लापतागंज में लापता मानसून!

बारिश

जून आधा बीत गया है लेकिन मानसून लापता है। बावजूद इसके सोशल मीडिया बता दे रहा है कि सावन आया! निश्चित ही भीषण गर्मी के बीच अचानक तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। पर वह एक के बाद एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभों की बारिश है, जबकि मानसून आंध्र प्रदेश के आसपास अटका हुआ है। और पूरी संभावना है कि जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर का चौमासा (आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद और आश्विन) गर्मी, उमस से ऐसा रूलाने वाला होगा कि हर कोई भारत में जलवायु की बरबादी में वैसे ही रोएगा जैसे प्रदूषण से सर्दियों में दिल्ली अधमरी होती है।

यों अधमरी, बरबादी जैसे शब्द बहुत भारी है लेकिन यदि कोई अमेरिकी या रेगिस्तानी अरब-अफ्रीकी देशों के लोग भी भारत की गर्मी-उमस, प्रदूषित सर्दियों में आकर घूमने के हिमाकत करें तो वह अधमरी दशा से सांस लेते हुए होंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री जून में  ही दिल्ली आए थे। उन्होने कहा वे खुद  बहुत गर्मी वाले मायामी से है लेकिन दिल्ली की तीखी गर्मी तो असहनीय है। दुनिया के मौसम, जलवायु वैज्ञानिकों की दो टूक भविष्यवाणी है कि जलवायु परिवर्तनों से सर्वाधिक दक्षिण एसिया प्रभावित होगा। सोचें,  बावजूद इस सबके हालिया खबर है कि अडानी धड़ाधड़ कोयले की खदाने ले रहे हैं और मोदीजी के साथ धधकता भारत बना देने की धुन में हैं।

बहरहाल, बात फैल गई। असल मुद्दा 2026 के चौमासे में किसान को दस तरह के संकट झेलने है। आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद और आश्विन में वह बारिस के लिए तरसेगा। महीनों से वैश्विक जलवायु मॉडल एल नीनो के असर की चेतावनी दे रहे है। कोई आश्चर्य नहीं जो मध्य भारत और उत्तर भारत में सूखी हवाओं ने मानसूनी धाराओं को रोक दिया है। यदि मौसम एजेंसियों के अनुमान सही निकले तो अगस्त और सितंबर में भारी समस्या होगी।

पर सब कुछ जानते हुए भी सरकार और सोशल मीडिया ने किसानों को सावन का अंधा बना रखा है। सब ठीक है, सामान्य है, समय से पहले ही मानसून चल पड़ा आदि-आदि। किसान क्योंकि सोशल मीडिया को देखता, पढ़ता है। तो वह भी जून में सावन की हवा के मुगालते में है। मेरा इस सप्ताह प्रत्यक्ष अनुभव था, जो दिल्ली से अलवर की और जाते देखा कि बाजारे की बुवाई हो रही है! जबकि दिल्ली और एनसीआर में मानसून यों भी 27-29 जून के बीच पहुंचता है। उत्तरी राजस्थान में एक से पांच जुलाई के बीच बारिस होती है। बावजूद इसके पश्चिमी विक्षोभ की बारिस में ही बाजरे की बुवाई!

कुल मिलाकर मुद्दा यह कि जलवायु के हर तरह गडबडा जाने के बावजूद सरकारी स्तर पर कुछ भी जोखिम प्रबंधन नहीं। मतलब एल नीनो यदि मानसून को भटकाएगा तो किसानों को क्या करना चाहिए, ऐसी कोई सलाह नहीं। सावधानी बरतने की नसीहत नहीं। बारिस धोखा दे सकती है सो फला-फला वैकल्पिक फसल योजनाएँ हैं। सूखा-सहिष्णु बीजों की फला व्यवस्था हैं।

डीजल, खाद, बीज भी लापता

मानसून लापता है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र नहीं बन रहा है। जो बन रहा है वह इतना मजबूत नहीं है कि मानसून को पुश करक आगे बढ़ा सके। सो, इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून दूसरी बार अटक गया है। पहले केरल के तट पर पहुंचने पहले कई दिन तक अटका रहा और फिर तेजी से आगे बढ़ने के बाद दोबारा अटक गया। 14 जून को सेटेलाइट की तस्वीरों में मानसून के बादल दिख रहे थे लेकिन 15 जून को लापता हो गए। प्री मानसून बारिश कई जगह हुई है लेकिन बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित ज्यादातर पूर्वी राज्यों में मानसून की निर्धारित तिथि निकल गई है और बारिश नहीं हुई। अभी पूरे हफ्ते यही स्थिति रहनी है। 25 जून के म्यांमार की ओर से बंगाल की खाड़ी में एक कमजोर गतिविधि की संभावना है। इससे पहले गुजरात में 79 फीसदी, महाराष्ट्र में 78 फीसदी और झारखंड में 70 फीसदी कम बारिश होने की खबर है। जानकारों का मानना है कि इस साल सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश हो सकती है।

सो, बारिश नहीं है तो पानी नहीं है और खरीफ की खेती के लिए तैयार किसान चिंता में है। बारिश नहीं हुई है तो नदियां और नहरें भी सूखी हैं और पूर्वी भारत भी भूमिगत जल स्तर नीचे जाने के उस संकट से घिरा है, जो अब तक पश्चिम में दिखाई देता था। भूमिगत जल स्तर नीचे चला गया है और बोरिंग या पम्पिंग सेट के जरिए पानी निकालना निरंतर मुश्किल होता जा रहा है। अगर किसान के पास बोरवेल है या पम्पिंग सेट है तो उसे चलाने के लिए बिजली या डीजल की जरुरत है। पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में तो बोरवेल है लेकिन उनके उलट बिहार, झारखंड आदि राज्यों में किसान पम्पिंग सेट का इस्तेमाल किया जाता है और उसके लिए डीजल चाहिए, जो बाजार से

