Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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3 करोड़ सैलरी भी है कम! पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया चीफ सेलेक्टर के लिए आवेदन? जानें वजह

अजीत अगरकर के जाने के बाद से बीसीसीआई नए चीफ सेलेक्टर की तलाश जारी है। वहीं ऐसी खबरे थी की पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अगर पटेल इस पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें बोर्ड का पूरा समर्थन मिल सकता है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद पार्थिव पटेल ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर को मिलने वाली सैलरी की वजह से पार्थिव ने आवेदन नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

इस वजह से पार्थिव ने नहीं दिया नाम

द टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्थिक कारणों के चलते मुख्य चयनकर्ता बनने का फैसला छोड़ दिया। BCCI इस पद के लिए उन्हें हर साल 3 करोड़ रुपये देने को तैयार था, लेकिन यह जिम्मेदारी स्वीकार करने पर उन्हें गुजरात टाइटंस में अपनी कोचिंग की नौकरी और कमेंट्री से होने वाली कमाई छोड़नी पड़ सकती थी। ऐसे में उन्हें इस पद को चुनने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल, साउथ जोन के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

वहीं, वेस्ट जोन से एक नए चयनकर्ता को भी टीम में शामिल किया जाना है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और रमेश पोवार के नामों की चर्चा हो रही है। दोनों को मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

अश्विन ने सैलरी को लेकर उठाए सवाल

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की सैलरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, BCCI में चयनकर्ता के पद पर मिलने वाली रकम इतनी नहीं है कि बड़े और अनुभवी क्रिकेटर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए आगे आएं। अश्विन ने कहा कि, ‘अगर सेलेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई जाती है, तो इस पद के लिए बड़े और अनुभवी क्रिकेटर आगे आ सकते हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे स्तर के चयनकर्ताओं को लाने के लिए इस पद को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना जरूरी है।”

हेड कोच जितनी मिले सैलरी

अश्विन ने आगे कहा, “चयनकर्ता बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर मीडिया में काम नहीं कर सकते, खिलाड़ियों पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकते और न ही कहीं कोचिंग दे सकते हैं, क्योंकि इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें पूरे साल घरेलू क्रिकेट और IPL पर नजर रखनी पड़ती है। अश्विन का मानना है कि अगर मुख्य चयनकर्ता को भारतीय टीम के मुख्य कोच के बराबर वेतन मिले, तो इस पद के लिए बेहतर अनुभव और योग्यता वाले लोग सामने आएंगे।” उन्होंने यह पूछकर अपनी बात खत्म की कि क्या बोर्ड पहले उन पेडिग्री वाले सिलेक्टर्स को चाहता था।

वसीम जाफर ने राष्ट्रीय चयनकर्ता पद के लिए किया आवेदन

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर पुरुष चयन समिति की दौड़ में शामिल हो गए हैं। अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे न बढ़ाने के बीसीसीआई के फ़ैसले के बाद ख़ाली हुए राष्ट्रीय चयनकर्ता पद के लिए उन्होंने आवेदन किया है।

जाफ़र ने कहा, “हां, मैंने इस पद के लिए आवेदन किया है।” 48 वर्षीय जाफ़र ने भारत के लिए 31 टेस्ट खेले और पांच शतक लगाए। इनमें वेस्टइंडीज़ और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दोहरे शतक भी शामिल हैं। उनका टेस्ट करियर 2000 से 2008 तक रहा। इस दौरान उन्होंने 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए। वनडे में जाफ़र ने 2006 में सिर्फ़ दो मैच खेले।

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हालांकि, घरेलू क्रिकेट में जाफ़र का रिकॉर्ड शानदार रहा है। वह रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं और इस प्रतियोगिता में उनके नाम सबसे ज़्यादा शतक भी हैं। उन्होंने 260 प्रथम श्रेणी मैचों में 50 से अधिक के औसत से 19,410 रन बनाए और 57 शतक लगाए। उन्होंने 1996-97 सीज़न में मुंबई के लिए अपने सीनियर क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी और विदर्भ का प्रतिनिधित्व करते हुए क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया।

