अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घटी:सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच 2025-26 में कमी; पिछले साल 3.63 लाख स्टूडेंट गए थे

अमेरिका में 2025-26 सेशन में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घट गई है। यह जानकारी 1,100 से ज्यादा संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-लाभकारी संगठन की रिपोर्ट में सामने आई है। कॉमन ऐप की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में अंडरग्रेजुएट दाखिले के लिए कुल आवेदन बढ़े हैं। हालांकि, 1 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय आवेदकों की संख्या 10% घट गई, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। रिपोर्ट में भारत से आने वाले आवेदकों की संख्या में 15% कमी दर्ज की गई है। अमेरिका में सबसे ज्यादा भारत से स्टूडेंट पढ़ने जाते हैं। अमेरिकी कॉलेजों में छात्रों के रजिस्ट्रेशन घट सकते हैं इससे पहले शिक्षकों के एक संगठन की रिपोर्ट में कहा गया था कि सख्त वीजा नियमों और नीतियों को लेकर अनिश्चितता के कारण Fall 2026 में अमेरिकी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के रजिस्ट्रेशन 1.1 लाख तक घट सकते हैं। NAFSA और रिसर्च फर्म JB International की रिपोर्ट के मुताबिक, Fall 2025-26 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का रजिस्ट्रेशन अनुमानित 11.69 लाख था। इस साल यह घटकर 10.57 लाख रह गया है। अमेरिका में विदेशी छात्रों का 41.77 अरब डॉलर का योगदान 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में भारत से 3.63 लाख से ज्यादा छात्रों ने अलग-अलग कोर्स में दाखिला लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया। 2026-27 में यह आंकड़ा 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। छात्र और विजिटर वीजा के नए नियम जुलाई में अमेरिकी सरकार ने नए नियमों की जानकारी दी थी। इन नियमों के तहत छात्र और विजिटर वीजा के लिए स्टेटस की पारंपरिक अवधि खत्म कर दी गई है और रहने की अवधि चार साल तय की गई है। चार साल की अवधि आमतौर पर किसी अकादमिक कोर्स की अवधि के बराबर होती है। अमेरिका उन विदेशी छात्रों पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाने पर भी विचार कर रहा है, जो ग्रेजुएशन के बाद देश में काम करने के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका H-1B वीजा पर ₹98 लाख वसूलेगा: भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने सोमवार को H-1B वीजा के लिए नया प्रस्ताव जारी किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को हर वीजा के लिए 1,03,265 डॉलर (करीब 98 लाख रुपए) की एक्सट्रा फीस देनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घटी:सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच 2025-26 में कमी; पिछले साल 3.63 लाख स्टूडेंट गए थे

अमेरिका में 2025-26 सेशन में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 15% घट गई है। यह जानकारी 1,100 से ज्यादा संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-लाभकारी संगठन की रिपोर्ट में सामने आई है। कॉमन ऐप की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में अंडरग्रेजुएट दाखिले के लिए कुल आवेदन बढ़े हैं। हालांकि, 1 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय आवेदकों की संख्या 10% घट गई, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। रिपोर्ट में भारत से आने वाले आवेदकों की संख्या में 15% कमी दर्ज की गई है। अमेरिका में सबसे ज्यादा भारत से स्टूडेंट पढ़ने जाते हैं। अमेरिकी कॉलेजों में छात्रों के रजिस्ट्रेशन घट सकते हैं इससे पहले शिक्षकों के एक संगठन की रिपोर्ट में कहा गया था कि सख्त वीजा नियमों और नीतियों को लेकर अनिश्चितता के कारण Fall 2026 में अमेरिकी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के रजिस्ट्रेशन 1.1 लाख तक घट सकते हैं। NAFSA और रिसर्च फर्म JB International की रिपोर्ट के मुताबिक, Fall 2025-26 में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का रजिस्ट्रेशन अनुमानित 11.69 लाख था। इस साल यह घटकर 10.57 लाख रह गया है। अमेरिका में विदेशी छात्रों का 41.77 अरब डॉलर का योगदान 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में भारत से 3.63 लाख से ज्यादा छात्रों ने अलग-अलग कोर्स में दाखिला लिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में 41.77 अरब डॉलर का योगदान दिया। 2026-27 में यह आंकड़ा 38.37 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। छात्र और विजिटर वीजा के नए नियम जुलाई में अमेरिकी सरकार ने नए नियमों की जानकारी दी थी। इन नियमों के तहत छात्र और विजिटर वीजा के लिए स्टेटस की पारंपरिक अवधि खत्म कर दी गई है और रहने की अवधि चार साल तय की गई है। चार साल की अवधि आमतौर पर किसी अकादमिक कोर्स की अवधि के बराबर होती है। अमेरिका उन विदेशी छात्रों पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाने पर भी विचार कर रहा है, जो ग्रेजुएशन के बाद देश में काम करने के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल करना चाहते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका H-1B वीजा पर ₹98 लाख वसूलेगा: भारतीयों पर सबसे ज्यादा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने सोमवार को H-1B वीजा के लिए नया प्रस्ताव जारी किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को हर वीजा के लिए 1,03,265 डॉलर (करीब 98 लाख रुपए) की एक्सट्रा फीस देनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे:इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे, अधिकारी बोले- घूमने आते हैं, फिर शरण मांगते

