Quality Power Q1 Results: मुनाफा 47% बढ़ा, ऑर्डर बुक दमदार; डिविडेंड का भी ऐलान

Quality Power Q1 Results: पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Quality Power Electrical Equipments ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं।

कंपनी का एडजस्टेड कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर 54.5 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में 37.1 करोड़ रुपये था। वहीं, रेवेन्यू 32% बढ़कर 256.4 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 194.1 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

क्वालिटी पावर का एडजस्टेड EBITDA 50% बढ़कर 72.5 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 25% से बढ़कर 28.3% पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि एडजस्टेड आंकड़ों में तुर्की के कारोबार पर Ind AS 29 के तहत दर्ज 7.82 करोड़ रुपये के गैर-नकद (Non-Cash) नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।

रिपोर्टेड आधार पर EBITDA 64.7 करोड़ रुपये, EBITDA मार्जिन 25.2%, जबकि शुद्ध मुनाफा 46.7 करोड़ रुपये और PAT मार्जिन 18.2% रहा।

ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट पर फोकस

30 जून 2026 तक क्वालिटी पावर की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक 1,945.5 करोड़ रुपये रही, जो FY26 की कुल रेवेन्यू का करीब 1.9 गुना है। तिमाही के दौरान कंपनी को 104.9 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। इनमें अमेरिका के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए हाई-वोल्टेज रिएक्टर, जापान में FACTS सिस्टम और Hitachi Energy India से 400 kV इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर के ऑर्डर शामिल हैं।

सांगली प्लांट में उत्पादन की तैयारी

क्वालिटी पावर के सांगली प्लांट में क्षमता विस्तार का काम जारी है। मशीनों की स्थापना की जा रही है और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अगस्त में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। चेयरमैन और एमडी पीटी पांडियन ने कहा कि हाई-वोल्टेज और एनर्जी ट्रांजिशन सॉल्यूशंस की मजबूत मांग के चलते कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की अच्छी शुरुआत की है।

डिविडेंड और शेयर का हाल

क्वालिटी पावर ने FY27 के लिए 0.25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश देने की भी घोषणा की है।

कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 3.63% की गिरावट के साथ 1115 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 37.56% चढ़ा है। 1 साल में इसने 41.77% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 8.64 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RBI का बड़ा फैसला: लोन की EMI चूकने पर नियम बदले, जानिए बैंक क्या कर सकते हैं और क्या नहीं

RBI loan recovery rules: अगर आपने पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन की EMI नहीं चुकाई है, तो भी बैंक आपका मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट लॉक नहीं कर सकेंगे। RBI ने साफ कर दिया है कि ऐसा सिर्फ उसी स्थिति में हो सकता है, जब उसी डिवाइस को खरीदने के लिए बैंक ने लोन दिया हो। इसमें भी कुछ शर्तें रहेंगी।

बैंकों और रिकवरी एजेंटों की सख्त वसूली, उत्पीड़न और ग्राहकों के डेटा के गलत इस्तेमाल की शिकायतों के बाद RBI ने यह फैसला लिया है। RBI ने 6 अगस्त 2026 को नए नियम जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

कब लॉक हो सकता है डिवाइस?

अगर बैंक ने उसी मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की खरीद के लिए लोन दिया है, तभी उस पर पाबंदी लगाई जा सकती है। लेकिन यह भी तुरंत नहीं होगा।

RBI के मुताबिक, पहले बैंक को नोटिस देना होगा। अगर नोटिस के बाद भी 30 दिन तक किस्त नहीं चुकाई जाती, तभी सीमित पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। पूरी तरह लॉक करने की कार्रवाई 60 दिन बाद ही हो सकेगी और वह भी तभी, जब इसकी शर्त लोन एग्रीमेंट में हो।

जरूरी सुविधाएं बंद नहीं होंगी

बैंक किसी भी हाल में इनकमिंग कॉल, SMS और इमरजेंसी SOS जैसी जरूरी सुविधाएं बंद नहीं कर सकेंगे। यानी जरूरत पड़ने पर आप इनका इस्तेमाल करते रहेंगे।

रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे परेशान

RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। वे गाली-गलौज नहीं कर सकते। धमकी नहीं दे सकते। सोशल मीडिया पर बदनाम नहीं कर सकते। रिश्तेदारों, दोस्तों या सहकर्मियों पर दबाव डालने के लिए संपर्क भी नहीं कर सकते।

निजी डेटा भी रहेगा सुरक्षित

बैंक या उनकी थर्ड पार्टी एजेंसियां आपके फोन का निजी डेटा नहीं देख सकेंगी। कॉन्टैक्ट्स, SMS, कॉल लॉग, फोटो और लोकेशन हिस्ट्री जैसी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी हालत में लोन वसूली के लिए नहीं किया जा सकेगा।

इसका मतलब क्या है?

इन नियमों का मतलब यह नहीं है कि लोन माफ हो गया। EMI नहीं चुकाने पर ब्याज लगेगा, क्रेडिट स्कोर खराब होगा और बैंक कानूनी तरीके से वसूली कर सकेंगे। लेकिन अब वे ग्राहकों को डराने या उनकी निजी डिवाइस और डेटा का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Q1 Results: बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन का घाटा कम हुआ, रेवेन्यू 40% बढ़ा; नया प्लांट लगाने का प्लान

BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही में 56.35 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के घाटे में बड़ी कमी

कंपनी का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.96 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 2.29% से बढ़कर 7.93% पर पहुंच गया। कंपनी ने इसका श्रेय बेहतर ऑपरेशनल, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को दिया है।

क्षमता विस्तार पर जोर

तिमाही के दौरान BigBloc Construction ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इसमें ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। कंपनी का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जो पिछले साल 53% था। इसके अलावा समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।

इंदौर में बनेगा सबसे बड़ा AAC प्लांट

BigBloc ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। यहां भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। मानसून के बाद इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना का ऑर्डर भी मिला है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में उसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी के CFO मोहित साबू ने कहा कि BigBloc अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का फोकस क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, वितरण नेटवर्क और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mirzapur The Movie: किंग, प्रिंस और शेर की फिर होने जा रही है वापसी, ‘मिर्जापुर द मूवी’ के ट्रेलर से पहले मेकर्स ने जारी किए नए पोस्टर्स

Mirzapur The Movie: साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। फिल्म के मेकर्स ने चार नए और दमदार पोस्टर जारी किए हैं, जिनमें फ्रेंचाइज़ी के कुछ सबसे लोकप्रिय किरदार नजर आ रहे हैं—कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), मुन्ना भैया (दिव्येंदु), गुड्डू पंडित (अली फज़ल) और बबलू पंडित (जितेंद्र कुमार)।

बहुप्रतीक्षित ट्रेलर 11 अगस्त 2026 को रिलीज होने वाला है। इससे पहले जारी किए गए इन नए पोस्टर्स ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को बड़े पर्दे पर वापस लाने के साथ ये पोस्टर उन किरदारों की वापसी दिखाते हैं, जो इस फ्रेंचाइज़ी की पहचान बन चुके हैं। मिर्जापुर के किंग, प्रिंस और शेर एक बार फिर एक्शन में नजर आ रहे हैं, जिससे फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

ये नए कैरेक्टर पोस्टर ट्रेलर लॉन्च से सिर्फ दो दिन पहले जारी किए गए हैं, जिससे फिल्म के बड़े ट्रेलर लॉन्च की तैयारी और भी खास हो गई है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ पहली बार सीरीज़ की लोकप्रिय दुनिया को सिनेमाघरों तक लेकर आ रही है। ऐसे में ट्रेलर दर्शकों को फिल्म की कहानी, बड़े पैमाने पर होने वाले संघर्ष और ड्रामा की पहली झलक दिखाने वाला है।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ दर्शकों को सीज़न 1 की दुनिया में वापस लेकर जाएगी। फिल्म में फ्रेंचाइज़ी के कई लोकप्रिय किरदार एक साथ नजर आएंगे, जिनमें गुड्डू पंडित, मुन्ना भैया और कालीन भैया शामिल हैं।

