खरीफ बुआई 95% के करीब, 107 लाख हेक्टेयर में पूरा हुआ आच्छादन : शाही

Shahi UP News

कम बारिश के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार की समयबद्ध तैयारियों और किसानों की मेहनत के कारण खरीफ फसलों का आच्छादन लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। वर्ष 2026 में खरीफ आच्छादन का लक्ष्य 110 लाख हेक्टेयर रखा गया था, जिसके मुकाबले लगभग 107 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 95 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष 103 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 100 लाख हेक्टेयर में आच्छादन हो पाया था।

 

यह जानकारी बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लोकभवन में पत्रकारों से वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सुपर अल नीनो की आशंका के कारण सामान्य से कम वर्षा का अनुमान था। इसके बावजूद सरकार ने किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई। 

 

खरीफ सीजन में 50 प्रतिशत अनुदान पर 1.73 लाख कुंतल से अधिक बीज वितरित किए गए। साथ ही दलहन, तिलहन, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों के रकबे को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सरकार ने 6.13 लाख से अधिक किसानों को 16,449 कुंतल मुफ्त मिनी किट वितरित किए, जबकि 1.23 लाख कुंतल से अधिक बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया। दलहन, तिलहन तथा मोटे अनाज के बीजों का बड़े पैमाने पर वितरण कर किसानों को कम वर्षा की परिस्थितियों में भी खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अल्प अवधि की तोरिया फसल को बढ़ावा देने का निर्णय

कृषि मंत्री ने बताया कि 28 जुलाई तक प्रदेश में औसत से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। 11 जिलों में 40 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश हुई, जबकि 13 जिलों में स्थिति और अधिक चिंताजनक रही। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सितंबर में अल्प अवधि की तोरिया फसल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 1,000 कुंतल तोरिया बीज वितरण का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें 600 कुंतल मुफ्त मिनी किट और 400 कुंतल अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है तथा 17 अगस्त के बाद ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा।

7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट वितरण का लक्ष्य

श्री शाही ने किसानों को आश्वस्त किया कि योगी सरकार रबी सीजन में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। इसके लिए प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और वितरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बीज वितरण के लिए 10 जुलाई को पोर्टल खोला जा चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन कर समय से बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इस वर्ष 7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 36,475 कुंतल बीज निशुल्क वितरित किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी ई-लॉटरी प्रणाली से होगी।

अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे 25,900 कृषि यंत्र

उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर अनुदान योजना के तहत भी पोर्टल 20 जुलाई से खोल दिया गया है। इसकी लॉटरी 10 अगस्त को निकाली जाएगी। फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और एकल कृषि यंत्रों सहित कुल 25,900 कृषि यंत्र किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अब तक 41,762 किसानों ने आवेदन किया है। फार्म मशीनरी बैंक पर 80 प्रतिशत तक तथा कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों के चयन की प्रक्रिया भी ई-लॉटरी के माध्यम से पूरी की जाएगी।

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध

कृषि मंत्री शाही ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। एक अप्रैल से 28 जुलाई तक 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। लगभग इतनी ही मात्रा में अभी भी उर्वरक उपलब्ध है। यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी, एमओपी का पर्याप्त भंडार है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले जहां करीब 1,500 सहकारी समितियां उर्वरक वितरण करती थीं, वहीं अब 7000 समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद पहुंचाई जा रही है। जुलाई में ही सहकारी समितियों ने 3.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 1.07 लाख मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के किसी भी ब्लॉक में उर्वरकों की कमी नहीं है।

सपा सरकार की तुलना में 34 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का अधिक वितरण 

कृषि मंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2015-16 में प्रदेश में 84.98 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण हुआ था, जबकि योगी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 2025-26 में 118 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार किसानों को पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में 34 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का निपटारा करने के साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया है। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे धैर्य रखें, समय पर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

Market Insight : FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें,फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर रहे फोकस