अमेरिकी सरकार 2 लाख तक विदेशी नागरिकों के बिजनेस और टूरिस्ट वीजा रद्द करने की तैयारी कर रही है। यह कदम लागू हुआ तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ सबसे बड़ी संख्या में वीजा रद्द करने की कार्रवाई होगी। अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में B1 और B2 वीजा रद्द करने की घोषणा कर सकता है। ये वीजा 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए थे और उन लोगों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया है या कर रहे हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ऐसे लोग अमेरिका में कम समय के लिए आने वाले पर्यटक या कारोबारी के तौर पर दाखिल हुए थे, लेकिन बाद में स्थायी रूप से रहने के लिए शरण का आवेदन कर दिया।

वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं कि तुरंत अमेरिका से निकाल दिया जाएगा अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा रद्द होने वाले लोगों की संख्या बताने से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चलेगी, इसलिए संख्या बदल सकती है। वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तुरंत अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा। जिन लोगों के शरण (Asylum) के मामले लंबित हैं, उनकी स्थिति बदली जा सकती है, लेकिन उनका बिजनेस या टूरिस्ट यात्री का दर्जा खत्म हो जाएगा। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका में वीजा नियम कड़े ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने वीजा नियम पहले ही कड़े कर दिए हैं। आवेदकों से सोशल मीडिया की जानकारी मांगी जा रही है, महंगे वीजा बॉन्ड की व्यवस्था की गई है और कुछ देशों के नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगाई गई है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने कहा कि कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा लेकर अमेरिका आते हैं और फिर वहां रहने के लिए asylum का आवेदन करते हैं। उन्होंने कहा कि asylum का इस्तेमाल इमिग्रेशन कानून से बचने के रास्ते के तौर पर नहीं होना चाहिए। पिछले 18 महीनों में 1.75 लाख वीजा रद्द हो चुके B1 वीजा आमतौर पर बिजनेस यात्रा के लिए, जबकि B2 वीजा पर्यटन, परिवार से मिलने या मेडिकल इलाज के लिए जारी किया जाता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन वीजा धारकों में कितने लोग asylum मांग चुके हैं या मांग रहे हैं और कितने लोग प्रस्तावित कार्रवाई से प्रभावित होंगे। पिछले 18 महीनों में अमेरिकी विदेश विभाग करीब 1.75 लाख वीजा रद्द कर चुका है। इनमें अपराध के आरोपी या दोषी लोग और अमेरिकी नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने वाले कुछ लोग भी शामिल हैं। ——————————–

अमेरिका में 2 लाख विदेशियों के वीजा रद्द होंगे:इतिहास में पहली बार एक साथ इतने वीजा कैंसिल होंगे, अधिकारी बोले- घूमने आते हैं, फिर शरण मांगते