फिल्म में जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंगशा बिस्वास, शाजी चौधरी, सतेंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज़ और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। फिल्म की कहानी और लेखन पुनीत कृष्णा ने किया है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले फिल्म का निर्माण किया है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी फिल्म के सह-निर्माता हैं।

11 अगस्त को ट्रेलर लॉन्च होने के बाद ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म हिंदी और तेलुगु भाषा में दर्शकों के बीच आएगी।

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

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ट्रेन टिकट बुकिंग में होने वाला है ऐतिहासिक बदलाव! अब चंद सेकंड में यात्रियों को मिलेगा टिकट, रेलवे का नया PRS सिस्टम मचाएगा तहलका

Indian Railways Reservation System: इंडियन रेलवे ट्रेन टिकट बुकिंग को आधुनिक बनाने और यात्रियों के लिए रिजर्वेशन को तेज एवं सुविधाजनक बनाने के लिए एक नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) शुरू करने जा रहा है। सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा विकसित PRS लगभग चार दशकों से रेलवे रिजर्वेशन की रीढ़ रहा है। 1986 में शुरू किए गए इस सिस्टम ने पुराने मैनुअल रिजर्वेशन सिस्टम की जगह ली थी।

तब से यह ऑनलाइन और मोबाइल टिकट बुकिंग को सपोर्ट करने के लिए विकसित हुआ है। मई में राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने घोषणा की थी कि 40 साल पुराने PRS (Passenger Reservation System) सिस्टम को अगस्त से शुरू करके चरणों में अपग्रेड किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नए सिस्टम के लागू होने के बाद टिकट बुकिंग, सीट उपलब्धता, वेटिंग लिस्ट, RAC और यात्रियों की पूछताछ से जुड़ी सेवाओं में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। सबसे खास बात यह है कि नया PRS मौजूदा सिस्टम की तुलना में कई गुना ज्यादा टिकट बुकिंग का दबाव संभाल सकेगा। रेलवे के मुताबिक, नया सिस्टम एक मिनट में 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग संभालने में सक्षम होगा।

जबकि मौजूदा सिस्टम की क्षमता करीब 32,000 टिकट प्रति मिनट बताई गई है। इसी सिस्टम के जरिए टिकट बुकिंग, टिकट कैंसिलेशन, सीट अलॉटमेंट, वेटिंग लिस्ट, RAC, रिजर्वेशन चार्ट और यात्रियों की पूछताछ जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित होती हैं। अब रेलवे इस पुराने सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से नई तकनीक वाले PRS से बदलने की तैयारी कर रहा है।

भारी ट्रैफिक को संभालने की क्षमता

तत्काल टिकट के समय IRCTC वेबसाइट पर अचानक बढ़ने वाले भारी ट्रैफिक को संभालने में नया सिस्टम पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सक्षम हो सकता है। Indianexpress.com से बात करते हुए रेलवे बोर्ड के पब्लिक रिलेशंस (PR) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि नए सिस्टम में चरणबद्ध तरीके से बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में लॉन्च की गई IRCTC बीटा वेबसाइट इसी बदलाव का हिस्सा है।

अधिकारी ने कहा कि यह बदलाव धीरे-धीरे किया जाएगा। पुराने PRS को पूरी तरह से बदलने से पहले नए सिस्टम का अलग-अलग यूजर लोड स्तरों पर चरणों में टेस्ट किया जाएगा। अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “नए यूजर-फ्रेंडली लुक और फील को चरण-दर-चरण लागू करने में लोड-आधारित टे्ट शामिल होगा, क्योंकि हम पुराने PRS से नए PRS की ओर बढ़ रहे हैं।”

भारतीय रेलवे में अभी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम क्या है?

