Abhishek Sharma: इंग्लैंड सीरीज के बीच दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक शर्मा, AI फोटोज से जुड़ा है मामला

भारत के ओपनर बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिषेक शर्मा ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसका मतलब है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी उनका नाम, फोटो या उनसे मिलती-जुलती तस्वीर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई (AI) से बने कंटेंट में इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस मामले में भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने सोशल मीडिया और एआई की मदद से तैयार किए गए कथित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की मांग की है।

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने अदालत को बताया कि क्रिकेटर की ओर से बताए गए आठ यूआरएल में से दो लिंक फिलहाल खुल नहीं रहे थे। अभिषेक शर्मा फिलहाल भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं। 5 मैचों की टी20 सीरीज में इंग्लैंड 1-0 से आगे हैं।

कोर्ट में हुई सुनवाई

क्रिकेटर अभिषेक का मामला जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में सुना गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभिषेक शर्मा की ओर से बताए गए कई वेब लिंक पर गौर किया, जिनमें उनके पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। विरोधी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर प्रकाशित सामग्री से जुड़े मामलों में मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के बीच अंतर करना कई बार मुश्किल हो जाता है। अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि संबंधित सामग्री की पूरी जांच किए बिना कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता।

जज ने नहीं दिया आदेश

जज ने अभिषेक के वकील से कहा, “यहां सच में गड़बड़ है। आप अपने याचिका से मिलते-जुलते स्क्रीनशॉट के साथ एक एफिडेविट दाखिल करें। आपने जो स्क्रीनशॉट अदालत को दिखाए हैं, वे रिकॉर्ड में मौजूद स्क्रीनशॉट से काफी अलग हैं। ऐसे में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकती।” कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर को निर्देश दिया कि वह याचिका के एनेक्सर में दी गई टेबल से मेल खाते स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड पर पेश करते हुए एक नया एफिडेविट दाखिल करें। सुनवाई के दौरान जज ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही कि मेरा ऐसा करने का मन नहीं है, लेकिन मौजूदा स्थिति में मैं इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकता।”

गलत तरीके से पेश की गई तस्वीर

सुनवाई के दौरान वरुण पाठक ने दलील दी कि एक यूआरएल पर मौजूद वीडियो पैपराजी अकाउंट से शेयर किया गया था, इसलिए उसमें पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। वहीं, अभिषेक शर्मा के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि संबंधित सामग्री एआई की मदद से तैयार की गई थी।

अभिषेक के वकील ने कहा, “इसका क्या मतलब है? क्या ये दिखाया जा रहा है कि वह किसी और के कंधे पर रो रहे हैं, जबकि ये एआई से बनाई गई तस्वीर है। यह पैपराजी का मामला नहीं है। मैनेजर के साथ उनकी फोटो ली गई थी और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके उसे अलग रूप दे दिया गया।” उन्होंने ये भी बताया कि एक पोस्ट में क्रिकेटर के मैनेजर को गलत तरीके से उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया, जिससे गलत जानकारी फैली।

IAF Success Story: छोटे शहर की बेटी ने अकेले MiG-21 उड़ाकर रचा इतिहास, बनीं भारत की पहली महिला फाइटर पायलट

एक समय था जब भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनना महिलाओं के लिए सिर्फ एक सपना माना जाता था। काबिलियत होने के बावजूद लड़कियों के लिए लड़ाकू विमान उड़ाने का रास्ता बंद था। लेकिन मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे से निकली अवनी चतुर्वेदी ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने अकेले MiG-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाकर इतिहास रच दिया और भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने बिना किसी ट्रेनर के फाइटर विमान की कमान संभाली। उनकी कहानी आज लाखों बेटियों के लिए हौसले और मेहनत की मिसाल बन चुकी है।

भाई की वर्दी से मिली देश सेवा की प्रेरणा

अवनी चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुआ और उनका बचपन देवलोंड कस्बे में बीता। उनके बड़े भाई भारतीय सेना में थे। भाई को वर्दी में देखकर अवनी के मन में भी देश के लिए कुछ करने की इच्छा पैदा हुई।