लापता है। सरकार कह नहीं रही है लेकिन ऐसे उपाय कर रही है, जिससे लोगों को डीजल मिलने में मुश्किल हो।

सरकार ने अनिवार्य कर दिया है कि गैलन या कंटेनर में पेट्रोल पंप से डीजल नहीं ले सकते हैं। सवाल है कि क्या किसान अपना पम्पिंग सेट लेकर पेट्रोल पंप पर जाएं और डीजल खरीदें? छोटे किसानों के लिए यह संभव ही नहीं है। इसलिए वे बड़े किसानों या गांव के साहूकारों पर निर्भर हैं और ज्यादा कीमत देकर डीजल खरीद रहे हैं। अगर कोई किसान अपना पम्पिंग सेट लेकर पेट्रोल पंप पर जा रहा है तो वहां से 20 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं मिल रही है। सरकार ने आदेश जारी करके सामान्य पेट्रोल पंप पर दो सौ लीटर से ज्यादा डीजल नहीं देने का नियम बनाया है लेकिन बिहार जैसे राज्यों में आम लोगों के लिए इसे घटा कर 20 लीटर कर दिया गया है। सोचें, कीमत एक सौ रुपए लीटर तक पहुंची है और उपलब्धता कम हो गई है। किसान सारे दिन इस जुगाड़ में घूम रहे हैं कि कैसे डीजल मिले ताकि खेत में पानी पहुंचे और धान के बीज गिराए जाएं या जिनका बिचड़ा तैयार है वे रोपनी कर सकें।

किसान का संकट इतने पर समाप्त नहीं हो रहा है। उसकी स्थिति तो मुंशी प्रेमचंद के किसान से भी बदतर दिख रही है। उसे आसमान से बारिश का इंतजार है या पेट्रोल पंप से डीजल मिलने का इंतजार है और साथ ही खाद व बीज की उपलब्धता का भी इंतजार है। सरकार कह रही है कि उसके स्टॉक में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कहा गया है कि दो करोड़ मिट्रिक टन खाद है। लेकिन किसानों को 15 किलो की जगह पांच किलो खाद मिल रही है। बिहार, उत्तर  प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे कृषि वाले राज्यों से तस्वीरें आ रही हैं कि किसान खाद और बीज के सेंटर के बाहर रात गुजार रहे हैं ताकि सुबह उनको खाद मिल सके। यूरिया और डीएपी दोनों जरूरी उर्वरक बाजार से लापता हैं। यूरिया की सामान्य कीमत 266 रुपए बोरी और डीएपी की 1,350 रुपए बोरी है। लेकिन यूरिया पांच सौ रुपए और डीएपी दो से ढाई हजार रुपए बोरी के दाम पर बिक रहा है। सरकार कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी दे रही है और स्टॉक नहीं करने की सलाह दे रही है लेकिन संकट यह है कि रेलवे के रैक भी समय पर नहीं पहुंच रहे हैं ताकि बाजार में आसानी से खाद उपलब्ध हो। सरकार ने 17 लाख टन यूरिया आयात किया है लेकिन वह यूरिया भी बाजार में आने से पहले ही लापता हो जा रहा है। इस बार तो कहा जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जंग की वजह से समस्या हुई है लेकिन खेती के समय डीजल, खाद और पानी की समस्या चिरंतन है। किसान को इससे कभी मुक्ति नहीं मिलती है। ऊपर से प्रेमचंद के किसान की तरह आज भी भारत का किसान साहूकारों के ऊंचे ब्याज वाले कर्ज के तले दबा है। उससे भी मुक्ति नहीं मिल रही है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट; IMD ने 60 kmph की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया

Delhi Weather Today: दिल्ली के लोगों को शनिवार, 20 जून को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान लगाया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, शहर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और खासकर दोपहर और शाम के समय बहुत हल्की या हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है।

शाम को बारिश और आंधी-तूफान की संभावना

IMD ने 40-50 KMPH की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की गतिविधि का अनुमान लगाया है, और मौसम के खराब होने पर हवा की गति 60 KMPH तक पहुंच सकती है।

मौसम की ये स्थितियां उत्तर भारत में चल रही प्री-मानसून गतिविधि के कारण होने की उम्मीद है, जिसके चलते पिछले एक हफ्ते से दिल्ली-NCR में रुक-रुक कर बारिश और धूल भरी आंधी चल रही है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान, खासकर दोपहर और शाम के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतें।

तापमान 40°C से नीचे रहेगा

अधिकतम तापमान 37°C से 39°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 25°C से 27°C के बीच रहने की संभावना है। यह अनुमान इस महीने की शुरुआत में पड़ी भीषण गर्मी की तुलना में तापमान में काफी गिरावट का संकेत देता है, जब शहर के कई हिस्सों में तापमान 44°C के पार चला गया था।

IMD के अनुसार, ठंडे मौसम से गर्मी की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि वीकेंड के दौरान तापमान 40°C से नीचे ही रहेगा।

यह तब हुआ है जब शुक्रवार को दिल्ली में गर्म दिन रहा और अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था। मौसम केंद्रों में, रिज (Ridge) में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद पालम और अयानगर में 39.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 0.5 डिग्री कम था, जबकि दिन भर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे।

सुहावना मौसम बना रहेगा

IMD के अनुमान के मुताबिक, 21 जून को भी मौसम का हाल ऐसा ही रह सकता है; राजधानी में हल्की बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, 22 जून से आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है, जबकि दिन का तापमान 36°C से 38°C के बीच रहने की संभावना है, जो दिल्ली के लिए मॉनसून-पूर्व के सुहावने मौसम का संकेत है।

बता दें कि यह स्थिति दिल्ली में प्री-मानसून के दौरान अपेक्षाकृत सुहावना और राहत भरा मौसम दर्शाती है।

दिल्ली का AQI

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार शाम को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में रही और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 143 दर्ज किया गया। ध्यान दें कि

101 से 200 के बीच का AQI ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है और इससे संवेदनशील लोगों-जैसे बच्चे, बुजुर्ग और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सांस लेने में थोड़ी परेशानी हो सकती है।

यह भी पढ़ें: Monsoon Update 2026: IMD का बड़ा अपडेट, तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

सफर उनका साथ तुम्हारा, सीनियर सिटीजन के साथ घूमने की हेल्थ से होटल तक की चेकलिस्ट!