अमेरिकी सरकार 2 लाख तक विदेशी नागरिकों के बिजनेस और टूरिस्ट वीजा रद्द करने की तैयारी कर रही है। यह कदम लागू हुआ तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ सबसे बड़ी संख्या में वीजा रद्द करने की कार्रवाई होगी। अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में B1 और B2 वीजा रद्द करने की घोषणा कर सकता है। ये वीजा 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए थे और उन लोगों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया है या कर रहे हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ऐसे लोग अमेरिका में कम समय के लिए आने वाले पर्यटक या कारोबारी के तौर पर दाखिल हुए थे, लेकिन बाद में स्थायी रूप से रहने के लिए शरण का आवेदन कर दिया।

वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं कि तुरंत अमेरिका से निकाल दिया जाएगा अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा रद्द होने वाले लोगों की संख्या बताने से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चलेगी, इसलिए संख्या बदल सकती है। वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तुरंत अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा। जिन लोगों के शरण (Asylum) के मामले लंबित हैं, उनकी स्थिति बदली जा सकती है, लेकिन उनका बिजनेस या टूरिस्ट यात्री का दर्जा खत्म हो जाएगा। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका में वीजा नियम कड़े ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने वीजा नियम पहले ही कड़े कर दिए हैं। आवेदकों से सोशल मीडिया की जानकारी मांगी जा रही है, महंगे वीजा बॉन्ड की व्यवस्था की गई है और कुछ देशों के नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगाई गई है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडो ने कहा कि कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा लेकर अमेरिका आते हैं और फिर वहां रहने के लिए asylum का आवेदन करते हैं। उन्होंने कहा कि asylum का इस्तेमाल इमिग्रेशन कानून से बचने के रास्ते के तौर पर नहीं होना चाहिए। पिछले 18 महीनों में 1.75 लाख वीजा रद्द हो चुके B1 वीजा आमतौर पर बिजनेस यात्रा के लिए, जबकि B2 वीजा पर्यटन, परिवार से मिलने या मेडिकल इलाज के लिए जारी किया जाता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन वीजा धारकों में कितने लोग asylum मांग चुके हैं या मांग रहे हैं और कितने लोग प्रस्तावित कार्रवाई से प्रभावित होंगे। पिछले 18 महीनों में अमेरिकी विदेश विभाग करीब 1.75 लाख वीजा रद्द कर चुका है। इनमें अपराध के आरोपी या दोषी लोग और अमेरिकी नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने वाले कुछ लोग भी शामिल हैं। ——————————–

नेतन्याहू बोले- ईरान ने बेटे की हत्या की कोशिश की:हमें मिली सिक्योरिटी एशोआराम के लिए नहीं, विपक्ष ने सवाल उठाए थे

