GIFT Nifty Today: क्रैश के बाद 9 जुलाई को मार्केट में होगी रिकवरी? GIFT Nifty ने दिए तेजी के संकेत

GIFT Nifty Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार के लिए राहत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty शाम 6:30 बजे 119 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 23,992 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि 9 जुलाई को घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।

इसी दबाव में निफ्टी 50 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 2.15% गिरकर 76,503.60 पर आ गया। यह दोनों इंडेक्स का तीन महीने में सबसे खराब कारोबारी सत्र रहा।

ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा असर

ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी दबाव में आ गए। S&P 500 Futures करीब 0.8% गिर गए। वहीं ब्रेंट क्रूड करीब 5% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई और डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से?

Religare Broking के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी अब 24,000-24,150 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। इससे निकट अवधि की तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।

उन्होंने कहा कि अब 23,650-23,800 का स्तर अगला मजबूत सपोर्ट होगा। वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,150-24,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

उनका कहना है कि India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में फिलहाल सतर्क रहने, चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।

Bajaj Broking ने क्या कहा?

Bajaj Broking के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया। साथ ही हाल की पूरी तेजी भी गंवा दी। कारोबार के दौरान इंडेक्स 24,250 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया और दिन में 23,800 तक पहुंच गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो अगले कुछ सत्रों में यह 23,500-23,600 तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर 23,800 का स्तर बचा रहता है, तो निफ्टी 23,800 से 24,350 के दायरे में कुछ समय तक कारोबार कर सकता है। फिलहाल 24,350 के नीचे बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

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शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में 8 जुलाई को बीते तीन महीनों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर से सेंसेक्स 2.15 फीसदी यानी 1677 अंक गिरकर 76,503 पर बंद हुआ। निफ्टी 2.12 फीसदी यानी 516 अंक फिसलकर 23,882 पर क्लोज हुआ। सवाल है कि 9 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल?

निफ्टी 24000-24150 के सपोर्ट जोन से नीचे

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 24000-24,150 के अपने सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है। यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेज से भी नीचे हैं। इससे शॉर्ट टर्म में इसका टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर लगता है। उन्होंने कहा, “अगला सपोर्ट 23,650-23,800 जोन में है। तेजी की स्थिति में निफ्टी को 24,150-24,300 जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा।”

इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल

उन्होंने कहा कि इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल आया है। यह इस बात का संकेत है कि आगे मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। उधर, एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,780-23,750 जोन में है। इस लेवल से गिरने के बाद निफ्टी 23,600 के लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में इसके लिए 24.020-24,050 पर रेसिस्टेंस है।

23800 के सपोर्ट लेवल पर होंगी नजरें

एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि यह देखना अहम होगा कि निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है या नहीं। अगर यह इस लेवल को निर्णायक रूप से तोड़ देता है तो करेक्शन का फेज जारी रह सकता है। इस लेवल से ऊपर बने रहने पर शॉर्ट टर्म में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें 9 जुलाई को निफ्टी के लेवल पर होंगी। इस बीच, गिफ्टी निफ्टी में रिकवरी दिखी है। इसका मतलब है कि 9 जुलाई को बाजार में कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव रह सकती है।

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बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर

बुधवार को बाजार के करीब सभी सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी, फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों पर दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट आई। इससे यह संकेत मिलता है कि अचानक बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार में सावधानी बरतना जरूरी है।

PRAGATI Scheme: 8 राज्यों के 20000 ग्रामीण युवाओं को मिलेगी एग्री-बिजनेस की मुफ्त ट्रेनिंग, जानिए क्या है ये प्रगति स्कीम

ग्रामीण भारत के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और किसानों को आधुनिक खेती से अवगत कराने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है। सरकार ने प्रगति योजना (PRAGATI Scheme) को लॉन्च किया है। इस स्कीम में देश के आठ राज्यों के करीब 20000 ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी के रूप में मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांव के स्तर पर ही प्रशिक्षित पेशेवरों का एक नेटवर्क तैयार करना है। ऐसा इसलिए ताकि किसानों को तकनीकी सहायता दी जा सके, सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच में सुधार लाया जा सके और किसानों और बाजारों के बीच के संबंध को मजबूत किया जा सके। इस पहल से कृषि क्षेत्र को ज्यादा फायदेमंद और टेक्नोलॉडी ड्रिवेन बनाने में मदद मिलेगी।

क्या है प्रगति (PRAGATI) स्कीम?