Market Insight : आज शेयर बाजार के लिए अगस्त सीरीज की शुरुआत शानदार रही। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। मजबूत खरीदारी के दम पर बाजार पूरे दिन हरे निशान में कारोबार करता रहा। सेंसेक्स,निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 889 प्वाइंट चढ़कर 77,655 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 265 प्वाइंट चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। IT,मेटल और FMCG शेयरों में भी खरीदारी रही। फार्मा और निफ्टी बैंक इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 450 प्वाइंट चढ़कर 57,206 पर बंद हुआ। मिडकैप 511 प्वाइंट चढ़कर 62,862 पर बंद हुआ। आज निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में खरीदारी रही। वहीं, सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में खरीदारी आई। जबकि, बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में तेजी दिखी।

मार्केट आउटलुक

इस बीच मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए कोटक महिंद्रा एएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि निवेशक अब AI निवेश से IT की ओर जा रहे हैं। टोकन वैल्युएशन की उम्मीद में AI की तेजी आई। आगे IT सेक्टर में कुछ विनर्स होंगे और कुछ लूजर्स होंगे। AI की मदद से प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों को फायदा संभव है। तेजी से सस्ते IT प्रोडक्ट बनाने वाले को फायदा होगा।

सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही होगा फायदा

पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अभी तक ज्यादातर कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। लार्जकैप से बेहतर मिड-स्मॉलकैप के नतीजे रहे हैं। सस्ते दाम पर तेजी से प्रोडक्ट देने वाली कंपनियों को ही फायदा होगा। वेस्ट एशिया संकट के बीच बड़ी दिक्कतें नहीं आईं है। यह हमारे लिए काफी अच्छा संकेत है।

Market View : फार्मा शेयरों में जारी रहेगी तेजी, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

FMCG के लिए समय बदला

FMCG के लिए समय बदल गया है। लिस्टेड FMCG कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशन में पिछड़ गई हैं। FMCG कंपनियों के लिए 3-6 महीने चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। पहले FMCG कंपनियों में ग्रोथ अच्छी रहती थी FMCG कंपनियां से नया प्रोडक्ट नहीं ला रही है। FMCG में चुनिंदा निवेश जारी रखें।

फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति

मौजूदा जियोपॉलिटिकल माहौल में सभी देशों को डिफेंस खर्च बढ़ाना ही होगा। लोकल और ग्लोबल मार्केट तक डिफेंस प्रोडक्ट का पहुंचना और मजबूत सप्लाई चेन जरूरी है। दुनिया में डिफेंस का खर्च बढ़ता ही रहेगा। फ्यूचर टेक वाली डिफेंस कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। घरेलू के साथ एक्सपोर्ट वाली डिफेंस कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध उन रोबोट पर लागू होगा जो अब तक अमेरिका में नहीं पहुंचे हैं। पहले से इस्तेमाल हो रहे रोबोट इस दायरे में नहीं आएंगे। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना बनाया जा रहा अमेरिका के इस फैसले पर चीन ने कड़ा विरोध जताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना बनाकर चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन अपनी कंपनियों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा। माओ निंग ने कहा कि ऐसी रोक लगाने से अमेरिका ज्यादा मजबूत नहीं बनेगा और न ही उसकी कंपनियां दूसरे देशों की कंपनियों से बेहतर हो जाएंगी। इसका नुकसान आखिरकार अमेरिकी कंपनियों और वहां के आम लोगों को भी उठाना पड़ेगा। दुनिया के 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माता है। AP के मुताबिक दुनिया में तैनात करीब 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं। अमेरिकी निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म ओम्डिया के मुताबिक 2025 में दुनिया भर में करीब 15 हजार ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे गए। इनमें चीन की दो बड़ी कंपनियां ‘यूनिट्री’ और ‘एजीआईबॉट’ ने अकेले पांच-पांच हजार से ज्यादा रोबोट की सप्लाई की। दूसरी तरफ अमेरिकी कंपनियां ‘टेस्ला’ और ‘फिगर एआई’ कुछ 100 या उससे भी कम रोबोट भेज सकीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीनी कंपनियों ने कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की क्षमता बहुत तेजी से विकसित की है। ऐसे में अमेरिकी बाजार बंद होने से उन्हें एक बड़े खरीदार का नुकसान जरूर होगा। हालांकि, चीन अब यूरोप जैसे बाजारों पर भी तेजी से फोकस कर रहा है, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो सके। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

