट खा ली और खेल को काफी वक्त के लिए रोकना पड़ा उन्होंने स्ट्रेचर से जाने से मना कर दिया और चलकर मैदान छोड़ा। इसके बाद जरमनप्रीत की स्टिक बेल्जियम के खिलाड़ी के नाक पर लग गई। लेकिन भारत को रेड कार्ड नहीं मिला।

भारत ने इस मैच में पहले बढ़त बनाई। इसके बाद बेल्जियम ने दो गोल दागे। लेकिन भारत ने फिर से पलटवार कर बराबरी हासिल की। चौथे क्वार्टर में बेल्जियम ने मैदानी गोल दागा। भारत के लिए समय निकलता जा रहा था। लेकिन अंतिम 2.50 मिनट में भारत ने गोलकीपर सूरज करकेरा को बाहर बैठाकर दांव खेला जो अंतिम 30 सेकेंड में काम आया। पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागकर बराबरी की। हालांकि पेनल्टी शूटआउट की पटकथा भारत के खिलाफ रही।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ सातवें / आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन के रोमांचक मुकाबले में शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा।निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने बाजी मारकर भारत को एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के लिए मजबूर कर दिया।

शूटआउट में भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए, लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।इससे पहले निर्धारित समय में भारत के लिए अभिषेक ने शुरुआती गोल किया, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे। बेल्जियम की ओर से रोमन डुवेकोट, ह्यूगो लाबूशे और निकोलस डी केरपेल ने गोल किए।शूटआउट में बेल्जियम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाया और 4-3 से जीत दर्ज कर ली।

सहवाग और द्रविड़ के बेटे को साथ में मिला टीम में मौका, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ चयन

वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना खासा पसंद था। अब इन दोंनों क्रिकेटरों के बेटें को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही डेब्यू करने का मौका दिया जा रहा है। आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ को मार्च में होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 अंडर 19  एकदिवसीय सीरीज में भारतीय टीम के लिए चुना गया है। यह  मैच राजकोट और अहमदाबाद में खेले जाएंगे। तीनों एकदिवसीय और पहला बहुदिवसीय मैच राजकोट में खेला जाएगा, जबकि दूसरा बहुदिवसीय मुकाबला अहमदाबाद में होगा।

अन्वय द्रविड़ एक विकेटकीपर की हैसियत से इस टूर्नामेंट में खेलेंगे जिसमें कप्तान लक्ष्य रायचंदानी होंगे। यशवर्धन सिंह चौहान को लंबे प्रारूप के मुकाबलों के लिए कप्तान बनाया गया है। आर्यवीर सहवाग एक बल्लेबाज के तौर पर टीम में चुने गए हैं। इससे पहले यह दोनों खिलाड़ी 3 साल पहले रणजी ट्रॉफी में आमने सामने हुए थे और अब दोनों साथ में खेलेंगे।

द्रविड़ के बड़े बेटे, समित द्रविड़, जो 20 वर्ष के हैं उन्हें भी 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के ख़िलाफ़ खेलने के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में चुना गया था, लेकिन घुटने की चोट के कारण वह बाहर हो गए थे। समित ने कर्नाटक की टी20 लीग, महाराजा टी20 ट्रॉफ़ी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अंडर-19 टीम में जगह बनाई थी।

भारत अंडर-19 एकदिवसीय टीम: लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशवर्धन चौहान, रजत बघेल, आर्यवीर सहवाग, वीके विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़, वी यशवीर, रोहित यादव, शाविन विनोद, मोहित उलवा, चिगुरुपति वेंकट और काव्या पटेल।

भारत अंडर-19 बहुदिवसीय टीम:यशवर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी, सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा, अभिप्राय बिस्वास, रोहित यादव, ईशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा और आर्यन यादव।

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

इन पहाड़ों में मिलेगा ऐसा सुकून, शिमला-मसूरी की भीड़ भी भूल जाएंगे!

