Stocks to Watch: 9 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: गुरुवार, 9 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर एक्शन में रह सकते हैं। कहीं बड़ी साझेदारी हुई है, तो कहीं तिमाही नतीजे, बिक्री के आंकड़े, नए ऑर्डर और मैनेजमेंट से जुड़े अपडेट आए हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भी कुछ सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में इन 16 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

TVS Motor

ऑटो कंपनी TVS Motor Company Ltd ने सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOC) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां देशभर में LPG सिलेंडर की लास्ट-माइल डिलीवरी को मजबूत करेंगी। इसके लिए टिकाऊ कमर्शियल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल किया जाएगा।

NALCO

सरकारी एल्युमीनियम कंपनी NALCO ने सरकारी कंपनी NLC India Ltd के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। दोनों मिलकर ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट (4×270 MW) का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट बनाएंगे।

Oil Marketing Companies

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों पर नजर रहेगी। इसकी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका है।

Mahindra & Mahindra

ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपने गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी 10 जुलाई 2026 से SUV पोर्टफोलियो की कीमतों में औसतन 2.7% और कमर्शियल व्हीकल रेंज में 2% की बढ़ोतरी करेगी।

Tata Consultancy Services

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) 9 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी करेगी। निवेशकों की नजर कंपनी की कमाई और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर रहेगी।

Phoenix Mills

रियल एस्टेट कंपनी Phoenix Mills ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी के मौजूदा मॉल पोर्टफोलियो में रिटेल कंजम्प्शन सालाना आधार पर 32% बढ़कर 4,727 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर ग्राहक मांग, प्रीमियम स्टोर्स और टेनेंट मिक्स में सुधार से कंपनी की ज्यादातर प्रॉपर्टीज में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज हुई।

SBI

सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने अपनी FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम के जरिए सिर्फ एक महीने में 1.5 अरब डॉलर (करीब 12,500 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं। बैंक NRI ग्राहकों को 5.25% से 6% तक ब्याज दे रहा है। साथ ही जमा राशि के आधार पर 9 गुना तक लोन की सुविधा भी दे रहा है।

Axis Bank

प्राइवेट बैंक Axis Bank के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. एस. विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को RBI ने मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 27 अक्टूबर 2026 से 26 अक्टूबर 2029 तक रहेगा। अब इस प्रस्ताव पर 31 जुलाई की AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

Canara Bank

सरकारी बैंक Canara Bank के डिजिटल बैंकिंग विंग के चीफ जनरल मैनेजर महेश एम. पाई ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में बेहतर अवसर मिलने का हवाला दिया है। उनका इस्तीफा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद प्रभावी होगा।

SML Isuzu

कमर्शियल व्हीकल कंपनी SML Isuzu की जून बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर 1,896 यूनिट रही। कंपनी का प्रोडक्शन भी बढ़ा है। हालांकि, एक्सपोर्ट 64 यूनिट से घटकर 34 यूनिट रह गया।

Graphite India

ग्रेफाइट उत्पाद बनाने वाली कंपनी Graphite India ने जर्मनी में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध से बने मुश्किल हालात का हवाला दिया है। जर्मनी का यह कारोबार करीब 105 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर का है।

S H Kelkar

फ्लेवर और फ्रेगरेंस कंपनी S H Kelkar का पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.7% बढ़कर 660 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का नेट डेट बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए किए गए निवेश की वजह से हुई है।

IRB Infrastructure Developers

इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी IRB Infrastructure Developers Ltd की टोल कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जून 2026 में कंपनी का ग्रॉस टोल कलेक्शन 28% बढ़कर 808 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने यह 631 करोड़ रुपये था।

Aditya Infotech

वीडियो सिक्योरिटी और सर्विलांस प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Aditya Infotech Ltd के खिलाफ मध्यस्थता (Arbitration) की प्रक्रिया शुरू हुई है। Avathon Inc. और SparkCognition India Pvt. Ltd. ने न्यूयॉर्क स्थित International Chamber of Commerce (ICC) में कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया है।

Crompton Greaves Consumer Electricals

इलेक्ट्रिकल कंपनी Crompton Greaves Consumer Electricals Ltd को नया ऑर्डर मिला है। MSEDCL ने मौजूदा रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत अतिरिक्त आवंटन किया है। इससे ऑर्डर की कुल वैल्यू बढ़कर 64.99 करोड़ रुपये (GST छोड़कर) हो गई है।

HFCL

टेलीकॉम और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HFCL Ltd ने अपने इंटीग्रेटेड ऑप्टिकल कनेक्टिविटी पोर्टफोलियो के लिए नया ब्रांड लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम OptiQ AI रखा है। यह अब उसके पूरे ऑप्टिकल कनेक्टिविटी बिजनेस की यूनिफाइड ब्रांड पहचान होगी।

शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मारुति कारों पर जुलाई में मिल रही महा-छूट! Invicto, Grand Vitara, Swift और Brezza पर मिल रहा 2 लाख तक का डिस्काउंट

मारुति सुजुकी इंडिया ने जुलाई 2026 के लिए अपने एरिना और नेक्सा शोरूम पर कई कारों पर शानदार छूट का ऐलान किया है। इस महीने ग्राहकों को चुनिंदा हैचबैक, एसयूवी और एमपीवी मॉडल पर 2.10 लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा। इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, लॉयल्टी बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट और कॉर्पोरेट डिस्काउंट शामिल हैं। इस ऑफर का लाभ वैगनआर, स्विफ्ट, ब्रेज़ा, बलेनो, ग्रैंड विटारा और इनविक्टो जैसी लोकप्रिय कारों पर मिलेगा।

मारुति कारों पर जुलाई में मिल रही महा-छूट! 

मारुति की सभी कारों में सबसे ज्यादा फायदा इनविक्टो एमपीवी पर दिया जा रहा है। इस मॉडल पर ग्राहक अलग-अलग ऑफर्स को मिलाकर कुल 2.10 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं। वहीं, ग्रैंड विटारा एसयूवी पर भी आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। इसके पेट्रोल वेरिएंट पर 95,000 रुपये तक और CNG वेरिएंट पर 90,000 रुपये तक का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल खरीदने पर, जहां यह सुविधा लागू है, वहां जीरो रोड टैक्स, एक्सचेंज और लॉयल्टी बोनस के साथ 5 साल की मुफ्त एक्सटेंडेड वारंटी भी दी जा रही है।

2 लाख तक का डिस्काउंट

मारुति सुजुकी के एरिना पोर्टफोलियो में इस महीने सबसे बड़ा ऑफर ग्रैंड विटारा एसयूवी पर दिया जा रहा है। इसके स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट पर ग्राहकों को 90,000 रुपये तक का फायदा मिलेगा। वहीं, CNG मॉडल पर 80,000 रुपये तक और पेट्रोल वेरिएंट पर 60,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ब्रेज़ा एसयूवी पर भी ग्राहकों को 55,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। आकर्षक ऑफर्स की वजह से ब्रेज़ा इस महीने मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा छूट पाने वाली लोकप्रिय कारों में शामिल है।

वैगनआर पर  भी छूट

मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक कारों में शामिल वैगनआर पर इस महीने ग्राहकों को 52,500 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। यही ऑफर चुनिंदा ऑल्टो K10 वेरिएंट पर भी उपलब्ध है। अगर आप नई स्विफ्ट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो AGS (ऑटोमैटिक) वेरिएंट पर 45,000 रुपये तक और मैनुअल पेट्रोल व CNG वेरिएंट पर 40,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ मिल सकते हैं। इसके अलावा सेलेरियो, एस-प्रेसो और ईको वैन के चुनिंदा वेरिएंट पर भी 37,500 रुपये तक के ऑफर दिए जा रहे हैं। हालांकि, मिलने वाले फायदे कार के वेरिएंट और ग्राहक की पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

मारुति सुजुकी ने जुलाई 2026 में अपनी नेक्सा रेंज की कारों पर भी शानदार ऑफर पेश किए हैं। बलेनो हैचबैक पर ग्राहकों को 40,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। फ्रॉन्क्स एसयूवी के टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट पर 25,000 रुपये तक, जबकि सामान्य (नेचुरली एस्पिरेटेड) पेट्रोल वेरिएंट पर 15,000 रुपये तक की छूट और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। वहीं, XL6 एमपीवी के पेट्रोल और CNG दोनों वेरिएंट पर 45,000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा जिम्नी एसयूवी खरीदने पर भी ग्राहकों को 45,000 रुपये तक के ऑफर का लाभ मिल सकता है।

मारुति सुजुकी के जुलाई 2026 ऑफर की खास बात यह है कि 16 जुलाई से नेक्सा रेंज की कई कारों पर मिलने वाला कस्टमर डिस्काउंट कम हो जाएगा। कंपनी की आंतरिक ऑफर सूची के अनुसार, महीने के दूसरे हिस्से में बलेनो, फ्रॉन्क्स, ग्रैंड विटारा और XL6 पर मिलने वाली सीधी छूट घटा दी जाएगी। ऐसे में जो ग्राहक इन कारों को खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 15 जुलाई से पहले खरीदारी करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, जिम्नी एसयूवी और इनविक्टो एमपीवी पर पूरे महीने मौजूदा ऑफर जारी रहेंगे।

