ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

income tax

अगर आपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) अभी तक दाखिल नहीं किया है, तो तुरंत सावधान हो जाएं! व्यक्तिगत करदाताओं और वेतनभोगियों के लिए बिना  किसी लेट फीस के ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

 

अंतिम समय में इनकम टैक्स पोर्टल पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से सर्वर स्लो होने या पेमेंट अटकने की समस्या हो सकती है। यदि आप 31 जुलाई की समय सीमा चूक जाते हैं, तो आपको  भारी लेट फीस, ब्याज और कई वित्तीय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
 

धारा 234F के तहत पेनल्टी (Late Fee Slabs) 

आयकर कानून की धारा 234F के अनुसार, नियत तारीख के बाद रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने पर निम्नलिखित जुर्माना लागू होता है:

 

कुल वार्षिक आय (Total Income) 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने पर लेट फीस

2.5 लाख तक रुपए (मूल छूट सीमा) कोई पेनल्टी नहीं

2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक 1,000 रुपए अधिकतम लेट फीस

5 लाख रुपए से अधिक 5,000 रुपए लेट फीस

 

समय पर ITR न भरने के 4 बड़े नुकसान

1. धारा 234A के तहत ब्याज : यदि आपका कोई टैक्स बकाया है, तो समय सीमा समाप्त होने के बाद आपको बकाए टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। 
 

2. नुकसान (Losses) को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना : शेयर बाजार, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या बिजनेस से हुए नुकसान को अगले वर्षों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का विकल्प समाप्त हो जाता है।
 

3. ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प बंद: यदि आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनना चाहते थे, तो समय सीमा बीत जाने के बाद आप केवल न्यू टैक्स  रिजीम (New Tax Regime) के तहत ही बेलैटेड रिटर्न भर पाएंगे।

4. रिफंड में देरी : यदि आपका TDS कटा है और आप रिफंड के हकदार हैं, तो देर से फाइल करने पर आपका रिफंड अटक सकता है या उसमें काफी देरी हो सकती है।

 

पोर्टल पर ऑनलाइन ITR फाइल करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

समय सीमा समाप्त होने से पहले घर बैठे आधिकारिक पोर्टल (incometax.gov.in) पर आसानी से ITR फाइल करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:
 

1.ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें: PAN और पासवर्ड तैयार रखें।

आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपनी यूजर आईडी (PAN) और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।
 

2.File Income Tax Return चुनें:

लॉगिन के बाद मुख्य डैशबोर्ड पर e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return विकल्प पर क्लिक करें।
 

3.आकलन वर्ष (Assessment Year) का चयन करें:

आकलन वर्ष में AY 2026-27 का चयन करें। इसके बाद ऑनलाइन फाइलिंग (Online Mode) चुनें और 'Start New Filing' पर क्लिक करें।
 

4.करदाता स्थिति एवं सही ITR फॉर्म का चुनाव करें:

अपनी स्थिति Individual चुनें। यदि आपकी केवल वेतन, एक मकान संपत्ति या ब्याज से आय है, तो ITR-1 (Sahaj) चुनें।
 

5.AIS और Form 26AS से आंकड़ों का मिलान करें:

अपने फॉर्म 16, AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS के आंकड़ों की जांच करें। यदि कोई टैक्स बकाया दिखता है, तो e-Pay Tax  के माध्यम से तुरंत भुगतान करें।
 

6.समीक्षा करें और e-Verify पूरा करें:

अपनी सभी जानकारियों की दोबारा समीक्षा करके Submit पर क्लिक करें। इसके बाद अपने आधार OTP या नेट बैंकिंग का उपयोग करके e-Verification प्रक्रिया तुरंत पूरी  करें (बिना ई-वेरिफिकेशन के ITR अमान्य माना जाता है)।
 

ITR सबमिट करने से पहले अंतिम चेकलिस्ट 

– AIS/TIS की जांच: अपने पोर्टल पर जाकर AIS जरूर डाउनलोड करें और उसमें दर्ज ब्याज, डिविडेंड या शेयर ट्रेडिंग की जानकारी अपने रिकॉर्ड से मिलाएं।

– बैंक खाता वैलिडेट करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता पोर्टल पर पूर्व-सत्यापित (Pre-validated) है ताकि रिफंड सीधे आपके खाते में आ सके।

– ई-वेरिफिकेशन न भूलें: ITR फाइल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है।

सलाह: यदि पोर्टल पर अत्यधिक लोड के कारण तकनीकी समस्या आए, तो स्क्रीनशॉट लेकर रखें और थोड़ा रुककर पुनः प्रयास करें। 31 जुलाई की मध्यरात्रि से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। 

 

आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को 'Defective Return' (धारा  139(9)) करार दे सकता है। 

