UP Heavy Rain: यूपी में भयंकर बारिश का अलर्ट! इन जिलों के लिए अगले 24 घंटे रहेंगे खतरनाक…IMD ने जारी किया अलर्ट

IMD Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इसके अलावा, कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की भी आशंका जताई गई है।

आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बने कम दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़े मौसम तंत्र के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। इसी वजह से कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान तराई क्षेत्र के सिद्धार्थनगर जिले में तेज से लेकर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

इन शहरों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में मानसून और ज्यादा सक्रिय रहेगा। मानसून की रेखा उत्तर की ओर बढ़ने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज या भारी बारिश भी हो सकती है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आसमान ज्यादातर बादलों से ढका रह सकता है। इस दौरान बीच-बीच में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना भी जताई गई है।

कब तक होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में अगले दिन अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक शहर में बारिश दर्ज नहीं की गई।

Pappu Yadav Update: सांसद पप्पू यादव पर हमला करने के इस आरोपी हैप्पी शर्मा के बारे में अबतक क्या-क्या पता चला, जानिए कौन है ये शख्स

3 अगस्त का मौसम: बिहार समेत इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने दिल्ली से यूपी तक दिया ये अलर्ट

Heavy Rain Alert 3rd August: देश भर में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक सोमवार 3 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल समेत 3 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत मुसलाधार यानी बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा से लेकर पहाड़ी इलाकों तक भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को देश के तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बिहार में मानसूनी बारिश का दौर काफी तेज रहेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 3 अगस्त को बहुत तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 3 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तर प्रदेश (पूर्व और पश्चिम दोनों क्षेत्र), हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और मध्य भारत: झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के छिटपुट इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के पहाड़ी/तटीय इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कड़केगी बिजली

मौसम विभाग ने 3 अगस्त को बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाओं को लेकर भी विस्तृत चेतावनी जारी की है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके वाली तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में मुख्य रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में मैदानी व तटीय इलाकों में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर हमले की थी साजिश, गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया पोस्ट से खुली PAK आतंकी की पोल

केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

जापान बैकअप कैपिटल बनाने की तैयारी में, क्या भारत में भी दूसरी राजधानी की जरूरत है, दिल्ली के अलावा कौन से ऑप्शन चर्चा में रहे?

Japan second capital: जापान एक बड़े भूकंप जैसी भीषण प्राकृतिक आपदा के दौरान सरकारी कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए एक बैकअप राजधानी बनाने पर विचार कर रहा है। इसके बाद भारत में भी एक पुरानी बहस फिर से छिड़ गई है कि क्या भारत को भी अपनी एक दूसरी राजधानी की जरूरत है? जापान में जहां यह चर्चा पूरी तरह से आपदा प्रबंधन और आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारियों पर केंद्रित है। वहीं भारत में दूसरी राजधानी की मांग ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, प्रशासनिक पहुंच और राष्ट्रीय सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

यह विचार भारत के लिए नया नहीं है। संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. बी.आर अंबेडकर से लेकर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया है। उनका तर्क रहा है कि भारत का शासन आज भी काफी हद तक नई दिल्ली में ही केंद्रित है।

डॉ. बीआर. अंबेडकर चाहते थे हैदराबाद बने भारत की दूसरी राजधानी

भारत में दूसरी राजधानी के पक्ष में सबसे शुरुआती और मजबूत तर्कों में से एक डॉ बीआर अंबेडकर का था। अपनी 1955 में प्रकाशित पुस्तक थॉट्स ऑन लिंग्विस्टिक स्टेट्स में उन्होंने तर्क दिया था कि नई दिल्ली भारत की एकमात्र राजधानी के लिए आदर्श जगह नहीं है। अंबेडकर ने तीन प्रमुख चिंताओं की ओर इशारा किया था।

पहली ये कि दिल्ली दक्षिण भारत से काफी दूर है, जिससे दक्षिण के नागरिकों और अधिकारियों को यहां आने-जाने में भारी असुविधा होती है। दूसरा दिल्ली की भीषण गर्मी और अत्यधिक ठंड इसे एक आरामदायक प्रशासनिक केंद्र नहीं बनने देती। अंबेडकर ने चेतावनी दी थी कि दिल्ली की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से निकटता युद्ध के समय इसे बेहद संवेदनशील और असुरक्षित बनाती है।