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश की। उन्होंने यह बात सरकार समर्थक चैनल 14 को फोन पर दिए इंटरव्यू में कही। नेतन्याहू चुनाव से पहले अपने परिवार और दूसरे राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बात कर रहे थे। नेतन्याहू ने कहा, उन्हें दी जा रही सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है। नेतन्याहू के दो बेटे याइर और अवनर हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उनके दोनों बेटों में से किसे निशाना बनाया गया था। हत्या की कोशिश कब और कैसे की गई। नेतन्याहू अगला चुनाव हारे, तब भी मिलेगी सुरक्षा दरअसल इजराइल में कई महीनों से नेतन्याहू के परिवार के सदस्यों और राजनीतिक नेताओं को दी जा रही सुरक्षा पर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने नेतन्याहू की पत्नी सारा और उनके दोनों बेटों के लिए सुरक्षा बढ़ाने को मंजूरी दी है। यह सुरक्षा उन्हें नेतन्याहू के आगामी चुनाव हारने की स्थिति में भी मिलेगी। अगला चुनाव दो महीने में है। अवनर इजराइल में रहते हैं, जबकि याइर पिछले कुछ सालों से ज्यादातर मियामी में रह रहे हैं। याइर दक्षिणपंथी विचारों वाली अपनी टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कथित हत्या की साजिश की जानकारी इजराइल के सुरक्षा अधिकारियों को कई महीनों से थी। हालांकि, सैन्य सेंसर ने इसके प्रकाशन पर रोक लगा दी थी। नेतन्याहू परिवार की सुरक्षा पर विवाद क्या है इजरायल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार को सुरक्षा मिलती है। विवाद तब बढ़ा, जब सारा नेतन्याहू और उनके दोनों वयस्क बेटों याएर व अवनर की सुरक्षा लंबे समय तक जारी रखने का फैसला हुआ। जुलाई 2026 में एक मंत्रीस्तरीय समिति ने नेतन्याहू और सारा को जीवनभर, जबकि दोनों बेटों को कम से कम 5 साल सुरक्षा देने का फैसला किया। आलोचकों का कहना है कि सुरक्षा की अवधि पहले से तय करने के बजाय वास्तविक खतरे के आधार पर समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। बड़ा विवाद याइर नेतन्याहू की विदेश में सुरक्षा को लेकर है। वह अमेरिका के मियामी में रहते हैं, फिर भी उन्हें शिन बेट के सुरक्षाकर्मी मिलते हैं। 2018-2023 के बीच याएर, अवनर और सारा की सुरक्षा पर करीब 32 मिलियन शेकेल खर्च होने की जानकारी सामने आई थी। याइर को विदेश में निजी छुट्टियों के दौरान भी सुरक्षा मिलने पर सवाल उठे। आलोचकों का कहना है कि दोनों बेटे वयस्क हैं और विदेश में रहने वाले बेटे की महंगी सुरक्षा का खर्च इजरायली करदाताओं पर पड़ रहा है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन: कहा- जो देश बिजनेस करेंगे, उन पर भी कार्रवाई अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग के क्षेत्र शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…

Stocks to Watch: 25 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 25 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों के शेयर खबरों की वजह से फोकस में रह सकते हैं। इनमें डील, बड़े ऑर्डर, OFS, फंड जुटाने और मैनेजमेंट बदलाव से जुड़ी खबरें शामिल हैं। आइए जानते हैं किन 12 शेयरों पर खास नजर रहेगी।

Hindustan Copper

सरकारी कॉपर कंपनी Hindustan Copper में सरकार OFS के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। इसमें 3% की बेस हिस्सेदारी और 3% का ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है। OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर रखा गया है।

TCS

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने Porsche AG की 100% हिस्सेदारी वाली MHP को खरीदने की मंजूरी दी है। यह सौदा करीब 320 मिलियन यूरो का है। इसके अलावा Porsche ने TCS और MHP के साथ 5 साल का 1.25 बिलियन यूरो का समझौता किया है।

Suzlon Energy

विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Energy आंध्र प्रदेश में 1,325 MW के नए विंड प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना बना रही है। ये प्रोजेक्ट अनंतपुर जिले के Rayadurg विधानसभा क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इससे राज्य में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक ICICI Bank ने अपने IFSC Banking Unit के जरिए 5 साल के $1 बिलियन के सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की कीमत तय की है। इन डेट सिक्योरिटीज को S&P Global Ratings ने ‘BBB’ रेटिंग दी है।

Ceigall India

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी Ceigall India को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से करीब ₹704.70 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर अरुणाचल प्रदेश में Frontier Highway के निर्माण से जुड़ा है।

Lenskart

आईवियर और रिटेल कंपनी Lenskart में अगले 2-3 दिनों में करीब ₹2,800-2,900 करोड़ की ब्लॉक डील की खबर है। सूत्रों के मुताबिक Alfa अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकता है। Alfa के पास कंपनी में करीब 3.4% हिस्सेदारी बताई गई है।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank के बोर्ड ने 1 बिलियन डॉलर तक रकम जुटाने की मंजूरी दी है। बैंक इस रकम का इस्तेमाल अपनी जरूरतों और कारोबार को आगे बढ़ाने में कर सकता है।

