ONGC New Chairman: आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने किया आवेदन, लिस्ट में Oil India के CMD रंजीत रथ भी

सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) का पद जल्द खाली होने वाला है। ऐसे में इस पद के लिए आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों ने आवेदन किया है। इनमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के प्रमुख (सीएमडी) रंजीत रथ भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 54 साल के रथ लगातार दूसरे वर्ष ONGC में टॉप पोजिशन पाने की दौड़ में शामिल हुए हैं। रथ अगस्त, 2022 से ऑयल इंडिया का नेतृत्व कर रहे हैं।

रथ पिछले साल भी ONGC प्रमुख के पद के लिए चुने गए उम्मीदवारों की सूची में शामिल थे, लेकिन सरकार ने ONGC के मौजूदा चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। अब सिंह का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म हो रहा है। लिहाजा यह पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा।

बता दें कि सरकार ने ONGC के सीएमडी पद के लिए अधिकतम आयु सीमा समेत पात्रता संबंधी मानदंडों में ढील दी है। इसके तहत अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाकर 59 साल कर दिया गया है। साथ ही अब चुने गए उम्मीदवार को 3 साल का फिक्स्ड टर्म दिया जाएगा, जिसे और 2 साल बढ़ाया जा सकता है। ONGC भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है।

आवेदन करने वालों में और कौन

ONGC के सीएमडी पद के लिए आवेदन करने वालों में ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) के मैनेजिंग डायरेक्टर राजर्षि गुप्ता भी शामिल हैं। सरकार द्वारा अधिकतम आयु सीमा 59 वर्ष किए जाने के बाद वह इस पद के लिए पात्र हुए हैं। गुप्ता जुलाई, 2027 में रिटायर होने वाले हैं और इस पद के लिए आवेदन करने वाले इंटर्नल कैंडिडेट्स में सबसे वरिष्ठ हैं। पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ONGC के प्रौद्योगिकी एवं क्षेत्रीय सेवाओं के डायरेक्टर विक्रम सक्सेना, रणनीति एवं कॉरपोरेट मामलों के डायरेक्टर सत्यम कुमार और OVL के ऑपरेशंस के डायरेक्टर दुलाल हलदर ने भी ONGC के सीएमडी पद के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा इस दौड़ में MRPL के डायरेक्टर (फाइनेंस) देवेंद्र कुमार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के मार्केटिंग डायरेक्टर एस.पी. श्रीवास्तव भी शामिल हैं।

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सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी करेगी कैंडिडेट का चुनाव

ONGC की ओर से दिए गए विज्ञापन के अनुसार, सीएमडी पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र पद खाली होने की तारीख यानि 7 दिसंबर, 2026 को 59 साल या उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चुने गए उम्मीदवार को शुरू में 3 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद उनके कार्यकाल को 2 साल और बढ़ाया जा सकता है। 60 साल की उम्र के बाद कोई भी नौकरी या कार्यकाल का विस्तार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगा। कैंडिडेट का सिलेक्शन सामान्य PESB सिलेक्शन प्रोसेस के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा।

Bugatti reveals one-off Destrier hypercar

Bugatti Destrier

Bugatti has revealed the Destrier, a one-off hypercar created under its Programme Solitaire bespoke division. The third one-off commission after the Brouillard and F.K.P. Hommage, the Destrier is based on the track-only Bolide but adopts an all-new body inspired by the Buggati Type 57SC Atlantic, widely regarded as one of the most beautiful cars ever built. While it retains the Bolide’s W16 powertrain, the Destrier has been conceived as a design-led grand touring hypercar rather than one focused on outright lap times.

  1. Based on the Bugatti Bolide’s carbon-fibre chassis
  2. Retains the 1,600hp quad-turbo W16 engine
  3. Third one-off created under Bugatti’s Programme Solitaire

Bugatti Destrier: exterior

The Destrier shares its carbon-fibre monocoque with the Bolide but wears completely new bodywork. Inspired by the Type 57SC Atlantic, it features a cleaner, more sculpted design with fewer aerodynamic add-ons than its track-focused sibling. The signature Bugatti C-line has been reinterpreted, while redesigned lighting elements, a wider horseshoe grille, blended rear wing and pronounced rear haunches distinguish it from the Bolide.