प्रगति योजना को कृषि क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं के बीच स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेश किया गया है। इस योजना के तहत युवाओं को काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। प्रशिक्षित प्रतिभागी अपने ही गांवों में कृषि-उद्यमी के रूप में काम करेंगे। ये युवा किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों, वित्तीय सहायता और विभिन्न कृषि सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद करेंगे। यह कार्यक्रम किसानों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच की दूरी को पाटने के साथ-साथ टिकाऊ और कुशल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देगा।

पहले चरण में 20000 ग्रामीण युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग

प्रगति योजना के पहले चरण में देश के आठ राज्यों के गांवों से करीब 20000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इन आठ राज्यों में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। सरकार की योजना आने वाले चरणों में इस कार्यक्रम का विस्तार अन्य राज्यों में भी करने की है। अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये कृषि-उद्यमी किसानों के साथ मिलकर काम करेंगे, उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन देंगे और आवश्यक कृषि संसाधनों तक उनकी पहुंच को आसान बनाएंगे।

गांवों में क्या भूमिका निभाएंगे ये कृषि-उद्यमी?

ट्रेनिंग प्राप्त युवा गांवों में रहकर किसानों को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं और सहायता प्रदान करेंगे-

  • मृदा परीक्षण: मिट्टी की जांच करने और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायता करना।
  • आधुनिक तकनीक: आधुनिक खेती के तरीकों और तकनीकों के बारे में जानकारी देना।
  • कृषि उपकरण: किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी और उपकरण प्राप्त करने में मदद करना।
  • वित्तीय सहायता: किसानों को बैंकों, क्रेडिट सुविधाओं और वित्तीय सहायता से जोड़ना।
  • बाजार तक पहुंच: कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच का समर्थन करना ताकि फसलों की सही कीमत मिल सके।
  • योजनाओं के प्रति जागरूकता: सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना।

इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को इन सभी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े बल्कि ये सारी सुविधाएं उन्हें उनके अपने गांव के भीतर ही मिल जाएं।

इस स्कीम से किसानों को कैसे होगा फायदा?

सरकार का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जमीनी स्तर पर कृषि सहायता सेवाएं आसानी से मिल जाएंगी। किसानों को समय पर तकनीकी सलाह, मृदा परीक्षण में सहायता और आधुनिक खेती के तरीकों की सटीक जानकारी मिलेगी। मशीनरी, वित्तीय सहायता और बाजारों तक बेहतर पहुंच होने से खेती की उत्पादन लागत में कमी आएगी। बेहतर तौर-तरीकों से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर दाम सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण भारत में रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

खेती के तरीकों में सुधार करने के साथ-साथ प्रगति योजना को विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए तैयार किया गया है। युवाओं को कृषि सेवा प्रदाताओं के रूप में प्रशिक्षित करके यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह पहल पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर भारतीय कृषि को अधिक इनोवेटिव, टिकाऊ और बाजार-उन्मुख बनाने के हिसाब से डिजाइन है।

सरकार का विजन: केंद्रीय कृषि मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक प्रगति योजना महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने इसे कृषि का कायाकल्प करने के एक बड़े मिशन के रूप में बताया है। कृषि मंत्री के मुताबिक यह योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर सेवाओं और मजबूत बाजार संपर्कों का लाभ उठाने में मदद करेगी। अगर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो यह योजना ग्रामीण भारत के हजारों युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोलने के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर कृषि सहायता प्रणालियों को बेहद मजबूत कर सकती है।

घर से निकला 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 1.6 करोड़ कैश! यूपी में इस रिटायर ARTO के यहां छापा पड़ा तो हर कोई चौंका