हालांकि उन्होंने सेना में जाने की बजाय आसमान को अपना रास्ता चुना। उनका सपना था कि वह भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनकर देश की सेवा करें।

जब सपना मुश्किल था, लेकिन हौसला मजबूत था

जिस समय अवनी बड़ी हो रही थीं, उस दौर में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम महिलाओं के लिए बंद थी। यानी महिलाएं चाहकर भी लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका नहीं पा सकती थीं।

लेकिन अवनी ने इस बाधा को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया।

फ्लाइंग क्लब ने बदली जिंदगी की दिशा

अवनी ने राजस्थान की बनस्थली विद्यापीठ से बीटेक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान वह फ्लाइंग क्लब से जुड़ीं और पहली बार विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया।

धीरे-धीरे उड़ान भरना उनका जुनून बन गया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की तैयारी की और भारतीय वायुसेना में शामिल होने का रास्ता बनाया।

2015 का फैसला, जिसने खोल दिए बंद दरवाजे

साल 2015 भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव लेकर आया। सरकार ने महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोलने का फैसला किया।

इसी ऐतिहासिक पहल के तहत अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह का चयन हुआ। ये तीनों भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं।

जून 2016 में तीनों को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला और एक नए दौर की शुरुआत हुई।

MiG-21 उड़ाकर रचा ऐसा रिकॉर्ड, जो हमेशा याद रहेगा

फाइटर पायलट बनना तो बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन असली परीक्षा अकेले उड़ान भरना था। क्योंकि सोलो फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में कोई ट्रेनर मौजूद नहीं होता।

19 फरवरी 2018 को जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से अवनी चतुर्वेदी ने MiG-21 बाइसन को अकेले उड़ाया। करीब 30 मिनट की इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ वह भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने अकेले फाइटर जेट उड़ाया।

यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं था, बल्कि भारतीय विमानन इतिहास में बदलाव का प्रतीक था।

विमान को फर्क नहीं पड़ता पायलट पुरुष है या महिला”

अवनी की सोच उनकी उपलब्धियों जितनी ही प्रेरणादायक है। एक बार उनसे महिला फाइटर पायलट होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विमान को इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसे उड़ाने वाला पुरुष है या महिला, उसे सिर्फ यह पता होता है कि उसे कौन सही तरीके से उड़ा सकता है।

उनकी यह सोच लैंगिक समानता का मजबूत संदेश देती है।

भारत की बेटी ने विदेशों में भी लहराया परचम

अवनी ने अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान के बाद भी कई उपलब्धियां हासिल कीं। साल 2023 में वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं, जिन्होंने जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।

इस उपलब्धि ने दिखाया कि भारतीय महिला पायलट अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।

नारी शक्ति पुरस्कार से हुआ सम्मान

अवनी चतुर्वेदी के योगदान को देखते हुए साल 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देने के लिए दिया जाता है।

एक उड़ान जिसने बदल दी हजारों बेटियों की सोच

अवनी चतुर्वेदी की कहानी सिर्फ एक फाइटर जेट उड़ाने की कहानी नहीं है। यह उन सीमाओं को तोड़ने की कहानी है, जो कभी महिलाओं के रास्ते में खड़ी थीं।

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Delhi: ‘आसानी से कैसे मरें’… मौत से पहले आकृति की गूगल सर्च ने पुलिस को किया हैरान, पति गिरफ्तार

दिल्ली में आकृति की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। आकृति की गूगल सर्च हिस्ट्री से हैरान कर देने वाली बातों का खुलासा हुआ है। बता दें कि, दिल्ली की 28 वर्षीय आकृति सुतार की शादी के करीब दो महीनों के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप में उनके पति को एक दिन पहले गिरफ्तार कर लिया। आकृति सुतार ने करीब दो साल तक रिश्ते में रहने के बाद 24 अप्रैल को अरास्तु सिक्का से शादी की थी।

