Rites Share Price: इस रेलवे पीएसयू का स्टॉक बना रॉकेट, बड़ा ऑर्डर मिलने से शेयरों में बढ़ी खरीदारी

Rites Share Price: राइट्स लिमिटेड का यह स्टॉक 7 जुलाई को रॉकेट बन गया। इसकी वजह कंपनी को मिला एक बड़ा ऑर्डर है। 3.58 करोड़ डॉलर के इस ऑर्डर से कंपनी के शेयरों में लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट पर रोक लग गई है। 12:20 बजे यह शेयर 7.79 फीसदी के उछाल के साथ 233 रुपये पर चल रहा था।

जुलाई में शेयरों में बड़ा उतार-चढ़ाव

RITES का शेयर सुबह में एक समय 8 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी कम हो गई। जुलाई में राइट्स के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव दिखा है। 7 जुलाई से पहले के छह काराबारी सत्रों में से पांच में इसमें गिरावट आई थी। हालांकि 1 जुलाई को यह शेयर 13 फीसदी चढ़ा था। कंपनी ने 6 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंजों के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी दी थी।

दो साल बाद एक्सपोर्ट में दिखी तेजी

कंपनी को यह ऑर्डर ग्लोबल कंपनी Volantis Asset Finance (Ply) Ltd से मिला है। इसके तहत राइट्स 4,000 एचपी के केप गेज डीजल इलेक्ट्रिक इंजन की सप्लाई करेगी। कंपनी ने बताया है कि यह ऑर्डर 20 महीने के अंदर पूरा होगा। कंपनी ने मई में कहा था कि उसे एक्सपोर्ट और टर्नकी बिजनेसेज की वजह से इस वित्त वर्ष में प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल मित्तल ने सीएनबीएसी-टीवी18 को कहा था कि दो साल बाद कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रोथ दिखी है।

बीते एक साल में 17 फीसदी गिरा है स्टॉक

मार्च तिमाही में राइट्स का रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़कर 768.26 करोड़ रुपये पहुंच गया था। हालांकि, EBITDA 9 फीसदी घटकर 168.16 करोड़ रुपये पर आ गया था। मार्जिन भी घटकर 22 फीसदी पर आ गया था। एक साल पहले यह 31 फीसदी था। कंपनी का नेट प्रॉफिट 2 फीसदी गिरकर 126.96 करोड़ रुपये था। राइट्स का शेयर 27 फरवरी, 2024 को 413.08 रुपये पर पहुंच गया था। बीते एक साल में यह 17 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

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बाजार के प्रमुख सूचकांकों में तेजी 

7 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सुबह में निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। 12:30 बजे निफ्टी 0.16 फीसदी यानी 39 अंक चढ़कर 24,468 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.20 फीसदी यानी 154 अंक के उछाल के साथ 78,431 पर था। बैंक निफ्टी भी हरे निशान में था। यह लगातार पांचवां दिन है, जब घरेलू बाजार में तेजी दिख रही है।

Ketan Agarwal Murder Case: केतन की हत्या करने से पहले सिया ने चेतन से कर ली थी शादी! WhatsApp चैट से हुआ खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: लोनावला के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल को कथित तौर पर धक्का देकर नीचे गिराने और उनकी मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। अब इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि केतन की मंगेतर और इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर पहले से शादीशुदा थीं।

News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने चार महीने पहले अपने परिवारों से छिपाकर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

खबरों के मुताबिक, उनके फोन से मिली WhatsApp चैट से यह बात सामने आई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन चैट ने इस गुपचुप शादी का राज खोल दिया है और पूरे मामले को एक नया मोड़ दिया है।

आरोप है कि 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलकर मार डाला गया था। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है।

WhatsApp चैट और इंटरनेट हिस्ट्री से कथित तौर पर क्या पता चला?

News18 के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के फोन से मिले कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की जांच की। पिछले छह-सात महीनों के डिजिटल डेटा की जांच के दौरान, जांच करने वालों को पता चला कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर चार महीने पहले ही शादी कर ली थी, लेकिन परिवारों के डर से इसे छिपाकर रखा था।

पुलिस को शक है कि इसी गुपचुप शादी के बाद केतन को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रची गई थी।

‘मुझमें हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ’: सिया ने कथित तौर पर चेतन से क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश कथित तौर पर 14 जून को ही की गई थी, लेकिन सिया आखिरी पल में घबरा गई और कोशिश नाकाम रही। इसके बाद, उसने कथित तौर पर चेतन को मैसेज किया, “मुझमें यह करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ – हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से नीचे धकेल देंगे।” जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर 18 जून को मिलकर हत्या को अंजाम दिया।

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राखी की मस्ती और लाल चूड़ियों की छन छन, बहनें देखे हाथ सजाने के 8 शानदार स्टाइल!