Afcons Infrastructure

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Afcons Infrastructure को Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority से जुड़े मामले में ₹335.50 करोड़ का Arbitral Award मिला है। मध्यस्थता प्रक्रिया के बाद फैसला कंपनी के पक्ष में आया है।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने सिंगापुर में अपनी नई Wholly Owned Subsidiary बनाई है। इसका नाम CIL Global है। यह कंपनी दूसरे देशों में Critical Minerals से जुड़े कारोबारी अवसर तलाशेगी।

Great Eastern Shipping

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping के बोर्ड की 27 अगस्त को बैठक होगी। इसमें कंपनी के शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। फिलहाल यह सिर्फ प्रस्ताव पर विचार करने की जानकारी है। अंतिम फैसला बोर्ड की बैठक में होगा।

HEG

ग्रेफाइट और इलेक्ट्रिकल कार्बन प्रोडक्ट कंपनी HEG ने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। Riju Jhunjhunwala को 1 सितंबर 2026 से CEO बनाया गया है। वहीं Neha Rajvanshi को CFO नियुक्त किया गया है। दोनों नियुक्तियों के कारण शेयर पर नजर रह सकती है।

Brigade Hotel Ventures

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Brigade Hotel Ventures ने Vinay Gupta को नया CEO नियुक्त किया है। यह नियुक्ति शेयर बाजार बंद होने के बाद सामने आई। मैनेजमेंट में बदलाव के बाद निवेशकों की नजर कंपनी की आगे की रणनीति पर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sawan Purnima 2026: जीवन में लाना चाहते हैं सुख-समृद्धि तो सावन के अंतिम दिन करें ये 7 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से नहीं होगी किसी चीज की कमी

Sawan Purnima 2026: सावन का महीना अब समापन की ओर बढ़ रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तर भारत में मुख्य रूप से प्रचलित पूर्णिमान्त कैलेंडर में श्रावण मास का समापन श्रावण पूर्णिमा के दिन होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इसी दिन ब्राह्मण और द्विज समाज के लोग पुराना यज्ञोपवीत उतार कर नया धारण करते हैं। साथ ही, श्रावण पूर्णिमा को ‘विश्व संस्कृत दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है।

सावन पूर्णिमा के दिन सिर्फ रक्षाबंधन का पर्व ही नहीं, गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत और नारली पूर्णिमा भी मनाई जाती है। इस साल सावन का अंतिम दिन और भी खास है, क्योंकि इस दिन चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण से इसका यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें, हर हिंदू माह में पूर्णिमा का दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी खास माना जाता है। सावन की पूर्णिमा पर भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन को जीवन में खुशहाली और सुख समृद्धि लाने के लिए बेहद अहम माना जाता है। अगर आप इस दिन कुछ खास उपाय करते हैं तो घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

कब है श्रावण पूर्णिमा 2026?

सावन महीना 28 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है। इस दिन श्रावण पूर्णिमा है, जो 27 अगस्त 2026 की सुबह 09:08 बजे से 28 अगस्त 2026 की सुबह 09:48 बजे तक रहेगी।

सावन पूर्णिमा के उपाय

  • श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा जरूर करें, उन्हें मखाने की खीर का भोग लगाएं। साथ ही कनकधारा स्तोत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कहते हैं ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।
  • सावन के आखिरी दिन मां लक्ष्मी के चरणों में 5 साबुत पीली कौड़ियां और थोड़ा अक्षत अवश्य चढ़ाएं। पूजा के बाद इन कौड़ियों और चावल को एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। मान्यता है इस उपाय को करने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
  • सावन के अंतिम दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल भी जरूर चढ़ाएं। इसके बाद शिवजी को बेलपत्र और शमी के पत्ते चढ़ाएं। मान्यता है कि सावन के आखिरी दिन भक्तिभाव से यह उपाय करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • सावन के अंतिम दिन यानी श्रावण पूर्णिमा की रात में चंद्र देव की पूजा भी जरूर करें। रात में चांदी के पात्र में साफ जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, अक्षत और सफेद फूल मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र को 3 बार जरूर बोलें। मंत्र है ‘ॐ चंद्राय नमः’।
  • सावन के आखिरी दिन पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। कहते हैं इससे सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
  • सावन के अंतिम दिन किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को तिल, सफेद वस्त्र, चावल, दूध या भोजन का दान जरूर करें। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने नई डिफेंस कंपनी में 34% हिस्सेदारी खरीदी, वैज्ञानिक वीके सारस्वत करेंगे अगुवाई

