Dada The Sourav Ganguly Story: गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार नहीं आयुष्मान खुराना थे मेकर्स की पहली पसंद! फिल्म का पोस्टर हुआ रिलीज

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है। फिल्म में राजकुमार राव पूर्व भारतीय कप्तान का किरदार निभाते नजर आएंगे। सौरव गांगुली के जन्मदिन के मौके पर जारी किए गए इस फर्स्ट लुक के साथ मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। ये फिल्म 14 मई 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं फिल्म के फर्स्ट लुक को देखकर फैंस बेसब्री से इसके रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे।

राव नहीं थे पहली पंसद

रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरव गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे। शुरुआत में आयुष्मान खुराना को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन किसी वजह से बात आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में यह अहम भूमिका राजकुमार राव को मिल गई।

 

रिलीज हुआ फिल्म का पहला पोस्टर

फिल्म के फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में राजकुमार राव ने सौरव गांगुली के करियर के सबसे चर्चित पल को पर्दे पर रीक्रिएट किया है। इसमें सौरव गांगुली साल 2002 में इंग्लैंड पर मिली ऐतिहासिक नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराते नजर आते हैं। उनका ये जश्न आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार लम्हों में गिना जाता है। सौरव गांगुली की बेखौफ कप्तानी और टीम इंडिया के नए दौर की पहचान माना जाता है।

सौरव गांगुली की कहानी

राजकुमार राव का इस ऐतिहासिक पल को पर्दे पर दोबारा जीवंत करना क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ में सौरव गांगुली के एक युवा क्रिकेटर से भारतीय टीम के सफल और प्रभावशाली कप्तान बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा। फिल्म में उनकी मेहनत, संघर्ष, बेखौफ नेतृत्व और भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने वाली कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।

विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को टी-सीरीज, डीबीएल और लव फिल्म्स प्रस्तुत कर रहे हैं। फर्स्ट लुक सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फैंस बेसब्री से बड़े पर्दे पर सौरव गांगुली की कहानी देखने का इंतजार है।

Yamaha का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगी 117 km की IDC रेंज, जानें कीमत

Yamaha Aerox E: Yamaha ने भारत में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox E लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.82 लाख रुपये (दिल्ली) रखी गई है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल पेश किया गया था और अब इसे भारत के कुछ शहरों में खरीदने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल Yamaha Aerox E दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और पुणे में बिक्री के लिए उपलब्ध है। बता दें कि यह इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मौजूद Ather 450 Apex, TVS X और Ola S1 Pro जैसे दमदार इलेक्ट्रिक स्कूटर को टक्कर देगा।

पावरट्रेन और रेंज

Yamaha Aerox E में दो 1.5kWh की हटाने योग्य (Removable) बैटरी पैक दिए गए हैं। इसमें Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) लगी है, जो 9.4 kW (12.60hp) की पावर और 48Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक स्कूटर फुल चार्ज होने पर 117 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज दे सकता है। वहीं, Power Mode में Boost फीचर ऑन करने पर इसकी टॉप स्पीड 95.5 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

बैटरी चार्जिंग की बात करें तो, एक बैटरी पैक को 0 से 100% चार्ज होने में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगता है। अगर दोनों बैटरियों को एक साथ चार्ज किया जाए, तो इन्हें पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 6 घंटे 20 मिनट लग सकते हैं।

Yamaha Aerox E का डिजाइन और डायमेंशन

देखने में, Aerox E काफी हद तक अपने पेट्रोल वाले मॉडल, Aerox 155 जैसी ही लगती है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव नया TFT डिस्प्ले है, जिसने ICE मॉडल वाले LCD कंसोल की जगह ली है। इसके अलावा, इसमें आपको शार्प बॉडीवर्क के साथ वही स्पोर्टी मैक्सी-स्कूटर स्टाइलिंग मिलती है। इस स्कूटर का व्हीलबेस 1,360mm और कर्ब वेट 139 kg है, जो इसे स्टैंडर्ड Aerox 155 से लगभग 13 kg भारी बनाता है।

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इसमें आगे की तरफ 110/80 टायर और पीछे की तरफ 140/70 टायर मिलते हैं, जो इसे बेहतर स्टेबिलिटी और स्पोर्टी राइडिंग अनुभव देने में मदद करते हैं।

Yamaha Aerox E के फीचर्स

Yamaha नई Aerox E में इकॉनमी, स्टैंडर्ड और पावर राइडिंग मोड देता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में बूस्ट मोड, रिवर्स मोड और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम भी है। इसकी अन्य खासियतों में Yamaha Y-Connect के साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, आगे और पीछे डिस्क ब्रेक, LED हेडलैंप और LED टेललैंप, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और सिंगल-चैनल ABS शामिल हैं।

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अरब सागर के ऊपर अचानक गायब हुआ कराची आ रहा विमान! 22400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरा बोइंग जेट, मची खलबली!

