विश्व पर्यावरण दिवस पर लें धरती को हरा-भरा बनाने का सच्चा संकल्प

Picture depicting the resolution to save the earth and life on World Environment Day

World Environment Day 2026: हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यावरण दिवस' हमें याद दिलाता है कि यह धरती हमारा इकलौता घर है और इसकी हरियाली को बचाना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है। साल 2026 में, जब कंक्रीट के जंगल लगातार बढ़ते जा रहे हैं और मौसम का मिजाज बदल रहा है, तब सिर्फ एक दिन का उत्सव मनाना काफी नहीं है। यदि पर्यावरण संतुलित रहेगा तो पृथ्वी पर जीवन सुरक्षित रहेगा। इस बार हमें अपनी सोच और आदतों को बदलने का एक सच्चा 'संकल्प' लेना होगा।ALSO READ: विश्व पर्यावरण दिवस 2026: 'कमिटमेंट नहीं, अब एक्शन का समय', यही है धरती बचाने का सबसे बड़ा संदेश

 

आइए जानते हैं कि इस पर्यावरण दिवस पर हम अपनी धरती को फिर से सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए क्या संकल्प ले सकते हैं:

 

1. 'एक पौधा, एक संकल्प' (हर खास मौके पर वृक्षारोपण)

हम अक्सर पर्यावरण दिवस पर पौधे तो लगाते हैं, लेकिन बाद में उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। इस साल यह संकल्प लें:

 

अपने या परिवार के सदस्यों के जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या किसी भी शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।

 

पौधे को सिर्फ लगाएं नहीं, बल्कि अगले 3 वर्षों तक उसकी एक बच्चे की तरह देखभाल करने की जिम्मेदारी भी लें, ताकि वह एक मजबूत पेड़ बन सके।

 

2. 'शहरी हरियाली' (बालकनी और छतों को बनाएं हरा-भरा)

अगर आप शहरों में रहते हैं और आपके पास जमीन की कमी है, तो भी आप धरती को हरा-भरा बनाने में योगदान दे सकते हैं:

 

अपनी बालकनी, खिड़की या छत पर छोटे-छोटे गमले रखें।

 

हवा को शुद्ध करने वाले (Air-Purifying) पौधे जैसे—तुलसी, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एलोवेरा और स्पाइडर प्लांट लगाएं। यह आपके घर के अंदर की हवा को साफ रखेंगे।

 

3. 'जीरो वेस्ट' और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प

हरियाली तभी बढ़ेगी जब हम धरती को कचरे और प्लास्टिक के बोझ से मुक्त करेंगे:

 

कच्चा कचरा, सूखी खाद: अपने रसोईघर के गीले कचरे (सब्जियों और फलों के छिलकों) को फेंकने के बजाय उससे घर पर ही जैविक खाद तैयार करें। इसी खाद को अपने पौधों में डालें।

 

प्लास्टिक को ना: बाजार जाते समय कपड़े का थैला साथ ले जाने का संकल्प लें। प्लास्टिक की थैलियों और सिंगल-यूज प्लास्टिक का पूरी तरह बहिष्कार करें।ALSO READ: World Environment Day Essay: विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष निबंध

 

4. पानी की बचत का संकल्प (जल है तो जीवन है)

बिना पानी के किसी भी हरियाली की कल्पना नहीं की जा सकती। गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए यह संकल्प लें:

 

घर में वॉटर प्यूरीफायर (RO) से निकलने वाले बेकार पानी को बाल्टी में इकट्ठा करेंगे और उसका उपयोग पौधों में डालने या पोछा लगाने में करेंगे।

 

बारिश के पानी को बचाने (Rainwater Harvesting) के छोटे-छोटे प्रयास अपने घरों में शुरू करेंगे।

 

5. अपनी 'कार्बन फुटप्रिंट' को कम करने का संकल्प

प्रदूषण को कम करके ही हम पौधों को एक स्वस्थ वातावरण दे सकते हैं:

 

कम दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लें।

 

सार्वजनिक वाहनों (बस या मेट्रो) या कारपूलिंग का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।

 