आकृति सुतार ने करीब दो साल तक रिश्ते में रहने के बाद 24 अप्रैल को अरास्तु सिक्का से शादी की थी। शादी के कारण कुछ समय की छुट्टी लेने के बाद वह 1 जुलाई को छतरपुर स्थित एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर फिर से काम पर लौट गई थीं। लेकिन नौकरी शुरू करने के सिर्फ चार दिन बाद ही दिल्ली की लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी के आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से गिरने से उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने पति को  किया गिरफ्तार

पुलिस ने आकृति के पति को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और दहेज से जुड़ी मौत के मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन का डेटा और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में आकृति के छोटे भाई अमाय सुतार ने बताया कि उनकी बहन का मानना था कि अगर वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहेंगी तो ससुराल वालों की प्रताड़ना का सामना बेहतर तरीके से कर सकेंगी और परिवार पर बोझ भी नहीं बनेंगी। अमाय ने बताया कि शादी के बाद आकृति को घर का जरूरी सामान नहीं लाने को लेकर बार-बार ताने दिए जाते थे। उन्हें उम्मीद थी कि नौकरी करके अपनी कमाई से वह धीरे-धीरे ये सभी सामान खरीद लेंगी, जिससे ससुराल वालों की शिकायतें भी खत्म हो जाएंगी।

इशारों में की जाती थी दहेज की मांग

आकृति के भाई अमाय सुतार ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले अक्सर कहते थे कि वह शादी में बिस्तर, सोफा, अलमारी, फ्रिज और एसी जैसी जरूरी चीजें लेकर नहीं आई हैं। उनका कहना है कि इन बातों के जरिए परिवार पर अप्रत्यक्ष रूप से 10 से 20 लाख रुपये की मांग का दबाव बनाया जा रहा था। अमाय ने बताया कि आकृति अपने मायके से पैसे नहीं मांगना चाहती थीं। वह अपनी मेहनत की कमाई से धीरे-धीरे सभी चीजें खरीदकर यह विवाद खत्म करना चाहती थीं।

अमाय ने बहन की बात याद करते हुए कहा, “उसने मुझसे कहा था, ‘तुम अभी-अभी आर्थिक रूप से मजबूत हुए हो। अपने ऊपर बोझ मत लो। मैं नौकरी करती रहूंगी और धीरे-धीरे सब कुछ खुद खरीद लूंगी। शायद उसके बाद वे मुझे ताने देना बंद कर दें।'”

अमाय सुतार ने बताया कि परिवार की आर्थिक परेशानियों का उनकी बहन आकृति के फैसलों पर गहरा असर पड़ा था। साल 2019 में उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। लंबे समय तक इलाज चलने की वजह से परिवार पर काफी कर्ज भी हो गया था।

अमाय ने कहा, “पिताजी के जाने के बाद मेरी बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। उसका सबसे बड़ा सपना था कि मैं अपने पैरों पर खड़ा हो जाऊं और जिंदगी में आगे बढ़ूं।” परिवार का कहना है कि शादी से पहले अरास्तु सिक्का का परिवार इस बात पर राजी था कि आकृति शादी के बाद भी नौकरी करती रहेंगी। लेकिन शादी के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया और कहने लगे कि ऐसी कोई बात कभी तय ही नहीं हुई थी। अमाय ने आरोप लगाया कि उनकी बहन ने ससुराल में होने वाली कई परेशानियां और प्रताड़ना परिवार से छिपाकर रखीं। उन्हें उम्मीद थी कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा। शुरुआत में परिवार को भी लगा कि यह पति-पत्नी के बीच होने वाले सामान्य मतभेद हैं।

‘एक बार थप्पड़ मारने की भी शिकायत की थी’

अमाय सुतार ने बताया कि एक बार आकृति ने उन्हें बताया था कि उसके पति ने उसे थप्पड़ मारा है। इसके बाद दोनों परिवारों ने मिलकर मामला सुलझाने की कोशिश की। सभी को उम्मीद थी कि बातचीत के बाद हालात सुधर जाएंगे। अमाय के अनुसार, अपनी मौत से एक दिन पहले यानी 3 जुलाई को आकृति ने शादी के बाद से झेली गई परेशानियों के बारे में खुलकर बताया। उसने कहा था कि उसके साथ मारपीट की गई, धमकियां दी गईं और उसे बार-बार प्रताड़ित किया जाता था।

