Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आज का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 09 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

SBI Clek Vacancy 2026: 1538 बैकलॉग क्लर्क पदों पर भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें आवेदन करने की लास्ट डेट

SBI Clek Vacancy 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने क्लेरिकल कैडर में 1,538 जूनियर एसोसिएट्स (कस्टमर सपोर्ट और सेल्स) की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों के लिए रिजर्व बैकलॉग वैकेंसी के लिए एक स्पेशल ड्राइव के तौर पर की जा रही है। पंजीकरण प्रक्रिया 7 अगस्त, 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 27 अगस्त, 2026 तक अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) में भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एसबीआई क्लर्क बैकलॉग पद कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। एसबीआई ने 207 एससी, 1,219 एसटी और 112 ओबीसी पद अधिसूचित किए हैं, जिससे कुल पदों की संख्या 1,538 हो गई है। भर्ती के जरिए चयनित उम्मीदवारों को उसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में पोस्ट किया जाएगा जिसके लिए उन्होंने आवेदन किया था।

एसबीआई क्लर्क भर्ती 2026: कौन अप्लाई कर सकता है?

1 अप्रैल, 2026 को कैंडिडेट्स की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए। उनका जन्म 2 अप्रैल, 1998 और 1 अप्रैल, 2006 के बीच हुआ होना चाहिए, दोनों तारीखें शामिल हैं।

कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन की डिग्री या सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा मान्यता प्राप्त बराबर की क्वालिफिकेशन होनी चाहिए। जो लोग ग्रेजुएशन के आखिरी साल या सेमेस्टर में हैं, वे भी प्रोविजनल तौर पर अप्लाई कर सकते हैं, बशर्ते वे 31 दिसंबर, 2026 तक अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर लें।

कैंडिडेट्स को अपने चुने हुए राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की बताई गई लोकल भाषा को पढ़ना, लिखना, बोलना और समझना भी आना चाहिए।

एसबीआई क्लर्क भर्ती 2026: चयन प्रक्रिया

एसबीआई क्लर्क भर्ती 2026 के तहत उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में होगा।

  • प्रीलिमिनरी एग्जाम
  • मेन एग्जाम
  • लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट (LLPT), जहां लागू हो

प्रीलिमिनरी एग्जाम 100 मार्क्स का होगा और एक घंटे का होगा। इसमें तीन सेक्शन होंगे:

इंग्लिश लैंग्वेज : 30 सवाल

न्यूमेरिकल एबिलिटी : 35 सवाल

रीजनिंग एबिलिटी : 35 सवाल

हर सेक्शन के लिए 20 मिनट का अलग-अलग टाइम होगा। हर गलत जवाब के लिए कैंडिडेट्स को एक सवाल के लिए दिए गए मार्क्स का एक-चौथाई हिस्सा काट लिया जाएगा।

मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स 200 मार्क्स के 190 सवालों के पेपर में शामिल होंगे। एग्ज़ाम का कुल समय 2 घंटे 40 मिनट होगा।

मुख्य परीक्षा में जनरल/फाइनेंशियल अवेयरनेस, जनरल इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, और रीज़निंग एबिलिटी और कंप्यूटर एप्टीट्यूड शामिल होंगे। हर गलत जवाब के लिए एक सवाल के लिए दिए गए मार्क्स का एक-चौथाई हिस्सा काट लिया जाएगा।

प्राथमिक परीक्षा में मिले अंक मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़े जाएंगे। फाइनल मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा में मिले मार्क्स के आधार पर तैयार की जाएगी, जो जहां भी लागू हो, ज़रूरी लोकल लैंग्वेज टेस्ट के अधीन होगी।

लोकल लैंग्वेज टेस्ट

जिन कैंडिडेट्स ने क्लास 10 या क्लास 12 में बताई गई लोकल लैंग्वेज पढ़ी है और संबंधित मार्कशीट या सर्टिफिकेट दिखा सकते हैं, उन्हें लैंग्वेज टेस्ट नहीं देना होगा।

दूसरे प्रोविजनली चुने गए कैंडिडेट्स को बैंक जॉइन करने से पहले लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट पास करना होगा। जो कैंडिडेट्स टेस्ट में फेल हो जाएंगे, उन्हें अपॉइंटमेंट नहीं दिया जाएगा।

SBI क्लर्क भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें

कैंडिडेट्स SBI करियर पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। एप्लीकेशन प्रोसेस में रजिस्ट्रेशन, पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरना, जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करना और लागू फीस देना शामिल है।

एप्लीकेंट्स को एक वैलिड ईमेल ID और मोबाइल नंबर की ज़रूरत होगी जो रिक्रूटमेंट प्रोसेस पूरा होने तक एक्टिव रहना चाहिए।

कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन शुरू करने से पहले अपनी फोटो, सिग्नेचर, बाएं अंगूठे का निशान और हाथ से लिखा हुआ डिक्लेरेशन की स्कैन्ड कॉपी भी तैयार रखनी चाहिए।

फॉर्म जमा करने और पेमेंट पूरा करने के बाद, कैंडिडेट को सिस्टम से मिले एप्लीकेशन फॉर्म और ई-रसीद को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लेना चाहिए।

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Kamika Ekadashi 2026 Katha: आज द्विपुष्कर योग में कामिका एकादशी का व्रत आज, पूजा में जरूर सुनें ये व्रत कथा और जानें आज पूजा का मुहूर्त

Kamika Ekadashi 2026 Katha: कामिका एकादशी व्रत भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के बाद पहला एकादशी व्रत होता है। यह उपवास सावन में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से ब्रह्म हत्या की दोष से मुक्ति मिलती है, पाप मिटते हैं और श्री हरि की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत की पूजा में भक्तों को कामिका एकादशी की व्रत कथा जरूर सुननी चाहिए।

माना जाता है कि ऐसा करने वाले श्रद्धालुओं को वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है। इस साल कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त रविवार को है। इस दिन द्विपुष्कर योग बन रहा है। इस योग में व्रत, पूजा पाठ, जप, तप और शुभ काम करने का आपको दोगुना फल प्राप्त होगा। आइए जानें कामिका एकादशी की व्रत कथा, मुहूर्त और पारण समय के बारे में।

कामिका एकादशी 2026 मुहूर्त और पारण समय

सावन कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ : 8 अगस्त, दोपहर 1:59 बजे से

सावन कृष्ण एकादशी तिथि का समापन : 9 अगस्त, 11:04 एम पर

कामिका एकादशी पूजा मुहूर्त : सुबह 07:27 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक

लाभ-उन्नति मुहूर्त : सुबह 09:07 बजे से 10:47 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त : सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक

द्विपुष्कर योग : 11:04 ए एम से दोपहर 02:43 बजे तक

व्रत पारण समय : 10 अगस्त, सोमवार, सुबह 5:47 बजे से 8 बजे

द्वादशी तिथि का समापन : 10 अगस्त, सुबह 08:00 बजे

कामिका एकादशी व्रत कथा

एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के बारे में बताने का निवेदन किया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे कहा कि एक बार ब्रह्मदेव ने नारद जी को एक कथा सुनाई थी, वही कथा मैं आपको सुनाता हूं-

ब्रह्माजी ने नारद मुनि को बताया कि श्रावण कृष्ण एकादशी को कामिका एकादशी भी कहा जाता है। जो लोग यह व्रत रखते हैं, उनको सुदर्शन चक्र धारण करने वाले भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस व्रत की कथा के अनुसार, एक गांव में एक ठाकुर रहता था। वह बड़ा ही क्रोधी था। एक दिन वो अपने घर से किसी काम के लिए निकला, तो उसका गांव के ही एक ब्राह्मण से किसी बात को लेकर वाद विवाद हो गया।

देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि उसने क्रोध में आकर उस ब्राह्मण की हत्या कर दी। जब उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसे अपने किए गए पाप का एहसास हुआ। उस अपराध बोध से मुक्ति के लिए उसने उस ब्राह्मण का अंतिम संस्कार करना चाहा, लेकिन गांव के अन्य ब्राह्मणों ने उसे इसकी अनुमति नहीं दी।

उस ठाकुर पर ब्रह्म हत्या का दोष था। समय व्यतीत होने के साथ-साथ उसके मन पर ब्रह्म हत्या के दोष और आत्म ग्लानि का भार बढ़ने लगा। एक दिन उसकी मुलाकात एक ऋषि से हुई। उसने ब्रह्म हत्या की घटना बताई और उससे मुक्ति का उपाय पूछा। तब उस ऋषि मुनि ने उससे कहा कि ब्रह्म हत्या से मुक्ति के लिए तुमको सावन कृष्ण एकादशी यानि कामिका एकादशी का व्रत विधिपूर्वक करना चाहिए। भगवान विष्णु की कृपा से ही तुम ब्रह्म हत्या दोष से मुक्ति पा सकते हो। इससे तुम्हारे अन्य पाप भी मिट जाएंगे।

जब श्रावण कृष्ण एकादशी आई तो उस ठाकुर ने विधिपूर्वक कामिका एकादशी व्रत किया और भगवान विष्णु की पूजा की। रात्रि जागरण के समय वह भगवान विष्णु की मूर्ति के पास सो गया। स्वप्न में भगवान विष्णु ने उसे दर्शन दिए और उनकी कृपा से वह ब्रह्म हत्या दोष से मुक्त हो गया।

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा पर 9 अगस्त से लगी रोक, इस वजह से प्रशासन ने लिया फैसला

Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर बड़ा फैसला लिया है। लगातार खराब मौसम और कई जगहों पर हुए भूस्खलन के चलते अमरनाथ यात्रा को तय तारीख से पहले ही रोकने का फैसला किया गया है। 9 अगस्त से अनंतनाग के चंदनवाड़ी और गांदरबल के बालटाल मार्ग से यात्रा बंद हो जाएगी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ये फैसला लिया है। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 28 अगस्त तक चलनी थी। लेकिन यात्रा मार्ग में मरम्मत और जरूरी रखरखाव का काम पूरा करने के लिए इसे बीच में रोकने का निर्णय लिया गया है। अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन कर चुके हैं।

क्यों रोका गया अमरनाथ यात्रा

9 अगस्त से चंदनवाड़ी और बालटाल, दोनों मार्गों पर अमरनाथ यात्रा रोक दी जाएगी। हाल की हुई तेज बारिश से अमरनाथ यात्रा के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। IMD ने भी आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई है। वहीं यात्रा के लिए खराब हिस्सों को ठीक करने और जरूरी रखरखाव का काम किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मरम्मत के काम को देखते हुए यात्रा रोकने का फैसला लिया गया है।

रोकी गई अमरनाथ यात्रा

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि, हाल में हुई बारिश से अमरनाथ यात्रा के रास्ते के कुछ हिस्से कमजोर हो गए हैं। इन जगहों पर मरम्मत और जरूरी रखरखाव का काम किया जा रहा है। ट्रैक को सुरक्षित और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) को दी गई है। इसके साथ ही मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चंदनवाड़ी और बालटाल, दोनों रास्तों से अमरनाथ यात्रा रोकने का फैसला किया है।

कमिश्नर ने लोगों से निर्देशों को पालन करने की अपील की

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने श्रद्धालुओं से अधिकारियों की ओर से जारी जरूरी निर्देशों और एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये निर्देश यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए जारी किए गए हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा की शुरुआत अनंतनाग के चंदनवारी और गांदरबल के बालटाल, दोनों मार्गों से एक साथ की गई थी।

कब होगी छड़ी मुबारक यात्रा 

नियमित अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है, लेकिन पारंपरिक पहलगाम मार्ग से छड़ी मुबारक की यात्रा जारी रहेगी। 28 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ इस साल की अमरनाथ यात्रा का समापन होगा। छड़ी मुबारक को भगवान शिव से जुड़ी पवित्र चांदी की छड़ी माना जाता है। हर साल इसे श्रीनगर के दशनामी अखाड़े से अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पारंपरिक तरीके से ले जाया जाता है।

Sawan Shivratri 2026: सावन की शिवरात्रि पर रहेगा भद्रा का साया, जानें तारीख और क्या भद्रा में कर सकते हैं शिव-शंभु का जलाभिषेक

Sawan Shivratri 2026: इस समय भगवान शिव का अति प्रिय श्रावण मास चल रहा है। यूं तो, सावन के सभी दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने पर पुण्य मिलता है। लेकिन कुछ खास दिन ऐसे हैं, जब भगवान शिव की विशेष पूजा, उपवास और जलाभिषेक करने पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। शिवरात्रि का दिन भी इनमें से एक है। वैसे तो, हिंदू कैलेंडर के हर माह में शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि तिथि का विशेष महत्व है। शिवरात्रि का पर्व श्रावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है।

इस साल यह पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही शिवालयों में शिव भक्तों की धूम रहेगी, कांवड़िये महादेव का जलाभिषेक करेंगे, कुछ लोग उपवास और विशेष पूजा या रुद्राभिषक का भी आयोजन करेंगे। पंचांग के अनुसार, माना जा रहा है कि इस साल शिवरात्रि पर भद्र लग रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ रहा है कि भद्रा काल में देवाधिदेव का जलाभिषेक किया जाएगा या नहीं? सावन शिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक का समय, भद्रा काल और पूजा विधि से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:

सावन शिवरात्रि 2026 तिथि

व्रत एवं पूजन तिथि : मंगलवार, 11 अगस्त 2026

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ : 11 अगस्त 2026, प्रातः 04:43 AM

चतुर्दशी तिथि समाप्त : 12 अगस्त 2026, रात्रि 01:51 AM

भद्रा काल का समय

भद्रा का समय : 11 अगस्त 2026, प्रातः 04:56 AM से दोपहर 03:24 PM तक।

मान्यता : शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन भगवान शिव की पूजा, मंत्र जाप और भक्ति में भद्रा का दोष नहीं लगता। इसलिए भक्त पूरे दिन श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

आप पूरे दिन चतुर्दशी तिथि के दौरान जलाभिषेक कर सकते हैं। विशेष फलदाई मुहूर्त इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 05:23 AM से 06:00 AM

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:06 PM से 12:58 PM

गोधूलि मुहूर्त : सायं 09:13 PM से 09:32 PM

निशिता काल (मुख्य मध्यरात्रि पूजा): 11-12 अगस्त की रात्रि 12:05 AM से 12:48 AM तक

चार प्रहर की पूजा का समय

प्रथम प्रहर : सायं 07:04 PM से रात्रि 09:45 PM

द्वितीय प्रहर : रात्रि 09:45 PM से मध्यरात्रि 12:26 AM

तृतीय प्रहर : मध्यरात्रि 12:26 AM से तड़के 03:07 AM (12 अगस्त)

चतुर्थ प्रहर : तड़के 03:07 AM से प्रातः 05:49 AM (12 अगस्त)

शिव पूजा विधि

  • सावन शिवरात्रि के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
  • मंदिर या घर पर शिवलिंग पर गंगाजल व शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर बेलपत्र (अखंडित), धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद आंकड़े के फूल, चंदन और भस्म चढ़ाएं।
  • पूजा करते समय ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें।
  • अंत में धूप-दीप जलाकर शिव जी की आरती करें और सात्विक भोग या फल अर्पित करें।
  • शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, सिंदूर, रोली, हल्दी और केतकी के फूल न चढ़ाएं।

Sawan Second Somwar 2026: दूसरे सोमवार पर बन रहे प्रदोष व्रत समेत 7 शुभ संयोग, जानें किस समय किया जाएगा भगवान शिव का जलाभिषेक

Toxic Trailer Release: चेहरे पे नकाब डालकर अपने गम को छिपा सकते हो, लेकिन नसीब में लिखी बर्बादी को नहीं….

Toxic Trailer Release: यश स्टारर ‘टॉक्सिक’ फिल्म का ट्रेलर का फैंस को बेसब्री से इंतजार था। फिल्म के टीजर ने खूब चर्चा बटोरी थी। कई लोगों को टीजर काफी बोल्ड लगा था, जबकि कई लोगों को बेहद पसंद आया था। वहीं फिल्म के गानों पर भी विवाद हुआ। अब ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। तो चलिए देखते हैं इसमें क्या कुछ है खास…

फिल्म का ट्रेलर रिलीज

यश स्टारर टॉक्सिक का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर कि शुरुआत यश और उसके बेटे से होती है। इसके बाद शुरू होता है खूनखराबा। ट्रेलर से आप फिल्म की कहानी का ज्यादा पता नहीं लगा सकते हैं। किरदार काफी हैं। वहीं इतना जरूर पता लगता है कि फिल्म बाप-बेटे के की दुश्मनी पर बेस्ड होने वाली है। एक्शन सीन काफी डार्क हैं। फिल्म में यश डबल रोल में दिखने वाले हैं।

ट्रेलर रिलीज की डेट और टाइम

मेकर्स ने 8 अगस्त को सुबह ही फिल्म का नया पोस्टर रिलीज करते हुए ‘टॉक्सिक’ के ट्रेलर की डेट और समय को बताया था। नए पोस्टर में लिखा था ट्रेलर अगस्त, 2026 को शाम 7:01 बजे रिलीज होगा। दर्शकों की एक्साइटमेंट देखते हुए मेकर्स ने बेंगलुरू में एक बड़े इवेंट में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया है। नए पोस्टर में यश आग और तबाही के बीच दिक रहे हैं। कैप्शन में लिखा है, “डेटोनेटिंग (विस्फोट)।

‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में स्टारकास्ट

‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ में यश के अलावा कियारा आडवाणी (नादिया), नयनतारा (गंगा), हुमा कुरैशी (एलिज़ाबेथ), तारा सुतारिया (रेबेका) और रुक्मिणी वसंत (मेलिसा) के रोल में दिखेंगी। पिछले दिनों में ही टॉक्सिक का ‘लेडीज एंड लेडीज’ टीजर सामने आया था, जिसमें फिल्म की सभी एक्ट्रेसेस दिखी थीं। टीजर में नयनारा दमदार अंदाज में बाइक की सवारी करती दिखीं, जबकि कियारा एक डांसर के तौर पर नजर आईं। वहीं तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी का भी दमदार अंदाज दिखा है। यह कन्नड़ एक्शन थ्रिलर फिल्म KVN प्रोडक्शंस और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले तैयार की गई है। फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Sawan Second Somwar 2026: दूसरे सोमवार पर बन रहे प्रदोष व्रत समेत 7 शुभ संयोग, जानें किस समय किया जाएगा भगवान शिव का जलाभिषेक

Sawan Second Somwar 2026: सावन माह के सोमवार पर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और विशेष पूजा-उपवास करना शुभ मानते हैं। इस साल सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि भी पड़ रही है, जिससे सावन सोमवार के साथ पहले प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इस साल सावन के दूसरे सोमवार को प्रदोष व्रत के साथ ही कई दुर्लभ संयोग भी बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। उनके और माता पार्वती के आशीर्वाद से जल्द ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सावन के दूसरे सोमवार पर बनने वाले 7 शुभ संयोग

सावन के दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष व्रत, एकादशी पारण, कर्क राशि में त्रिग्रही योग, बुधादित्य योग, हंसराज योग, वज्र योग और सिद्धि योग का शुभ संयोग एक साथ बन रहा है।

प्रदोष व्रत : दूसरे सावन सोमवार पर सावन का पहला प्रदोष व्रत भी है। यह व्रत भगवान शिव के लिए रखते हैं और पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद होती है। उस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:05 बजे से है। प्रदोष व्रत करने से दुख, रोग, दोष, पाप, कष्ट आदि मिट जाते हैं।

एकादशी पारण : दूसरे सावन सोमवार को कामिका एकादशी व्रत का पारण है, जो सूर्योदय के बाद होगा। इस दिन द्वादशी तिथि सुबह 08:00 ए एम तक है, फिर शिव जी की तिथि त्रयोदशी प्रारंभ होगी।

त्रिग्रही योग : दूसरे सावन सोमवार को कर्क राशि में सूर्य, बुध और गुरु की युति से त्रिग्रही योग बना हुआ है। 5 अगस्त को जब कर्क में बुध का गोचर हुआ है, तब से यह त्रिग्रही योग बना है। इससे मिथुन, कर्क, कन्या वालों को बंपर लाभ होगा।

बुधादित्य योग : कर्क में ही सुर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हुआ है, जो दूसरे सावन सोमवार पर भी विद्यमान होगा।

हंसराज योग : इस समय कर्क राशि में देव गुरु बृहस्पति विराजमान हैं। यह उनकी उच्च राशि है। इस वजह से हंसराज योग बन रहा है।

वज्र योग : दूसरे सावन सोमवार पर प्रात:काल से वज्र योग बनेगा, जो रात – 10:27 पी एम तक रहेगा। इस योग में नए काम नहीं करते हैं, वाहन, सोना आदि नहीं खरीदते हैं।

सिद्धि योग : दूसरे सावन सोमवार पर रात 10:27 पी एम से सिद्धि योग बन रहा है, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। इसमें किए गए कार्य सिद्ध होते हैं।

दूसरा सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त

दूसरे सावन सोमवार पर जलाभिषेक ब्रह्म मुहूर्त से ही प्रारंभ हो जाएगा। वैसे तो आप सुबह में कभी भी जलाभिषेक कर सकते हैं। लेकिन नीचे सुबह के कुछ शुभ मुहूर्त दिए गए हैं। उस दिन प्रदोष है तो शाम के समय में भी जलाभिषेक होगा।

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात: 04:22 बजे से 05:05 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त : सुबह 05:47 बजे से 07:27 बजे तक

शुभ-उत्तम मुहूर्त : सुबह 09:07 बजे से 10:47 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