उत्तर प्रदेश विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगरा में तैनात रहे पूर्व असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान अधिकारियों को 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले। आधिकारिक बयान के अनुसार, अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने मंगलवार और बुधवार को ललित कुमार के घर की तलाशी ली।

जांच में पहले ही सामने आया था कि ललित कुमार ने अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा संपत्ति बनाई है। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था। राज्य सरकार के निर्देश पर इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की लखनऊ सेक्टर टीम कर रही है।

घर में मिला 13 किलो सोना 

लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में ललित कुमार के घर की तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में पैकेटों में छिपाकर रखे गए करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा टीम ने करीब 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी भी बरामद की। सोना बार और गहनों के रूप में मिला, जबकि चांदी बार, बिस्कुट और गहनों के रूप में मिली। सरकार की ओर से अधिकृत वैल्यूअर ने बरामद सोने, चांदी और गहनों की कुल कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी है।

कई जगह घर 

तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले। इनमें लखनऊ में कई मकान और प्लॉट, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि, साथ ही लखनऊ और नोएडा में फ्लैट बुकिंग के कागजात शामिल हैं। इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच टीम को बैंक जमा, डाकघर की योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में 1 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले।

इसके अलावा घर से एक टोयोटा इनोवा, एक हुंडई i20 कार और एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई। अधिकारियों ने जांच के दौरान घर में मौजूद महंगे फर्नीचर और अन्य कीमती सामान की भी सूची तैयार की है।

35 करोड़ की संपत्ति

उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बरामद नकदी, सोना-चांदी, गहने, चल-अचल संपत्तियां और निवेश को मिलाकर कुल संपत्ति की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। विभाग ने बताया कि तलाशी में मिली संदिग्ध और बेहिसाब संपत्ति की जांच की जा रही है। इसे चल रही जांच का हिस्सा बनाया गया है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बयान के अनुसार, इस सफल छापेमारी को अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की विजिलेंस टीम को उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट के पुलिस महानिदेशक (DGP) और निदेशक ने 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी एक दिन में 6700 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में 8 जुलाई को बड़ी गिरावट आई। देश और विदेश में बुलियन में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और डॉलर में मजबूती रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.1 फीसदी गिरकर 4,061.32 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी 2 फीसदी की गिरावट आई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमएसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। गोल्ड फ्यूचर्स 1.16 फीसदी यानी 1,692 रुपये गिरकर 1,43,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.93 फीसदी यानी 6,763 रुपये गिरकर 2,24,201 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। ट्रेडर्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा है।

बुलियन पर क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम को लेकर बातचीत की संभावना फिलहाल खत्म हो गई है। इस खबर से क्रूड ऑयल की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गईं। इससे महंगाई बढ़ेंगी। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। फेड की मीटिंग के मिनट्स आज देर रात जारी होंगे। इससे पता चलेगा कि महंगाई को लेकर फेड की क्या सोच है।

फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का खतरा बढ़ा

लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “घरेलू बाजार में गोल्ड की कीमतों में नरमी आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन का बढ़ना है। फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल और गैस सहित दूसरी चीजों का आवागमन बाधित होगा। इस वजह से ऑयल की कीमतों में उछाल आया।” आज लगातार तीसरा दिन है जब सोने में गिरावट आई है।

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गोल्ड की कीमतों में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर आगे दबाव दिख सकता है। हालांकि, दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। कुछ समय तक इसकी कीमतें सीमित दायरे में ऊपर-नीचे जा सकती हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में केंद्रीय बैंकों ने गोल्ड में निवेश बढ़ाया। खबर है कि तंजानिया के केंद्रीय बैंक ने बीते 18 महीनों में करीब 28 टन सोना खरीदा है।

Viral Video: न्यूली वेड कपल के लिए ट्रेन में हुआ खास इंतजाम, फर्स्ट AC बना ‘हनीमून सुइट’, वीडियो देख लोग रह गए हैरान