अमाय ने कहा कि अब पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें लगता है कि कई ऐसे संकेत थे, जिन्हें परिवार उस समय समझ नहीं पाया। उन्होंने बताया, “शादी के बाद आकृति पहले से ज्यादा चुप रहने लगी थी। हमें लगा कि वह नए माहौल में खुद को ढाल रही है और इसलिए शांत रहती है। जब भी हम उससे पूछते थे, वह हमेशा यही कहती थी कि सब ठीक है।”

पति मोबाइल पर भी रखता था पूरी नजर’

अमाय सुतार ने आरोप लगाया कि अरास्तु सिक्का आकृति के मोबाइल फोन पर पूरी नजर रखता था। वह अक्सर उसके कॉल, मैसेज और दूसरी गतिविधियों की जांच करता रहता था। अमाय के अनुसार, “अगर गलती से भी फोन का पासवर्ड बदल जाता, तो वह आकृति पर किसी और से संबंध होने का आरोप लगाता था। इसके बाद उसे गालियां देता और मारपीट भी करता था।” उन्होंने बताया कि अरास्तु को यह भी पसंद नहीं था कि आकृति अपनी मां या भाई से फोन पर बात करे। वह उसके मोबाइल में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी सवाल उठाता था।

अमाय ने कहा कि उन्हें काफी समय से अपने जीजा के व्यवहार पर शक था। उन्होंने बताया, “अगर मैं कभी उन्हें नमस्ते करना भूल जाता, तो वह मेरी बहन से इसकी शिकायत करते और उसे बड़ा मुद्दा बना देते थे। तभी मुझे लगता था कि जो व्यक्ति इतनी छोटी बात पर नाराज हो सकता है, वह घर के अंदर कैसा व्यवहार करता होगा।”

अमाय ने यह भी आरोप लगाया कि जब आकृति ने अपने परिवार को ससुराल में हो रही प्रताड़ना के बारे में बताया, तो उसके पति ने उसे धमकी दी। उसने कहा कि अगर वह अपने मायके वालों से अपनी शादीशुदा जिंदगी की बातें करती रही, तो वह उसकी पिटाई करवाएगा और उसकी नौकरी भी छुड़वा देगा।

महिला ने गूगल पर सर्च किया था- ‘आसानी से कैसे मरें’

जांच के दौरान पुलिस को आकृति के मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री में “आसानी से कैसे मरें” लिखा हुआ मिला। अब जांच अधिकारी इस सर्च की भी गहराई से जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने यह सर्च किन परिस्थितियों में किया था। परिजनों के मुताबिक, 4 जुलाई को आकृति रोज की तरह ऑफिस से निकली थीं, लेकिन देर तक घर नहीं पहुंचीं। परिवार ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिजन उनकी तलाश में जुट गए। उसी रात एक पुलिस अधिकारी ने परिवार को फोन कर बताया कि लोधी कॉलोनी स्थित एनडीएमसी के एक आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद आकृति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में गोल्ड और सिल्वर में गिरावट, एक दिन में चांदी 5000 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में 7 जुलाई को सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना लगातार दूसरे दिन फिसला। विदेश में स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी गिरकर 4,129.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 1.9 फीसदी गिरकर 60.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले हफ्ते सोने में अच्छी तेजी दिखी थी। यह 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। लेकिन, यह हफ्ता सोने के लिए अब तक कमजोर रहा है।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,567 रुपये गिरकर 1,45,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सिल्वर फ्यूचर्स 2.16 फीसदी यानी 5,096 रुपये गिरकर 2,30,979 रुपये प्रति किलो पर आ गया। सोने ने 2025 में 70 फीसदी रिटर्न दिया था।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सोने पर असर

सोने में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.10 फीसदी चढ़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर सोने पर पड़ता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7 जुलाई को आई गिरावट की वजह पिछले हफ्ते की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है।

इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर घटेगी गोल्ड की चमक

ट्रेडर्स को अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के मिनट्स का इंतजार है। यह 8 जुलाई को आएगा। इससे पता चलेगा कि इनफ्लेशन के बारे में फेडरल रिजर्व की क्या सोच है। निवेशकों को अब सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का 56 फीसदी अनुमान है। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट में कमी आने पर सोने की चमक बढ़ती है। इसके उलट इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