उत्तर भारत के पहाड़ों में छुट्टियां बिताने का नाम आते ही सबसे पहले शिमला, मसूरी और नैनीताल जैसी जगहों का ख्याल आता है। इन जगहों की खूबसूरती देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन छुट्टियों के समय यहां बढ़ती भीड़, ट्रैफिक और महंगे होटल कई बार सफर का मजा थोड़ा कम कर देते हैं। ऐसे में यदि आप शोर-शराबे से दूर किसी शांत पहाड़ी जगह पर कुछ दिन सुकून से बिताना चाहते हैं, तो कुछ कम मशहूर जगहों की ट्रिप कर सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई ऐसे छोटे-छोटे पहाड़ी ठिकाने हैं, जहां प्रकृति की खूबसूरती के साथ आपको शांत माहौल भी मिलेगा। यहां देवदार और चीड़ के जंगल, ठंडी हवा, पहाड़ों के सुंदर नजारे और आराम से समय बिताने का मौका मिलता है।

kasolrr

 

 

शोजा, हिमाचल प्रदेश

जिभी के पास बसा शोजा एक शांत और खूबसूरत पहाड़ी गांव है। यहां चारों तरफ घने जंगल, लकड़ी के बने घर और सुंदर पहाड़ी रास्ते देखने को मिलते हैं। यहां बड़े टूरिस्ट सेंटर जैसी भीड़ नहीं होती, इसलिए आप आराम से घूमने का मजा ले सकते हैं। शोजा में रहकर आप शांत माहौल का मजा ले सकते हैं और साथ ही जिभी के कैफे व आसपास की मशहूर जगहों पर भी घूम सकते हैं।

 

 

 

मशोबरा, हिमाचल प्रदेश

शिमला से करीब 11 किलोमीटर दूर मशोबरा उन लोगों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है, जो शिमला के पास रहकर भी भीड़ से बचना चाहते हैं। यहां देवदार और चीड़ के पेड़ों से घिरे रास्ते और शांत माहौल आपको काफी सुकून देंगे। यहां पुराने समय की खूबसूरत बिल्डिंग और आरामदायक रहने की जगहें भी मिलती हैं। पहाड़ों में शांति से समय बिताने के लिए मशोबरा एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

 

पंगोट, उत्तराखंड

नैनीताल से करीब 15 किलोमीटर दूर पंगोट एक छोटा और शांत पहाड़ी गांव है। यहां आपको भीड़भाड़ वाले मार्केट की जगह हरे-भरे जंगल और पहाड़ों के सुंदर नजारे देखने को मिलेंगे। यह जगह पक्षी देखने के शौकीन लोगों को पसंद आती है। यहां जंगल की पगडंडियों पर घूमने, पहाड़ों को देखने और शांत होमस्टे में रहने का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है। प्रकृति के करीब कुछ दिन बिताने के लिए पंगोट अच्छा डेस्टिनेशन है।

लैंडोर, उत्तराखंड

मसूरी से करीब 5 किलोमीटर दूर लैंडोर एक शांत और खूबसूरत जगह है। यहां पुराने घर, चीड़ के पेड़ों से घिरी सड़कें और पहाड़ों के सुंदर नजारे देखने को मिलते हैं। यहां छोटे कैफे और शांत घूमने की जगहें भी हैं। यदि आप मसूरी घूमना चाहते हैं, लेकिन वहां की ज्यादा भीड़ से बचना चाहते हैं, तो लैंडोर में ठहरना बेहतर साबित हो सकता है।

 

 

 

कनाताल, उत्तराखंड

मसूरी और धनौल्टी के पास कनाताल एक शांत पहाड़ी जगह है। यहां चारों तरफ हरियाली, जंगल और सेब के पेड़ दिखाई देते हैं। मौसम साफ होने पर दूर से हिमालय की बर्फीली चोटियों के नजारे भी देखे जा सकते हैं। यहां आप ट्रेकिंग कर सकते हैं, नेचर के बीच घूम सकते हैं या बस शांत माहौल में आराम कर सकते हैं। मसूरी और धनौल्टी की भीड़ से दूर कुछ दिन बिताने के लिए कनाताल अच्छा ऑप्शन है।

