पंजाब के संगरूर में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार ने 8 मनरेगा मजदूरों को कुचला, कई घायल

पंजाब के संगरूर जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में आठ MGNREGA मजदूरों की जान चली गई। वहीं कई गंभीर रूप से घायल हो गए। ये हादसा लहरागागा इलाके के चोटियां गांव के पास जाखल रोड पर हुआ। इस हादसे के समय करीब 23 महिला और पुरुष मजदूर सड़क किनारे काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक कार अचानक बेकाबू हो गई और मजदूरों की ओर मुड़ गई। इस तेज रफ्तार कार ने काम कर रहे मजदूरों को कुचल दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

आठ लोगों की हुई मौत

तेज रफ्तार कार को संभालने से पहले ही वह सड़क किनारे काम कर रहे कई मजदूरों से टकरा गई। इस हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। फिलहाल, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें प्रभावित लोगों से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार है।

कौन चला रहा था कार

इंडिया टूडे के मुताबिक, इस दुर्घटना में शामिल कार शेवरले मैग्नम थी, जिसका नंबर PB11 CP 0080 बताया गया। कार चलाने वाले व्यक्ति की पहचान रायधराना गांव के परगट सिंह काला के रूप में हुई है। घटना के बाद हादसे से जुड़ी जानकारी और राहत व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है।

तेज रफ्तार कार ने मारी मजदूरों को टक्कर 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब के संगरूर जिले में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मजदूरों की पहचान कर्मजीत कौर, जीवन सिंह, निकी, सरबजीत कौर, रणजीत कौर, कर्मजीत, रानी कौर और देस राज के रूप में हुई है। ये सभी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सड़क पर काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को टक्कर मार दी, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

Kangana Ranaut: कंगना रनौत पर चढ़ा नवरात्रि का रंग, 2.1 लाख का लहंगा पहन दिखाया स्टनिंग लुक

Kangana Ranaut: कंगना रनौत ने नवरात्रि के लिए अपने शानदार लुक से एक बार फिर फेस्टिव फैशन का नया स्टेंडर सेट कर दिया है। 17 अक्टूबर को अभिनेत्री और राजनेता ने इंस्टाग्राम पर छत्तीसगढ़ में फेस्ट के दौरान पहने गए अपने बेहतरीन लहंगे की तस्वीरें और एक ‘बिहाइंड-द-सीन्स’ (BTS) वीडियो शेयर किया।

कंगना ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा- “नवरात्रि नारीत्व का उत्सव है और गरबा..। इन सबके केंद्र में देवी (शक्ति) हैं। नवरात्रि की शुभकामनाएं। ढोलिडा 2026।” वीडियो के कैप्शन में उन्होंने आगे लिखा, “अपनी पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े परिधान पहनना बहुत खुशी की बात है। गरबा उत्सव के लिए छत्तीसगढ़ में होना भी बहुत अच्छा लग रहा है। यहां फोटोशूट का एक छोटा सा BTS (बिहाइंड-द-सीन्स) है।”

कंगना रनौत के ‘तोरानी’ (Torani) लहंगे की खासियत

कंगना रनौत के इस फेस्टिव लुक डिजाइनर लेबल ‘तोरानी’ का एक शानदार सिल्क लहंगा है, जिसकी कीमत उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर 2,10,500 रुपये है। ब्रांड के अनुसार यह लहंगा ‘सिंधु घाटी सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है और इसमें रंगों के बेहतरीन तालमेल के साथ फेस्टिव वियर की एक आकर्षक और जीवंत डिजाइन शैली देखने को मिलती है।’

बारीक डिजिटल प्रिंट और बेहतरीन कढ़ाई वाले इस डिजाइन में पारंपरिक प्रतीकों को एक सुंदर और आकर्षक रूप में ढाला गया है। मरून और कई रंगों वाले इस कपड़े पर बेहद बारीक बॉर्डर और लटकन (tassel) का काम है, जो घूमते समय बहुत सुंदर लगते हैं।