कंपनी ने यह भी बताया है कि अंतिम छूट ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करेगी। एक्सचेंज बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट, लॉयल्टी बोनस और कॉर्पोरेट डिस्काउंट जैसी सुविधाएं तय नियमों के अनुसार मिलेंगी। ज्यादातर मामलों में ग्राहक एक्सचेंज बोनस या स्क्रैपेज बेनिफिट में से किसी एक का ही लाभ ले सकेंगे, जबकि लॉयल्टी बोनस केवल कुछ विशेष शर्तों को पूरा करने पर मिलेगा।

सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी ने संस्कृत छात्रों के लिए आयुर्वेद की पढ़ाई का नया रास्ता खोला, NEET-PA में प्रवेश के लिए करें

NEET-PA Applications 2026: शैक्षिक सत्र 2026-27 संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए बहुत खास होगा। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के लिए बड़ी और अहम पहल की घोषणा की है। संस्कृत शिक्षा को भारतीय ज्ञान व्यवस्था (IKS) के साथ जोड़ने और पारंपरिक चिकित्सा सेवा शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, नई दिल्ली स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी (CSU) ने प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम में प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट प्री-आयुर्वेद (NEET-PA) की घोषणा की है।

यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन छात्रों ने किसी मान्यता प्राप्त संस्कृत बोर्ड या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास की है, वे नीट-पीए में हिस्सा लेने के योग्य होंगे। सफल उम्मीदवारों को दो साल के प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। यह कोर्स बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) पाठ्यक्रम करने का एक शुरुआती स्तर है। इस पाठ्यक्रम के बाद प्रशिक्षिक छात्र नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) के नियमों के अनुसार आयुर्वेद विशेषज्ञ के तौर पर क्वालिफाई कर सकेंगे।

सीएसयू के उप-कुलपति, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि इस प्रोग्राम को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (IKS) पहल के सोच के हिसाब से बनाया गया है। उन्होंने देखा कि संस्कृत छात्रों के पास प्राचीन आयुर्वेदिक साहित्य और संहिताओं को उनकी मूल भाषा में समझने के लिए एक मजबूत आधार होता है। गुरुकुल-आधारित एकेडमिक मॉडल से आयुर्वेद शिक्षा की प्रमाणिकता को मजबूत करने और इसकी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान में योगदान देने की उम्मीद है।

जुलाई के तीसरे हफ्ते में शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

परीक्षा नियंत्रक, प्रो. पवन कुमार ने बताया कि नीट-पीए के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जुलाई 2026 के तीसरे हफ्ते में शुरू होगा। प्रवेश परीक्षा अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में देश भर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित करने का प्रस्ताव है। इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का कुल समय 7.5 साल होगा, जिसमें दो साल का प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम, उसके बाद 4.5 साल का बीएएमएस डिग्री प्रोग्राम और एक साल की जरूरी रोटेटरी इंटर्नशिप शामिल है।

नीट-पीए के लिए योग्यता

किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, स्टेट संस्कृत बोर्ड या किसी बराबर के मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास की है। इसमें जनरल कैटेगरी के एप्लिकेंट्स के कम से कम 50% अंक होने चाहिए। जबकि SC, ST, OBC और PwD श्रेणी के उम्मीदवार को कम से कम 40% अंक लाने होंगे। 31 दिसंबर 2026 तक परीक्षार्थी की उम्र 15 से 25 साल के बीच होनी चाहिए। प्रवेश नियमों के अनुसार, उम्र में कोई छूट नहीं मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

नीट पीए प्रवेश परीक्षा 150 मिनट के समय के साथ ऑफलाइन (OMR-बेस्ड) मोड में होगी। इसमें 120 मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs) होंगे, जिनमें से हर एक का एक नंबर होगा, और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। क्वेश्चन पेपर संस्कृत, हिंदी और इंग्लिश में उपलब्ध होगा।

नीट पीए सिलेबस

यूनिवर्सिटी ने नीट पीए के लिए डिटेल्ड सिलेबस भी जारी किया है। सिलेबस में संस्कृत वाणमय (लिटरेचर), पुराण, इतिहास, व्याकरण और दर्शन शामिल हैं।

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FIFA World Cup 2026: पुर्तगाल-अमेरिका के बाहर होते ही सस्ते हुए क्वार्टर फाइनल के टिकट! जानें अब कितनी है कीमत

FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 अब अपने रोमांचक दौर में पहुंच गया है। इस हफ्ते से फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत होने जा रही हैं। वहीं टूर्नामेंट से पुर्तगाल और अमेरिका के बाहर होने के बाद बड़े नॉकआउट मैचों के टिकटों की मांग कम हो गई है। इसका असर टिकटों की कीमतों पर भी पड़ा है और कई मुकाबलों के टिकट पहले के मुकाबले काफी सस्ते हो गए हैं। टिकट बेचने वाले सेकेंडरी प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, स्पेन और बेल्जियम के बीच शुक्रवार को खेले जाने वाले फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की कीमत में भारी गिरावट आई है। मंगलवार दोपहर तक जहां एक टिकट करीब 2,950 डॉलर में मिल रहा था, वहीं बाद में इसकी कीमत घटकर लगभग 1,200 डॉलर रह गई।

पुर्तगाल की टीम हुए बाहर

टिकटों की कीमत में आई ये बड़ी कमी अमेरिका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद देखने को मिली। राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर उसका सफर खत्म कर दिया। माना जा रहा है कि अगर मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंच जाती, तो घरेलू प्रशंसकों की भारी मांग के कारण टिकटों के दाम काफी ज्यादा बने रहते। टिकटों के दाम घटने की एक बड़ी वजह पुर्तगाल का टूर्नामेंट से बाहर होना भी माना जा रहा है।

स्पेन ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर उसकी चुनौती खत्म कर दी। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी समाप्त हो गया। पुर्तगाल के बाहर होने से टूर्नामेंट की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक नॉकआउट चरण से बाहर हो गई, जिससे टिकटों की मांग पर भी असर पड़ा।

अभी कितने में मिल रहा टिकट

कई लोगों को उम्मीद थी कि क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल और अमेरिका की भिड़ंत होगी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की लोकप्रियता और अमेरिका के मेजबान होने की वजह से इस मुकाबले के टिकटों की मांग काफी ज्यादा रहने का अनुमान था। लेकिन दोनों टीमों के बाहर होने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में सबसे कम कीमत वाले टिकट फ्रांस और मोरक्को के बीच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए उपलब्ध हैं। टिकट बिक्री प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, फ्रांस और मोरक्को के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की शुरुआती कीमत 989 डॉलर रखी गई है। यानी इस मैच के लिए दर्शक 989 डॉलर से टिकट खरीद सकते हैं।

क्वार्टर फाइनल में होगा इनका आमना सामना

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। वहीं दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का सामना बेल्जियम से होगा। क्वार्टर फाइनल में रविवार को एरलिंग हालैंड की नॉर्वे का सामना हैरी केन की इंग्लैंड से होगा। इसके बाद मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड से भिड़ेगी। इन चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के विजेता अगले सप्ताह सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। ये मैच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम, इंगलवुड के सोफी स्टेडियम, मियामी गार्डन्स के हार्ड रॉक स्टेडियम और कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में खेले जाएंगे।

₹65 की नौकरी से ₹20000 करोड़ की कंपनी तक, गणित में फेल स्टूडेंट ने ऐसे खड़ा किया आइसक्रीस साम्राज्य

RG Chandramogan Success Story: आरजी चंद्रमोगन के पास न तो कॉलेज की डिग्री थी और न ही कोई बड़ी विरासत। लेकिन उनके पास एक चीज थी, कुछ बड़ा करने का जज्बा। 65 रुपये महीने की नौकरी से शुरुआत करने वाले इस शख्स ने बाद में आइसक्रीम बेचनी शुरू की।

उसी कारोबार को आगे बढ़ाकर Hatsun Agro Products जैसी कंपनी खड़ी कर दी। आज यह भारत की सबसे बड़ी निजी डेयरी कंपनियों में शामिल है, जिसकी बाजार में वैल्यू करीब 20,000 करोड़ रुपये है।

एक असफल बिजनेस ने बदली सोच

चंद्रमोगन तमिलनाडु के साधारण परिवार में पैदा हुए। बचपन में देखा कि गांव का सबसे सम्मानित व्यक्ति एक कारोबारी था। तभी से उन्होंने भी बिजनेस करने का सपना देख लिया।

साल 1956 में उनके पिता चेन्नई आ गए और सेंट्रल स्टेशन के पास एक किराना दुकान खोली। लेकिन 1968 तक कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। परिवार को खाली हाथ गांव लौटना पड़ा। यहीं से चंद्रमोगन ने पहली बार समझा कि बिजनेस में सफलता जितनी बड़ी होती है, जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है।

गणित में फेल हुए, कॉलेज छोड़ना पड़ा

पढ़ाई भी उनके लिए आसान नहीं रही। उन्होंने पलायमकोट्टई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन गणित में फेल हो गए। इसके बाद पढ़ाई छूट गई।

