Jio Platforms IPO: कैसा रहेगा लिस्टिंग गेंस और लंबी अवधि में कैसा रहेगा प्रदर्शन? जानिए चोला सिक्योरिटीज का जवाब

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल गया। खुलने के कुछ ही मिनट में यह इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। यह इश्यू 23 अक्तूबर को बंद हो जाएगा। शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होंगे। सवाल है कि इस शेयर से कितना लिस्टिंग गेंस हो सकता है और लंबी अवधि के लिए यह शेयर कैसा रहेगा?

चोला सिक्योरिटीज में इक्विटी एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड धर्मेश कांत ने सीएनबीसी-आवाज से बातचीत में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स का लिस्टिंग गेंस 15-20 फीसदी रह सकता है। उन्होंने इनवेस्टर्स के लिए जियो और भारती एयरटेल दोनों ही कंपनियों के शेयरों को अच्छा बताया। ये दोनों देश की दो सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं।

उन्होंने कहा, “हमने जियो के आईपीओ पर ‘सब्सक्राइब’ की रेटिंग दी है। हमें 15-20 फीसदी लिस्टिंग गेंस की उम्मीद है।” उन्होंने कहा कि भारती एयरटेल के मुकाबले जियो का 12-15 फीसदी का डिस्काउंट सही है। इसकी वजह दोनों के ग्रोथ रेट्स के बीच का फर्क है। भारती एयरटेल की ग्रोथ करीब 20-22 फीसदी है, जबकि जियो ने एनालिस्ट कॉन्फ्रेंस में करीब 15-17 फीसदी ग्रोथ का गाइडेंस दिया है।

कांत ने कहा कि लिस्टिंग गेंस के बाद जियो के प्राइस में इम्प्रूवमेंट्स से इसकी 15-17 फीसदी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो इनवेस्टर्स टेलीकॉम सेक्टर पर दांव लगाना चाहते हैं उन्हें जियो और भारती एयरटेल दोनों ही शेयरों पर विचार करना चाहिए। जियो के आईपीओ का निवेशकों को लंबे समय से इंतजार था। इसे इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है।

आईपीओ से पहले जियो ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए हैं। ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इनवेस्टमेंट्स, टी रोवे प्राइस, जेपी मॉर्गन स्टेट मैनेजमेंट और फ्रैंकलिन टेंपलटन जैसे दिग्गज इनवेस्टर्स ने जियो के शेयरों में निवेश किया। ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों पर 22-23 फीसदी प्रीमियम चल रहा है।

जियो अपने आईपीओ में इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि जियो के पुराने इनवेस्टर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बचेंगे। गूगल और मेटा जैसी दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है।

Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Jio Platforms IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 अक्तूबर को प्रति शेयर 257 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 23 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। यह इश्यू 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा। इसमें 23 अक्तूबर तक बोली लगाई जा सकती है।

जीएमपी 245 से बढ़कर 257 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रीमियम एक दिन पहले यानी 19 अक्तूबर के मुकाबले बढ़ा है। 19 अक्तूबर को यह प्रति शेयर 245 रुपये था। 20 अक्तूबर को यह बढ़कर 257 रुपये हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी का शेयर 1,376 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह प्राइस बैंड के 1,119 रुपये के ऊपरी लेवल से करीब 23 फीसदी ज्यादा है। इसका मतलब है कि शेयरों के एक लॉट पर इनवेस्टर को 3,084 रुपये का बेनेफिट हो सकता है।

कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी

इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 12 शेयरों का है। इनवेस्टर्स को यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि जीएमपी से सिर्फ शेयर के संभावित लिस्टिंग प्राइस का संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इसलिए इनवेस्टर्स को किसी इश्यू में सिर्फ जीएमपी के आधार पर बोली लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ 

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ शेयरों के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 30,213 करोड़ रुपये का है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। कंपनी ने 2024 में 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

10 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी 

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। अभी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।

एंकर इनवेस्टर्स ने दिखाई जबर्दस्त दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को एंकर इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी और कई दिग्गज विदेशी इनवेस्टमेंट फर्मों ने निवेश किया है। अनुमान है कि इश्यू ओपन होने के बाद दूसरी कैटेगरी के निवेशकों की भी अच्छी दिलचस्पी दिखेगी।