Viral Video: सोशल मीडिया पर ट्रेन के फर्स्ट एसी कूपे का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। ट्रेन के फर्स्ट एसी कूपे को न्यूली वेड कपल के लिए फूलों, गुब्बारों और फेयरी लाइट्स से खास अंदाज में सजाया गया है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं। इस अनोखी सजावट को देखकर कई लोग हैरान रह गए वहीं कुछ ने इसको ‘चलता-फिरता हनीमून सुइट’ बताया। वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या रेलवे में इस तरह की सजावट की अनुमति होती है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल हो रहा वीडियो

वीडियो की शुरुआत स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन से होती है। इसके बाद कैमरा कोच के अंदर आगे बढ़ता है और एक खास फर्स्ट एसी कूपे तक पहुंचता है। कूपे के दरवाजे को पिंक कलर के मोतियों वाले पर्दे और दिल के आकार की सजावट से खूबसूरती से सजाया गया है, जो लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लेता है। कूपे के अंदर का नजारा किसी नॉर्मल ट्रेन के डिब्बे जैसा नहीं दिखता। पूरी जगह को खास अंदाज में सजाया गया है। छत पर रेड और सफेद रंग के गुब्बारे लगाए गए हैं, फर्श पर गुलाब की पंखुड़ियां बिखेरी गई हैं और दीवारों व खिड़कियों को गुलाब, गेंदा और रजनीगंधा के ताजे फूलों से सजाया गया है।

कूपे को खास अंदाज में सजाया गया

कूपे की नीचे वाली बर्थ पर सफेद चादर बिछाकर लाल और सफेद फूलों की पंखुड़ियों से दिल का बड़ा आकार बनाया गया था। बिस्तर पर भी गुलाब की पंखुड़ियां सजाई गई थीं, वहीं ऊपर की मुड़ी हुई बर्थ पर “आई लव यू” लिखा हुआ सजावटी कट-आउट लगाया गया था। रंग-बिरंगी फेयरी लाइट्स ने पूरे कूपे को और भी आकर्षक बना दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जहां कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में इसे “सुहागरात एक्सप्रेस” नाम दे दिया। जहां कई लोगों ने इस अनोखी सजावट की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या ट्रेन के कोच को इस तरह सजाने के लिए रेलवे से अनुमति ली गई थी।

यूजर्स ने किए कमेंट

एक यूजर ने लिखा, “मुझे नहीं पता कि यह कानूनी है या नहीं, लेकिन अगर रेलवे कपल्स के लिए ऐसे कूपे उपलब्ध कराए तो यह अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है। बस यात्रियों की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। हम नहीं चाहते कि यह कई होटलों की तरह बेवजह चर्चा का विषय बने।” एक अन्य यूजर ने सवाल किया, “क्या इनके पास इसकी परमिशन है?” एक और कमेंट में कहा गया, “भाई, इसकी इजाजत किसने दी और यह कब से होने लगा? यह बिल्कुल अनएक्सपेक्टेड है, और ये लोग इसमें सहज भी हैं।” वहीं, कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में इस सजे हुए कूपे को “चलता-फिरता हनीमून सुइट” भी कहा।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

Stock Market Crash: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बुधवार को दुनिया भर के बाजारों में भारी गिरावट (why market is down today) ला दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इसके बाद भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। महज 40 मिनट में सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया। वहीं, बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX 27% उछल गया।

दोपहर 1:40 बजे सेंसेक्स 77,603.90 पर कारोबार कर रहा था। अगले 40 मिनट में यह करीब 1,076 अंक लुढ़ककर 76,527.81 पर आ गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। करीब 3,095 शेयर गिरे, जबकि सिर्फ 1,000 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

ट्रंप ने ईरान सीजफायर पर क्या कहा?

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरानी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार हुए, तो वह उनका इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत जारी रखेंगे। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उससे कोई नतीजा निकलेगा।

तनाव अचानक क्यों बढ़ गया?