Apollo Micro Systems: डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems ने नई रक्षा तकनीक कंपनी ShauryAstra Defence Systems में 34% हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने इसके लिए ₹34,000 का निवेश किया है। ShauryAstra का फोकस ऐसी रक्षा तकनीकों पर रहेगा, जिनकी जरूरत भारतीय सेना को है, लेकिन अभी उनके स्वदेशी समाधान उपलब्ध नहीं हैं।

ShauryAstra में 34% हिस्सेदारी

Apollo Micro Systems ने ShauryAstra के 3,400 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इस निवेश के बाद ShauryAstra में Apollo Micro Systems की हिस्सेदारी 34% हो गई है।

ShauryAstra को 21 अगस्त 2026 को शामिल किया गया था। अब यह Apollo Micro Systems की एसोसिएट कंपनी बन गई है।

डॉ. वी.के. सारस्वत का मिलेगा अनुभव

नई कंपनी का वैज्ञानिक नेतृत्व डॉ. वी.के. सारस्वत करेंगे। वह DRDO के पूर्व महानिदेशक और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। वह रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे हैं।

डॉ. सारस्वत भारत के कई बड़े रक्षा कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। इनमें पृथ्वी, धनुष, प्रहार और अग्नि-5 मिसाइल कार्यक्रम शामिल हैं। वह भारत के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम, तेजस और INS अरिहंत से भी जुड़े रहे हैं।

फोकस होगा अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर

ShauryAstra संपूर्ण हथियार प्रणालियों, लंबी दूरी की प्रणालियों और मानव रहित प्लेटफॉर्म्स पर काम करेगी। कंपनी का फोकस एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करने पर रहेगा।

खास बात यह है कि कंपनी सिर्फ मौजूदा जरूरतों पर काम नहीं करेगी। वह भविष्य के युद्धक्षेत्र में आने वाली तकनीकी जरूरतों और संभावित कमियों की भी पहचान करेगी।

Apollo की मौजूदा क्षमता का मिलेगा फायदा

Apollo Micro Systems पिछले चार दशक से डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में है। कंपनी मिशन-क्रिटिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स, रग्ड कंप्यूटिंग, फ्यूज, एक्ट्यूएटर्स और वेपन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

ShauryAstra रिसर्च और सिस्टम डिजाइन पर ज्यादा फोकस करेगी। वहीं Apollo Group की इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता का इस्तेमाल उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।

कंपनी का लक्ष्य क्या है?

Apollo Micro Systems अब सिर्फ कंपोनेंट और सबसिस्टम बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी संपूर्ण स्वदेशी हथियार प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स के विकास में बड़ी भूमिका बनाना चाहती है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. करुणाकर रेड्डी के मुताबिक ShauryAstra इसी दिशा में अगला कदम है। यह पहल भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के मुताबिक भी है।

Apollo Micro Systems के शेयर NSE पर 0.14% गिरकर ₹384 प्रति शेयर पर बंद हुए।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sugar Price: अगले 7 दिनों में चीनी की बढ़ती कीमतें क्या करवट लेंगी? ISMA ने पैनिक बाइंग को लेकर ये जानकारी दी

Sugar Price in India: देश में चीनी की बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। त्योहारों का मौसम होने की वजह से लोग पहले ही खर्चों से घिरे हैं और ऊपर से ये कीमतें उन्हें और परेशान कर रही हैं। इस बीच चीनी उद्योग की सर्वोच्च संस्था इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का बड़ा बयान सामने आया है। इसमा ने स्पष्ट किया है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है और घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता सामान्य है। संस्था का अनुमान है कि सरकार द्वारा बिना शुल्क आयात की अनुमति देने और व्यापारियों व थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक होल्डिंग लिमिट लागू करने के फैसलों के बाद अगले कुछ दिनों में चीनी के खुदरा दामों में गिरावट देखने को मिलेगी।