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28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे शेयर 

जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ पर पॉजिटिव राय है। उनका मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ के लिए आगे अच्छी संभावनाएं हैं। रिलायंस जियो इंफोकॉम इसकी सब्सिडियरी है, जो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। शुरुआत के 10 साल के अंदर इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 53 करोड़ पहुंच गई है।

Airtel के नए वॉइस-only रिचार्ज प्लान लॉन्च, ₹185 से शुरू; कॉलिंग और SMS के लिए नहीं मिलेगा डेटा

Airtel के नए वॉइस-only रिचार्ज प्लान लॉन्च, ₹185 से शुरू; कॉलिंग और SMS के लिए नहीं मिलेगा डेटा

टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियमों के अनुरूप केवल वॉइस कॉलिंग और SMS वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान पेश किए हैं। कंपनी ऐसा करने वाली पहली टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है। इन प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS की सुविधा मिलेगी, लेकिन मोबाइल इंटरनेट डेटा शामिल नहीं होगा।

 

एयरटेल के नए प्लान ₹185, ₹203 और ₹206 की कीमत में उपलब्ध हैं। इन्हें कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर सूचीबद्ध किया गया है। ये प्लान उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें मुख्य रूप से फोन कॉल और मैसेजिंग की जरूरत होती है।

 

Airtel के ₹185, ₹203 और ₹206 वाले प्लान में क्या मिलेगा?

 

एयरटेल के तीनों नए प्लान में लोकल, STD और रोमिंग कॉलिंग अनलिमिटेड है। साथ ही, प्रत्येक प्लान में 300 SMS मिलेंगे। इन रिचार्ज में मोबाइल डेटा नहीं दिया जाएगा।

 

 ₹185, ₹203 और ₹206 के रिचार्ज में क्या है अंतर?

 

₹185 का प्लान: यह तीनों विकल्पों में सबसे सस्ता है और इसकी वैधता 28 दिन है। जिन ग्राहकों को कम कीमत में कॉलिंग की सुविधा चाहिए, उनके लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है।

 

₹203 का प्लान: इसकी वैधता 30 दिन है। ₹185 वाले प्लान की तुलना में ₹18 अधिक खर्च करके दो दिन की अतिरिक्त वैधता मिलती है।

 

₹206 का प्लान: यह एक कैलेंडर महीने के लिए वैध है। इसका मतलब है कि इसकी वैधता निश्चित रूप से 30 दिन की नहीं होती, बल्कि हर महीने उसी तारीख के आधार पर नवीनीकृत होती है।

 

रिचार्ज चुनते समय सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि वैधता और अपनी जरूरतों को भी देखना जरूरी है।

 

किन ग्राहकों के लिए उपयोगी हैं ये वॉइस-only प्लान?

 

एयरटेल के ये रिचार्ज खास तौर पर उन ग्राहकों के काम आ सकते हैं जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत कम पड़ती है। इनमें शामिल हैं:

 

फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहक: जिन्हें मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS चाहिए।

 

दूसरा मोबाइल नंबर रखने वाले लोग : जो एक नंबर का इस्तेमाल केवल कॉल करने या प्राप्त करने के लिए करते हैं।

 

Wi-Fi पर निर्भर यूजर: जो घर या ऑफिस में Wi-Fi से इंटरनेट चलाते हैं और मोबाइल डेटा पैक नहीं चाहते।

 

कम खर्च में रिचार्ज चाहने वाले ग्राहक: जो लंबी वैधता वाले महंगे पैक के बजाय कम अवधि का रिचार्ज करना चाहते हैं।

 

ऐसे ग्राहकों के लिए डेटा वाले प्लान पर खर्च करना जरूरी नहीं हो सकता, खासकर तब जब वे मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत कम करते हों।

 

TRAI के नए नियम के बाद आए वॉइस-only प्लान

 

एयरटेल के इन प्लान की शुरुआत TRAI के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों से केवल वॉइस कॉल और SMS की सुविधा वाले विशेष टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराने को कहा गया था।

 