Standing just 1 metre tall, the Destrier is the lowest Bugatti ever built. It rides on 20-inch front and 21-inch rear wheels, with the proportions intended to resemble those of a medieval war horse, from which the car takes its name. The one-off is finished in a bespoke Sapphire Celeste paint shade created exclusively for its owner, with polished aluminium trim and tinted exposed carbon-fibre accents.

Bugatti Destrier: interior

Unlike the stripped-out cockpit of the Bolide, the Destrier’s cabin has been redesigned with a greater emphasis on craftsmanship and luxury. It uses ‘Ambre Voyageur’ leather and nubuck upholstery, together with a bespoke 3D-knitted textile woven with copper yarn. 

Hammered metal finishes on the door handles, air vents, steering wheel hub and entry plates reference the car’s medieval inspiration, while a discreet French flag pays tribute to Bugatti’s heritage.

Bugatti Destrier: engine and performance

Power comes from the Bolide’s 8.0-litre quad-turbocharged W16 engine, producing 1,600hp. The company has not disclosed performance figures, stating that the Destrier’s focus is on design and craftsmanship rather than outright speed.

The Destrier continues to use the Bolide’s carbon-fibre chassis and running gear, although Bugatti has not confirmed any mechanical changes beyond the new bodywork.

The Destrier is a one-off (1/1) commission created under Bugatti’s Programme Solitaire and will make its public debut during Monterey Car Week, culminating at the Pebble Beach Concours d’Elegance on August 16, 2026. As with previous Solitaire projects, Bugatti has not disclosed the price.

FPI की खरीद जारी, अगस्त के पहले हफ्ते में भारतीय शेयरों में लगाए ₹12921 करोड़

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की खरीदारी का सिलसिला अगस्त में भी जारी है। विदेशी निवेशकों ने अगस्त के पहले सप्ताह में भारतीय शेयरों में ₹12,921 करोड़ का निवेश किया। बेहतर होती मैक्रो इकोनॉमिक स्थिति, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की स्थिरता की वजह से FPI के लिए भारतीय बाजार आकर्षक बना हुआ है।

इससे पहले जुलाई में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। इसके पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की बिकवाली की थी।

इससे पहले फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था। हालांकि, हालिया खरीदारी के बावजूद साल 2026 में विदेशी निवेशक अब तक भारतीय शेयर बाजार में ₹2.41 लाख करोड़ की बिक्री कर चुके हैं। साल 2025 में उन्होंने ₹1.66 लाख करोड़ की सेलिंग की थी।

एक्सपर्ट्स का क्या है कहना

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में FPI का रुख बदलने के पीछे अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और रुपये की स्थिरता जैसे कारक प्रमुख हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बेहतर ग्रोथ और महंगाई संबंधी अनुमान से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ट्रैक के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते का कहना है कि भारतीय शेयरों में विदेशी हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम होने के कारण आगे विदेशी निवेश के लिए पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। हाल की खरीदारी का एक बड़ा हिस्सा सेकेंडरी मार्केट के जरिए आया है। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी केवल IPO तक सीमित नहीं है, बल्कि लिस्टेड भारतीय कंपनियों में भी बढ़ रही है।

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जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का मानना है कि FPI की खरीदारी में एक महत्वपूर्ण रुझान यह है कि वे ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय डेट या बॉन्ड बाजार में भी बनी हुई है। अगस्त में अब तक उन्होंने बॉन्ड बाजार में जनरल रूट के तहत ₹622 करोड़ का निवेश किया है।

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Chemical Stocks: धमाकेदार रिजल्ट लेकिन मोतीलाल ओसवाल की सेल रेटिंग, 16% टूटेगा यह शेयर, आपके पास है?