इसके विकल्प के रूप में उन्होंने हैदराबाद को देश की दूसरी राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने हैदराबाद को एक केंद्रीय रूप से स्थित और कॉस्मोपॉलिटन शहर बताया, जो उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक स्थायी संतुलन स्थापित कर सकता है।

बेंगलुरु प्रस्ताव ने फिर ताजा की थी बहस

दूसरी राजधानी का यह मुद्दा साल 2018 में तब फिर से चर्चा में आया जब कर्नाटक के तत्कालिक आवास मंत्री एम कृष्णप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बेंगलुरु को भारत की दूसरी राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग की।

इस प्रस्ताव में तर्क दिया गया था कि भारत के टेक्नोलॉजी हब के रूप में बेंगलुरु की स्थिति, वहां का अनुकूल मौसम और मजबूत आर्थिक आधार इसे दक्षिण भारत में एक आदर्श प्रशासनिक केंद्र बनाते हैं। समर्थकों का यह भी मानना था कि इस कदम से देश के शासन ढांचे में दक्षिणी राज्यों का एकीकरण और मजबूत होगा।

दुनिया के कई देशों में हैं एक से अधिक राजधानियां

अगर भारत अपनी प्रशासनिक संस्थाओं को अलग-अलग शहरों में बांटता है तो ऐसा करने वाला वह पहला देश नहीं होगा। दुनिया के कई देशों ने अपनी सरकारी शक्तियों को विभिन्न शहरों में बांट कर रखा हुआ है। दक्षिण अफ्रीका यह मल्टी-कैपिटल मॉडल का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। यहां प्रिटोरिया में कार्यपालिका, केप टाउनमें संसद और ब्लोएमफोनटेन में न्यायपालिका है। इसी तरह मलेशिया ने अपने प्रशासनिक कार्यालयों को पुत्राजया में ट्रांसफर कर दिया है जबकि संसद कुआलालंपुर से ही चलती है।

श्रीलंका की संसद श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे में बैठती है जबकि कोलंबो इसका वाणिज्यिक केंद्र और कई सरकारी संस्थानों का मुख्यालय बना हुआ है। नीदरलैंड एम्स्टर्डम को अपनी संवैधानिक राजधानी मानता है, लेकिन सरकार, संसद और सुप्रीम कोर्ट द हेग में स्थित हैं। बोलीविया की भी दो राजधानियां हैं, जहां ला पाज प्रशासनिक राजधानी है और सुक्रे संवैधानिक राजधानी व न्यायपालिका का केंद्र है।

जापान का प्रस्ताव भारत की बहस से अलग क्यों है?

जापान का बैकअप कैपिटल का प्रस्ताव भारत में चल रही दूसरी राजधानी की बहस से एक बड़े मायने में अलग है। टोक्यो जापान की मुख्य राजधानी बना रहेगा। जापानी सरकार केवल एक आपातकालीन प्रशासनिक केंद्र की संभावनाओं की स्टडी कर रही है ताकि अगर कोई भीषण भूकंप या बड़ी आपदा राजधानी टोक्यो को प्रभावित करती है तो वहां से देश का शासन निर्बाध रूप से चलता रहे। जापान का मुख्य उद्देश्य सरकार का निरंतर संचालन है, न कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व।

क्या भारत को वास्तव में दूसरी राजधानी की जरूरत है?