इस परिधान में एक घेरदार लहंगा और बारीक कढ़ाई वाली चोली शामिल है। चोली के पीछे ‘लेस-अप’ डिजाइन है, जिसमें क्रॉस-क्रॉस डोरियां और आकर्षक लटकनें लगी हैं, जो इसे एक बोल्ड और बोहेमियन लुक देती हैं। कंगना ने अपने कंधे पर एक मैचिंग प्रिंटेड दुपट्टा ओढ़ा है, जिसकी शानदार लटकनें उनके नवरात्रि लुक को और भी खास बना रही हैं।

स्टाइलिंग और ब्यूटी

कंगना ने भारी ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर ज्वेलरी से अपने आउटफिट को और भी खूबसूरत बना दिया। उन्होंने कई भारी नेकलेस, चौड़े बाजूबंद, बड़ी अंगूठियां पहनीं और एक ढोल मांग टीका लगाया। हेयरस्टाइल में चोटी में बंधे थे, जिसे हेयर एक्सेसरीज से सजाया गया था। मेकअप के लिए उन्होंने ड्रामैटिक विंग्ड आईलाइनर, न्यूड लिपस्टिक और आंखों और ठोड़ी के पास हल्के फेशियल आर्ट डॉट्स लगाए हैं। इस लुक में कंगना बेहद खूबसूरत लग रही हैं।

अमेरिका ने मदद रोकी तो यूक्रेन का क्या होगा:जेलेंस्की का साथ छोड़ पुतिन के साथ दिख रहे ट्रम्प; 1 सप्ताह में 4 झटके दिए