अगर अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) उन्हें चुनती है, तो अध्यक्ष पद के लिए विचार किए जा रहे उम्मीदवारों में जाफ़र के नाम सबसे ज़्यादा टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड होगा। इसी आधार पर वह चयन समिति के अध्यक्ष बनेंगे।

जाफ़र ने प्रज्ञान ओझा से सात टेस्ट ज़्यादा खेले हैं। ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट खेले हैं। ओझा के अलावा मौजूदा चयनकर्ताओं में आरपी सिंह, अजय रात्रा और शिव सुंदर दास शामिल हैं।

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बैंगलूरू T-20I के लिए टीम से जुड़े भुवनेश्वर, 4 साल बाद हो सकती है वापसी

भुवनेश्वर कुमार का बैंगलूरू में रहना भारतीय टीम के लिए वरदान तब साबित हो गया जब  उनको न्यूजीलैंड सीरीज से पहले ही वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में टीम से जोड़ लिया गया। गौरतलब है कि भुवनेश्वर कुमार बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में जुड़े थे। इसके अलावा वह यहां की लीग टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू का भी हिस्सा है।

अर्शदीप सिंह को शमार जोसेफ ने चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में बांह पर गेंद डालकर चोटिल कर दिया था। हालांकि वह अभी भी टीम का हिस्सा है लेकिन अगर वह फिट नहीं होते तो उनकी जगह भुवनेश्वर कुमार को मौका मिल सकता है। भारत बनाम वेस्टइंडीज की सीरीज 2-2 से बराबर चल रही है।

इससे पहले भुवनेश्वर कुमार की करीब 4 साल बाद टी-20 सीरीज में वापसी हुई है। इससे पहले वह भारत के लिए टी-20 विश्वकप 2022 खेल चुके थे। उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में भी हाल ही में चुना गया था।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार , अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव।

4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय T20I टीम में की वापसी

अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की मंगलवार को राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई जब उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में चुना गया।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं। टीम में वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है जो चोट के कारण एशियाई खेलों में नहीं खेल सके थे।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।टी20 श्रृंखला के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की एकदिवसीय श्रृंखला और दो टेस्ट मैच भी खेलेगा।

भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम:श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव।

भारत ए टीम:यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (कप्तान), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।

Rohit Sharma: रोहित शर्मा को टीम से निकालने की अगरकर ने कर ली थी पूरी तैयारी? फिर कहां पलटा खेल, जानें इनसाइड स्टोरी

टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर बीसीसीआई का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। बीसीसीआई अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ाएगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। वहीं खबर है कि अगरकर ने मुख्य चयनकर्ता पद छोड़ने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट बोर्ड से जाने वाले पुरुष टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर बोर्ड से नाराज थे। बताया जा रहा कि सचिव देवजीत सैकिया ने बल्लेबाज रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया था, जिसके बाद अगरकर और बोर्ड के बीच नाराजगी बढ़ गई थी।

बता दें, इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले तीसरे मैच के पहले रोहित शर्मा की रिटायरमेंट की खबरें हर जगह छाई हुई थी। वहीं इस मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार शतक लगाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया था। हाल ही में वेस्टइंडिज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में रोहित शर्मा को भी जगह मिली है।

बीसीसीआई से नाराज थे अगरकर

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बीसीसीआई और अजीत अगरकर के बीच रिश्तों में तनाव की वजह रोहित शर्मा को लेकर लिया गया फैसला था।’ रिपोर्ट के अनुसार, ‘इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज से पहले अगरकर ने भारतीय टीम मैनेजमेंट और कुछ बीसीसीआई अधिकारियों के समर्थन से रोहित को आगे नहीं खिलाने का फैसला किया था। इसके बाद साउथ जोन के सिलेक्ट और रोहित के करीबी दोस्त प्रज्ञान ओझा को ये फैसला रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।’