खुदरा कीमतों का मौजूदा गणित और बाजार का हाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश भर में चीनी की औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। ये एक महीने पहले 48.73 रुपये किलोग्राम थी। यानी एक महीने में चीनी की कीमतों में करीब 29 फीसदी इजाफा देखा गया है। सोमवार को चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया जबकि इसका मॉडल प्राइस 65 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इसमा अध्यक्ष नीरज शिरगावकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कीमतों में आई यह तेजी किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई कारणों के एक साथ आने से हुई है। इसमें व्यापारियों और थोक खरीदारों द्वारा की गई सट्टा खरीदारी (पैनिक बाइंग) और अनुमान से कम उत्पादन मुख्य वजहें हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत के पास चीनी की कोई कमी नहीं है और देश में उत्पादन और स्टॉक की स्थिति बुनियादी रूप से बेहद मजबूत है।

सट्टा खरीदारी और पैनिक बाइंग ने बनाई आर्टिफिशियल कमी

इसमा अध्यक्ष ने बताया कि कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सट्टा खरीदारी रही। कारोबारियों के एक वर्ग ने बाजार में चीनी की सप्लाई की किल्लत का भ्रामक माहौल पैदा किया। इसके जवाब में बड़े थोक खरीदारों ने डेढ़ दो महीने का अडवांस स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया।

नीरज शिरगावकर ने कहा कि इस सट्टा खरीदारी की वजह से चीनी बाजार में सर्कुलेशन से बाहर होकर गोदामों में बंद हो गई। इसी वजह से बाजार में एक आर्टिफिशियल तंगी की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग पर ex-mill कीमतें बढ़ाने या कृत्रिम किल्लत पैदा करने का आरोप लगाना गलत है। हालांकि कुछ मिलों द्वारा स्टॉक रोके जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी जांच सरकार कर रही है।

देश में उत्पादन, खपत और ओपनिंग स्टॉक का आंकड़ा भी जानिए

मार्केटिंग वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) में एथेनॉल के लिए इस्तेमाल की गई चीनी को घटाने के बाद देश का शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है। इस सीजन की शुरुआत में 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक मौजूद था। देश में चीनी की वार्षिक घरेलू मांग लगभग 280 से 285 लाख टन है। ये भी जानना जरूरी है कि सरकार द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले देश से 8 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका था।

इसमा का अनुमान है कि सितंबर के अंत में देश के पास लगभग 35 लाख टन का क्लोजिंग स्टॉक बचेगा। एथेनॉल में डाइवर्ट की गई चीनी का हिसाब लगाने के बाद भी यह क्लोजिंग स्टॉक सामान्य घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एक काफी सेफ बफर है। मौसम के असर, कम पैदावार और महाराष्ट्र में पेराई दर और उत्तर प्रदेश में रेड-रॉट की समस्या की वजह से इस सीजन में ग्रॉस चीनी उत्पादन (एथेनॉल डाइवर्जन से पहले) प्रारंभिक अनुमान 345 लाख टन से घटकर 309 लाख टन रह गया।

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्चे चीनी (रॉ शुगर) के बिना शुल्क आयात की अनुमति दी है और डीलरों तथा थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमा तय की है। इसमा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का यह कदम बाजार में घबराहट को रोकने और सेंटिमेंट को स्टेबल करने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम है। इससे ये नहीं समझा जाना चाहिए कि चीनी की किल्लत है। संस्था ने मांग की है कि व्यापारियों के लिए मौजूदा 400 टन की स्टॉक सीमा को घटाकर 200 टन किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक ये फैसले लेने के बाद पिछले कुछ दिनों में चीनी की एक्स मिल कीमतों में गिरावट आई है। दो प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में एक्स मिल कीमतें फिलहाल 55 से 56 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई हैं। आने वाले दिनों में खुदरा दामों में भी और नरमी आने की पूरी उम्मीद है।