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। साथ ही अमेरिका ने वह छूट भी खत्म कर दी है, जिसके तहत ईरान वैश्विक बाजार में तेल बेच रहा था।

इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का भी दावा किया है।

इसके बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने लगे। कुवैत की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के हमलों का जवाब दे रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बाजार गिरने के अन्य 6 बड़े वजह

कच्चे तेल में तेज उछाल: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 6% उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा तेल बाजार के लिए चिंता की बात है।

FII निवेश पर अनिश्चितता: Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, हाल में FII की खरीदारी से बाजार मजबूत हो रहा था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव ने इस सकारात्मक माहौल पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

FII खरीदारी बनी हुई है: पिछले तीन कारोबारी सत्र में FIIs ने करीब 1,991 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि रकम बड़ी नहीं है, लेकिन लगातार खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टेक्निकल संकेत अभी कमजोर: SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,120-24,140 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला सपोर्ट 23,970-23,990 के बीच होगा। वहीं 24,370-24,390 के ऊपर निकलने पर तेजी फिर लौट सकती है।

ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: फाइनेंशियल सर्विसेज, FMCG, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। इससे बाजार की गिरावट और बढ़ गई।

बड़े शेयरों में भारी कमजोरी: मारुति सुजुकी में 3% से ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा IndiGo, Hindustan Unilever, UltraTech Cement और Bharat Electronics जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।

India VIX में तेज उछाल: बाजार में डर का पैमाना माने जाने वाला India VIX इंट्राडे कारोबार में 23% से ज्यादा उछलकर 14.33 पर पहुंच गया। VIX में तेज बढ़त आमतौर पर आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।

बाजार में गिरावट पर एक्सपर्ट की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव ने भारतीय शेयर बाजार का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है। इसका असर भारत और अमेरिका दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड पर भी देखने को मिला।

उनके मुताबिक, India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच डर बढ़ गया है। यही वजह रही कि लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही पहली तिमाही (Q1) के कमजोर नतीजों की आशंका ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

तीन फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल

विनोद नायर का कहना है कि सिर्फ कंपनियों के नतीजे ही बाजार की दिशा तय नहीं करेंगे। निवेशकों की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य ग्रोथके आउटलुक पर भी रहेगी। इससे पता चलेगा कि कमाई में कमजोरी दूसरी तिमाही (Q2) तक बनी रहती है या नहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल तीन बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई की मौद्रिक नीति। दूसरा, अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ ट्रूस की अवधि खत्म होने का असर। और तीसरा, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या कम होता है, क्योंकि यही आगे बाजार की दिशा तय करेगा।

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Upcoming SUVs India: Nissan Tekton से लेकर Toyota Hilux तक, इस महीने लॉन्च होंगी ये 5 नई SUVs

Upcoming SUVs India: अगर आप इस महीने नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा और इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, कई ऑटो कंपनियां नई SUV लॉन्च करने, मौजूदा मॉडल को अपडेट करने और लग्जरी गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जिससे खरीदारों को अलग-अलग कीमतों में कई नए वेरिएंट चुनने का मौका मिलेगा। अब चलिए जानते हैं आने वाली इन 5 नई कारों के फीचर्स के बारे में।

Nissan Tekton

निसान भारतीय बाजार में अपनी नई मिड-साइज SUV Nissan Tekton को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि यह SUV हाल के वर्षों में ब्रांड के सबसे अहम प्रोडक्ट्स में से एक होगी और Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder, Honda Elevate, Renault Duster और Tata Sierra जैसे मॉडल्स वाले सबसे ज्यादा कॉम्पिटिशन वाले सेगमेंट में मुकाबला करेगी। इंजन की बात करें तो, इस SUV में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों ऑप्शन के साथ आ सकता है।

Maruti Suzuki Brezza Facelift

Brezza लॉन्च होने के बाद से ही भारत की पसंदीदा कॉम्पैक्ट SUV में से एक रही है, और ऐसा लगता है कि Maruti Suzuki इस महीने इसे बड़े पैमाने पर अपडेट (मिड-साइकिल रीवैम्प) करने की योजना बना रही है। नई Brezza में कुछ कॉस्मेटिक बदलाव, इंटीरियर में सुधार और नए फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिल सकता है। इसके अलावा, इसमें नया अंडरबॉडी CNG टैंक दिया जा सकता है, जिससे सामान रखने के लिए ज्यादा बूट स्पेस मिलेगा। इसे मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों विकल्पों के साथ पेश किए जाने की उम्मीद है। नई Brezza का मुकाबला Tata Nexon, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO, Hyundai Venue और Skoda Kylaq जैसी कारों से जारी रहेगा।