Market Outlook: अच्छी बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, जानिए 30 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 29 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स अच्छी बढ़त लेकर बंद हुए हैं। IT,मेटल,बैंकिंग और FMCG शेयरों की अगुवाई में बाजार में व्यापक स्तर की तेजी देखने को मिली है। इसके चलते निफ्टी 24,200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है।

ट्रडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर और निफ्टी 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ। आज लगभग 2460 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं, 1597 शेयर लाल निशान में बंद हुए। वहीं, 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी इंडेक्स में शामिल शेयरों की बात करें तो जियो फाइनेंशियल सर्विसेज,हिंदुस्तान यूनिलीवर,इंफोसिस,हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो(L&T)सबसे ज़्यादा बढ़त लेकर बंद होने वाले शेयरों में रहे। जबकि, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ,महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M),पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,आयशर मोटर्स और HDFC लाइफ इंश्योरेंस निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो रियल्टी को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT,मीडिया,मेटल,फार्मा,टेलीकॉम,प्राइवेट बैंक,FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1-2% की बढ़त देखने को मिली।

छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.8% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% की बढ़त लेकर बंद हुए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भारत में AI से जुड़े ट्रेड के कम होने से FII के आने की संभावना मजबूत हो रही है। ग्लोबल निवेशकों का चिप शेयरों से मोह भंग हो रहा है। इस बीच,पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान थोड़ी बढ़त के बावजूद,पूरे हफ्ते तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। साथ ही ग्रोथ और ऑपरेशनल लागत के आउटलुक में सुधार हुआ है।

घरेलू मार्केट की बात करें उम्मीद से बेहतर IIP डेटा ने बाज़ार को राहत दी है। इससे निवेशकों में जोश देखने को मिला है।आज की तेजी में IT और मेटल स्टॉक का अहम योगदान रहा। अब बाजार की नजरें आज रात आने वाले US फेड पॉलिसी पर है। बाजार की आम धारणा है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके भारतीय बाज़ारों पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है,क्योंकि इसको ज़्यादातर असर को पहले ही पचा लिया है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि डेली टाइमफ्रेम पर कुछ समय तक एक ही रेंज में रहने के बाद इंडेक्स में आज बढ़त देखने को मिली। RSI में बुलिश क्रॉसओवर हुआ है। इसके अलावा,निफ्टी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है। ऑवरली चार्ट पर,इंडेक्स ने 200 DMA का स्तर भी फिर से हासिल कर लिया है। यह शॉर्ट में मजबूती आने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के मजबूत बने रहने और इसके 24,450–24,500 के स्तर तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ इसके लिए 24,100 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इस सपोर्ट को तोड़ता है तो सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है,जिससे यह 23,950 के स्तर तक गिर सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि अब निफ्टी के लिए 20 डे SMA या 24,100 और उसके 24,150 का स्तर अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। जब तक निफ्टी इस लेवल से ऊपर टिका रहेगा, तब तक तेजी जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ निफ्टी 24,400-24,500 तक जा सकता है। हालांकि,24,100 के नीचे आने अपट्रेंड कमज़ोर पड़ सकता है। इस स्तर के नीचे आने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं।

 

 

Trading Plan : अगस्त सीरीज का शानदार आगाज, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे ₹2,500 मंथली! जानिए इस स्कीम की 3 बड़ी शर्तें