लाल चूड़ियां हर आउटफिट को एक अलग ही निखार देती हैं। सही स्टाइल और मिक्सिंग के साथ ये हाथों को और भी ज्यादा खूबसूरत बना देती हैं। चाहे शादी हो, त्योहार हो या कोई छोटा फंक्शन—लाल चूड़ियों के ये 8 स्टाइल हमेशा आपको एक अलग और अट्रैक्टिव लुक देते हैं:

1. पूरा लाल क्लासिक सेट लुक

इस स्टाइल में आप सिर्फ लाल चूड़ियों का पूरा सेट पहनती हैं। यह सबसे सिंपल और ट्रेडिशनल लुक माना जाता है। यह खासकर लाल, गुलाबी या क्रीम रंग की साड़ी के साथ बहुत खूबसूरत लगता है। शादी, तीज या करवा चौथ जैसे फंक्शन में यह स्टाइल परफेक्ट रहता है क्योंकि यह हाथों को भरावदार और शाही लुक देता है।

2. गोल्ड चूड़ियों के साथ मिक्स स्टाइल

Red Bangles Design: हाथों में स्टाइल और ग्लैमर बढ़ाएं, यहां देखें लाल चूड़ियों के लेटेस्ट और ट्रेंडी डिजाइन

लाल चूड़ियों के बीच में कुछ गोल्ड चूड़ियां जोड़ने से एक रॉयल लुक बनता है। यह कॉम्बिनेशन खासकर शादी और पार्टी फंक्शन के लिए बहुत पॉपुलर है। गोल्ड और रेड का यह ब्लेंड हाथों को बहुत ही ग्रेसफुल और ब्राइडल टच देता है। साड़ी के साथ यह लुक बेहद शानदार दिखता है।

3. कांच की चूड़ियों के साथ सिंपल मिक्स

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लाल चूड़ियों के साथ कांच की पतली चूड़ियां मिलाकर पहनने से एक हल्का और एलीगेंट लुक मिलता है। यह स्टाइल डेली वियर सूट और ऑफिस फंक्शन के लिए भी अच्छा है। यह हाथों को ज्यादा भारी नहीं दिखाता और साथ ही ट्रेडिशनल टच भी बनाए रखता है।

4. सिंगल हैंड फोकस स्टाइल

इस स्टाइल में आप एक हाथ में पूरा लाल चूड़ा सेट पहनती हैं और दूसरे हाथ में सिर्फ एक या दो कंगन रखती हैं। यह मॉडर्न और ट्रेंडी लुक देता है। यह खासकर उन गर्ल्स के लिए अच्छा है जो सिंपल लेकिन स्टाइलिश दिखना चाहती हैं।

5. स्टोन और कुंदन मिक्स चूड़ियां

लाल चूड़ियों के बीच में स्टोन या कुंदन वाली चूड़ियां जोड़ने से एक बहुत ही रिच और पार्टी वियर लुक मिलता है। यह लुक खासकर रिसेप्शन या शादी के बड़े फंक्शन के लिए परफेक्ट है। रोशनी में ये चूड़ियां और भी ज्यादा चमकती हैं और हाथों को अट्रैक्टिव बनाती हैं।

6. पतली और मोटी चूड़ियों का लेयरिंग स्टाइल

इसमें आप पतली और मोटी लाल चूड़ियों को मिलाकर पहनती हैं। इससे हाथों में एक डिफरेंट पैटर्न बनता है जो बहुत स्टाइलिश लगता है। यह लुक गर्ल्स में काफी ट्रेंड में है और सूट-साड़ी दोनों के साथ अच्छा लगता है।

7. ब्राइडल फुल चूड़ा लुक

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यह सबसे ज्यादा शाही और भारी स्टाइल होता है जिसमें लाल चूड़ियों के साथ चूड़ा, कंगन और शगुन की चूड़ियां शामिल होती हैं। यह खासकर दुल्हन के लिए होता है और पूरी वेडिंग आउटफिट को कंप्लीट करता है। यह लुक पूरी तरह ट्रेडिशनल और रॉयल फील देता है।

8. मिनिमल और एलीगेंट लुक

इस स्टाइल में आप सिर्फ 4 से 6 लाल चूड़ियां पहनती हैं, बिना किसी भारी मिक्स के। यह बहुत ही सॉफ्ट और क्लासी लुक देता है जो रोजमर्रा के सूट या हल्की साड़ी के साथ परफेक्ट बैठता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो ओवरड्रेस नहीं चाहते लेकिन स्टाइलिश दिखना पसंद करते हैं।

PM मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान Bintang Adipurna, कब शुरू हुआ था ये सम्मान, क्यों दिया जाता है सब जानिए