Pakistan Cargo Plane Missing:  पाकिस्तान का एक कार्गो प्लेन मंगलवार (7 जुलाई) को बीच हवा में गायब हो गया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह से पाकिस्तान के कराची जा रहे इस कार्गो प्लेन में पांच क्रू मेंबर सवार थे। विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने बड़े स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

अरब सागर के ऊपर अचानक गायब हुआ कराची आ रहा विमान! 

पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, शारजाह से कराची जा रहा एक कार्गो विमान मंगलवार देर रात अरब सागर के ऊपर अचानक रडार और ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि K2 एयरवेज का बोइंग 737-400 विमान जब पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था, तभी कराची से करीब 300 किलोमीटर पश्चिम में उसका कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया।

उड़ान के दौरान विमान के कप्तान ने तकनीकी खराबी की जानकारी दी थी और कंट्रोल सेंटर से मदद भी मांगी थी। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के मुताबिक, इस मालवाहक विमान में कुल पांच क्रू मेंबर सवार थे। फिलहाल विमान की तलाश की जा रही है।

पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, कराची एरिया कंट्रोल सेंटर (ACC) की निगरानी के दौरान रात 9:18 बजे विमान के क्रू ने ट्रैकिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी की जानकारी दी थी। इसके कुछ ही मिनट बाद, रात 9:21 बजे तकनीकी निगरानी में पता चला कि विमान तेजी से नीचे आ रहा था और उसने अचानक अपनी दिशा भी बदल ली।

इसके तुरंत बाद कराची से करीब 287 किलोमीटर पश्चिम में विमान का रडार और कंट्रोल सेंटर से संपर्क पूरी तरह टूट गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान के ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) में भी तकनीकी दिक्कत आ गई थी। इसकी वजह से शारजाह के पास विमान की ट्रैकिंग सही तरीके से नहीं हो पा रही थी।

22400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरा बोइंग जे

ग्लोबल फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार के मुताबिक, शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि पहले विमान की ऊंचाई कम हुई, फिर कुछ देर के लिए बढ़ी और उसके बाद अचानक बहुत तेजी से नीचे आने लगी। विमान से आखिरी सिग्नल तब मिला, जब वह समुद्र तल से करीब 1,100 फीट की ऊंचाई पर था। उस समय विमान करीब 22,400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आ रहा था। यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान के कमजोर विमान सुरक्षा रिकॉर्ड की याद दिलाती है। साथ ही, इससे देश की सबसे बड़ी और दर्दनाक हवाई दुर्घटनाओं की यादें भी ताजा हो गई हैं।

मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक यात्री विमान कराची एयरपोर्ट के पास एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस विमान में 98 लोग सवार थे। लैंडिंग के दौरान हुई गलती की वजह से यह हादसा हुआ और विमान में मौजूद लगभग सभी लोगों की जान चली गई। बाद में सरकार की जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। रिपोर्ट में कहा गया कि पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की बड़ी मानवीय गलतियों की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ था।

9 जुलाई को होगा Nissan Tekton का ग्लोबल डेब्यू, Creta-Seltos को देगी कड़ी टक्कर

Nissan 9 जुलाई को अपनी बिल्कुल नई SUV Tekton ग्लोबल लेवल पर पेश कर सकती है, जिससे इसकी वापसी भारत के तेजी से बढ़ते मिड-साइज SUV सेगमेंट में होगी। वहीं, ग्लोबल लॉन्च से पहले जापानी कार कंपनी ने Nissan Tekton के कुछ ऑफिशियल टीजर जारी किए हैं। इसके अलावा कई स्पाई शॉट्स भी सामने आए हैं, जिनसे SUV के डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आई हैं।

उम्मीद है कि Nissan Tekton के प्लेटफॉर्म और मैकेनिकल पार्ट्स Renault Duster जैसे ही होंगे। इसके अलावा, यह SUV भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder और Maruti Suzuki Victoris से मुकाबला करेगी।

हालांकि भारत में निसान टेक्टॉन की लॉन्च की तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के कुछ महीनों के अंदर ही यह SUV देश में आ जाएगी।

Nissan Patrol से प्रेरित डिजाइन

Nissan Tekton का डिजाइन कंपनी की खास SUV, Nissan Patrol से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए इसे अक्सर ‘Baby Patrol’ कहा जाता है। वहीं, SUV के ऑफिशियल टीजर से इसके बोल्ड फ्रंट लुक का पता चलता है, जिसमें Nissan की सिग्नेचर ग्रिल, C-शेप के LED हेडलैंप और ऊंचा व मजबूत स्टांस देखने को मिलता है।