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सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी फिसला

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। सोना अपने पीस से करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून में सोने में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी टिक नहीं पा रही है। यही हाल चांदी का है। कुछ समय तक बुलियन कंसॉलिडेशन फेज में रह सकते हैं।

Market Outlook: ‘बाजार का सबसे बुरा दौर खत्म’, Quant Mutual Fund ने कहा- अब सही स्टॉक्स चुनने का समय

Market Outlook: Quant Mutual Fund के फाउंडर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संदीप टंडन का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब अपने सबसे कमजोर दौर से बाहर निकल चुका है। उनके मुताबिक, अगले दो तिमाहियों में पूरे बाजार के बजाय चुनिंदा शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।

संदीप टंडन का कहना है कि विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी से भारत दूसरे बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, यूटिलिटीज और चुनिंदा एनर्जी कंपनियां निवेश के लिहाज से पसंदीदा सेक्टर बने रहेंगे।

इंफ्रा और पावर पर सबसे ज्यादा भरोसा

संदीप टंडन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर उनकी सबसे पसंदीदा थीम बनी हुई है। इसकी वजह सरकार और निजी कंपनियों का बढ़ता कैपेक्स है।

उनके मुताबिक, पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़क, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, यूटिलिटीज, टेलीकॉम और चुनिंदा डिफेंस कंपनियों में अच्छे मौके हैं। ऐसे शेयरों पर फोकस करना चाहिए, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों। कैश फ्लो अच्छा हो। लेकिन अभी उन पर बाजार की ज्यादा नजर न गई हो।

FII की वापसी से मिलेगा सहारा

संदीप टंडन का मानना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगभग खत्म हो चुकी है। अब FII धीरे-धीरे भारतीय बाजार में लौट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में गिरावट आती है, तो भारत और आकर्षक बन सकता है।

बैंकिंग और IT पर क्या राय?

संदीप टंडन का कहना है कि प्राइवेट बैंकों में रिकवरी जारी रह सकती है। लेकिन यह तेजी बहुत लंबी चलेगी, ऐसा जरूरी नहीं है।

आईटी सेक्टर को लेकर उनका नजरिया पहले से बेहतर हुआ है। कमजोर प्रदर्शन के बाद अब वैल्यूएशन आकर्षक दिख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस सेक्टर में आक्रामक खरीदारी का समय नहीं है। Quant Mutual Fund ने सिर्फ चुनिंदा आईटी शेयरों में खरीदारी शुरू की है।

FMCG और स्मॉलकैप में कहां हैं मौके?

उनके मुताबिक, FMCG सेक्टर में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वैल्यूएशन अभी भी ऊंचे हैं। इसलिए यहां भी चुनिंदा शेयरों में निवेश करना बेहतर रहेगा।

संदीप टंडन का मानना है कि मिडकैप के मुकाबले स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में ज्यादा अवसर हैं। हालांकि, निवेश से पहले मैनेजमेंट की गुणवत्ता और कैश फ्लो की जांच जरूर करनी चाहिए।

IPO बाजार पर भी भरोसा

संदीप टंडन आने वाले बड़े IPO को लेकर भी सकारात्मक हैं। उन्होंने SBI Funds, NSE और Jio के संभावित IPO का जिक्र किया। उनका कहना है कि भारतीय बाजार अब इतने बड़े इश्यू को संभालने में सक्षम है। हालांकि, कंपनियों का उचित वैल्यूएशन पर आना जरूरी होगा।

संदीप टंडन का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति ज्यादा काम आएगी। इसलिए निवेशकों को इंडेक्स के बजाय मजबूत कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

Eternal Share Price: नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकता है इटनरल, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 34% तेजी का अनुमान

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आखिरी 35 मिनट भारी, Sensex में 600 अंकों की गिरावट, डूबे निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़