बेटे के भविष्य की चिंता में उनके पिता ने विलुप्पुरम के एक लकड़ी गोदाम में उनकी नौकरी लगवा दी। वहां उन्हें सिर्फ 65 रुपये महीने की तनख्वाह मिलती थी। करीब एक साल तक उन्होंने वहां ऑर्डर संभाले, सामान उठाया और मेहनत की। लेकिन उन्हें एहसास हो गया कि पूरी जिंदगी 65 रुपये की नौकरी करके नहीं बिताई जा सकती।

पिता ने बेच दी पुश्तैनी जमीन

एक साल बाद चंद्रमोगन चेन्नई लौट आए। इस बार उन्होंने तय कर लिया था कि अब नौकरी नहीं, अपना कारोबार करेंगे।

उनके पिता ने भी बड़ा फैसला लिया। उन्होंने 13,000 रुपये जुटाने के लिए परिवार की पुश्तैनी जमीन बेच दी। यही रकम चंद्रमोगन के पहले बिजनेस की पूंजी बनी।

250 वर्गफुट से शुरू किया कारोबार

साल 1970 में उन्होंने चेन्नई के रायापुरम इलाके में 250 वर्गफुट की छोटी-सी जगह किराए पर ली। एक साधारण आइस बनाने वाली मशीन खरीदी और चार कर्मचारियों के साथ काम शुरू कर दिया। फैक्ट्री में रोज करीब 10,000 आइसक्रीम बन सकती थीं। उन्होंने अपने ब्रांड का नाम ‘Arun’ रखा।

शुरुआत में मुनाफा बहुत कम था। कई बार चंद्रमोगन खुद ठेले पर आइसक्रीम बेचने निकल जाते थे। उस समय उनका मकसद सिर्फ कारोबार को जिंदा रखना था।

आइसक्रीम से डेयरी बिजनेस तक

करीब 10 साल तक उन्होंने सिर्फ आइसक्रीम का कारोबार किया। लेकिन इसी दौरान उन्हें एक बड़ी बात समझ आई। उन्होंने देखा कि आइसक्रीम का कारोबार मौसम पर निर्भर है, जबकि दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है। उस समय भारत का डेयरी बाजार काफी बिखरा हुआ था। चंद्रमोगन को इसमें बड़ा मौका नजर आया।

1980 के दशक में उन्होंने दूध प्रोसेसिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे कंपनी ने दूध, दही, घी और मक्खन जैसे उत्पाद भी बेचने शुरू कर दिए। अब Arun सिर्फ आइसक्रीम का नहीं, बल्कि डेयरी उत्पादों का बड़ा ब्रांड बन चुका था।

उन्होंने जल्दबाजी में विस्तार नहीं किया। पहले किसानों का मजबूत नेटवर्क बनाया, सप्लाई चेन तैयार की और रिटेल नेटवर्क खड़ा किया। यही रणनीति आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

आज 20,000 करोड़ की कंपनी

आज Hatsun Agro Products शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है। जुलाई 2026 तक इसका मार्केट कैप 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। Forbes के मुताबिक, आरजी चंद्रमोगन की नेटवर्थ करीब 1.6 अरब डॉलर है। उन्हें 2018 में भारतीय डेयरी उद्योग में योगदान के लिए Indian Dairy Association का प्रतिष्ठित Patronage Award भी दिया गया।

चंद्रमोगन की कहानी सिर्फ एक सफल कारोबारी बनने की नहीं है। यह उस इंसान की कहानी है, जो गणित में फेल हुआ लेकिन कारोबार के इम्तिहान में अव्वल नंबरों से पास होकर दिखा दिया।

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कनाडा की इस लड़की ने पाकिस्तानी लड़के से की शादी फिर पति के घर का कल्चर देख ऐसी बातें कहीं कि हो गई वायरल

एक कनाडाई महिला ने पाकिस्तानी परिवार में शादी के बाद अपने नए एक्सपीरिएंस को सोशल मीडिया पर शेयर किया हैं। उसने बताया कि साउथ एशियन परिवारों की परंपराएं, रिश्तों को बुलाने का तरीका, मेहमानों की खातिरदारी और रोजमर्रा की कई आदतें उनके लिए बिल्कुल नई थीं। ये सारी बातें उनके लिए इतनी अलग थीं कि वह पूरी तरह हैरान हो गई। अपने पति के परिवार की कल्चर के बारे में बात करते हुए कैसी ने बताया कि, जब वह पहली बार साउथ एशियन परिवार का हिस्सा बनीं तो वहां की कई रोजमर्रा की आदतें और रीति-रिवाज उनके लिए बिल्कुल अलग थे।