रूस से करीब 5 साल से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के सामने अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जिस अमेरिका के हथियारों और खुफिया जानकारी के दम पर यूक्रेनी सेना रूसी हमलों का मुकाबला कर रही है, उसी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। ट्रम्प ने महज एक सप्ताह में 4 ऐसे कदम उठाए, जिनसे यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ गईं। अब सवाल है कि अगर ट्रम्प ने यूक्रेन को सैन्य मदद और खुफिया जानकारी देना बंद कर दिया, तो जेलेंस्की की सेना का क्या होगा? क्या यूक्रेन अमेरिकी मदद के बिना रूस का मुकाबला कर पाएगा? और ट्रम्प के बदले रुख से पुतिन को कितना फायदा मिल सकता है? 9 अक्टूबर: डीजल की बढ़ी कीमतों के लिए यूक्रेन युद्ध को जिम्मेदार ठहराया ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन युद्ध को अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह बताया। इसके बाद उन्होंने रूसी डीजल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी। उनका कहना था कि इससे ईंधन की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी। यह फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि रूस तेल और गैस की बिक्री से बड़ी कमाई करता है। इस कमाई से उसे युद्ध का खर्च उठाने में भी मदद मिलती है। रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत मिलने से मॉस्को को आर्थिक फायदा हो सकता है। 10 अक्टूबर: जेलेंस्की से कहा- नया राष्ट्रपति चुनो अगले दिन ट्रम्प ने सीधे जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए, जो रूस के साथ समझौता करके युद्ध खत्म कर सके। ट्रम्प का आरोप था कि जेलेंस्की के पास युद्ध खत्म करने के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने उनका फायदा नहीं उठाया। उनका कहना था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति को रूस के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। 11 अक्टूबर: जेलेंस्की से बात किए बिना युद्धविराम का ऐलान तीसरे दिन ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम का ऐलान किया। ऊर्जा ठिकानों में बिजली संयंत्र, तेल रिफाइनरी और ईंधन से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण ढांचे शामिल होते हैं। रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले करते रहे हैं। इन हमलों से बिजली आपूर्ति, ईंधन की उपलब्धता और सैन्य अभियानों पर असर पड़ता है। लेकिन ट्रम्प के ऐलान के बाद विवाद खड़ा हो गया। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तभी रोकेगा, जब रूस भी यूक्रेन पर ऐसे हमले बंद करेगा। 13 अक्टूबर: स्टारलिंक सर्विस की स्पीड कम की यूक्रेन जिस इंटरनेट से अपने तेज रफ्तार ड्रोन उड़ा रहा था और रूस में हमले कर रहा था, उस पर अचानक स्पीड लॉक लगा दिया गया। पहले ये 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हमला करते थे। लॉक लगने के बाद इसकी रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा रह गई। जैसे ही कोई ड्रोन इस रफ्तार से तेज हुआ, उस पर लगा इंटरनेट सिग्नल कट गया और ड्रोन गिरने लगा। जेलेंस्की ने इसका जिम्मेदार मस्क को बताया। बाद में मस्क ने इस पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह अमेरिकी सरकार कर रही है। अमेरिका ने मदद रोक दी तो यूक्रेन का क्या होगा? 1. मिसाइल हमलों की चेतावनी मिलने में दिक्कत: अमेरिका की खुफिया जानकारी यूक्रेन को रूसी मिसाइलों के हमलों के बारे में पहले से आगाह करने में मदद करती है। इससे सैनिकों और आम नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचने का समय मिलता है। अमेरिकी जानकारी बंद होने पर यह व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है। 2. पैट्रियट मिसाइलों की कमी: यूक्रेन पैट्रियट मिसाइलों की मदद से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की कोशिश करता है। अगर अमेरिका इनकी आपूर्ति रोक देता है, तो यूक्रेन के शहरों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करना और मुश्किल हो सकता है। 3. सैन्य अभियानों पर असर: अमेरिकी संचार तकनीक में रुकावट आने से ड्रोन के जरिए निगरानी और हमले करने, युद्ध के मैदान में सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने और हमलों की योजना बनाने में मुश्किल होगी। 4. रूस पर दबाव बनाने की रणनीति कमजोर: यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ठिकानों पर हमले करके रूस की कमाई और युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। अगर अमेरिका इन हमलों का विरोध करता है और रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत देता है, तो यूक्रेन की रणनीति पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिकी मदद बंद होते ही यूक्रेन युद्ध हार जाएगा। यूक्रेन ने अपने देश में हथियारों का उत्पादन बढ़ाया है और यूरोपीय देश भी उसे सैन्य सहायता देते हैं। लेकिन अमेरिकी खुफिया जानकारी और कुछ खास हथियारों का पूरा विकल्प तैयार करना आसान नहीं होगा। ट्रम्प के फैसलों से रूस को क्या फायदा? रूस के लिए सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ने से कीव पर दबाव बढ़ेगा। अगर यूक्रेन को खुफिया जानकारी और हथियार कम मिलते हैं, तो उसे रूसी हमलों का मुकाबला करने में ज्यादा मुश्किल हो सकती है। रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत मिलने से रूस को आर्थिक फायदा भी हो सकता है। वहीं, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का दबाव यूक्रेन की उस रणनीति को कमजोर कर सकता है, जिसके जरिए वह रूस की युद्ध क्षमता पर चोट करना चाहता है। ट्रम्प का जेलेंस्की का साथ छोड़ने की वजह क्या है? 1. युद्ध खत्म करने के लिए यूक्रेन पर दबाव: ट्रम्प चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच जल्द समझौता हो। इसके लिए वे जेलेंस्की से रियायतें देने को कह रहे हैं। 2. रूस से रिश्ते सुधारने की कोशिश: ट्रम्प रूस के साथ बातचीत और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी मदद पर असर पड़ने की आशंका है। 3. अमेरिका में तेल की कीमतें घटाना: यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों से नाराज ट्रम्प ने कहा कि इन हमलों से डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। वे रूस से डीजल की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतें कम करना चाहते हैं। 4. पुतिन से समझौते की कोशिश: ट्रम्प ने रूस से डीजल कारोबार की अनुमति देने और जेलेंस्की पर हमले रोकने का दबाव बनाने जैसे कदम उठाए हैं। इससे रूस को आर्थिक फायदा मिल सकता है, जबकि यूक्रेन की स्थिति कमजोर पड़ने की आशंका है। —————————
यह खबर भी पढ़ें… मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई:रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर
अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका ने मदद रोकी तो यूक्रेन का क्या होगा:जेलेंस्की का साथ छोड़ पुतिन के साथ दिख रहे ट्रम्प; 1 सप्ताह में 4 झटके दिए

