Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में नरमी से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट सुधरे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 70 प्वाइंट की बढ़त दिख रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 680 करोड़ की नेट खरीदारी देखने को मिली है। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े कम हुए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में मार्केट पिछले सेशन की जबरदस्त रिकवरी को आगे नहीं बढ़ा पाए और सपाट बंद हुए। मेटल,PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में बढ़त का असर ऑटो,IT,मीडिया और फार्मा शेयरों में बिकवाली से खत्म हो गया। मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बावजूद,मार्केट बढ़त के साथ खुला लेकिन उस बढ़त को बनाए नहीं रख पाया और पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में बनी अनिश्चितताओं के बीच इन्वेस्टर्स सतर्क नजर आए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 पर और निफ्टी 20.15 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 24,252 पर बंद हुआ।

ईरान के खिलाफ आर्थिक D-Day का एलान, ईरान की तेल निर्यात थामने की चेतावनी

वेस्ट एशिया में अब आर-पार की लड़ाई दिख रही है। अमरिका ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक शुरू कर दी है। US के वित्त मंत्री ने कहा है कि ईरान के खिलाफ वॉर अब आखिरी चरण में है। ईरान का भी पलटवार हुआ है। उसने कहा कि ये प्रतिबंध एक्ट ऑफ वॉर की कटेगरी में आते हैं। अमेरिका का साथ देने वाले देशो को भी निशाना बनाते हुए एक्सपोर्ट ठप करेंगे।

कच्चे तेल में मामूली नरमी, $91 के नीचे, सोना 4600 डॉलर के पार

वेस्ट एशिया तनाव बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में नरमी है। यह 91 डॉलर के नीचे है। इधर सोना-चांदी चमके हैं। सोना 4600 डॉलर के पार चला गया है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड भी 4.7 के अहम लेवल के ऊपर है। हलांकि डॉलर इंडेक्स 99 डॉलर के नीचे है।

अमेरिकी बाजारों में रही बढ़त, निक्केई और कॉस्पी में दबाव

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी दिखी। डाओ जोंस में 500 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल आया। नैस्डैक और S&P में भी हल्की बढ़त रही। वहीं एशिया में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। कॉस्पी में करीब 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निक्केई फ्लैट कारोबार कर रहा है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज़्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त देख रही है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया सबसे आगे है, जिसमें 0.305% की बढ़त हुई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन (0.216%),ताइवान डॉलर (0.154%),थाई बाहत (0.141%),चीनी रेनमिनबी (0.051%),जापानी येन (0.044%) और मलेशियन रिंगित (0.017%)का नंबर है। सिंगापुर डॉलर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि फिलीपींस पेसो में डॉलर के मुकाबले 0.092% की गिरावट आई है।

लेंसकार्ट और मीशो में बड़ी ब्लॉक डील संभव

लेंसकार्ट में आज 2800 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। 4% डिस्कउंट पर 635 रुपये फ्लोर प्राइस तय की गई है। इसके साथ मीशो में भी करीब 957 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। इसके लिए 4 फीसदी तक के डिस्काउंट पर 197 रुपये के करीब फ्लोर प्राइस तय है। दोनों में बड़े निवेशक हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

शुरू हुई मोबाइल PLI 2.0 स्कीम, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

डिक्सन और अंबर जैसी कंपनियों पर आज फोकस रखें। सरकार ने मोबाइल PLI 2.0 स्कीम का नोटिफिकेशन जारी किया है। सरकार 62500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव देगी। यह स्कीम एक अप्रैल 2026 से ही लागू होगी और वित्त वर्ष 2031 तक चलेगी। इसके तहत सरकार 5% तक के इंसेंटिव देगीएफआईआई और

डीआईआई फंड फ्लो

21 अगस्त को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,124 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार दूसरे सेशन में भी नेट सेलर बने रहे और ₹543 करोड़ के शेयर बेचे।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत या झटका? जानें 24 अगस्त के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 24 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

8 things to know about the 2026 Royal Enfield Continental GT 650

8 things to know about the 2026 Royal Enfield Continental GT 650
8 things to know about the 2026 Royal Enfield Continental GT 650

Royal Enfield’s Continental GT 650 is the brand’s modern take on the classic cafe racer, combining a retro design with its 648cc parallel-twin engine. If you’re considering one, here’s everything you need to know about the motorcycle.

