मानसून में सिर्फ मच्छर ही नहीं, सांपों से भी रहें सतर्क! अपनाएं ये उपाय

मानसून के बाद सांप काटने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, पिछले दिनों में जहरीले सांप के काटने के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण सांप अपने बिल छोड़कर रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं और कई बार घरों, भूसे के ढेर, गोहालों या झाड़ियों में छिप जाते हैं, ऐसे में आप मानसून के दौरान सांपों से बचाव के लिए यहां दिए गए आसान और जरूरी उपाय अपना सकते है:

घर के आसपास सफाई रखें (Maintain Regular Cleanliness)

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मानसून में सांप अक्सर ऐसी जगहों पर छिपते हैं जहां झाड़ियां, लंबी घास, लकड़ी, ईंट, भूसा या कबाड़ जमा हो। इसलिए घर के आसपास की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। समय-समय पर झाड़ियों की कटाई करें और बेकार सामान हटाते रहें, ताकि सांपों को छिपने की जगह न मिले।

दीवारों की दरारें बंद करें (Seal Cracks and Gaps)

अगर घर की दीवार, फर्श, आंगन या स्टोर रूम में कहीं बिल, दरार या छेद दिखाई दे, तो उसे सीमेंट, मिट्टी या मटेरियल से बंद कर दें। इससे सांपों के घर के अंदर आने की संभावना काफी कम हो जाती है। खासकर बरसात के मौसम में घर की रेगुलर इंस्पेक्शन करना जरूरी है।

रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें (Use a Torch at Night)

बारिश के मौसम में सांप रात के समय ज्यादा एक्टिव रहते हैं। इसलिए अंधेरे में बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च का यूज करें। खेत, बगीचे, गोहाल या घर के आसपास कभी भी नंगे पैर न चलें। मजबूत जूते और पूरी लंबाई वाले कपड़े पहनने से सांप के काटने का खतरा कम हो सकता है।

सांप से सुरक्षित दूरी रखें (Safe Distance from Snakes)

अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और उसे मारने या पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें। सही दूरी बनाए रखें और तुरंत वन विभाग , स्थानीय प्रशासन या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें। ऐसा करने से आपकी और सांप दोनों की सेफ्टी बनी रहती है।

 परिवार को जागरूक रखें (Family Awareness)

मानसून के दौरान बच्चों और परिवार के सभी मेंबर को सांपों से जुड़ी जरूरी सावधानियों के बारे में बताएं। उन्हें समझाएं कि झाड़ियों, लकड़ी या भूसे के ढेर में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें और सांप दिखाई देने पर उससे दूर रहें। साथ ही यह भी याद रखें कि अगर किसी को सांप काट ले, तो घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने की बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, क्योंकि समय पर इलाज ही जान बचाने का सबसे सेफ तरीका है।

खिड़कियां और दरवाजें बंद (Secure Doors and Windows)

मानसून के दौरान रात में सांप खुले दरवाजों, खिड़कियों या नालियों के रास्ते घर में घुस सकते हैं। इसलिए दरवाजे हमेशा बंद रखें, खिड़कियों पर जाली लगवाएं और पानी निकासी वाली नालियों को भी सुरक्षित रखें। इससे सांपों के घर में आने का खतरा कम हो सकता है।

खाने-पीने की चीजें और कचरा (Keep Food and Garbage Covered)

घर के आसपास कचरा, बचा हुआ खाना या अनाज खुला रखने से चूहे आने लगते हैं, और जहां चूहे होते हैं वहां सांपों के आने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए कूड़ेदान को ढककर रखें, अनाज को बंद डिब्बों में रखें और घर के आसपास सफाई बनाए रखें, ताकि सांपों को अट्रैक्ट करने वाली कंडीशन न बनें।