Delhi Lakshmi Yojana Details: दिल्ली कैबिनेट ने महिलाओं के लिए एक बड़ी वित्तीय सहायता योजना ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद दी जाएगी। हालांकि, अन्य राज्यों की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं की तुलना में यह योजना कुछ बेहद अनोखी और सख्त शर्तों के साथ लाई गई है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि योजना का रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त से शुरू होगा और पहली किश्त 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। आइए जानते हैं कि इस योजना की नियम-शर्तें क्या हैं और महिलाओं को पैसा कैसे मिलेगा।

3 बच्चों का नियम: किसे नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

दिल्ली लक्ष्मी योजना को अन्य राज्यों की योजनाओं से अलग बनाने वाली सबसे बड़ी शर्त परिवार के आकार को लेकर है:

3 बच्चों की शर्त: जिन महिलाओं के तीन से अधिक जीवित बच्चे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

किसे मिलेगा लाभ: दिल्ली की रहने वाली 21 से 60 वर्ष की महिलाएं, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है।

कितने लोगों को फायदा: सरकार का अनुमान है कि दिल्ली में लगभग 17 लाख महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।

पैसे कैसे मिलेंगे? CBDC वॉलेट और FD/RD के 2 बड़े विकल्प

महिलाओं को मिलने वाली ₹2,500 की राशि सीधे एक बैंक खाते में नहीं जाएगी, बल्कि इसके लिए दो विकल्प दिए गए हैं:

विकल्प 1 (डिजिटल वॉलेट + बचत): इसमें से ₹1,000 हर महीने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में दिए जाएंगे, जबकि बाकी के ₹1,500 को रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा किया जाएगा।

विकल्प 2 (पूरी रकम की बचत): लाभार्थी महिला चाहे तो पूरे ₹2,500 को हर महीने RD या FD में जमा करा सकती है, ताकि लंबी अवधि के लिए बड़ा फंड तैयार हो सके।

बैंकों का चयन: सरकार उन बैंकों को इस योजना से जोड़ रही है जो RD और FD पर सबसे ज्यादा ब्याज दर देंगे। लाभार्थियों के नाम से खाते खोले जाएंगे और उन्हें पासबुक भी जारी की जाएगी।

CBDC वॉलेट पर सख्त पाबंदियां: शराब, तंबाकू और लॉटरी पर बैन

योजना के तहत मिलने वाले डिजिटल वॉलेट के इस्तेमाल को लेकर सरकार ने कड़े नियम तय किए हैं। इस पैसे का इस्तेमाल इन चीजों के लिए नहीं किया जा सकता:

  • शराब और तंबाकू उत्पाद
  • नशीले पदार्थ
  • लॉटरी टिकट
  • जुआ, सट्टा या बेटिंग सेवाएं

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस आर्थिक सहायता का इस्तेमाल केवल घर के जरूरी सामान, राशन और बच्चों की जरूरतों के लिए ही हो।

आवेदन कैसे करें और कब मिलेगी पहली किश्त?

रजिस्ट्रेशन की तारीख: 1 अगस्त से ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना‘ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे।

वेरिफिकेशन और मंजूरी: जिला स्तर के अधिकारी आवेदनों की जांच, अप्रूवल और शिकायतों का निवारण करेंगे।

पहली किश्त: सरकार की योजना रक्षाबंधन यानी 28 अगस्त को पहली किश्त जारी करने की है।

योजना की अवधि: शुरुआत में यह योजना 3 साल के लिए लागू की जाएगी, जिसे बाद में बढ़ाया या संशोधित किया जा सकता है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है, बल्कि CBDC डिजिटल वॉलेट और 3 बच्चों की शर्त जैसे नियमों के जरिए वित्तीय अनुशासन और परिवार नियोजन को भी प्रोत्साहित करती है।