रूस से करीब 5 साल से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के सामने अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जिस अमेरिका के हथियारों और खुफिया जानकारी के दम पर यूक्रेनी सेना रूसी हमलों का मुकाबला कर रही है, उसी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। ट्रम्प ने महज एक सप्ताह में 4 ऐसे कदम उठाए, जिनसे यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ गईं। अब सवाल है कि अगर ट्रम्प ने यूक्रेन को सैन्य मदद और खुफिया जानकारी देना बंद कर दिया, तो जेलेंस्की की सेना का क्या होगा? क्या यूक्रेन अमेरिकी मदद के बिना रूस का मुकाबला कर पाएगा? और ट्रम्प के बदले रुख से पुतिन को कितना फायदा मिल सकता है? 9 अक्टूबर: डीजल की बढ़ी कीमतों के लिए यूक्रेन युद्ध को जिम्मेदार ठहराया ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन युद्ध को अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह बताया। इसके बाद उन्होंने रूसी डीजल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी। उनका कहना था कि इससे ईंधन की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी। यह फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि रूस तेल और गैस की बिक्री से बड़ी कमाई करता है। इस कमाई से उसे युद्ध का खर्च उठाने में भी मदद मिलती है। रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत मिलने से मॉस्को को आर्थिक फायदा हो सकता है। 10 अक्टूबर: जेलेंस्की से कहा- नया राष्ट्रपति चुनो अगले दिन ट्रम्प ने सीधे जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए, जो रूस के साथ समझौता करके युद्ध खत्म कर सके। ट्रम्प का आरोप था कि जेलेंस्की के पास युद्ध खत्म करने के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने उनका फायदा नहीं उठाया। उनका कहना था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति को रूस के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। 11 अक्टूबर: जेलेंस्की से बात किए बिना युद्धविराम का ऐलान तीसरे दिन ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम का ऐलान किया। ऊर्जा ठिकानों में बिजली संयंत्र, तेल रिफाइनरी और ईंधन से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण ढांचे शामिल होते हैं। रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले करते रहे हैं। इन हमलों से बिजली आपूर्ति, ईंधन की उपलब्धता और सैन्य अभियानों पर असर पड़ता है। लेकिन ट्रम्प के ऐलान के बाद विवाद खड़ा हो गया। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तभी रोकेगा, जब रूस भी यूक्रेन पर ऐसे हमले बंद करेगा। 13 अक्टूबर: स्टारलिंक सर्विस की स्पीड कम की यूक्रेन जिस इंटरनेट से अपने तेज रफ्तार ड्रोन उड़ा रहा था और रूस में हमले कर रहा था, उस पर अचानक स्पीड लॉक लगा दिया गया। पहले ये 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हमला करते थे। लॉक लगने के बाद इसकी रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा रह गई। जैसे ही कोई ड्रोन इस रफ्तार से तेज हुआ, उस पर लगा इंटरनेट सिग्नल कट गया और ड्रोन गिरने लगा। जेलेंस्की ने इसका जिम्मेदार मस्क को बताया। बाद में मस्क ने इस पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह अमेरिकी सरकार कर रही है। अमेरिका ने मदद रोक दी तो यूक्रेन का क्या होगा? 1. मिसाइल हमलों की चेतावनी मिलने में दिक्कत: अमेरिका की खुफिया जानकारी यूक्रेन को रूसी मिसाइलों के हमलों के बारे में पहले से आगाह करने में मदद करती है। इससे सैनिकों और आम नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचने का समय मिलता है। अमेरिकी जानकारी बंद होने पर यह व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है। 2. पैट्रियट मिसाइलों की कमी: यूक्रेन पैट्रियट मिसाइलों की मदद से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की कोशिश करता है। अगर अमेरिका इनकी आपूर्ति रोक देता है, तो यूक्रेन के शहरों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करना और मुश्किल हो सकता है। 3. सैन्य अभियानों पर असर: अमेरिकी संचार तकनीक में रुकावट आने से ड्रोन के जरिए निगरानी और हमले करने, युद्ध के मैदान में सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने और हमलों की योजना बनाने में मुश्किल होगी। 4. रूस पर दबाव बनाने की रणनीति कमजोर: यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ठिकानों पर हमले करके रूस की कमाई और युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। अगर अमेरिका इन हमलों का विरोध करता है और रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत देता है, तो यूक्रेन की रणनीति पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिकी मदद बंद होते ही यूक्रेन युद्ध हार जाएगा। यूक्रेन ने अपने देश में हथियारों का उत्पादन बढ़ाया है और यूरोपीय देश भी उसे सैन्य सहायता देते हैं। लेकिन अमेरिकी खुफिया जानकारी और कुछ खास हथियारों का पूरा विकल्प तैयार करना आसान नहीं होगा। ट्रम्प के फैसलों से रूस को क्या फायदा? रूस के लिए सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ने से कीव पर दबाव बढ़ेगा। अगर यूक्रेन को खुफिया जानकारी और हथियार कम मिलते हैं, तो उसे रूसी हमलों का मुकाबला करने में ज्यादा मुश्किल हो सकती है। रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत मिलने से रूस को आर्थिक फायदा भी हो सकता है। वहीं, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का दबाव यूक्रेन की उस रणनीति को कमजोर कर सकता है, जिसके जरिए वह रूस की युद्ध क्षमता पर चोट करना चाहता है। ट्रम्प का जेलेंस्की का साथ छोड़ने की वजह क्या है? 1. युद्ध खत्म करने के लिए यूक्रेन पर दबाव: ट्रम्प चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच जल्द समझौता हो। इसके लिए वे जेलेंस्की से रियायतें देने को कह रहे हैं। 2. रूस से रिश्ते सुधारने की कोशिश: ट्रम्प रूस के साथ बातचीत और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी मदद पर असर पड़ने की आशंका है। 3. अमेरिका में तेल की कीमतें घटाना: यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों से नाराज ट्रम्प ने कहा कि इन हमलों से डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। वे रूस से डीजल की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतें कम करना चाहते हैं। 4. पुतिन से समझौते की कोशिश: ट्रम्प ने रूस से डीजल कारोबार की अनुमति देने और जेलेंस्की पर हमले रोकने का दबाव बनाने जैसे कदम उठाए हैं। इससे रूस को आर्थिक फायदा मिल सकता है, जबकि यूक्रेन की स्थिति कमजोर पड़ने की आशंका है। —————————
यह खबर भी पढ़ें… मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई:रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर
अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

