Shani Vakri 2026: इस तारीख से उल्टी होगी शनि की चाल, वृषभ और मिथुन सहित 4 राशियों को कर देगी मालामाल

Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि देव जातक को कर्मों के आधार पर फल देते हैं और न्याय करते हैं। जब भी शनि अपनी चाल बदलते हैं, तो माना जाता है कि इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इसलिए यह साल की सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं में से एक बन जाती है। इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे शनि इस साल 27 जुलाई, 2026 को वक्री हो जाएंगे। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जों कुछ राशियों के जातकों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। हालांकि, ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृषभ, मिथुन, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है, जिससे करियर में तरक्की, फाइनेंशियल ग्रोथ और पर्सनल सफलता के मौके मिलेंगे।

शनि वक्री क्या है?

जब कोई ग्रह पीछे या अपने मार्ग से विपरीत दिशा में चलने लगा है, तो उसे वक्री कहा जाता है। हालांकि ग्रह असल में अपनी दिशा नहीं बदलता है, लेकिन इस ऑप्टिकल घटना को ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि शनि के वक्री होने का समय उसके असर को बढ़ाता है। जब शनि किसी राशि में उल्टी चाल चलते हैं, तो वे व्यक्ति के पुराने कर्मों का हिसाब करते हैं।

इन 4 राशियों के लिए फायदेमंद होगी शनि की वक्री चाल

वृषभ राशि : शनि की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों के लिए वरदान साबित होगी। आपकी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के योग हैं। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम भाव में वक्री होंगे, जो कि कर्म का भाव है। नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है। पुराने निवेश से भी बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। इस दौरान पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि की यह उल्टी चाल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने वाली होगी। जो काम पिछले कई महीनों या सालों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या विदेशी कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

कुंभ राशि : चूंकि शनि देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मीन राशि में उनकी वक्री चाल आपके धन भाव को प्रभावित करेगी। इस अवधि में आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे। आप कार्यस्थल पर लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे।

वक्री शनि के असर को कम करने के उपाय

  • शनिवार शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं।
  • शनिवार को किसी जरूरतमंद को काले तिल, काली उड़द की दाल या छाता दान करें।
  • शनि देव की कृपा पाने के लिए रोजाना 108 बार “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।

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Petrol-Diesel Price Today: 8 जुलाई के लेटेस्ट रेट जारी, जानें किस शहर में कितना मिल रहा है पेट्रोल और डीजल

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 08 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

मानसून भी नहीं रोक पाएगा आपकी ट्रैवल प्लानिंग, बारिश से हटकर कुछ खास जुलाई में घूमने की टॉप 6 लोकेशन!

जुलाई का महीना भारत में मानसून का मौसम लेकर आता है, लेकिन अगर आप बारिश से बचते हुए घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो देश में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां इस समय भी मौसम सुहावना रहता है। इन डेस्टिनेशंस पर कम बारिश होने के कारण आप बिना किसी परेशानी के प्राकृतिक नज़ारों, एडवेंचर और संस्कृति का भरपूर आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं जुलाई में मॉनसून से बचने के लिए भारत की 6 बेहतरीन घूमने लायक जगहों के बारे में:

लाहौल घाटी-हिमालयी शांत वादी

PHOTOS: हिमाचल का स्वर्ग है स्पीति घाटी, हर साल आते हैं बड़ी संख्या में सैलानी

हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी जुलाई में मॉनसून से बचकर घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यह भी रेन शैडो क्षेत्र में आती है, इसलिए यहां बारिश बहुत कम होती है और मौसम सुहावना बना रहता है। सिस्सू, सूरज ताल, बारालाचा ला और गोंधला किला जैसी जगहें यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को और खास बनाती हैं। बर्फ से ढकी चोटियां, साफ नदियां और शांत वातावरण नेचर लवर को बेहद पसंद आता है। रोड ट्रिप, ट्रेकिंग, कैंपिंग और फोटोग्राफी के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

जैसलमेर-सुनहरी रेगिस्तान नगरी

Rajasthan - Sharvil Holidays

राजस्थान का गोल्डन सिटी जैसलमेर जुलाई में भी घूमने के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि यहां बारिश बहुत कम होती है। मानसून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाता है और टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है। जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर झील और सैम सैंड ड्यून्स यहां काअट्रैक्शन हैं। रेगिस्तान में ऊंट की सवारी, डेजर्ट सफारी, लोक संगीत और ट्रेडिशनल राजस्थानी संस्कृति का एक्सपीरियंस आपकी जर्नी को यादगार बना देता है। अगर आप रेगिस्तान की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं, तो जुलाई का समय भी अच्छा साबित हो सकता है।