Indonesia’s highest civilian honour- Bintang Adipurna: इंडोनेशिया के आधिकारिक दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मंगलवार को घोषणा की कि इंडोनेशिया ने पीएम नरेंद्र मोदी को रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान बिंतंग आदिपूर्ण (Bintang Adipurna) से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों और जुड़ाव के लिए दिया गया है। इस ऐतिहासिक सम्मान के साथ ही भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई बड़े और दूरगामी समझौतों पर भी मुहर लगी है।

क्या है Bintang Adipurna सम्मान? जानें इसका इतिहास और क्यों दिया जाता है

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक Bintang Republik Indonesia (स्टार ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया) यहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इसे रिपब्लिक और वहां के लोगों के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए नागरिकों और सैन्य कर्मियों दोनों को दिया जाता है। इस सर्वोच्च सम्मान को आधिकारिक तौर पर साल 1959 में स्थापित किया गया था।

क्यों दिया जाता है: यह इंडोनेशिया गणराज्य द्वारा प्रदान किए जाने वाले नागरिक और सैन्य सम्मान का सर्वोच्च शिखर है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशियाई राष्ट्र की अखंडता, निरंतरता, व्यवहार्यता और समृद्धि को सुरक्षित रखने के लिए असाधारण सेवा, समर्पण और महानता का प्रदर्शन किया हो।

पीएम मोदी ने जताया आभार

जकार्ता पहुंचने पर मिले बेहद गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने जकार्ता के राष्ट्रपति भवन इस्ताना मरदेका में अपनी अगवानी की कुछ झलकियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा कीं। पीएम मोदी ने X पर लिखा कि इस्ताना मरदेका में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद!

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे को लेकर कहा कि यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। विदेश मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह यात्रा प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगी, साथ ही दोनों देशों को बांधने वाले गहरे विश्वास, साझा मूल्यों और स्थायी मित्रता को और मजबूत करेगी।

इस दौरे से निकलेंगे बड़े नतीजे, इन 5 बड़े समझौतों पर लगी मुहर

एएनआई को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी की इस इंडोनेशिया यात्रा के बेहद बड़े और ऐतिहासिक परिणाम सामने आने वाले हैं:

1- भारत के इलेक्शन मॉडल को मिला सपोर्ट

भारत के चुनाव प्रबंधन मॉडल को यहां एक बड़ा सपोर्ट हासिल हुआ है। इसी क्रम में भारत अब इंडोनेशिया की खास जरूरतों के मुताबिक वहां के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) डेवलप करने में मदद करेगा।

2- भारतीय अस्त्र (Astra) मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया

ऑपरेशन सिंदूर में भारत की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल क्षमता की अचूक सफलता साबित होने के बाद इंडोनेशिया ने अब भारत की अस्त्र मिसाइलों को आयात करने का बड़ा फैसला किया है। इसके साथ ही इंडोनेशिया अपने ब्रह्मोस मिसाइल के इन्वेंट्री बेस को भी बढ़ा रहा है। इस क्रम में भारत इंडोनेशिया को और अधिक मिसाइल बैटरियों के साथ सहयोग करेगा।

3- क्रिटिकल मिनरल सप्लाय चेन और स्टील में निवेश

क्रिटिकल मिनरल की सप्लाय चेन को मजबूत करने के लिए भारत अब इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के निर्माण में बड़ा निवेश करेगा।

4- साबांग पोर्ट (Sabang Port) का संयुक्त विकास

रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण डील के तहत भारत और इंडोनेशिया मिलकर संयुक्त रूप से साबांग पोर्ट का विकास करेंगे। यह बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ मलक्का के ठीक सामने है। ये भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से सिर्फ 100 मील की दूरी पर है।

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गुरुग्राम में लोगों ने लाइन लगाकर एक हफ्ते में ही खरीद लिए ₹18 करोड़ के 832 घर! ओबेरॉय ग्रुप ने कैसे किया ये, जानें इनसाइड स्टोरी

Oberoi Realty Gurugram Project: भारत के रियल एस्टेट मार्केट से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। आमतौर पर जब लोग घर खरीदने निकलते हैं, तो महीनों तक बजट, ईएमआई और लोकेशन का गुणा-भाग करते हैं। लेकिन दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम में एक ऐसा वाकया हुआ है, जहां ₹18 करोड़ की शुरुआती कीमत वाले सुपर-लक्जरी अपार्टमेंट्स को खरीदने के लिए अमीर खरीदारों की लाइन लग गई।

मुंबई के दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर ओबेरॉय रियल्टी ने गुरुग्राम के मार्केट में कदम रखते ही इतिहास रच दिया है। कंपनी ने अपने पहले ही लक्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के महज 7 दिनों के भीतर ₹8109 करोड़ की बंपर बुकिंग हासिल कर ली है। आइए जानते हैं इस मेगा डील की पूरी इनसाइड स्टोरी और आखिर ₹18 करोड़ वाले घर हाथों-हाथ कैसे बिक गए।