Honda ZR-V Hybrid

Honda भारत में अपनी नई प्रीमियम SUV Honda ZR-V Hybrid को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसे Completely Built Unit (CBU) के तौर पर भारत लाया जाएगा। यह SUV कंपनी की मौजूदा Honda Elevate से ऊपर की पोजिशन पर होगी और Honda के SUV पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी।

Honda ZR-V Hybrid में कंपनी की e:HEV स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दी जाएगी। यह SUV करीब 40 लाख रुपये के सेगमेंट में आने की उम्मीद है और यह उन ग्राहकों को टारगेट करेगी जो प्रीमियम SUV खरीदना चाहते हैं। इंजन की बात करें तो, इसमें 2.0 लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन मिलेगा, जिसे e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा जाएगा।

भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Volkswagen Tiguan, Volkswagen Tayron, Skoda Kodiaq और Jeep Meridian जैसी प्रीमियम SUVs से होगा।

2026 Toyota Hilux

2026 Toyota Hilux नए डिजाइन, बेहतर इंटीरियर और ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ आने वाली है। हालांकि, इसमें पहले जैसी मजबूत और दमदार पिकअप ट्रक वाली पहचान बरकरार रहेगी। यह गाड़ी उन ग्राहकों को पसंद आ सकती है, जो एक मजबूत और भरोसेमंद पिकअप ट्रक की तलाश में हैं। इसमें 2.8 लीटर टर्बो-डीजल इंजन मिलने की उम्मीद है।

इस SUV में इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के विकल्प दिए जा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें फोर-व्हील ड्राइव (4WD) सिस्टम भी मिलने की संभावना है, जो इसे ऑफ-रोड ड्राइविंग के लिए बेहतर बनाएगा।

Wuling Starlight 560 पर आधारित JSW-MG SUV

उम्मीद है कि JSW MG Motor India इस महीने के आखिर में थ्री-रो वाली एक नई SUV पेश करेगी, जो शायद दुनिया भर में बिकने वाली Wuling Starlight 560 पर आधारित होगी। इस मॉडल में सात सीटों वाला केबिन, बड़ी टचस्क्रीन और पैनोरमिक सनरूफ होने की उम्मीद है। इसे या तो 1.5-लीटर प्लग-इन हाइब्रिड (195 hp, 1,000 km से ज्यादा की क्लेम्ड रेंज) या 69.2 kWh ऑल-इलेक्ट्रिक पावरट्रेन (201 hp, 530 km तक की CLTC रेंज) के साथ पेश किया जा सकता है।

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Gold Price Outlook: सोना तोड़ेगा सारे रिकार्ड्स! $8,000 तक जाएगा भाव, एक्सपर्ट ने बताया किस लेवल पर थमेगी रफ्तार

Gold Price Outlook: सोने में निवेश करने वालों के लिए एक बेहद बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है। वेस्ट पॉइंट गोल्ड के सीईओ डेरेक मैकफर्सन का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में सोने की कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही अपने पीक पर यह $8,000 यानी करीब 6.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को भी छू सकती हैं।

मैकफर्सन के मुताबिक, सोने की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर ले जाने वाले लॉन्ग-टर्म फैक्टर्स बाजार में मजबूती से टिके हुए हैं। हालिया दिनों में सोने के भाव में देखी गई मामूली गिरावट सिर्फ एक ठहराव है, न कि तेजी के ट्रेंड का पलटना।

सोने में महातेजी आने की ये है 3 बड़ी वजहें

सीईओ डेरेक मैकफर्सन ने उन मुख्य कारणों का खुलासा किया है, जो सोने को इस ऐतिहासिक स्तर पर ले जाएंगे:

1- केंद्रीय बैंकों की ताबड़तोड़ खरीदारी: दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं और विकल्प के रूप में भारी मात्रा में सोना खरीदकर अपना रिजर्व बढ़ा रहे हैं।