PRS एक कंप्यूटराइज्ड सिस्टम है जिसका उपयोग भारतीय रेलवे रिजर्व-टिकटों के मैनेज के लिए करता है। यह यात्रियों को टिकट बुक करने, बदलने और रद्द करने की सुविधा देता है। साथ ही सीट आवंटन, वेटलिस्ट, RAC स्टेटस, रिजर्वेशन चार्ट और यात्री पूछताछ को भी संभालता है। यह सिस्टम रेलवे रिजर्वेशन सेंटरों को ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ता है। इससे टिकट रिजर्वेशन की प्रक्रिया आसान और अधिक कुशल हो जाती है।

PRS ने रेलवे टिकट बुकिंग को कैसे बदला?

PRS ने मैनुअल रिजर्वेशन रजिस्टर और काउंटर-आधारित बुकिंग की जगह एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम ले लिया। जैसे-जैसे रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ। यह एक राष्ट्रव्यापी रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म बन गया। इससे यात्री कंट्री-वाइड नेटवर्क फॉर कंप्यूटराइज्ड एन्हांस्ड रिजर्वेशन एंड टिकटिंग (CONCERT) के माध्यम से देश भर में अलग-अलग जगहों से ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं।

फिलहाल यात्री रेलवे रिजर्वेशन काउंटर, वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से रिजर्वेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के साथ-साथ RailOne ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है। इससे यात्री कहीं से भी टिकट बुक कर सकते हैं।

अगस्त से शुरू हुआ बदलाव, धीरे-धीरे होगा पूरा माइग्रेशन

रेलवे ने मई में घोषणा की थी कि करीब चार दशक पुराने PRS को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा। इसका काम अगस्त से शुरू किया जाएगा। धर्मेंद्र तिवारी के मुताबिक, नए सिस्टम की ओर माइग्रेशन शुरू हो चुका है। रेलवे इसे एक साथ पूरी तरह बदलने के बजाय धीरे-धीरे और अलग-अलग चरणों में लागू कर रहा है।

पहले नए सिस्टम को अलग-अलग स्तर के यूजर लोड पर टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद जैसे-जैसे सिस्टम स्थिर और सक्षम साबित होगा। फिर पुराने PRS से नए PRS की ओर माइग्रेशन बढ़ाया जाएगा। रेलवे के मुताबिक, नए सिस्टम के यूजर इंटरफेस और सुविधाओं को भी धीरे-धीरे बेहतर बनाया जा रहा है।

तत्काल टिकट वालों को मिल सकता है सबसे बड़ा फायदा

ट्रेन यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर होती है। टिकट विंडो खुलते ही लाखों लोग एक साथ बुकिंग की कोशिश करते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट या ऐप पर दबाव बढ़ जाता है। IRCTC के अनुसार, 15 जुलाई को बीटा वेबसाइट लॉन्च होने के बाद टिकट बुकिंग की स्पीड में सुधार देखने को मिला।

महीने के पहले और दूसरे पखवाड़े की तुलना में पहले तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली तत्काल टिकट बुकिंग में 5 प्रतशित से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पांच मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में करीब 3 फीसदी और 30 मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।

प्रति मिनट 1.5 लाख की होगी बुकिंग

रेल मंत्रालय के अनुसार, अपग्रेड किया गया PRS प्रति मिनट 1.5 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग संभाल सकेगा। जबकि मौजूदा सिस्टम में यह क्षमता लगभग 32,000 टिकट की है। यह प्रति मिनट 40 लाख से ज्यादा पूछताछ को भी प्रोसेस करेगा। जबकि अभी यह संख्या लगभग 4 लाख है। नए सिस्टम में टिकट बुकिंग और पूछताछ के लिए कई भाषाओं वाला और इस्तेमाल में आसान इंटरफेस होगा। इसे रेलवे रिजर्वेशन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ज्यादा स्केलेबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और भरोसेमंदता देने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है।