सीनियर सिटीजन (बुजुर्गों) के साथ ट्रेवलिंग करना एक खूबसूरत एक्सपीरियंस हो सकता है, लेकिन उनके आराम, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी और तैयारी की जरूरत होती है। ट्रिप की प्लानिंग से लेकर वापसी तक, आपको उनका स्पेशल ध्यान रखना होता है। सीनियर सिटीजन के साथ ट्रैवल करते समय इन 10 बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी है:

1. आरामदायक और आसान ट्रैवल प्लान 

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उनके लिए हमेशा ऐसा प्लान बनाएं जिसमें ज्यादा भाग-दौड़ न हो। कोशिश करें कि हर दिन सिर्फ 1–2 जगह ही घूमी जाए। जगहों के बीच की दूरी कम रखें ताकि लंबा सफर न करना पड़े। अगर संभव हो तो सुबह देर से शुरू करें और शाम को जल्दी वापस आ जाएं ताकि उन्हें सही आराम मिल सके।

2. हेल्थ और मेडिकल तैयारी सबसे पहले

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सीनियर सिटीजन के साथ ट्रैवलिंग से पहले उनका पूरा मेडिकल चेकअप करवाना बहुत जरूरी है। डॉक्टर से यह भी सलाह लें कि वे किस तरह की ट्रिप कर सकते हैं और किन चीज़ों से बचना चाहिए। उनकी सभी दवाइयां ट्रिप की पूरी अवधि से ज्यादा मात्रा में साथ रखें ताकि किसी भी देरी या इमरजेंसी में दिक्कत न हो। साथ ही एक मेडिकल फाइल रखें जिसमें उनकी पुरानी बीमारियों, एलर्जी और डॉक्टर की सलाह लिखी हो।

3. सही मौसम और समय चुनना

Beautiful senior couple sitting on bench in autumn park. Elderly husband and wife hugging, enjoying fall atmosphere. stock photo

सीनियर सिटिजन के लिए मौसम बहुत बड़ा फैक्टर होता है। बहुत ज्यादा गर्मी, ठंड या बारिश में ट्रैवल करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। हल्के और सुखद मौसम जैसे विनेटर का शुरुआती समय या बसंत सबसे बेहतर माना जाता है। इससे थकान कम होती है और वे ट्रिप का आनंद अच्छे से ले पाते हैं।4. आरामदायक रहने की जगह

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होटल चुनते समय यह देखें कि वहां लिफ्ट, रैंप और आसान एंट्री हो। ग्राउंड फ्लोर या कम सीढ़ियों वाला कमरा लेना सबसे बेहतर होता है। बाथरूम साफ, सेफ और स्लिप-फ्री होना चाहिए। साथ ही हॉस्पिटल या मेडिकल स्टोर पास में होना भी जरूरी है।

5. चलने-फिरने में मदद

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अगर उन्हें चलने में थोड़ी भी परेशानी है तो व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक या सपोर्ट के लिए साथी जरूर रखें। बहुत लंबी दूरी पैदल न चलवाएं और बीच-बीच में बैठने व आराम करने की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए। किसी भी जगह जल्दीबाजी बिल्कुल न करें।

6. सही खान-पान का ध्यान

Pay attention to how you eat

उनका खाना हल्का, ताज़ा और आसानी से डाइजेस्ट वाला होना चाहिए। ज्यादा तेल, मसाले या बाहर का अनहेल्दी खाना अवॉयड करें। समय पर भोजन देना भी बहुत जरूरी है क्योंकि देर से खाना उनकी सेहत पर असर डाल सकता है। हमेशा साफ पानी और हाइड्रेशन का ध्यान रखें।

7. दवाइयों और इमरजेंसी किट का इंतजाम

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एक छोटी ट्रैवल मेडिकल किट हमेशा साथ रखें जिसमें बुखार, दर्द, गैस, एलर्जी और फर्स्ट एड की दवाइयाँ हों। इसके अलावा ORS, बैंडेज और सैनिटाइज़र भी जरूर रखें। किसी भी इमरजेंसी के लिए नजदीकी हॉस्पिटल की लोकेशन पहले से सेव कर लें।

8. सेफ्टी और सिक्योरिटी का ध्यान रखें

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भीड़ वाली जगहों पर उन्हें अकेला बिल्कुल न छोड़ें। उनके पास हमेशा कोई न कोई परिवार का सदस्य रहे। उनके मोबाइल में जरूरी नंबर सेव हों और फोन हमेशा चार्ज रहे। उनके डॉक्यूमेंट्स और पैसे सुरक्षित जगह पर रखें ताकि कोई परेशानी न हो।

9. ट्रैवल टाइमिंग 

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बहुत सुबह या देर रात की ट्रैवल से बचें क्योंकि उस समय थकान ज्यादा होती है। हर कुछ घंटे बाद ब्रेक जरूर लें। उन्हें जल्दबाजी में कहीं न ले जाएं क्योंकि उनकी गति के अनुसार चलना सबसे जरूरी है।10. मानसिक आराम और खुशी का ध्यान