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों ने अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में याचिका दाखिल कर इन टैरिफ को अवैध घोषित करने की मांग की है। फैसले के तहत ट्रम्प ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ये 60 देश अमेरिकी आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि इस कदम से देश में महंगाई बढ़ जाएगी। पिछले महीने अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के मुद्दे पर 60 देशों पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी के बीच नए टैरिफ लगाए थे। भारत समेत 17 देशों पर 10 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इथियोपिया में भूस्खलन से 14 की मौत, पवित्र जल लेने थे पहुंचे थे लोग इथियोपिया के अम्हारा इलाके में भारी बारिश के कारण सोमवार को हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह भूस्खलन त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धि की रस्म के लिए जमा हुए थे। डायोसिस के जनरल मैनेजर मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया- “मरने वालों में से कई लोग पवित्र जल लेने के लिए जमा हुए थे। मरने वालों में से 11 लोगों को मठ में ही दफना दिया गया है, जबकि बाकी लोगों के शव उनके घर दिए गए हैं।”

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के 25 राज्य ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ कोर्ट पहुंचे, दावा- फोर्स्ड लेबर के नाम पर लगाया शुल्क अवैध

अमेरिका के 25 डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ फैसले को अदालत में चुनौती दी है। राज्यों ने अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में याचिका दाखिल कर इन टैरिफ को अवैध घोषित करने की मांग की है। फैसले के तहत ट्रम्प ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ लगाए गए हैं। ये 60 देश अमेरिकी आयात का 99.4 फीसदी हिस्सा हैं। याचिका में कहा गया है कि इस कदम से देश में महंगाई बढ़ जाएगी। पिछले महीने अमेरिका ने जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के मुद्दे पर 60 देशों पर 10 फीसदी से 12.5 फीसदी के बीच नए टैरिफ लगाए थे। भारत समेत 17 देशों पर 10 फीसदी की दर से टैरिफ लगाया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों का तर्क है कि प्रशासन ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर मनमाने ढंग से टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इथियोपिया में भूस्खलन से 14 की मौत, पवित्र जल लेने थे पहुंचे थे लोग इथियोपिया के अम्हारा इलाके में भारी बारिश के कारण सोमवार को हुए भूस्खलन में 14 लोगों की मौत हो गई और 7 अन्य घायल हो गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। यह भूस्खलन त्सदकाने डेब्रे मिटमाक सेंट मैरी मठ में हुआ, जहां सैकड़ों श्रद्धालु पवित्र जल से शुद्धि की रस्म के लिए जमा हुए थे। डायोसिस के जनरल मैनेजर मेगाबे हादिस नेका तिबेब अबाबू ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया- “मरने वालों में से कई लोग पवित्र जल लेने के लिए जमा हुए थे। मरने वालों में से 11 लोगों को मठ में ही दफना दिया गया है, जबकि बाकी लोगों के शव उनके घर दिए गए हैं।”

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

gujarat rain

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए 4 अगस्त के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों—विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य भारत के राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटों में सबसे ज्यादा सतर्कता की आवश्यकता है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली, यूपी और मध्य भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मिला-जुला रहेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी। कई जिलों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

राजस्थान में कैसा रहेगा मॉनसून?

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पाली जिले के जैतारण में सर्वाधिक 161 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र के अनुसार, मॉनसून के ट्रफ लाइन के खिसकने से जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 3 से 5 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

दक्षिण भारत का हाल

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

UP Heavy Rain: बिगड़ने वाला यूपी का मौसम! 7 अगस्त तक कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश के लोगों को उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत की मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार (IMD), प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक मानसून और ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इसके कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 7 अगस्त तक अच्छी बारिश होगी, वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के किन शहरों में होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। अगले चार से पांच दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

आईएमडी के अनुसार, 3 से 7 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 3 से 6 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।

इन जगहों पर गिर सकती है बिजली

4 अगस्त को प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने की भी आशंका है।

