कल का मौसम: 26 अगस्त को इन 12 राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश! यूपी-बिहार से बंगाल तक आंधी-तूफान का भी अलर्ट

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग हिस्सों भारी बारिश और आंधी तूफान के कहर के बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक देश के 12 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी जारी की गई है। समुद्र तटीय इलाकों में खराब मौसम और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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उत्तर भारत का मौसम: यूपी, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 26 अगस्त को सुपर एक्टिव मानसून का असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में गरज और चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिमी भारत से सटे पूर्वी राजस्थान में भी 26 अगस्त को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम-मेघालय समेत इन राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों में बारिश के साथ-साथ गर्जना और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी 26 अगस्त को भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ बिजली चमकने और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए 26 अगस्त का दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाला है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इन राज्यों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। साथ ही आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और तेज बारिश के साथ बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल में भारी बारिश, आंध्र और तमिलनाडु में 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत में भी मानसून अपना असर दिखाएगा। केरल और माहे में 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही केरल, माहे और लक्षद्वीप क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक का अलर्ट है।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में मौसम अधिक उग्र रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

समंदर में रहेगा खराब मौसम, मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं और तूफानी मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र से सटे समुद्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे से लेकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी की स्थिति देखें तो मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने इन सभी समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त सलाह दी है।

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Monsoon Update 2026: IMD का बड़ा अपडेट, तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

Monsoon Update 2026: भारत मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को बताया कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल है। 23 जून तक इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ तक पहुंचने की संभावना है। बता दें कि मानसून इस साल 4 जून को केरल पहुंचा था, जो सामान्य तारीख 1 जून से तीन दिन देर से था। इसके बाद यह केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर भारत में फैल चुका है।

इन राज्यों में होगी बारिश

मौसम विभाग ने कहा कि जैसे-जैसे मॉनसून उपमहाद्वीप में आगे बढ़ रहा है और उत्तर-पश्चिमी भारत पर पश्चिमी विक्षोभ का असर हो रहा है, अगले कुछ दिनों में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पूर्वोत्तर राज्यों, कोंकण और गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है।

मानसून की चाल पर क्यों रखी जाती है नजर

गौरतलब है मानसून की चाल पर इसलिए बारीकी से नजर रखी जाती है क्योंकि भारत में सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है, जो खरीफ की बुआई के लिए बहुत जरूरी है। अच्छा मानसून आम तौर पर ग्रामीण मांग, खपत और व्यापक आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है।

हालांकि, 2026 में एल नीनो (El Niño) की स्थिति बनी हुई है। इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे भारत का मानसून कमजोर पड़ सकता है और सामान्य से कम बारिश का खतरा बढ़ जाता है। IMD ने मौसमी बारिश का अनुमान ‘लॉन्ग पीरियड एवरेज’ (LPA) का 90% लगाया है, जो सामान्य से कम बारिश का संकेत है और इससे खेती और जल संसाधनों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ गई है।

IMD के अनुसार, 19 से 25 जून के बीच बिहार और झारखंड में छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही 19 से 22 जून के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, 25 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) जैसी स्थिति देखी गई, हालांकि शुक्रवार के बयान में लू की कोई भविष्यवाणी नहीं की गई थी।

1 से 18 जून के बारिश के आंकड़ों से पता चला कि भारत के 741 जिलों में से 258 जिलों में कम बारिश हुई, जबकि 223 जिलों में बहुत कम बारिश दर्ज की गई। एक दिन पहले, ये आंकड़े क्रमशः 239 और 230 जिलों के थे।

वहीं, IMD ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और गुजरात में भारी बारिश की भी जानकारी दी, जबकि तमिलनाडु और ओडिशा में कुछ जगहों पर 60-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान दर्ज किए गए।

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