 

 

 

एक ट्रिप में दो तरह का मजा

इन शांत पहाड़ी जगहों की सबसे अच्छी बात यह है कि ये कई मशहूर हिल स्टेशनों के पास ही हैं। इसलिए आपको घूमने के लिए किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है। दिन में आप शिमला, मसूरी, नैनीताल या जिभी जैसी पॉपुलर डेस्टिनेशन की सैर कर सकते हैं और शाम को भीड़ से दूर अपने शांत डेस्टिनेशन पर लौट सकते हैं। इस तरह एक ही ट्रिप में आपको मशहूर जगहों और पहाड़ों का सुकून एक साथ मिल जाता है।

ऋषभ पंत की चोट है गंभीर, गेंदबाजी कोच के बयान से टीम और फैंस चिंता में

भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मंगलवार को कहा कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को कंधे पर ‘काफी चोट’ लगी है जिससे उनकी मूवमेंट प्रभावित हुई है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह श्रीलंका के खिलाफ यहां चल रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन मैदान पर लौटेंगे।

पंत ने यहां तीसरे दिन विकेटकीपिंग नहीं की और ध्रुव जुरेल ने उनकी जगह यह जिम्मेदारी निभाई।दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर चोट लगने के बाद पंत ड्रेसिंग रूम में हाथ में पट्टी बांधकर दिखे।

मोर्कल ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऋषभ के कंधे पर चोट लगी है। इस बारे में कल रात भी चर्चा हुई थी क्योंकि उन्हें काफी चोट लगी है। मुझे लगता है कि आज सुबह वार्मअप करने की कोशिश के दौरान उनकी मूवमेंट सीमित थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब हम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेंगे और उम्मीद है कि कल वह हमारे लिए विकेटों के पीछे मौजूद होंगे। उनका वहां होना महत्वपूर्ण है क्योंकि खेल को समझने की उनकी क्षमता असाधारण है।’’

मोर्कल ने कहा कि अगर कुलदीप यादव दूसरे टेस्ट से पहले वायरल बुखार की चपेट में नहीं आए होते तो चयन के लिए उनके नाम पर विचार किया जाता।उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, चयन मेरे हाथ में नहीं है। मुझे लगता है कि पहले टेस्ट के लिए उन्हें कुछ निश्चित भूमिकाएं निभाने को कहा गया था जो थोड़ा मुश्किल टेस्ट था। लेकिन मेरे हिसाब से वह अंतिम चयन के दावेदारों में जरूर होते।’’

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि भारत बुधवार को जल्द से जल्द श्रीलंका के बचे हुए दो विकेट हासिल करके बढ़त अपने पक्ष में बनाए रखना चाहेगा। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा, केशरा नुवंता और लाहिरू कुमारा ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं। मोर्कल ने कहा कि क्रिकेट में ऐसे दौर आते रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जितनी जल्दी हो सके मैदान से बाहर आना चाहते हैं, हमेशा यही योजना होती है। लेकिन यह खेल का हिस्सा है। कभी-कभी कूकाबूरा गेंद थोड़ी नरम हो जाती है और पिच से गेंद को अतिरिक्त तेजी दिलाना काफी मुश्किल होता है।’’मोर्कल ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि उन्होंने (श्रीलंका ने) काफी अच्छी बल्लेबाजी की और वहां अच्छी साझेदारी बनाई। मुझे नहीं लगता कि उन्हें गेंदबाजी करने में हमें कोई परेशानी हुई, यह सिर्फ खेल की प्रकृति है।’’

विश्व चैंपियनशिप में विफल हुई PV सिंधु चाईना मास्टर्स से हटी

स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी आने वाले चाइना मास्टर्स सुपर 750 से हट गए हैं, जो 1 सितंबर से शुरू हो रहा है। यह टूर्नामेंट एशियन गेम्स से पहले एकमात्र बड़ा BWFवर्ल्ड टूर इवेंट होगा। आयुष का नई दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप में यादगार प्रदर्शन रहा, जहाँ उन्होंने पहले राउंड में दुनिया के नंबर 1 शी युकी को हराया था।