IND vs WI Match Live Score: वेस्टइंडीज के खिलाफ होगी भुवनेश्वर कुमार की वापसी? जानें निर्णायक मुकाबले में कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11

IND vs WI Match Live Score: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज 17 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमें शाम 7 बजे बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी। पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर है। जो भी टीम ये मुकाबला जीतेगी वह सीरीज अपने नाम कर लेगी। दोनों टीमों का नजरें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज पर कब्जा करने पर होगी। आइए जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11

सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले में अर्शदीप सिंह के चोटिल होने के कारण भुवनेश्वर कुमार को टीम में जगह मिली है। वहीं इस मुकाबले में भुवी को प्लेइंग XI में शामिल किया जा सकता है। भुवी लगभग 4 साल के बाद टीम में वापसी कर रहे हैं। वहीं, वैभव सूर्यवंशी के खेलने को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। सीरीज के अब तक चार मैचों में भारत और वेस्टइंडीज ने दो-दो मुकाबले जीते हैं। भारत ने पहला और तीसरा मैच अपने नाम किया, वहीं वेस्टइंडीज ने दूसरे और चौथे मैच में जीत हासिल की।

‘हम यह दुनिया छोड़ रहे हैं’ मौत से पहले कर्मचारी ने कंपनी को भेजा ईमेल, गुरुग्राम के फ्लैट में मृत मिला कपल