हम्पी-पुरानी खंडहर नगरी

Uragas Immigrated in India Seems an Unproved Hypothesis – Raigar.net

अगर आप हिस्ट्री और आर्किटेक्चर में इंटरेस्ट रखते हैं, तो कर्नाटक का हम्पी जुलाई में घूमने के लिए शानदार डेस्टिनेशन है। हल्की बारिश के कारण यहां का वातावरण हरा-भरा और सुहावना हो जाता है, जिससे प्राचीन मंदिरों और खंडहरों की सुंदरता और बढ़ जाती है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह शहर विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर, लोटस महल और मातंगा हिल जैसी ऐतिहासिक जगहों के लिए प्रसिद्ध है। यहां साइकिल से घूमना, सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखना और विरासत से जुड़ी कहानियों को जानना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है।

स्पीति घाटी-बर्फीला रेगिस्तान

WINTER SPECIAL TRIP TO SPITI VALLEY - 7 Days/6 Nights at 17499 INR (EX- SHIMLA) - HTC - Hyderabad Trekking Company

हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो प्रकृति, रोमांच और शांति का आनंद लेना चाहते हैं। रेन शैडो क्षेत्र में होने के कारण यहां जुलाई में बहुत कम बारिश होती है, जिससे रोड ट्रिप और दर्शनीय जगहों की सैर आसान हो जाती है। की मठ, चंद्रताल झील, हिक्किम, कोमिक और धंकर मठ जैसी जगहें यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। बंजर पहाड़, नीला आसमान और प्राचीन बौद्ध संस्कृति इस घाटी को एक अलग पहचान देते हैं। ट्रेकिंग, बाइकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

पुडुचेरी-फ्रेंच कोस्टल शांति

FORTE KOCHI (Fort Kochi) - Hotel Reviews, Photos, Rate Comparison - Tripadvisor

अगर आप समुद्र किनारे सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो पुडुचेरी एक बेहतरीन ऑप्शन है। जुलाई में यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर थोड़ा कम रहता है, जिससे मौसम घूमने के लिए फ्रेंडली बना रहता है। फ्रेंच वास्तुकला, रंग-बिरंगी गलियां, प्रोमेनेड बीच, ऑरोविल और श्री अरविंद आश्रम यहां के मेन अट्रैक्शन हैं। यहां बीच पर सैर, कैफे हॉपिंग, साइकिलिंग और मेडिटेशन का आनंद लिया जा सकता है। शांत वातावरण और खूबसूरत समुद्री नजारे इसे कपल्स और फैमिली ट्रिप दोनों के लिए खास बनाते हैं।

लेह-हिमालय का जादुई स्वर्ग

Top 23 Best Places to Visit in Leh Ladakh

अगर आप जुलाई में मॉनसून से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां नीला आसमान, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत झीलें आपका स्वागत करें, तो लेह आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। यह क्षेत्र रेन शैडो ज़ोन में आता है, इसलिए यहां बारिश बेहद कम होती है। जुलाई में पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला, शांति स्तूप और लेह पैलेस जैसी जगहों की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। यहां बाइक ट्रिप, रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और मठों की सैर जैसी एक्टिविटीज आपकी ट्रिप को यादगार बना देती हैं। हालांकि, अधिक ऊंचाई के कारण पहले दिन आराम करना और पानी पीना जरूरी होता है।

अगर आप जुलाई में बारिश से दूर और आरामदायक ट्रिप की तलाश में हैं, तो भारत में ये सभी जगहें शानदार हैं। आप अपनी पसंद और सुविधा से सही डेस्टिनेशन चुनकर मानसून के मौसम में भी यादगार छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं। सही प्लानिंग के साथ यह ट्रिप आपके लिए बेहद खास और यादगार साबित होगी।

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Niyam: योगिनी एकादशी व्रत में इन 4 में से एक भी काम किया, तो टूट जाएगा आपका व्रत, जानें योगिनी एकादशी व्रत के नियम और तारीख

Yogini Ekadashi 2026 Vrat Niyam: योगिनी एकादशी का व्रत आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत में बहुत से भक्त उपवास करते हैं और कुछ लोग तो सभी 24 एकादशी तिथियों पर निर्जला उपवास भी करते हैं। इस व्रत को भगवान विष्णु की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से श्री हरि और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की सभी तकलीफें दूर करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

हर हिंदी माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल साल में 24 एकादशी तिथियां आती हैं। एकादशी व्रत भले भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का सबसे सरल मार्ग है, लेकिन इसे करने के नियम बहुत सख्त हैं। इस व्रत की शुरुआत एकादशी तिथि से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि से होती है, जबकि इसका समापन द्वादशी तिथि को व्रत पारण के बाद होता है। इस व्रत के कुछ ऐसे नियम भी हैं, जिनका पालन न करने से आपका उपवास खंडित हो सकता है। आइए जानें इनके बारे में

कब है योगिनी एकादशी 2026

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जुलाई को सुबह 08 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा। वहीं, इस तिथि का समापन 11 जुलाई को सुबह 05 बजकर 22 मिनट पर होगा। ऐसे में योगिनी एकादशी व्रत 10 जुलाई को किया जाएगा।

भूलकर भी न करें ये काम

  • एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से तुलसी माता का व्रत खंडित हो सकता है। इसलिए एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी माता एकादशी का व्रत करती हैं।
  • एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का सेवन करने से व्रत टूट सकता है। साथ ही चावल खाने से बचना चाहिए।
  • एकादशी व्रत में नमक का पूरी तरह से त्याग कर देना चाहिए। व्रत के समय सेंधा नमक का ही सेवन करना चाहिए। सामान्य नमक खाने से व्रत टूट सकता है।
  • एकादशी के दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा करना या फिर बातचीत के दौरान किसी को अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तरह की गलती को करने से व्रत का फल क्षीण हो जाता है।

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Rashifal Today: 1 से लेकर 9 मूलांक वालों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानें किन बातों का रखना होगा खास ध्यान

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। यह न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन अंक ज्योतिष के अनुसार आज नए निवेश या बड़े खर्च से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। अपने बजट की समीक्षा करें और लंबी अवधि के आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान दें। संतुलित योजना आपको भविष्य में आर्थिक मजबूती देगी।

आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और भविष्य को ध्यान में रखते हुए वित्तीय योजना बनाएं। बजट का पालन करने और बचत पर ध्यान देने से आने वाले समय में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज धन संबंधी मामलों में समझदारी से काम लें। अनावश्यक खर्चों से बचें और अपने बजट के अनुसार चलें। अगर निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो सही अवसर का इंतजार करें। लंबी अवधि की योजनाएं भविष्य में लाभ दिला सकती हैं।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। नए अवसरों पर नजर रखें और बाजार की जानकारी लेते रहें। समय के अनुसार अपनी वित्तीय योजनाओं में बदलाव करने के लिए तैयार रहें। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में फायदा देगा।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों में फर्क करें। भावनाओं में आकर पैसे खर्च करने से बचें। सही बजट और योजना से आर्थिक संतुलन बनाए रखना आसान होगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में अच्छी संभावनाएं बन रही हैं। व्यवस्थित बजट बनाकर चलें और अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करें। नए निवेश या आय के अवसर मिल सकते हैं। जल्दबाजी की बजाय सोच-समझकर फैसले लेना लाभदायक रहेगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज खर्चों को व्यवस्थित करने का दिन है। केवल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें और फिजूलखर्ची से बचें। छोटी-छोटी वित्तीय बातों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। मेहनत और सही योजना से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने के लिए अच्छा समय है। विलासिता की चीजों पर खर्च करने से बचें और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। खर्चों पर नियंत्रण रखने से भविष्य में आर्थिक लाभ मिलेगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक रणनीति पर दोबारा विचार करें। बजट और निवेश योजनाओं की समीक्षा करें और जल्दबाजी में कोई खरीदारी न करें। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में बेहतर आर्थिक परिणाम देंगे।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए निवेश या बड़े खर्च से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। अपने बजट की समीक्षा करें और लंबी अवधि के आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान दें। संतुलित योजना आपको भविष्य में आर्थिक मजबूती देगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Viral Post: ‘ऑफिस में सिर्फ 3 मिनट, रास्ते में 1 घंटा…’ मुंबई की बारिश पर महिला प्रोफेशनल का पोस्ट हुआ वायरल

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या की वजह से कई ऑफिस ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी है। वहीं हाल ही में एक महिला प्रोफेशनल ने बताया कि, उसको वर्क फ्रॉम होम मिलने के बावजूद सिर्फ लैपटॉप लेने के लिए ऑफिस जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि ऑफिस तक पहुंचने में कुल 1 घंटे का समय लगा। वहीं कई यूजर्स ने मुंबई में हर साल मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों और बारिश के बीच भी कर्मचारियों पर पड़ने वाले काम के दबाव को लेकर अपनी राय रखी।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

मार्केटिंग प्रोफेशनल और आईआईएम रायपुर से पढ़ाई कर चुकी इहिना डी ने मुंबई में रेड अलर्ट के दौरान अपना एक्सपीरिएंस लिंक्डइन पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि, भारी बारिश के बीच, जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने लोगों को केवल जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से भी अपील की कि खराब मौसम को देखते हुए जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए। इहिना डी ने बताया कि उनकी कंपनी ने भी भारी बारिश के कारण कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू कर दी थी।

ऑफिस में भूल गई लैपटॉप

इहिना डी ने बताया कि उन्हें बाद में याद आया कि उनका लैपटॉप ऑफिस में ही रह गया है। उन्होंने लिखा, “मुंबई में कल रेड अलर्ट घोषित किया गया था, इसलिए आज मैं वर्क फ्रॉम होम कर रही हूं। लेकिन अपना लैपटॉप ऑफिस में ही छोड़ आई थी।” उन्होंने आगे लिखा, “जब पूरा शहर अपने प्लान रद्द कर रहा था और रेनकोट निकाल रहा था, तब मैं मजबूरी में कार से ऑफिस जा रही थी।” इहिना ने बताया कि ऑफिस पहुंचकर उन्होंने सिर्फ अपना लैपटॉप उठाया और करीब तीन मिनट में वापस निकल गईं। उन्होंने लिखा, “अपना लैपटॉप लिया, तीन मिनट में फिर कार में लौट आई। एक घंटे का सफर और ऑफिस में सिर्फ तीन मिनट।”

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इस एक्सपिरिएंस के बाद इहिना ने मुंबई में हर साल होने वाली बारिश को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, “ये सिर्फ बारिश नहीं है। यह हर साल होने वाला ऐसा ठहराव है, जिसके आने का सभी को पता होता है, लेकिन पूरा शहर मानो ये दिखावा करता है कि यह आने वाला ही नहीं है।” उन्होंने हर साल मानसून के दौरान होने वाली पानी भरी सड़कों, जलभराव और आखिरी समय में होने वाली वर्क-फ्रॉम-होम की घोषणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “हम जानते हैं कि बारिश जून में शुरू होगी। हमें यह भी पता है कि जुलाई में हालात और खराब होंगे। फिर भी हर साल ऐसा लगता है जैसे यह सब अचानक हो गया हो।”

उन्होंने ये भी माना कि हर किसी के पास घर से काम करने की सुविधा नहीं होती। उन्होंने लिखा, “आज मुझे वर्क फ्रॉम होम करने का मौका मिला, इसलिए मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। मेरा काम नहीं रुका और मेरा सफर सिर्फ मेरे बेडरूम से मेरी डेस्क तक था। लेकिन इससे मुझे यह भी एहसास हुआ कि लाखों मुंबईकरों के पास वर्क फ्रॉम होम का विकल्प नहीं है। वे फिर भी बारिश में, लोकल ट्रेन से और बाइक पर सफर करके काम पर पहुंचे। यह कोई ‘हसल कल्चर’ नहीं है, यह बस मुंबई है।”

E25 Petrol: सरकार E25 पेट्रोल लॉन्च करने से पहले सतर्क, इंजन और माइलेज पर असर की हो रही जांच

E25 Petrol: E25 पेट्रोल यानी 75% पेट्रोल और 25% एथेनॉल के मिश्रण को लागू करने की दिशा में सरकार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। हालांकि, अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार ऑटो कंपनियों, ऑयल कंपनियों और दूसरे संबंधित पक्षों से सलाह ले रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती।