इसके बाद भारतीय खिलाड़ी इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से हारने से पहले राउंड ऑफ़ 16 में पहुँचे थे। आयुष के हटने के बाद, लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत पुरुष सिंगल्स में भारत के रिप्रेजेंटेटिव होंगे। हालाँकि, लक्ष्य को वर्ल्ड चैंपियनशिप में दूसरे राउंड में अमेरिका के वर्ल्ड नंबर 92 गैरेट टैन से हारने के बाद जल्दी बाहर होना पड़ा।

सिंधु ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के राउंड ऑफ़ 16 में भी हिस्सा लिया था, जहाँ वह एक करीबी मुकाबले में चीन की वर्ल्ड नंबर 3 वांग ज़ी यी से हार गईं। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी इस मुश्किल मैच का असर महसूस कर रही हैं, जिसकी वजह से उन्होंने चाइना मास्टर्स से हटने का फैसला किया होगा। मालविका बंसोड़ और आकर्षि कश्यप भी हट गई हैं, जिससे महिला सिंगल्स में उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तन्वी शर्मा भारत की चुनौती संभालेंगी।

पुरुषों युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अमासुकरन और अर्जुन एमआर के साथ भारतीय टीम की कमान संभालेंगे। सात्विक और चिराग वर्ल्ड चैंपियनशिप में चोट के कारण बाहर रहने के बाद लौटे थे, लेकिन राउंड ऑफ़ 16 में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग से हार गए थे। भारत की महिला डबल्स ड्रॉ में कोई जोड़ी नहीं होगी, क्योंकि ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने ऐतिहासिक ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद बाहर होने का फैसला किया है।

2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के ब्रॉन्ज़ मेडल के बाद, भारतीय जोड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली देश की दूसरी महिला डबल्स जोड़ी बन गई। मिक्स्ड डबल्स में, ध्रुव कपिला और तनिषा क्रैस्टो, रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी के साथ, भारत को रिप्रेजेंट करेंगे। भारत ने 2011 से हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम एक मेडल जीतने का अपना शानदार सिलसिला जारी रखा, 2026 एडिशन रविवार को नई दिल्ली में खत्म होगा।

Ranveer Singh: ‘करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं’, रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर’ से पहले के मुश्किल दौर को किया याद

Ranveer Singh: रणवीर सिंह अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद कर रहे हैं, जो ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता से पहले आया था। एक्टर ने बताया है कि जब उनकी कुछ फ़िल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं, तब उन्हें जो सपोर्ट मिला, उसी की वजह से इस बड़े एक्शन फ़्रैंचाइजी के लिए उन पर जताया गया भरोसा और भी अहम हो गया।

खबरों के मुताबिक, दो हिस्सों वाली ‘धुरंधर’ फ़िल्म सीरीज ने दुनिया भर में थिएटर्स में रिलीज के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की है। इस सफर के बारे में बात करते हुए, रणवीर ने जियो टीम और अंबानी परिवार को इस प्रोजेक्ट को पूरे भरोसे के साथ सपोर्ट करने का श्रेय दिया, जबकि इसमें बड़े पैमाने पर काम और कई जोखिम शामिल थे।

‘धुरंधर’ से पहले के मुश्किल दौर को याद करते हुए रणवीर सिंह

रणवीर ने रिलायंस की डॉक्यूमेंट्री ‘परवाह है तो परिवार है’ में इस फिल्म के बारे में बात की और माना कि ‘धुरंधर’ को बनाना बिल्कुल भी आसान काम नहीं था। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर ने कहा, “‘धुरंधर’ को शुरू करना या उसे बनाना आसान नहीं था। इसमें कई चुनौतियां थीं।”एक्टर ने याद किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए इसमें शामिल लोगों को मजबूत सपोर्ट की जरूरत थी, क्योंकि टीम कुछ बहुत ही बड़े और महत्वाकांक्षी स्तर पर करने की कोशिश कर रही थी।