हाल ही में आई स्पाई तस्वीरों से SUV के पिछले हिस्से के डिजाइन का भी पता चला है। नई तस्वीर में कनेक्टेड LED टेललैंप दिख रहे हैं, जो काफी हद तक Renault Duster जैसे हैं, हालांकि इनकी लाइटिंग स्टाइल में थोड़ा बदलाव किया गया है। अपनी Renault सिस्टर कार की तरह, इस SUV के टेलगेट पर बड़े अक्षरों में ‘TEKTON’ लिखा है, जबकि पिछले बंपर का डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरा और सिंपल है।

कुल मिलाकर, Duster के साथ अपना प्लेटफॉर्म शेयर करने के बावजूद, इस SUV में Nissan का खास स्टाइल बरकरार रहने की उम्मीद है।

अनुमानित फीचर्स

Nissan ने अभी तक पूरी इक्विपमेंट लिस्ट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि टेक्टॉन में कई तरह के फीचर्स का पैकेज मिलेगा।

अनुमान के मुताबिक, Tekton में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, वायरलेस फोन चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, कई ड्राइव मोड्स और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स मिल सकते हैं।

सेफ्टी के मामले में भी यह SUV काफी मजबूत हो सकती है। इसमें 6 एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

इंजन विकल्प (अनुमानित)

उम्मीद है कि Nissan Tekton का पावरट्रेन लाइन-अप Renault Duster जैसा ही होगा।

इसके एंट्री-लेवल वेरिएंट में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 100 PS की पावर और 160 Nm का टॉर्क देगा। इसे छह-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा।

वहीं, इसके टॉप वेरिएंट्स में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो 163 PS की पावर और 280 Nm का टॉर्क देगा। इस इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, दोनों विकल्प मिलने की संभावना है। दोनों पेट्रोल इंजन E20 फ्यूल के अनुकूल हैं।

इसके अलावा, इस SUV में Renault का Strong Hybrid E-Tech 160 पावरट्रेन भी मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 1.4 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो कुल मिलाकर 160 PS की पावर और 172 Nm का टॉर्क देता है। साथ ही, यह शहर में गाड़ी चलाते समय काफी हद तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर चलने की सुविधा भी देता है।

प्रोडक्शन, अनुमानित कीमत और भारत में लॉन्च

Nissan Tekton को चेन्नई में Renault-Nissan Alliance प्लांट में बनाया जाएगा, जो घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों मार्केट के लिए गाड़ियां बनाता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन भारत में Nissan Tekton की कीमत 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच होने की उम्मीद है। वहीं इसकी लॉन्च कीमत, या भारत में Tekton की कीमत, इसके मार्केट में आने के समय के आस-पास कन्फर्म की जाएगी।

9 जुलाई को होने वाली अनवीलिंग (पहली झलक) से इसके स्पेसिफिकेशन्स और इंटरनेशनल लॉन्च प्लान के बारे में और जानकारी मिलेगी। हालांकि Nissan ने अभी तक भारत में Nissan Tekton की लॉन्च डेट कन्फर्म नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के बाद यह SUV देश के मिड-साइज SUV सेगमेंट में Nissan की लंबे समय बाद वापसी को दर्शाएगी।

कॉम्पिटिटिव कीमत, कई पावरट्रेन ऑप्शन और बेहतरीन फीचर्स के साथ, Tekton के हाल के वर्षों में Nissan India के सबसे अहम नए लॉन्च में से एक बनने की उम्मीद है।

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IMD Flash Flood Alert: सावधान! अगले 24 घंटों में इन 3 राज्यों में आ सकती है अचानक बाढ़, फ्लैश फ्लड और भारी बारिश की चेतावनी

IMD Flash Flood Alert: देश भर में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने लगातार हो रही भारी मॉनसूनी बारिश के मद्देनजर देश के तीन राज्यों महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कई हिस्सों के लिए अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों के कई जिलों में मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है जहां बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की आशंका काफी बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पहले ही पूरी तरह गीली हो चुकी है और नदियां उफान पर हैं। इससे इन क्षेत्रों में तेजी से बाढ़ आने की संवेदनशीलता बढ़ गई है।

पश्चिमी भारत में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

IMD के मुताबिक सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड का खतरा नीचे दिए गए इलाकों को है-

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गुजरात

भारी बारिश से नदियां उफान पर

मौसम एजेंसी का कहना है कि बहुत कम समय में होने वाली बेहद तेज बारिश की वजह से नदियां, नाले और जल निकासी चैनल उफान पर आ सकते हैं। खासकर निचले इलाकों में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान बाढ़ वाली सड़कों या नदियों के किनारों से यात्रा करने से बचने की सख्त सलाह दी है।

