Video: शेर के कब्जे में 30 मिनट तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा शख्स, आखिर कैसे बची जान? खुद सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी

गुजरात के एक छोटे से गांव में एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक आम चरवाहे का सामना अचानक जंगल के सबसे खतरनाक शिकारी से हो गया। हालात ऐसे थे कि एक छोटी सी गलती उसकी जान ले सकती थी, लेकिन उसने डर और घबराहट के बजाय धैर्य और हिम्मत का सहारा लिया। कई मिनट तक चले इस खौफनाक आमने-सामने में उसकी नजरें शेर से मिली रहीं और हर पल जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई जैसा महसूस हुआ। इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया कि आखिर कैसे एक इंसान ने इतने खतरनाक हालात में खुद पर काबू रखा। अब इस अनोखे मुकाबले की कहानी सोशल मीडिया से लेकर हर जगह चर्चा का विषय बन गई है।

अचानक हुआ शेर से आमना-सामना

कालू परमार ने बताया कि घटना सोमवार सुबह की है। वह अपने घर के आंगन में गाय बांधने के बाद अंदर जाने वाले थे। तभी पीछे से किसी जानवर ने उन पर हमला कर दिया।

उन्होंने कहा, “मुझे समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। कुछ सेकंड बाद पता चला कि वह शेर था और मैं जमीन पर गिर चुका था।”

हमले के बाद शेर ने उनका हाथ अपने मुंह में पकड़ लिया। उस समय उनके पास बचने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था।

शेर को शांत करने के लिए अपनाई अनोखी रणनीति

परमार ने बताया कि उस खतरनाक पल में उन्होंने शेर से लड़ने के बजाय खुद को शांत रखने का फैसला किया। उन्होंने धीरे-धीरे शेर के सिर और गर्दन पर हाथ फेरना शुरू किया।

उनका मानना था कि इससे शेर को महसूस होगा कि वह उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। उन्होंने लगातार शेर की आंखों में देखते हुए खुद को शांत रखा।

करीब 30 मिनट तक दोनों के बीच एक अजीब सा सामना चलता रहा और आखिरकार शेर ने उनका हाथ छोड़ दिया।

आंखों के सामने घूम रहा था परिवार का चेहरा

परमार ने बताया कि उन 30 मिनटों में उन्हें अपनी पत्नी, पांच बेटियों और बेटे की याद आ रही थी। उन्हें लग रहा था कि शायद उनकी जिंदगी का यह आखिरी पल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से शेर ने उन्हें छोड़ दिया और वह सिर्फ पंजों की चोट के साथ बच गए।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी की सलाह

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि शेर के हमले के दौरान कोई एक तरीका हमेशा काम करेगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता। जानवर का व्यवहार, परिस्थिति और आसपास का माहौल नतीजे को प्रभावित करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शेर को छूना या उसके करीब जाना आमतौर पर जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि परमार के मामले में उनका शांत रहना और घबराहट से बचना मददगार साबित हुआ।

बीमारी से उबरने के बाद हुआ हमला

दिलचस्प बात यह है कि परमार हाल ही में बीमारी से ठीक हुए थे। घटना से सिर्फ 10 दिन पहले ही वह फ्लू के इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटे थे।

उन्होंने बताया कि गांव के लोग आसपास के जंगल में शेरों की आवाज सुनते रहते हैं, लेकिन गांव के अंदर किसी शेर को देखना उनके लिए पहली बार था।

वन विभाग ने शुरू किया शेर की तलाश अभियान

वन विभाग ने साफ किया है कि परमार पर हमला करने वाला जानवर शेर था, न कि शेरनी जैसा पहले बताया जा रहा था।

शेर को ढूंढने और सुरक्षित पकड़ने के लिए 32 सदस्यीय टीम को लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के कारण शेर आसपास के जंगल क्षेत्र में चला गया है।

वन विभाग के अधिकारी चिराग अमीन ने बताया कि टीम शेर की पहचान करने के साथ यह भी जांच रही है कि क्या उसे पहले कभी पकड़ा गया था। जरूरत पड़ने पर उसे दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट किया जा सकता है।

Video: भारतीयों की सेविंग्स की आदत के पीछे क्या है असली वजह, यूरोप में 10 साल रहे शख्स ने बताए 4 बड़े कारण

Market Trend : पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने से दबाव में बाजार, कमजोर मार्केट में भी इन दो शेयरों में होगी बंपर कमाई

Market Trend : पश्चिम एशिया में टेंशन फिर बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में ईरान की ओर से तीन टैंकरों पर हमले के बाद अमेरिका ने भी जवाबी हवाई हमले किए हैं। US ने ईरान के ग्लोबल मार्केट में तेल बेचने पर दी गई छूट भी वापस ले ली है। कच्चा तेल 4% उछलकर 76 डॉलर के करीब पहुंच गया है। पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल में उछाल से ग्लोबल बाजारों का मूड खराब हो गया है। गिफ्ट निफ्टी में 200 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट है। वहीं FIIs की कैश में लगातार तीसरे दिन खरीदारी हुई है। FIIs ने थोड़े शॉर्ट्स भी कवर किए हैं।