1. How much does the Continental GT 650 cost?

Royal Enfield has priced the Continental GT 650 from Rs 3.58 lakh to Rs 3.88 lakh (ex-showroom, Chennai). The Rocker Red and British Racing Green variants are priced at Rs 3.58 lakh, while the Apex Grey and Mr Clean cost Rs 3.81 lakh and Rs 3.88 lakh, respectively.

2. Which engine does the Continental GT 650 have?

The Continental GT 650 continues with Royal Enfield’s 648cc, air/oil-cooled parallel-twin engine. It produces 47hp at 7,150rpm and 52.3Nm at 5,250rpm, with power sent to the rear wheel through a six-speed gearbox.

3. What is the seat height of the Continental GT 650?

The Continental GT 650 has an 820mm seat height. It also has a 1,398mm wheelbase and 174mm of ground clearance.

4. What features does the Continental GT 650 get?

The updated Continental GT 650 gets LED indicators, a USB Type-C charging port and a black-painted instrument cowl. The Rocker Red and Apex Grey variants get blacked-out engines and exhausts, while both are equipped with cast-alloy wheels.

5. Does the Continental GT 650 get dual-channel ABS?

Yes, the Continental GT 650 gets dual-channel ABS as standard. It uses a 320mm disc at the front and a 240mm disc at the rear.

6. What is the weight and ground clearance of the Continental GT 650?

The Continental GT 650 has a 214kg kerb weight and 174mm of ground clearance.

7. What is the fuel tank capacity of the Continental GT 650?

The Continental GT 650 gets a 12.5-litre fuel tank.

8. Does the Continental GT 650 get alloy wheels?

Not all versions. The Rocker Red and Apex Grey variants get cast-alloy wheels, while the British Racing Green and Mr Clean versions continue with traditional spoke wheels.

Sugar Import: चीनी के भाव कब कम होंगे? ब्राजील से आने वाली है खेप, सरकार जमाखोरी पर भी सख्त

Sugar Import: भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच थोड़ी राहत की खबर आई है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के अध्यक्ष प्रकाश नाइकनवरे ने कहा है कि 15 अक्टूबर से पहले ब्राजील से कुछ चीनी की खेप भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच सकती है। हालांकि उन्होंने माना कि अभी यह बताना मुश्किल है कि तब तक कितनी मात्रा में चीनी आएगी।

फिलहाल ब्राजील ही सबसे बड़ा विकल्प

नाइकनवरे के मुताबिक, इस समय चीनी आयात के लिए ब्राजील ही सबसे व्यावहारिक विकल्प है। थाईलैंड आमतौर पर भारत को चीनी सप्लाई करता है। लेकिन, इस बार वो खुद उत्पादन की कमी से जूझ रहा है।

नाइकनवरे ने बताया कि ब्राजील से भारत तक जहाज आने में 40 से 45 दिन लगते हैं। इसके बाद बंदरगाह से मिलों तक चीनी पहुंचाने में भी कुछ समय लगता है। इसलिए 15 अक्टूबर तक कितनी चीनी पहुंचेगी, इसका सटीक अनुमान लगाना अभी संभव नहीं है।

सरकार समय सीमा में ढील दे सकती है

केंद्र सरकार ने पहले 31 अक्टूबर तक आयातित चीनी के पहुंचने की शर्त रखी थी। लेकिन नाइकनवरे का मानना है कि सरकार इसे सख्ती से लागू नहीं करेगी। अगर कुछ खेप रास्ते में होगी, तो उसके बाद भी उसे मंजूरी मिल सकती है।

किन राज्यों को पहले मिलेगी चीनी?

सबसे पहले बंदरगाह वाले राज्यों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु
  • गुजरात
  • आंध्र प्रदेश

उत्तर भारत के राज्यों तक भी यही चीनी बाद में सड़क और रेल के जरिए पहुंचाई जाएगी।

सरकार ने क्यों दी आयात की मंजूरी?

20 अगस्त को सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। पिछले एक महीने में चीनी की कीमतें 24% बढ़कर 56-60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। इसी वजह से यह फैसला लिया गया।

उत्पादन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं?