Deepak Nitrite Share Price: दिग्गज केमिकल कंपनी दीपक नाइट्राइट के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में में कंपनी ने ऑपरेटिंग लेवल पर धमाकेदार परफॉरमेंस दिखाया और इसका ईबीआईटीडीए ढाई गुना से अधिक बढ़ गया। शेयरों की बात करें तो अपनी 6 अगस्त की रिपोर्ट में घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसकी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 7 अगस्त को बीएसई पर यह 2.62% की बढ़त के साथ ₹1,795.50 पर बंद हुआ है।

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मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि दीपक नाइट्राइट का ऑपरेटिंग परफॉरमेंस कम बेस के चलते जून तिमाही में सालाना आधार पर उम्मीद से बेहतर रहा। जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए कंसालिडेटेड लेवल पर 2.8 गुना बढ़कर ₹189.6 करोड़ से ₹540.2 करोड़ और मार्जिन 10.0% से 21.0% पर पहुंच गया। इसके ईबीआईटीडीए को फोनॉलिक सेगमेंट में सालाना आधार पर 3.5 गुना और एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स सेगमेंट में 89% की ईबीआईटी ग्रोथ से सपोर्ट मिला। इसे बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज के साथ-साथ बेहतर फिनॉल और बेंजीन स्प्रेड्स से सपोर्ट मिला।

आगे को लेकर ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इंडस्ट्री के सामने आने वाली शॉर्ट-टर्म चुनौतियों और बदलते जियोपॉलिटिकल हालात कंपनी की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकते हैं, लेकिन इसका कुल असर सीमित रहेगा। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक लगातार प्रोसेस में सुधार, बैकवर्ड इंटीग्रेशन से मिलने वाले फायदे, मैन्युफैक्चरिंग की बेहतर क्षमता, लागत को सही ढंग से कंट्रोल करना, घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट में ग्राहकों की बढ़ती इंक्वायरी और नए प्रोडक्ट्स का कमर्शियलाइजेशन से इसे सपोर्ट मिलेगा।

जून तिमाही के बेहतर मार्जिन को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-28 में इसके रेवेन्यू के 13%, शुद्ध मुनाफे के 24% और ईबीआईटीडीए के 22% के सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। हालांकि वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के मुकाबले कंपनी ने इसका भाव 24 गुना पर फिक्स किया है, जिससे इसका टारगेट प्राइस ₹1500 बन रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर से सेल रेटिंग दी है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

दीपक नाइट्राइट के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 24 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,904.50 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 6 महीने में यह 32.77% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹1,280.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Air India टर्बुलेंस मामले में बड़ी खबर, विमान का एक पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव, क्या हुआ था फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में?

Air India Pilot News: एयर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में 4 अगस्त को हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। The Times of India ने कई सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस एयर इंडिया विमान को उड़ाने वाले कैप्टन का पोस्ट-फ्लाइट डोप टेस्ट कथित तौर पर साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए पॉजिटिव आया है। हालांकि, इस दावे की अभी Air India ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पायलटों का डोप टेस्ट किया गया था। लेकिन Air India का कहना है कि इस टेस्ट के नतीजे अभी उसे उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए एयरलाइन फिलहाल यह बताने की स्थिति में नहीं है कि टेस्ट का परिणाम वास्तव में क्या रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 अगस्त को टर्बुलेंस का सामना करने और अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिरने के बाद फ्लाइट के कैप्टन का डोप टेस्ट (नशीले पदार्थों की जांच) पॉजिटिव आया है।

Air India ने क्या कहा?

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन को जानकारी है कि लागू नियमों और प्रोटोकॉल के तहत फ्लाइट के बाद पायलटों की स्क्रीनिंग की गई थी। हालांकि, टेस्ट के परिणाम एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके क्रू सदस्यों का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया किसी एक स्पेशल फ्लाइट या दुर्घटना जैसी घटना से जरूरी तौर पर जुड़ी नहीं होती। Air India के मुताबिक, वह नागरिक उड्डयन नियमों के तहत अपने क्रू की नियमित ड्रग टेस्टिंग कराती है। टाटा ग्रुप की एयरलाइन ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग जारी रखेगी।

एयरलाइन ने कहा, “एयर इंडिया किसी खास फ़्लाइट या ऑपरेशनल घटना से अलग, सिविल एविएशन नियमों का पालन करते हुए क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट करती है। हम ज़रूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।” डोप टेस्ट का यह नतीजा ऐसे समय में आया है जब एविएशन अधिकारी 4 अगस्त की टर्बुलेंस की घटना की जांच कर रहे हैं। इस घटना के दौरान फ्लाइट अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए थे।

आखिर 4 अगस्त को Phuket-Delhi फ्लाइट में हुआ क्या था?