हालांकि समय-समय पर दूसरी राजधानी का विचार उभरता रहा है, लेकिन दिल्ली में किए गए भारी निवेश (जैसे सेंट्रल विस्टा का पुनर्विकास) को देखते हुए एक नई दूसरी राजधानी बनाना फिलहाल व्यावहारिक नजर नहीं आता। इसके बजाय विशेषज्ञों ने कुछ अधिक व्यावहारिक विकल्प सुझाए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा के नागपुर में होने वाले शीतकालीन सत्र की तर्ज पर, हर साल संसद का कम से कम एक सत्र दक्षिण भारत के किसी शहर में आयोजित किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें- El Nino Counter: अल-नीनो के खतरे के बीच आई बड़ी खुशखबरी! पॉजिटिव IOD लाएगा झमाझम बारिश, WMO की रिपोर्ट में दावा

एक्सपर्ट्स के मुताबिक न्याय तक आम जनता की पहुंच आसान बनाने के लिए चेन्नई, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में सुप्रीम कोर्ट की स्थायी क्षेत्रीय पीठें स्थापित की जा सकती हैं। फिलहाल नई दिल्ली ही भारत की एकमात्र राजधानी बनी हुई है। लेकिन जैसे-जैसे दुनिया भर के देश अपने शासन को अधिक लचीला, सुरक्षित और सुलभ बनाने के रास्ते तलाश रहे हैं, भारत में भी कुछ संस्थानों के विकेंद्रीकरण का सवाल समय-समय पर उठता रहेगा।

El Nino Counter: अल-नीनो के खतरे के बीच आई बड़ी खुशखबरी! पॉजिटिव IOD लाएगा झमाझम बारिश, WMO की रिपोर्ट में दावा

India Mansoon Update: मानसून सत्र के दौरान जहां अल-नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश का खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल (Positive IOD) बनने की संभावना जताई गई है। यह पॉजिटिव IOD अल-नीनो के निगेटिव इंपैक्ट को आंशिक रूप से बेअसर कर सकता है, जिससे देश भर में बारिश की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

क्या है अल-नीनो और पॉजिटिव IOD? समझिए मौसम का गणित

मौसम के इस चक्र और मानसून पर इसके प्रभाव को समझने के लिए दोनों स्थितियों का अंतर जानना जरूरी है। अल-नीनो मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह के पानी के गर्म होने का एक जलवायवीय पैटर्न है। भारत में इसका सीधा संबंध कमजोर मानसून और भीषण गर्मी से होता है। पॉजिटिव IOD उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर (Indian Ocean) के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों की समुद्री सतह के तापमान का अंतर है। जब पॉजिटिव IOD बनता है तो इससे मानसून की हवाएं मजबूत होती हैं जो देश में बेहतर और झमाझम बारिश में मदद करती हैं।

दक्षिण भारत को राहत की उम्मीद, 22% की कमी होगी पूरी

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के पूर्वानुमान से उन इलाकों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है जहां अब तक बारिश की कमी रही है। 1 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की 22% कमी दर्ज की गई है। अब पॉजिटिव IOD के सक्रिय होने से न सिर्फ दक्षिण भारत, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी बारिश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आ सकता है।

सुपर अल-नीनो जैसी कोई आधिकारिक कैटिगरी नहीं: सरकार

उधर पिछले दिनों केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में अल-नीनो से जुड़े भ्रम को दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि WMO या पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आधिकारिक तौर पर सुपर अल-नीनो नाम की कोई कैटिगरी परिभाषित नहीं है। भूमध्यरेखीय मध्य प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान की विसंगतियों के आधार पर अल-नीनो घटनाओं को कमजोर, मध्यम, मजबूत या बहुत मजबूत श्रेणियों में बांटा जाता है।

जून में कमजोर, जुलाई में मध्यम हुआ अल-नीनो: IMD का अपडेट

राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक IMD ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान अल-नीनो स्थितियां विकसित होने की भविष्यवाणी की थी। जून 2026 के दौरान अल-नीनो की स्थिति कमजोर थी, जो जुलाई 2026 में बढ़कर मध्यम स्तर तक पहुंच गई।

अक्टूबर से दिसंबर 2026 के सीजन के दौरान अल-नीनो के और मजबूत होने की संभावना है और यह बहुत मजबूत श्रेणी तक पहुंच सकता है। भारत पर इसका सटीक असर सिर्फ अल-नीनो ही नहीं बल्कि महासागर और वायुमंडल के संयुक्त संबंधों के क्रमिक विकास पर निर्भर करता है।