व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 सबसे आम फॉर्म हैं। 

ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 में मुख्य अंतर 

विषय ITR-1 (Sahaj) ITR-2

पात्रता (Eligibility) केवल भारत के निवासी (Resident Individuals) निवासी (Resident), अनिवासी (NRI) और HUF

कुल आय सीमा ₹50 लाख तक ₹50 लाख से अधिक (कोई सीमा नहीं)

मकान संपत्ति (House Property) केवल 1 मकान संपत्ति से आय 1 से अधिक मकान संपत्तियों से आय

कैपिटल गेन्स (शेयर, MF, प्रॉपर्टी) केवल Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक LTCG सभी प्रकार के Capital Gains (STCG/LTCG,  प्रॉपर्टी, सोना आदि)

विदेशी संपत्ति / आय (Foreign Assets) अनुमति नहीं है विदेश में संपत्ति, शेयर (RSUs/ESOPs) या आय होने पर अनिवार्य

कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक ₹5,000 से अधिक होने पर

डायरेक्टर / अनलिस्टेड शेयर कंपनी में डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल नहीं कर सकते कंपनी के डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल कर सकते हैं

आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है?

1. आपको ITR-1 (Sahaj) चुनना चाहिए यदि:
 

• आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। 

• आपकी आय का मुख्य स्रोत वेतन (Salary), पेंशन (Pension) या ब्याज/डिविडेंड (Other Sources) है। 

• आपके पास केवल 1 मकान संपत्ति (Single House Property) है। 

• आपकी कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 या उससे कम है। 

• आपने शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे हैं, लेकिन आपका कुल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Section 112A u/s) ₹1.25 लाख के अंदर है और कोई अन्य कैपिटल गेन  या लॉस नहीं है। 

2. आपको ITR-2 चुनना चाहिए यदि: 

• आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक है। 

• आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या सोना बेचा है और आपको Short-Term Capital Gain (STCG) या अधिक LTCG हुआ है। 

• आपके पास 2 या उससे अधिक मकान हैं जिनसे किराया या आय आती है। 

• आपकी विदेशी आय है या विदेश में कोई बैंक खाता/कंपनी शेयर (जैसे MNCs से मिले US Stocks/ESOPs) हैं। 

• आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है। 

• आप किसी कंपनी में डायरेक्टर (Director) हैं या आपके पास अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। 

• आपका आवासीय दर्जा NRI (Non-Resident Indian) या RNOR है। 

ध्यान दें: बिजनेस या प्रोफेशन से आय (जैसे फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, ट्रेडिंग या बिज़नेस प्रॉफिट) कमाने वाले व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 का उपयोग नहीं कर सकते। उनके लिए ITR-3  या ITR-4 लागू होता है। 

 

 

आयकर पोर्टल (Income Tax Portal) से AIS (Annual Information Statement) डाउनलोड करना और उसका Form 16 से मिलान  (Reconciliation) करना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इससे आपके ITR में किसी प्रकार के मिसमैच की संभावना खत्म हो जाती है।
 

1. AIS कैसे डाउनलोड करें? (Step-by-Step Guide) 
 

1.इ-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें:

आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपने PAN (यूजर ID) और पासवर्ड से लॉगिन करें।

2.Services मेनू में जाएं:

लॉगिन के बाद मुख्य मेनू बार पर Services टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से Annual Information Statement (AIS) चुनें।

3.AIS पोर्टल पर रिडायरेक्ट हों:

स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा, वहां Proceed पर क्लिक करें। यह आपको एक नए Compliance Portal पर ले जाएगा।

4.असेसमेंट ईयर और फाइल फॉर्मेट चुनें:

Compliance Portal पर AIS टैब पर क्लिक करें। ऊपर से सही असेसमेंट ईयर (जैसे AY 2026-27) चुनें।

5.PDF या Excel में डाउनलोड करें:PDF खोलने के लिए पासवर्ड डालें.

आप पूरे विवरण को PDF या JSON/Excel फॉर्मेट में डाउनलोड करने के लिए Download बटन पर क्लिक करें।
 

PDF खोलने का पासवर्ड Format: 

AIS की PDF फाइल पासवर्ड प्रोटेक्टेड होती है। इसका पासवर्ड आपका PAN (स्मॉल लेटर्स में) + आपकी जन्मतिथि (DDMMYYYY) होता है। 

उदाहरण: यदि आपका PAN ABCDE1234F और DOB 15/08/1990 है, तो पासवर्ड होगा: abcde1234f15081990।

2. Form 16 और AIS का मिलान (Reconciliation) कैसे करें? 

Form 16 आपके एम्प्लॉयर (कंपनी) द्वारा दी गई सैलरी और काटे गए TDS का प्रमाण है, जबकि AIS में आपकी सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर ट्रेडिंग आदि की भी  जानकारी होती है। 