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उनके साथ ट्रैवल करते समय उनका मूड अच्छा रखना सबसे जरूरी है। उन्हें ऐसा महसूस कराएं कि यह ट्रिप उनके लिए खास बनाई गई है। उनकी पसंद की जगहें शामिल करें, उनसे बातें करें और उन्हें पूरा आराम दें ताकि वे स्ट्रेस-फ्री रहकर ट्रिप का आनंद ले सकें।

सीनियर सिटिजन के साथ ट्रैवल सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और प्यार से भरा एक्सपीरियंस होता है। सही प्लानिंग और देखभाल के साथ यह उनके लिए बेहद आरामदायक और सेफ बन सकता है। उनकी जरूरतों और आराम का ध्यान रखना इस ट्रिप को खास बनाता है। धैर्य और समझदारी से की गई ट्रिप उन्हें खुशी और सुकून देती है। ऐसी ट्रिप उनके लाइफ की सबसे यादगार जर्नी में से एक बन सकती है।

Aashadh Gupt Navratri 2026: जुलाई में इस दिन से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें सभी 10 महाविद्याओं के नाम और महत्व

Aashadh Gupt Navratri 2026: आषाढ़ का महिना चंद्र मास आधारित हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना होता है। इस महीने में सबसे ज्यादा बारिश होती है। इसी माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से पूरे साल में आने वाली 4 नवरात्रि पर्व में से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस समय में शक्ति की उपासना बेहद फलदायी मानी जाती है। साल में चार बार आने वाली नवरात्रि में चैत्र और शारदीय नवरात्रि सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, लेकिन माघ और आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि भी धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को शाकंबरी नवरात्रि या शाकंबरी उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। यह नवरात्रि मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि को साधना, मंत्र जाप और दस महाविद्याओं की आराधना के लिए जाना जाता है। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान देवी की 10 महाविद्याओं की पूजा की जाएगी और भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत एवं उपासना करेंगे।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 तिथि और मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 15 जुलाई 2026 को होगा। इसी दिन घट स्थापना की जाएगी। घट स्थापना का शुभ समय सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक रहेगा। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी।

10 महाविद्याओं के नाम

मां काली : शत्रुओं पर विजय और भय से मुक्ति के लिए मां काली की आराधना की जाती है।

मां तारा : आर्थिक उन्नति, मोक्ष और ज्ञान की प्राप्ति के लिए तारा देवी की पूजा फलदायी है।

मां त्रिपुर सुंदरी (ललिता): सुख-समृद्धि, सुंदरता और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन के लिए इनकी साधना की जाती है।

मां भुवनेश्वरी : संतान सुख और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भुवनेश्वरी देवी की कृपा अनिवार्य है।

मां छिन्नमस्ता : मानसिक शक्ति और सोची हुई कामनाओं की तत्काल पूर्ति के लिए इनकी पूजा की जाती है।

मां त्रिपुर भैरवी : आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए भैरवी माता का पूजन करें।

मां धूमावती : संकटों के नाश और दुर्भाग्य को दूर करने के लिए धूमावती देवी की आराधना की जाती है।

मां बगलामुखी : अदालती मामलों, वाद-विवाद और विरोधियों को शांत करने के लिए इनकी पूजा अचूक मानी जाती है।

मां मातंगी : वैवाहिक जीवन की समस्याओं को सुलझाने और कला के क्षेत्र में सफलता के लिए इनकी साधना करें।

मां कमला : धन की देवी मां लक्ष्मी का ही रूप हैं। पूर्ण ऐश्वर्य और धन प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की जाती है।

गुप्त नवरात्रि का महत्व

चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि में सार्वजनिक उत्सव नहीं होते, बल्कि इसमें साधकों द्वारा तंत्र-मंत्र और गुप्त साधनाएं की जाती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से मनोवांछित फल की प्राप्ति, शत्रुओं पर विजय और आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करने के लिए उत्तम माना जाता है।

Nirjala Ekadashi 2026: साल की सबसे बड़ी एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया, इस साल निर्जला एकादशी का व्रत और पूजा 4 शुभ योगों में होगी

कल का मौसम 20 जून: IMD ने 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली समेत इन राज्यों में आंधी तूफान- Weather update

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जून (शनिवार) के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है । मौसम विभाग के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई मौसमी सिस्टम एक्टिव हैं, जिसके चलते कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है, तो कहीं धूलभरी आंधी और तेज तूफान लोगों को परेशान कर सकता है । इसके साथ ही, कुछ राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी (हीटवेव) का प्रकोप जारी रहेगा ।

इन राज्यों में होगी ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश

मौसम विभाग ने देश के पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है:

असम और मेघालय तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन इलाकों के लिए मौसम विभाग ने बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है । यहां कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश आफत बन सकती है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल: इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा में आंधी-तूफान का अलर्ट

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में शनिवार को मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा:

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड: दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तराखंड में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलेंगी और बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना है।

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (Thundersquall) चल सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट है।

राजस्थान में धूलभरी आंधी: राजस्थान के कुछ हिस्सों (खासकर पश्चिमी राजस्थान) में शनिवार को तेज आंधी के साथ-साथ धूलभरी आंधी (Dust Storm) चलने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के पहाड़ी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने (Hailstorm) की भी संभावना है।

झारखंड, बिहार और दक्षिण भारत का हाल

बिहार और झारखंड: झारखंड में शनिवार को 50-60 km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झंझावात (Thundersquall) आ सकता है । वहीं बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आंधी आ सकती है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी बिजली चमकने और 40-50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है।