एथेनॉल डाइवर्जन और नए पेराई सीजन की तैयारी

इसमा अध्यक्ष ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि एथेनॉल बनाने के लिए चीनी का उपयोग किए जाने की वजह से कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम खाने योग्य चीनी के साथ कंपीटिशन नहीं कर रहा है और न ही यह कीमत बढ़ने के लिए जिम्मेदार है। इस वर्ष तीसरी तिमाही तक लगभग 29 लाख टन चीनी एथेनॉल के लिए डाइवर्ट की गई है और पूरे सीजन में यह आंकड़ा 30 लाख टन रहने की उम्मीद है। ये ऐतिहासिक रूप से 20 से 40 लाख टन के दायरे में ही है। इसके अलावा 2025-26 में एथेनॉल आपूर्ति में चीनी क्षेत्र की हिस्सेदारी घटकर 25 प्रतिशत रह गई है। इसका बड़ा हिस्सा अनाज क्षेत्र से आ रहा है।

अक्टूबर से शुरू होने वाले अगले मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ISMA और NFCSF पेराई सत्र की शुरुआत को 10 से 15 दिन पहले करने पर काम कर रहे हैं। तमिलनाडु और कर्नाटक में विशेष पेराई पहले से ही जारी है। नए सीजन की जल्दी शुरुआत और आयातित चीनी के आने से अक्टूबर में चीनी का उत्पादन बढ़कर लगभग 10 लाख टन होने की उम्मीद है (जो सामान्यतः 4 लाख टन रहता है)। इससे त्योहारों के सीजन में मांग के पीक पर रहने के दौरान बाजार में नई आपूर्ति उपलब्ध हो जाएगी। आयातित रॉ शुगर अक्टूबर तक भारत पहुंचने की संभावना है।

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School Holiday Tomorrow: क्या कल बंद रहेंगे स्कूल? जानें यूपी, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर पर क्या है ताजा अपडेट

School Holiday Tomorrow: देश के कई हिस्सों में मॉनसून के एक बार फिर तेज होने की खबरें आ रही हैं। कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से, अभिभावक और छात्र दुविधा में हैं कि मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को स्कूल बंद रहेंगे या नियमित क्लास चलती रहेंगी।

क्या 25 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे?

अभी 25 अगस्त को स्कूल बंद करने का कोई एक देशव्यापी ऑर्डर नहीं है। खराब मौसम की वजह से स्कूल की छुट्टियां आम तौर पर स्थानीय स्तर पर तय की जाती हैं। अगर भारी बारिश, बाढ़ या पानी भरने से खतरनाक हालात बनते हैं, तो जिलाधिकारी या स्थानीय प्रशासन छुट्टी का ऐलान कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को ताजा जानकारी के लिए अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस, वेबसाइट या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से मिली जानकारी देखनी चाहिए।

25 अगस्त मौसम का अनुमान

मौसम के ताजा अनुमान के मुताबिक, 25 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर : आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है, सुबह से शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए अभी कोई बड़ा रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश : पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार और झारखंड : 25 और 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर बारिश होने की उम्मीद है, कुछ इलाकों में भारी बौछारें और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश और पानी भरने से कई शहरों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है।

अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए?

अक्सर बारिश की वजह से स्कूल खुले या बंद होने को लेकर भ्रम हो सकता है। खासकर जब सोशल मीडिया पर जानकारी तेजी से फैलती है। अभिभावकों और छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए : असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेज के आधार पर फैसला लेने से बचें। माता-पिता को अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के अनाउंसमेंट को फॉलो करना चाहिए।

अगर आपके इलाके में भारी बारिश हो रही है या पानी भर गया है, तो स्कूल जाने से पहले मौसम और सड़क की हालत देख लें। जब तक स्कूल या लोकल एडमिनिस्ट्रेशन छुट्टी का ऐलान न करे, स्टूडेंट्स को स्कूल के रेगुलर इंस्ट्रक्शन्स मानने चाहिए।

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