एशिया में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। कल की भारी गिरावट के बाद KOSPI में हल्की रिकवरी है। US इंडेक्सों में भी ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली दिखी है। डॉलर इंडेक्स 101 के पार निकल गया है। US बॉन्ड यील्ड में भी तेज उछाल दिखा है। इधर FOMC मिनट्स से पहले सोने और चांदी में भी गिरावट है। चांदी 3 फीसदी फिसली है।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में आज क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24424-24477/531 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24571-24589/623 पर है। इसके लिए पहला बेस 24261-24193 पर और बड़ा बेस 24139-24088/24011 पर है। एक्सपायरी पर आखिरी घंटे में हल्की बिकवाली दिखी। निफ्टी 200 DMA के अहम लेवल से लौटा। FIIs की कैश खरीदारी हुई। निफ्टी में खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग भी हुई। जियोपॉलिटिकल टेशंन से कच्चा तेल 76 डॉलर के पार चला गया है। AI थीम में अब भी दबाव जारी है। 24,400-24,600 जोन में भारी कॉल राइटिंग हुई। सपोर्ट पर नजर बनाए रखें। फिलहाल निफ्टी की चाल को समझने में समय लगेगा।

बेस-1 टूटने पर पोजिशनल लॉन्ग से निकलने की सलाह होगी। बेस-1 के नीचे टिकने पर बेस-2 की संभावना बढ़ेगी। गिरावट पर खरीदारी के लिए बेस-1 का होल्ड होना जरूरी है। AI थीम में कमजोरी के बीच निफ्टी IT सबसे अहम है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए के लिए पहला रजिस्टेंस 58512-58640 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58891-59067/59273 पर है। इसके लिए पहला बेस 58010-57810 पर और बड़ा बेस 57531-57410/338 पर है। 58,500 जोन पर कॉल राइटिंग से रेजिस्टेंस मजबूत है। PSU बैंकों के दबाव से बैंक निफ्टी पर असर है। पिछले 10-12 सत्रों से 10 DMA मजबूत सपोर्ट बना है। 58,000 जोन में पुट राइटर्स का मजबूत सपोर्ट है। बेस -1 के ऊपर बैंक निफ्टी में मजबूती बरकरार है। 57,810 के नीचे टिकने पर बेस-2 की संभावना बढ़ेगी।

Market cues : निफ्टी के 24500 के नीचे बने रहने तक बाजार में कंसोलीडेशन जारी रहने की उम्मीद

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी आज HDFC Life में 567 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 580 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, Jubliant food में 450 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 470 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Delhi Power Cut: 9 जुलाई को दिल्ली के इन इलाकों में रहेगी बिजली की समस्या, देखें समय और जगहों की पूरी जानकारी

Delhi Power Cut: दिल्ली के कई इलाकों में गुरुवार (9 जुलाई) को बिजली कटौती की समस्या हो सकती है। यह कटौती जरूरी मेंटेनेंस और सिस्टम अपग्रेड के काम के कारण की जा रही है। दरअसल, BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और रखरखाव से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं, जिसके चलते अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे उसी हिसाब से अपने दिन की योजना बनाएं और बिजली कटौती से पहले जरूरी इंतजाम कर लें।

निर्धारित बिजली कटौती इस प्रकार है:

पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ब्लॉक J, पालम में बिजली प्रभावित रहेगी।

पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सेक्टर 8, द्वारका और ब्लॉक RZ, सागरपुर में पावर कट रहेगा।

पालम डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक ब्लॉक G, राज नगर 2 में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

पालम डिवीजन: दोपहर 13:03 बजे से शाम 17:03 बजे तक तमिलर एन्क्लेव, विजय एन्क्लेव और महावीर एन्क्लेव में बिजली कटौती की समस्या रहेगी।

जनकपुरी डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक पोसांगीपुर गांव में बिजली कटौती रहेगी।

नांगलोई डिवीजन: सुबह 10:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक अध्यापक नगर, नांगलोई में बिजली आपूर्ती प्रभावित रहेगी।

हौज खास: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बियर सराय में बिजली सप्लाई बंद रह सकती है।

छतरपुर डिवीजन: सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक डॉ. अंबेडकर कॉलोनी में पावर कट रहेगा।

टैगोर गार्डन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 13:00 बजे तक ब्लॉक EF जनता कॉलोनी, ब्लॉक BA टैगोर, ब्लॉक EA, ब्लॉक FB, ब्लॉक D, टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में बिजली की समस्या रहेगी।

टैगोर गार्डन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक मुखर्जी पार्क चौखंडी विष्णु गार्डन में लाइट की समस्या रहेगी।

उत्तम नगर: रात 00:07 से 01:37 बजे तक पुराना जानकी पुरी, बिंदापुर में बिजली प्रभावित रहेगी।

मुंडका डिवीजन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक जय विहार कमरुद्दीन नगर में बिजली कटौती रहेगी।

खानपुर डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 13:07 बजे तक जवाहर पार्क, संगम विहार में पावर सप्लाई बंद रहेगी।

मोहन गार्डन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सैनिक एन्क्लेव, VIPIN गार्डन, नवादा में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

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8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बिग अपडेट! सैलरी में 70% से ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जानें HRA और DA का ये नया गणित

8th Pay Commission Salary Hike Proposals: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बेहद जबरदस्त खबर आ रही है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की ओर से सौंपे गए नए प्रस्तावों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी में 70% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यह अनुमानित बढ़ोतरी सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं है। बल्कि, बेसिक पे में संशोधन, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में बढ़ोतरी और डियरनेस अलाउंस (DA) के मर्जर के संयुक्त प्रभाव के कारण यह आंकड़ा 70% के पार जा रहा है। आइए समझते हैं कि इस नए प्रस्ताव का पूरा गणित क्या है और लेवल-1 के कर्मचारियों की सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹37080 से बढ़कर हो जाएगी ₹63500

ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) सहित कई प्रमुख कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके अनुसार एक्स-कैटेगरी (X-Category) के शहरों में काम करने वाले लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी करीब ₹37080 से बढ़ाकर लगभग ₹63500 करने की सिफारिश की गई है। यह सीधे तौर पर 71% तक की कुल बढ़ोतरी को दर्शाता है।

आपको बता दें कि ये आंकड़े कर्मचारी यूनियनों द्वारा की गई सिफारिशों और प्रस्तावों पर आधारित हैं। यह सरकार या आठवें वेतन आयोग का अंतिम फैसला नहीं है। अंतिम निर्णय वेतन आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

70% से ज्यादा सैलरी बढ़ने की मुख्य वजहें क्या हैं?

सिर्फ बेसिक पे बढ़ने से सैलरी इतनी ज्यादा नहीं भागती, बल्कि बेसिक पे के साथ जुड़े अन्य भत्ते भी ऑटोमैटिकली बढ़ जाते हैं। यूनियनों ने ये मांगें रखी हैं:

DA का बेसिक पे में विलय: कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि नए पे-स्केल को तय करने और लागू करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज किया जाए। इससे सैलरी का आधार काफी बड़ा हो जाएगा।

हायर ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA): मासिक भत्ते को सीधे बढ़ाने के लिए ऊंचे ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सिफारिश की गई है।

HRA दरों में संशोधन: शहरों की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट अलाउंस बढ़ाने का प्रस्ताव है।

HRA में बड़े बदलाव की तैयारी: X, Y और Z शहरों का नया ढांचा

केंद्र सरकार ने रहने के खर्च और आबादी के हिसाब से शहरों को तीन श्रेणियों- X, Y और Z में बांटा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे बड़े महानगर X कैटेगरी में आते हैं, जहाँ रहने का खर्च सबसे ज्यादा है।

वर्तमान में HRA की दरें 30%, 20% और 10% हैं। यूनियनों ने आठवें वेतन आयोग के तहत इसे बढ़ाकर 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है।

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

प्रोजेक्शंस और अनुमानों के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना है कि, ‘70% से अधिक की अनुमानित वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर पर नहीं, बल्कि कई मान्यताओं के संयोजन पर आधारित है। हालांकि संशोधित बेसिक पे मुख्य ड्राइवर है, लेकिन चूंकि HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे घटक सीधे बेसिक पे से जुड़े होते हैं, इसलिए बेस बढ़ते ही पूरी सैलरी का पैकेज काफी बड़ा दिखने लगता है।’

वैसे ये सभी बातें इस पर निर्भर करेंगी कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर क्या रहता है और सरकार अलाउंस के इस नए स्ट्रक्चर को किस तरह स्वीकार करती है। जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपता, इसे एक मजबूत उम्मीद या संकेतक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ओडिशा में यूनियनों की बैठकें समाप्त होने और पश्चिम बंगाल में नए दौर की चर्चाएं शुरू होने के साथ ही, कर्मचारियों के बीच इस 70% सैलरी हाईक के फॉर्मूले पर बहस और तेज हो गई है।

Delhi NCR Heavy Rain Alert: IMD ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इस बीच गुरुग्राम में WFH की एडवाइजरी जारी

Delhi NCR Heavy Rain Alert: मानसून की पहली ही भारी बारिश ने दिल्ली से सटे साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार (7 जुलाई) को हुई लगभग 82 मिमी बारिश के बाद हरियाणा के इस प्रमुख शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। सबसे बुरा हाल नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर देखने को मिला। यहां नरसिंहपुर के पास मुख्य हाईवे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसके बाद प्रशासन को दो लेन पूरी तरह बंद करनी पड़ीं।

इस हादसे के कारण दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर हीरो होंडा चौक से लेकर खेड़की दौला टोल प्लाजा तक लगभग 8 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इसमें हजारों वाहन चालक घंटों फंसे रहे। यह घटना दोपहर 3 से 4 बजे के बीच की है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) इस हिस्से के नीचे ड्रेनेज (जल निकासी) पाइप डालने का काम कर रहा था। खुदाई की वजह से सड़क के नीचे की मिट्टी पहले से ही कमजोर थी। इस वजह से भारी बारिश के पानी ने इसे पूरी तरह बहा दिया, जिससे मुख्य हाईवे बीच से धंस गया।

ट्रैफिक पुलिस की नई एडवाइजरी

भारी ट्रैफिक जाम को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए तुरंत रूट डायवर्ट कर दिया है। वाहन चालकों को इन रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है:-

राजीव चौक से: वाहन चालक राजीव चौक पर बाईं (Left) तरफ मुड़कर एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें।

हीरो होंडा चौक से: यहां से भी बाईं ओर मुड़कर एसपीआर रोड के जरिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ें।

दिल्ली से आने वाले वाहन: दिल्ली से आने वाले लोग नरसिंहपुर के जाम से बचने के लिए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) का रास्ता अपनाएं।

कॉरपोरेट कंपनियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील

मौसम विभाग के अनुमान और आने वाले दिनों में और जलभराव की आशंका को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने शहर के सभी निजी संस्थानों और कॉरपोरेट सेक्टर से अपील की है:-