संकल्प पत्र: आज ही से शुरुआत करें

'आज इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, मैं यह संकल्प लेता/लेती हूं कि मैं प्रकृति के संसाधनों का सम्मान करूंगा/करूंगी। मैं अपनी ज़रूरतों को सीमित रखूंगा/रखूंगी और अपनी धरती मां को फिर से हरा-भरा और स्वस्थ बनाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा/करूंगी।'

 

याद रखें, बदलाव की शुरुआत हमेशा एक छोटे से कदम से होती है। आपका लगाया हुआ एक पौधा और आपकी एक सुधरी हुई आदत आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सांस लेने योग्य भविष्य दे सकती है। इस 5 जून को आइए केवल बातें नहीं, बल्कि काम करके दिखाएं!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: पृथ्वी और पर्यावरण पर कविता: काश प्रकृति भी बोल पाती

रो पड़ा ‘Boss Baby’, नम हो गईं करोड़ों आंखें, 15 साल के खिलाड़ी ने बदले क्रिकेट के मायने, हिला दी रिकॉर्ड बुक [VIDEO]

कभी-कभी स्कोरबोर्ड हार दिखाता है, लेकिन मैदान पर कोई खिलाड़ी ऐसा प्रभाव छोड़ जाता है कि पूरी दुनिया सिर्फ उसी की बात करती है। IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में यही हुआ। राजस्थान रॉयल्स का सफर भले ही गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ खत्म हो गया, लेकिन 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि Age is Just a Number (उम्र सिर्फ एक संख्या है)

मैच खत्म होने के बाद डगआउट में बैठे वैभव की आंखों में आंसू थे। चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। शायद उन्हें अपनी टीम के बाहर होने का दुख था, शायद 47 गेंदों में 96 रन पर रुक जाने का अफसोस भी। लेकिन उस पल को देखने वाले लाखों क्रिकेट फैंस के मन में सिर्फ एक ही बात थी जिस उम्र में बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, उस उम्र में यह लड़का दुनिया की सबसे कठिन टी20 लीग में Experienced खिलाड़ियों को पीछे छोड़ रहा है।

आज लोग उन्हें सिर्फ वैभव सूर्यवंशी नहीं, बल्कि “Boss Baby” कहकर बुलाते हैं। और IPL 2026 के बाद यह नाम पूरी तरह उनके Personality पर फिट बैठता है।

776 रन, 72 छक्के और 237 की स्ट्राइक रेट… यह किसी वीडियो गेम का आंकड़ा नहीं है

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने जो किया, वह टी20 क्रिकेट के इतिहास के सबसे यादगार पन्नों में गिना जाएगा। एक ऐसा सीजन जिसने रिकॉर्ड बुक्स हिला दीं

IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े:

16 पारियां
776 रन
औसत: 48.50
स्ट्राइक रेट: 237.31
72 छक्के
684 रन सिर्फ बाउंड्री से
4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड
एलिमिनेटर में 97 (29)
क्वालिफायर-2 में 96 (47)

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनके 776 में से 684 रन केवल चौकों और छक्कों से आए। यह दिखाता है कि वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि गेंदबाजों पर लगातार हमला कर रहे थे। ऐसे आंकड़े अक्सर अपने करियर के शिखर पर पहुंच चुके दिग्गज खिलाड़ियों के नाम के आगे दिखाई देते हैं। लेकिन वैभव ने यह सब सिर्फ 15 साल की उम्र में कर दिखाया।

जिस मैच में टीम लड़खड़ाई, वहां अकेले खड़े रहे वैभव

गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालिफायर-2 में राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की तेज गेंदबाजी के सामने राजस्थान ने जल्दी विकेट गंवा दिए। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में वैभव ने शुरुआत में स्ट्रगल किया। कई बार गेंद बल्ले को छूकर निकल गई। लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है। वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना भी जानते हैं।

56 रन तक पहुंचने के दौरान रबाडा की एक तेज गेंद उनके हेलमेट पर भी लगी। लेकिन उसके बाद जैसे उन्होंने गियर बदल दिया। अगली 14 गेंदों में उन्होंने 39 रन ठोक दिए। जब वह 96 रन पर आउट हुए, तब तक राजस्थान का स्कोर सम्मानजनक स्थिति में पहुंच चुका था। लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।