Sensex-Nifty Closes Red: लगातार चार कारोबारी दिनों तक ग्रीन रहने के बाद आज भी सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ खुले लेकिन शुरुआती बढ़त गंवाते हुए आखिरी में ये रेड जोन में बंद हुए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी का दिन होने के चलते आज आखिरी 35 मिनट में माहौल ही पलट गया और रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो गई। सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24500 के पार जाने के बाद फिसलकर 24400 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर तो और गहरा दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की कमजोरी आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी शेयरों ने ऊपर खींचने की काफी कोशिश और इंट्रा-डे में तो इसका निफ्टी इंडेक्स 4% उछल पड़ा था लेकिन दिन के आखिरी में इसकी बढ़त ढाई फीसदी से कम रह गई। मार्केट पर आज मेटल और रियल्टी सेक्टर्स ने काफी दबाव डाला। निफ्टी मेटल 1% से अधिक तो निफ्टी रियल्टी डेढ़ फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है। इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 379.85 प्वाइंट्स उछलकर 78,664.92 तक पहुंचा था जिससे यह 633.88 प्वाइंट्स टूटकर 78,031.04 तक और निफ्टी 100.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,530.90 तक जाने के बाद टूट गया और 181.95 प्वाइंट्स गिरकर 24,348.95 तक आ गया।

निवेशकों के ₹1.77 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 06 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,50,174.783 करोड़ था। आज यानी 07 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,,79,72,766.93 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,77,407.85 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 11 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 11 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट ट्रेंट और बीईएल में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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160 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4397 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1595 शेयर आज मजबूत हुए तो 2637 में गिरावट रही जबकि 165 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 160 शेयर एक साल के हाई और 193 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

4 वजहों से मार्केट पर आया दबाव

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आईटी शेयरों ने दिखाया दम, टीसीएस, इंफोसिस सहित इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

आईटी कंपनियों के शेयरों में 7 जून को तेजी दिखी। आईटी कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों से पहले शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी तक उछल गया। हालांकि, बाद में यह 2.3 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। बीते दो महीने में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। जुलाई में अच्छी तेजी दिखी है। इस महीने आईटी इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के जून तिमाही के नतीजे 9 जुलाई को आएंगे।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

मंगलवार को टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और एलटीआई माइंडट्री में 3.7 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। पर्सिस्टेंट का शेयर शेयर भी 3.56 फीसदी ऊपर चल रहा था। टीसीएस के नतीजों से आईटी सेक्टर के प्रदर्शन का संकेत मिलेगा। हालांकि, AI की वजह से आईटी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ कमजोर रहने का अनुमान है।

अच्छे आईटी शेयरों में खरीदारी

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर ने कहा कि आज आईटी शेयरों में अच्छी तेजी की वजह जून तिमाही के नतीजों से जुड़ी उम्मीद है। ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। इनवेस्टर्स अच्छी क्वालिटी के आईटी स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 7 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक दोपहर बाद बिकवाली की वजह से दबाव में आ गए। सेंसेक्स और निफ्टी हरे से लाल निशान में आ गए। लेकिन, आईटी शेयरों में तेजी बनी रही।

आईटी सेक्टर को AI बूम का मिल सकता है फायद

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम का अप्रत्याशित फायदा मिल सकता है। AI की वजह से आईटी शेयरों को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच यह सेक्टर विजेता के रूप में उभर सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी इंडिया इक्विटी स्ट्रेटेजी प्लेबुक में कहा है कि दुनियाभर की कंपनियां एआई एप्लिकेशंस के लिए इन कंपनियों का रुख कर रही हैं।

मॉर्गन स्टेनली को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

मॉर्गन स्टेनली ने आईटी सेक्टर को लेकर काफी पॉजिटिव राय व्यक्त की है। बीते एक साल में आईटी शेयरों का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। इसकी बड़ी वजह नए एआई टूल हैं। एआई के कोडिंग करने से ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर पड़ सकता है। इस वजह से आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे हैं। इसके उलट अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ताइवान जैसे बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी है।

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दोपहर बाद प्रमुख सूचकांकों ने गंवाई बढ़त

7 जुलाई को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों ने दोपहर बाद अपनी बढ़त गंवा दी। इससे बीते चार सत्रों से बाजार में जारी तेजी पर ब्रेक लग गया। निफ्टी 0.13 फीसदी यानी 31 अंक गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.13 फीसदी यानी 104 अंक की गिरावट के साथ 78,189 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स में मजबूती दिखी।

Prambanan Temple: 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर जाएंगे पीएम मोदी, जानिए भारत-इंडोनेशिया के रिश्तों में क्यों है इसकी खास अहमियत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता शहर में स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर का दौरा करेंगे। इस दौरान भारत और इंडोनेशिया मिलकर करीब 1,000 साल पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और मरम्मत के काम की शुरुआत करेंगे। प्रम्बानन मंदिर दोनों देशों की साझा संस्कृति, इतिहास और प्राचीन सभ्यता का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।

1000 साल पुराना है मंदिर

इसका उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाना है। इस परियोजना के जरिए दोनों देश अपनी प्राचीन विरासत की रक्षा करने के साथ-साथ आपसी सहयोग और रणनीतिक संबंधों को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कल मुझे राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का अवसर मिलेगा। करीब 1,000 साल पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।”

इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर

प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह देश की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। इस विशाल मंदिर परिसर का निर्माण 9वीं सदी में मतारम साम्राज्य के समय हुआ था। उस दौर में यहां करीब 240 मंदिर थे। समय के साथ इनमें से कई मंदिर टूट-फूट गए और आज उनके अवशेष ही बचे हैं। इतिहास के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण हिंदू संजय राजवंश के राजा राकाई पिकाटन ने कराया था। उस समय मध्य जावा में बौद्ध शैलेंद्र राजवंश का भी काफी प्रभाव था। शैलेंद्र राजवंश ने बोरोबुदुर समेत कई बड़े बौद्ध स्मारकों का निर्माण कराया था।

जानें मंदिर का इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार, प्रम्बानन मंदिर का निर्माण उस समय हुआ, जब इस क्षेत्र में फिर से हिंदू धर्म को मजबूत करने की कोशिश की जा रही थी। यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं था, बल्कि राजसत्ता, एकता और शासन की ताकत का भी प्रतीक माना जाता था। उस समय राजा को ईश्वर का प्रतिनिधि माना जाता था। धीरे-धीरे प्रम्बानन मंदिर साम्राज्य का प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक केंद्र बन गया। प्रम्बानन मंदिर परिसर का सबसे बड़ा आकर्षण 47 मीटर ऊंचा भगवान शिव को समर्पित शिव महादेव मंदिर है। यह पूरे परिसर की सबसे ऊंची इमारत है। इसके अलावा यहां भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित दो प्रमुख मंदिर भी मौजूद हैं।

भूकंप से हुआ था मंदिर का भारी नुकसान

साल 1991 में प्रम्बानन मंदिर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शानदार वास्तुकला के कारण यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। यह दुनिया के सबसे सुंदर हिंदू मंदिर परिसरों में से एक माना जाता है और हर साल यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं। भूकंप से नुकसान होने के बावजूद इस मंदिर की ऐतिहासिक पहचान को बचाने के लिए समय-समय पर बड़े स्तर पर मरम्मत और संरक्षण का काम किया गया है।

प्रम्बानन मंदिर की पत्थर की दीवारों पर रामायण की कहानी को बेहद सुंदर नक्काशी के जरिए उकेरा गया है। श्रद्धालु और पर्यटक मंदिर की परिक्रमा करते हुए इन चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण की कथा को क्रमवार देख सकते हैं। इंडोनेशिया की संस्कृति में भी रामायण का विशेष महत्व है। यहां प्रम्बानन मंदिर की भव्य पृष्ठभूमि में रामायण बैले का मंचन किया जाता है, जो इस सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखता है।

पीएम मोदी करेंगे दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रम्बानन मंदिर दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इस ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण और मरम्मत की परियोजना से दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्ते और साझा विरासत को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सड़क हादसों में बढ़ोतरी के बाद गोवा सरकार अलर्ट, किराए पर मिलने वाली महिंद्रा थार के लिए नियम करेगा सख्त