उन्होंने कहा कि “डंके के चोट पर अपने विश्वास के साथ वापस आना कि अगर यह सफल हुआ तो हम नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे,”। हालांकि, रणवीर के लिए यह समर्थन एक और कारण से महत्वपूर्ण था। यह ऐसे समय में मिला जब उनकी अपनी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मुश्किल दौर से गुजर रही थी।

‘मेरी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं’

किसी फिल्म का नाम लिए बिना रणवीर ने स्वीकार किया कि धुरंधर से पहले उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए थे। मुझे यह कहना होगा कि मुझे उस समय भी पूरा प्यार, समर्थन और प्रोत्साहन मिला जब मेरी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं,”।

रणवीर ने आगे कहा कि एक अभिनेता के करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और उन्होंने उन सभी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन दौर में उनका साथ दिया। एक्टर ने कहा कि लेकिन इस तरह का समर्थन मिलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।

इस जुड़ाव को एक सौभाग्य बताते हुए रणवीर ने कहा, “इससे जुड़ना किसी आशीर्वाद, सम्मान और सौभाग्य से कम नहीं है।” यह बात तब सामने आई है जब ‘धुरंधर’ ने रणवीर के बॉक्स-ऑफिस करियर की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। खबरों के मुताबिक, दो फिल्मों वाली इस एक्शन फ़्रैंचाइज़ी ने कुल मिलाकर 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की है और यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी थिएटर हिट फ़िल्मों में से एक बन गई है।

‘प्रलय’ के साथ प्रोड्यूसर बने रणवीर सिंह

‘धुरंधर’ की सफलता के बाद रणवीर अब एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुके हैं। यह एक्टर अभी ‘प्रलय’ पर काम कर रहे हैं, जो जय मेहता के निर्देशन में बन रही एक सर्वाइवल ड्रामा फ़िल्म है। खबरों के अनुसार, फ़िल्म की कहानी भविष्य के मुंबई पर आधारित है, जहां एक जानलेवा महामारी के बाद ज़ॉम्बी का प्रकोप फैल जाता है। ‘प्रलय’ रणवीर के करियर का एक अहम पड़ाव भी है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के साथ वे प्रोडक्शन के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। वह कल्याणी प्रियदर्शन के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे, जिन्हें 2025 में ‘लोकाह चैप्टर 1 चंद्र’ के बाद काफी पहचान मिली थी। ‘प्रलय’ के बारे में और जानकारी अभी सामने नहीं आई है क्योंकि इसकी शूटिंग चल रही है।

रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरे बच्चे के माता-पिता बनने वाले हैं

यह एक्टर अपनी पर्सनल लाइफ में भी एक नए दौर में कदम रख रहा है। रणवीर और दीपिका पादुकोण फिर से माता-पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं। दीपिका ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए यह खबर शेयर की, जिसमें उनकी बेटी दुआ भी नज़र आई। इस कपल ने 2024 में दुआ का स्वागत किया था।

IND vs SL: मैदान पर श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़े यशस्वी जायसवाल, दोनों खिलाड़ियों में हुआ बॉडी कॉन्टैक्ट

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले बल्लेबाजी करने आई भारत की टीम ट्री ब्रेक होने तक 52 ओवर में 3 विकेट खोकर 187 रन बना ली है। वहीं इस मुकाबले के दौरान यशस्वी जायसवाल आउट होने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़ गए। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के साथ जायसवाल की मैदान पर तीखी बहस हुई। जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए थे और आउट होने के बाद फर्नांडो के सेलिब्रेशन से वह नाराज नजर आए। इसी दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस बढ़ गई और वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के  ऐसा लगा कि जायसवाल ने फर्नांडो को सिर से टक्कर मारने की कोशिश की।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को अलग किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

 