2- सरकारों का अंधाधुंध खर्च: वैश्विक स्तर पर सरकारें लगातार आक्रामक तरीके से खर्च कर रही हैं, जिससे फाइनेंशियल सिस्टम में लिक्विडिटी यानी नकदी का फ्लो बढ़ रही है। महंगाई और लिक्विडिटी हमेशा सोने को मजबूत करती है।

3- सुरक्षित निवेश की मांग: भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में सोना हमेशा से सबसे सुरक्षित एसेट रहा है और आगे भी रहेगा।

गोल्ड माइनिंग कंपनियों की चमकेगी किस्मत

मैकफर्सन का कहना है कि सोने की ऊंची कीमतों का सीधा फायदा सोना निकालने वाली कंपनियों को मिलेगा। हालांकि माइनिंग कंपनियों का कैश फ्लो बढ़ा है और शेयरों में तेजी आई है, लेकिन उनका वैल्यूएशन अभी भी काफी आकर्षक है।

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बड़ी कंपनियों के पास भारी कैश मौजूद है, जिससे इस सेक्टर में कंपनियों के आपस में विलय और अधिग्रहण की रफ्तार तेज होगी। अच्छी परियोजनाओं वाली छोटी कंपनियां बड़ी कंपनियों के निशाने पर होंगी।

कुल मिलाकर एक्सपर्ट्स का साफ मानना है कि भले ही सोना इस समय $4,000 के आसपास ट्रेड कर रहा हो, जो माइनिंग कंपनियों के लिए अच्छा है, लेकिन असली लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्वालिटी प्रोजेक्ट्स से ही आएगी। जैसे-जैसे गोल्ड साइकिल मैच्योर होगी, मजबूत एसेट्स वाली कंपनियां निवेशकों को मालामाल कर देंगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lawrence Bishnoi US Charges: रंगदारी का मॉडल, डर को बनाया बिजनेस वेपन! समझिए कैसे दुनिया का सबसे खतरनाक सिंडिकेट बना बिश्नोई गैंग

सितंबर 2023 में कनाडा ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ था। इस आरोप के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। अब करीब तीन साल बाद, अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर इस हत्या का आरोप लगाया है। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त जांच की थी। इस जांच के तहत भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 लोगों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने बयान में कहा कि कुल 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। DOJ के मुताबिक, अमेरिका में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया में पकड़ा गया है। इन सभी को मंगलवार को संघीय अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले में आरोप तय होने के बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ (असल नाम सतविंदरजीत सिंह) की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, अमेरिका लॉरेंस बिश्नोई को भारत से प्रत्यर्पित कराने की तैयारी भी कर रहा है। उस पर गंभीर संघीय रैकेटियरिंग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित न कर सके।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई को बिश्नोई गैंग का सरगना माना जाता है। फिलहाल वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म किसी अपराधी परिवार में नहीं, बल्कि एक संपन्न परिवार में हुआ था। उसका जन्म 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ। उसका परिवार इलाके के सबसे अमीर परिवारों में गिना जाता था और उनके पास कई एकड़ जमीन थी। परिवार एक बड़े बंगले में रहता था।

लॉरेंस के पिता पहले पुलिस विभाग में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खेती और परिवार की जमीन की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी। परिवार के एक रिश्तेदार के अनुसार, लॉरेंस का नाम ब्रिटिश अधिकारी हेनरी मोंटगोमरी लॉरेंस के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सनावर में प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल की स्थापना की थी। लॉरेंस ने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। वह आठवीं कक्षा से ही बाइक चलाता था और महंगे जूते पहनता था। उस समय उसके पास ऐसी कई सुविधाएं थीं, जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। वहीं उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। इसी दौरान उसका सामना विरोधी छात्र गुटों से हुआ और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की ओर बढ़ता चला गया। कई लोगों का मानना है कि अपने गांव में अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर में उसकी पहचान और परिवार की दौलत का ज्यादा असर नहीं था। इसी वजह से वह गैंग और अपराध के रास्ते पर चला गया।

उत्तर भारत में गैंगवार पर लंबे समय से नजर रखने वाले लेखक जुपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, लॉरेंस अपने गांव में बेहद संपन्न परिवार से था। उसके परिवार के पास बड़ी जमीन थी और बचपन से उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे एहसास हुआ कि वहां पहचान बनाने के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि पैसा, रुतबा और सामाजिक प्रभाव भी जरूरी है। माना जाता है कि इसी सोच ने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया।