‘Three Sixty North’ का धमाका: आंकड़ों में समझिए यह मेगा सेल

ओबेरॉय रियल्टी ने शेयर बाजार को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में इस ऐतिहासिक सफलता के आंकड़े साझा किए हैं। कंपनी ने 29 जून को दिल्ली-एनसीआर के बाजार में एंट्री मारी थी और रविवार को आए आंकड़ों ने पूरे रियल एस्टेट सेक्टर को हैरान कर दिया। इस प्रोजेक्ट के पहले फेज का पूरा रिपोर्ट कार्ड इस प्रकार है:

  • प्रोजेक्ट का नाम थ्री सिक्सटी नॉर्थ (Three Sixty North)
  • लोकेशन- गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, गुरुग्राम
  • कुल ग्रॉस बुकिंग- लगभग ₹8,109 करोड़
  • शुरुआती कीमत- ₹18 करोड़ प्रति अपार्टमेंट
  • बेसिक सेलिंग प्राइस- ₹35,000 प्रति स्क्वायर फीट
  • कुल बेचा गया एरिया- 13.52 लाख वर्ग फुट (RERA कारपेट एरिया)
  • पहले फेज में कुल यूनिट्स- 6 टावरों में कुल 832 अपार्टमेंट्स

आखिर ₹18 करोड़ के घर के लिए क्यों लगी लाइन? 3 बड़ी वजह

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गुरुग्राम के इस प्रोजेक्ट के सुपर हिट होने के पीछे तीन सबसे बड़े कारण रहे हैं:

1. प्रीमियम ब्रांड वैल्यू और ट्रांसपोर्टेबिलिटी

ओबेरॉय रियल्टी मुंबई के अल्ट्रा-लक्जरी मार्केट का एक बहुत बड़ा नाम है। दिल्ली-एनसीआर के अमीर खरीदार लंबे समय से एक ऐसे डेवलपर का इंतजार कर रहे थे जिसका ट्रैक रिकॉर्ड साफ-सुथरा हो और जो समय पर इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की डिलीवरी देता हो। ओबेरॉय रियल्टी के सीएमडी (CMD) विकास ओबेरॉय ने लॉन्च के वक्त कहा भी था, ‘हमें अब पूरा भरोसा है कि हमारा ब्रांड एनसीआर मार्केट में भी उतना ही मजबूत और भरोसेमंद साबित हुआ है।’

2. गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की हॉट लोकेशन

यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सबसे महंगे और तेजी से विकसित होते इलाके ‘गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड’ पर स्थित है। यह इलाका कॉरपोरेट हब्स, बेहतरीन कनेक्टिविटी और लक्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है। दिल्ली और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के नजदीक होने के कारण हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और कॉरपोरेट दिग्गजों के लिए यह पहली पसंद बन चुका है।

3. बड़े और आलीशान घरों की बढ़ती डिमांड

कोविड-19 महामारी के बाद से ही भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बदलाव आया है। अब पैसे वाले लोग केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि खुद के रहने के लिए बड़े, सुरक्षित और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं वाले गेटेड कम्युनिटीज की तलाश कर रहे हैं। 14.8 एकड़ में फैले इस बड़े प्रोजेक्ट ने ठीक उसी जरूरत को पूरा किया है।

₹16,000 करोड़ की बंपर कमाई का है इरादा

विकास ओबेरॉय के मुताबिक, कंपनी इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब ₹6000 करोड़ का कुल निवेश करने जा रही है। जबकि इस पूरे प्रोजेक्ट से कंपनी को ₹16000 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। पहले ही हफ्ते में ₹8109 करोड़ की बुकिंग करके कंपनी ने अपने आधे से ज्यादा के रेवेन्यू टारगेट को छू लिया है।

ओबेरॉय रियल्टी अब तक कुल 51 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की सफल डिलीवरी कर चुकी है, जो लगभग 17.3 मिलियन स्क्वायर फीट एरिया में फैले हैं। इसके अलावा, वर्तमान में कंपनी का 34 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक का एरिया निर्माणाधीन है।

CBSE Class 10 Result 2026 Second Board: दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में देरी ने बढ़ाई छात्रों की टेंशन, जानें नतीजों पर क्या है ताजा अपडेट

CBSE Class 10 Result 2026 Second Board: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्रों की चिंता अब बढ़ने लगी है। बोर्ड ने इस शैक्षिक सत्र से 10वीं कक्षा में दो बोर्ड परीक्षा व्यवस्था की शुरुआत की थी। मुख्य परीक्षा और दूसरी बोर्ड परीक्षा दोनों अपने निर्धारित समय से संपन्न हो चुकी हैं। लेकिन दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट का अभी तक कोई पता नहीं है। रिजल्ट में देरी की वजह से ये छात्र 11वीं कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं।

बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी करने की तारीख पर कोई अपडेट नहीं है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 31 मई तक पूरा किया जा चुका है। इस परीक्षा में कुल 6.68 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल छात्रों ने अपने जिस विषय में नंबर बेहतर पाने के लिए दोबारा परीक्षा दी थी, अब रिजलट में देरी की वजह से वे 11वीं कक्षा में अपने लिए सही विषयों का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं।

परीक्षार्थी सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट के अपडेट के लिए लगाता नजर रख रहे हैं। लेकिन बोर्ड ने न तो अभी तक रिजल्ट घोषित करने की आधिकारिक तारीख बताई है और परिणाम का लिंक एक्टिवेट किया है। सोशल मीडिया पर सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि बोर्ड का पूरा फोकस इस समय 12वीं कक्षा के रिजल्ट पर है। इसलिए 10वीं कक्षा के दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है।

दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल सभी छात्रों को अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना बोर्ड रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि तैयार रखनी चाहिए। बोर्ड का रिजल्ट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा एसएमएस सेवा के जरिए, उमंग एप और डिजिलॉकर एप के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।

ऑफिशियल वेबसाइट से अपना स्कोर चेक करने के पांच आसान स्टेप्स

सीबीएसई बोर्ड के रिजल्ट लिंक एक्टिवेट करने के बाद स्टूडेंट्स अपना प्रोविजनल रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं।

  • बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in, cbseresults.nic.in या result.cbse.nic.in पर जाएं।
  • 10वीं कक्षा सेकंड बोर्ड या फेज 2 रिजल्ट लिंक खोलें।
  • अपना बोर्ड रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • जरूरी जानकारी सबमिट करें।
  • प्रोविजनल स्कोरकार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक प्रिंटेड या डिजिटल कॉपी रखें।

ICAI CA Final Registration 2026: सीए फाइनल नवंबर परीक्षा के लिए icai.org पर रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें अप्लाई

फ्लाइट की इकोनॉमी क्लास अब देगी बिज़नेस क्लास जैसा आराम, बजट वही लेकिन मिलेगी सुविधाएं नई!

आजकल एयर लाइन का एक्सपीरियंस पहले से काफी बदल चुका है और इकोनॉमी क्लास में मिलने वाली सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कई एयरलाइंस अब सुविधा किट बदल रही हैं और जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दे रही हैं। पैसेंजर के आराम और कॉस्ट को ध्यान में रखते हुए नए नियम अपनाए जा रहे हैं। इसी वजह से अब फ्लाइट का पूरा एक्सपीरियंस पहले जैसा नहीं रहा और इसमें लगातार बदलाव हो रहा है। आइए जानते हैं कि इकॉनमी क्लास में अब क्या-क्या नया और बेहतर देखने को मिल रहा है:

1. एमिरेट्स

अभी बुक करें: एमिरेट्स एयरलाइंस 12 मई, 2025 से प्रथम श्रेणी के पुरस्कार टिकटों को केवल विशिष्ट सदस्यों तक सीमित कर देगी - द पॉइंट्स गाइ

एमिरेट्स अपनी लंबी दूरी की फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास पैसेंजर को सुविधा किट देती है। इसमें आंखों पर लगाने वाला मास्क, मोजे, दांत साफ करने का सेट और कुछ बुनियादी ट्रैवल उपयोग की चीजें शामिल होती हैं। यह किट जर्नी को ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने में मदद करती है और लंबी फ्लाइट में थकान कम महसूस होती है। छोटी दूरी की फ्लाइट में यह सुविधा आमतौर पर नहीं दी जाती, लेकिन लंबी फ्लाइट में इसका एक्सपीरियंस काफी अच्छा होता है।

2. कतर एयरवेज

कतर एयरवेज के प्रतिष्ठित क्यूसुइट के बारे में 5 ऐसी बातें जो शायद आप नहीं जानते होंगे

कतर एयरवेज लंबी दूरी की फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास पैसेंजर को बुनियादी सुविधा किट देती है। इसमें आंखों का मास्क, कान बंद करने के साधन और कुछ आराम से जुड़ी चीजें शामिल होती हैं। यह सुविधा रात की फ्लाइट में बहुत उपयोगी होती है क्योंकि इससे पैसेंजर को बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है। दोहा से लंबी इंटरनेशनल फ्लाइट में यह सुविधा ज्यादा देखने को मिलती है।