क्या होती है अचानक आने वाली बाढ़?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फ्लैश फ्लड सामान्य नदी की बाढ़ से बिल्कुल अलग होती है। मौसमी नदी की बाढ़ आमतौर पर बारिश होने के 100 से 150 घंटे बाद आती है लेकिन फ्लैश फ्लड भारी बारिश के कुछ ही मिनटों या घंटों के भीतर आ सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब जमीन पानी को सोखने की स्थिति में नहीं रहती या फिर नदियां, नाले और ड्रेनेज चैनल पूरी तरह से भर जाते हैं। तेज हवाओं की वजह से फ्लैश फ्लड अपने साथ मिट्टी, चट्टानें और मलबे को भी बहा ले आती है। अपनी बेहद तेज स्पीड और ताकत की वजह से इसे बारिश के मौसम से जुड़ी सबसे खतरनाक आपदाओं में से एक माना जाता है। ये तुरंत जानलेवा साबित हो सकती है।

IMD कैसे लगाता है फ्लैश फ्लड के खतरे का अनुमान?

मौसम विभाग द्वारा फ्लैश फ्लड की चेतावनियां जारी करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। वैज्ञानिक इसके लिए बारिश के पूर्वानुमान, सैटेलाइट ऑब्जर्वेशन, डॉपलर वेदर रडार डेटा और हाइड्रोलॉजिकल मॉडल्स का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक मिट्टी की नमी, नदियों के जलस्तर और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का भी बारीकी से एनालिसिस करते हैं ताकि यह सटीक अनुमान लगाया जा सके कि तेज बारिश के बाद कहां पानी तेजी से बढ़ सकता है।

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9 जुलाई तक जारी रहेगा मौसम का यह उग्र रूप

पश्चिमी भारत में वर्तमान दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के कुछ हिस्सों में 9 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इसके बाद परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर से मिल रही प्रचुर नमी और अनुकूल मानसूनी चक्र की वजह से मौसम का यह चरम रूप देखने को मिल रहा है।

Market Outlook : बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 9 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण 8 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। आज लगभग 1023 शेयरों में बढ़त हुई, 3070 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और HUL शामिल रहे।, जबकि बढ़त वाले शेयरों में ONGC, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और बजाज ऑटो शामिल रहे। सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, सभी अहम इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि वोलैटिलिटी इंडिया VIX में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आई।

निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी FMCG (-2.5 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में गिरावट देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.2 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.2 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। हालांकि, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। छोटे-मझोले शेयरों पर भी दबाव रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और इसके चलते ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 76 डॉलर तक पहुंचने से मार्केट एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में आ गया है। यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और इसके क्या नतीजे होंगे, यह अभी अनिश्चित है।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफ़ायर खत्म होने के बयान के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आई। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद तेहरान को और कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस बयान के बाद डेली चार्ट पर, निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और इसमें 30 मार्च, 2026 के बाद की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की। ADX इंडिकेटर में, DI- ने DI+ को पार कर लिया है, जिससे पता चलता है कि बेचने वालों ने खरीदने वालों पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, RSI में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो मंदी के रुझान के बढ़ने का संकेत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप सीज़फायर खत्म होने के बयान के बाद इन्वेस्टर्स ने जोखिम से दूर रहने की नजरिया अपना लिया, जिससे निफ्टी इंडेक्स 500 अंक से ज्यादा गिर गया। ऊपर की ओर कंसोलिडेशन के बाद इंडेक्स में गिरावट आई, जिससे हालिया उत्साह कम हो गया। हालांकि, इसे 23,070 से 24,348 तक की पिछली रैली के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल (जो 23,800 के आसपास है) के पास सपोर्ट मिला।

आगे यह देखना अहम होगा कि क्या निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर यह 23,800 के नीचे टूटता है, तो जारी करेक्शन का दौर और लंबा खिंच सकता है। वहीं, अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो निकट भविष्य में अच्छी रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज सेशन में घरेलू शेयर बाजार का मूड साफ तौर पर नेगेटिव हो गया, जिससे हालिया बढ़त खत्म हो गई। इसकी वजह वेस्ट एशिया में फिर से तनाव बढ़ना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आना रहा। महंगाई की चिंताएं भी फिर से बढ़ गईं हैं। इससे भारत और अमेरिका, दोनों जगह बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहा और इंडिया VIX में जबरदस्त उछाल आया। हर सेक्टर में गिरावट देखने को मिली। यह मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों से रिस्क लेने से बचने के ट्रेंड का संकेत है। साथ ही, पहली तिमाही के कमजोर अनुमानों के कारण नतीजों से पहले की घबराहट ने भी बाजार की गिरावट में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, आने वाले नतीजे शायद अकेले दम बाजार में बड़ी उठापटक न कर पाएं, लेकिन निवेशक मैनेजमेंट की कमेंट्री और आगे के अनुमानों पर बारीकी से नजर रखेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि क्या दूसरी तिमाही में भी कमजोर नतीजे जारी रहेंगे। अगर ऐसा होता है तो FY27 में घरेलू नतीजों और बाजार के प्रदर्शन में सुधार में देरी हो सकती है।