उन्होंने अपने इस एक्सपीरीएंस को मजेदार अंदाज में शेयर किया, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने कहा कि वे भी ऐसे कल्चरल एक्सपीरिएंस से गुजर चुके हैं। कैसी ने बताया कि उनके लिए सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि साउथ एशियन परिवारों में हर रिश्तेदार को अलग-अलग रिश्तों के नाम से बुलाया जाता है।

हर रिश्ते के होते हैं अलग नाम

अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए कैसी ने कहा, “हर रिश्ते के लिए अलग नाम होता है। मां की तरफ के आंटी और अंकल के अलग नाम हैं, पिता की तरफ के आंटी और अंकल के भी अलग नाम हैं। फिर बड़ी आंटी, छोटी आंटी जैसे अलग-अलग संबोधन भी होते हैं।” उन्होंने बताया कि दक्षिण एशियाई परिवारों में ये संबोधन सिर्फ नाम नहीं होते, बल्कि सम्मान और रिश्तों की गहराई को भी दर्शाते हैं।

WhatsApp का किया ज्यादा इस्तेमाल

कैसी ने बताया कि उनके लिए एक और नई बात WhatsApp का ज्यादा इस्तेमाल करना था। कैसी ने कहा, “मैंने पहले कभी WhatsApp इस्तेमाल नहीं किया था। मैंने इसे कभी डाउनलोड भी नहीं किया था। सच कहूं तो मुझे ठीक से पता भी नहीं था कि यह क्या है। लेकिन अब मैं इसे हर समय इस्तेमाल करती हूं।” उन्होंने बताया कि शादी के बाद WhatsApp उनके पति और ससुराल के लोगों से जुड़े रहने का सबसे अहम माध्यम बन गया है।

अलग तरह की होगी है मेहमाननवाजी

कैसी ने बताया कि साउथ एशियाई परिवारों की मेहमाननवाजी ने भी उन्हें काफी प्रभावित किया। उनके मुताबिक, यहां लोग बिना किसी पहले से सूचना के आए मेहमानों का भी पूरे दिल से स्वागत करते हैं। कैसी ने कहा, “आप सुबह 8 बजे भी बिना बताए किसी के घर पहुंच जाएं, तब भी वहां आपके लिए कई तरह के खाने के व्यंजन तैयार मिल जाएंगे। इतना ही नहीं, जाते समय भी आपको बचा हुआ खाना साथ ले जाने के लिए दिया जाएगा।”

उन्होंने अपनी मेहमाननवाजी की तुलना करते हुए कहा, “मुझे पहले लगता था कि मैं अच्छी मेजबानी करती हूं, लेकिन अब ऐसा नहीं लगता। मेरे यहां तो सिर्फ कुछ स्नैक्स और क्रैकर्स होते हैं, जबकि इनके घर किसी भी समय कई तरह के व्यंजन तैयार मिल जाते हैं।”

घर पर ही रुकते हैं रिश्तेदार

कैसी ने बताया कि एक और बात जिसने उन्हें हैरान किया, वह रिश्तेदारों के ठहरने का तरीका था। कैसी ने कहा, “ब्राउन परिवारों में ऐसा लगभग कभी नहीं होता। जो रिश्तेदार मिलने आते हैं, वे होटल बुक नहीं करते, बल्कि परिवार के साथ ही रहते हैं। और अगर कोई होटल में ठहर भी जाए, तो घरवाले पूछते हैं, ‘आपने हमें बताया क्यों नहीं? हमारे साथ क्यों नहीं रुके?'” उन्होंने ये भी कहा कि एक और बात जिसने उन्हें हैरान किया, वह यह थी कि साउथ एशियाई समुदायों में खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं।

लोगों तक जल्दी पहुंचती है खबर

उनके शब्दों में, “यहां हर कोई किसी न किसी को जानता है और कोई भी खबर बहुत जल्दी सब तक पहुंच जाती है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सच में जानना चाहूंगी कि इतनी जल्दी खबरें कैसे फैल जाती हैं। मुझे लगता है कि इसमें WhatsApp की बड़ी भूमिका होती है, लेकिन मेरे लिए ये हैरानी की बात है कि जानकारी इतनी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच जाती है। कई बार आपको लगता है कि लोग एक-दूसरे को नहीं जानते होंगे, लेकिन आखिर में पता चलता है कि सब किसी न किसी तरह जुड़े हुए हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

कैसी के अपने एक्सीपिएंस शेयर करने के बाद वीडियो पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने उनकी बातों को मजेदार और अपने अनुभवों से जुड़ा हुआ बताया। एक यूजर ने कमेंट किया, “गोरे लोगों को इन चीजों को पहली बार समझते और खोजते देखना काफी मजेदार लगता है।” वीडियो पर एक यूजर ने लिखा, “रिश्तों के अलग-अलग नाम रखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना पूछे ही पता चल जाता है कि सामने वाला आपका कौन लगता है।” एक और व्यक्ति ने लिखा, “बिल्कुल सही कहा। सुनने में यह थोड़ा मजेदार लगता है, लेकिन हमारे यहां यह बिल्कुल सामान्य बात है।”