दिल्ली से सटे गुरुग्राम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गुरुग्राम में एक सोसायटी के फ्लैट में बुधवार सुबह एक टेक दंपति संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। सोसायटी के फ्लैट में टेक कपल मोहम्मद असलम (30) और उनकी पत्नी फरहाना की मौत की खबर सुन हर कोई हैरान रह गया। वहीं अपनी मौत से पहले असलम ने सुबह करीब 7 बजे ‘हम दुनिया छोड़ रहे हैं’ का मैसेज अपने एंप्लॉयर को ईमेल भेजा था। इसमें उसने अपने माता-पिता और मकान मालिक के फोन नंबर भी शेयर किया था।

पुलिस को किया फोन

30 वर्षीय मोहम्मद असलम ने अपने ऑफिस के लोगों से इन नंबरों पर संपर्क कर परिवार को जानकारी देने के लिए कहा था। ईमेल मिलने के बाद उनके सहकर्मियों ने मकान मालिक से बात की। इसके बाद मकान मालिक गुरुग्राम के M3M मरीना परिसर के टावर 7 में स्थित दंपति के फ्लैट पर पहुंचे। मकान मालिक जब फ्लैट के अंदर पहुंचे, तो उन्होंने असलम को मृत पाया। वहीं, उनकी करीब 28 वर्षीय पत्नी फरहाना फर्श पर पड़ी थीं और उनकी गर्दन पर चोट के निशान थे। घटना की जानकारी मिलते ही मकान मालिक ने बादशाहपुर पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी।

फ्लैट के अंदर मिला नोट

पुलिस को फ्लैट के अंदर एक नोट मिला, जिस पर लिखा था, “हम यह दुनिया छोड़ रहे हैं।” फरहाना के कपड़ों पर भी “आई लव यू” लिखा हुआ था। पुलिस अब नोट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और फ्लैट से बरामद अन्य सामान की जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह और उस दिन क्या हुआ था, इसका पता लगाया जा सके। इस दिन फरहाना का जन्मदिन था।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि असलम ने आत्महत्या करने से पहले अपनी पत्नी की हत्या की होगी। वहीं, पुलिस के कहा कि घटना किस क्रम में हुई और दोनों की मौत कैसे हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगी।

साल 2023 में हुई थी शादी

असलम और फरहाना करीब तीन महीने पहले बेंगलुरु से गुड़गांव आए थे। कोझिकोड के रहने वाले असलम ने सेक्टर 58 में ऑफिस वाली इंडोनेशिया की एक आईटी कंपनी में नौकरी शुरू की थी, जबकि मलप्पुरम की रहने वाली फरहाना बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी के लिए घर से काम करती थीं। दोनों की शादी 2023 में हुई थी और गुड़गांव आने से पहले वे लगभग दो साल तक बेंगलुरु में रहे थे। असलम ने 2018 में NIT कालीकट से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 2020 में उन्होंने IIM इंदौर से MBA की डिग्री हासिल की। वहीं, फरहाना ने केरल के कुट्टीपुरम स्थित MES कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से BTech किया था।

पोस्टमार्टम में होगा मौत की वजह का सुलासा

मकान मालिक की सूचना मिलने के बाद सुबह करीब 8 बजे इमरजेंसी टीम अपार्टमेंट पहुंची। इसके कुछ देर बाद पुलिस की एक बड़ी टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था। तलाशी के दौरान वहां से तीन लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक रस्सी, डायरी, कैंची, पेन ड्राइव, एक नोट और पेन बरामद किए गए। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि मामले से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस के मुताबिक, फ्लैट से मिले नोट में किसी भी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया गया था। शुक्रवार को दोनों के शवों को मोर्चरी में रखा गया, जहां परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की। फिलहाल पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों की मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

दोनों के बीच सबकुछ ठीक थी

केरल में रहने वाले दोनों परिवारों के मुताबिक, असलम और फरहाना के बीच सब कुछ ठीक था और उन्हें किसी अनबन की जानकारी नहीं थी। फरहाना के भाई फैसल ने कहा कि इस घटना से दोनों परिवार सदमे में हैं। TOI के अनुसार, “दोनों के बीच काफी गहरा रिश्ता था। वे एक-दूसरे के साथ खुश रहते थे और उनकी शादीशुदा जिंदगी में किसी तरह की परेशानी या अनबन की जानकारी नहीं थी।” फरहाना के भाई फैसल ने बताया कि रिश्तेदारों को आशंका है कि काम का दबाव इस घटना की वजह हो सकता है, लेकिन परिवार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए 2 एकदिवसीय टीम चुनी भारत ने, शुभमन के बाद श्रेयस करेंगें कप्तानी