आगे चलकर बाजार की दिशा तय करने में फेड की जुलाई पॉलिसी मीटिंग के नतीजों, अमेरिका के मौजूदा आपसी टैरिफ समझौते की समय-सीमा खत्म होने के असर और मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के स्तर की अहम भूमिका होगी।

 

 

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

 

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YouTube का बड़ा तोहफा! लॉन्च किया ‘Gifts’ फीचर, अब लाइव स्ट्रीम से कमाई होगी और भी आसान

यूट्यूब ने भारत में लाइव स्ट्रीम करने वाले क्रिएटर्स के लिए नया ‘गिफ्ट्स’ फीचर शुरू किया है। इस फीचर की मदद से दर्शक लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को एनिमेटेड गिफ्ट भेज सकेंगे। इन गिफ्ट्स में भारत से जुड़े डिज़ाइन, जैसे वड़ा पाव, चाय-टोस्ट और पानी पुरी शामिल हैं। इससे क्रिएटर्स को अपने दर्शकों से बेहतर जुड़ने का मौका मिलेगा और वर्टिकल लाइव स्ट्रीम के जरिए कमाई का एक नया साधन भी मिलेगा।

इसके साथ ही यूट्यूब ने ‘ज्वेल्स’ नाम का नया फीचर भी लॉन्च किया है। इसका मकसद क्रिएटर्स की कमाई के नए रास्ते खोलना और दर्शकों को अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को आसान और मजेदार तरीके से समर्थन देने का विकल्प देना है।

गिफ्ट्स और ज्वेल्स क्या हैं?

यूट्यूब का गिफ्ट्स फीचर ऐसे एनिमेटेड वर्चुअल गिफ्ट्स हैं, जिन्हें दर्शक लाइव स्ट्रीम के दौरान अपने पसंदीदा क्रिएटर्स को भेज सकते हैं। इन गिफ्ट्स के जरिए दर्शक तुरंत अपनी खुशी, रिएक्शन और सपोर्ट दिखा सकते हैं। जैसे ही कोई गिफ्ट भेजा जाता है, उसका एनिमेशन लाइव स्ट्रीम पर दिखाई देता है, जिससे क्रिएटर और दर्शकों के बीच जुड़ाव और भी बेहतर हो जाता है।

इन गिफ्ट्स को भेजने के लिए दर्शकों को पहले ज्वेल्स खरीदने होंगे। ज्वेल्स का इस्तेमाल करके वे योग्य वर्टिकल लाइव स्ट्रीम के दौरान क्रिएटर्स को अलग-अलग एनिमेटेड गिफ्ट्स भेज सकते हैं। इससे लाइव स्ट्रीम का अनुभव ज्यादा मजेदार बनता है और क्रिएटर्स को कमाई का एक नया तरीका भी मिलता है।

जब दर्शक ज्वेल्स का इस्तेमाल करके किसी क्रिएटर को गिफ्ट भेजते हैं, तो बदले में उस क्रिएटर को रूबीज़ मिलते हैं। यही रूबीज़ इस फीचर के जरिए होने वाली उनकी कमाई को दिखाते हैं। इस फीचर को और खास बनाने के लिए यूट्यूब ने भारत की संस्कृति से प्रेरित कई वर्चुअल गिफ्ट्स भी पेश किए हैं। इनमें वड़ा पाव, चाय-टोस्ट, पानी पुरी, बधाई हो, केम छो, माचा और ऑल इज़ वेल जैसे एनिमेटेड गिफ्ट्स शामिल हैं। दर्शक इन्हें भेजकर अपने पसंदीदा क्रिएटर्स का समर्थन और उत्साह बढ़ा सकते हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में त्योहारों और खास मौकों के लिए नए मौसमी वर्चुअल गिफ्ट्स भी लॉन्च किए जाएंगे।

गिफ्ट्स फीचर कैसे चालू करें?