दोनों का मिलान करते समय निम्नलिखित बिंदुओं को क्रमानुसार जांचें:

1. ग्रॉस सैलरी (Gross Salary) का मिलान 

• Form 16 (Part B): अपनी कुल ग्रॉस सैलरी और एम्प्लॉयर द्वारा काटे गए कुल TDS की जांच करें। 

• AIS (Part B – TDS/TCS section): सैलरी कोड (192) के सामने दिख रही रकम और काटे गए TDS का मिलान Form 16 के Part A से  करें। 

• ध्यान दें: यदि आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो दोनों एम्प्लॉयर्स के Form 16 की कुल रकम का जोड़ AIS की कुल सैलरी से मिलना चाहिए। 

2. TDS और Form 26AS से क्रॉस-चेक 

• Form 16 में दर्ज कुल TDS कटौती, AIS के TDS/TCS टैब और आपके Form 26AS में दिख रहे टैक्स क्रेडिट से पूरी तरह मैच होनी चाहिए। 

3. अन्य आय (Other Income) की पहचान 

AIS में सैलरी के अलावा कई ऐसी आय दर्ज होती हैं जो Form 16 में नहीं होतीं: 

• बैंक ब्याज (Savings/FD Interest): पासबुक और बैंक से मिले इंटरेस्ट सर्टिफिकेट से इसका मिलान करें। 

• डिविडेंड (Dividend Income): शेयर या म्यूचुअल फंड से मिले डिविडेंड को क्रॉस-चेक करें। 

• कैपिटल गेन्स (Shares/MF Sale): शेयर या प्रॉपर्टी बिक्री से हुई कमाई AIS के SFT Information में दिखती है।
 

यदि AIS में गलत जानकारी या अंतर दिखाई दे तो क्या करें? 
 

अगर AIS में कोई ऐसी इनकम दर्ज दिख रही है जो आपकी नहीं है या कोई आंकड़ा दो बार (Duplicate) दर्ज हो गया है, तो आप पोर्टल पर Feedback दे सकते हैं: 

1. AIS Portal पर उस गलत एंट्री/लाइन आइटम पर क्लिक करें। 

2. Optional / Feedback बटन चुनें।

3. उपयुक्त विकल्प चुनें (जैसे: Information is not correct, Income is not taxable, या Information relates to  other PAN/Year)।

4. इसे सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद आपकी TIS (Taxpayer Information Summary) अपने आप अपडेट हो जाएगी।

Claiming Will in India: वसीयत से संपत्ति कैसे करें क्लेम? नॉमिनी और प्रोबेट के ये नियम जानना है बेहद जरूरी

Inheritance and Will Rules in India: किसी रिश्तेदार या परिजन के निधन के बाद उनकी संपत्ति जैसे- बैंक में पड़े रुपए, इनवेस्टमेंट, म्यूचूअल फंड्स और प्रॉपर्टी के बंटवारे में वसीयत की भूमिका सबसे अहम होती है। हालांकि, वसीयत होने के बावजूद कई बार कानूनी जानकारी न होने के कारण वारिसों को संपत्ति अपने नाम कराने में लंबी कागजी कार्रवाई और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ी गलतफहमी ‘नॉमिनी’ और ‘वसीयत के लाभार्थी’ को एक ही समझने से होती है। आइए आपको बताते हैं कि भारत में वसीयत के जरिए संपत्ति का दावा कैसे किया जाता है और इसके लिए किन नियमों और दस्तावेजों की जरूरत होती है।

नॉमिनी ही मालिक नहीं होता, ये है सबसे बड़ी गलतफहमी

अधिकांश लोग यह मानते हैं कि बैंक खाते, म्यूचुअल फंड या शेयर में जिसे नॉमिनी बनाया गया है, वही उस संपत्ति का असली मालिक बन जाता है। कानूनी रूप से यह धारणा बिल्कुल गलत है। कानून की नजर में नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या कस्टोडियन होता है। उसका काम सिर्फ संपत्ति को संभालना होता है।

संपत्ति का असली मालिकाना हक उसी व्यक्ति को मिलता है जिसका नाम वसीयत में लाभार्थी के रूप में दर्ज हो। अगर नॉमिनी और लाभार्थी अलग-अलग व्यक्ति हैं, तो नॉमिनी को वह संपत्ति वसीयत के हकदार को सौंपनी होगी।

प्रोबेट क्या है और यह कब जरूरी होता है?