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने बताया कि फुकेत से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में मंगलवार 4 अगस्त को चार से पांच मिनट तक हवा में तेज टर्बुलेंस हुई, जिसमें चालक दल के कुछ सदस्यों को रीढ़ और गर्दन में चोटें आईं। उन्होंने बताया कि हवा में अचानक आई टर्बुलेंस के कारण विमान करीब 300 फुट नीचे चला गया। इस घटना में चालक दल के चार सदस्यों समेत कम से कम 17 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।

नायडू ने राष्ट्रीय राजधानी में कहा कि विमान को करीब पांच मिनट तक हवा में टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “विमान को इसके बाद भी करीब एक घंटे तक उड़ान भरनी थी। इस दौरान चालक दल के सदस्यों ने यात्रियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई। यह बहुत बहादुरी का काम था… मैं उनके साहस के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।” चोटों की गंभीरता के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि चालक दल के दो सदस्यों को रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और गर्दन के पास चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।

13 यात्रियों को कराया गया भर्ती

विमान में 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। मंगलवार को घटना के बाद 13 यात्रियों और चालक दल के चार सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। Air India ने एक बयान में कहा, “चार अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान AI2379 से जुड़ी घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी 13 यात्रियों को पांच अगस्त को दोपहर 3:30 बजे तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”

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बयान में आगे कहा गया, “चालक दल के चार सदस्य अब भी डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनका इलाज जारी है।’’ एयर इंडिया ने कहा कि उसकी टीम अस्पतालों में मौजूद हैं और प्रभावित लोगों के संपर्क में हैं।

Kirloskar Pneumatic Stock Split: 2 टुकड़ों में टूटेगा शेयर, 18 अगस्त रिकॉर्ड डेट; 6 महीनों में 25% मजबूत

Kirloskar Pneumatic Company का स्टॉक, स्प्लिट होने जा रहा है। कंपनी का 2 रुपये फेस वैल्यू वाला 1 शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 18 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके शेयर स्प्लिट हो जांएगे। शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 1440.80 रुपये है।

इससे पहले किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी का स्टॉक साल 2018 में स्प्लिट हुआ था। उस वक्त 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूटा था। कंपनी की शुरुआत 1958 में हुई थी। यह कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि एयर, रेफ्रिजरेशन, गैस कंप्रेसर व सिस्टम्स; वेपर एब्जॉर्प्शन चिलर और इंडस्ट्रियल गियरबॉक्स। यह स्टील, सीमेंट, कोल्ड चेन, फूड और बेवरेजेज, फार्मास्यूटिकल्स, रेलवे, डिफेंस और मरीन जैसे कई उद्योगों को अपनी सेवाएं देती है। ऑयल और गैस सेक्टर में भी इसकी अहम मौजूदगी है।

Kirloskar Pneumatic का शेयर 6 महीनों में 25 प्रतिशत चढ़ा

इसका मार्केट कैप 9300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,197.75 रुपये और एडजस्टेड लो 955 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 25 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 38 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 133 प्रतिशत मजबूत हुई है।

हाल ही में कंपनी ने किर्लोस्कर साउथ ईस्ट एशिया कंपनी लिमिटेड में कुल वोटिंग पावर के 99.49 प्रतिशत हिस्से की खरीद पूरी की है। अब किर्लोस्कर साउथ ईस्ट एशिया कंपनी लिमिटेड, Kirloskar Pneumatic Company Limited की सब्सिडियरी है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 300.30 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 34.10 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,759.20 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 258.40 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Milky Mist IPO: 7 बातें, ₹1533 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जानना है जरूरी

Milky Mist IPO: डेयरी प्रोडक्ट्स कंपनी मिल्की मिस्ट का कारोबार देश भर में फैला हुआ है। अब यह स्टॉक मार्केट में भी लिस्टिंग की तैयारी में है, जिसका ₹1533 करोड़ का आईपीओ मंगलवार 11 अगस्त को सब्सक्रिप्शन को खुलेगा। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की स्थिति तगड़ी दिख रही है और कंपनी की कारोबारी सेहत लगातार मजबूत हो रही है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 7 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