सितंबर में नियामक ने निर्देश दिया था कि कंपनियां डेटा सेवाओं को शामिल किए बिना केवल वॉइस कॉल और SMS वाले विशेष टैरिफ वाउचर पेश करें और उनके शुल्क में उचित कमी करें। TRAI के टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवें संशोधन) विनियम, 2026 के तहत 30 दिन या उससे कम वैधता वाले ऐसे वाउचर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया।

 

इसका उद्देश्य उन ग्राहकों को ऐसा रिचार्ज विकल्प देना है जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है। हालांकि, ग्राहकों को रिचार्ज करने से पहले एयरटेल ऐप या वेबसाइट पर प्लान की मौजूदा कीमत, वैधता और सुविधाओं की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 876 अंक टूटा

घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को चौतरफा बिकवाली देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 876 अंक की गिरावट में बंद हुआ।

सेंसेक्स सुबह 120 अंक की तेजी के साथ 74,849 अंक पर खुला, लेकिन तुरंत गिरावट में चला गया। बीच कारोबार में 73,708.54 अंक तक उतरने के बाद अंत में 876.37 अंक (1.17 प्रतिशत) टूटकर 73,852.90 अंक पर रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत नीचे 22,888.95 अंक पर बंद हुआ।

पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक तीन सप्ताह से अधिक के उच्चतम स्तर पर रहे थे। वृहत बाजार में भी सभी सूचकांकों में गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.28 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.08 प्रतिशत उतर गया। सेक्टर आधारित सूचकांकों में सार्वजनिक बैंकों को छोड़कर अन्य सभी समूहों के सूचकांक लाल निशान में रहे।

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वित्त, एफएमसीजी, आईटी, निजी बैंक, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और रसायन समूहों के सूचकांक एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर करीब चार फीसदी टूट गया। अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर में दो से तीन प्रतिशत की गिरावट रही। बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, इटरनल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक के नुकसान में रहे।

टाटा स्टील, सन फार्मा, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और पावरग्रिड के शेयर भी टूट गए।

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Airtel ने लॉन्च किए तीन सस्ते प्रीपेड प्लान, जानिए इनमें सब्सक्राइबर्स के लिए क्या है खास

भारती एयरटेल ने तीन नए वॉयस-ओनली प्रीपेड रीचार्ज प्लान लॉन्च किए हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की 21 अक्तूबर की डेडलाइन से पहले कंपनी ने ये प्लान लॉन्च किए हैं। ये प्लान 185 रुपये, 203 रुपये और 206 रुपये के हैं। भारती एयरटेल देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है।

इन तीनों प्लान में से प्रत्येक में सब्सक्राइबर्स को अनलिमिटेड लोकल और नेशनल वॉयस कॉलिंग और 300 एसएमएस की सुविधा मिलेगी। 185 रुपये के प्लान की वैलिडिटी 28 दिन की है, 203 रुपये के प्लान की वैलिडिटी 30 दिन की है। 206 रुपये की वैलेडिटी कैलेंडर के महीने के हिसाब से होगी।

ये सभी प्लान एयरटेल के ऐप पर सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध हैं। वॉयल-ओनली पैक की नई रेंज लॉन्च करने वाली देश की पहली टेलीकॉम कंपनी है। बाकी दो टेलीकॉम कंपनियों रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया को भी टेलीकॉम रेगुलेटर के निर्देश के तहत ऐसे प्लान लॉन्च करने होंगे।

ट्राई ने सितंबर में टेलीकॉम कंपनियों को एक खास निर्देश दिया था। इसमें कंपनियों को इंटरनेट डेटा के बगैर सिर्फ वॉयल कॉल और एसएमएस के लिए स्पेशल टैरिफ वाउचर्स लॉन्च करने को कहा गया था। इसके लिए टेलीकॉम रेगुलेटर ने 21 अक्टूबर की डेडलाइन तय की थी। टेलीकॉम कंपनियों को इस निर्देश के पालन के सिए 30 दिन का समय मिला था।