प्रोबेट अदालत द्वारा जारी किया गया एक कानूनी प्रमाण पत्र है, जो वसीयत की प्रामाणिकता और वैधता की पुष्टि करता है।

कब पड़ती है जरूरत?: अगर परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद हो, वसीयत की वैधता पर कोई संदेह जताए, या बहुत बड़ी संपत्ति/अचल जायदाद शामिल हो, तो वित्तीय संस्थान और अथॉरिटी प्रोबेट की मांग करते हैं।

क्या यह हर मामले में जरूरी है?: हर मामले में प्रोबेट की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन प्रेसिडेंसी शहरों जैसे- मुंबई, कोलकाता, चेन्नई के कुछ संपत्ति मामलों या विशेष संस्थानों के नियमों के तहत प्रोबेट अनिवार्य हो सकता है।

क्लेम करने के लिए जरूरी दस्तावेज

वसीयत होने के बावजूद संपत्ति हस्तांतरण के लिए सही कागजात होना अनिवार्य है। मुख्य दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है:

  1. मृत्यु प्रमाण पत्र: मूल या सत्यापित प्रति।
  2. वसीयत की प्रति: मूल वसीयत या प्रोबेट (अगर लागू हो)।
  3. वारिस का पहचान व पता प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि।
  4. कानूनी वारिस प्रमाण पत्र: कुछ मामलों में बैंक या संस्थाएं इसकी मांग कर सकती हैं।

बैंकों और म्यूचुअल फंड्स के अपने नियम

बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां, म्यूचुअल फंड हाउस और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन अथॉरिटीज के पास क्लेम प्रोसेस के लिए अपने अलग-अलग प्रोटोकॉल होते हैं। प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान के क्लेम फॉर्म और नियमों को ध्यान से पढ़ें। सभी आवश्यक दस्तावेजों को एक साथ जमा करने से क्लेम एप्लीकेशन रिजेक्ट नहीं होता है और प्रक्रिया तेजी से पूरी होती है।

शुरुआत से पहले पूरी संपत्ति का ब्योरा बनाएं

अक्सर एक वसीयत में कई तरह की संपत्तियों जैसे- बचत खाते, एफडी, डिमैट अकाउंट, प्रॉपर्टी, इंश्योरेंस पॉलिसी का जिक्र होता है। क्लेम प्रोसेस शुरू करने से पहले कानूनी वारिसों को सलाह दी जाती है कि वे मृतक की सभी संपत्तियों, खातों और निवेशों की एक व्यवस्थित सूची तैयार कर लें ताकि कोई भी संपत्ति क्लेम होने से न छूटे।

डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

Rupee

डॉलर सूचकांक में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के भारत में निवेश बढ़ाने से गुरुवार को रुपया 26 पैसे मजबूत हुआ और कारोबार की समाप्त पर एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

भारतीय मुद्रा की बढ़त का यह पांचवां दिन था। इन पांच दिनों में यह 123 पैसे मजबूत हो चुकी है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह छह पैसे चढ़कर 95.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।

भारतीय मुद्रा आज 17 पैसे की बढ़त में 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। दोपहर तक यह नीचे 95.75 रुपये प्रति डॉलर तक गयी थी, लेकिन उसके बाद फिर अपनी बढ़त और मजबूत करते हुए 95.50 रुपये प्रति डॉलर तक उतरकर उसी स्तर पर बंद हुई।

Also Read : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को समाप्त दो दिन की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में न तो वृद्धि की और न ही इसके कोई संकेत दिये। इससे निवेशकों ने भारतीय बाजार का रुख किया।

इसके अलावा, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब एक फीसदी की गिरावट देखी गयी। इससे भी रुपये को समर्थन मिला। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार में 57.60 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया।

Pic Credit : ANI

आधार अपडेट कराने बैंक गया किसान, तभी गार्ड की बंदूक से चली गोली…हुआ दर्दनाक हादसा

राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में रहने वाले 27 वर्षीय किसान मनीष कुमार की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने दिल्ली के एक बैंक पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। बैंक में गलती से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।

 सिक्योरिटी गार्ड के बंदूक से चली गोली

यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार अपनी 12 बोर की डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहे थे। इसी दौरान गलती से बंदूक से गोली चल गई। गोली मनीष कुमार की पीठ में लगी और वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक बाहर की ओर भागे। बाद में उन्होंने मनीष कुमार को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बंदूक में खराबी के कारण हुआ हादसा!

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से गलती से गोली चल गई है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक घायल को अस्पताल भेजा जा चुका था। पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचे थे। बैंक खुल चुका था और कर्मचारी व ग्राहक अंदर मौजूद थे। इसी दौरान वह अपनी बंदूक में कारतूस भर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही या बंदूक में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं और वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। पिछले दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।

गिरफ्तार हुआ गार्ड

पुलिस ने जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक मनीष कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली। जांच के तहत पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खुलने के बाद बंदूक में कारतूस भरना लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दतिया विधानसभा सीट पर क्या टूटेगा 2023 की वोटिंग का रिकार्ड, बंपर वोटिंग में कौन मारेगा बाजी?

मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया में आज मतदान हो रहा है। दोपहर 3 बजे तक 61 फीसदी से करीब मतदान हो चुका है। आज मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। वहीं दतिया उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। वोट डाले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जीत का दावा किया।  

 

वोटिंग ट्रैंड से भाजपा-कांग्रेस में कांटे के मुकाबले के संकेत-दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी धनश्याम सिंह के बीच कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। दतिया के शहरों इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में सभी 291 पोलिंग बूथों पर जिस तरह से मतदान का ट्रैंड देखने को मिल रहा है, उससे यह साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है, वहीं एसी वर्ग का एक बड़ा वोट बैंक दमोदर यादव के साथ भी जा सकता है। जैसे-जैसे वोटिंग का समय बीतता जा रहा है वैसे-वैसे ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही है। 

दतिया विधानसभा सीट पर अब तक हुआ मतदान इस बात की ओर साफ इशारा है कि शाम 6 बजे तक मददान प्रतिशत 2023 के विधानसभा चुनाव की तरह 80 फीसदी के उपर जा सकता है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा सीट पर 80.20 फीसदी मतदान हुआ था और भाजपा प्रत्याशी नरोत्तम मिश्रा को करीब 8 हजार वोटों से कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था।   

 

दमोदर यादव साबित होंगे किंगमेकर?- दतिया विधानसभा में आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दमोदर यादव गेमचेंजर साबित हो सकते है। दतिया विधानसभा में एससी वोटर्स की संख्या 60 हजार के करीब है और दतिया के ग्रामीण इलाकों में एससी वोटर्स का झुकाव दामोदर यादव की ओर हो सकता है। इसके साथ ओबीसी समाज का एक वोट बैंक भी दमोदर यादव के साथ जा सकता है।  

 

सोशल मीडिया से वायरल कंटेट से किसका नफा-किसका नुकसान?-दतिया में पोलिंग के दिन सोशल मीडिया पर जिस तरह कंटेट वायरल हुए उसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ सकता है। सुबह 7 बजे मतदान शुरु होते ही सोशल मीडिया पर भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह को उनके पद से निष्कासित करने का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस फर्जी पत्र के लिए भाजपा ने किश रावत नाम के शख्स के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। चुनाव आयोग से शिकायत भाजपा ने आरोप लगाया है कि किश रावत ने फेसबुक पर भ्रामक और आपत्तिजनक पत्र अपलोड किया, जिसके कारण दतिया के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और इसके कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति उत्तपन्न हो सकती है। भाजपा ने किश रावत के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

दतिया विधानसभा सीट पर कुशवाह वोटर्स की संख्या 40 हजार से उपर है और चुनाव में कुशवाह वोटर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते है, इसलिए पोलिंग के ठीक पहले बुधवार शाम वार्ड एक से पार्षद रहे कल्लू कुशवाह हत्याकांड मामले में उनकी पत्नी संतोष कुशवाह का भाजपा का विरोध करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में कल्लू कुशवाह की पत्नी ने अपने पति के हत्याकांड के आरोपी साहब सिंह यादव के भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाया। इसके साथ उन्होंने कुशवाह समाज के वोटर्स से भाजपा को हराने की अपील की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दतिया के भाजपा के कुशवाह समाज के नेताओं और पार्षदों के वीडियो आए जिसमें  कुशवाह समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई।  

Asian Paints Share : नतीजों के बाद 1% से ज्यादा टूटा शेयर, मैनेजमेंट से जानें आगे का प्लान फिर लें निवेश का फैसला

Asian Paints Share : पहली तिमाही में एशियन पेंट्स की आय 18 फीसदी और मुनाफा करीब 40 फीसदी बढ़ा है। इस अवधि में कंपनी की EBITDA ग्रोथ भी करीब 34 फीसदी रही है। इसके साथ ही मार्जिन भी 2.5 फीसदी बढ़कर 20.2 फीसदी पर रहे हैं। कंपनी के डेकोरेटिव सेगमेंट की वॉल्यूम ग्रोथ भी 9 फीसदी रही है। नतीजों के बाद आई कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री में कहा गया है कि वॉल्यूम और प्राइस बढ़ाने से ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। इंडस्ट्रियल कोटिंग्स में मिड टीन ग्रोथ रही है। VAM-VAE का फेज पहली छमाही में कमीशन होगा कंपनी ने आगे लिए दिए गए गाइडेंस में कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है। मार्जिन भी 18-20% रहने की उम्मीद है।