  • आगामी कुछ दिनों तक मुख्य सड़कों और चौराहों पर जलभराव और भारी जाम की पूरी आशंका है। इसलिए हम कॉरपोरेट सेक्टर और निजी कंपनियों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे अपने कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की सुविधा दें, ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके और लोग सुरक्षित रहें।”
  • अगर आप भी गुरुग्राम या दिल्ली-एनसीआर में सफर कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक कर लें और संभव हो तो डिजिटल माध्यमों से ही अपना काम निपटाएं।

आज भी राहत मिलने की उम्मीद कम

यह वेदर फोरकास्ट साफ इशारा कर रहा है कि गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आज भी जलभराव (waterlogging) और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद थोड़ी कम है। कल के 82 मिमी वाले हाहाकार के बाद आज, 8 जुलाई 2026, का मौसम कुछ ऐसा रहने वाला है:-

  • सुबह और दोपहर से पहले (Morning/Forenoon): आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सबसे जरूरी बात-इस दौरान बिजली कड़कने, गरजने और 30 से 40 किमी/घंटा (जो बढ़कर 50 किमी/घंटा तक जा सकती है) की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
  • दोपहर के समय हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी (करीब 15 किमी/घंटा) पड़ेगी। लेकिन बादलों का डेरा बना रहेगा।
  • राहत की उम्मीद मत करिए, क्योंकि शाम होते ही हवाएं फिर से रफ्तार पकड़ेंगी (20 किमी/घंटा) और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का दूसरा दौर (another spell) शुरू हो जाएगा।

यात्रियों और ऑफिस जाने वालों के लिए जरूरी सलाह

  • कल NH-48 (नरसिंहपुर) पर हुए बड़े रोड केव-इन (सड़क धंसने) और 8 किलोमीटर लंबे जाम के बाद आज की यह बारिश स्थिति को और बिगाड़ सकती है। सुबह के समय चलने वाली तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है और जलभराव वाले चौराहों पर ट्रैफिक रेंग सकता है।
  • पुलिस ने पहले ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ की एडवाइजरी जारी कर रखी है। अगर आपकी कंपनी इजाजत दे तो आज घर पर रहकर ही काम करना सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा फैसला होगा।
  • जलभराव के बीच अगर निकलना ही पड़े, तो मुख्य हाईवे (NH-48) के बजाय द्वारका एक्सप्रेसवे या एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें और जलभराव वाले अंडरपास से दूर रहें।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जबकि कुछ स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखी गईं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

क्या करें और क्या न करें

  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और अपडेट का पालन करें।
  • बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
  • कार चलाते समय गति नियंत्रित रखें और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

Video: भारतीयों की सेविंग्स की आदत के पीछे क्या है असली वजह, यूरोप में 10 साल रहे शख्स ने बताए 4 बड़े कारण

भारत में बचत करना सिर्फ एक अच्छी आदत नहीं, बल्कि जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है। ज्यादातर परिवार बचपन से ही बच्चों को पैसे संभालकर खर्च करने और भविष्य के लिए बचत करने की सीख देते हैं। नौकरी लगने के बाद भी लोगों की पहली प्राथमिकता अक्सर सेविंग्स बढ़ाना और आने वाले समय के लिए आर्थिक सुरक्षा तैयार करना होती है। वहीं, यूरोप के कई देशों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली इससे काफी अलग नजर आती है। वहां लोग भविष्य की चिंता के बजाय वर्तमान में खुलकर खर्च करते हुए दिखाई देते हैं।

आखिर दोनों जगहों की सोच में इतना बड़ा अंतर क्यों है? क्या इसकी वजह सिर्फ लोगों की मानसिकता है या इसके पीछे कोई और कारण भी छिपा है? इसी सवाल का जवाब यूरोप में लंबे समय से रह रहे एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने अपने अनुभव के आधार पर दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।

  1. इलाज का खर्च सबसे बड़ी चिंता

मुकुल के मुताबिक, यूरोप में लोग टैक्स और सोशल सिक्योरिटी के जरिए हेल्थकेयर का लाभ लेते हैं। किसी बड़ी मेडिकल इमरजेंसी में उन्हें इलाज के खर्च की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती।

वहीं भारत में कई परिवारों को अस्पताल का खर्च खुद उठाना पड़ता है। यही वजह है कि लोग मेडिकल इमरजेंसी के लिए पहले से पैसे बचाकर रखते हैं।

  1. बच्चों की पढ़ाई पर होता है भारी खर्च

उन्होंने बताया कि यूरोप के कई देशों में सरकारी स्कूलों में अच्छी और मुफ्त या बेहद कम खर्च वाली शिक्षा मिल जाती है। जहां भारत में बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, जहां फीस और दूसरे खर्च काफी ज्यादा होते हैं। इसलिए बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले से बचत करना जरूरी माना जाता है।

  1. रिटायरमेंट के लिए खुद बनाना पड़ता है सहारा

मुकुल का कहना है कि यूरोप में सोशल सिक्योरिटी और पेंशन जैसी सुविधाएं लोगों को भविष्य को लेकर कुछ राहत देती हैं।

जबकि भारत में अधिकतर लोग अपनी रिटायरमेंट के लिए खुद ही पैसा जोड़ते हैं। नौकरी के दौरान लगातार बचत करने की यही एक बड़ी वजह है।

  1. शादियों पर होता है लाखों का खर्च

उन्होंने ये भी कहा कि भारत में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि बड़ा पारिवारिक आयोजन होती है। कई परिवार शादी पर अपनी सालों की बचत खर्च कर देते हैं।

यूरोप में आमतौर पर शादियां काफी सादगी से होती हैं, इसलिए वहां लोगों पर ऐसा आर्थिक दबाव कम होता है।

लोगों ने क्या कहा?