NFCSF ने 2025-26 सीजन के लिए 279 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान बरकरार रखा है। इसमें एथेनॉल के लिए भेजी जाने वाली 24 लाख टन चीनी शामिल नहीं है।

फेडरेशन का अनुमान है कि 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले सीजन में शुरुआती स्टॉक 35 लाख टन रहेगा। देश की औसत मासिक खपत करीब 22 लाख टन है। नवंबर तक नई पेराई शुरू होने से सप्लाई और बढ़ने की उम्मीद है। नाइकनवरे ने कहा कि फिलहाल घबराहट जैसी कोई स्थिति नहीं दिख रही।

सरकार की सख्ती के बाद कीमतें घटीं

यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने हाल ही में चीनी उद्योग पर कीमतें बढ़ाने और स्टॉक जमा करने का आरोप लगाया था। इसके बाद सरकार ने कई कदम उठाए।

  • मिलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन
  • व्यापारियों पर 200 टन की स्टॉक सीमा
  • बड़े खरीदारों के लिए अलग सीमा
  • राज्यों में गोदामों की जांच
  • फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती

नाइकनवरे ने बताया कि शनिवार को खुले टेंडरों में एक्स-मिल चीनी के दाम करीब ₹5 प्रति किलो गिर गए। उनका मानना है कि अगले हफ्ते भी कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

दुनिया में चीनी सस्ती क्यों हुई?

दिलचस्प बात यह रही कि भारत के आयात के ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्ची चीनी महंगी होने के बजाय सस्ती हो गई। कीमत पहले 18 सेंट प्रति पाउंड तक गई, लेकिन बाद में गिरकर करीब 17.50 सेंट प्रति पाउंड रह गई।

नाइकनवरे का कहना है कि वैश्विक सप्लाई फिलहाल आरामदायक स्थिति में है। इसी वजह से भारत के 10 लाख टन आयात का अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर बड़ा असर नहीं पड़ा।

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दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन यादव, की अतिवृष्टि-राहत कार्यों की समीक्षा, जानें क्या दिए निर्देश?

दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे CM मोहन यादव, की अतिवृष्टि-राहत कार्यों की समीक्षा, जानें क्या दिए निर्देश?

Chief Minister Dr Mohan Yadav reviewed relief operations

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन की रीवा संभाग-शहडोल संभाग-जबलपुर के प्रशासन के साथ अहम बैठक

– मुख्‍यमंत्री ने किसी भी स्थिति में बीमारी को फैलने से रोकने के निर्देश

– प्रदेश के मुखिया ने किया जल भराव वाले इलाकों का निरीक्षण
Chief Minister Dr Mohan Yadav :
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अगस्त को नई दिल्ली से रीवा पहुंचे। उन्होंने यहां रीवा संभाग-शहडोल संभाग-जबलपुर के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों के साथ अतिवृष्टि और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जहां अभी भी बाढ़ का पानी है, वहां राहत कैंप अच्छी तरह से संचालित किए जाएं। राहत कैंपों में समुचित मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने के पानी एवं चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि लोगों का खाने-पीने का सामान, घर इत्यादि नष्ट हो गए हों उन्हें तत्काल आरबीसी 6 (4) के तहत सहायता उपलब्ध कराएं। इसके अलावा उन्होंने रीवा के गुलाब नगर में जल भराव का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि शिविरों में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

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जहां बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां शासकीय अमले को भेजें, लोगों को खाने-पीने की किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पीने के पानी की शुद्धता के लिए सभी जल स्रोतों एवं हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि से क्लोरिनेशन कराएं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी गांव में और नगरी क्षेत्र के वार्डों में जहां बाढ़ का प्रकोप रहा है वहां विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करें।

महामारी फैलने से बचाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुखार एवं सर्दी जुकाम के मरीज को भी गंभीरता से लिया जाए, किसी तरह की महामारी की स्थिति निर्मित ना हो। जिन गांवों में अति वर्षा से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई हो, उसे तत्काल बहाल करें।