ट्राई के इस निर्देश से उन सब्सक्राइबर्स की शिकायत दूर हो गई है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत के बगैर बंडल्ड प्रीपेड खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे कई सब्सक्राइबर्स हैं, जो मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ वॉयल कॉल और एसएमएस के लिए करते हैं। अभी तक बाजार में जो प्रीपेड प्लान थे, उनके साथ इटरनेट डेटा भी होता था। इससे प्रीपेड प्लान महंगा हो जाता है।

हैंडसेट की बढ़ती कीमतों की वजह से सब्सक्राइबर्स अपने डिवाइस का इस्तेमाल लंबे समय तक करते हैं। वॉयस-ओनली प्लान से ऐसे सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा, जो सिर्फ वॉयस-ओनली रिचार्ज प्लान का इस्तेमाल करने में दिलचस्पी रखते हैं। ऐसे सब्सक्राइबर्स को डेटा की जरूरत नहीं होती है। अब उन्हें 30 दिन तक की वैलिडिटी वाले वाउचर्स मिलेंगे।

मस्क के आरोपों पर रिलायंस का जवाब

मुंबई। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के आरोपों पर पहली बार रिलायंस समूह ने जवाब दिया है। रिलायंस ने कहा है कि कंपनी भारत में हर तरह के निवेश और प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है। गौरतलब है कि मस्क ने आरोप लगाया था कि सेटेलाइट से इंटरनेट की सेवा देने वाली उनकी कंपनी स्टारलिंक को भारत में मुकेश अंबानी की वजह से मंजूरी नहीं मिल रही है।

रिलायंस ने अपने जवाब में कहा है कि दूसरी कंपनियों की तरह उसने भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया है और मंजूरी का इंतजार कर रही है। रिलायंस समूह ने जियो का आईपीओ लॉन्च होने से ठीक पहले यह सफाई दी है। उसने यह भी कहा है कि कंपनी स्टारलिंक जैंसी कंपनी का भारत में स्वागत करेगी। रिलायंस समूह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जवाब में कहा कि वह प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती। रिलायंस ने कहा, ‘असली मुकाबला वही है, जिससे यह पता चले कि सबसे अच्छी सर्विस कौन दे रहा है’।

गौरतलब है कि इलॉन मस्क भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने और सेवा शुरू होने में देरी के लिए रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी को जिम्मेदार बताया है। पिछले दिनों मस्क ने अपनी एक पोस्ट में मुकेश अंबानी पर तंज करते हुए उन्हें ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ लिखा था। एक पोस्ट में उन्होंने अंबानी को ‘भारत का रियल बॉस’ बताया था। बहरहाल, भारत सरकार ने भी इस पर स्थिति स्पष्ट की है और कहा है कि देश में तीन सेटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को लाइसेंस मिल चुके हैं। इनमें रिलायंस जियो सैटकॉम, भारती एयरटेल सपोर्टेड यूटेलसेट वनवेब और इलॉन मस्क की स्टारलिंक शामिल है। लेकिन इन सभी कंपनियों की सुरक्षा मंजूरी अभी बाकी है। इसके अलावा सेटेलाइट स्पेक्ट्रम का प्राइसिंग फ्रेमवर्क भी तय किया जा रहा है। सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही भारत में ये सेवाएं शुरू हो सकेंगी।

आईटी कंपनियों में लिवाली से बाजार में तेजी

आईटी कंपनियों में लिवाली के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर अच्छी तेजी देखी गई और टेक महिंद्रा का शेयर करीब साढ़े आठ प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 413.66 अंक (0.56 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,729.27 अंक पर पहुंच गया। हल्की बढ़त में खुलने के बाद कुछ देर के लिए यह लाल निशान में जरूर गया था, लेकिन एक बार वापसी करने के पूरे दिन तेजी बनी रही।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 148.80 अंक चढ़कर 23,146.15 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों का 23 सितंबर के बाद का उच्चतम स्तर है।

अच्छे तिमाही परिणाम और बोनस शेयर की घोषणा के बाद टेक महिंद्रा के शेयर में आज उछाल देखा गया। कंपनी के गुरुवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में उसका मुनाफा सालाना आधार पर 32.7 प्रतिशत बढ़कर 1,586 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राजस्व में 15.6 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 16,180 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने प्रत्येक शेयर पर एक बोनस शेयर जारी करने की घोषणा की है। साथ ही प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 15 रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है।