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इस पर लोगों ने अलग-अलग राय दी।

एक यूजर ने लिखा, “आपकी बातें हमेशा जानकारी बढ़ाने वाली होती हैं।”

दूसरे यूजर ने कहा, “भारत में सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि माता-पिता और पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। खासकर 90 के दशक की पीढ़ी पर ये दबाव ज्यादा है।”

एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “आपके सभी पॉइंट सही हैं।”

वहीं एक यूजर का कहना था कि भारत की बड़ी आबादी भी इसकी एक अहम वजह है, क्योंकि इतनी बड़ी जनसंख्या को सभी तरह की सरकारी सुविधाएं देना आसान नहीं है।

बचत की आदत के पीछे सिर्फ सोच नहीं, व्यवस्था भी

मुकुल आनंद का मानना है कि भारत और यूरोप के लोगों की बचत की आदत में सबसे बड़ा फर्क उनके देश की व्यवस्था से आता है। जहां यूरोप में कई जरूरी खर्चों का बोझ सरकार और सोशल सिक्योरिटी सिस्टम संभाल लेते हैं, वहीं भारत में लोगों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए खुद पहले से आर्थिक तैयारी करनी पड़ती है।

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Stocks to Watch: Knack Packaging की लिस्टिंग; Indigo, HCL, SpiceJet समेत इन स्टॉक्स पर भी रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 140.50 प्वाइंट्स यानी 0.58% की गिरावट के साथ 24,243.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Embassy Developments Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में एंबेसी डेवलपमेंट्स की प्री-सेल्स सालाना आधार पर 338% बढ़कर ₹868 करोड़ और कलेक्शंस 54% उछलकर ₹496 करोड़ पर पहुंच गया।

IndiGo, SpiceJet

मई महीने में में मासिक आधार पर इंडिगो का मार्केट शेयर 65% से गिरकर 64.9% पर आ गया और पैसेंजर लोड फैक्टर 82.7% से उछलकर 86.4% पर पहुंच गया तो स्पाइसजेट का भी मार्केट शेयर 3.4% से गिरकर 2.5% पर आ गया और पैसेंजर लोड फैक्टर 80.7% से 87.4% पर पहुंच गया।

Axis Bank

आरबीआई ने एक्सिस बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव (पार्ट-टाइम) चेयरमैन के तौर पर एनएस विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है।

Ganesh Infraworld

गणेश इन्फ्रावर्ल्ड की सब्सिडियरी टाइकून माइन्स जीके को ₹100 करोड़ का सब-कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट नौ महीनों में काम पूरा करना है और कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में इससे रेवेन्यू मिलेगा।

IdeaForge Technology

आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी ने 7 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹835.86 तय किया। कंपनी इस फ्लोर प्राइस पर 5% तक की छूट दे सकती है।

Orchid Pharma

ऑर्किड फार्मा ने एक नए कॉम्बिनेशन एंटीबायोटिक Exblifep (सेफेपाइम/एनमेटाजोबैक्टम) के लिए Pharmasyntez JSC के साथ एक लाइसेंसिंग और सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इसका इस्तेमाल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और अस्पताल में होने वाले या वेंटिलेटर से जुड़े बैक्टीरियल निमोनिया (HAP/VAP) के इलाज में होगा।

HCL Technologies

एचसीएल सॉफ्टवेयर के डेटा और एआई डिवीजन Actian ने जैस्परसॉफ्ट की एम्बेडेड एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग कैपेबिलिटीज को अपने डेटा मैनेजमेंट पोर्टफोलियो में मिल लिया है। इससे पहले एचसीएल सॉफ्टवेयर ने जैस्परसॉफ्ट को खरीदा था।

Uno Minda

ऊनो मिंडा ने चार पहिया पैसेंजर गाड़ियों के लिए सीटिंग सिस्टम सेगमेंट में रणनीतिक विस्तार का ऐलान किया है। इसे लेकर कंपनी के बोर्ड ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (ग्रीनफील्ड फैसिलिटी) लगाने को मंजूरी दी है। इस पर करीब ₹320 करोड़ का कैपेक्स हो सकता है और इसके वित्त वर्ष 2028 की चौथी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है।

Silver Touch Technologies

सिल्वर टच टेक्नोलॉजीज को राइट्स से एआई से लैस डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) अप्रेजल और इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म परख के डिजाइन, डेवलपमेंट और इम्प्लीमेंटेशन का ऑर्डर मिला है। सिल्वर टच इस एआई प्लेटफॉर्म को देश के बड़े-बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स जैसे कि रेलवे, हाईवे, पुल, बंदरगाह, एयरपोर्ट, मेट्रो प्रोजेक्ट और सुरंग इत्यादि के वैल्यूएशन के लिए क्षमता से लैस करेगी।

EMS

दिल्ली जल बोर्ड के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए ईएमएस ने सबसे कम बोली लगाई है। इस ऑर्डर करीब ₹158.28 करोड़ का है।