सावधान! कुछ इलाकों में अभी भी सताएगी ‘लू’

भले ही कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर शुरू हो रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भट्टी की तरह तपेंगे । मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में शनिवार को भी लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में दोपहर के समय लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है ।

मछुआरों के लिए चेतावनी: मौसम विभाग ने समुद्र में चल रही तेज हवाओं के कारण मछुआरों को सलाह दी है कि वे शनिवार को अरब सागर (सोमालिया और ओमान तट के पास) और बंगाल की खाड़ी (मन्नार की खाड़ी और अंडमान सागर) की तरफ न जाएं।

Monsoon Update 2026: IMD का बड़ा अपडेट, तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

 

Monsoon Update 2026: IMD का बड़ा अपडेट, तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

Monsoon Update 2026: भारत मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को बताया कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल है। 23 जून तक इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ तक पहुंचने की संभावना है। बता दें कि मानसून इस साल 4 जून को केरल पहुंचा था, जो सामान्य तारीख 1 जून से तीन दिन देर से था। इसके बाद यह केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर भारत में फैल चुका है।

इन राज्यों में होगी बारिश

मौसम विभाग ने कहा कि जैसे-जैसे मॉनसून उपमहाद्वीप में आगे बढ़ रहा है और उत्तर-पश्चिमी भारत पर पश्चिमी विक्षोभ का असर हो रहा है, अगले कुछ दिनों में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पूर्वोत्तर राज्यों, कोंकण और गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है।

मानसून की चाल पर क्यों रखी जाती है नजर

गौरतलब है मानसून की चाल पर इसलिए बारीकी से नजर रखी जाती है क्योंकि भारत में सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है, जो खरीफ की बुआई के लिए बहुत जरूरी है। अच्छा मानसून आम तौर पर ग्रामीण मांग, खपत और व्यापक आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है।

हालांकि, 2026 में एल नीनो (El Niño) की स्थिति बनी हुई है। इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे भारत का मानसून कमजोर पड़ सकता है और सामान्य से कम बारिश का खतरा बढ़ जाता है। IMD ने मौसमी बारिश का अनुमान ‘लॉन्ग पीरियड एवरेज’ (LPA) का 90% लगाया है, जो सामान्य से कम बारिश का संकेत है और इससे खेती और जल संसाधनों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

IMD के अनुसार, 19 से 25 जून के बीच बिहार और झारखंड में छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही 19 से 22 जून के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, 25 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) जैसी स्थिति देखी गई, हालांकि शुक्रवार के बयान में लू की कोई भविष्यवाणी नहीं की गई थी।

1 से 18 जून के बारिश के आंकड़ों से पता चला कि भारत के 741 जिलों में से 258 जिलों में कम बारिश हुई, जबकि 223 जिलों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई। एक दिन पहले, ये आंकड़े क्रमशः 239 और 230 जिलों के थे।

वहीं, IMD ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और गुजरात में भारी बारिश की भी जानकारी दी, जबकि तमिलनाडु और ओडिशा में कुछ जगहों पर 60-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान दर्ज किए गए।

यह भी पढ़ें: IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

Monsoon Update: 23 जून तक इन राज्यों में आगे बढ़ सकता है मानसून, IMD ने दिया बिग अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर एक अहम प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें मानसून की ताजा स्थिति, भीषण गर्मी की चेतावनी और अगले एक हफ्ते के मौसम का पूरा लेखा-जोखा दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरे देश का मौसम हाल।

अभी कहां है मानसून?

इस वक्त दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होते हुए 28.3°N/83°E तक पहुंची हुई है।

आगे कब और कहां पहुंचेगा?

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून 2026 के आसपास मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। जिन राज्यों में मानसून जल्द दस्तक दे सकता है, वो हैं —

  • महाराष्ट्र के कुछ और हिस्से
  • तेलंगाना के कुछ और इलाके
  • ओडिशा के नए भाग
  • झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्र
  • छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से

यानी उत्तर और मध्य भारत के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

बीते 24 घंटों में देशभर में कैसा रहा मौसम?

भारी से बहुत भारी बारिश

कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 8:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई-

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के चंपासारी में 21 Cm अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई- यह देशभर में सबसे ज्यादा रही।
  • गुजरात के गोधरा (पंचमहल) में 14cm बारिश
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के लाभपुर में 10cm
  • पश्चिमी राजस्थान के श्री विजयनगर में 9cm
  • तमिलनाडु के कलासापक्कम (तिरुवन्नामलाई) में 9cm
  • बिहार के ठाकुरगंज (किशनगंज) में 7cm
  • सौराष्ट्र के बोटाड में 7cm
  • केरल के कोन्नी (पत्तनमतिट्टा) में 7cm
  • तेलंगाना के मिर्यालगुडा (नलगोंडा) में 7cm

आंधी-तूफान और तेज हवाएं

कई राज्यों में तेज हवाओं ने भी कहर बरपाया-

  • तमिलनाडु के कोविलपट्टी में 76 km/h, ISRO में 63 और विरुधुनगर में 56 km/h
  • ओडिशा के कालीमेला में 63 km/h
  • हिमाचल प्रदेश के हाथीबरकला में 57 km/h
  • पश्चिम मध्यप्रदेश के आगर में 57 km/h
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के अलीपुर में 52 km/h
  • झारखंड के दुमका में 52 km/h
  • मराठवाड़ा के सगरोली (नांदेड़) में 54 km/h
  • मध्य महाराष्ट्र के खुतबाव दौंड (पुणे) में 52 km/h
  • छत्तीसगढ़ के रायपुर में 48 km/h, बिलासपुर में 46 km/h

ओलावृष्टि

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।

तापमान- गर्मी का हाल

कल का अधिकतम तापमान (18 जून 2026)