वृहत बाजार में मझौली और छोटी कंपनियों के सूचकांक गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.01 प्रतिशत नीचे रहा।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी सूचकांक में 3.92 प्रतिशत का उछाल रहा। मीडिया समूह का सूचकांक 1.92 फीसदी, धातु का 0.95 प्रतिशत और ऑटो का 0.75 प्रतिशत मजबूत हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों में गिरावट रही।

एनएसई में जिन 3,669 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,131 के शेयर ऊपर और 1,422 के नीचे बंद हुए। अन्य 116 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयरों मजबूती में रहे। टेक महिंद्रा की 8.45 प्रतिशत क तेजी के बाद टीसीएस का शेयर 4.61 फीसदी और इंफोसिस का 4.55 फीसदी ऊपर रह। भारती एयरटेल में 2.86 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.38 फीसदी की बढ़त रही।

बजाज फाइनेंस का शेयर 1.38 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, पावरग्रिड, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट के शेयर भी हरे निशान में रहे।

विमान सेवा कंपनी इंडिगो में 2.23 फीसदी की गिरावट रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.09 प्रतिशत और एशियन पेंट्स का एक प्रतिशत टूट गया। बीईएल, आईटीसी, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 1.39 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.52 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.24 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.95 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.04 प्रतिशत ऊपर था।

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Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

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Q2 Results: आईटी कंपनी को ₹1586 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान

Q2 Results: आईटी कंपनी Tech Mahindra ने सितंबर तिमाही में 1,586 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। यह जून तिमाही के 1,465 करोड़ रुपये से 8.2% ज्यादा है। CNBC-TV18 के पोल में मुनाफा 1,576 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यानी कंपनी के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे।

डॉलर में रेवेन्यू भी बढ़ा

टेक महिंद्रा का डॉलर में रेवेन्यू भी 2% बढ़कर 1,693 मिलियन डॉलर हो गया। जून तिमाही में यह 1,660 मिलियन डॉलर था। वहीं, EBIT यानी ऑपरेटिंग मुनाफा सालाना आधार पर 40.5% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी का EBIT मार्जिन भी सुधरा है। यह जून तिमाही के 14.4% से बढ़कर 14.8% हो गया। Tech Mahindra का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक इसे 15% तक पहुंचाना है।

डिविडेंड और बोनस शेयर को मंजूरी

टेक महिंद्रा ने शेयरधारकों को 15 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र निवेशकों को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी है।

नए ऑर्डर और AI से ग्रोथ की उम्मीद

टेक महिंद्रा के CEO मोहित जोशी ने तिमाही प्रदर्शन को बेहद मजबूत बताया। सितंबर तिमाही में कंपनी को 1.023 अरब डॉलर के नए सौदे मिले। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कारोबार में 4.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर कारोबार 6.6% बढ़ा।

कंपनी को Orange के बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट से भी मदद मिली। Avant Techno Solutions के अधिग्रहण से भी तिमाही के रेवेन्यू में योगदान हुआ। इसके अलावा, Tech Mahindra AI कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी के मुताबिक, उसका AI कलेक्शन सॉल्यूशन बकाया रकम की वसूली में करीब 40% तक एफिशिएंसी बढ़ा रहा है। कंपनी ने Cisco और SpaceX AI के साथ भी साझेदारी की घोषणा की है।

H-1B वीजा पर क्या बोले CEO?

अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़े सवाल पर मोहित जोशी ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने जिन कंपनियों का नाम लिया था, उनमें Tech Mahindra शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि कंपनी दुनियाभर में वीजा नियमों और उनके अनुपालन को लेकर सतर्क रहती है।

जोशी के मुताबिक, H-1B वीजाधारक कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 1% हैं। कंपनी का अमेरिका और वैश्विक स्तर पर स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती पर जोर है।

शेयर में 4.75% की तेजी

नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को Tech Mahindra का शेयर 4.75% बढ़कर 1,650 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी से शेयर सालभर के हिसाब से भी बढ़त में आ गया। पिछले 12 महीनों में इसमें 13% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

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