‘आज रात होगा जोरदार हमला…’, ईरान से सीजफायर टूटने के बाद ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

ईरान और अमेरिका के ताजा हमलों ने माहौल को एक बार फिर गरमा दिया है। पीस प्लान को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जोरदार वार और पलटवार के बाद अब अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। नाटो के शिखर सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने तुर्की पहुंचे ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्‍म हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिका आज रात ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ईरान से सीजफायर टूटने के बाद ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरान के हमलों ने संघर्ष रोकने के लिए हुए अस्थायी समझौते का उल्लंघन किया है। इसी वजह से अब हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान की हालिया कार्रवाई से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना नहीं है, लेकिन वह किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के जहाजों पर किए गए हमले अस्थायी संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करना होगा, नहीं तो अमेरिका खुद कार्रवाई करेगा।

इससे पहले ट्रंप ने उस समझौते से अलग होने का ऐलान किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई कुछ समय के लिए रुकी थी और आगे बातचीत की उम्मीद बनी हुई थी। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।

होर्मुज पर संकट के बादल 

होर्मुज , दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और मौजूदा संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यह तनाव फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद और बढ़ गया था। ईरान का कहना है कि वह इस समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उसका दावा है कि यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाएगा। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि तय रास्ते से हटने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है। हाल के दिनों में ईरानी सेना ने कम से कम तीन जहाजों पर हमला किया। इसके जवाब में मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके बाद ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की।

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ शुक्ल एकादशी को होगा देवशयनी एकादशी व्रत और शुरू होंगे चतुर्मास, जानें क्या है और क्यों लगता है चतुर्मास

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस संसार के संचालक भगवान विष्णु इस दिन से चार माह की योग निद्रा में चले जाते हैं। इसलिए इसे देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन के बाद से चतुर्मास शुरू होते हैं और अगले चार माह तक मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। यानी इस दौरान शादी, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्यो के मुहूर्त नहीं होते। चतुर्मास देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक की अवधि को कहा जाता है। आइए जानें इस साल हरिशयनी एकादशी कब है और इसका धार्मिक/आध्यात्मिक महत्व क्या है?

कब है देवशयनी एकादशी 2026?

देवशयनी एकादशी : शनिवार, 25 जुलाई, 2026

देवशयनी एकादशी तिथि का प्रारम्भ : 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजे

एकादशी तिथि समाप्त : 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे

व्रत पारण का समय : 26 जुलाई, सुबह 05:39 बजे से सुबह 08:22 बजे तक

26 जुलाई 2026 द्वादशी समापन : दोपहर 01:57 बजे

देवशयनी एकादशी 2026: धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

देवशयनी एकादशी के बाद से चतुर्मास प्रारंभ होता है। देवशयनी एकादशी तिथि और चतुर्मास का बहुत गहरा धर्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। इसे समझने के लिए आइए जानें ये 3 कारण

श्री हरि ने दिया था दानवीर राजा बलि को वचन

वामन अवतार में भगवान विष्णु ने दानवीर दैत्यराज बली से तीन पग में तीनों लोक नाप लिए थे। तब बली की दानवीरता से प्रसन्न होकर उन्होंने बली को पाताल लोक का राजा बना दिया और खुद भी उसके साथ पाताल चलने का वचन दे दिया। इससे चिंतित माता लक्ष्मी ने राजा बली को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उनसे उपहार स्वरूप भगवान विष्णु को मांग लिया। लेकिन भगवान विष्णु अपने भक्त बली को निराश नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने बली को वरदान दिया कि वे हर साल आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी अर्थात् देवप्रबोधिनी एकादशी तक पाताल लोक में रहकर राजा बली के महल का पहरा देंगे। इसी समय को भगवान विष्णु का शयनकाल माना जाता है।

चतुर्मास का वैज्ञानिक और प्राकृतिक कारण

चातुर्मास का आरंभ आषाढ़ महीने के अंत में होता है, जब बारिश का मौसम होता है। बारिश के कारण हवा और पानी में कई संक्रामक बीमारियां तेजी से पनपती हैं। हमारी पाचन शक्ति भी इस दौरान कमजोर हो जाती है। इस मौसम में नदियां भी उफान पर होती हैं और रास्ते बंद हो जाते हैं। इसलिए पहले के समय में साधु-संतों और लोगों को एक ही स्थान पर रुककर ईश्वर भक्ति करने की सलाह दी गई, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