3. क्वांटास

Discover what's onboard your Qantas flight | Qantas KR

क्वांटास एयरवेज ऑस्ट्रेलिया की एयरलाइन है जो लंबी दूरी की फ्लाइट में लिमिट सुविधा किट देती है। खासकर ऑस्ट्रेलिया से यूरोप और अमेरिका जाने वाली फ्लाइट में पैसेंजर को आराम से जुड़ी जरूरी चीजें दी जाती हैं। यह एयरलाइन अपने सेफ और कम्फर्टेबल जर्नी के लिए जानी जाती है और लंबी फ्लाइट में यह सुविधा पैसेंजर के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाती है।

4. एतिहाद एयरवेज

Emirates premium economy review | escape.com.au

एतिहाद एयरवेज अपनी कुछ लंबी दूरी की फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास पैसेंजर को सुविधा किट देती है। इसमें मोजे, आंखों का मास्क और दांत साफ करने का छोटा सेट शामिल होता है। अबू धाबी से लंबी फ्लाइट में यह सुविधा ज्यादा देखने को मिलती है और यह पैसेंजर को लंबी जर्नी में ज्यादा आराम देती है। इस एयरलाइन का एक्सपीरियंस काफी प्रीमियम माना जाता है।

इकोनॉमी क्लास में अब क्या बेहतर हुआ है

1. ज्यादा कम्फर्टेबल सीटें और स्पेस

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अब कई एयरलाइंस ने इकॉनोमी क्लास की सीटों को पहले से ज्यादा कम्फर्टेबल बना दिया है। सीटों में बेहतर कुशनिंग, ज्यादा लेगरूम और पीछे झुकने की सुविधा को सुधारा गया है। लंबी फ्लाइट में पैसेंजर की थकान कम हो, इसके लिए सीट डिजाइन को एर्गोनॉमिक बनाया जा रहा है। इससे लॉन्ग जर्नी में बैठना पहले से ज्यादा आसान और कम्फर्टेबल हो गया है।

2. बेहतर खाना और इन-फ्लाइट सर्विस

Aristo's Inflight Dining | aviation catering slc | Salt Lake City, UT, USA

अब इकॉनोमी क्लास में खाने की क्वालिटी और वैरायटी पहले से बेहतर हो गई है। कई एयरलाइंस अलग-अलग देशों के हिसाब से मेन्यू देती हैं, जिसमें वेज और नॉन-वेज दोनों ऑप्शन शामिल होते हैं। साथ ही अब समय पर सर्विस, बेहतर स्टाफ बिहेवियर और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिलने जैसी फैसिलिटीज भी सुधार गई हैं। इससे पूरा फ्लाइट एक्सपीरियंस ज्यादा अच्छा और प्रोफेशनल हो गया है।3. एंटरटेनमेंट और डिजिटल फैसिलिटी बढ़ी

United Airlines details 6 big inflight entertainment updates, including all-new Control Tower map - The Points Guy

अब कई फ्लाइट्स में हर सीट पर स्क्रीन, नए मूवी और म्यूजिक का बड़ा कलेक्शन मिल रहा है। कुछ एयरलाइंस ने वाई-फाई और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी फैसिलिटीज भी शुरू कर दी हैं। इसके अलावा डिजिटल सिस्टम की वजह से बुकिंग, सीट चॉइस और बोर्डिंग प्रोसेस भी पहले से आसान हो गई है। इससे पैसेंजर का सफर ज्यादा मजेदार बन गया है।

इकॉनोमी क्लास का एक्सपीरियंस अब पहले से काफी बदल गया है और यह ज्यादा आधुनिक होता जा रहा है। एयरलाइंस अब पैसेंजर की जरूरत के मॉडर्न से सुविधाएं दे रही हैं, न कि हर चीज को पहले की तरह फिक्स रख रही हैं। आने वाले समय में इसमें और भी नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसलिए एयर लाइन ट्रैवल अब धीरे-धीरे एक नया और बेहतर एक्सपीरियंस बनती जा रही है।

E25 Petrol: 20% एथेनॉल वाले पेट्रोल के बाद अब 25% ब्लेंडिंग पर आई ये जानकारी, कार और बाइक चलाने वालों के लिए बड़ी खबर!