IMD जारी कर रहा है नियमित चेतावनियां और आईबीएफ रिपोर्ट

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अल-नीनो और अन्य जलवायु घटकों की लगातार निगरानी कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ दूसरे स्टेकहोल्डर्स को नियमित रूप से मौसमी, मासिक और विस्तारित सीमा के पूर्वानुमान जारी किए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें- दिल्ली लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, इसके लिए 6 जरूरी डॉक्युमेंट्स की पूरी लिस्ट

इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन अधिकारियों, राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों की तैयारियों व त्वरित प्रतिक्रिया में सहायता के लिए IMD दैनिक आधार पर अगले 7 दिनों के लिए प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान और जोखिम-आधारित चेतावनियां दी जा रही हैं।

इंटरव्यू में पूछा गया एक सवाल, उम्मीदवार तुरंत उठा और छोड़ दी नौकरी; इंटरनेट पर छिड़ी बहस

एक नौकरी इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार के अचानक उठाए गए कदम ने सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू कर दी है। मामला तब चर्चा में आया, जब एक उम्मीदवार ने कंपनी के हायरिंग मैनेजर द्वारा अनपेड ओवरटाइम को लेकर पूछे गए सवाल के बाद इंटरव्यू छोड़ने का फैसला किया। उम्मीदवार का कहना था कि वह इस अवसर को लेकर काफी उत्साहित था, लेकिन बातचीत के दौरान सामने आई कुछ बातें उसकी उम्मीदों से अलग थीं। इस घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या उम्मीदवार ने सही फैसला लिया या उसे पहले पूरी जानकारी जुटानी चाहिए थी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने वर्क कल्चर, कर्मचारियों के अधिकार और ऑफिस में अतिरिक्त काम को लेकर अपने अनुभव और राय साझा की। देखते ही देखते यह मामला ऑनलाइन बहस का विषय बन गया।

Reddit से शुरू हुई कहानी, X पर हुई वायरल

यह मामला सबसे पहले Reddit पर सामने आया, जहां कर्मचारी ने अपने अनुभव को विस्तार से साझा किया। बाद में इसे X अकाउंट @ConsoomerLs ने शेयर किया, जिसके बाद पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी राय रखी और वर्क कल्चर को लेकर बहस शुरू हो गई।

अच्छी नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचा था उम्मीदवार

उम्मीदवार के मुताबिक, वह इस जॉब अवसर को लेकर काफी उत्साहित था। कंपनी की ऑनलाइन रेटिंग अच्छी थी, पद आकर्षक लग रहा था और सैलरी भी बेहतर थी। लेकिन इंटरव्यू शुरू होते ही बातचीत ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी उसने उम्मीद नहीं की थी।

‘आप अनपेड ओवरटाइम कैसे संभालेंगे?’ सवाल ने चौंकाया

उम्मीदवार ने बताया कि हायरिंग मैनेजर ने शुरुआत में ही पूछा, “आप बिना भुगतान वाले ओवरटाइम को कैसे संभालेंगे?” पहले उसे लगा कि शायद यह मजाक है, लेकिन जब सवाल गंभीर निकला तो उसने कंपनी की नीति के बारे में जानकारी मांगी।

कंपनी के जवाब से हुआ असहमत

उम्मीदवार के अनुसार, मैनेजर ने कहा कि कर्मचारियों से जरूरत के हिसाब से काम पूरा होने तक रुकने की उम्मीद की जाती है। कंपनी अतिरिक्त घंटों का हिसाब नहीं रखती क्योंकि सभी कर्मचारी अपने काम को लेकर “जुनूनी” हैं। यह सुनकर उम्मीदवार को लगा कि यह नौकरी उसकी उम्मीदों से मेल नहीं खाती।

इंटरव्यू छोड़ा और बाहर निकल गया

उम्मीदवार ने बिना ज्यादा समय गंवाए इंटरव्यू खत्म करने का फैसला लिया। उसने इंटरव्यू लेने वाले को धन्यवाद दिया और कहा कि यह भूमिका उसके लिए सही नहीं है। इसके बाद वह वहां से चला गया। बाद में उसने खुद भी सवाल उठाया कि क्या उसका फैसला सही था या उसे और जानकारी लेनी चाहिए थी।