INDvsNZ न्यूज़ीलैंड के आगामी दौरे के लिए भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा कर दी गई है। टी 20 सीरीज़ के समापन के बाद भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगी।वनडे सीरीज़ की सबसे बड़ी हाईलाइट ये है कि स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह इसका हिस्सा नहीं हैं। ऋषभ पंत को टेस्ट और प्रसिद्ध कृष्णा को टेस्ट एवं वनडे (पहले तीन) दोनों टीमों के लिए चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं और उन्हें फ़िटनेस क्लिएरेंस की आवश्यकता होगी।

सूत्रों के मुताबिक  प्रसिद्ध के स्कैन में हैमस्ट्रिंग टियर नहीं सामने आया है। पिछले दो सप्ताह से वह स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग पर काम कर रहे हैं। आकाश को ईरानी कप और रणजी ट्रॉफ़ी के पहले राउंड में फ़ॉर्म और फ़िटनेस दिखाने का ईनाम मिला है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू करने के बाद अंशुल कम्बोज की भी टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

वनडे सीरीज़ के पहले तीन मैचों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे वहीं चौथे और पांचवें वनडे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। आख़िरी दो वनडे के लिए झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र को भी टीम में जगह मिली है। यह पहला मौक़ा है जब कुशाग्र को सीनियर नेशनल टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा तिलक वर्मा, आक़िब नबी और यश ठाकुर को भी आख़िरी दो वनडे के लिए चुना गया है।

पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, इशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आक़िब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।

प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत का चयन फ़िटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा।

जसप्रीत बुमराह, आकाशदीप लौटे टेस्ट टीम में, न्यूजीलैंड के खिलाफ स्कॉड घोषित

Jasprit Bumrah

INDvsNZ न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की शृंखला के लिए भारतीय टीम में तेज गेंदबाज आकाश दीप और अंशुल कंबोज को शामिल किया गया है। चोट से उबरकर वापसी करने वाले आकाश दीप ने पिछली बार इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट खेला था, जहां उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। वहीं, अंशुल कंबोज को इंग्लैंड में टेस्ट पदार्पण के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था।

टेस्ट शृंखला 19 नवंबर से शुरू होगी। इससे पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच वनडे मैचों की शृंखला खेली जाएगी, जिसका आगाज चार नवंबर से होगा।श्रीलंका दौरे से चोट के कारण बाहर रहने वाले जसप्रीत बुमराह को भी टेस्ट सीरीज में शामिल किया गया है।

भारत की टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर, फिटनेस मंजूरी मिलने पर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा (फिटनेस मंजूरी मिलने पर), आकाश दीप, साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज।

बैंगलूरू में बेहतरीन समापन के बीच बारिश का साया, अभ्यास सत्र भी रद्द

INDvsWI भारत बनाम वेस्टइंडीज के पांचवे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जहां प्रशंसक अंतिम ओवर तक के मुकाबले के सपने सजाए हैं वहां काले बादलों का कुछ अलग ही इरादा लगता है। बैंगलुरू में बारिश शनिवार के दिन मैच का मजा किरकिरा कर सकती है।

इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि टीमों के लिए जरूरी अभ्यास सत्र आज बारिश के कारण रद्द करना पड़ा, हालांकि इंडीज भी अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं ले पाई लेकिन मेजबान टीम पर सीरीज जीतने का ज्यादा दबाव है।

मौसम विभाग की मानें तो कल भी हालात ठीक नहीं है। शाम 5 बजे 66 प्रतिशत बारिश के आसार है तो 6 बजे 68 प्रतिशत। मैच की शुरुआत 7 बजे 69 प्रतिशत  बारिश के आसार है। 8 और 9 बजे यह आंकड़ा 70 प्रतिशत तक जा रहा है। वहीं 10 बजे 69 प्रतिशत पर यह आंकड़ा टिका हुआ है।