E25 Petrol News: देश में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच अब 25 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग यानी E25 पेट्रोल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक E20 फ्यूल के तेजी से हुए रोलआउट के बाद उपजी चिंताओं को देखते हुए सरकार अब 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की प्रस्तावित प्रक्रिया की रफ्तार को स्लो कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार E25 पेट्रोल (जिसमें 75 प्रतिशत पेट्रोल और 25 प्रतिशत एथेनॉल होगा) की शुरुआत को कैलिब्रेटेड और ग्रेडेड तरीके से करने के पक्ष में है। इसके मुताबिक सरकार अब चाहती है कि ऑटो मेकर्स और पूरे फ्यूल कोसिस्टम को तैयारी के लिए थोड़ा और अधिक समय दिया जाना चाहिए।

सरकार की दो हालिया फैसलों से बढ़ी थीं उम्मीदें

हालांकि, सरकार की तरफ से अभी तक E25 पेट्रोल के लिए किसी भी औपचारिक समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन हाल ही में लिए गए दो नीतिगत फैसलों ने उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि सरकार अब E20 से आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने 22 से 30 प्रतिशत एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी से छूट दी थी। इसके अलावा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने भी इस तरह के उच्च एथेनॉल मिश्रणों के लिए अपने स्पेसिफिकेशंस को लिस्टेड कर दिया था।

पिछले हफ्ते हुई उच्च स्तरीय बैठक, माइलेज और इंजन डैमेज पर हुई चर्चा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले हफ्ते सरकार के वरिष्ठ स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में वाहन मालिकों द्वारा माइलेज, परफॉर्मेंस और गाड़ी के पार्ट्स को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर उठाई गई चिंताओं को वैज्ञानिक तरीके से हल करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि कुछ शिकायतों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया माना गया लेकिन उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को गाड़ी मालिकों की इन चिंताओं पर जवाब देने की जरूरत है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि, ‘सरकार यह विचार कर है कि E20 से आगे बढ़ने के बदलाव को थोड़ा समय देना होगा। ऑटोमेकर्स से भी हमें यही संकेत मिले हैं। अब आइडिया ये है कि मौजूदा वाहनों के लिए कैलिब्रेटेड और ग्रेडेड तरीके से ही E25 की ओर बढ़ा जाए।’

5 साल पहले हासिल हुआ लक्ष्य तो पुरानी गाड़ियों के मालिकों ने जताई चिंता

सरकार ने मूल रूप से साल 2030 तक देश भर में E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी लेकिन इस लक्ष्य को पांच साल पहले ही आगे बढ़ा दिया गया। वर्तमान में देश भर में बिकने वाला मानक पेट्रोल मिश्रण E20 ही है। ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं कि इस तेजी से हुए बदलाव की वजह से उन पुराने कार और दोपहिया वाहनों (बाइक-स्कूटर) के मालिकों की शिकायतें बढ़ गई हैं जिन्हें विशेष रूप से E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किया गया था। वाहन चालकों ने माइलेज घटने की रिपोर्ट की है और फ्यूल-सिस्टम के पार्ट्स के टिकाऊपन पर भी चिंता जताई है।

कार और बाइक पर कैसे असर डालता है ज्यादा एथेनॉल?

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण से कुछ असर जरूर पड़ता है। इसके मुताबिक पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल का कैलोरीफिक मान कम होता है। इससे गाड़ी का माइलेज कम हो सकता है। इसका असर गाड़ी की लाइफ, इंजन की डिजाइन और उसके सर्टिफिकेशन के आधार पर अलग-अलग होता है। एथेनॉल हाइग्रोस्कोपिक होता है। इसका मतलब है कि यह नमी को सोखता है। ऐसे में जो पार्ट्स उच्च मिश्रण वाले पेट्रोल के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, उनमें जंग लगने का खतरा काफी बढ़ सकता है।

ऑटोमेकर्स को करना होगा और काम, भविष्य के मॉडल्स पर चल रहा काम

अगर सरकार E25 की तरफ कदम बढ़ाती है तो वाहन निर्माताओं को इंजन कैलिब्रेशन, फ्यूल-सिस्टम ड्यूरेबिलिटी, मटेरियल कम्पैटिबिलिटी और जंग प्रतिरोधकता पर एक्सट्रा काम करना होगा। इसके अलावा सुरक्षा, एमिशन और रोडवर्थिनेस को कवर करने वाली नियामक प्रमाणन प्रक्रिया यानी होमोलोगेशन से भी वाहनों और उनके पार्ट्स को गुजरना होगा। कई ऑटोमेकर्स ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने उच्च एथेनॉल मिश्रण पर बेहतर प्रदर्शन के लिए हाई कम्प्रेशन रेशियो वाले इंजन विकसित करना शुरू कर दिया है। ये बदलाव काफी हद तक भविष्य में आने वाले नए मॉडल्स पर लागू होंगे, न कि पहले से सड़क पर चल रहे पुराने वाहनों पर।

आपको बता दें कि सरकार ने पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने और परिवहन ईंधन के कार्बन कंटेंट को घटाने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दिया है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट रखा है कि उच्च मिश्रण वाले ईंधन को पूरी टेस्टिंग और सभी स्टेकहोल्डर्स) के साथ परामर्श के बाद ही पेश किया जाएगा।

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जेल है या 5 स्टार होटल, कैदियों के लिए बनीं दुनिया की सबसे आलीशान जेलें, मिलती है होटल जैसी सुविधाएं!