वाराणसी सहित इन शहरों में होगी तेज बारिश

4 और 5 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, संत रविदास नगर, गोरखपुर मंडल के कई जिले, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से और तराई क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है। 6 अगस्त को बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

IMD ने लोगों को दी ये सलाह

IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तेज बारिश की वजह से कई जगहों पर पानी भर सकता है। कच्चे मकानों और कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज बारिश की वजह से छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहें, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों, बिना जरूरत यात्रा से बचें और जलभराव व तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी पूरी सावधानी बरतें।

दिल्ली और हरियाणा की यमुना की मछलियों में बड़ा फर्क पता चला, किसमें ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक? ये है चौंकाने वाली स्टडी का रिजल्ट

यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स की एक नई स्टडी में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा से बहकर आने वाली यमुना नदी के मुकाबले दिल्ली के दायरे में तैरने वाली ताजे पानी की मछलियों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक (प्लास्टिक के बेहद सूक्ष्म कण) की मात्रा काफी अधिक पाई गई है। इस स्टडी के दौरान जितने भी मछलियों के सैंपल लिए गए, उनमें से एक भी मछली ऐसी नहीं मिली जो माइक्रोप्लास्टिक के पल्यूशन से पूरी तरह मुक्त हो। रिसर्चर्स ने यमुना नदी के दिल्ली वाले हिस्से को अत्यधिक माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है।

दिल्ली की मछलियों में क्या मिला?

रिसर्चर्स ने इस स्टडी के लिए यमुना नदी के चार अलग-अलग जगहों हरियाणा के यमुनानगर व करनाल और दिल्ली के सूर घाट व सोनिया विहार से 12 अलग अलग प्रजातियों की कुल 220 ताजे पानी की मछलियों का एनालिसिस किया। इन मछलियों के शरीर से कुल 1678 माइक्रोप्लास्टिक कण बरामद किए गए। प्रति मछली औसतन लगभग 7.6 माइक्रोप्लास्टिक कण पाए जाने की पुष्टि हुई। सोनिया विहार और सूर घाट (दिल्ली) से पकड़ी गई मछलियों में हरियाणा के ऊपरी हिस्सों की तुलना में अधिक मात्रा में प्लास्टिक का जहर मिला है। दिल्ली के क्षेत्र में इस अत्यधिक प्रदूषण के पीछे अनट्रीटेड सीवेज का पानी, नगरपालिका का गंदा पानी, कपड़ा उद्योगों से निकलने वाला कचरा, बारिश के पानी का बहाव और नदी में सीधे फेंका जाने वाला अनप्रबंधित प्लास्टिक कचरा मुख्य वजह है।

मछलियों की प्रजातियों के आधार पर देखें तो सोनिया विहार से एकत्र की गई 20 तिलापिया मछलियों में सबसे अधिक 436 माइक्रोप्लास्टिक कण पाए गए, जो प्रति मछली औसतन 21.8 कण का रिकॉर्ड है। वहीं सूर घाट की तिलापिया मछलियों से 264 कण और सोनिया विहार की रोहू मछली से 205 कण मिले। इसके उलट सबसे कम प्रदूषण करनाल की 10 नीडल फिश में मिला। इनसे कुल 37 कण बरामद हुए। रिसर्च में यह भी पाया गया कि सबसे अधिक 751 माइक्रोप्लास्टिक कण मछलियों के पाचन तंत्र में मिले जबकि 605 कण उनके गलफड़ों और 322 कण मांसपेशियों के ऊतकों में पाए गए। मांसपेशियों में प्लास्टिक मिलना यह दर्शाता है कि ये खतरनाक कण पाचन तंत्र से निकलकर मछलियों के उन हिस्सों तक भी पहुंच रहे हैं, जिन्हें इंसान खाते हैं।

शाकाहारी मछलियों में ज्यादा जहर!