सोशल मीडिया पर बंटे यूजर्स के विचार

पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने उम्मीदवार के फैसले का समर्थन किया। कुछ यूजर्स ने कहा कि बिना भुगतान के काम लेना गलत है और ऐसी कंपनी से दूरी बनाना बेहतर है। वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि उम्मीदवार को पहले पूरा इंटरव्यू देना चाहिए था और बाद में फैसला लेना चाहिए था।

वर्क-लाइफ बैलेंस और कॉर्पोरेट कल्चर पर बहस

इस घटना ने एक बार फिर वर्क-लाइफ बैलेंस, कर्मचारियों के अधिकार और कंपनियों की कार्य संस्कृति पर चर्चा तेज कर दी है। कई यूजर्स का मानना है कि नौकरी सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि सम्मान और उचित कार्य परिस्थितियों से भी जुड़ी होती है।

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

सैलरी नहीं, ये 5 आदतें खाली कर रही हैं आपकी जेब! बेंगलुरु के क्रिएटर ने बताया बचत का तरीका

बेंगलुरु के कंटेंट क्रिएटर अक्षय सीएन ने लोगों का ध्यान बचत से जुड़ी एक अहम समस्या की ओर दिलाया है। उनका कहना है कि कम सैलरी नहीं, बल्कि रोजाना होने वाले छोटे-छोटे खर्च कई बार आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि फूड डिलीवरी, कैब राइड, गैरजरूरी शॉपिंग, बेकार सब्सक्रिप्शन और बिना प्लानिंग के वीकेंड खर्च जैसी आदतें धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल जाती हैं।

अक्षय के मुताबिक, ज्यादा कमाई करने वाले लोग भी अगर खर्चों पर नजर नहीं रखते तो बचत नहीं कर पाते। वहीं सीमित आय वाले लोग सही प्लानिंग के जरिए पैसे बचा सकते हैं। उनकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच खर्च करने की आदतों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में बताए पैसे खत्म करने वाले कारण

Instagram पेज @bangalore_viral चलाने वाले अक्षय सीएन ने एक वीडियो शेयर कर ऐसी 5 आदतों के बारे में बताया, जो धीरे-धीरे हर महीने की बचत को कम कर देती हैं। इनमें बार-बार ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना, कैब पर ज्यादा खर्च, बेवजह खरीदारी, बिना इस्तेमाल वाले सब्सक्रिप्शन और बिना बजट के वीकेंड प्लान शामिल हैं।

‘समस्या सैलरी नहीं, अनदेखे खर्च हैं’

अक्षय ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि कई लोग सोचते हैं कि सैलरी बढ़ने के बाद बचत शुरू करेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, असली फर्क कमाई से ज्यादा पैसों को लेकर जागरूकता का होता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग 40 हजार रुपये कमाकर भी बचत कर लेते हैं, जबकि लाखों की आय वाले लोग भी महीने के अंत में परेशान रहते हैं।

छोटे खर्च कैसे बन जाते हैं बड़ा बोझ

अक्षय ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार का ₹300 का कैब राइड ज्यादा बड़ा खर्च नहीं लगता, लेकिन महीने में 20 बार लेने पर यही रकम काफी बढ़ जाती है। इसी तरह रोजाना फूड डिलीवरी, सेल के नाम पर खरीदारी और छोटे-छोटे डिजिटल पेमेंट लंबे समय में जेब पर भारी असर डाल सकते हैं।

सब्सक्रिप्शन और वीकेंड खर्च पर भी दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे ऐप्स और सेवाओं के लिए पैसे देते रहते हैं, जिनका इस्तेमाल तक नहीं करते। वहीं हर वीकेंड बाहर जाने की आदत भी बिना प्लानिंग के बजट बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, समस्या बाहर जाने में नहीं बल्कि बिना हिसाब के खर्च करने में है।