जेल का मतलब ऊंची दीवारें, टाइट सिक्योरिटी और स्ट्रिक्ट रूल होते है। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी जेलें भी हैं, जहां कैदियों को इतनी अच्छी सुविधाएं मिलती हैं कि उन्हें देखकर किसी लग्जरी होटल की फीलिंग होती है। आइए जानते हैं दुनिया की उन सबसे लग्जरी जेलों के बारे में, जहां सजा के साथ-साथ बेहतर जीवन जीने का मौका भी मिलता है:

कहां हैं ये लग्जरी जेलें?

Prison Room Background Images, HD Pictures and Wallpaper For Free Download | Pngtree

दुनिया की सबसे लग्जरी जेलें मुख्य रूप से नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और डेनमार्क जैसे नॉर्डिक देशों में हैं। इनमें बास्टॉय जेल, हॉल्डेन जेल और सुकोवेनलिन्ना ओपन प्रिजन दुनिया भर में सबसे ज्यादा चर्चित हैं। इन देशों का मानना है कि जेल का पर्पस केवल सजा देना नहीं, बल्कि कैदियों को सुधारकर समाज में दोबारा सलीके का जीवन जीने के लिए तैयार करना भी है।

होटल जैसी सुविधाएं

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इन जेलों में कैदियों को साफ-सुथरे निजी कमरे, आरामदायक बिस्तर, अलग बाथरूम, टीवी, पढ़ने की सुविधा और कई जगहों पर छोटी रसोई तक दी जाती है। जिम, लाइब्रेरी, संगीत कक्ष, खेल के मैदान और खुले पार्क में घूमने की फैसिलिटी भी अवेलेबल होती है। यहां का माहौल सामान्य जेलों की तुलना में काफी शांत और अच्छा होता है, जिससे कैदियों को बेहतर महसूस हो।

पढ़ाई और नौकरी की ट्रेनिंग पर खास जोर

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इन जेलों में कैदियों को खाली नहीं बैठाया जाता। उन्हें पढ़ाई पूरी करने, नई भाषा सीखने और कारपेंट्री, खेती, कंप्यूटर, खाना बनाने जैसे कई वोकेशनल स्किल सिखाए जाते हैं। इसका पर्पस यह है कि सजा पूरी होने के बाद वे आसानी से नौकरी पा सकें और दोबारा अपराध की ओर न लौटें।

मेंटल हेल्थ और अच्छा ट्रीटमेंट

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इन देशों की जेलों में कैदियों के मेंटल हेल्थ पर भी स्पेशल ध्यान दिया जाता है। साइकोलॉजिस्ट से रेगुलर कंसल्टेशन, काउंसलिंग और स्ट्रेस कम करने वाली एक्टिविटी कराई जाती हैं। जेल कर्मचारी भी कैदियों के साथ अच्छा ट्रीटमेंट करते हैं, जिससे उनमें पॉजिटिव बिहेवियर बढ़ता है।

सिक्योरिटी के साथ खुला माहौल

Jailhouse luxe – your cell awaits | The Australian

इन जेलों में सुविधाएं अच्छी होती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नियम नहीं होते। यहां सिक्योरिटी रहती है और हर कैदी को रूल फॉलो करना पड़ता है। कई ओपन जेलों में कैदियों को काम या पढ़ाई के लिए बाहर जाने की परमिशन भी मिलती है, लेकिन तय समय पर वापस लौटना जरुरी होता है।

क्या इनका तरीका सफल है?

पटना: पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर का मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है। ▶️मुख्यमंत्री <a href=सम्राट चौधरी कल …” />

इन देशों का यह मॉडल दुनिया में काफी सफल माना जाता है। कई स्टडीज में पाया गया है कि यहां सजा पूरी करने के बाद फिर से अपराध करने वाले लोगदूसरे देशों की तुलना में कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेस्पेक्ट, एजुकेशन पर बेस्ड सोसाइटी और कैदियों—दोनों के लिए अच्छे रिजल्ट देती है।दुनिया की ये लग्जरी जेलें दिखाती हैं कि अपराधियों को सुधारने का तरीका सिर्फ सख्त सजा ही नहीं, बल्कि एजुकेशन, रेस्पेक्ट और अच्छी ऑपर्चुनिटी देना भी हो सकता है। ये सुविधाएं हर देश में नहीं मिलतीं, लेकिन नॉर्डिक देशों का यह मॉडल पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यही कारण है कि इन जेलों को देखकर पहली नजर में किसी होटल का फील होता है, लेकिन इनके पीछे का मेन पर्पस कैदियों को बेहतर इंसान बनाकर समाज में वापस भेजना है।