मांगलिक कार्यों पर रोक का कारण

माना जाता है कि चतुर्मास में ब्रह्मांडीय ऊर्जा और मौसम में काफी बदलाव होते हैं। सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु का प्रभाव इस दौरान आंतरिक साधना की ओर मुड़ जाता है, इसलिए शादी, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।

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GIFT Nifty Today: क्रैश के बाद 9 जुलाई को मार्केट में होगी रिकवरी? GIFT Nifty ने दिए तेजी के संकेत

GIFT Nifty Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार के लिए राहत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty शाम 6:30 बजे 119 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 23,992 पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिलता है कि 9 जुलाई को घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है।

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ हुआ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।

इसी दबाव में निफ्टी 50 2.12% टूटकर 23,882.05 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 2.15% गिरकर 76,503.60 पर आ गया। यह दोनों इंडेक्स का तीन महीने में सबसे खराब कारोबारी सत्र रहा।

ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा असर

ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी दबाव में आ गए। S&P 500 Futures करीब 0.8% गिर गए। वहीं ब्रेंट क्रूड करीब 5% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट आई और डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से?

Religare Broking के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के मुताबिक, निफ्टी अब 24,000-24,150 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे फिसल चुका है। इससे निकट अवधि की तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।

उन्होंने कहा कि अब 23,650-23,800 का स्तर अगला मजबूत सपोर्ट होगा। वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,150-24,300 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

उनका कहना है कि India VIX में तेज उछाल यह दिखाता है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में फिलहाल सतर्क रहने, चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।

Bajaj Broking ने क्या कहा?

Bajaj Broking के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को बड़ा बेयरिश कैंडल बनाया। साथ ही हाल की पूरी तेजी भी गंवा दी। कारोबार के दौरान इंडेक्स 24,250 के सपोर्ट के नीचे फिसल गया और दिन में 23,800 तक पहुंच गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो अगले कुछ सत्रों में यह 23,500-23,600 तक फिसल सकता है। हालांकि, अगर 23,800 का स्तर बचा रहता है, तो निफ्टी 23,800 से 24,350 के दायरे में कुछ समय तक कारोबार कर सकता है। फिलहाल 24,350 के नीचे बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है।

Stock Market Crash: ट्रंप के बयान से तबाही! सिर्फ 40 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा; अब तीन फैक्टर पर मार्केट की नजर

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शेयर बाजारों की 9 जुलाई को कैसी रहेगी चाल? Nifty के लिए ये सबसे अहम लेवल होंगे

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में 8 जुलाई को बीते तीन महीनों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर से सेंसेक्स 2.15 फीसदी यानी 1677 अंक गिरकर 76,503 पर बंद हुआ। निफ्टी 2.12 फीसदी यानी 516 अंक फिसलकर 23,882 पर क्लोज हुआ। सवाल है कि 9 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल?

निफ्टी 24000-24150 के सपोर्ट जोन से नीचे

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी 24000-24,150 के अपने सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है। यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेजेज से भी नीचे हैं। इससे शॉर्ट टर्म में इसका टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर लगता है। उन्होंने कहा, “अगला सपोर्ट 23,650-23,800 जोन में है। तेजी की स्थिति में निफ्टी को 24,150-24,300 जोन में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा।”

इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल

उन्होंने कहा कि इंडिया वीआईएक्स में 26 फीसदी उछाल आया है। यह इस बात का संकेत है कि आगे मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव दिख सकता है। उधर, एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,780-23,750 जोन में है। इस लेवल से गिरने के बाद निफ्टी 23,600 के लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में इसके लिए 24.020-24,050 पर रेसिस्टेंस है।

23800 के सपोर्ट लेवल पर होंगी नजरें

एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि यह देखना अहम होगा कि निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल को तोड़ता है या नहीं। अगर यह इस लेवल को निर्णायक रूप से तोड़ देता है तो करेक्शन का फेज जारी रह सकता है। इस लेवल से ऊपर बने रहने पर शॉर्ट टर्म में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें 9 जुलाई को निफ्टी के लेवल पर होंगी। इस बीच, गिफ्टी निफ्टी में रिकवरी दिखी है। इसका मतलब है कि 9 जुलाई को बाजार में कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव रह सकती है।

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बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर

बुधवार को बाजार के करीब सभी सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला। सबसे ज्यादा गिरावट एफएमसीजी, फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों पर दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट आई। इससे यह संकेत मिलता है कि अचानक बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार में सावधानी बरतना जरूरी है।