30 दिन वाला सवाल बदल सकता है खर्च की आदत

अक्षय ने पैसे बचाने का एक आसान तरीका भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कोई भी चीज खरीदने से पहले वह खुद से पूछते हैं,”क्या मैं 30 दिन बाद भी इस खरीदारी से खुश रहूंगा?” उनके मुताबिक, इस एक सवाल ने उन्हें बेहतर वित्तीय फैसले लेने में मदद की है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

अक्षय की पोस्ट पर कई यूजर्स ने सहमति जताई। कुछ लोगों ने कहा कि रोजमर्रा के खर्चों की वजह से महीने के अंत तक पैसे बचाना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि बचत के लिए ज्यादा कमाई से ज्यादा खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

NEET PG 2026 Exam: एक ही शिफ्ट में एग्जाम, घर के पास होगा परीक्षा केंद्र, नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने बड़े सुधारों का किया ऐलान

NEET PG 2026 Exam: सरकार NEET-PG परीक्षा के लिए कई बदलाव किए हैं। इसमें परीक्षा केंद्र के विकल्पों का दायरा बढ़ाना, उम्मीदवारों को परीक्षा वाले शहरों तक यात्रा की योजना बनाने के लिए ज्यादा समय देना और टेस्ट के दौरान हर सवाल के लिए अधिक समय देना शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NEET परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इस कदम का मकसद मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में आपातकालीन स्थितियों या परीक्षा स्थगित होने के कारण एग्जाम कई शिफ्ट में आयोजित करनी पड़ी थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों का मकसद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “पेपर पत्र तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों पर मज़बूत किया गया है।”

एक ही शिफ्ट में होगा एग्जाम

न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सभी उम्मीदवार एक जैसी परिस्थितियों में एक ही पेपर दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार 1 अगस्त को NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। नड्डा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित तरीके से आयोजित की जाए।

NEET-PG 2026 के एग्जाम सेंटर घर के पास होंगे

इससे पहले ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (first-come, first-served) वाली व्यवस्था थी। लेकिन अब उम्मीदवारों से आवेदन करते समय तीन राज्यों की प्राथमिकता बताने को कहा जाएगा। उनका राज्य अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता होगी, जिससे अधिकारियों को उनके घर के पास परीक्षा केंद्र आवंटित करने में आसानी होगी। पहले उन्हें अक्सर पास के केंद्र पूरी तरह भरे हुए मिलते थे और परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

कब होगा एग्जाम?

NEET PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त 2026 (रविवार) को आयोजित होगी। यह एग्जाम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उम्मीदवारों को 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित टेस्ट शहर के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

इससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। पहले, शहर और वेन्यू की जानकारी परीक्षा की तारीख के बहुत करीब जारी की जाती थी। इससे कई उम्मीदवारों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने में परेशानी होती थी।

तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे

मंत्रालय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अपने एग्जाम सेंटर के लिए तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे। उनके रहने की जगह के पास केंद्र आवंटित करने में आसानी के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर अपने गृह राज्य को चुनना अनिवार्य होगा।

एक सूत्र ने बताया कि पहले एग्जाम सेंटर वाले शहर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाते थे, जिससे रजिस्ट्रेशन विंडो खुलते ही उम्मीदवार जल्दबाजी में आवेदन करते थे। जो लोग देर करते थे, उन्हें अक्सर पास के परीक्षा केंद्र के विकल्प पूरी तरह भरे हुए मिलते थे। इससे उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

तीन सप्ताह पहले मिल जाएगी जानकारी

एक और अहम बदलाव में उम्मीदवारों को परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित परीक्षा शहर के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मंत्रालय ने बताया कि NBEMS ने परीक्षा पैटर्न को भी तर्कसंगत बनाया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 210 मिनट में 180 सवालों के जवाब देने होंगे। इससे उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलता है। जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2,73,183 उम्मीदवारों ने कराया रजिस्ट्रेशन

NEET-PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह परीक्षा लगभग 340 शहरों और 1,300 से अधिक एग्जाम सेंटरों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।

काउंसलिंग चार अगस्त से शुरू होगी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत MBBS और दूसरे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से शुरू होगा। 2026-27 बैच का एकेडमिक सेशन 8 सितंबर से शुरू होगा।