स्टडी के मुताबिक, सर्वाहारी और शाकाहारी प्रजातियों की मछलियों में मांसाहारी मछलियों की तुलना में अधिक माइक्रोप्लास्टिक जमा हुआ। वैसे रिसर्चर्स ने स्पष्ट किया कि मछली क्या खाती है, इसके बजाय वह किस जगह रह रही हैं, इसका माइक्रोप्लास्टिक के जमाव पर अधिक असर पड़ता है। कुल बरामद माइक्रोप्लास्टिक में 77.8 प्रतिशत धागे या रेशे थे जो सिंथेटिक कपड़ों, घरेलू धुलाई और कपड़ा उद्योगों के इसके पीछे की वजह की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा 44 प्रतिशत कण पारदर्शी थे, जबकि 19.5 प्रतिशत नीले और 16.3 प्रतिशत काले रंग के थे। इनमें 10 अलग-अलग प्रकार के पॉलिमर पाए गए, जिनमें प्लास्टिक बैग में इस्तेमाल होने वाला पॉलीथिन (24%) और डिब्बों व बोतलों में इस्तेमाल होने वाला पॉलीप्रोपाइलीन (21%) प्रमुख थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य ‘पॉलीमर हैजार्ड इंडेक्स’ के आधार पर शोधकर्ताओं ने यमुना के इस प्रदूषण को ‘कैटेगरी IV’ में रखा है। ये जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक उच्च पारिस्थितिक खतरे का संकेत देता है। एनवायरनमेंटल ड्राइवर्स एंड बायोएक्यूमुलेशन पाथवेज ऑफ माइक्रोप्लास्टिक इन फ्रेशवॉटर फिश फ्रॉम द रिवर यमुना, इंडिया’ टाइटल वाले इस स्टडी के रिसर्चर्स ने कहा कि नदियों और जलीय जीवों को बचाने के लिए अपशिष्ट जल के बेहतर उपचार और यमुना में गिरने वाले प्लास्टिक कचरे को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है।

4 अगस्त का मौसम: बंगाल समेत 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी तक धुआंधार बारिश, इन 21 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजातरीन वेदर बुलेटिन में 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में मुसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कुल 21 राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर और बंगाल में भारी बारिश की आशंका: 3 राज्यों के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 4 अगस्त को पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की जा सकती है। असम और मेघालय इन दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी 4 अगस्त को एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर लाल चेतावनी दी गई है।

बिहार और पूर्वोत्तर के इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों और पूर्वी भारत में भी बादलों का आक्रामक रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी व मध्य भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

पश्चिम व दक्षिण भारत: मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

‘मुसाफिर कैफे’ जैसा जीवन चाहते हैं! नौकरी छोड़ने से पहले इन 5 बातों को न करें नजरअंदाज

आपने भी कभी सोचा है कि शहर की भागदौड़ छोड़कर पहाड़ों में सुकून से जिंदगी बिताई जाए! सुबह उठते ही सामने खूबसूरत पहाड़ हों, हाथ में गर्म कॉफी हो और न ट्रैफिक की टेंशन, न ऑफिस की मीटिंग। नेटफ्लिक्स की मुसाफिर कैफे देखने के बाद यह सपना कई लोगों का अपना सपना भी बन गया है। लेकिन पहाड़ों की जिंदगी सिर्फ खूबसूरत नजारों तक नहीं होती। वहां नई शुरुआत करने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेना बहुत जरूरी है, ताकि बाद में आपका सपना मुश्किल में न बदल जाए:

 

असलियत को समझें (Reality Check)

4,400+ Woman Using A Laptop In The Mountain Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

पहाड़ों में रहना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन वहां रोजमर्रा की जिंदगी भी होती है। अगर आप कैफे, होमस्टे (homestay) या कोई छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो उसमें भी खूब मेहनत करनी पड़ती है। छुट्टियां (vacation) मनाने और हमेशा वहीं रहने में बहुत फर्क होता है। इसलिए फैसला लेने से पहले कुछ दिन वहां रहकर माहौल को जरूर समझें।

 

 