जिन क्रिएटर्स का चैनल इस फीचर के लिए योग्य है, वे यूट्यूब स्टूडियो के ‘अर्न’ सेक्शन में जाकर ‘गिफ्ट्स’ फीचर चालू कर सकते हैं। इसके बाद उन्हें ‘वर्चुअल आइटम्स मॉड्यूल’ की शर्तों को स्वीकार करना होगा। फीचर चालू होते ही उनकी वर्टिकल लाइव स्ट्रीम में गिफ्ट्स का विकल्प अपने-आप दिखाई देने लगेगा। हालांकि, जिन क्रिएटर्स की वर्टिकल लाइव स्ट्रीम में गिफ्ट्स फीचर चालू होगा, उन्हें उन स्ट्रीम्स में सुपर स्टिकर्स की सुविधा नहीं मिलेगी।

यूट्यूब ने यह फीचर ऐसे समय लॉन्च किया है, जब भारत में क्रिएटर इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी के अनुसार, एक साल में 7 लाख रुपये या उससे अधिक कमाई करने वाले भारतीय यूट्यूब चैनलों की संख्या में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भारत में यूट्यूब पर फैंस की बढ़ती भागीदारी भी क्रिएटर इकॉनमी को तेजी से आगे बढ़ा रही है। एक सर्वे के मुताबिक, 92 प्रतिशत भारतीय यूट्यूब क्रिएटर्स का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म उन्हें अपने दर्शकों के साथ मजबूत कम्युनिटी बनाने में मदद करता है। इस नए फीचर पर बात करते हुए मशहूर गेमिंग क्रिएटर नमन माथुर ने कहा कि फैंस से जुड़ने के लिए कई विकल्प होने से लाइव स्ट्रीम का अनुभव और बेहतर हो जाता है। उनके अनुसार, सुपर चैट और मेंबरशिप जैसे फीचर सिर्फ कमाई का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये क्रिएटर्स को ज्यादा समय तक लाइव रहने और अपने दर्शकों से बेहतर तरीके से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

नमन माथुर ने कहा कि सुपर चैट बैटल जैसे मौकों पर फैंस का आपसी जुड़ाव साफ दिखाई देता है। इसमें दर्शक न सिर्फ क्रिएटर से बात करते हैं, बल्कि एक-दूसरे के साथ भी अपनी भावनाएं साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे फीचर पसंद आते हैं, जिनके जरिए वे लाइव स्ट्रीम के दौरान तुरंत और आकर्षक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दे सकें।

₹7 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 1677 अंकों की गिरावट, Nifty भी 23900 के नीचे बंद

Sensex-Nifty closes deep red: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने का ऐलान किया तो घरेलू मार्केट में कोहराम मच गया। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 1900 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24800 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल रहे। हालांकि सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और एफएमसीजी स्टॉक्स ने डाला। पीएसयू और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक टूट गए तो निफ्टी एफएमसीजी भी करीब ढाई फीसदी नीचे आ गया। ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा तो निफ्टी आईटी भी 1% से अधिक कमजोर हुआ है। बिकवाली के इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹7 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 1677.12 प्वाइंट्स यानी 2.15% की फिसलन के साथ 76,503.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 516.65 प्वाइंट्स यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882.04 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1921.69 प्वाइंट्स टूटकर 76,259.03 तक और निफ्टी 593.55 प्वाइंट्स गिरकर 23,805.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹7.89 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 07 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,79,67,747.45 करोड़ था। आज यानी 08 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,71,78,619.13 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹7,89,128.32 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सभी शेयर लाल

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज कोई भी ग्रीन जोन में नहीं बंद हुआ है। सबसे अधिक गिरावट इंडिगो,मारुति और एचयूएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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116 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4454 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1093 शेयर आज मजबूत हुए तो 3186 में गिरावट रही जबकि 175 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 116 शेयर एक साल के हाई और 104 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पूरा देश घूमने के बराबर है इन शानदार लाइब्रेरीज का सफर करना, जहां मिलती है ज्ञान की अनमोल दुनिया!

भारत में लाइब्रेरी सिर्फ किताबों को रखने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये देश के इतिहास, संस्कृति, साहित्य और ज्ञान की धरोहर को संभालकर रखने वाले सेंटर हैं। कई लाइब्रेरी ऐसी हैं जो 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं और आज भी रिसर्चर, स्टूडेंट और हिस्ट्री लवर के लिए नॉलेज का बड़ा सोर्स बनी हुई हैं। आइए जानते हैं भारत की कुछ सबसे पुरानी और पॉपुलर लाइब्रेरी के बारे में:

1. रज़ा लाइब्रेरी, रामपुर

रज़ा लाइब्रेरी - विकिपीडिया

रज़ा लाइब्रेरी भारत की सबसे पॉपुलर ऐतिहासिक लाइब्रेरी में से एक है। इसकी स्थापना 1774 में रामपुर के नवाब परिवार द्वारा की गई थी। यहां अरबी, फारसी, उर्दू, संस्कृत और हिंदी भाषा की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां और किताबें सेफ रखी गई हैं।