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पशु चिकित्सा विभाग को भी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जानवरों के इलाज में भेजें, किसी तरह की महामारी नहीं फैलनी चाहिए और यदि पशुओं की मृत्यु हुई हो तो उनका वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोजल करें। उन्होंने कहा कि गौशालाओं इत्यादि में पशुओं के खाने-पीने एवं चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

फील्ड में उतरें अधिकारी-कर्मचारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि यदि फसल क्षति की सूचना हो तो वहां तत्काल सर्वे कराएं। यदि बुवाई वगैरा प्रारंभिक अवस्था में हो तो उसके नष्ट होने पर बीज इत्यादि की व्यवस्था करें। राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिकित्सा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग इत्यादि के अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके कार्य स्थल-फील्ड में रहना सुनिश्चित करवाएं। इनके दल बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सभी नगरी निकायों एवं गांव में साफ सफाई का एक विशेष अभियान प्रारंभ करें ताकि किसी तरह की बीमारी न फैले।

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जनता का रखा जाएगा पूरा ध्यान

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि आज रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित कर नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं एवं सहायता उपलब्ध कराई गई। बीते दो दिनों से वर्षा थमने के बाद अधिकांश नागरिक राहत शिविरों से अपने घरों को लौट चुके हैं।

अतिवृष्टि के दौरान जिन नागरिकों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा जहां जनहानि एवं पशुहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार सरकार की ओर से मुआवजा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच जिन जिलों में वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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वहीं इस वर्ष प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 20% कम वर्षा हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

Monsoon 2026: भारत में मानसून पड़ा सुस्त और कर गया ड्राई फेज में एंटर! समझिए महंगाई से लेकर कहां-कहां पड़ेगा इसका असर

Monsoon 2026: देश में मानसून सीजन के दौरान अब बारिश की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है। इस वजह से भारत अब सामान्य से अधिक सूखे दौर का सामना कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक कम से कम 2 सितंबर तक देश भर में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले शनिवार तक पूरे भारत में मानसूनी बारिश का घाटा लंबी अवधि के औसत (LPA) से 14 फीसदी नीचे दर्ज किया गया है। मानसूनी ट्रफ के मध्य भारत की ओर दक्षिण में जाने के बजाय हिमालय की तलहटी के करीब बने रहने की वजह से यह घाटा और अधिक बढ़ सकता है।

क्या होता है मानसूनी ट्रफ और क्यों बढ़ रही है चिंता?

मानसूनी ट्रफ कम दबाव का एक लंबा वायुमंडलीय क्षेत्र होता है जहां उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की हवाएं आपस में मिलती हैं। यह नमी से भरी हवाओं को खींचता है और भारत के गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश लाता है। इस साल यह ट्रफ पूरे उत्तर भारत में ठीक से फैलने की बजाय हिमालय के करीब ही बना हुआ है।

आईएमडी द्वारा 20 अगस्त को जारी एक्सटेंडेंट रेंज के पूर्वानुमान के मुताबिक हाल के हफ्तों में बोई गई फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम कार्यालय ने कहा है कि नए मौसमी सिस्टम बनने के बावजूद पूर्वानुमान के दोनों हफ्तों के दौरान पूरे भारत में बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का गणित

हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि आने वाले सप्ताह में प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इससे 26 अगस्त तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आमतौर पर जब ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ता है तो मध्य भारत में अगस्त की सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है, लेकिन इसके ऐसा न करने से प्रमुख कृषि क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है।

स्काईमेट ने जताया सूखे का अंदेशा

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने पिछले सोमवार को अपने मानसूनी पूर्वानुमान को काफी घटा दिया है। स्काईमेट ने अब मौसमी बारिश के एलपीए का 85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अप्रैल में उसने इसे 94 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। स्काईमेट का कहना है कि देश में सूखे की 70 प्रतिशत अधिक संभावना दिख रही है।

एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगस्त के बाकी बचे दिनों में भारत के चार समरूप क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहेगा। इसके अलावा मजबूत होते अल नीनो और कमजोर इंडियन ओशन डिपोल की वजह से सितंबर में स्थिति और बिगड़ सकती है। आमतौर पर एक सकारात्मक इंडियन ओशन डिपोल अल नीनो के निगेटिव असर को कुछ हद तक बेअसर कर देता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां वैसा सपोर्ट नहीं दे रही हैं।

कहां कितना पहुंचा बारिश का घाटा?

बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश एलपीए से 26 प्रतिशत कम है। दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह घाटा 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पूर्व में बने कम दबाव के सिस्टम्स की वजह से सुधार देखने के बाद सिर्फ मध्य भारत ही सामान्य स्तर के सबसे करीब है, जहां बारिश एलपीए से केवल 3 प्रतिशत कम है।

फसलों के नुकसान और महंगाई का खतरा

स्काईमेट द्वारा अपने अप्रैल के अनुमान में 9 प्रतिशत अंकों की कटौती हाल के वर्षों में मध्य-सीजन के दौरान की गई सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। आईएमडी ने भी अपने मौसमी अनुमान को घटाया है, हालांकि उसकी कटौती का दायरा छोटा है। आईएमडी ने अप्रैल में बारिश के एलपीए का 92 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था जिसे जून में घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया था।

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IMD ने उसके बाद से अपने पूर्वानुमान में संशोधन नहीं किया है। लेकिन वर्तमान में मौजूद 14 प्रतिशत का घाटा और सितंबर की शुरुआत तक कमजोर बारिश का जारी रहना इस अनुमान पर दबाव बना सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश में और गिरावट आने से फूड इंफ्लेशन बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें पहले से ही कमोडिटी पर भारी असर डाल रही हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह जैश के अड्डे को फिर बना रहा पाकिस्तान, बहावलपुर में फिर सज रहा आतंकियों का अड्डा!

Pakistan News: भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जिन ठिकानों नेस्तानाबूद कर दिया था, अब उनको लेकर एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को पाकिस्तान द्वारा काफी हद तक फिर से बना लिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबंधों के बीच बहावलपुर कॉम्प्लेक्स का यह रीडेवलपमेंट इस बात का साफ सबूत है कि पाकिस्तान आतंकियों और उनके बुनियादी ढांचे को खत्म करने में पूरी तरह विफल रहा है।

25 करोड़ रुपये का फंड, ISI पर लगे आरोप

CNN-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान सरकार और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) ने जैश कॉम्प्लेक्स को बनाने के लिएए किश्तों में करीब 25 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस फंड में से करीब 11 करोड़ रुपये मरकज सुभानअल्लाह सेंट्रल हॉल को बनाने में खर्च किए गए हैं।

2026 की शुरुआत से ही चल रहा काम

रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर में ये काम साल 2026 की शुरुआत में ही दिखने लगा था। उस दौरान भारी मशीनरी, ईंटें, स्टील और दूसरे कंस्ट्रक्शन मैटेरियल साइट पर लाए गए थे। धीरे-धीरे आतंकियों का ये पूरा कॉन्प्लेक्स अब फंक्शनल हो गया है। इसके सेंट्रल हॉल को और बड़ा बनाया गया है। इसकी दीवारों पर नया प्लास्टर और पेंट किया गया है, संगमरमर का नया फर्श बिछाया गया है और पूरे परिसर की साफ-सफाई की गई है। सूत्रों का कहना है कि यह कॉम्प्लेक्स एक बार से इस्तेमाल के लिए तैयार हो रहा है।

क्या है बहावलपुर बेस का पाकिस्तानी सेना से कनेक्शन?

एन-5 हाईवे के ठीक पीछे स्थित बहावलपुर का यह ठिकाना ऐतिहासिक रूप से जैश-ए-मोहम्मद के लिए कई काम करता रहा है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से एक मदरसे, भर्ती केंद्र और आतंकी साजिशों के प्लानिंग सेंटर के रूप में किया जाता रहा है। सीएनएन-न्यूज18 की एक पुरानी रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया था कि यह कॉम्प्लेक्स पाकिस्तान की 31 कोर सैन्य छावनी के बेहद करीब है। खुफिया स्रोतों ने इस लोकेशन को इस बात का स्पष्ट संकेतक माना था कि पाकिस्तान के सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सेना के भीतर के तत्वों द्वारा जैश-ए-मोहम्मद को पूरी सुरक्षा और समर्थन दिया जाता है।

क्या था भारत का ऑपरेशन सिंदूर?