Trading Plan : अगस्त सीरीज का शानदार आगाज, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : चौतरफा खरीदारी के दम पर अगस्त सीरीज का शानदार आगाज हुआ है। निफ्टी 250 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24250 के ऊपर निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी करीब 450 प्वाइंट की तेजी है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं INDIA VIX करीब 4% फिसलकर 12 के करीब आ गया है। IT शेयरों में बुल रन जारी है। तीन दिनों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 9 परसेंट दौड़ा है। आज लार्जकैप में विप्रो तीन तो इंफोसिस करीब पांच परसेंट की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। वहीं नतीजों और दूसरी छमाही के लिए बुलिश कमेंट्री के बाद KPIT टेक तेज दौड़ा है। शेयर में 10% का अपर सर्किट लगा है।

IT के साथ FMCG और मेटल शेयरों में जोरदार तेजी है। दोनों इंडेक्स 1.5 परसेंट से ज्यादा चढ़े हैं। FMCG में 4% उछाल के साथ HUL निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही फार्मा और NBFCs में भी रौनक है। जियो फाइनेंस 5% उछाल के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है।

नतीजों के बाद L&T आज का हीरो बना है। यह करीब 3 परसेंट चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही IT का मजबूत शेयर टेक महिंद्रा भी चढ़ा है। अच्छे रिजल्ट के दम पर टाटा कैपिटल भी उछला है। इटरनल में भी खरीदारी आई है। उधर गोदरेज प्रॉपर्टीज और TCS ने भी कमाल किया है। TVS मोटर लाइफ हाई पर जाता दिखा है।

EMS शेयरों में आज जोरदार खरीदारी आई है। KAYNES 13% से ज्यादा के उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही डिक्सन,PGEL और सिरमा भी दो परसेंट से ज्यादा ऊपर दिख रहे हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार में आज चौतरफा हरियाली है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,निफ्टी IT और FMCG सब ऊपर कारोबार कर रहे हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी तेजी है। Adv/Dec 2:1 का है। इंफोसिस की अगुवाई में IT ने हैट्रिक लगाई है। HDFC बैंक में 52 हफ्तों के निचले स्तर से शानदार रिकवरी आई है। HUL में कल की गिरावट के बाद तेजी आई है। EMS स्टॉक्स में तेजी है। Kaynes टॉप गेनर बना है। कच्चा तेल $87/bbl के पास दिख रहा है। अक्टूबर वायदा $84/bbl के पास दिख रहा है। रुपये में शानदार रिकवरी आई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या 24,300-24,350 में मुनाफा बांधें?

बाजार: अब क्या?

शुक्रवार को हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया था। ये बात हुई थी कि इसी हफ्ते हम वापस 24,300 पर आ सकते हैं। लेकिन इतनी जल्दी और तेज आएंगे ये नहीं सोचा था। लेकिन बाजार ने उन्हें इनाम दिया,जिन्होंने इस थ्योरी पर भरोसा किया। बाजार एक रेंज में है और एज पर बड़ी ट्रेड मिल रही है। 2 हफ्ते पहले 24,300 पर शॉर्ट भी मिला था और इसीलिए अब 24,300-24,350 मेक और ब्रेक जोन है। अगर इस बार उसके ऊपर निकले तो 25,000 तक नहीं रुकेंगे। आवाज़ के दर्शक पिछले हफ्ते से लॉन्ग पोजीशन में हैं। अब यहां से अपना ट्रेलिंग स्टॉपलॉस एडजस्ट करते रहें।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस और 24,100-24,150 पर सपोर्ट है। बैंक निफ्टी के लिए 57,400-57,600 पर रेजिस्टेंस और 56,800-57,000 पर सपोर्ट है।

कल के लिए रणनीति

अगले महीने 25 अगस्त की कॉल में बने रहें। CNBC-आवाज़ के दर्शक 23,650-23,700 जोन से लॉन्ग हैं। 24,300-24,350 पर थोड़ी रुकावट है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Amazon Great Freedom Sale 2026: 7 अगस्त से शुरू होगी सेल, मिलेंगे बंपर डिस्काउंट और AI शॉपिंग फीचर्स