इस लाइब्रेरी में इस्लामी आर्ट, भारतीय इतिहास, साहित्य, खगोल विज्ञान, गणित और दर्शन से जुड़ी दुर्लभ मटेरियल मौजूद है। यहां रखी कई पांडुलिपियां हाथ से लिखी हुई हैं और ऐतिहासिक नजर से बेहद जरुरी मानी जाती हैं।

रज़ा लाइब्रेरी अपनी खूबसूरत आर्किटेक्टर और दुर्लभ संग्रह के लिए दुनियाभर में जानी जाती है।

2. कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी, चेन्नई

Chennai: Newly revamped Connemara Library offers better spaces for book lovers, researchers - The Hindu

कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना 1896 में चेन्नई में हुई थी। यह भारत की चार राष्ट्रीय डिपॉजिटरी लाइब्रेरी में से एक है, जहां देश में पब्लिश्ड हर पुस्तक, समाचार पत्र और पत्रिका की एक सेफ रखी जाती है।

इस लाइब्रेरी में लाखों किताबों का विशाल संग्रह मौजूद है, जिसमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास, कला और कई अन्य विषय शामिल हैं। यहां दुर्लभ किताबों और पुराने डॉक्यूमेंट का भी बड़ा संग्रह है।

इसकी इमारत इंडो-सारासेनिक आर्किटेक्टर का सुंदर उदाहरण है। यह जगह न सिर्फ किताबों के लिए बल्कि अपनी ऐतिहासिक इमारत और शांत वातावरण के लिए भी पॉपुलर है।

3. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया, कोलकाता

National Library, Calcutta

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया भारत की सबसे बड़ी लाइब्रेरी मानी जाती है। इसकी शुरुआत 1836 में कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी के रूप में हुई थी और बाद में इसे नेशनल लेवल की लाइब्रेरी का दर्जा मिला।

इस लाइब्रेरी में करोड़ों किताबें, पांडुलिपियां, समाचार पत्र और ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट मौजूद हैं। यहां भारतीय भाषाओं के साथ-साथ दुनिया की कई भाषाओं की किताबें अवेलेबल हैं।

यह लाइब्रेरी शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यहां भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ी कई दुर्लभ मटेरियल सेफ है।

4. इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी, प्रयागराज

Allahabad Public Library also known as Thornhill Mayne Memorial is a public library situated at Alfred Park in Prayagraj, India. Established in 1864, it is the biggest library in the state of

इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना 1863 में हुई थी। यह उत्तर भारत की सबसे पुरानी सार्वजनिक लाइब्रेरी में से एक है। इसे पहले थॉर्नहिल मेमोरियल लाइब्रेरी के नाम से भी जाना जाता था।

यहां हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और अन्य भाषाओं की हजारों किताबें अवेलेबल हैं। लाइब्रेरी में इतिहास, साहित्य, धर्म, विज्ञान और कला से संबंधित कई पुस्तकें मौजूद हैं।

इसकी इमारत विक्टोरियन और गोथिक शैली की वास्तुकला का उदाहरण है। ऐतिहासिक महत्व के कारण यह जगह किताब प्रेमियों और टूरिस्ट को भी अट्रैक्ट करता है।

5. स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी, बेंगलुरु

The State Central Library in Bengaluru, Karnataka

बेंगलुरु की स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना 1915 में हुई थी। यह कर्नाटक की सबसे सार्वजनिक लाइब्रेरी में से एक है। यह कब्बन पार्क के पास अपनी लाल रंग की खूबसूरत इमारत के लिए पॉपुलर है।

इस लाइब्रेरी में लाखों किताबों का कलेक्शन है, जिसमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकें शामिल हैं। यहां स्टूडेंट और रिसर्चर बड़ी संख्या में आते हैं।

यह लाइब्रेरी लंबे समय से बेंगलुरु के लोगों के लिए ज्ञान और शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

6. खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी, पटना

Visit Patna's Khuda Baksh Oriental Library | Incredible India

खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी की स्थापना 1891 में पटना में हुई थी। इसकी शुरुआत खुदा बख्श खान ने अपने प्राइवेट कलेक्शन को सार्वजनिक रूप देकर की थी।

यहां अरबी, फारसी, उर्दू और इस्लामी साहित्य की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां सेफ हैं। इसके संग्रह में मुगलकालीन चित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और दुर्लभ किताबें भी शामिल हैं।