आईपीओ खुलने के बाद मिल्की मिस्ट के ₹1,553 करोड़ के आईपीओ में ₹133-₹140 के प्राइस बैंड और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे।

2. अहम डेट्स

मिल्की मिस्ट का आईपीओ 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 14 अगस्त को फाइनल होगा। आईपीओ की सफलता के बाद फिर शेयरों की बीएसई और एनएसई पर 18 अगस्त को एंट्री होगी।

3. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में मिल्की मिस्ट के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹27 यानी 19.29% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

4. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत ₹1,428 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 89,28,570 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स सतीशकुमार टी और अनीत एस अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।

5. रजिस्ट्रार

मिल्की मिस्ट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिनटेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर स्टेटस देख सकेंगे कि मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

6. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹496.86 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹469.24 करोड़ पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और मॉडर्नाइजेशन, ₹155.31 करोड़ विसि कूलर्स, आइस क्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर्स और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

7. कंपनी के बारे में

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड देश की सबसे तेज बढ़ रही पैकेज्ड फूड कंपनियों में है, जिसका फोकस प्रीमियम वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है। यह अपने मुख्य ब्रांड मिल्की मिस्ट समेत स्मार्टशेफ, कैपेला, मिस्टी लाइट, ब्रियास और असल जैसे सब-ब्रांड्स के तहत चीज, पनीर, मक्खन, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम, यूएचटी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट (RTE), रेडी-टू-कुक (RTC) फूड्स और चॉकलेट्स जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी फार्म-टू-कंज्यूमर इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें किसानों से सीधे दूध लेकर यह एडवांस्ड ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में इसकी प्रोसेसिंग करती है। अपने खुद के कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मल्टी-चैनल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए इसके ग्राहक देश भर में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 155% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹127.01 करोड़ और टोटल इनकम 31% के सीएजीआर से ₹3,145.01 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,671.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹333.55 करोड़ पड़े थे।

लेट एंट्री लेकिन बने मार्केट लीडर, इन पांच ने खास तरीके से बदला मार्केट का मूड

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Siemens Energy Stock Outlook: आगे 15% तक उछल सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने दोहराई ‘बाय’ रेटिंग

सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर में आगे 15 प्रतिशत तक की तेजी आने की गुंजाइश है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल और नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के टारगेट प्राइस से मिली है। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। वहीं टारगेट प्राइस 3,950 रुपये से बढ़ाकर 4,100 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। नुवामा ने ‘बाय’ रेटिंग और 4,200 रुपये प्रति शेयर का टारगेट बरकरार रखा है। यह टारगेट शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 3648.75 रुपये से 15 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सीमेंस एनर्जी इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 67.8 प्रतिशत बढ़कर 440.9 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 39.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2485.6 करोड़ रुपये रहा। कुल खर्च 1949.5 करोड़ रुपये के रहे। कंपनी अक्टूबर-दिसंबर को वित्त वर्ष के तौर पर फॉलो करती है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 72.1 प्रतिशत बढ़कर 585.7 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर होकर 23.6 प्रतिशत हो गया।

30 जून 2026 तक सीमेंस एनर्जी इंडिया का ऑर्डर बैकलॉग 19,331 करोड़ रुपये का था। कंपनी का पावर ट्रांसमिशन बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 41.98 प्रतिशत बढ़कर 1,386.3 करोड़ रुपये हो गया। पावर जेनरेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 36.02 प्रतिशत बढ़कर 1,099.3 करोड़ रुपये हो गया।

Siemens Energy पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि सीमेंस एनर्जी इंडिया के जून तिमाही के नतीजे हर मामले में अनुमानों से बेहतर रहे। रेवेन्यू में बढ़ोतरी पावर ट्रांसमिशन और पावर जेनरेशन, दोनों सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ की वजह से हुई। पावर ट्रांसमिशन सेगमेंट के लिए EBIT मार्जिन में भी सुधार हुआ और पावर जेनरेशन के लिए यह अच्छा बना रहा। कुल ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 34 अरब रुपये हो गया, जिससे कुल ऑर्डर बुक 193 अरब रुपये पर पहुंच गई।

