Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर ग्रीन शुरुआत! Vedanta, Infosys और Indigo समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: अधिक एशियाई बाजारों में रौनक के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 99.00 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 23.977.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 08 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 1677.12 प्वाइंट्स यानी 2.15% की फिसलन के साथ 76,503.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 516.65 प्वाइंट्स यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882.04 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Infosys

इन्फोसिस ने नॉर्वे के सबसे बड़े बैंक डीएनबी बैंक एएसए के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके तहत यह नाइस एक्टिमाइज एक्स-साइट एंटरप्राइज (NICE Actimize X-Sight Enterprise) प्लेटफॉर्म के जरिए बैंक के फाइनेंशियल क्राइम (FinCrime) ऑपरेशन्स को नए जमाने के हिसाब से बनाएगी।

Vedanta

ईडी ने ने वेदांता और इसकी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक के कुछ ऑफिसों का दौरा किया।

Bliss GVS Pharma

महाराष्ट्र के पालघर में स्थित ब्लिस जीवीएस फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को डब्ल्यूएचओ से इंस्पेक्शन क्लोजर रिपोर्ट मिला है। इस यूनिट को डब्ल्यूएचओ ने GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) स्टैंडर्ड्स के पैमाने पर खरा पाया।

Dhanuka Agritech

धनुका एग्रीटेक का ₹70 करोड़ तक का शेयर बायबैक ऑफर 4 जून को खुलेगा। इस बायबैक ऑफर के तहत कंपनी ने प्रति शेयर ₹1,400 के भाव पर 5 लाख तक शेयर खरीदने का लक्ष्य रखा है।

Advait Energy Transitions

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स की सब्सिडियरी अद्वैत बीईएसएस भेसान ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट (BESPA) किया है। यह एग्रीमेंट 150 MW/300 MWh की कुल क्षमता वाले स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए है।

John Cockerill India

जॉन कॉकरिल इंडिया को जेएसडब्ल्यू विजयनगर मेटालिक्स से एक सीआरएनओ प्रोजेक्ट के लिए ₹1,250-₹1,300 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Canara Bank

केनरा बैंक के बोर्ड ने अगले वित्त वर्ष 2027 के लिए बैंक को डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। बैंक की योजना बेसल III-कम्प्लायंट एडिशनल टियर-I बॉन्ड्स के जरिए ₹4,500 करोड़ और बेसल III-कम्प्लायंट टियर-II बॉन्ड्स के जरिए ₹4,000 करोड़ जुटाने की है।

Adani Ports and Special Economic Zone

अडानी पोर्ट्स ने मई 2026 में 48.3 MMT कार्गो वॉल्यूम हैंडल किया जो सालाना आधार पर 16% अधिक रहा इसे लिक्विड और कंटेनर्स से सपोर्ट मिला। मई 2026 में लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 48,170 TEUs रहा, जो सालाना आधार पर 19% कम रहा।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंटरनेशनल एयरस्पेस में लगातार रुकावटों और लागत से जुड़ी चुनौतियों के चलते इंडिगो ने 31 अगस्त 2026 से मैनचेस्टर आने-जाने वाली अपनी फ्लाइट्स को कुछ समय के लिए बंद करने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद इंडिगो ने डैम्प/वेट लीज पर लिए गए छह बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर जहाजों में से एक नोर्स अटलांटिक एयरवेज को वापस करने की योजना बना रही है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Alkem Laboratories

प्रमोटर ग्रुप की जयंती सिन्हा ने अल्केम लैबोरेटरीज में अपनी पूरी 1.04% हिस्सेदारी (12.38 लाख शेयर) ₹643.87 करोड़ में बेच दी। इसके अलावा संप्रदा एंड ननहमती सिंह फैमिली ट्रस्ट ने 5.5 लाख शेयर ₹286 करोड़ में बेचे। ये लेन-देन प्रति शेयर ₹5,200 के भाव पर हुए। दूसरी तरफ प्रमोटर्स की बेची हुई हिस्सेदारी को नौ देशी-विदेशी निवेशकों- ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, BNP पारिबा आर्बिट्राज, सोसिएट जेनरल, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने खरीदा।

Neogen Chemicals

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने नियोजेन केमिकल्स के 2.66 लाख शेयर ₹47.56 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,788.01 के भाव पर बेचे।एक्सिस म्यूचुअल फंड ट्रस्टी के पास एक्सिस स्मॉल कैप फंड के ज़रिए 18 अप्रैल 2026 तक नियोजेन केमिकल्स में पहले से ही 5.59% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आज अशोक लेलैंड, फोसेको इंडिया, मोनार्क सर्वेयर्स एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स, नवनीत एजुकेशन और रेम्सन्स इंडस्ट्रीज के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो आनंद राठी वेल्थ के बोनस और सर शादी लाल एंटरप्राइजेज के विलय की आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया और कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹7 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 1677 अंकों की गिरावट, Nifty भी 23900 के नीचे बंद

Sensex-Nifty closes deep red: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने का ऐलान किया तो घरेलू मार्केट में कोहराम मच गया। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज- सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 1900 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24800 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई।

सेक्टरवाइज आज सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल रहे। हालांकि सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और एफएमसीजी स्टॉक्स ने डाला। पीएसयू और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक टूट गए तो निफ्टी एफएमसीजी भी करीब ढाई फीसदी नीचे आ गया। ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा तो निफ्टी आईटी भी 1% से अधिक कमजोर हुआ है। बिकवाली के इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹7 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹7 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 1677.12 प्वाइंट्स यानी 2.15% की फिसलन के साथ 76,503.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 516.65 प्वाइंट्स यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882.04 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1921.69 प्वाइंट्स टूटकर 76,259.03 तक और निफ्टी 593.55 प्वाइंट्स गिरकर 23,805.20 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹7.89 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 07 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,79,67,747.45 करोड़ था। आज यानी 08 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,71,78,619.13 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹7,89,128.32 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सभी शेयर लाल

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज कोई भी ग्रीन जोन में नहीं बंद हुआ है। सबसे अधिक गिरावट इंडिगो,मारुति और एचयूएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex a1

116 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4454 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1093 शेयर आज मजबूत हुए तो 3186 में गिरावट रही जबकि 175 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 116 शेयर एक साल के हाई और 104 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

(यह स्टोरी अभी अपडेट हो रही है)

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US-Iran Tension: ‘ईरान के साथ सीजफायर खत्म…’ ट्रंप का बड़ा ऐलान

ईरान ने बहरीन-कुवैत में मचाई तबाही! 85 अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन से भीषण हमला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

फिर बंद कर दिया होर्मुज? ईरान ने बताई पूरी सच्चाई, लेबनान पर इजरायल के हमले से बढ़ा तनाव!

ईरान ने शुक्रवार को उन खबरों का खंडन किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया है। ईरान ने कहा कि 18 जून को अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते के तहत इस अहम जलमार्ग से कमर्शियल शिपिंग जारी है। सरकारी ब्रॉडकास्टर ‘प्रेस टीवी’ से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन दावों को “बेबुनियाद” और गलत बताया।

बघाई ने स्ट्रेट के बंद होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि MoU पर हस्ताक्षर के बाद, तेहरान ने सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही “फिलहाल सामान्य रूप से चल रही है”।

दरअसल कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि ईरान की नौसेना ने अचानक एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान कर दिया। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को दोबारा पूरी तरह बंद कर दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने साफ कहा है कि जब तक इजरायल लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाता और अमेरिका इस इलाके को खाली नहीं करता, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा।

दावा- ईरान ने दी थी खुली धमकी!

इसमें बताया गया कि समुद्री रेडियो चैनलों पर ईरान के सबसे खतरनाक सैन्य संगठन इरेक्ट (IRGC – इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने एक बयान जारी कर अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच बुधवार को जो समझौता हुआ था, अमेरिका उसका पालन नहीं कर रहा है।

ईरानी सेना ने सख्त लहजे में चेतावनी दी, “क्योंकि लेबनान से इजरायल की वापसी, समुद्री नाकाबंदी को पूरी तरह हटाना और अमेरिकी आतंकवादी ताकतों का फारस की खाड़ी से बाहर निकलना हमारी मुख्य शर्तें थीं, इसलिए जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होतीं, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद रहेगा। सभी जहाजों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए इस रास्ते के पास न आएं। अगर किसी भी जहाज ने इस आदेश को मानने से इनकार किया, तो उसे सीधे निशाना बनाया जाएगा (यानी उड़ा दिया जाएगा)।”

आपको बता दें कि दुनिया का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) तेल और गैस का व्यापार इसी रास्ते से होता है। इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद भी इसे बंद कर दिया गया था, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम आसमान पर पहुंच गए थे।

लेबनान पर इजरायल के हमले से नाराज हुआ ईरान!

बताया गया कि ईरान के इस गुस्से के पीछे इजरायल का लेबनान पर किया गया ताजा हमला है। अमेरिका-ईरान डील के तहत यह माना जा रहा था कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भी जंग रुक जाएगी। लेकिन कल आधी रात से इजरायल ने लेबनान के 11 शहरों पर भीषण हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 33 घायल हो गए।

इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कह दिया है कि उनकी सेना “जब तक जरूरी होगा” लेबनान में ही रहेगी। वहीं, इजरायल के धुर दक्षिणपंथी मंत्री इतामार बेन ग्विर ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि “पूरे लेबनान को जल जाना चाहिए।” इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह किसी मामूली पागल का बयान नहीं है, बल्कि इजरायली सरकार के सुरक्षा मंत्री की सोच है। तेल अवीव (इजरायल) में बैठी यह सरकार पूरी मानवता के लिए खतरा है और इसका मकसद सिर्फ स्थायी युद्ध (Permanent War) करना है।”

अमेरिका का दावा: “हमने तो रास्ता खोल दिया था”

दूसरी तरफ, अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को ही ऐलान किया था कि उसने पिछले दो महीनों से ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नाकाबंदी को आधिकारिक रूप से हटा लिया है। ऐसे में अमेरिका के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि ईरान किस अधूरी नाकाबंदी की बात कर रहा है।

यहां तक कि समुद्री जहाजों पर नजर रखने वाली एजेंसी ‘AXSMarine’ के मुताबिक, इस समझौते के तुरंत बाद गुरुवार को रिकॉर्ड 25 कमर्शियल जहाज इस रास्ते से सुरक्षित गुजरे थे, जो पिछले दो महीनों में सबसे बड़ी संख्या थी। लेकिन अब ईरान के इस नए कदम ने पूरी दुनिया को एक बार फिर महायुद्ध और भयंकर आर्थिक संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

मोजतबा खामेनेई का बड़ा दावा, ईरान डील के लिए ‘बेताब’ ट्रंप ने हर तरह के हथकंडे अपनाए