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हैमस्ट्रिंग चोट के कारण The Hundred से बाहर हुई जेमिमाह रॉड्रिग्स

Jemima Rodrigues

भारतीय बल्लेबाज़ जेमिमाह रॉड्रिग्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण द हंड्रेड से बाहर हो गई हैं।सदर्न ब्रेव ने उन्हें लगभग 76 लाख रूपए में अपनी टीम में अनुबंधित किया था और वह इस सीज़न में टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रही हैं। जेमिमाह ने छह पारियों में 143 रन बनाए हैं, जिसकी बदौलत ब्रेव महिला प्रतियोगिता में 20 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर मौजूद ट्रेंट रॉकेट्स की बराबरी पर है। बेहतर नेट रन रेट के कारण रॉकेट्स पहले स्थान पर हैं। 25 वर्षीय जेमिमाह को इस दौरान दो बार प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार भी मिला।

उनका बाहर होना ब्रेव के लिए बड़ा झटका है। जेमिमाह इस टूर्नामेंट की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में से एक हैं। ब्रेव के पास सीधे फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए अभी दो मैच बाक़ी हैं। उन्हें अपने आख़िरी लीग मुकाबले मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और ट्रेंट रॉकेट्स के ख़िलाफ़ खेलने हैं।

यह भारत के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इस महीने के अंत में UAE में महिला एशिया कप शुरू होना है। जेमिमाह की हैमस्ट्रिंग चोट कितनी गंभीर है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। संभव है कि उनके चोट को बढ़ने से रोकने के लिए यह एहतियाती फ़ैसला लिया गया हो। भारत का अभियान 30 अगस्त को दुबई में थाईलैंड के ख़िलाफ़ मैच से शुरू होगा, जो अब 22 दिन दूर है।

ब्रेव ने जेमिमाह की जगह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर चार्ली नॉट को टीम में शामिल किया है। नॉट इससे पहले 2024 संस्करण में भी ब्रेव के लिए खेल चुकी हैं। इंग्लैंड में इस T20 सीज़न में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने द ब्लेज़ के लिए वाइटैलिटी ब्लास्ट विजेता अभियान में 404 रन बनाए और 27 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा थे।

Hariyali Teej 2026 Vastu tips: किसी दिशा में सबसे ज्यादा फलदायी होगी पूजा, यहां जानें हरियाली तीज के लिए वास्तु टिप्स

Hariyali Teej 2026 Vastu tips: हरियाली तीज हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए मनाया जाता है। कुंवारी लड़कियां भी मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए 108 वर्षों तक कठिन तपस्या की थी। तब भगवान शिव ने सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। यह पर्व शिव-पार्वती के पुनर्मिलन और अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

कब किया जाएगा हरियाली तीज 2026 व्रत?

हरियाली तीज 2026 का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा।

तिथि और मुहूर्त विवरण

तृतीया तिथि प्रारंभ : 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 बजे से

तृतीया तिथि समाप्त : 15 अगस्त 2026 को शाम 5:28 बजे तक

उदया तिथि : 15 अगस्त 2026 को पड़ने के कारण व्रत इसी दिन रखा जाएगा।

शिव-पार्वती की मूर्ति रखने के लिए कौन सी दिशा है शुभ?

वास्तु शास्त्र में पूजा-पाठ, देवी-देवताओं के लिए शुभ दिशा का वर्णन किया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हरियाली तीज के दिन शिव-पार्वती की मूर्ति को उत्तर-पूर्व दिशा में विराजमान करना चाहिए। यह दिशा को देवताओं की मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में शिव-पार्वती की मूर्ति को विराजमान करने से घर में सुख-शांति का वास होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए कहा जाता है कि मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्ति को विराजमान करने से पहले शुभ दिशा के बारे में जरूर जान लें।

अगर घर में उत्तर-पूर्व दिशा में शिव-पार्वती की मूर्ति को रखना संभव नहीं है, तो ऐसे में उत्तर दिशा में मूर्ति को विरजमान करना शुभ माना जाता है। इस दिशा में मूर्ति को विराजमान करने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। हरियाली तीज के दिन पूजा के दौरान पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख होना चाहिए।

किस दिशा में न रखें मूर्ति?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान शिव और मां पार्वती की मूर्ति को दक्षिण दिशा में भूलकर भी विराजमान नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस दिशा में पितरों का वास माना जाता है। इस दिशा में पूजा करने से शुभ फल प्राप्त नहीं होता है।

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IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”