पहले E20 का असर समझना चाहती है सरकार

सरकार फिलहाल यह जांच रही है कि E20 पेट्रोल का गाड़ियों के इंजन, दूसरे पुर्जों और माइलेज पर क्या असर पड़ा है। इन सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही E25 को मंजूरी देने पर फैसला लिया जाएगा।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार इस दिशा में ‘सोच-समझकर’ आगे बढ़ना चाहती है। इंडस्ट्री से भी इसी तरह की राय मिली है।

ऑयल कंपनियां तैयार, मंजूरी का इंतजार

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनियां E25 पेट्रोल की सप्लाई के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर चुकी हैं। अब उन्हें सिर्फ सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

एक सरकारी रिफाइनरी के अधिकारी ने बताया कि मंजूरी मिलते ही E25 की सप्लाई शुरू की जा सकती है। हालांकि, सरकार की अनुमति के बिना इसे बाजार में नहीं उतारा जाएगा।

E20 का लक्ष्य समय से पहले पूरा

भारत ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम के तहत पूरे देश में E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय समय से 5 साल पहले हासिल कर लिया है। पहले यह लक्ष्य 2030 तक पूरा होना था।

सरकार ने पहले ही शुरू कर दी तैयारी

सरकार ने E20 से आगे बढ़ने की तैयारी भी शुरू कर दी है। मई में E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल के लिए नए भारतीय मानक (Indian Standards) जारी किए गए थे।

इसके बाद जून में सरकार ने इन नए एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल्स पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में छूट भी दे दी। माना जा रहा है कि ये कदम भविष्य में E25 लागू करने की तैयारी का हिस्सा हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक E25 की लॉन्चिंग की कोई तारीख घोषित नहीं की है।

E20 को लेकर क्यों उठे सवाल?

हाल के दिनों में E20 पेट्रोल को लेकर बहस तेज हुई है। पिछले हफ्ते एक अदालत की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कथित तौर पर E20 को ‘एक्सपेरिमेंट’ बताया था। उनका कहना था कि इसका पूरा असर अगले एक साल में साफ हो पाएगा।

वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि E20 से इंजन खराब होने या कीड़े लगने जैसी बातें वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। लोगों को अफवाहों के बजाय वैज्ञानिक प्रमाणों पर भरोसा करना चाहिए।

E25 के लिए गाड़ियों में बदलाव पड़ सकता है

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि E25 जैसे ज्यादा एथेनॉल वाले ईंधन के लिए ऑटो कंपनियों को इंजन की ट्यूनिंग, फ्यूल सिस्टम और दूसरे पुर्जों में बदलाव करने पड़ सकते हैं।

Grain Ethanol Manufacturers Association के अध्यक्ष सीके जैन के मुताबिक, E20 पेट्रोल से आमतौर पर 3% से 7% तक माइलेज कम हो सकता है। हालांकि, आधुनिक इंजन बेहतर दहन तकनीक और इंजन मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से इस असर को काफी हद तक कम कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है। इससे ईंधन बेहतर तरीके से जलता है। कार्बन मोनोऑक्साइड और कुछ अन्य प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है।

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Sabang Port Deal: ग्रेट निकोबार से सिर्फ 100 मील दूर! PM मोदी कर आये वो डील जो हिंद महासागर में चीन को देगी शिकस्त

होर्मुज की अहमियत को देखने के बाद भारत ने स्ट्रेट ऑफ मलक्का में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ाने जा रहा है। भारत और इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित रणनीतिक रूप से अहम सबांग बंदरगाह को मिलकर विकसित करने के लिए एक समझौता किया है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होगा। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति भी और बेहतर होगी। सबांग पोर्ट भारत में बन रहे ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट से करीब 160 किलोमीटर दूर है। यह मलक्का स्ट्रेट के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार और तेल-गैस की आपूर्ति होती है।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब भारत विदेशी पोर्ट पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है और पूर्वी हिंद महासागर में अपनी समुद्री ताकत और मौजूदगी को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

सबांग पोर्ट क्यों है इतना अहम?

मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया के बड़े हिस्से का व्यापार और तेल-गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। चीन के लिए भी यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है। उसके कच्चे तेल का करीब 80 प्रतिशत आयात और लगभग 60 प्रतिशत सामान का व्यापार इसी रास्ते से होकर गुजरता है। भारत के लिए सबांग पोर्ट की अहमियत भी काफी ज्यादा है। यह परियोजना भारत में बन रहे ग्रेट निकोबार ट्रांसशिपमेंट पोर्ट को और मजबूत करेगी। दोनों बंदरगाह मिलकर मलक्का स्ट्रेट के आसपास भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रणनीतिक महत्व के साथ-साथ सबांग बंदरगाह भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को भी मजबूती देगा। इससे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और इंडोनेशिया के आचे प्रांत के बीच समुद्री संपर्क बेहतर होगा। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार होने की उम्मीद है।

व्यापार और भविष्य की संभावनाएं

फिलहाल सबांग एक छोटा पोर्ट है, जहां करीब 50 हजार टन तक के जहाज आ सकते हैं। यहां माल चढ़ाने और उतारने का काम अभी ज्यादातर जहाजों में लगी क्रेनों की मदद से किया जाता है। समुद्री मामलों के जानकारों का मानना है कि भविष्य में सबांग को एक बड़े क्षेत्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे दक्षिण-पूर्व एशिया के छोटे बंदरगाहों तक सामान पहुंचाना आसान होगा और इस क्षेत्र में व्यापार को नई गति मिलेगी।

नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन के पूर्व निदेशक विजय सखूजा के अनुसार, भविष्य में सबांग बंदरगाह को बंगाल की खाड़ी के कई बड़े बंदरगाहों, जैसे चट्टोग्राम और यांगून, से कंटेनर जहाजों के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा हल्दिया, चट्टोग्राम और दावेई जैसे बंदरगाहों के साथ कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, कोयला, लौह अयस्क, उर्वरक और अनाज जैसी वस्तुओं की आवाजाही भी आसान हो सकती है।

एक्सपर्ट का मानना है कि यह सिर्फ व्यापार के लिए ही नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर पूर्वी हिंद महासागर में गश्त, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान भारतीय नौसेना इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईंधन भरने, जरूरी सामान उपलब्ध कराने और जहाजों के रखरखाव के लिए भी कर सकती है। इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

Asia Cup 2027: अगले साल होने वाले एशिया कप 2027 की तारीखों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। इस बार टूर्नामेंट बांग्लादेश की मेजबानी में 50-ओवर फॉर्मेट में खेला जाना तय है। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआत 18 जून को होगी वहीं इसका फाइनल मुकबाला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। टूर्नामेंट सभी मुकाबले मीरपुर, चटगांव और सिलहट को संभावित मेजबान शहरों के रूप में चुना गया है। वहीं एशिया कप खेलने के लिए भारतीय टीम का बांग्लादेश जाना अभी तय नहीं है। पिछले साल से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है।

कब शुरू होगा एशिया कप

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआट वनडे वर्ल्ड कप से पहले 18 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। मंगलवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की सुरक्षा समिति के चेयरमैन सईद इब्राहिम अहमद ने बताया कि, एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने प्रस्तावित तीनों स्टेडियमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए इस दिशा में काम चल रहा है।

एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू की रिपोर्ट

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमसे संपर्क किया गया है और एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इस मामले को औपचारिक रूप दे दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम बोगुरा के शहीद चंदू स्टेडियम पर भी काम कर रहे हैं। वहीं, फिलहाल हमारी प्राथमिकता ढाका, सिलहट और चटगांव के वेन्यू हैं। बोगुरा को लेकर भी तैयारी जारी है, लेकिन अभी पूरा ध्यान इन तीन शहरों पर है।”

सफल टूर्मामेंट का हो आयोजन

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इन तीनों वेन्यू में से हर एक पर कम से कम एक मैच जरूर खेला जाएगा। अंतिम फैसला होने के बाद हम अगले कुछ दिनों में और जानकारी शेयर करेंगे। हमें भरोसा है कि इतने सालों बाद एशिया कप फिर से बांग्लादेश लौटेगा। हमारी कोशिश है कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक सफल टूर्नामेंट आयोजित किया जाए।”

पिछले साल हुए थी तनातनी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 एशिया कप पर इस बार क्रिकेट के साथ-साथ राजनीतिक माहौल का भी असर देखने को मिल सकता है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों को लेकर कई चर्चाएं हुई थीं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सितंबर में भारत के प्रस्तावित सीमित ओवरों के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अब इस दौरे के होने की उम्मीद फिर से बढ़ गई है।