Amazon Great Freedom Sale 2026: अगर आप इलेक्ट्रॉनिक्स सामान या फिर ग्रोसरी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए ऑफर्स की तलाश में हैं तो, यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, Amazon 7 अगस्त को रात 12:00 बजे से अपना ‘Great Freedom Sale 2026’ शरू करने जा रहा है। इस सेल में खरीदारों को स्मार्टफ़ोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, ब्यूटी, घरेलू डिवाइस, ग्रोसरी, किचन के सामान और दूसरी कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर अच्छा-खासा डिस्काउंट मिलेगा।

बता दें कि यह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अलग-अलग कैटेगरी में ऑफर के साथ-साथ, AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स भी ला रहा है, ताकि कस्टमर्स आसानी से प्रोडक्ट्स ढूंढ सकें और बेहतर तरीके से खरीदारी का फैसला ले सकें।

सेल के दौरान, खरीदारों को कई ब्रांड्स पर टॉप 100 डील्स, ब्लॉकबस्टर डील्स, ट्रेंडिंग डील्स और खास ‘8 PM डील्स’ मिलेंगी। इसके अलावा, Amazon ग्राहकों को HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड और EasyEMI ट्रांजैक्शन पर 10% का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दे रहा है। योग्य कस्टमर्स को कुछ चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन के साथ-साथ 2,000 रुपये तक का कैशबैक भी मिल सकता है। सेल में ग्राहकों को एक्सचेंज ऑफर, Amazon Pay रिवॉर्ड्स और भारत के सभी उपलब्ध पिन कोड पर डिलीवरी जैसी सुविधाओं का भी फायदा मिलेगा।

AI-पावर्ड शॉपिंग फीचर्स

Amazon इस सेल के दौरान कई AI आधारित फीचर्स पेश कर रहा है, जो ग्राहकों को बेहतर शॉपिंग अनुभव देने में मदद करेंगे। कंपनी का AI शॉपिंग असिस्टेंट Rufus यूजर्स को सामान्य कीवर्ड की जगह अपनी जरूरत के हिसाब से सवाल पूछकर प्रोडक्ट खोजने की सुविधा देता है। ग्राहक अपनी खास जरूरतों या पसंद के आधार पर सुझाव मांग सकते हैं और पर्सनलाइज्ड सुझाव पा सकते हैं।

इसके अलावा, प्लेटफॉर्म का Lens AI फीचर विजुअल प्रोडक्ट सर्च की सुविधा देता है, जिससे यूजर्स मिलती-जुलती चीजें खोजने के लिए फोटो अपलोड या क्लिक कर सकते हैं। Rufus में एक ‘प्राइस हिस्ट्री ट्रैकर’ भी शामिल है जो 30 से 90 दिनों की अवधि में प्रोडक्ट की कीमतों पर नजर रखता है और जब कोई आइटम ग्राहक की पसंद की कीमत पर पहुंचता है, तो उन्हें सूचित कर सकता है। अन्य AI फीचर्स में ‘रिव्यू हाइलाइट्स’ शामिल हैं, जो ग्राहकों के रिव्यू का सारांश देते हैं, और ‘बाइंग गाइड्स’ हैं जो खरीदारों को प्रोडक्ट्स की तुलना करने में मदद करने के लिए अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं।

Amazon Pay के ऑफर्स

Amazon इस सेल के दौरान Amazon Pay से जुड़े कई पेमेंट बेनिफिट्स भी दे रहा है। Amazon Pay ICICI Bank Credit Card का इस्तेमाल करने वाले Prime मेंबर्स को अनलिमिटेड 5% कैशबैक मिलेगा, जबकि नॉन-Prime कार्डधारकों को 3% कैशबैक का फायदा मिलेगा। वहीं, नए कार्ड यूजर्स को वेलकम रिवॉर्ड के तौर पर 2,500 रुपये तक का लाभ मिल सकता है।