रोहित ने ऐसे पलटा दांव

बताया गया कि अजीत अगरकर 2027 के विश्व कप के लिए रोहित शर्मा पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे, क्योंकि रोहित अगले साल 40 साल के हो जाएंगे। वह यशस्वी जायसवाल को मौका देकर टीम में उनकी जगह मजबूत करना चाहते थे और इसके लिए उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए करीब 20 वनडे मैच खेलने का मौका मिले। रोहित शर्मा इस फैसले और सेलेक्टर्स के उनके साथ किए जा रहे व्यवहार से खुश नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘उन्होंने एक बड़े अधिकारी से संपर्क किया, जिसके बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उनका ये बयान लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी वनडे से पहले सामने आया और इसे काफी अहम माना गया।’

देवजीत सैकिया ने कहा था

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था, “रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें चल रही हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रोहित रविवार को लॉर्ड्स में अपना आखिरी मैच खेलेंगे। रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं और जब तक वह टीम का हिस्सा हैं, देश के लिए खेलते रहेंगे। यानी लॉर्ड्स में होने वाला वनडे उनका आखिरी मैच नहीं होगा।”

रोहित ने लगाया था शतक

रोहित शर्मा ने इस मैच में शानदार शतक लगाकर अपनी काबिलियत साबित की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी मैच के बाद अजीत अगरकर को एहसास हुआ कि वह रोहित को टीम से बाहर नहीं कर सकते और रोहित जैसे बड़े खिलाड़ी को लेकर अकेले कोई बड़ा फैसला लेने की उनके पास पूरी ताकत नहीं है। इसके बाद रोहित को टीम से बाहर करने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

लक्ष्मण से भी था मतभेद

वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर के बीच चोटिल खिलाड़ियों और इंडिया ए के मैचों को लेकर भी मतभेद थे। लक्ष्मण मजबूत टीम के साथ अच्छे खिलाड़ियों को खिलाने के पक्ष में थे, जबकि अगरकर एशियन गेम्स में पहली पसंद की टीम भेजने के फैसले से सहमत नहीं थे। इंडिया ए, ईरानी कप और भारतीय टीम के मैचों के शेड्यूल को लेकर भी दोनों की राय अलग थी। चोटिल खिलाड़ियों की वापसी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज को लेकर भी मतभेद रहे। इन सभी बातों से दोनों के बीच भरोसा कम होता गया।

Asian Games में मोहसिन नकवी के हाथ से मेडल लेगी टीम इंडिया? BCCI ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है नियम

एशिया कप से शुरू हुआ ट्रॉफी विवाद एशियन गेम्स तक पहुंचने वाला है। ऐसी खबरें है कि एशियन गेम्स में भी मोहसिन नकवी की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। पिछले साल एशिया कप में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं लिया था। वहीं अभी हाल ही में हुए महिला एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बता दें मोहसिन नकवी इस समय पाकिस्तान के गृहमंत्री हैं और साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख भी हैं।

मेडल सेरेमनी में शामिल हो सकते हैं नकवी

रिपोर्ट के मुताबिक, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया मोहसीन नकवी को मेडल सेरेमनी के लिए आमंत्रित कर सकता है। अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी को जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियन गेम्स में मेडल देने की जिम्मेदारी मिलती है, तो भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें उनसे मेडल लेना होगा। आइए जानते हैं क्या है ओसीए के नियम

भारतीय टीम ले सकती है मेडल

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “OCA के नियमों और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, अगर कतर के OCA प्रेसिडेंट शेख जोआन बिन हमद अल थानी आधिकारिक तौर पर नकवी को यह जिम्मेदारी देते हैं, तो भारतीय खिलाड़ियों से अपने मेडल लेने की उम्मीद की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा करने से इनकार करना एशियन गेम्स, ओसीए और उसके अधिकृत प्रतिनिधि का अपमान माना जा सकता है और खिलाड़ियों पर डिसिप्लिनरी एक्शन भी हो सकती है।”