देश के कई राज्यों में पारा 40°C से 43°C के बीच रहा —

  • तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, तेलंगाना- सभी जगह 40-43°C
  • सबसे गर्म शहर रहा उत्तर प्रदेश का बांदा, जहां तापमान 43.2°C दर्ज किया गया

न्यूनतम तापमान (आज, 19 जून 2026)

रात का तापमान भी कई राज्यों में सामान्य से ऊपर रहा-

पूर्वी मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना— सामान्य से 3-5°C ज्यादा

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, विदर्भ, गुजरात, केरल, तमिलनाडु— सामान्य से 1.5-3°C ऊपर

हीटवेव की चेतावनी- इन राज्यों में रहें सावधान

मानसून के आने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अभी भी लू का खतरा बना हुआ है-

राज्य/क्षेत्र हीटवेव की संभावना कब तक-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक
  • बिहार 22 में जून तक
  • तेलंगाना 21 में जून तक
  • विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा में 20 जून तक
  • मराठवाड़ा में 19 जून (आज)

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 19-21 जून के दौरान गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

अगले 7 दिन — राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत

  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 19-22 जून तक व्यापक बारिश; साथ में बिजली, आंधी और ओले भी
  • हिमाचल प्रदेश: 20-21 जून को अच्छी बारिश
  • उत्तराखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश
  • राजस्थान: 19-20 जून को धूलभरी आंधी (dust storm); 19-20 जून को 60-80 km/h की रफ्तार से तेज thundersquall की चेतावनी
  • हरियाणा-दिल्ली-पंजाब: 19-22 जून के बीच बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश

मध्य भारत

मध्यप्रदेश और विदर्भ: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall (50-70 km/h) की चेतावनी

छत्तीसगढ़: 22-23 जून को बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश

पूर्वी भारत

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; 21 जून तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल: 19-25 जून व्यापक बारिश

ओडिशा: 19-20 जून व्यापक बारिश; उसके बाद छिटपुट

बिहार और झारखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall

पूर्वोत्तर भारत

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; असम-मेघालय में 19-23 जून तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 22-25 जून से व्यापक बारिश शुरू होगी

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश

सौराष्ट्र-कच्छ: 19-21 जून छिटपुट बारिश

दक्षिण भारत

केरल: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश जारी रहेगी; 19-23 जून तक भारी बारिश

तटीय कर्नाटक: 21-25 जून से व्यापक बारिश

तमिलनाडु: छिटपुट बारिश और 19 जून को thundersquall की चेतावनी

तेलंगाना: छिटपुट बारिश; 20-25 जून के बीच बिजली और तेज हवाएं

दिल्ली-NCR का विस्तृत पूर्वानुमान

आज का मौसम (19 जून)

दिल्ली में दोपहर तक आंशिक बादल छाए रहेंगे, शाम को मौसम बिगड़ सकता है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 60 km/h तक पहुंच सकती हैं। हल्की बारिश, बिजली और धूलभरी आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 38-40°C के बीच रहेगा।

कल (20 जून) :आंशिक बादल, दोपहर-शाम को हल्की बारिश और 40-60 km/h हवाएं। तापमान 37-39°C।

21 जून: इसी तरह का मौसम — हल्की बारिश, बिजली, तेज हवाएं। तापमान 37-39°C।

22 जून: बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना कम। तापमान गिरकर 36-38°C पर आ सकता है।

दिल्लीवालों के लिए सलाह: शाम को घर से निकलते वक्त छाता और पानी की बोतल साथ रखें। तेज हवाओं में गाड़ी चलाते वक्त सतर्क रहें।

मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने 19 जून से 24 जून तक निम्न समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त हिदायत दी है —

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी अंडमान सागर

अरब सागर: सोमालिया तट के पास दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर; ओमान तट के पास उत्तर-पश्चिम अरब सागर

आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां

लू (हीटवेव) से बचाव

  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • खूब पानी पिएं- प्यास न लगे तब भी
  • ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी पिएं
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ख्याल रखें

आंधी-तूफान में सुरक्षा

  • घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
  • पेड़ के नीचे कभी न खड़े हों
  • बिजली के उपकरण अनप्लग करें
  • पानी के स्रोतों (नदी, तालाब) के पास न जाएं
  • बिजली चमकने पर कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें

भारी बारिश में सावधानी

  • जलभराव वाली सड़कों पर गाड़ी न चलाएं
  • निचले इलाकों में रहने वाले सतर्क रहें
  • लैंडस्लाइड संभावित पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें

किसानों के लिए सलाह

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड: ओलों से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाएं, पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें
  • असम, अरुणाचल: धान की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें
  • केरल: केला, नारियल, काली मिर्च के बागानों में पानी निकालें; केले के पौधों को सहारा दें
  • बिहार, UP, महाराष्ट्र, तेलंगाना: लू के दौरान सब्जियों और बागों में हल्की सिंचाई करें, मल्चिंग करें
  • सभी किसान: कटी फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह रखें; आंधी से पहले फसल को बांध लें

पशुपालकों के लिए सलाह

  • भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
  • चारा-दाना सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
  • गर्मी में पशुओं को ठंडा और साफ पानी दें
  • मुर्गीपालन शेड की छत पर घास डालें ताकि गर्मी कम हो
  • मछली तालाबों में पानी निकासी का प्रबंध करें

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

 

Monsoon Update: 23 जून तक इन राज्यों में आगे बढ़ सकता है मानसून, IMD ने दिया बिग अपडेट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर एक अहम प्रेस रिलीज जारी की है। इसमें मानसून की ताजा स्थिति, भीषण गर्मी की चेतावनी और अगले एक हफ्ते के मौसम का पूरा लेखा-जोखा दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं पूरे देश का मौसम हाल।

अभी कहां है मानसून?