पावर ट्रांसमिशन के लिए इनफ्लो में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और आंकड़ा 24 अरब रुपये पर पहुंच गया। पावर जेनरेशन इनफ्लो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घटकर 10 अरब रुपये रह गया। ब्रोकरेज ने उम्मीद जताई है कि सीमेंस एनर्जी को रिन्यूएबल्स, डेटा सेंटर और स्टीम टर्बाइन जैसे क्षेत्रों में घरेलू और एक्सपोर्ट-बेस्ड मौकों से फायदा मिलता रहेगा।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि सीमेंस एनर्जी के मामले में अगले 12-24 महीनों में मौजूदा पुराने ऑर्डरों (बैकलॉग) को समय पर पूरा किया जाना और कलवा/ग्रीनफील्ड ट्रांसफॉर्मर व स्विचगियर क्षमता शुरू किया जाना वे महत्वपूर्ण चीजें होंगी, जिन पर नजर रखनी चाहिए। बेहतर काम-काज और मार्जिन के कारण नुवामान ने FY26E और FY27E के EPS अनुमानों को क्रमशः 12 प्रतिशत और 3 प्रतिशत बढ़ाया है।

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शेयर 6 महीनों में 33 प्रतिशत चढ़ा

Siemens Energy का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 33 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 43 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

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Milk Price: महाराष्ट्र में दूध हुआ और महंगा, 11 अगस्त से ₹2 प्रति लीटर बढ़ेगी कीमत

महाराष्ट्र में मंगलवार, 11 अगस्त से गाय और भैंस दोनों के दूध की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगी। वहीं डेयरी उत्पाद 10 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। यह फैसला मिल्क प्रोड्यूसर्स एंड प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गोपालराव म्हास्के ने बैठक की अध्यक्षता की। बड़ी सहकारी और निजी डेयरियों के प्रतिनिधियों की ओर से बढ़ोतरी को मंजूरी देने के बाद यह फैसला लिया गया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एसोसिएशन के अनुसार, डीजल की कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ी हैं, जबकि पैकेजिंग का खर्च लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गया है। दूध की खरीद कीमत भी बढ़ी है और आगे भी बढ़ोतरी का अनुमान है।

बढ़ती लागत को देखते हुए, एसोसिएशन ने दूध की बिक्री कीमत यानि कि सेलिंग प्राइस 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया। इसके अलावा डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक वृद्धि करने का फैसला किया गया है। एसोसिएशन ने कहा कि नई कीमतें 11 अगस्त से लागू होंगी।

आंध्र प्रदेश में भी बढ़ रहे हैं दाम

आंध्र प्रदेश में कृष्णा डिस्ट्रिक्ट मिल्क प्रोड्यूसर्स म्यूचुअली एडेड कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (कृष्णा मिल्क यूनियन) द्वारा चलाई जा रही विजया डेयरी ने 10 अगस्त से दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह वृद्धि दूध की 7 वेरायटी के लिए होगी। नई कीमतें 9 अगस्त की इनवॉइस तारीख से ग्राहकों पर लागू होंगी, जिसमें मासिक कार्डधारक भी शामिल हैं। आंध्र प्रदेश में पिछले 4 महीनों में कई डेयरी कंपनियों ने दूध की कीमतें 2 बार बढ़ाई हैं।

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LPG Rate Today 9 August: एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज कितना हुआ बदलाव? घर की रसोई से लेकर होटल तक, जानिए 14.2 km और 19 किलो गैस के ताजा रेट

LPG Cylinder Price Today: रविवार यानी 9 अगस्त 2026 को देशभर में LPG गैस सिलेंडर के दाम को लेकर लोगों की नजरें बनी हुई हैं। महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की थी। जबकि आम परिवारों के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया। यानी रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले घरेलू ग्राहकों को इस महीने फिलहाल पुराने रेट पर ही सिलेंडर मिल रहा है।

घरेलू LPG सिलेंडर का आज क्या रेट है?