क्या है OCA के नियम

ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के संविधान और नियमों के आर्टिकल 66 में मेडल सेरेमनी को लेकर नियम दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि विजेताओं को मेडल ओसीए के अध्यक्ष देते हैं। वहीं, अध्यक्ष यह जिम्मेदारी ओसीए के किसी दूसरे सदस्य को भी सौंप सकते हैं। इसी नियम में यह भी कहा गया है कि गेम्स की मेडल सेरेमनी के दौरान किसी तरह का प्रदर्शन या व्यावसायिक, राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय प्रचार करने की अनुमति नहीं है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

इस मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के रुख के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “हम अभी सिर्फ मैचों पर ध्यान दे रहे हैं। सबसे पहले टीमों को पोडियम तक पहुंचना है। उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी, उन्हें ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। जब समय आएगा, तब इस बारे में फैसला करेंगे। बोर्ड और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ मैच जीतने पर है। जो चीज अभी हुई ही नहीं है, उस पर हम कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।”

Ajit Agarkar: अजीत अगरकर की विदाई तय? जानें क्यों छोड़ रहे चीफ सिलेक्टर का पद

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पिछले कुछ समय से अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर काफी चर्चा हो रही है। अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने वाला है। वहीं बीसीसीआई उनका कार्यकाल आगे बढ़ाएगी या नहीं इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। इसी बीच खबर है कि अजीत अगरकर ने बीसीसीआई की सीनियर पुरुष सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन पद से हटने का फैसला किया है। वहीं अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अजीत अगरकर को 2023 में भारत की सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य चयनकर्ता बनाया गया था। चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले लिए। अब खबर है कि पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल अगरकर की जगह लेने वाले संभावित नामों में शामिल हैं।

खत्म हो रहा अजीत अगरकर का कार्यकाल

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, अगरकर ने बीसीसीआई को बता दिया है कि 4 अक्टूबर को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद वह चयनकर्ता के पद पर आगे काम नहीं करना चाहते हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, “अजीत अगरकर ने एजीएम से ठीक पहले बीसीसीआई को आधिकारिक तौर पर बता दिया है कि 4 अक्टूबर को उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद वह सिलेक्टर के तौर पर आगे काम नहीं करना चाहते हैं।”

नए सिलेक्टर की तलाश में बीसीसीआई

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने HT को बताया, अजीत अगरकर से बातचीत के बाद बीसीसीआई अब नए चीफ सिलेक्टर की तलाश कर रहा है। अधिकारी ने बताया, “बातचीत के दौरान अगरकर ने फरवरी में बोर्ड के साथ हुई अपनी पिछली चर्चा का जिक्र किया। उस समय उन्होंने पहली बार बोर्ड के बड़े अधिकारियों से कहा था कि उनके मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने के बाद किसी दूसरे विकल्प पर विचार किया जाए।” बीसीसीआई की सदस्य यूनिट्स ने अधिकारियों को अजीत अगरकर के भविष्य पर फैसला लेने की जिम्मेदारी दी है।

बढ़ेगा अगरकर का कार्यकाल

पीटीआई के मुताबिक, बीसीसीआई को तय करना है कि अगरकर का कार्यकाल बढ़ाया जाए या नया चीफ सिलेक्टर चुना जाए। यह खबर अगरकर और बोर्ड अधिकारियों की बातचीत के कुछ घंटे बाद आई। मौजूदा चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने वाला है। ऐसे में बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने या उनकी जगह नया चीफ सिलेक्टर नियुक्त करने पर विचार कर सकता है। बीसीसीआई सीनियर सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य के साथ-साथ जूनियर सिलेक्शन कमिटी के पांचों पदों को भरने पर भी विचार कर रहा है।

Vaibhav Sooryavanshi: ‘घर में शेर और बाहर बिल्ली…’ वैभव को लेकर इस क्रिकेटर ने कह दी बड़ी बात

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

खतरे में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की कुर्सी? ये वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बीसीसीआई में हुई थी चर्चा

चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला

द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।

पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।