इस वक्त दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होते हुए 28.3°N/83°E तक पहुंची हुई है।

आगे कब और कहां पहुंचेगा?

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून 2026 के आसपास मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। जिन राज्यों में मानसून जल्द दस्तक दे सकता है, वो हैं —

  • महाराष्ट्र के कुछ और हिस्से
  • तेलंगाना के कुछ और इलाके
  • ओडिशा के नए भाग
  • झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्र
  • छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से

यानी उत्तर और मध्य भारत के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।

बीते 24 घंटों में देशभर में कैसा रहा मौसम?

भारी से बहुत भारी बारिश

कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 8:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई-

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के चंपासारी में 21 Cm अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई- यह देशभर में सबसे ज्यादा रही।
  • गुजरात के गोधरा (पंचमहल) में 14cm बारिश
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के लाभपुर में 10cm
  • पश्चिमी राजस्थान के श्री विजयनगर में 9cm
  • तमिलनाडु के कलासापक्कम (तिरुवन्नामलाई) में 9cm
  • बिहार के ठाकुरगंज (किशनगंज) में 7cm
  • सौराष्ट्र के बोटाड में 7cm
  • केरल के कोन्नी (पत्तनमतिट्टा) में 7cm
  • तेलंगाना के मिर्यालगुडा (नलगोंडा) में 7cm

आंधी-तूफान और तेज हवाएं

कई राज्यों में तेज हवाओं ने भी कहर बरपाया-

  • तमिलनाडु के कोविलपट्टी में 76 km/h, ISRO में 63 और विरुधुनगर में 56 km/h
  • ओडिशा के कालीमेला में 63 km/h
  • हिमाचल प्रदेश के हाथीबरकला में 57 km/h
  • पश्चिम मध्यप्रदेश के आगर में 57 km/h
  • गंगीय पश्चिम बंगाल के अलीपुर में 52 km/h
  • झारखंड के दुमका में 52 km/h
  • मराठवाड़ा के सगरोली (नांदेड़) में 54 km/h
  • मध्य महाराष्ट्र के खुतबाव दौंड (पुणे) में 52 km/h
  • छत्तीसगढ़ के रायपुर में 48 km/h, बिलासपुर में 46 km/h

ओलावृष्टि

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।

तापमान- गर्मी का हाल

कल का अधिकतम तापमान (18 जून 2026)

देश के कई राज्यों में पारा 40°C से 43°C के बीच रहा —

  • तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, तेलंगाना- सभी जगह 40-43°C
  • सबसे गर्म शहर रहा उत्तर प्रदेश का बांदा, जहां तापमान 43.2°C दर्ज किया गया

न्यूनतम तापमान (आज, 19 जून 2026)

रात का तापमान भी कई राज्यों में सामान्य से ऊपर रहा-

पूर्वी मध्यप्रदेश, मराठवाड़ा, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना— सामान्य से 3-5°C ज्यादा

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, विदर्भ, गुजरात, केरल, तमिलनाडु— सामान्य से 1.5-3°C ऊपर

हीटवेव की चेतावनी- इन राज्यों में रहें सावधान

मानसून के आने के बावजूद देश के कई हिस्सों में अभी भी लू का खतरा बना हुआ है-

राज्य/क्षेत्र हीटवेव की संभावना कब तक-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक
  • बिहार 22 में जून तक
  • तेलंगाना 21 में जून तक
  • विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा में 20 जून तक
  • मराठवाड़ा में 19 जून (आज)

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 19-21 जून के दौरान गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

अगले 7 दिन — राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत

  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 19-22 जून तक व्यापक बारिश; साथ में बिजली, आंधी और ओले भी
  • हिमाचल प्रदेश: 20-21 जून को अच्छी बारिश
  • उत्तराखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश
  • राजस्थान: 19-20 जून को धूलभरी आंधी (dust storm); 19-20 जून को 60-80 km/h की रफ्तार से तेज thundersquall की चेतावनी
  • हरियाणा-दिल्ली-पंजाब: 19-22 जून के बीच बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश

मध्य भारत

मध्यप्रदेश और विदर्भ: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall (50-70 km/h) की चेतावनी

छत्तीसगढ़: 22-23 जून को बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश

पूर्वी भारत

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; 21 जून तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल: 19-25 जून व्यापक बारिश

ओडिशा: 19-20 जून व्यापक बारिश; उसके बाद छिटपुट

बिहार और झारखंड: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश; 19-20 जून को thundersquall

पूर्वोत्तर भारत

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश; असम-मेघालय में 19-23 जून तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 22-25 जून से व्यापक बारिश शुरू होगी

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश

सौराष्ट्र-कच्छ: 19-21 जून छिटपुट बारिश

दक्षिण भारत

केरल: पूरे हफ्ते व्यापक बारिश जारी रहेगी; 19-23 जून तक भारी बारिश

तटीय कर्नाटक: 21-25 जून से व्यापक बारिश

तमिलनाडु: छिटपुट बारिश और 19 जून को thundersquall की चेतावनी

तेलंगाना: छिटपुट बारिश; 20-25 जून के बीच बिजली और तेज हवाएं

दिल्ली-NCR का विस्तृत पूर्वानुमान

आज का मौसम (19 जून)

दिल्ली में दोपहर तक आंशिक बादल छाए रहेंगे, शाम को मौसम बिगड़ सकता है। 40-50 km/h की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 60 km/h तक पहुंच सकती हैं। हल्की बारिश, बिजली और धूलभरी आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 38-40°C के बीच रहेगा।