कस्टमर्स, एलिजिबिलिटी के आधार पर 60,000 रुपये तक के इंस्टेंट क्रेडिट के साथ Amazon Pay Later का फायदा भी उठा सकते हैं। कंपनी एक EMI स्टोर भी ऑफर कर रही है, जिसमें स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और होम अप्लायंसेज जैसी कैटेगरीज में 99 रुपये प्रति दिन से शुरू होने वाले प्लान्स हैं। वहीं, अगर ग्राहक 1,500 रुपये से ज्यादा की खरीदारी करते हैं, तो वे इस रकम को बिना ब्याज वाली 3 मासिक किस्तों में बांट सकते हैं।

Amazon ने बताया कि कस्टमर्स चुनिंदा ब्रांड्स और कैटेगरी में Rewards Gold कैशबैक भी पा सकते हैं, जबकि Prime मेंबर्स 7 अगस्त से शुरू होने वाली ‘ग्रेट फ्रीडम सेल’ के दौरान एलिजिबल ऑर्डर्स पर अतिरिक्त बचत का फायदा उठा सकते हैं।

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Gold Silver price Today: फेड फैसले से पहले सोने-चांदी में उठा-पटक, चांदी ‌₹2200 हुई महंगी, अब क्या करें निवेशक

Gold Silver price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज 29 जुलाई को उठा- पटक देखने को मिल रही है। बुधवार को स्पॉट मार्केट में मांग घटने की वजह से फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमतें 158 रुपये गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। उसके विपरीत, चांदी की कीमतें 0.69 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 158 रुपये या 0.11 प्रतिशत गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुए, जिसमें 375 लॉट का कारोबार हुआ। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी की कीमतें 2250 रुपये या 1.04 फीसदी बढ़कर 2,18,649 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

बाजार जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग के कारण आई है। ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स 4,031.22 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर ट्रेड कर रहे थे। मार्केट में नई पोजीशन बनने से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

आज रात US फेड पॉलिसी को होगा ऐलान

US फेड का पॉलिसी फ़ैसला आज रात 11:30 बजे (IST) आएगा, जबकि फेड चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणी रात 12:00 बजे (IST) होनी है।

जून में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद, ऐसी पूरी उम्मीद है कि US सेंट्रल बैंक आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की नई चिंताओं की वजह से फेड सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, FedWatch टूल बताता है कि बाज़ार को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 76% संभावना और 29 जुलाई को 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की 30% संभावना दिख रही है।

क्या कहते है बाजार जानकार

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह ने कहा, “बाज़ार अभी ब्याज दरें बढ़ने की लगभग एक-तिहाई संभावना मानकर चल रहा है। सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों ने US डॉलर इंडेक्स को 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे बुलियन (सोने-चांदी) पर दबाव पड़ा है।” US फेड के अलावा, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) भी क्रमशः गुरुवार और शुक्रवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं।

बढ़ी हुई ब्याज दरें सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि ऊंची दरों से इस पीली धातु (जो कोई रिटर्न नहीं देती) को अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है।

इस बीच, डॉलर इंडेक्स 0.10% गिरकर 101.30 पर आ गया, जबकि US 10-साल के बॉन्ड का यील्ड पिछले सेशन के 4.60% से बढ़कर 4.61% हो गया।

अब क्या हो रणनीति

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सेशन में सोने के लिए $4,010 और $3,974 पर सपोर्ट और $4,070 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी के लिए $56.80 और $56 पर सपोर्ट और $58.40 और $59.10 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

MCX पर, जैन ने बताया कि सोने के लिए सपोर्ट ₹1,40,800 और ₹1,40,000 पर है और रेजिस्टेंस ₹1,42,200 और ₹1,43,100 पर है, जबकि चांदी के लिए सपोर्ट ₹2,14,000 और ₹2,12,200 पर है और रेजिस्टेंस ₹2,17,700 और ₹2,20,000 पर है।जैन ने कहा, “हम लंबे समय के निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार में आई इस गिरावट के दौरान SIP मोड में सोना और चांदी खरीदें, और ट्रेडर्स FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले इससे दूर रहें।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।