यह लाइब्रेरी एशिया की ओरिएंटल लाइब्रेरी में गिनी जाती है और दुनियाभर के रिसर्चर यहां स्टडी के लिए आते हैं।

7. डेविड ससून लाइब्रेरी, मुंबई

Old David Sassoon Library Stock Photos - Free & Royalty-Free Stock Photos from Dreamstime

डेविड ससून लाइब्रेरी की स्थापना 1870 में मुंबई में हुई थी। इसका नाम पॉपुलर बिजनेसमैन और समाजसेवी डेविड ससून के नाम पर रखा गया है।

यह लाइब्रेरी अपनी सुंदर गोथिक आर्किटेक्टर, लकड़ी की अलमारियों और पुराने जमाने के शांत एनवायरनमेंट के लिए पॉपुलर है। यहां साहित्य, इतिहास, कला और अन्य विषयों की हजारों किताबें मौजूद हैं।

मुंबई की विरासत इमारतों में शामिल यह लाइब्रेरी आज भी पाठकों और टूरिस्ट के अट्रैक्शन हब है।

8. सरस्वती महल लाइब्रेरी, तंजावुर

Saraswathi Mahal Library #Thanjuvur

सरस्वती महल लाइब्रेरी भारत की सबसे पुरानी लाइब्रेरी में से एक है। इसकी शुरुआत तंजावुर के नायक और मराठा शासकों के समय हुई थी।

इस लाइब्रेरी में संस्कृत, तमिल, तेलुगु और मराठी भाषाओं की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां सेफ हैं। यहां आयुर्वेद, खगोल विज्ञान, साहित्य, इतिहास और धर्म के मटेरियल सेफ है।

यह लाइब्रेरी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अनमोल खजाना मानी जाती है और रिसर्चर के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

भारत की ये पुरानी लाइब्रेरी सिर्फ किताबों का कलेक्शन नहीं हैं, बल्कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इन जगहों पर सेफ रेयर डॉक्यूमेंट और पांडुलिपियां आने वाली पीढ़ियों को भारत के ज्ञान और इतिहास से जोड़ने का काम करती हैं।

Thali Price: घर का खाना हुआ महंगा, 5 महीने के हाई पर शाकाहारी और नॉन-वेज थाली की कीमत

Thali Price: जून में घर पर बनने वाली शाकाहारी और नॉन-वेज थाली दोनों की लागत पिछले पांच महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह टमाटर, प्याज, खाद्य तेल, रसोई गैस (LPG) और ब्रॉयलर चिकन की बढ़ती कीमतें रहीं। यह जानकारी Crisil Intelligence की मासिक Roti Rice Rate रिपोर्ट में दी गई है।

जून में शाकाहारी थाली की कीमत 28.4 रुपये रही, जो मई में 27.4 रुपये थी। यानी एक महीने में इसमें 4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, जून 2025 के मुकाबले यह 5% महंगी हो गई। दूसरी ओर, नॉन-वेज थाली की कीमत 58.2 रुपये रही, जो मई में 56.5 रुपये थी। यह मासिक आधार पर 3% और पिछले साल के मुकाबले 6% महंगी हुई।

टमाटर ने सबसे ज्यादा बढ़ाया खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, टमाटर की कीमत एक साल में 31% बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। जून 2025 में यह 32 रुपये प्रति किलो थी। फरवरी और मार्च में ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से गर्मियों की फसल की बुआई देर से हुई और उत्पादन भी कम रहा। इसी कारण टमाटर महंगा हुआ।

वहीं, प्याज की कीमत सालाना आधार पर 2% बढ़ी, क्योंकि बाजार में महंगे रबी स्टॉक की आवक शुरू हुई। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य तेल और LPG सिलेंडर की कीमतों में भी सालाना 10-10% की बढ़ोतरी हुई। इसकी एक वजह पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होना भी रही।

मई के मुकाबले जून में टमाटर 17%, आलू 5% और प्याज 8% महंगे हुए। इसी वजह से जून में शाकाहारी थाली की लागत और बढ़ गई। हालांकि, आलू की कीमतों में 14% की गिरावट आई। नई रबी फसल आने से इसकी कीमत कम हुई। इससे थाली की लागत में बढ़ोतरी कुछ हद तक सीमित रही।

नॉन-वेज थाली क्यों हुई महंगी?

नॉन-वेज थाली की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ब्रॉयलर चिकन रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रॉयलर की कीमत सालाना आधार पर करीब 7% बढ़ी, जबकि महीनेभर में इसमें करीब 2% की तेजी आई।

Crisil के अनुसार, नॉन-वेज थाली की कुल लागत का करीब आधा हिस्सा ब्रॉयलर पर निर्भर करता है। भीषण गर्मी की वजह से सप्लाई कम रही, जिससे चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली।

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