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हर दौरे पर आने वाली टीम की सुरक्षा हमेशा एक अहम मुद्दा होती है, खासकर बड़ी क्रिकेट टीमों के लिए। अभी तक हमारी उनकी (BCCI) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। हमें उम्मीद है कि अगर दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो सुरक्षा को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं होगी।”

Trent Share Crash: टाटा का स्टॉक 13% क्रैश, अब खरीदें या बेचने में भलाई? जानिए एक्सपर्ट्स से

Trent Share Crash: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd के शेयर मंगलवार को करीब 13% टूट गए। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। जून तिमाही का बिजनेस अपडेट बाजार की उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।

शेयर Nifty 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा। इस गिरावट से कंपनी का मार्केट कैप करीब 13,356 करोड़ रुपये घट गया। कारोबार के अंत में Trent का शेयर 12.64% गिरकर 2,921 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 20% से ज्यादा टूट चुका है।

उम्मीद से कम रही रेवेन्यू ग्रोथ

Trent ने जून तिमाही में 5,666 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछले साल की तुलना में 19% ज्यादा है। हालांकि, बाजार को 22% से 23% की ग्रोथ की उम्मीद थी। इसी वजह से कई ब्रोकरेज ने कंपनी को लेकर अपना नजरिया थोड़ा सतर्क कर लिया।

स्टोर बढ़े, कमाई की रफ्तार घटी

Share.Market by PhonePe के क्वांट रिसर्चर निश्चल जैन के मुताबिक, कंपनी ने अपने फैशन नेटवर्क का विस्तार जारी रखा। कुल स्टोर बढ़कर 1,312 हो गए। इनमें 982 Zudio और 301 Westside स्टोर शामिल हैं।

हालांकि, तेजी से नए स्टोर खोलने का असर पुराने स्टोरों पर भी पड़ा। कई इलाकों में नए और पुराने स्टोर एक-दूसरे की बिक्री को प्रभावित करने लगे। इसकी वजह से रेवेन्यू पर स्केवयर फुट में 12.2% की गिरावट आई।

गिरावट पर क्या बोले एक्सपर्ट?

निश्चल जैन का कहना है कि शेयर में तेज गिरावट की वजह कमजोर रेवेन्यू ग्रोथ और संस्थागत निवेशकों की मुनाफावसूली रही। इसके अलावा शेयर एक अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल के नीचे भी फिसल गया।

हालांकि, उनका मानना है कि यह कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं, बल्कि ऊंचे वैल्यूएशन का असर है। खासकर Zudio का विस्तार अब भी कंपनी के लिए लंबी अवधि का मजबूत ग्रोथ ड्राइवर बना हुआ है।

उन्होंने मौजूदा निवेशकों को ‘Hold’ या गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulate on Dips) की सलाह दी है। नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने की सलाह दी गई है।

Zudio की ग्रोथ को लेकर बढ़ी चिंता

Trent ने FY26 में 250 नए स्टोर खोले थे। इनमें Westside और Zudio दोनों शामिल हैं। जून तिमाही में भी कंपनी ने 20 नए स्टोर जोड़े।

हालांकि, Fident Asset Management की एनालिस्ट ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि कंपनी पहले अगले कुछ वर्षों में रेवेन्यू को 2 से 2.5 गुना बढ़ाने की बात कर रही थी। इसमें सबसे बड़ा योगदान Zudio से आने की उम्मीद थी।

अब Zudio की ग्रोथ सामान्य होती दिख रही है। इससे निवेशकों को कंपनी की आगे की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ी है।

ब्रोकरेज भी हुए सतर्क

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ अब लो सिंगल डिजिट में आ गई है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है कि क्या कंपनी पहले जैसी तेज ग्रोथ जारी रख पाएगी।

ऐश्वर्या दधीच का कहना है कि सिर्फ 20% ग्रोथ के मुकाबले शेयर का वैल्यूएशन 70 से 80 गुना तक पहुंच गया था। यानी ग्रोथ और वैल्यूएशन में संतुलन नहीं दिख रहा था।

वहीं, Goldman Sachs और Citi ने भी कहा कि जून तिमाही का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। Citi ने स्टोर प्रोडक्टिविटी में गिरावट, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से स्टोर विस्तार को लेकर भी चिंता जताई।

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