3i Infotech

3आई इंफोटेक की सब्सिडियरी 3आई इंफोटेक सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को यूएई की वेदांत कंसल्टेंसी एफजेड एलएलसी से 1.765 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को लेकर आईटी कंसल्टिंग सर्विस के लिए है। इसके तहत कंपनी 1 मई, 2026 से 30 अप्रैल, 2027 तक काम कर रही है।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज का QIP इश्यू 7 जुलाई को बंद हुआ। इसे ₹15,000 करोड़ के 5.2 करोड़ इक्विटी शेयर ₹2,883 के भाव पर एलॉट किए गए।

Smartworks Coworking Spaces

स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेज ने ₹25 करोड़ के निवेश के साथ पुणे में अपनी मौजूदा क्षमता में 1,63,942 वर्ग फुट की जगह जोड़ी है।

Restaurant Brands Asia

रेस्टोरेंट ब्रांड्स इंडिया में ₹2235 करोड़ के निवेश से इंस्पिरा ग्लोबल (Inspira Global) ने अपने फूड एंड बेवरेज प्लेटफॉर्म लेनेक्सिस फूडवर्क्स (Lenexis Foodworks) के जरिए कंट्रोल हासिल कर लिया है। इस लेन-देन के पूरा होने के बाद इंस्पिरा ग्लोबल की कंपनी में 41.78% हिस्सेदारी हो गई है। सभी वारंट्स का इस्तेमाल करने के बाद ₹450 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से इसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 48.04% हो जाएगी।

Orbit Exports

ऑर्बिट एक्सपोर्ट्स के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹250 के भाव पर ₹27.6 करोड़ तक के शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल इश्यू आज बंद होगा। सरकार 2.52% इक्विटी के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल कर रही है।

बल्क डील्स

Containerway International

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने कंटेनरवे इंटरनेशनल के 67,612 शेयर (0.58% हिस्सेदारी) ₹10.69 लाख में प्रति शेयर ₹15.82 के भाव पर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी में चुघ की हिस्सेदारी 1.64% (यानी 1.89 लाख शेयर) थी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

पोलुनिन कैपिटल पार्टनर्स की पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स के 44.19 लाख शेयर (1.5% हिस्सेदारी) ₹73.64 करोड़ में प्रति शेयर ₹166.65 के भाव पर खरीदे।

Capital Small Finance Bank

वेस्टबोर्न इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी की लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने एमिकस कैपिटल प्राइवेट इक्विटी I एलएलपी से कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक के 8.33 लाख शेयर (1.83% हिस्सेदारी) ₹25 करोड़ में खरीदे। जून 2026 तक कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक में लिप्टस पंच-कार्ड फंड की हिस्सेदारी 3% तो एमिकस कैपिटल प्राइवेट इक्विटी I की 2.85% हिस्सेदारी थी।

लिस्टिंग

आज नैक पैकेजिंग की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज एमफेसिस, यूनाइटेड स्पिरिट्स, ब्लिस जीवीएस फार्मा, हना जोसेफ हॉस्पिटल, केसर टर्मिनल्स एंड इंफ्रा और मोरार्का फाइनेंस के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात इंजेक्ट केरल के स्प्लिट और मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच 8 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में’गैप-डाउन’ओपनिंग होने की संभावना है। GIFT निफ्टी भी सुस्त शुरुआत का संकेत दे रहा है। शुरुआती कारोबार में यह इंडेक्स 24,251.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू बाजार के लिए निगेटिव शुरुआत का संकेत है।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

7 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स अपनी शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और लगातार चार सेशन से चली आ रही तेजी का सिलसिला टूट गया। कारोबार के अंत में ये मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच कल बाजार मजबूत शुरुआत के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में बढ़त बनाए रखी। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग के कारण दिन भर की सारी बढ़त खत्म हो गई और बाजार बंद होने तक बेंचमार्क इंडेक्स नेगेटिव दायरे में आ गए। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 104.35 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 78,180.72 पर और निफ्टी 31.65 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 24,398.70 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,251.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। जापान के निक्केई में 0.43 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.65 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग भी 1.44 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.35 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। कोस्पी 2 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.09 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Asian Market today: टेक स्टॉक्स में बिकवाली और US-ईरान युद्ध बढ़ने से निक्केई, कोस्पी गिरे

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट की AI के दम पर आई तेजी के बने रहने को लेकर बढ़ते शक के कारण माइक्रोन टेक्नोलॉजी और दूसरी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई,जिससे नैस्डैक में भारी गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 में 0.45% की गिरावट आई और यह 7,503.85 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.16% गिरकर 25,818.69 अंक पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.25% गिरकर 52,925.15 अंक पर बंद हुआ। गिरावट से पहले,डॉव ने सेशन के दौरान कुछ समय के लिए रिकॉर्ड ऊंचाई भी छुई थी।

डॉलर इंडेक्स

बुधवार को एशिया में ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर अधिकांश दूसरी करेंसी के मुकाबले इस हफ्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बना रहा। अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमले किए,जिससे जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया और तेल की कीमतें ऊपर चली गईं हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.13 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ है। ये क्रमशः 4.55% और 4.18% पर हैं।

एशियन करेंसी

US डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी कमजोर हुईं हैं। डॉलर की नई मांग का असर क्षेत्र की दूसरी करेंसी पर पड़ा हैं। मलेशियन रिंगित सबसे कमजोर दिख रही है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद फिलीपीन पेसो,जापानी येन और थाई बहत का नंबर है। वहीं,इंडोनेशियाई रुपिया ने डॉलर के मुकाबले 0.08 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चे तेल में तेजी

अमेरिका द्वारा ईरान में नए हवाई हमले करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के बाद ईरान को वैश्विक स्तर पर तेल बेचने की अनुमति देने वाली छूट को रद्द करने के बाद,ब्रेंट क्रूड 2% बढ़कर $76 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।

गोल्ड

सोने की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। ईरान पर अमेरिका के नए हवाई हमलों ने उस अंतरिम समझौते को खतरे में डाल दिया है जिसका मकसद युद्ध खत्म करना था। इस युद्ध ने महंगाई बढ़ाई है और ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पैदा की है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.08 फीसदी की मामूली तेजी आई है। वहीं,चांदी में 0.16 फीसदी की हल्की बढ़त है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

7 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 393 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 383 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Crude Oil Price: US-ईरान युद्ध बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 2% बढ़ीं, ब्रेंट क्रूड $75 प्रति बैरल से ऊपर

Crude Oil Price:  होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में अमेरिका के ईरान पर नए हमले करने के बाद बुधवार को तेल की कीमतें बढ़ गई। अगस्त डिलीवरी के लिए US बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.1% बढ़कर $71.87 प्रति बैरल हो गया, जबकि सितंबर डिलीवरी के लिए ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.9% बढ़कर $75.53 प्रति बैरल हो गया।

आज कच्चे तेल की कीमतों में क्या तेज़ी है?

US सेंट्रल कमांड के अनुसार, US ने कमर्शियल शिपिंग पर हमलों के लिए बड़ी कीमत लगाने के मकसद से “ताकतवर हमले” किए। ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक द्वीप पर धमाकों की खबर है, जबकि डिप्टी विदेश मंत्री काज़म ग़रीबाबादी ने चेतावनी दी कि तेहरान जवाबी कार्रवाई करेगा।

एक अलग कदम में, US ट्रेजरी ने ईरान को तेल एक्सपोर्ट करने की इजाज़त देने वाले सेंक्शन में मिली छूट को रद्द कर दिया, जिससे तेहरान के साथ अंतरिम शांति समझौते का एक अहम नियम पलट गया। यह बढ़ोतरी स्ट्रेटेजिक वॉटरवे में तीन जहाजों पर हमलों के बाद हुई, जिसमें एक गैस कैरियर और एक सऊदी ऑयल टैंकर शामिल थे, जिससे पिछले महीने डील लागू होने के बाद से मंगलवार ऐसी घटनाओं के लिए सबसे बिज़ी दिन बन गया।

बढ़े हुए तनाव ने यूरोपियन नेचुरल गैस की कीमतों को भी बढ़ा दिया, फ्यूचर्स 4.9% तक बढ़ गए।

दूसरी तिमाही में गिरावट के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया, जब क्षेत्रीय तनाव कम होने से क्रूड पर असर पड़ा था। कमर्शियल जहाजों पर हुए नए हमलों और US मिलिट्री एक्शन से उम्मीद है कि शिपिंग कंपनियां और क्षेत्रीय तेल प्रोड्यूसर होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने से डिसकरेज होंगे, जो फारस की खाड़ी के एक्सपोर्टर्स को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने वाला एक ज़रूरी रास्ता है।

नए डेवलपमेंट से पहले, गोल्डमैन सैक्स जैसे बैंकों ने चेतावनी दी थी कि क्रूड मार्केट सरप्लस में वापस आ सकता है क्योंकि क्षेत्रीय प्रोड्यूसर प्रोडक्शन बढ़ा रहे हैं और स्ट्रेट के ज़रिए शिपिंग एक्टिविटी ठीक हो रही है। उसी समय, OPEC+ ने प्रोडक्शन में कटौती को वापस लेने की अपनी योजना जारी रखी।

होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल वॉशिंगटन और तेहरान के बीच झगड़े का एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। मंगलवार को, ईरान ने यूनाइटेड नेशंस की शिपिंग एजेंसी को बताया कि वह वॉटरवे के कुछ हिस्सों पर अधिकार रखता है, जो शांति के समय में दुनिया के रोज़ाना के तेल ट्रेड का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता था।

इस बीच, ब्रेंट क्रूड का प्रॉम्प्ट स्प्रेड वापस बैकवर्डेशन में चला गया—एक बुलिश मार्केट स्ट्रक्चर जहां कम समय के कॉन्ट्रैक्ट बाद के कॉन्ट्रैक्ट के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड होते हैं। बुधवार को स्प्रेड 23 सेंट प्रति बैरल था, जो हफ्ते की शुरुआत में देखे गए 25-सेंट के कॉन्टैंगो, जो कि उल्टा प्राइसिंग स्ट्रक्चर था, से उलटा था।

Crude Oil Price: 60 डॉलर से नीचे जा सकता है कच्चा तेल! एक्सपर्ट बोले- चीन बदलेगा पूरा खेल

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

कम इनकम में कार खरीदना अब हुआ और आसान, सैलरी बेस पर ऐसे करें सही बजट प्लान!