पेंट इंडस्ट्री में डिमांड की स्थिति मजबूत

नतीजे और ग्रोथ आउटलुक पर बातचीत करते हुए कंपनी के MD & CEO अमित सिंगले ने कहा कि पहली तिमाही कंपनी के लिए काफी अच्छी रही। पहली तिमाही में वैल्यू ग्रोथ 18% रही है। पेंट इंडस्ट्री में डिमांड स्थिति मजबूत रही है। ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत डिमांड बरकरार है। अर्बन क्षेत्र में B2B बिजनेस ग्रोथ अच्छी रही है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। कीमतें बढ़ाने का नतीजों पर पॉजिटव असर देखने को मिला है। Q2 में भी वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहनी संभव है।

कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद

उन्होनें आगे कहा कि तिमाही में प्रोडक्ट कीमतें 12-14% तक बढ़ाई गई हैं। अप्रैल और जून में प्रोडक्ट के दाम बढ़ाए गए हैं। कच्चे माल के दाम में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ कमोडिटी के दाम कम होना शुरु हुए हैं। कुछ कमोडिटी के दाम स्थिर बने हुए है। जरूरत पड़ने पर कीमतों की समीक्षा करेंगे। कंपनी के मार्जिन 18-20% रहने की उम्मीद है।

कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं

अप्रैल में डीलर्स की तरफ से काफी स्टॉकिंग हुई है। फेस्टिवल से पहले स्टॉकिंग बढ़ जाती है। कीमतें बढ़ाने का स्टॉकिंग पर ज्यादा असर नहीं होगा। आगे भी डिमांड में कोई कमी नहीं आएगी।

ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ

B2B सेगमेंट में काफी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। अर्बन क्षेत्र में डिमांड में मजबूती देखने को मिली है। कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ने से भी मांग मजबूत हुई है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। डेकोरेटिव और प्रीमियम प्रोडक्ट की मांग बेहतर रही है। ग्लोबल बिजनेस में करीब 27% की ग्रोथ रही है।

टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को मिला सपोर्ट

एशियन पेंट्स  ने पहली तिमाही में एंटी डैम्प प्रोडक्ट लॉन्च किया है। एंटी डैम्प प्रोडक्ट की प्राइसिंग कम रही है। नए टेक्सर प्रोडक्ट से मांग को सपोर्ट मिला है। नया एंटी इमलशन भी लॉन्च किए गए हैं।

IT Vs Banks : बैंक निफ्टी के लिए कच्चा तेल एक बड़ा सिरदर्द, इस महीने 18% रिटर्न देने के बाद IT में अभी भी बाकी है दम

स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

प्रभुदास लीलाधर ने 29 जुलाई,2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में एशियन पेंट्स के लिए 2,720 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इस शेयर में बने रहने की सलाह दी है। उधर जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का कहना है कि कंपनी के प्रोडक्टस की अच्छी मांग बनी हुई है और ऊंचे बेस और बढ़ते कॉम्पिटिशन के बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए वॉल्यूम ग्रोथ का अपना अनुमान बरकरार रखा है। 29 जुलाई जारी एक नोट में,नोमुरा ने कंपनी के लिए पहली तिमाही को शानदार बताया है। ब्रोकरेज में इस स्टॉक पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस को 3,600 रुपये से बढ़ाकर 3,750 रुपये कर दिया है।

शेयर की चाल पर एक नजर

12.40 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 31.90 रुपए यानी 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 2730 रुपए के आसपास नजर आ रहा था। आज का इसकी इंट्राडे लो 2,666.20 रुपए है। वहीं, इसका दिन का हाई 2,767.90 रुपए है। 1 हफ्ते में यह शेयर 2.37 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 3.63 फीसदी तेजी आई है। इस साल अब तक यह शेयर 1.39 फीसदी गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 13.01 फीसदी की तेजी दिखाई है। जबकि, 3 साल में इसने 19.52 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today: यूएस ट्रेजरी यील्ड में बढ़त से गिरा सोने के भाव, क्या आगे भी कीमतों पर दिखेगा कोई असर

Silver Gold Price Today:  सोने की कीमतें आज 30 जुलाई को गिर गई है। सोने की कीमतों में यह दबाव अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण आई। साथ ही बाजार फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की महंगाई से निपटने संबंधी टिप्पणियों का आकलन कर रहे थे क्योंकि इस हफ्ते सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।

पिछले सत्र में सोने की कीमतें 2% बढ़ने के बाद, 0445 GMT पर स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर $4,048.39 प्रति औंस पर आ गया। अगस्त डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,045.70 हो गया। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट पर यील्ड बढ़ने से बुलियन (सोना) रखने की अवसर लागत (opportunity cost) बढ़ गई।