साल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बेहद घातक आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन ठिकानों को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी बुनियादी ढांचे का हिस्सा माना जाता था।

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यह पहली बार नहीं है जब ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जो इशारा करती हैं कि पाकिस्तान भारत द्वारा नष्ट किए गए आतंकी ठिकानों का फिर से निर्माण कर रहा है। भारत ने हमेशा इंटरनेशनल कम्युनिटी को बताया है कि पाकिस्तान लगातार जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों को पनाह देना जारी रखे हुए है। यही आतंकी संगठन भारत में 2019 के पुलवामा आतंकी हमले सहित कई हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है।

Urban Company का Kent RO पर मानहानि केस, हाई कोर्ट में विज्ञापन हटाने पर बनी बात

Urban Company ने Kent RO Systems के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और ब्रांड को बदनाम करने का मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि Kent RO ने अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया पोस्ट में उसके Native वॉटर प्यूरीफायर को लेकर गलत और भ्रामक दावे किए।

कंपनी ने रविवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मुकदमा 11 अगस्त 2026 को दायर किया गया था।

किस बात पर हुआ विवाद?

Urban Company का कहना है कि Kent RO की विज्ञापन मुहिम में उसके Native M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्यूरीफायर के दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल तक सर्विसिंग की जरूरत नहीं वाले फीचर को निशाना बनाया गया।

कंपनी के मुताबिक Kent RO ने इन दावों को ‘मार्केटिंग गिमिक’ बताया और कहा कि Native वॉटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं के लिए ‘असुरक्षित’ और ‘जोखिम भरा’ है।

Kent RO ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई 12 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान Kent RO ने अदालत से कहा कि वह विवादित विज्ञापन हटा देगा। साथ ही भविष्य में ऐसे विज्ञापन या प्रचार सामग्री भी नहीं चलाएगा, जिसमें दो साल की फिल्टर लाइफ या दो साल तक बिना सर्विसिंग वाले फीचर को लेकर Urban Company के खिलाफ इसी तरह के दावे किए जाएं।

Urban Company के मुताबिक अदालत ने Kent RO को 12 अगस्त से 15 दिनों के भीतर विवादित विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश दिया। अदालत का आदेश 12 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि इसे 22 अगस्त को हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया।

दोनों कंपनियों के बीच और भी कानूनी मामले

Urban Company ने बताया कि दोनों कंपनियों के बीच अन्य कानूनी मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। इनमें Kent RO की ओर से दायर पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा, उस पेटेंट को चुनौती देने वाला Urban Company का जवाबी दावा और Kent RO के खिलाफ दायर टॉर्टियस इंटरफेरेंस का मामला शामिल है।

शेयरों में कैसी रही चाल?

Urban Company का शेयर शुक्रवार को 8.19% चढ़कर ₹157.41 पर बंद हुआ था। इस साल अब तक शेयर करीब 20% चढ़ चुका है। वहीं पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 6% की गिरावट रही है।

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अक्षय खन्ना शादी और बच्चों को ‘लाइफस्टाइल में बहुत बड़े बदलाव’ मानते हैं, बोले- ‘मैं अपनी जिंदगी पर पूरा कंट्रोल चाहता हूं’

मशहूर स्टार अक्षय खन्ना ने खुलकर बताया है कि उन्होंने कभी शादी क्यों नहीं की। उनका कहना है कि बात कमिटमेंट की नहीं, बल्कि शादी के बाद जैसी ज़िंदगी जीनी पड़ती है, उसकी है। 2019 में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में एक्टर ने कहा था कि उन्हें अपनी पर्सनल ज़िंदगी पर अपना कंट्रोल बनाए रखना पसंद है और वे इसे छोड़ना नहीं चाहते।

अक्षय खन्ना ने बताया कि उन्होंने कभी शादी क्यों नहीं की

जब अक्षय से पूछा गया कि क्या वे भविष्य में शादी करने के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वे उस तरह की जिंदगी के लिए सही हैं। उन्होंने कहा कि शादी का मतलब होगा अपनी मौजूदा जीवनशैली में बड़े बदलाव करना और अपनी जिंदगी का कंट्रोल किसी और के साथ शेयर करना।