घर के बाद कार खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल डिसिजन होता है। सही कार चुनते समय सिर्फ उसकी कीमत नहीं, बल्कि आपकी सालाना इनकम, मासिक खर्च, बचत और फ्यूचर की फाइनेंशियल प्लान का भी ध्यान रखना चाहिए। आमतौर पर ऐसी कार चुनना बेहतर माना जाता है, जिसकी ऑन-रोड कीमत आपकी सालाना टेक-होम इनकम के आसपास हो, ताकि ईएमआई और बाकी खर्च आसानी से संभाले जा सकें। आइए जानते हैं कि 2026 में आपकी सैलरी के हिसाब से कौन-सी कार खरीदना सबसे सही ऑप्शन हो सकता है:

सालाना आय: ₹10 लाख से ज़्यादा

10 अक्टूबर से बुक कर पाएंगे टाटा टियागो ईवी, जनवरी 2023 से मिलेगी डिलेवरी - carandbike

इस बजट में लोग आमतौर पर किफायती और माइलेज-फ्रेंडली हैचबैक या एंट्री SUV चुनते हैं। मारुति सुजुकी स्विफ्ट, हुंडई ग्रैंड i10 Nios और टाटा टियागो जैसे मॉडल भरोसेमंद और लो मेंटेनेंस विकल्प हैं। SUV लुक के लिए रेनॉल्ट काइगर और निसान मैग्नाइट भी अच्छे ऑप्शन हैं, जो स्टाइल और बजट दोनों का बैलेंस रखते हैं।

सालाना आय: ₹10-15 लाख

New Baleno 2022: मारुति सुजुकी ने लॉन्च की नए जमाने की नई बलेनो, पहली बार इस सेगमेंट में मिलेंगे ये फीचर्स, जानें कीमत - maruti suzuki launches new age baleno starting in

इस इनकम में प्रीमियम हैचबैक और कॉम्पैक्ट SUV बेहतर ऑप्शन बनते हैं। मारुति बलेनो और टोयोटा ग्लैंज़ा फीचर्स और माइलेज के लिए पॉपुलर हैं, जबकि हुंडई i20 और टाटा अल्ट्रोज़ स्टाइल और सेफ्टी का अच्छा कॉम्बिनेशन देते हैं। SUV सेगमेंट में हुंडई एक्सटर, टाटा पंच, मारुति फ्रॉन्क्स और टोयोटा टैसर काफी पसंद की जाती हैं।

सालाना आय: ₹15-25 लाख

किआ सोनेट सबकॉम्पैक्ट SUV के लॉन्च की तारीख़ का हुआ खुलासा - carandbike

यह सेगमेंट कॉम्पैक्ट SUV और सेडान का बैलेंस है। मारुति ब्रेज़ा, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट और महिंद्रा XUV 3XO जैसे मॉडल काफी डिमांड में हैं। वहीं होंडा एलिवेट जैसी SUV और फॉक्सवैगन वर्टस या स्कोडा स्लाविया जैसी सेडान भी अच्छे ऑप्शन हैं।

सालाना आय: ₹25-40 लाख

टाटा हैरियर के वेरिएंट लाइनअप में बदलाव - नए ट्रिम्स के बारे में विस्तार से जानकारी

इस इनकम ग्रुप में मिड-साइज SUV सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं। हुंडई क्रेटा और किआ सेल्टोस इस सेगमेंट की टॉप कारें हैं। इसके अलावा टोयोटा हाइब्रिड मॉडल और मारुति ग्रैंड विटारा भी अच्छे ऑप्शन हैं। बड़ी और पावरफुल SUV के लिए महिंद्रा स्कॉर्पियो-N, टाटा हैरियर और MG हेक्टर भी शामिल हैं।

सालाना आय: ₹40-60 लाख

टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस भारत में लॉन्च, कीमत 18.30 लाख रुपये से शुरू | CarDekho.com

यहां लोग प्रीमियम SUV और लग्जरी जैसी सुविधाओं वाली गाड़ियों की तरफ बढ़ते हैं। टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस फैमिली के लिए बेहद भरोसेमंद विकल्प है। महिंद्रा XUV700 फीचर्स के लिए मशहूर है। वहीं जीप कंपास, हुंडई टक्सन और BYD Atto 3 (EV) भी मजबूत ऑप्शन’हैं।

सालाना आय: ₹60 लाख से ₹1 करोड़

GLA 200 1080P, 2K, 4K, 5K HD wallpapers free download | WallpaperFlare

इस लेवल पर लग्जरी ब्रांड्स में एंट्री आसान हो जाती है। BMW X1, Mercedes-Benz GLA और Volvo XC40 जैसी SUV लोकप्रिय हैं। सेडान सेगमेंट में Audi A4, BMW 3 Series और Mercedes C-Class पसंद की जाती हैं। Toyota Fortuner भी प्रीमियम SUV के तौर पर मजबूत ऑप्शन बनी रहती है।

सालाना आय: ₹1 करोड़+

Bmw sedan summer drive | Bmw sedan road trip, Gray bmw sedan on road, Bmw 520d

यह लेवल पूरी तरह लग्जरी और प्रीमियम कारों का है। Mercedes-Benz E-Class, BMW 5 Series जैसी सेडान और Audi Q5, BMW X3, Mercedes GLC जैसी SUV आमतौर पर पसंद की जाती हैं। वहीं Range Rover और Toyota Vellfire जैसी गाड़ियां प्रीमियम लाइफस्टाइल का एक्सपीरियंस देती हैं।

आज के समय में सभी कार सेगमेंट में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में समझदारी इसी में है कि कार खरीदने का फैसला अपनी सालाना आय को ध्यान में रखकर लिया जाए। हर व्यक्ति की फाइनेंशियल सिचुएशन अलग होती है, लेकिन सैलरी के बेस पर बजट डिसाइड करने से सही ऑप्शन चुनना आसान हो जाता है।