पैसों की सही योजना बनाएं (Financial Planning)

Swiss Traditional House In Rural Switzerland Stock Photo, Picture and Royalty Free Image. Image 12060831.नौकरी छोड़ने से पहले अपनी बचत जरूर देखें। नया काम शुरू होने में समय लग सकता है और शुरुआत में कमाई भी कम हो सकती है। ऐसे में किराया, बिजली, स्टाफ, सामान और दूसरे खर्च चलते रहते हैं। इसलिए कम से कम 6 महीने से 1 साल तक का खर्च पहले से बचाकर रखें।

लोगों से अपनापन बनाएं (Local Community)

Inside a legacy mountain house with snowy views of Wyoming's Grand Tetons

अगर पहाड़ों में बसना चाहते हैं, तो सिर्फ घर लेना काफी नहीं है। वहां रहने वाले लोगों से अच्छे रिश्ते बनाना भी जरूरी है। उनकी संस्कृति को समझें, लोकल लोगों के साथ काम करें। इससे नई जगह पर बसना आसान हो जाता है।

पहाड़ों की जिंदगी को अपनाएं (Mountain Lifestyle)

पहाड़ों में हर सुविधा शहर जैसी नहीं मिलती। कई जगह इंटरनेट धीमा हो सकता है, अस्पताल दूर हो सकते हैं और बारिश या बर्फबारी में आने-जाने में भी दिक्कत हो सकती है। इसलिए वहां की लाइफस्टाइल को अपनाने के लिए पहले से तैयार रहें।

 

अपनी स्किल्स का इस्तेमाल करें (Keep Your Skills)

नौकरी छोड़ने का मतलब यह नहीं कि पुरानी स्किल्स बेकार हो जाएंगी। अगर आप राइटिंग, डिजाइनिंग, आईटी, डिजिटल मार्केटिंग या किसी और फील्ड में काम करते हैं, तो पहाड़ों से भी ऑनलाइन काम कर सकते हैं। इससे नई शुरुआत के दौरान आपकी कमाई भी बनी रहेगी और स्ट्रेस भी कम होगा।

 

Delhi Weather Today: दिल्ली-NCR में आज भी बारिश के आसार, IMD ने बताया कैसा रहेगा मौसम

Delhi Weather Today: उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून के सक्रिय रहने के कारण दिल्ली-NCR में सोमवार को भी मौसम सुहावना बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि NCR में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश के दौरान कुछ जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है।

दिल्ली का आज का मौसम पूर्वानुमान

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह और दोपहर के समय एक या दो बार हल्की से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, शाम या रात में फिर से हल्की बारिश होने की संभावना है। शहर के कुछ इलाकों में, खासकर रात के समय, बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान के भी आने की आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, नमी का स्तर ज्यादा होने के कारण बारिश के बीच-बीच में मौसम उमस भरा महसूस हो सकता है। इसके अलावा, IMD ने आज के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

NCR में मौसम कैसा रहेगा?

नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे NCR के आस-पास के शहरों में भी मौसम का हाल कुछ ऐसा ही रहने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है, खासकर दिन के बाद के समय में।

इसके अलावा, IMD ने 4 अगस्त के लिए “येलो अलर्ट” भी जारी किया है। अनुमान है कि दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में दिन भर मध्यम बारिश होगी और न्यूनतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे मौसम भले ही सुहावना बना रहेगा, लेकिन कुछ जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की परेशानी भी हो सकती है।

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Weather Today: आज बिहार में बारिश का तांडव, IMD ने दिल्ली समेत 23 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, यहां दिखेगा मौसम का विकराल रूप

Weather Today: देशभर में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के कई हिस्सों में बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज देश के कई राज्यों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

बिहार और पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अगस्त को बिहार समेत तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली, यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक: इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के बड़े भू-भाग में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का जोर बना रहेगा।

पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखी जा सकती है।

तटीय इलाकों में चलेंगी तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।