नए सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसकी क्षमता होगी

रेल मंत्रालय के अनुसार:-

मौजूदा PRS: करीब 32,000 टिकट प्रति मिनट क्षमता है।

नया PRS: 1.5 लाख से ज्यादा टिकट काटने की प्रति मिनट क्षमता होगी।

मौजूदा पूछताछ क्षमता: करीब 4 लाख प्रति मिनट होगी।

नई पूछताछ क्षमता: 40 लाख से ज्यादा प्रति मिनट होगी।

इसका मतलब है कि नया सिस्टम टिकट बुकिंग के साथ-साथ ट्रेन, सीट और रिजर्वेशन से जुड़ी बड़ी संख्या में यात्रियों की पूछताछ भी एक साथ संभाल सकेगा।

देशभर में ऑनलाइन टिकट बुकिंग का दबाव कितना बढ़ गया है?

रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि जून 2025 से जून 2026 के बीच PRS के जरिए 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक किए गए। इनमें से 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक हुए। यानी करीब 89 फीसदी आरक्षित टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए गए। इससे साफ है कि रेलवे की टिकट बुकिंग व्यवस्था अब तेजी से डिजिटल हो चुकी है। ऐसे में पुराने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना रेलवे के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

नई व्यवस्था में मिलेगा ज्यादा आसान और मल्टी-लैंग्वेज इंटरफेस

नए PRS में यात्रियों के लिए ज्यादा यूजर-फ्रेंडली और मल्टीलिंगुअल इंटरफेस देने की तैयारी है। यानी टिकट बुकिंग और पूछताछ को ज्यादा आसान बनाने के साथ-साथ अलग-अलग भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा। नए सिस्टम को ज्यादा स्केलेबल, फ्लेक्सिबल और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। ताकि भविष्य में यात्रियों की संख्या और ऑनलाइन ट्रैफिक बढ़ने पर भी सिस्टम पर अचानक अत्यधिक दबाव न पड़े।

सिर्फ PRS ही नहीं, रेलवे का पूरा डिजिटल नेटवर्क हो रहा आधुनिक

CRIS ने यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इनमें UTS, NTES, IRCTC Rail Connect, RailOne, RailMadad, CoachMitra, Rail Sugam और Rail Rajbhasha शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों को टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी, शिकायत दर्ज कराने और रेलवे से जुड़ी कई अन्य रेलवे से जुड़ी सर्विस मिलती हैं। नए PRS और इन डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच बेहतर टेक्नोलॉजी के तालमेल से रेलवे की ऑनलाइन सेवाओं को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

40 साल पुराने सिस्टम से Next-Generation PRS तक

भारतीय रेलवे का PRS चार दशक पहले मैनुअल रिजर्वेशन की जगह इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग व्यवस्था लेकर आया था। अब वही सिस्टम एक और बड़े तकनीकी बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अगर चरणबद्ध तरीके से हो रहा यह माइग्रेशन सफल रहता है, तो आने वाले समय में ट्रेन टिकट बुकिंग ज्यादा तेज, ज्यादा स्थिर और ज्यादा डिजिटल हो सकती है। यानी रेलवे के इस बदलाव का असली असर सिर्फ वेबसाइट की स्पीड पर नहीं, बल्कि करोड़ों यात्रियों के रोजमर्रा के टिकट बुकिंग अनुभव पर दिखाई दे सकता है।

रेलवे के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, यात्रियों ने जून 2025 और जून 2026 के बीच PRS के ज़रिए 65.08 करोड़ रिजर्व्ड टिकट बुक किए। इनमें से 57.90 करोड़ टिकट (यानी 89 प्रतिशत) ऑनलाइन बुक किए गए थे। IRCTC ने कहा कि 15 जुलाई को अपनी बीटा वेबसाइट लॉन्च करने के बाद टिकट बुकिंग की स्पीड में सुधार हुआ है।

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महीने के पहले और दूसरे पखवाड़े (15-15 दिन के समय) की तुलना करने पर पहले तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली तत्काल बुकिंग में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। पांच मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जबकि 30 मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई।