कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

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शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

शेयर बाजारों में लिवाली का जोर, आईटी कंपनियां दबाव में

Share Market Crash

कच्चे तेल में जारी नरमी से घरेलू शेयर बाजारों शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा, हालांकि आईटी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई का सेंसेक्स 19.63 अंक (0.03 प्रतिशत) फिसलकर 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिलहाल सवा फीसदी नीचे है। इससे दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। वृहत बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी धातु 1.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.19 प्रतिशत और निफ्टी रसायन 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों में भी तेजी रही। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक टूट गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का शेयर सवा चार फीसदी से ज्यादा टूट गया। टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर दो प्रतिशत गिर गए। मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीईएल में भी गिरावट रही।

अडानी पोर्ट्स का शेयर पौने चार फीसदी के करीब चढ़ गया। पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल में दो से ढाई फीसदी तक तेजी रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक भी बढ़त में रहे।

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शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

Share Market

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

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मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

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शेयर बाजारों में लौटी तेजी, सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा

कच्चे तेल में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 333 अंक की बढ़त में बंद हुआ।

सेंसेक्स 245 अंक चढ़कर 74,249 अंक पर खुला और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 332.63 अंक (0.45 प्रतिशत) चढ़कर 74,336.45 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत ऊपर 23,217.60 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल में गिरावट रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत फिसलकर 108 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया। इससे लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।

घरेलू बाजारों में एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, धातु, मीडिया, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक ऊपर रहे। आईटी, स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टरों में गिरावट रही।

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वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत ऊपर रहा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.18 प्रतिशत टूट गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ। भारतीय स्टेट बैंक में सवा दो प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनीलिवर और सन फार्मा के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में रहे।

अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल और भारती एयरटेल के शेयर भी हरे निशान में रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की टीसीएस का शेयर ढाई फीसदी से अधिक लुढ़क गया। अन्य आईटी कंपनियों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर सवा फीसदी से डेढ़ फीसदी के बीच गिरे। बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में बंद हुए।

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Vodafone Idea Share Price: SBI के नेतृत्व में बैंकों का ग्रुप $3.5 अरब देने पर हुआ राजी, शेयर 1% तक उछला

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की मुश्किलें लग रहा है कि थोड़ी कम होने वाली हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। उनका कहना है कि इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वोडाफोन आइडिया इस फंड का कुछ हिस्सा अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ बेहतर मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।

कंपनी को दिए जाने वाले लोन की अवधि 10 साल है। फंडिंग की शर्तों में यह शामिल है कि अरबपति कुमार मंगलम बिड़ला लोन की अवधि के दौरान चेयरमैन बने रहेंगे। डिफॉल्ट होने की स्थिति में उन्हें पेमेंट की गारंटी भी देनी होगी।

Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयरों में 11 सितंबर को तेजी है। BSE पर शेयर पिछले ​बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक चढ़कर 15.20 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक महीने में 16 प्रतिशत और 6 महीनों में 55 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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जून तिमाही में घाटे में गिरावट

कर्ज में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का घाटा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कम होकर 3,754 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 6,611 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 11,689 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 11,023 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई। प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 10.2 प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये हो गया।

वोडाफोन आइडिया मजबूत स्थिति में आने के लिए कर्ज जुटाने पर काम कर रही है। CNBC-TV18 ने मई में रिपोर्ट दी थी कि कंपनी कर्ज देने वालों के साथ बातचीत कर रही है। SBI के इस ग्रुप की अगुवाई करने की संभावना जताई गई थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

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भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex, Nifty लगातार तीसरे हफ्ते गिरे, क्या बाजार के अच्छे दिन अभी दूर हैं?

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट आई। बाजार में काफी उतार-चढ़ाव भी दिखा। यह बीते पांच महीनों में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला रहा। हालांकि, 28 अगस्त को यानी हफ्ते के अंतिम दिन सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए।

इस हफ्ते प्रमुख सूचकांकों में 0.47 फीसदी तक गिरावट आई

28 अगस्त को निफ्टी 0.35 फीसदी यानी 84 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। Sensex 0.43 फीसदी यानी 330 अंक चढ़कर 77,264 पर क्लोज हुआ। बीते एक हफ्ते में सेंसेक्स 0.44 फीसदी गिरा है। निफ्टी इस दौरान 0.47 फीसदी यानी 114 प्वाइंट्स गिरा है। शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट ने इनवेस्टर्स को चिंतित कर दिया है।

BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1 लाख करोड़ घटा

बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन इस हफ्ते करीब 1 लाख करोड़ रुपये घटा है। इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा का बड़ा हाथ रहा। उधर, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे हफ्ते बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी से बाजार को कुछ सपोर्ट मिला।

जियोपॉलिटिकल स्थितियां अब भी चिंताजनक

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक स्थितियां अभी भी चिंताजनक बनी हुई हैं। खासकर मिडिलईस्ट में हालात में बदलाव नहीं आया है। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। उधर, ईरान और ओमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर बातचीत हुई है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है। लेकिन, अब भी ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। यह चिंता की बात है।

अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का आसार

उधर, अमेरिका में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श की स्पीच के बाद 28 अगस्त को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई। वॉर्श ने यह साफ कर दिया है कि फेड का फोकस फिलहाल महंगाई को बढ़ने से रोकने पर होगा। इसका मतलब है कि अगले महीने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का एलान कर सकता है। अगर अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ता है तो उसका असर भारत में भी आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी पर पड़ेगा। भारत में भी इनफ्लेशन आरबीआई की तय रेंज से बाहर निकल चुका है।

क्रूड में तेजी जारी रही तो बढ़ेगी महंगाई

क्रूड की कीमतें अगर नीचे नहीं आती हैं तो इनफ्लेशन बढ़ना जारी रहेगा। इस बीच इनवेस्टर्स की नजरें अगस्त के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं। सितंबर के दूसरे हफ्ते में अगस्त के इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन ज्यादा बढ़ता है तो अक्तूबर में आरबीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान पर पड़ेगा।

निफ्टी-सेंसेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव

बाजार के जानकारों का कहना है कि जून तिमाही के कंपनियों के नतीजे अच्छे आए हैं। इससे इकोनॉमी में डिमांड स्ट्रॉन्ग रहने का संकेत मिलता है। लेकिन, शेयरों की कीमतों में बड़ी तेजी तभी दिखेगी, जब क्रूड की कीमतें नीचे आएंगी। इस बीच निफ्टी और सेंसेक्स में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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फिलहाल बड़ी गिरावट की आशंका नहीं

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड बता रहा है कि सूचकांक सीमित दायरे में रह सकता है। हालांकि, इंडिया वीआईएक्स में नरमिी है। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया है। यह अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजज से नीचे है। इसका मतलब है कि बाजार में आगे बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है। फिलहाल बाजार सीमित दायरे में रह सकता है।