“मैं खुद को शादी करते हुए नहीं देखता, मैं शादी के लिए सही इंसान नहीं हूं। मैं उस तरह की ज़िंदगी के लिए नहीं बना हूं। यह एक कमिटमेंट है, लेकिन जीवनशैली में बहुत बड़ा बदलाव भी है। शादी सब कुछ बदल देती है। मैं अपनी ज़िंदगी पर पूरा कंट्रोल चाहता हूं। जब आप किसी और के साथ अपनी ज़िंदगी शेयर करते हैं, तो आपका पूरा कंट्रोल नहीं रहता। आपको बहुत सारा कंट्रोल छोड़ना पड़ता है। आप एक-दूसरे की ज़िंदगी शेयर करते हैं।”

एक्टर से यह भी पूछा गया कि क्या शादी का फैसला उनके निजी स्वभाव की वजह से लिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके इस फैसले के पीछे कोई खास घटना या वजह नहीं थी और वे हमेशा से ऐसे ही रहे हैं, बचपन से ही।

उन्होंने बच्चे गोद लेने की बात भी खारिज कर दी

अक्षय से पूछा गया कि अगर वे शादी नहीं करते हैं तो क्या वे बच्चे गोद लेने के बारे में सोचेंगे। उन्होंने वैसा ही जवाब दिया, यह कहते हुए कि वे बच्चों की परवरिश के साथ आने वाली जीवनशैली में बदलाव भी नहीं चाहते। “मैं उस ज़िंदगी के लिए नहीं बना हूं। अपनी ज़िंदगी शेयर करने के लिए। चाहे शादी हो या बच्चे। वह भी आपकी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल देता है।

आपके लिए जो चीजें ज़रूरी होती हैं, वे कम जरूरी हो जाती हैं, क्योंकि बच्चा सबसे ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है। उस तरह के बदलाव ज़िंदगी में आते हैं… और अपनी ज़िंदगी में उस तरह के बदलाव करना मैं नहीं चाहता। मैं समझौता करने को तैयार नहीं हूं। मुझे नहीं लगता कि भविष्य में भी मैं ऐसा करने को तैयार होऊंगा।”

‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के बाद, अक्षय खन्ना ‘इक्का’ में नज़र आए। उनका अगला प्रोजेक्ट ‘महाकाली’ है, जो प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स का हिस्सा है। अक्षय इसमें शुक्राचार्य का किरदार निभा रहे हैं और इसकी पहली झलक 24 अगस्त, 2026 को दिखाई जाएगी।

इमरान के लिए 21 पूर्व क्रिकेट कप्तानों की चिट्ठी:पाकिस्तान सरकार को लिखा- उन्हें सही इलाज दिया जाए; गावस्कर-कपिल के भी दस्तखत