कल (20 जून) :आंशिक बादल, दोपहर-शाम को हल्की बारिश और 40-60 km/h हवाएं। तापमान 37-39°C।

21 जून: इसी तरह का मौसम — हल्की बारिश, बिजली, तेज हवाएं। तापमान 37-39°C।

22 जून: बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना कम। तापमान गिरकर 36-38°C पर आ सकता है।

दिल्लीवालों के लिए सलाह: शाम को घर से निकलते वक्त छाता और पानी की बोतल साथ रखें। तेज हवाओं में गाड़ी चलाते वक्त सतर्क रहें।

मछुआरों के लिए चेतावनी

IMD ने 19 जून से 24 जून तक निम्न समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त हिदायत दी है —

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तरी अंडमान सागर

अरब सागर: सोमालिया तट के पास दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर; ओमान तट के पास उत्तर-पश्चिम अरब सागर

आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां

लू (हीटवेव) से बचाव

  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
  • खूब पानी पिएं- प्यास न लगे तब भी
  • ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी पिएं
  • बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का खास ख्याल रखें

आंधी-तूफान में सुरक्षा

  • घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें
  • पेड़ के नीचे कभी न खड़े हों
  • बिजली के उपकरण अनप्लग करें
  • पानी के स्रोतों (नदी, तालाब) के पास न जाएं
  • बिजली चमकने पर कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें

भारी बारिश में सावधानी

  • जलभराव वाली सड़कों पर गाड़ी न चलाएं
  • निचले इलाकों में रहने वाले सतर्क रहें
  • लैंडस्लाइड संभावित पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें

किसानों के लिए सलाह

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड: ओलों से फसल बचाने के लिए हेल नेट लगाएं, पके फलों की तुरंत तुड़ाई करें
  • असम, अरुणाचल: धान की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था करें
  • केरल: केला, नारियल, काली मिर्च के बागानों में पानी निकालें; केले के पौधों को सहारा दें
  • बिहार, UP, महाराष्ट्र, तेलंगाना: लू के दौरान सब्जियों और बागों में हल्की सिंचाई करें, मल्चिंग करें
  • सभी किसान: कटी फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित जगह रखें; आंधी से पहले फसल को बांध लें

पशुपालकों के लिए सलाह

  • भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
  • चारा-दाना सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें
  • गर्मी में पशुओं को ठंडा और साफ पानी दें
  • मुर्गीपालन शेड की छत पर घास डालें ताकि गर्मी कम हो
  • मछली तालाबों में पानी निकासी का प्रबंध करें

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

 

IMD Heavy Rain Alert: बिहार समेत इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट, राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान, 25 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर के वीकली मौसम के लिए नेशनल अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और आगामी 23 जून के आसपास इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में एंट्री करने के लिए परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल हैं। आईएमडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के 13 राज्यों/क्षेत्रों में प्रचंड बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में राजस्थान से लेकर दिल्ली-NCR तक अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का तांडव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं 25 जून तक देश भर में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

इन 13 राज्यों में प्रचंड बारिश का अलर्ट: बंगाल में अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 से 21 जून तक लगातार और फिर 22 जून को रिकॉर्डतोड़ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा 23 से 25 जून के बीच भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 19 से 23 जून तक लगातार अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-25 जून को भी भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में भी 19 जून को बहुत भारी और 20 जून को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। बिहार में 22 से 25 जून के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। 24 जून को बिहार में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाला थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) भी आएगा।

अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 25 जून तक लगातार भारी बारिश होगी। इसके अलावा ओडिशा (19-21 जून), गुजरात रीजन (19 जून), कोंकण व गोवा (23-24 जून), केरल व माहे (19-23 जून), तटीय व आंतरिक कर्नाटक (21-25 जून), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल (19-21 जून) और लक्षद्वीप में 21 जून को भारी बारिश की चेतावनी है।

राजस्थान से दिल्ली-NCR तक आंधी-तूफान और ओलावृष्टि

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते भयंकर आंधी का दौर चलेगा। 19 जून और 20 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलेगा, जिसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी (Dust Storm) का भी अलर्ट है। 24-25 जून को यहां व्यापक बारिश होगी। दिल्ली, नई दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 19 से 22 जून तक लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 19-22 जून और उत्तराखंड में 19-21 जून तक तेज आंधी-तूफान की आशंका है। आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर (19-20 जून), हिमाचल प्रदेश (19 जून) और उत्तराखंड (19 जून) में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

मध्य और दक्षिण भारत में मौसम का हाल

मध्य भारत (MP, छत्तीसगढ़, विदर्भ): पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 19-20 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आ सकता है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22-23 जून के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटे) के साथ आंधी-पानी का अनुमान है।

दक्षिण भारत में थंडरस्क्वाल: तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में 19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल आने की आशंका है, जिसके बाद 20 से 23 जून तक यहां तेज हवाएं और बिजली कड़कने का सिलसिला जारी रहेगा।

यूपी और बिहार में हीटवेव का टॉर्चर, जानें कब मिलेगी राहत

मौसम विभाग के मुताबिक, जहां एक तरफ बारिश का दौर शुरू हो रहा है, वहीं कुछ राज्यों को अभी तपिश झेलनी होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक भीषण लू का कहर जारी रहेगा। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19-24 जून तक तापमान हाई रहेगा। बिहार में 19 से 22 जून तक लू का प्रकोप रहेगा, जिसके बाद 22 जून से होने वाली भारी बारिश से राहत मिलेगी। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में 19-20 जून, मारथवाड़ा में 19 जून और तेलंगाना में 19 से 21 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 19-21 जून तक असहनीय उमस और चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी। विदर्भ में 19 जून की रात अत्यधिक गर्म रहने वाली है।