Mahindra Thar Goa Ban: गोवा सरकार ‘रेंट-ए-कार’ सेगमेंट में महिंद्रा थार गाड़ियों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन SUV से जुड़े सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा कि यह प्रस्ताव स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सामने रखा जाएगा, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा।

मंत्री ने कहा, “हम दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं और हमने इसके कारणों और इन्हें रोकने के तरीकों पर चर्चा की है। जहां तक ​​थार गाड़ियों की बात है, हम किराए पर चलने वाली थार गाड़ियों के ऑपरेटरों को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने जा रहे हैं… यह मामला अगली STA बैठक में उठाया जाएगा और वे तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जानी है।”

गोडिन्हो ने कहा कि अगर कानूनी रूप से संभव होता तो सरकार किराए पर चलने वाली गाड़ियों के बेड़े से थार गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा देती। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में किराए की थार गाड़ियों के बढ़ते इस्तेमाल और खासकर पर्यटकों द्वारा चलाई जा रही गाड़ियों से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दो महीने में दो हादसे

बता दें कि मई में, उत्तरी गोवा में किराए की एक थार गाड़ी ने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि गाड़ी चलाने वाला पर्यटक कथित तौर पर शराब के नशे में था।

दूसरी घटना फरवरी में नॉर्थ गोवा में हुई। यहां पर भी किराए की एक ‘थार’ गाड़ी के कथित तौर पर टक्कर मारने से मध्य प्रदेश के एक 65 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई थी।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेंट पर कार देने वाली कंपनी की जांच करेगा

गोडिन्हो ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ‘रेंट-ए-कार’ ऑपरेटरों का ऑडिट भी करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे लाइसेंसिंग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसमें गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी शामिल होगी। इसके अलावा, अधिकारी किराए की गाड़ियों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और स्पीड गवर्नर की जांच और तेज करेंगे।

मंत्री ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पाए जाने वाले और जानलेवा सड़क हादसों में शामिल ड्राइवरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वाहन देने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि किराए पर चलने वाली कई गाड़ियों में अनिवार्य स्पीड गवर्नर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। जून से अब तक 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि ऑपरेटरों ने स्पीड लिमिट से बचने के लिए या तो डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर दिया या फिर छिपे हुए स्विच लगा दिए।

लगेगा 10 हजार का जुर्माना

विभाग ने कहा कि, नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे।

रोड सेफ्टी से जुड़ी एक और पहल में, गोडिन्हो ने कहा कि पूरे गोवा में 26 जगहों पर लगाए गए AI-पावर्ड ट्रैफिक कैमरे 15 जुलाई से ई-चालान जारी करना शुरू कर देंगे। तब तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के बजाय जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे, ताकि वे नए लागू सिस्टम से परिचित हो सकें।

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Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में भारी बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम हुआ सुहावना, कई इलाकों में भरा पानी

Delhi Weather Update: मंगलवार, 7 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मानसून ने आखिरकार अपना असर दिखाई ही दिया। दोपहर में अचानक से काले बादल छा जाने के कारण मौसम सुहावना हो गया। जिसके बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत एनसीआर के कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ भारी बारिश देखने को मिली। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान दिल्लीवासियों को इस बारिश ने बड़ी राहत दी है।

वहीं, भारी बारिश से दिल्ली NCR के कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। जिससे लोगों का आना जाना मुश्किल हो गया है, साथ ही वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा है।

ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में गाड़ियों पर गिरा पेड़

तेज हवाओं के बीच दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में एक बड़ा पेड़ गाड़ियों पर गिर गया है। इस घटना में कम से कम 4-5 गाड़ियों को नुकसान हुआ है। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन गाड़ियों के मालिकों को बड़ा नुकसान हुआ है।

गुरुग्राम में बारिश से जलभराव

गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी है। यहां के कई इलाकों में बारिश की वजह से पानी भर गया है। जिससे वाहनों की रफ्तार पर असर पड़ा है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन आंधी-बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आ सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत रहेगी। बता दें कि पिछले करीब हफ्तेभर से हल्की वर्षा और आसमान में बादल छाए रहने के साथ तेज धूप की वजह से उमस भरी गर्मी का असर बना हुआ है।

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