क्या है आईसीसी के नियम

ICC के नियमों के मुताबिक, मैदान पर मारपीट या किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाना लेवल-4 का गंभीर अपराध माना जाता है। आर्टिकल 2.18 के तहत किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट करना नियमों का उल्लंघन है। जानबूझकर या लापरवाही से किसी को चोट पहुंचाने पर खिलाड़ी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

क्या जायसवाल पर होगा एक्शन

ICC के आर्टिकल 2.19 में मैदान पर हिंसा करने को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके तहत किसी खिलाड़ी, अधिकारी, अंपायर, रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति को लात मारना, मुक्का मारना या उसके साथ हाथापाई करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मैदान पर मारपीट और हिंसा से जुड़े ये अपराध ICC की सबसे गंभीर लेवल-4 श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में सजा भी काफी सख्त हो सकती है। अपराध की गंभीरता के आधार पर खिलाड़ी या अधिकारी पर कम से कम 5 टेस्ट या 10 वनडे मैचों का बैन लगाया जा सकता है। गंभीर मामले में लाइफटाइम बैन भी लगाया जा सकता है।

Kartik Aaryan: कार्तिक आर्यन के घुटने की हुई सर्जरी, कबीर खान की फिल्म के सेट पर हुए थे चोटिल

Kartik Aaryan: एक्टर कार्तिक आर्यन की मुंबई के एक अस्पताल में घुटने की सफल सर्जरी हुई है। हाल ही में अपनी एक फिल्म के सेट पर एक्शन सीन करते समय उनके घुटने में चोट लग गई थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी।

उनके प्रवक्ता के बयान के मुताबिक नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर अभी ठीक हो रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही शूटिंग शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “कार्तिक आर्यन को अपनी फिल्म के सेट पर एक एक्शन सीन करते समय घुटने में चोट लग गई थी। उनकी सर्जरी सफल रही और अब वह घर पर आराम कर रहे हैं और ठीक हो रहे हैं। वह जल्द ही सेट पर लौटेंगे।”

कार्तिक को यह चोट डायरेक्टर कबीर खान के साथ अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग के दौरान लगी। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इंडिया टुडे को बताया, “कार्तिक को फोर्टिस रहेजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं। डॉक्टर एक दिन में उनके घुटने की सर्जरी करेंगे, जिसके बाद उन्हें कुछ दिन आराम करना होगा। इसके बाद वह अपने काम पर लौट सकेंगे।” इससे पहले एक्टर को 2023 में आई अपनी फिल्म ‘शहजादा’ की शूटिंग के दौरान भी घुटने में चोट लगी थी।

कार्तिक की नेशनल अवॉर्ड में जीत

भले ही कार्तिक अभी चोट से जूझ रहे हों और ठीक हो रहे हों, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर 2026 उनके लिए बहुत खास साल रहा है। एक्टर ने हाल ही में 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल’ का अवॉर्ड जीता। 18 जुलाई को घोषित यह अवॉर्ड कार्तिक को कबीर खान की डायरेक्ट की गई बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए दिया गया।

इस कामयाबी पर इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्यन ने लिखा, “अभी भी यकीन नहीं हो रहा… कुछ पल शब्दों से कहीं बड़े होते हैं, और यह उन्हीं में से एक है। बरसों से देखा गया मेरा सपना आखिरकार सच हो गया। हमेशा विनम्र और आभारी रहूंगा… बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड #ChanduChampion।”

कार्तिक को बेस्ट एक्टर का सम्मान मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी के साथ मिला, जिन्हें ‘ब्रह्मायुगम’ में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए यह अवॉर्ड दिया गया। यह कार्तिक का पहला नेशनल अवॉर्ड है, जबकि ममूटी का यह चौथा अवॉर्ड है। ठीक होने के बाद, उम्मीद है कि कार्तिक कबीर खान की बिना नाम वाली फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करेंगे। वह अनुराग बसु की रोमांटिक ड्रामा फिल्म में श्रीलीला के साथ बाकी हिस्सों की शूटिंग भी करेंगे।