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सही इलाज दिलाने के लिए दुनियाभर के क्रिकेटर आगे आए हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार को पत्र लिखकर वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी है। 23 अगस्त को लिखे गए लेटर में मांग की गई कि इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इमरान की मेडिकल जांच की जाए। लेटर लिखने वालों में भारत के 3, ऑस्ट्रेलिया के 8, इंग्लैंड के 6, वेस्टइंडीज-श्रीलंका के 1-1 और न्यूजीलैंड के 2 पूर्व कप्तान शामिल हैं। क्रिकेटर्स ने ईमेल से लेटर भेजा पूर्व कप्तानों का छह महीने बाद दूसरा लेटर इस पत्र में कहा गया है- ‘छह महीने पहले 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने आपको और पाकिस्तान सरकार को इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और सही मेडिकल इलाज की अपील की थी। हमने तब राजनेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्व साथियों के तौर पर लिखा था। उन्होंने कहा- क्रिकेट मैदान पर बना यह रिश्ता उन सीमाओं और मतभेदों से ऊपर है, जो अक्सर देशों को बांटते हैं। अब हम फिर लिख रहे हैं और इस बार 7 अन्य पूर्व कप्तान भी हमारे साथ हैं। 6 देशों के 21 पूर्व कप्तान, इनमें पाकिस्तान-बांग्लादेश का एक भी नहीं निजी डॉक्टरों को जांंच में शामिल करने को कहा पूर्व कप्तानों ने लिखा- सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में उनके पर्सनल डॉक्टरों और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल करने और परिवार से हर हफ्ते मुलाकात का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के विपरीत राज्य द्वारा नियुक्त टीम ने महज कुछ ही घंटे में उन्हें फिट बताकर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अदियाला जेल वापस भेज दिया।’ इमरान के परिवार और कानूनी टीम ने इसे अदालत के निर्देशों का सीधा उल्लंघन बताया है। वहीं, मामले पर नजर रख रहे पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला नहीं दे रहे, बल्कि निष्पक्षता के लिए गठित मेडिकल बोर्ड को पूरी और स्वतंत्र जांच करने देने की अपील कर रहे हैं। जैक गोल्डस्मिथ ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को पत्र लिखा ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य और इमरान के पूर्व बहनोई जैक गोल्डस्मिथ ने 21 अगस्त को ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पत्र लिखा। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री से इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की। गोल्डस्मिथ ने आरोप लगाया- ‘अगर सार्थक हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो पाकिस्तानी सरकार इमरान खान को सिर्फ इसलिए खत्म कर देगी, क्योंकि जब तक वह जिंदा हैं, वे उनकी सत्ता और भ्रष्टाचार के लिए खतरा हैं।’ गोल्डस्मिथ पहले भी ब्रिटेन की संसद में इमरान की जेल का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने इस्लामाबाद पर ज्यादा कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की थी। ब्रिटेन के मंत्रियों ने कहा है कि पाकिस्तान को बुनियादी आजादी, जेल में मानवीय व्यवहार और उचित मेडिकल इलाज तक पहुंच का सम्मान करना चाहिए। इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच उनके स्वास्थ्य और इलाज को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला अब मानवीय चिंता का विषय बन गया है। हालिया तनाव तब बढ़ा, जब इमरान को कोर्ट के आदेश के बावजूद निजी शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने के बजाय इस्लामाबाद के सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। PTI और पाकिस्तान सरकार ने एक-दूसरे पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दाहिनी आंख की 85% रोशनी जाने का दावा इमरान के स्वास्थ्य में गिरावट के दावों के बीच उनके वकीलों ने फरवरी में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उनकी दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है। इमरान ने अक्टूबर 2025 से आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन वकीलों के मुताबिक जेल अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान सरकार ने उनकी हालत की गंभीरता पर सवाल उठाया है। इमरान के परिवार और वकीलों ने उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान से मिलने और इलाज में उन्हें शामिल करने की मांग की है। इमरान के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी मेडिकल बोर्ड में शामिल करने को कहा है। मेडिकल बोर्ड में कई विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। वे मिलकर इमरान की पूरी जांच करेंगे और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट भी देखेंगे। इसके बाद डॉक्टर पता लगाएंगे कि उन्हें क्या परेशानी है, ब्लड क्लॉट क्यों बन रहा है और आगे कोई खतरा तो नहीं है। जांच के बाद बोर्ड बताएगा कि इमरान को किस इलाज की जरूरत है और उनका इलाज जेल में हो सकता है या अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान से जुड़े विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है। पाकिस्तान की ‘तिहाड़’ है अडियाला जेल अडियाला जेल रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी जेल है। यहां 176 हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक है। 2013 में यहां 67 हाई-प्रोफाइल आतंकवादी समेत करीब 5,000 कैदी बंद थे। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस, रेंजर्स और दूसरी एजेंसियां तैनात की जाती हैं। 2024 में यहां आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, रेंजर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और रेस्क्यू टीम ने जॉइंट मॉक ड्रिल भी की थी। इमरान खान के यहां बंद होने के बाद जेल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा पिकेट और एलीट कमांडो भी तैनात किए गए थे। यानी इसकी तुलना भारत की हाई-सिक्योरिटी तिहाड़ जेल से की जा सकती है। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी लिखें… कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया:भारत के लिए 4 मुकाबले खेले; 25 अगस्त को यूपी लीग में आखिरी मैच खेलेंगे 38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला। पूरी खबर पढ़ें…