ध्रुव जुरेल, रियान पराग, दासुन शनाका और जोफ्रा आर्चर बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। राजस्थान 214 रन तक पहुंचा, लेकिन गुजरात के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर लिया। स्कोरकार्ड में यह एक हार थी, लेकिन क्रिकेट देखने वालों के लिए यह वैभव सूर्यवंशी का एक और मास्टरक्लास था।


97 रन, 29 गेंदें और क्रिस गेल का रिकॉर्ड… जिसने दुनिया को चौंका दिया

क्वालिफायर-2 से पहले एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने ऐसा तूफान खड़ा किया था जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हुई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए। उस पारी में वह सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह रही कि उन्होंने छक्कों की बारिश करते हुए कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया।

क्रिकेट फैंस को एक समय ऐसा लगने लगा था कि वह क्रिस गेल (Chris Gayle) के 2013 में RCB के लिए बनाए गए सबसे तेज IPL शतक के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकते हैं।

हालांकि वह रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन उस दिन वैभव ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने छक्कों के मामले में ऐसे आंकड़े छू लिए जिन तक पहुंचने में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को कई सीजन लग जाते हैं। उन्होंने एक सीजन में क्रिस गेल का ही सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। उनकी उस विस्फोटक पारी के बाद खुद Chris Gayle ने सोशल मीडिया पर उनके लिए Special Message पोस्ट किया और उन्हें क्रिकेट का नया “Six Machine” बताया।

जब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सिक्सर किसी युवा खिलाड़ी की तारीफ करे, तो समझा जा सकता है कि उस खिलाड़ी ने कितनी बड़ी छाप छोड़ी है।

रबाडा, आर्चर और संगकारा भी हुए फैन

वैभव की बल्लेबाजी से सिर्फ Fans ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि दुनिया के बड़े क्रिकेट नाम भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे।

Kagiso Rabada ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज हाथों की गति, गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ने की क्षमता और बिल्कुल निडर मानसिकता है। उनके मुताबिक मैदान पर उतरते समय वैभव उम्र के बारे में सोचते ही नहीं।

Kumar Sangakkara (Head Coach and Director of Cricket for the Rajasthan Royals) का मानना है कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं और भारतीय टीम का बुलावा ज्यादा दूर नहीं है।

पूर्व वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज Ian Bishop ने तो यहां तक कहा कि गेंदबाजों के पास वैभव को रोकने के लिए अब शायद “Plan Z” तक आना पड़ रहा है।

आंसू हार के थे, लेकिन भविष्य जीत का है

96 रन पर आउट होना दर्द देता है।
प्लेऑफ में शतक से सिर्फ चार रन दूर रह जाना दर्द देता है।
टीम का फाइनल से पहले बाहर हो जाना भी दर्द देता है। लेकिन यह कहानी उन आंसुओं की नहीं है। यह कहानी उस लड़के की है

  • जिसने IPL 2026 को अपने नाम कर दिया।
  • जिसने 16 पारियों में 776 रन बनाए।
  • जिसने 72 छक्के उड़ाए।
  • जिसने गेंदबाजों के मन में डर पैदा कर दिया।
  • जिसने दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार शायद आ चुका है।

15 साल की उम्र में 96 और 97 पर रुक जाना कोई असफलता नहीं है। उनके पास आगे पूरा करियर पड़ा है, सैकड़ों मैच हैं, दर्जनों शतक हैं और अनगिनत रिकॉर्ड उनका इंतजार कर रहे हैं।

राजस्थान रॉयल्स भले ही ट्रॉफी तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन IPL 2026 की सबसे बड़ी खोज, सबसे बड़ा आकर्षण और सबसे बड़ी कहानी सिर्फ एक नाम रही—
वैभव सूर्यवंशी।

और अगर यह सिर्फ शुरुआत है, तो आने वाले सालों में क्रिकेट की दुनिया “बॉस बेबी” का असली राज देखने वाली है।

नौतपा की ‘आग’ उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!