ANZ की एनालिस्ट सोनी कुमारी ने कहा, “यील्ड दर की उम्मीदों का नतीजा होती है और अगर बाजार को उम्मीद है कि महंगाई का डर ऊंची दरों में बदल जाएगा, तो यील्ड भी ऊंची होगी,” और इससे सोने पर दबाव पड़ रहा है।

बुधवार को बंटे हुए फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि वॉर्श ने महंगाई को काबू में लाने के लिए सेंट्रल बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे बाजार इसके अगले नीतिगत कदम को लेकर अनिश्चितता में है। हालांकि सोने को महंगाई से बचाव (हेज) के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ऊंची ब्याज दरों वाले माहौल में बिना रिटर्न (non-yielding) वाली संपत्ति के तौर पर इसका आकर्षण कम हो जाता है।

CME ग्रुप के FedWatch टूल के अनुसार, बाजार अभी भी सितंबर में दरें बढ़ने की 65% संभावना मानकर चल रहे हैं, हालांकि नीतिगत फैसले से पहले यह संभावना लगभग 81% थी। निवेशक जून के अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा का भी इंतजार कर रहे हैं, जो 1230 GMT पर आने वाला है।

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर, अमेरिकी सेना ने कहा कि बुधवार को अमेरिका ने ईरान में नए हमले किए, जिससे पांच महीने से चल रहा युद्ध और तेज हो गया है। यह युद्ध पहले ही अपने मुख्य मोर्चों से आगे बढ़कर क्षेत्र के अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा था। गुरुवार को तेल की कीमतों में हुई कुछ बढ़त कम हो गई क्योंकि तेल टैंकर मध्य पूर्व से बाहर निकल रहे थे।

TD सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा, “पीली धातु (सोना) के दाम वापस $3,900 प्रति औंस के स्तर पर आ सकते हैं, क्योंकि गर्मियों के दौरान तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी का दबाव बना हुआ है।” स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% गिरकर $57.30 प्रति औंस हो गई और प्लैटिनम 1.1% गिरकर $1,593.77 पर आ गया। पैलेडियम की कीमत 0.6% बढ़कर $1,253.25 हो गई।

Silver Price Today: चांदी हुई और भी सस्ती, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर का ताजा रेट

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Vs Banks : बैंक निफ्टी के लिए कच्चा तेल एक बड़ा सिरदर्द, इस महीने 18% रिटर्न देने के बाद IT में अभी भी बाकी है दम

IT Vs Banks : IT शेयरों ने आज तेजी का चौका लगाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी के टॉप 5 गेनर्स में से 4 IT सेक्टर के हैं। अमेरिका में Cognizant के EPS आउटलुक बढ़ाने से आईटी स्पेस में जोश आया है। निफ्टी IT इंडेक्स 4 दिन में 11% चढ़ा है। ऐसे में सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज IT की रैली का भी एक टेस्ट होगा,यह अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। कल COGNIZANT का अनुमान बढ़ाना एक बड़ा पॉजिटिव है। निफ्टी IT हमारे 32,800 के लक्ष्य से अब 1700 अंक दूर है। 27,000 से हमने निफ्टी IT पर मजबूत लॉन्ग नजरिया लिया था।

उधर हाल के दिनों में बैंक शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। बैंक निफ्टी आज भी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 56,870 को आसपास दिख रहा है। अनुज सिंघल ने बैंक निफ्टी पर अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि इसके लिए आज पहला सपोर्ट 56,800-57,000 और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर होगा। वहीं, सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है

IT Vs बैंक्स: अब क्या?

इन दोनों सेक्टरों के इस महीने के रिटर्न पर नजर डालें तो निफ्टी IT ने 18% रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी बैंक में 0.6% की कमजोरी देखने को मिली है। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.3% की गिरावट आई है। HCLTech 25% फीसदी भागा है। वहीं, TCS में 20% की और टेक महिंद्रा में 17% की तेजी आई है। इंफोसिस 16% तो परसिस्टेंट 27% भागा है। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक 8% तो HDFC बैंक 6% टूटा है। हालांकि ICICI बैंक में 4.5% की तेजी देखने को मिली है।

अनुज सिंघल की राय है कि HDFC बैंक अभी भी सबसे कमजोर शेयर है। कल की रैली एक डेड कैट बाउंस (Dead Cat Bounce) ही है। HDFC बैंक में किसी भी रैली में ना फंसें। सिर्फ वैल्यूएशन कम्फर्ट के कारण निवेश का तर्क नहीं होता। पहले भी 1 महीने की पूरी रैली एक दिन में स्वाहा हुई थी। वहां फोकस करें जहां पर आपको मोमेंटम मिला है।

परसिस्टेंट जैसे शेयर देखिए जहां 4300 रुपए के स्तर से शॉर्ट फंसे हैं। हमने इस पर लांन्ग का बोल्ड नजरिया लिया और शेयर अब वहां से करीब 30% ऊपर है। HCLTech में भी Sarvam में निवेश के बाद से सिर्फ एकतरफा तेजी है। कोफोर्ज ने भी मुड़कर नहीं देखा है। निफ्टी IT में बहुत लोगों ने रैली मिस की है। अब इसीलिए वो ये कहेंगे कि अब ये रिस्की हो गया है। इसका सबसे बड़ा टेस्ट मिलेगा 200 DMA यानी 32,800 पर।

बैंक निफ्टी के लिए अब भी कच्चा तेल बड़ा सिरदर्द है। अगली तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ेंगी और NIMs पर असर होगा। टेक्निकली निफ्टी बैंक 57,400-57,500 के 200 DMA पर ही अटक रहा है।

 

Market Insight : आज बाजार में थोड़ी वोलैटिलिटी संभव, IT के बाद 2-व्हीलर सेक्टर सबसे मजबूत सेक्टर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Redington share Price: रेडिंग्टन के शेयर बने रॉकेट, जून तिमाही के जोरदार नतीजों का असर

Redington share Price: रेडिंग्टन के शेयर 30 जुलाई को रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 12 फीसदी तक उछल गए। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 11:20 बजे शेयर 10.35 फीसदी के उछाल के साथ 317.25 रुपये पर चल रहा था। तेजी की वजह कंपनी के जून तिमाही के नतीजे हैं। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट 94 फीसदी चढ़कर 453 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में प्रॉफिट 233 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये

Redington का रेवेन्यू जून तिमाही में 35 फीसदी के उछाल के साथ 34,922 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 25,952 करोड़ रुपये था। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया, “सभी बिजनेसेज और प्रमुख ऑपरेटिंग मार्केट्स में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। इंडिया में खासकर ग्रोथ काफी स्ट्रॉन्ग रही। साल दर साल आधार पर रेवेन्यू 63 फीसदी बढ़ा, जबकि टैक्स बाद प्रॉफिट 60 फीसदी बढ़ा।”

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बावजूद अच्छा प्रदर्शन

जून तिमाही में मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 15 फीसदी बढ़ा। इसमें क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी ऑफरिंग्स का बड़ा हाथ रहा। कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बावजूद प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी के एमडी एवं ग्रुप सीईओ वीएस हरिहरन ने कहा, “हमने FY27 की शुरुआत जोरदार की है। कंपनी ने इस दौरान सबसे ज्यादा प्रॉफिट और रेवेन्यू कमाया।”

सिर्फ एक हफ्ते में 22 फीसदी चढ़ा है शेयर 

उन्होंने कहा, “जून तिमाही के नतीजों से कंपनी के डायवर्सिफायड बिजनेस मॉडल के स्ट्रेंथ, एग्जिक्यूशन में अनुशासन और सभी बिजनेसेज और ज्योग्रॉफी में मोमेंटम का पता चलता है। प्रॉफिट ग्रोथ रेवेन्यू ग्रोथ से ज्यादा रही। इससे प्रॉफिट और लगातार ग्रोथ पर कंपनी के फोकस का पता चलता है।” सिर्फ एक हफ्ते में रेडिंग्टन का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

30 जुलाई को प्रमुख सूचकांक हरे निशान में

30 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में थे। 11:35 बजे निफ्टी 0.11 फीसदी यानी 26 अंक चढ़कर 24,278 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.09 फीसदी यानी 65 अंक की तेजी के साथ 77,728 पर था। हालांकि, बैंक निफ्टी पर दबाव दिखा। यह 0.50 फीसदी नीचे था। सुबह में सूचकांक कमजोर खुले। लेकिन, बाद में बाजार में रिकवरी देखने को मिली।

यह भी पढ़ें: Waaree Energies Share Price: सोलर पीवी मॉड्यूल मेकर का शेयर 6% तक लुढ़का, Q1 नतीजों के बाद सेलिंग; अब क्या करें?

कंपनी का बिजनेस कई भारत सहित कई देशों में

रेडिंग्टन एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है। इसके बिजनेसेज में सप्लाई चेन मैनेजमेंट, आईटी प्रोडक्ट डिस्ट्रिब्यूशन और क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विसेज शामिल हैं। कंपनी का हेड ऑफिस चेन्नई में है। यह मोबाइल फोन, पीसी और बड़े ब्रांड्स के सॉफ्टेवयर का डिस्ट्रिब्यूशन भी करती है। इसका बिजनेस कई देशों में है।