गोल्डी बराड़ कौन है?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदरजीत सिंह है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी साथी माना जाता है। उसका जीवन भी काफी हद तक बिश्नोई जैसा रहा है। गोल्डी का जन्म 1994 में पंजाब में हुआ था। बताया जाता है कि कॉलेज के दौरान उसकी लॉरेंस बिश्नोई से गहरी दोस्ती हो गई थी। ‘ओपन’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई और बराड़ 2012 से पहले ही हिंसक घटनाओं में शामिल हो चुके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संघ चुनाव के दौरान एक विरोधी उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद चुनावी रंजिश में उस उम्मीदवार के एक रिश्तेदार की भी हत्या कर दी गई, जिसने चुनाव जीता था।

इसके बाद दोनों ने धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क बढ़ाया। उन पर जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में विरोधी गैंग के लोगों पर हमले कराने के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीज़ा पर कनाडा चला गया। इसके बाद से उस पर कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बिश्नोई गैंग कैसे बना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क?

समय के साथ लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ाया। आज इस गैंग की पहुंच पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों तक बताई जाती है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा, अमेरिका, थाईलैंड, फिलीपींस, मध्य एशिया, चीन और यूरोप के कुछ देशों में भी इसके नेटवर्क होने की बात कही जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के पास दुनिया भर में 700 से ज्यादा शूटर होने का दावा किया जाता है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस पर आरोप है कि वह अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता रहता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि लॉरेंस अपने मजबूत संपर्कों और अलग-अलग आपराधिक गठजोड़ का इस्तेमाल करता है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उसके कुछ संबंध खालिस्तान समर्थक संगठनों से भी रहे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस जानबूझकर जमानत की अर्जी नहीं देता और जेल के अंदर से अपने साथियों से “डब्बा कॉलिंग” और VoIP जैसी तकनीकों के जरिए संपर्क में रहता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग को चलाने के लिए एक खास “बिजनेस मॉडल” अपनाता है। इसके तहत वह अलग-अलग राज्यों के जेल में बंद गैंगस्टरों से गठजोड़ करता है। इनमें उत्तर प्रदेश के धनंजय सिंह, हरियाणा के काला जठेड़ी, राजस्थान के रोहित गोदारा और दिल्ली के रोहित मोई व हाशिम बाबा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। बिश्नोई गैंग की ताकत उसके सक्रिय सदस्यों की वजह से भी बढ़ी है। गोल्डी बराड़ के अलावा रोहित गोदारा को भी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। बताया जाता है कि वह लॉरेंस का करीबी है और ब्रिटेन (UK) से गैंग की गतिविधियां संभालता है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों समेत 35 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी है।

हरदीप सिंह निज्जर से लेकर सलमान खान तक, किन लोगों को बनाया गया निशाना?

बिश्नोई गैंग का नाम कई चर्चित लोगों को निशाना बनाने के आरोपों में सामने आ चुका है। अमेरिका ने जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी आरोप पत्र के अनुसार, 18 जून 2023 या उससे पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि इस साजिश के लिए बिश्नोई ने अपने एक साथी को निज्जर की तस्वीर और उसके ठिकानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। हत्या के कुछ घंटों बाद ही गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।

जब बीबीसी ने गोल्डी बराड़ से पूछा कि सिद्धू मूसे वाला को क्यों निशाना बनाया गया, तो उसने कहा कि मूसे वाला ने ऐसी गलतियां की थीं जिन्हें वह माफ नहीं कर सकता था। बराड़ का दावा था कि उनके पास उसे मारने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। करीब दो साल बाद, बिश्नोई गैंग का नाम मुंबई में हुए चर्चित नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी सामने आया। अक्टूबर 2024 में बांद्रा इलाके में उनके बेटे के ऑफिस के पास 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बाबा सिद्दीकी तीन बार विधायक रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त माने जाते थे। हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की कथित फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो भी सलमान खान की मदद करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।