भारत के लिये समस्या शीर्ष क्रम से शुरू होती है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने अभी तक तीन अर्धशतक जमाये हैं लेकिन सलामी जोड़ी के रूप में उनका योगदान 29, 42, 7 और 60 रहा है।ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और नमन धीर बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे । लखनऊ में पहले टी20 में 102 रन बनाने के बाद श्रेयस ने अगले तीन मैचों में 40, 1 और 16 रन बनाये । यहां हारने से बतौर कप्तान श्रेयस की छवि को ठेस पहुंचेगी।

तीसरे नंबर पर ईशान ने 43, 37 और छह रन बनाये हैं। वहीं धीर की पारियां 4, 10 और 0 की रही है।एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की सपाट पिच बल्लेबाजों की ऐशगाह मानी जाती है। इस मैदान पर हालांकि अक्टूबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेली गई है।पिछले मैच में कंधे की चोट का शिकार हुए अर्शदीप सिंह की जगह अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी हुई है।

वेस्टइंडीज के लिये कप्तान शाई होप और शेरफान रदरफोर्ड 261 और 221 रन बना चुके हैं और श्रृंखला में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शीर्ष दो स्थानों पर हैं।वहीं पहले दो टी-20 मैचों में पिटने वाली कैरिबियाई गेंदबाजी ने पिछले दो मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजी को परेशानी में डाला है वह भी तेज शरुआत मिलने के बाद इससे टीम के गेंदबाजों को आत्मविश्वास मिला है।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार , अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव।

वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, आमिर जांगू (विकेटकीपर), कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफान रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती।

समय:-शाम 7:00 बजे

कहां देखें– स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क या जियो हॉटस्टार पर

चारपाई पर पति की लाश और पास बैठा जिंदा सांप… मेरठ कोर्ट ने प्रेमी संग मिलकर हत्या करने वाली पत्नी को सुनाई फांसी की सजा

Meerut Amit Kashyap Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित और सनसनीखेज अमित कश्यप हत्याकांड में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ACJM) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने शुक्रवार को अपने पति की गला घोटकर हत्या करने वाली बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी को मौत की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मौत को प्राकृतिक रूप देने के लिए चारपाई पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया था ताकि सबको लगे कि पति की मौत सांप के डसने से हुई है। अदालत ने हत्या के इस संगीन मामले में मृतका की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला और कैसे रचा गया षड्यंत्र?

यह सनसनीखेज मामला मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की पत्नी रविता के अमरदीप नाम के शख्स के साथ संबंध थे। प्रेम प्रसंग के रास्ते का कांटा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक साजिश रची। 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर सोते समय अपने पति अमित कश्यप की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को एक दुर्घटना या प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने हत्या के बाद अमित की चारपाई के पास एक जिंदा सांप लाकर छोड़ दिया था। अगले दिन जब परिवार के लोगों ने अमित को चारपाई पर मृत देखा और पास में सांप को बैठा पाया तो शुरुआत में परिजनों को यही लगा कि उसकी मौत किसी जहरीले सांप के डसने से हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल, 551 दिनों में आया फैसला

जब अमित का पोस्टमार्टम कराया गया तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले और नाक पर गंभीर चोट के निशान मिले। इससे यह साफ हो गया कि उसकी मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला घोटकर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के सिर्फ 60 दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। महज 551 दिनों के भीतर इस ट्रायल के दौरान कुल 87 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद आज अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

मेरठ कोर्ट का ऐतिहासिक कदम: 3 दिन में 4 दोषियों को मौत की सजा

मेरठ की अदालत ने पिछले कुछ दिनों में अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने महज 3 दिनों के भीतर दो अलग-अलग चर्चित मामलों में कुल 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले मेरठ कोर्ट ने चर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल और मुस्कान को भी फांसी की सजा सुनाई थी।

यह भी पढ़ें: Delhi To Vaishno Devi Bus:ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो दिल्ली से सिर्फ इतने रुपये में जाएं वैष्णो देवी और श्रीनगर, जानिए किराया, टाइमिंग