कमेटी की ओर से जारी काउंसलिंग शेड्यूल के मुताबिक, डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए AIQ काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से 17 अगस्त तक होगा। एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 22 अगस्त होगी।

ये भी पढ़ें- IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

शेड्यूल के अनुसार, AIQ काउंसलिंग का दूसरा राउंड 24 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा। इसके बाद तीसरा राउंड होगा, जो 10 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगा। स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 13 अगस्त से 22 अगस्त तक होगा, जिसमें कैंडिडेट्स को 28 अगस्त तक अपना एडमिशन पूरा करना होगा। दूसरा राउंड 31 अगस्त से 8 सितंबर तक और तीसरा राउंड 16 सितंबर से 26 सितंबर तक होगा।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

ये भी पढ़ें- Ethanol Petrol Row: ‘…तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹125 प्रति लीटर होती’; एथेनॉल विवाद पर सरकार का बड़ा दावा

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

बारिश के मौसम में समोसे खाने की छोटी सी ख्वाहिश सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा का कारण बन गई। X पर एक यूजर ने Swiggy से किए गए अपने ऑर्डर का अनुभव साझा किया, जिसमें कम कीमत ने सभी का ध्यान खींच लिया। पोस्ट में किए गए मजाकिया कमेंट के बाद यूजर्स ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के डिस्काउंट, रेस्टोरेंट ऑफर्स और ऑनलाइन ऑर्डर की असली कीमत को लेकर बहस शुरू कर दी।

कुछ लोगों ने इसे शानदार डील बताया, तो कुछ ने कंपनियों के बिजनेस मॉडल और ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले असर पर सवाल उठाए। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए।

₹104 का बिल देख यूजर रह गई हैरान

X यूजर नलिनी उनागर ने बताया कि बारिश के दौरान उन्होंने Swiggy से 8 बड़े समोसे ऑर्डर किए। पूरे ऑर्डर का बिल सिर्फ ₹104 आया, जिसे देखकर वह खुद भी हैरान रह गईं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर Swiggy ऐसे ही भारी छूट देता रहा तो एक दिन दिवालिया हो जाएगा।

पोस्ट के साथ शेयर किया बिल

पोस्ट के साथ उन्होंने समोसों की तस्वीर और ऑर्डर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। बिल में बारिश के कारण ₹5 रेन फीस, GST और अन्य शुल्क भी शामिल थे। इसके बावजूद कुल कीमत कई लोगों को काफी कम लगी।

यूजर्स बोले- ‘डिस्काउंट Swiggy नहीं, रेस्टोरेंट देता है’

पोस्ट वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने कहा कि यह छूट Swiggy नहीं बल्कि रेस्टोरेंट की ओर से दी जाती है, जबकि प्लेटफॉर्म अपना कमीशन अलग से लेता है। कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि अगर कंपनी की इतनी चिंता है तो डिस्काउंट वापस कर देना चाहिए।

किसी ने तारीफ की, किसी ने उठाए सवाल

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि कम कीमत की वजह पुराना स्टॉक हो सकता है, हालांकि पोस्ट करने वाली यूजर ने जवाब दिया कि समोसे बिल्कुल गर्म और ताजा थे। वहीं कुछ लोगों ने Swiggy की सर्विस पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए दिवालिया होने वाली बात को महज मजाक बताया।

बहस पहुंची सेहत और जेब तक

चर्चा सिर्फ डिस्काउंट तक सीमित नहीं रही। कुछ लोगों ने रात में समोसे खाने को सेहत के लिए ठीक नहीं बताया, जबकि कई यूजर्स का कहना था कि अगर यही समोसे सीधे दुकान से खरीदे जाते तो कीमत आधी से भी कम होती। इस तरह एक साधारण फूड ऑर्डर ने इंटरनेट पर कीमत, डिस्काउंट और ग्राहक अनुभव को लेकर दिलचस्प बहस छेड़ दी।

बिना चेतावनी एक ईमेल में गई नौकरी! वायरल पोस्ट ने छेड़ी जॉब सिक्योरिटी पर बहस