14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में जून में हुई बढ़ोतरी के बाद अगस्त में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देश की राजधानी नई दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर ₹942 पर ही मिल रहा है। इसमें कोई नया बदलाव नहीं हुआ है।

दूसरी तरफ हाल ही में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत घटकर ₹2,738 हो गई थी। देश के दूसरे शहरों में LPG की कीमतें स्थानीय टैक्स, लागत और संबंधित तेल कंपनी के लागू रेट के कारण अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी दूसरे शहर के लिए स्थानीय ताजा रेट देखना जरूरी है।

प्रमुख महानगरों में घरेलू LPG के रेट इस प्रकार हैं:-

नई दिल्ली: ₹942

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹967.50

चेन्नई: ₹958.50

(ये 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर के प्रमुख शहरों में लागू रेट हैं।)

कमर्शियल LPG सिलेंडर ने दी बड़ी राहत

जहां घरेलू LPG के दाम स्थिर हैं। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में अगस्त की शुरुआत में बड़ी कटौती की गई। 1 अगस्त 2026 से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कई शहरों में ₹200 से ज्यादा तक की कमी हुई। यह कटौती होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और दूसरे व्यावसायिक ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है।

प्रमुख शहरों में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के रेट:-

नई दिल्ली: करीब ₹2,730-₹2,738

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: करीब ₹3,072

चेन्नई: करीब ₹3,100

(नोट- शहर और तेल कंपनी के हिसाब से कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।)

आखिर घरेलू गैस के दाम क्यों नहीं घटे?

इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि कमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ। लेकिन घरेलू LPG की कीमत में राहत क्यों नहीं मिली। घरेलू LPG की कीमतों में आखिरी बड़ी बढ़ोतरी जून में हुई थी, जब दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर पर ₹29 बढ़ाए गए थे। इसके बाद अगस्त में घरेलू दरों को स्थिर रखा गया है। LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, कच्चे तेल और गैस की कीमतों, आयात लागत तथा घरेलू कीमतों जैसे कई कारणों से प्रभावित होता है।

आगे बढ़ सकता है रसोई गैस का खर्च?

LPG ग्राहकों के लिए आने वाले दिनों में एक और खबर महत्वपूर्ण हो सकती है। सरकार देश की रणनीतिक ईंधन भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए LPG और प्राकृतिक गैस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के अनुसार, प्रस्तावित LPG लेवी ₹1.29 प्रति किलो हो सकती है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम मंजूरी के स्तर पर नहीं है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई नई बढ़ोतरी लागू नहीं हुई है। लेकिन आगे सरकार के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी।

आज का सीधा हिसाब

14.2 किलो घरेलू LPG: दिल्ली ₹942, मुंबई ₹941.50, कोलकाता ₹967.50, चेन्नई ₹958.50।

19 किलो कमर्शियल LPG: अगस्त में बड़ी कटौती के बाद दिल्ली में करीब ₹2,738 और मुंबई में ₹2,885.50 के आसपास।

इसलिए अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर बुक करने वाले हैं, तो आज के लिए दिल्ली में ₹942 ही मौजूदा घरेलू LPG रेट है। वहीं, होटल-रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक ग्राहकों को 19 किलो वाले सिलेंडर में अगस्त की कटौती का फायदा मिल रहा है।

12 महीने में घरेलू LPG कितनी महंगी हुई?

अगर पिछले 12 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई देती है। सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच घरेलू LPG की कीमत में कुल ₹89 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी भले ही अभी घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर है। लेकिन एक साल की अवधि में ग्राहकों पर LPG का खर्च बढ़ा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू LPG की सबसे बड़ी बढ़ोतरी मार्च 2026 में ₹60 की रही।

कमर्शियल LPG में भी 12 महीने में बदलाव

कमर्शियल LPG की बात करें तो पिछले 12 महीनों में इसकी कीमत में कुल मिलाकर ₹1 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि इस दौरान कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में कमर्शियल LPG की सबसे बड़ी बढ़ोतरी ₹993 रही थी। इसके बाद अगस्त 2026 में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई और कमर्शियल सिलेंडर ₹192 तक सस्ता हुआ।

क्यों शहरों में अलग-अलग होते हैं दाम?

तेल कंपनियां (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) हर महीने की शुरुआत में वैश्विक स्तर पर सऊदी सीपी (Saudi Contract Price) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों के आधार पर एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। स्थानीय राज्य स्तरीय करों (VAT) और परिवहन लागत की वजह से हर राज्य और शहर में अंतिम खुदरा मूल्य में अंतर देखा जाता है।

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