Golden rules of Nautapa, photo showing ways to avoid scorching heat, heat wave and strong sunlight

Summer Safety Tips: हर साल जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में एंट्री मारते हैं, तो शुरू होता है साल का सबसे गर्म हफ्ता- 'नौतपा'। इन 9 दिनों में सूरज आसमान से आग उगलने लगता है। तीखी धूप और थपेड़े मारती लू इंसान को घर के अंदर हो या बाहर, दोनों जगह बेचैन कर देती है।ALSO READ: Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां

 

इस प्रचंड गर्मी में जरा सी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा सकती है। इसलिए, खुद को कूल और हाइड्रेटेड रखने के लिए आपको कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी।

 

नौतपा की 5 अचूक सावधानियां, जो आपको रखनी हैं याद:

अगर नौतपा के दौरान घर से बाहर निकलना बेहद जरूरी है, तो इन 5 बातों का कड़ाई से पालन करें:

 

1. कवर-अप गेम ऑन रखें: कभी भी खुले शरीर धूप में न जाएं। बाहर निकलने से पहले सिर और कान को कॉटन के कपड़े से ढंकें और आंखों पर अच्छी क्वालिटी का सनग्लास (धूप का चश्मा) जरूर लगाएं।

 

2. जेब में रखें 'कवच': दादी-नानी का यह नुस्खा आज भी सुपरहिट है। रोजाना खाने में प्याज का इस्तेमाल करें और घर से बाहर निकलते समय अपनी जेब में एक छोटासा कच्चा प्याज जरूर रखें, यह लू से बचाता है।

 

3. लिक्विड डाइट को बनाएं दोस्त: इन दिनों सादे पानी के अलावा अपनी डाइट में नारियल पानी, गन्ने का रस, फलों का जूस, जलजीरा, लस्सी, आम पना, दही और जीरा छाछ को भरपूर जगह दें।

 

4. पानी से नो कॉम्प्रोमाइज: प्यास न भी लगे, तो भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें। शरीर से पसीना बहने पर तापमान को बैलेंस करने के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

 

5. फैब्रिक का रखें ख्याल: सिंथेटिक कपड़ों को बाय-बाय कहें। इन 9 दिनों में सिर्फ ढीले, हल्के और मुलायम सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके और स्किन खुलकर सांस ले सके।ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

 

नौतपा के गोल्डन टिप्स, जानें 10 सबसे काम की बातें

1. क्या है नौतपा?

जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करता है, तो शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है। यह पूरे साल का सबसे गर्म समय माना जाता है।

 

2. खाली पेट बाहर जाना मना है:

नौतपा के दौरान सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर आती हैं। सुबह कितना भी जल्दी हो, बिना कुछ खाए-पिए घर से कदम बाहर न निकालें।

 

3. ग्लूकोज से मिलेगी इंस्टेंट एनर्जी:

पसीने के रास्ते शरीर के जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इसलिए समय-समय पर ग्लूकोज या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें और अपनी एनर्जी को फालतू कामों में वेस्ट न करें।

 

4. अच्छे मानसून का संकेत:

सनातन मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के ये 9 दिन जितनी शिद्दत से तपेंगे, आने वाले मानसून में उतनी ही झमाझम और अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ती है।

 

5. इमरजेंसी में घरेलू उपाय या डॉक्टर:

अगर चक्कर आना, उल्टी या तेज सिरदर्द जैसे लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत घरेलू उपाय (जैसे आम पना) अपनाएं या बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।

 

6. एसी (AC) से निकलते ही सावधानी:

अगर आप ऑफिस या घर में लगातार एसी में बैठते हैं, तो एसी से निकलते ही तुरंत कड़कड़ाती धूप में न जाएं। शरीर के तापमान को धीरे-धीरे नॉर्मल होने दें।

 

7. मेहंदी का नेचुरल कूलिंग इफेक्ट:

जिन लोगों को गर्मी ज्यादा सताती है या तलवों में जलन होती है, वे अपने हाथ-पैर और सिर में प्राकृतिक मेहंदी जरूर लगाएं। यह शरीर की गर्मी को खींचकर आपको अंदर से तरोताजा रखती है।

 

8. पसीने को सोखना है जरूरी:

सूती कपड़े पहनने से शरीर का तापमान मेंटेन रहता है और घमौरियों या स्किन एलर्जी का खतरा नहीं रहता।

 

9. लाइट और इजी मील:

दोपहर और रात के खाने में ऐसा भोजन लें जो जल्दी पच जाए- जैसे खिचड़ी, दलिया, लौकी-तोरई की सब्जी। लिक्विड चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

 

10. ऑयली फूड से तौबा:

इन नौ दिनों में समोसे, कचोरी और हैवी मसालेदार भोजन से बिल्कुल दूर रहें। भारी खाना इस मौसम में आपके डाइजेशन सिस्टम यानी पाचन क्रिया को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव

10 things about Nautapa: नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें

Picture giving information about the days of Nautapa

Summer Health Care: गर्मियों का सबसे तपता दौर यानी नौतपा भारतीय मौसम और लोकमान्यताओं में बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है, जिससे धरती खूब गर्म होती है और आगे चलकर मानसून मजबूत बनता है। ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और मौसम विज्ञान- तीनों में नौतपा का विशेष महत्व बताया गया है।ALSO READ: नौतपा की 'आग' उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!

आइए जानते हैं नौतपा से जुड़ी 10 खास बातें, जो इसे सामान्य गर्मी से अलग बनाती हैं।

 

1. सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत मानी जाती है।

 

2. नौतपा के शुरुआती नौ दिन साल के सबसे गर्म दिनों में गिने जाते हैं।

 

3. इस दौरान सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी अधिक बढ़ जाती है।

 

4. खाली पेट धूप में निकलना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए कुछ खाकर ही बाहर जाएं।

 

5. शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए समय-समय पर ग्लूकोज या इलेक्ट्रोलाइट्स लेते रहें।

 

6. मान्यता है कि नौतपा अच्छी तरह तपे तो मानसून में अच्छी बारिश होती है।

 

7. लू लगने के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या घरेलू उपाय अपनाएं।

 

8. एसी से सीधे तेज धूप में निकलने से बचें, इससे शरीर पर अचानक असर पड़ सकता है।

 

9. इन दिनों पेय पदार्थों और पानी की मात्रा सामान्य दिनों से ज्यादा रखें।

 

10. जिन लोगों को गर्मी अधिक परेशान करती है, वे हाथ-पैरों और सिर पर मेहंदी लगाकर शरीर को ठंडक दे सकते हैं।

 

नौतपा की तेज गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपको लू, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याओं से बचा सकती है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के उपाय अपनाकर आप इस मौसम में आसानी से सेहत संबंधी परेशानियों से बच सकते हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव

 

FIFA World Cup 2026 में मेस्सी का खेलना मुश्किल, पैर में लगी चोट

स्टार फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी को FIFA World Cup 2026 में अर्जेंटीना के शुरुआती मैच से तीन सप्ताह पहले, मेजर लीग सॉकर में फिलाडेल्फिया यूनियन के खिलाफ इंटर मियामी के मैच में पैर में चोट लग गई। रविवार को खेले गये मुकाबले के 73वें मिनट में मेसी अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से को पकड़ते हुए मैदान से चले गए। उतारने की रिक्वेस्ट करने के बाद, 38 साल के मेसी को सामान्य तरीके से चलते हुए देखा गया जब वह टनल से होते हुए लॉकर रूम में गए।

यह मेसी का इंटर मियामी के लिए आखिरी MLS गेम था, इससे पहले कि वह अर्जेंटीना में शामिल हों, जो 16 जून को ग्रुप जे के मुकाबले में अल्जीरिया का सामना करते हुए अपने विश्वकप खिताब के बचाव की शुरुआत करेंगे। इंटर मियामी के कोच गुइलेर्मो होयोस, जिनकी टीम ने 6-4 से जीत हासिल की, ने मैच के बाद कहा कि रिकॉर्ड आठ बार के बैलन डी’ओर विजेता को एहतियात के तौर पर फ्लोरिडा के मियामी में बारिश वाली रात में गीली पिच से हटा दिया गया था।

होयोस ने कहा, “जहां तक मुझे पता है, हमारे पास अभी तक इस पर मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, लेकिन वह सच में थके हुए थे। nवह थके हुए थे; पिच भारी थी और जब शक हो, तो हमेशा यही तरीका होता है कि आप कोई रिस्क न लें।”

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

नौतपा के दौरान प्रचंड गर्मी और सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश संबंधी जानकारी देता फोटो

Nautapa causes and symptoms: नौतपा भारतीय ज्योतिष और खगोल विज्ञान की एक ऐसी अवधारणा है, जो गर्मी के भीषणतम दिनों को परिभाषित करती है। जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है, तो उस अवधि को 'नौतपा' कहा जाता है। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में रहने के शुरुआती 9 दिन जो सबसे अधिक गर्म माने जाते हैं, जिन्हें 'नौतपा' कहा जाता है। इस वर्ष यह 25 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक जारी रहेगा।ALSO READ: नौतपा 2026: रोहिणी नक्षत्र कब से शुरू होगा और कितने दिन तक रहेगा? जानिए पूरी जानकारी

 

आइए इसके वैज्ञानिक कारण, ज्योतिषीय आधार और शरीर पर दिखने वाले लक्षणों को विस्तार से समझते हैं। 

 

1. नौतपा क्या है?

2. नौतपा के लक्षण

3. नौतपा के खगोलीय एवं वैज्ञानिक कारण

4. ज्योतिषीय कारण

5. सावधानी की सलाह

 

1. नौतपा क्या है?

नौतपा का शाब्दिक अर्थ है 'नौ दिनों का ताप'। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उस समय के शुरुआती 9 दिनों को 'नौतपा' कहा जाता है। यह आमतौर पर मई के अंत या जून की शुरुआत में आता है। मान्यता है कि यदि इन 9 दिनों में खूब गर्मी पड़े, तो मानसून के दौरान बारिश बहुत अच्छी होती है।

 

2. नौतपा के लक्षण

जब नौतपा शुरू होता है, तो वातावरण में निम्नलिखित बदलाव और लक्षण दिखाई देते हैं:

 

भीषण गर्मी और लू: तापमान अपने सामान्य स्तर से 2 से 5 डिग्री तक ऊपर चला जाता है। गर्म हवाएं (लू) तेज हो जाती हैं।

 

नमी की कमी: हवा में रूखापन बढ़ जाता है, जिससे त्वचा में खिंचाव और होंठ सूखने जैसी समस्याएं होती हैं।

 

जल स्रोतों का सूखना: तालाबों और नदियों का जलस्तर तेजी से गिरता है।

 

अचानक आंधी-तूफान: शाम के समय धूल भरी आंधी या गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होना भी इसका एक लक्षण है, जो बढ़ती गर्मी के कारण बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Zone) की वजह से होता है।

 

3. नौतपा के कारण

नौतपा के पीछे वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों कारण महत्वपूर्ण हैं:

 

खगोलीय एवं वैज्ञानिक कारण

इस दौरान पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध (Northern Hemisphere) पर सूर्य की किरणें लंबवत (Vertical) पड़ती हैं।

 

सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम महसूस होती है।

 

वायुमंडल में नमी कम हो जाती है और शुष्क हवाएं (लू) चलने लगती हैं, जिससे धरती का तापमान तेजी से बढ़ता है।

 

4. ज्योतिषीय कारण

सूर्य को 'अग्नि' का कारक और चंद्रमा को 'शीतलता' का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जो शीतलता का प्रतीक है। जब सूर्य (अग्नि तत्व) रोहिणी नक्षत्र में आता है, तो वह चंद्रमा की शीतलता को सोख लेता है। शीतलता के अभाव में पृथ्वी पर ताप अत्यधिक बढ़ जाता है।

 

5. सावधानी की सलाह

नौतपा के दौरान निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान अधिक से अधिक पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।

 

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